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Published / 2026-06-16 18:32:52
आरबीआई के नये नियम से सकते में बैंक!

  • आरबीआई के नये नियम से सकते में बैंक!
  • अब ग्राहकों को गुमराह नहीं कर सकेंगे बैंक, आरबीआई ने जारी किये नये नियम

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंक ग्राहकों की सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बैंकों को सख्त निर्देश जारी किये हैं। केंद्रीय बैंक ने साफ कहा है कि कोई भी बैंक ग्राहकों पर जबरन कोई स्कीम नहीं थोप सकता और न ही उन्हें गुमराह करके कोई उत्पाद बेच सकता है। यदि कोई बैंक ऐसा करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।

आरबीआई ने जारी किये नये निर्देश

आरबीआई ने 15 जून 2026 को रिजर्व बैंक आॅफ इंडिया (कमर्शियल बैंक) का दूसरा अमेंडमेंट निर्देश 2026 जारी किया है। ये नियम सभी कमर्शियल बैंकों पर लागू होते हैं। हालांकि स्मॉल फाइंनेंस बैंक, पेमेंट बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और लोकल एरिया बैंक के लिए अलग दिशा-निर्देश तय किये गये हैं। इन नये नियमों को 1 जनवरी, 2027 से लागू किया जायेगा। बैंको को अपनी व्यवस्थाओं में बदलाव और सुधार लाने के लिए करीब साढ़े छह महीने का समय दिया गया है।

बैंकों के लिए क्या है नयेए नियम 

आरबीआई के दिशा निर्देश के अनुसार....

  • बैंकों को अपनी वेबसाइट पर सभी अधिकृत डीएसए और डीएमए एजेंटों की अपडेटेड सूची जारी करनी होगी।
  • किसी भी बदलाव के 7 दिनों के अंदर इसे अपडेट करना होगा।
  • बैंक कर्मचारियों, एजेंटों और थर्ड पार्टी प्रतिनिधियों की पहचान अलग-अलग दिखानी होगी।
  • डीएमए और डीएसए से लिखित अंडरटेकिंग लेनी होगी कि वे बैंक के कोड आॅफ कंडक्ट का पालन करेंगे।
  • बैंक को अपना कोड आॅफ कंडक्ट वेबसाइट पर सबके लिए दिखाना होगा।
  • एजेंट ग्राहकों से सिर्फ सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही संपर्क कर सकते हैं।
  • ग्राहक की मंजूरी के बिना उनके घर या आॅफिस नहीं जा सकते। वे खुद को बैंक कर्मचारी के तौर पर पेश नहीं कर सकते।
  • कोई भी थर्ड पार्टी एजेंट खुद को बैंक कर्मचारी बताकर ग्राहकों को भ्रमित नहीं कर सकेगा।
  • एजेंट बैंक की ओर से कोई झूठा वादा भी नहीं कर सकेंगे।

क्यों उठाना पड़ा यह कदम?

आरबीआई ने यह कदम ग्राहकों की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए उठाया है। कई बार बैंक ग्राहक किसी सामान्य जानकारी के लिए शाखा में जाते हैं, लेकिन उन्हें बिना जरूरत बीमा पॉलिसी या अन्य स्कीम बेच दी जाती है।

इसके अलावा डिजिटल बैंकिंग और आॅनलाइन सर्विसेज में भी ग्राहकों की मंजूरी के बिना कई प्रोडक्ट एक्टिवेट होने की शिकायतें सामने आयी हैं। आरबीआई का मानना है कि नये नियमों से ग्राहकों को ऐसी भ्रामक गतिविधियों से बचाया जा सकेगा।

Published / 2026-06-13 22:06:18
अब 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का नहीं बनेगा आधार कार्ड

आधार पर बड़ा फैसला, 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों का नहीं बनेगा आधार कार्ड 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। असम सरकार ने 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को आधार कार्ड जारी नहीं करने का फैसला लिया है। इस मकसद यह सुनिश्चित करना है कि अवैध प्रवासी यह डॉक्यूमेंट हासिल न कर पायें। 

कैबिनेट बैठक के बाद गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को कहा कि खास मामलों में, जिला आयुक्त को आधार कार्ड जारी करने की इजाजत के लिए राज्य सरकार को एक प्रस्ताव भेजना होगा। मुख्यमंत्री सरमा ने पत्रकारों को बताया कि इसके बाद सरकार तय करेगी कि आवेदक आधार कार्ड के लिए योग्य है या नहीं। 

उन्होंने कहा कि असम में वर्तमान में लगभग सभी लोगों को आधार कार्ड जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा, कुछ जिलों में, यह 100 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर गया है, और हमें यह पता लगाना होगा कि ये कौन लोग हैं जो अतिरिक्त आधार कार्ड बनवा रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि किसी भी अवैध बांग्लादेशी को आधार कार्ड न मिल सके। हालांकि, चाय बागान समुदाय, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और विकलांग लोगों को आधार कार्ड जारी किये जाते रहेंगे, क्योंकि कई लोगों को अभी तक कार्ड नहीं मिले हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा, लेकिन यह प्रतिबंध 1 अप्रैल, 2027 से पूरी तरह लागू होगा और इन समुदायों के 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को भी उस तारीख से आधार कार्ड जारी होना बंद हो जायेगा। 

हालांकि, 18 साल से कम उम्र के लोगों को, जिन्होंने आधार कार्ड नहीं बनवाया है, वे इसके लिए आवेदन कर सकेंगे। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पहले कहा था कि राज्य सरकार आधार कार्ड जारी करने में बहुत सख्त होगी और असम में यह डॉक्यूमेंट मिलना आसान नहीं होगा। 

पिछले साल उन्होंने कहा था कि असम सरकार बांग्लादेश से अवैध प्रवास को रोकने की कोशिशों के तहत वयस्क व्यक्तियों के लिए आधार कार्ड जारी करने के लिए सख्त नियम बनाने पर विचार कर रही है।

Published / 2026-06-10 21:18:13
जेल में दरिंदगी पर झारखंड हाइकोर्ट सख्त

जेल में दरिंदगी! महिला कैदी के गर्भवती होने पर हाईकोर्ट सख्त, मेडिकल रिपोर्ट पेश करने का दिया निर्देश 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड उच्च न्यायालय ने सोमवार को राज्य सरकार को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार की एक महिला कैदी की मेडिकल बोर्ड रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया जिसका जेल अधीक्षक ने कथित तौर पर यौन शोषण किया था।  

मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ महिला कैदी का जेल में यौन शोषण किए जाने और उसके गर्भवती होने से संबंधित खबरों का स्वत: संज्ञान लेकर मामले की सुनवाई कर रही थी। पीठ ने रांची के न्यायिक आयुक्त को न्यायालय के आदेश पर न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा की गयी जांच की रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।  

17 जून को होगी अगली सुनवाई  

राज्य सरकार ने पुलिस महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक (कारागार) की ओर से एक हलफनामा दायर किया जिसे अदालत ने असंतोषजनक पाया। पीठ ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस मामले को हल्का करने की कोशिश कर रही है। अदालत ने पूछा कि अब तक कैदी की मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत क्यों नहीं की गई है। मामले की अगली सुनवाई 17 जून को होगी।

Published / 2026-06-01 22:10:23
आज से बदल गये नियम सीधे आपकी जेब पर सेंध

आज से बदल गये देश के 5 बड़े नियम, आम जनता की जेब पर सीधा असर 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। आज से जून का महीना शुरू हो चुका है और पहली तारीख से ही देश में आम जनता की जेब, बैंकिंग, टैक्स नियमों और डिजिटल पेमेंट से जुड़े कई बड़े बदलाव लागू हो गये हैं। सरकार, रिजर्व बैंक और आयकर विभाग द्वारा जारी किये गये इन नये नियमों का सीधा असर आपके मासिक बजट और रोजमर्रा के लेन-देन पर पड़ेगा। आइये विस्तार से जानते हैं कि 1 जून 2026 से कौन से 5 बड़े नियम बदल गये हैं। 

1. कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भारी उछाल 

ग्लोबल मार्केट में जारी उठापटक और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण देश में लगातार छठे महीने रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। तेल विपणन कंपनियों ने 1 जून से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में 42 की बढ़ोतरी कर दी है। इसके अलावा, 5 किलोग्राम वाले एफटीएल (फ्री ट्रेड एलपीजी) सिलेंडर की कीमत भी 11 बढ़ गयी है। राहत की बात यह है कि घरेलू उपयोग वाले 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। लेकिन कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से रेस्तरां, ढाबों और बाहर खाना खाने वालों की जेब पर बोझ बढ़ेगा। पिछले 6 महीनों में कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें लगभग दोगुनी हो चुकी हैं। 

2. आयकर विभाग ने दी राहत: पैन कार्ड नियमों में बड़ा बदलाव 

आयकर विभाग ने आम जनता और व्यापारियों को बड़ी राहत देते हुए पैन कार्ड से जुड़े रिपोर्टिंग थ्रेशोल्ड में बड़े बदलाव किए हैं। अब एक दिन में 50,000 से अधिक की नकद जमा (कैश डिपॉजिट) पर कुछ विशेष मामलों में पैन कार्ड की अनिवार्यता को हटा दिया गया है। इसके अलावा, सालाना कैश डिपॉजिट की रिपोर्टिंग सीमा को 2.5 लाख से बढ़ाकर सीधे 10 लाख कर दिया गया है। संपत्ति के लेन-देन में भी राहत मिली है; अब 20 लाख तक की प्रॉपर्टी डील के लिए पैन कार्ड देना अनिवार्य होगा, जो पहले ?10 लाख था। हालांकि, सालाना 10 लाख से अधिक की नकद निकासी पर अब आयकर विभाग की सख्त निगरानी रहेगी। 

3. सख्त हुआ वढक सिक्योरिटी: अब पिन के साथ बायोमेट्रिक भी जरूरी 

देश में बढ़ते आॅनलाइन फ्रॉड और डिजिटल धोखाधड़ी को रोकने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉपोर्रेशन आॅफ इंडिया ने बड़ा कदम उठाया है। 1 जून से उच्च मूल्य वाले यूपीआई ट्रांजैक्शन के लिए सुरक्षा की एक अतिरिक्त लेयर जोड़ दी गई है। अब बड़े अमाउंट का ट्रांसफर करते समय केवल यूपीआई पिन डालना काफी नहीं होगा। सुरक्षा जांच के लिए यूजर्स को अपने फोन का बायोमेट्रिक आॅथेंटिकेशन, जैसे कि फिंगरप्रिंट या फेशियल रिकग्निशन देना पड़ सकता है। इससे मोबाइल चोरी होने पर भी आपके अकाउंट से फर्जी ट्रांजैक्शन करना नामुमकिन हो जायेगा। 

4. यूपीआई एटीएम से पैसे निकालना अब मुफ्त नहीं 

बिना डेबिट कार्ड के केवल क्यूआर कोड स्कैन करके एटीएम से पैसे निकालने की सुविधा का इस्तेमाल करने वालों के लिए बुरी खबर है। 1 जून से यूपीआई-आधारित कार्डलेस कैश विड्रॉल को भी सामान्य एटीएम ट्रांजैक्शन की तरह ही गिना जायेगा। इसका मतलब है कि यह आपके बैंक द्वारा मिलने वाली मासिक मुफ्त एटीएम लिमिट (आमतौर पर 3 से 5 बार) के दायरे में आएगा। यदि आप इस तय सीमा से अधिक बार यूपीआई एटीएम का उपयोग करते हैं, तो आपको डेबिट कार्ड की तरह ही अतिरिक्त चार्ज देना होगा। 

5. एडवांस टैक्स की पहली किस्त की डेडलाइन नजदीक 

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स जमा करने की आखिरी तारीख 15 जून तय की गयी है। ऐसे सभी नौकरीपेशा लोग जिनकी सैलरी के अलावा अन्य स्रोतों से कमाई होती है, या जो फ्रीलांसर और व्यापारी हैं, उन्हें 15 जून तक अपने अनुमानित टैक्स का कम से कम 15% हिस्सा जमा करना होगा। यह नियम उन लोगों पर लागू होता है जिनका टीडीएस कटने के बाद कुल टैक्स देनदारी 10,000 से अधिक बनती है। 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को, जिनका कोई व्यावसायिक लाभ नहीं है, इस टैक्स से छूट दी गई है।

Published / 2026-05-25 18:01:32
आर्केस्ट्रा और स्पा में नाबालिग लड़कियों को काम पर रखने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

जनहित याचिका पर केंद्र सरकार समेत कई संस्थाओं को नोटिस 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सुप्रीम कोर्ट ने आर्केस्ट्रा, डांस बार, मसाज पार्लर, नौटंकी और स्पा जैसे संस्थानों में बच्चों, विशेषकर नाबालिग लड़कियों को काम पर रखे जाने को अत्यंत गंभीर मुद्दा करार देते हुए केंद्र सरकार, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, विधि एवं न्याय मंत्रालय, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) तथा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) को नोटिस जारी किया है। 

प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की तीन सदस्यीय पीठ ने यह नोटिस जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) की एक जनहित याचिका पर जारी किया। याचिका में बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 की उस विधायी चूक को चुनौती दी गई है, जिसके कारण ऐसे व्यवसाय अधिनियम की अनुसूची के भाग-ए में दर्ज खतरनाक व्यवसायों एवं प्रक्रियाओं की सूची से बाहर हैं। 

बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के 250 से भी ज्यादा सहयोगी हैं। याचिका में इस मुद्दे की गंभीरता और व्यापकता पर बल देते हुए कहा गया है कि कानून में मौजूदा इस खामी का फायदा उठाकर संगठित ट्रैफिकिंग गिरोह ऐसे संस्थानों में बच्चों, खासकर 18 साल से कम की लड़कियों के यौन शोषण, बंधुआ मजदूरी और उत्पीड़न कर रहे हैं। 

जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन ने मांग की है कि मसाज पार्लरों, आर्केस्ट्रा, डांस बार, डांस ट्रूप, स्पा और इसी तरह के अन्य संस्थानों को अधिनियम की अनुसूची के भाग-बी से हटाकर भाग-ए में शामिल किया जाये। ताकि इन क्षेत्रों में बाल श्रम पर पूर्ण और कठोर प्रतिबंध सुनिश्चित हो सके। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन की जनरल काउंसेल रचना त्यागी ने कहा, आज का दिन बाल संरक्षण तंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। 

ऐसे संस्थान बच्चों का रोजगार के नाम पर केवल शोषण ही नहीं बल्कि ट्रैफिकिंग, यौन उत्पीड़न और संगठित अपराध के प्रवेश द्वार भी हैं। हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट का यह हस्तक्षेप कमजोर और असुरक्षित बच्चों की सुरक्षा को मजबूत करेगा और कानून की उन खामियों को दूर करेगा, जो अब तक उन्हें बड़े खतरे में डालती रही हैं। 

याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से यह भी अनुरोध किया कि एनसीपीसीआर को ऐसे संस्थनों में काम करते पाए गए बच्चों के बचाव, पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए एक मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) बनाने का आदेश दिया जाये। जनहित याचिका में इस बात पर जोर दिया है कि कानून में मौजूद इन विधायी गैप्स का फायदा उठाकर ट्रैफिकर बच्चों के संगठित शोषण को सामान्य नौकरी का रूप देकर छिपाते हैं। 

इसलिए बचाए गए बच्चों पर फिर से ट्रैफिकिंग के जाल में फंसने खतरा बना रहता है। जनहित याचिका में बताया गया है, दिसंबर 2025 से अब तक याचिकाकर्ता और उसके सहयोगी संगठनों ने लगातार 11 छापेमारी अभियान चलाए, जिनमें से नौ आर्केस्ट्रा और दो मसाज पार्लर शामिल हैं। इन अभियानों में आर्केस्ट्रा से 85 और मसाज पार्लरों से पांच, यानी कुल 90 नाबालिगों को मुक्त कराया गया। 

याचिका में यह भी कहा गया कि मार्च 2025 से मई 2026 के बीच जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन और उसके सहयोगी संगठनों ने बिहार, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और दिल्ली में पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर आर्केस्ट्रा से 212 और मसाज पार्लरों व स्पा से 12 नाबालिगों को मुक्त कराया। इस तरह इन राज्यों में कुल 224 बच्चों को शोषण के चंगुल से निकालकर मुक्त कराया गया। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (8595950825) से संपर्क करें। 

Published / 2026-05-22 22:31:42
झारखंड : 26-31 मई तक तंबाकू निषेध जागरूकता अभियानचलायेगा NTCP

  • 26-31 मई तक झारखंड में चलेगा तंबाकू निषेध जागरूकता अभियान, NTCP ने जारी किया निर्देश

टीम एबीएन, रांची। 31 मई 2026 को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। इस दिवस को ज्यादा उपयोगी बनाने के लिए झारखंड में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) के तहत 26 मई से 31 मई तक राज्यभर में व्यापक जागरूकता और नियंत्रण अभियान चलाया जाएगा।

इस संबंध में NTCP के स्टेट नोडल अधिकारी ने राज्य के सभी सिविल सर्जन, जिला आयुष पदाधिकारियों और सभी जिला NTCP नोडल अधिकारियों के लिए निर्देश जारी किए हैं। निर्देश में कहा गया है कि 26 मई से 31 मई 2026 तक विशेष गतिविधियां आयोजित कर तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति आम लोगों को जागरूक करें। 

जारी निर्देश में अभियान के दौरान COTPA 2003 और PECA के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध, तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर नियंत्रण और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करें।

अभियान के तहत विभिन्न विभागों जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस और परिवहन विभाग सहित सामाजिक संगठनों को भी शामिल किया जाएगा। स्कूलों, कॉलेजों और समुदाय स्तर पर शपथ ग्रहण, रैली, क्विज, पोस्टर प्रतियोगिता और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

 विभाग की ओर से यह बताया गया है कि सभी शिक्षण संस्थानों और सरकारी कार्यालयों में तंबाकू मुक्त परिसर सुनिश्चित करने के लिए साइन बोर्ड लगाए जाएंगे. साथ ही संबंधित अधिकारियों से घोषणा पत्र भरवाया जाएगा।

इसके अलावा साइकिल रैली, मानव श्रृंखला और नुक्कड़ नाटक जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं और आम जनता तक संदेश पहुंचाने की योजना है। जिलों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करें और अभियान की रिपोर्ट समय पर राज्य मुख्यालय को भेजें।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि तंबाकू सेवन से कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारी जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता है। इसलिए इस अभियान का उद्देश्य केवल नियम लागू करना ही नहीं, बल्कि लोगों के जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव भी लाना भी है।

Published / 2026-05-08 15:46:32
पलामू : रात्रि में आईपीएस एसडीपीओ की गश्ती ने हुसैनाबाद में मचाया हड़कंप

  • रात्रि में आईपीएस एसडीपीओ की गश्ती ने हुसैनाबाद में मचाया हड़कंप
  • पहले ब्लैक सीसा वाली गाड़ी अब थार लेकर हीरोगिरी करने वालो पर गिरी गाज

एबीएन न्यूज नेटवर्क, हुसैनाबाद, पलामू। पलामू पुलिस के नए कप्तान कपिल चौधरी व हुसैनाबाद में नवपदस्थापित एसडीपीओ सह आइपीएस दिव्यांश शुक्ला इन दिनों क्राइम को लेकर काफी सक्रिय हैं। 

एक तरफ कई दिनों हुसैनाबाद में अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी व थाना प्रभारी चंदन कुमार के नेतृत्व अवैध रूप से गहरा ब्लैक शीशा वाली गाड़ी पर गाज गिरी तो दूसरी तरफ बुधवार को रात्रि में हुसैनाबाद के जेपी चौक रेल ओवरब्रिज के नीचे बीच सड़क पर थार जीप लगाकर मटर गश्ती करने वाले को धर दबोचा गया।

उसे थाना लाया गया जिससे क्षेत्र के लोगों में एक तरफ पुलिस के प्रति सकरात्मक पहल बताया जा रहा हैं और आम लोगो के बीच पुलिस की प्रति विश्वास और जग गयी हैं वहीं दूसरी तरफ ऐसे हीरोगिरी व रुतवा चमकाने वाले के बीच हड़कंप मचा हुआ है।

इस सबन्ध में थाना प्रभारी चंदन कुमार ने बताया कि थार गाड़ी मोटिफाई किया हुआ है व चालक शराब के नशे था जिसे अग्रेत्तर कार्रवाई के लिए डीटीओ विभाग को भेज दिया गया हैं। आगे उन्होंने कहा कि सड़क पर अपनी शान व शौकत दिखाने व क्राइम एक्टिविटी के वाहन या अन्य चौक चौराहों पर रात्रि में मटरगश्ती करने वाले को  खिलाफ एक बड़ा और कड़ा अभियान चलाया जाएगा।

Published / 2026-05-07 21:58:07
बंगाल विधानसभा को राज्यपाल ने किया भंग!

पश्चिम बंगाल में राज्यपाल ने भंग की विधानसभा, ममता के इस्तीफा नहीं देने के बाद लिया एक्शन 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने गुरुवार को बंगाल विधानसभा का भंग कर दिया है। विधानसभा चुनाव में बीजेपी को बहुमत मिला है। बहुमत के बाद ममता बनर्जी ने चुनाव में वोट चोरी का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था। 

इसके मद्देनजर 2026 के चुनाव प्रक्रिया के पूरा होने के बाद पश्चिम बंगाल के मौजूदा गवर्नर आरएन रवि ने एक बड़ा कदम उठाया है। विधानसभा भंग कर दिये जाने के बाद ममता बनर्जी अब स्वाभाविक रूप से राज्य की मुख्यमंत्री नहीं रहीं। 

भारत के संविधान के आर्टिकल 174 के क्लॉज (2) के सब-क्लॉज के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा को भंग करने का आदेश दिया है। यह घोषणा बुधवार, 6 मई, 2026 को पब्लिश हुए एक स्पेशल गजट नोटिफिकेशन में की गई। सरकार के पार्लियामेंट्री अफेयर्स डिपार्टमेंट द्वारा जारी इस निर्देश के अनुसार, मौजूदा विधानसभा 7 मई, 2026 से औपचारिक रूप से भंग हो जायेगी। 

गवर्नर आरएन रवि के साइन किए हुए इस आॅर्डर को राज्य के चीफ सेक्रेटरी दुष्यंता नरियाला (कअर) ने जनहित में प्रकाशित किया। आम तौर पर चुनावों के बाद नई सरकार के आॅफिस संभालने से पहले पुरानी असेंबली को भंग करना एक संवैधानिक प्रैक्टिस है। 

इस आॅर्डर से 17वीं विधानसभा का टर्म खत्म हो गया है और नए चुने हुए रिप्रेजेंटेटिव के साथ 18वीं लेजिस्लेटिव असेंबली के बनने का रास्ता साफ हो गया है। उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में नई कैबिनेट का शपथ ग्रहण समारोह और नई लेजिस्लेटिव असेंबली का पहला सेशन बुलाने का प्रोसेस शुरू हो जायेगा।

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