राज काज

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Published / 2026-04-07 23:33:23
Jharkhand : RIMS की जमीन बेचने के चार आरोपी धराये

  • रांची में हो रहा था RIMS अस्पताल की जमीन को बेचने का खेल, ACB के शिकंजे में फंसे 4 आरोपी

टीम एबीएन, रांची। रांची में भू-माफियाओं का खेल इस कदर बढ़ा हुआ है कि अपराधी सरकार की जमीन को भी बेचने का खेल रच रहे हैं। इसके लिए एक गिरोह काम कर रहा है जो फर्जी तरीके से सरकारी जमीन को बेचकर पैसे की उगाही कर रहा है।

भू-माफियाओं की दबंगता इस बात से पता चलती है कि झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) की जमीन को बेचने की साजिश रच डाली। लेकिन भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए RIMS की अधिग्रहित भूमि को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से बेचने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है।

फर्जी वंशावली बनाकर जमीन की खरीद-बिक्री

ACB की टीम ने मंगलवार (7 अप्रैल) को इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर रैयतों की फर्जी वंशावली बनाकर जमीन की खरीद-बिक्री में धोखाधड़ी करने के गंभीर आरोप हैं। एसीबी की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो रांची थाना कांड संख्या 1/2026 के तहत की गई है। 

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रांची के सदर थाना क्षेत्र निवासी राजकिशोर बड़ाईक, कार्तिक बड़ाईक, राजेश कुमार झा और खूंटी जिले के तोरपा निवासी चैतन कुमार शामिल हैं। इन अभियुक्तों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही थी।

ACB को मिले सबूत

एसीबी की जांच में यह खुलासा हुआ है कि इन आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से रिम्स की अधिग्रहित भूमि को निजी संपत्ति दिखाने के लिए फर्जी वंशावली तैयार की थी। इस फर्जी दस्तावेज के सहारे आरोपियों ने व्यक्तिगत आर्थिक लाभ के लिए सरकारी जमीन की अवैध खरीद-बिक्री की। 

ब्यूरो की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, आरोपियों के विरुद्ध पुख्ता साक्ष्य मिलने के बाद यह गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई है। इस कार्रवाई से राजधानी के भू-माफिया सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने के साथ-साथ इस मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की भी तलाश कर रही है।

उल्लेखनीय है कि झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर पिछले महीने रिम्स की अधिग्रहित जमीन पर अतिक्रमण और अवैध कब्जा हटाने के लिए प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाया था। इसी दौरान जमीन की अवैध तरीके से खरीद-बिक्री के मामलों का खुलासा हुआ था।

Published / 2026-04-07 19:29:38
रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने की विस्तृत समीक्षा बैठक

टीम एबीएन, रांची। रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने बैठक में विस्तृत समीक्षा के प्रमुख बिंदु बैठक में निजी विद्यालयों के संचालन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से समीक्षा की गयी और निम्नलिखित निर्णय/ निर्देश पारित किये गये, जिनमें  

  1. निजी विद्यालयों द्वारा शुल्क निर्धारण सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय अपनी विद्यालय स्तर की शुल्क समिति की सहमति से 10 प्रतिशत तक शुल्क वृद्धि कर सकते हैं। इसकी सूचना अनिवार्य रूप से जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति को देनी होगी। 10 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृद्धि के लिए जिला स्तरीय समिति से पूर्व अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा। शुल्क वृद्धि न्यूनतम दो वर्षों के लिए प्रभावी होगी। विद्यालयों को विगत तीन शैक्षणिक सत्रों में कक्षावार लिए गए शुल्क का पूरा विवरण जिला स्तरीय समिति को प्रस्तुत करना अनिवार्य है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 की कक्षावार शुल्क विवरणी भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी। 
  2. विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति एवं अभिभावक-शिक्षक संघ का गठन  प्रत्येक निजी विद्यालय को विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति तथा पीटीएम का गठन अनिवार्य रूप से करना है। जिले के अधिकांश विद्यालयों में ये समितियां पहले ही गठित हो चुकी हैं और जिला कार्यालय को सूचना दी जा चुकी है। शेष विद्यालयों को शीघ्र दोनों समितियों का गठन कर जिला शुल्क समिति को सूचना उपलब्ध करानी होगी। शुल्क समिति एवं पीटीएम से संबंधित जानकारी विद्यालय की वेबसाइट तथा सूचनापट्ट पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करनी होगी। 
  3. पुस्तक मूल्य संबंधी निर्देश सभी निजी विद्यालयों को कक्षावार पुस्तक मूल्य विवरण उपलब्ध कराना अनिवार्य है। सीबीएसई के पाठ्यक्रम का अनुपालन करने वाले विद्यालय एनसीईआरटी की पुस्तकों के अतिरिक्त कोई संदर्भ या सहायक पुस्तकें बाध्यकारी नहीं बना सकते। पुस्तकों में बदलाव केवल पांच वर्ष में एक बार या बोर्ड/सक्षम प्राधिकार द्वारा पाठ्यक्रम परिवर्तन की स्थिति में ही किया जा सकेगा। विगत वर्ष की पुस्तकें, जिनकी भौतिक स्थिति अच्छी हो, अगले वर्ष भी उपयोग की जा सकती हैं। 
  4. परिवहन शुल्क परिवहन शुल्क की वृद्धि भी सामान्य शुल्क वृद्धि के प्रावधानों के अंतर्गत ही होगी। सभी स्कूल बसों में परिवहन मानकों एवं सुरक्षा मानकों का सख्ती से अनुपालन अनिवार्य है। 
  5. पोशाक (यूनिफॉर्म) संबंधी नियम पोशाक डिजाइन में बार-बार बदलाव नहीं किया जा सकेगा। कम से कम 05 वर्ष के अंतराल पर पीटीए की सहमति से ही बदलाव संभव होगा।

Published / 2026-04-07 19:14:52
झारखंड में शीघ्र लागू होगा हेल्थ कार्ड : डॉ इरफान अंसारी

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर इरफान अंसारी का ऐलान 

टीम एबीएन, रांची। विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने राज्यवासियों को शुभकामनाएं देते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर के बिना धन का कोई महत्व नहीं है और लोगों को अपनी जीवनशैली में सुधार करना जरूरी है। उन्होंने रोजाना 30 मिनट व्यायाम, योग और फलाहार को अपनाने की सलाह दी ताकि लोग बेहतर और स्वस्थ जीवन जी सकें। 

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य की गारंटी देने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत एक हेल्थ कार्ड योजना लाने की तैयारी है। इस योजना का उद्देश्य यह है कि बच्चे के जन्म के साथ ही उसे स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ दिया जाये, ताकि भविष्य में इलाज को लेकर परिवार को आर्थिक चिंता न हो। रक्त की उपलब्धता को लेकर मंत्री ने कहा कि कोर्ट के कुछ निर्देशों के कारण फिलहाल दिक्कतें सामने आ रही हैं।

इस समस्या के समाधान के लिए सरकार एक नयी एजेंसी लाने जा रही है, जो जिला अस्पतालों, निजी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों जैसे एमजीएम, धनबाद और दुमका में ब्लड उपलब्ध करायेगी। इसके लिए जल्द ही एक टोल फ्री नंबर भी जारी किया जायेगा ताकि लोगों को आसानी से मदद मिल सके। 

उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में झारखंड की स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। भारत सरकार के आंकड़ों के अनुसार राज्य स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की मेहनत को दिया और भरोसा जताया कि जल्द ही झारखंड को पहले स्थान पर लाया जायेगा। 

स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर नियुक्तियों की घोषणा भी की गई। उन्होंने बताया कि जल्द ही 1200 डॉक्टरों की बहाली होगी। इसके अलावा 7500 एएनएम और जीएनएम की नियुक्ति की जाएगी, जो पिछले तीन साल से लंबित थी। साथ ही 10000 तकनीशियनों की भर्ती भी की जायेगी। हर अस्पताल में हॉस्पिटल मैनेजर की नियुक्ति की जायेगी ताकि मरीजों की शिकायतों का तुरंत समाधान हो सके। 

विवादों पर जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि चाईबासा और सदर अस्पताल में गलत जांच रिपोर्ट, जिसमें एचआईवी से जुड़े आरोप भी शामिल हैं, उसकी जांच करायी जायेगी। हालांकि उन्होंने सदर अस्पताल के कामकाज का बचाव भी किया। उन्होंने कहा कि कई बार मरीज पुराने दस्तावेज दिखाकर भी भ्रम की स्थिति पैदा कर देते हैं। रिम्स के निदेशक द्वारा अपने बेटे को नौकरी देने के मामले को उन्होंने तकनीकी विषय बताते हुए कहा कि इसकी भी जांच की जा रही है। 

असम दौरे से लौटे मंत्री ने वहां के सामाजिक माहौल की सराहना की और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि समाज में नफरत फैलाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने राहुल गांधी का आभार जताया कि उन्हें बंगाल में स्टार प्रचारक बनाया गया है। साथ ही असम पुलिस द्वारा पवन खेड़ा के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे सत्ता का दुरुपयोग बताया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने असम का गमछा पहना है और चुनाव परिणाम आने तक इसे पहनकर रखेंगे।

Published / 2026-04-06 21:21:35
रांची : जनता दरबार में डीसी ने लापरवाही पर अधिकारियों-कर्मचारियों से मांगा स्पष्टीकरण नोटिस

जनता दरबार का जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त, रांची मंजूनाथ भजन्त्री ने किया आयोजन 

लापरवाह कर्मचारी पर 48 घंटे में शोकॉज और आरोप पत्र गठित करने का आदेश 

नगड़ी सीओ को सीआई और कर्मचारी पर आरोप पत्र गठित करने का निर्देश 

टीम एबीएन, रांची। रांची डीसी मंजूनाथ भजन्त्री ने आज आयोजित जनता दरबार में विभिन्न मामलों की सुनवाई करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लापरवाही पर कड़ा रूख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी। 

नगड़ी अंचल से जुड़े एक गंभीर मामले में, एक ही प्लॉट नंबर पर दाखिल-खारिज को स्वीकृत और अस्वीकृत करने की शिकायत पर जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची मंजूनाथ भजन्त्री ने अंचल अधिकारी को कड़ी फटकार लगायी। उन्होंने संबंधित कर्मचारी को 48 घंटे के भीतर शोकॉज जारी कर आरोप पत्र गठित करने का निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर संबंधित पदाधिकारी के खिलाफ ही आरोप गठित किया जायेगा। 

इसी अंचल के एक अन्य म्यूटेशन आवेदन को लंबे समय तक लंबित रखने पर जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त, रांची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने अंचल अधिकारी, सीआई एवं संबंधित कर्मचारी तीनों के खिलाफ स्पष्टीकरण मांगने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि जनता दरबार में पहले भी इस मामले की शिकायत की गई थी, लेकिन समाधान नहीं होने पर यह गंभीर लापरवाही का मामला है। 

शिक्षा से जुड़े एक संवेदनशील मामले में, एक प्रतिष्ठित स्कूल द्वारा सातवीं कक्षा उत्तीर्ण छात्र को रिपोर्ट कार्ड की जगह ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) दिये जाने की शिकायत पर जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा अधीक्षक को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने सुनिश्चित करने को कहा कि छात्र का भविष्य प्रभावित न हो। एक अन्य मामले में, रांची निवासी द्वारा अपने देवर पर मानसिक रूप से बीमार पति के नाम पर फर्जी बैंक खाता खोलकर धोखाधड़ी एवं पुश्तैनी संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया गया। इस मामले में आरोपी एक सरकारी शिक्षक है। 

जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची मंजूनाथ भजन्त्री ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को जांच कर आरोपी शिक्षक के वेतन पर रोक लगाने का निर्देश दिया। जनता दरबार में पहुंचे बुजुर्ग भोलाराम की पेंशन समस्या का त्वरित समाधान करते हुए पाया गया कि आधार सीडिंग नहीं होने के कारण राशि खाते में नहीं जा रही थी। रांची डीसी मंजूनाथ भजन्त्री ने एलडीएम को निर्देश देते हुए संबंधित बैंक शाखा ने शीघ्र आधार सीडिंग सुनिश्चित कराने को कहा। 

मंईयां सम्मान योजना के लाभ से वंचित लाभुकों की शिकायतों पर भी उपायुक्त ने संज्ञान लेते हुए सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिये। सोनाहातू के हीरामणि प्रसाद ने भौतिक सत्यापन के बावजूद लाभ नहीं मिलने की समस्या रखी थी। अनुकंपा के आधार पर नौकरी की मांग को लेकर पहुंची एक छात्रा के मामले में, जिसकी शिक्षिका मां का कैंसर से निधन हो चुका है, रांची डीसी मंजूनाथ भजन्त्री ने सभी दस्तावेजों का अवलोकन कर नियमानुसार उचित निर्णय का आश्वासन दिया। 

इसके अतिरिक्त, शिक्षा के अधिकार के तहत नामांकन, भूमि विवाद, अवैध कब्जा, प्रमाण पत्र निर्गत करने सहित अन्य मामलों पर भी उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को त्वरित एवं नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्री भजन्त्री ने एक बार फिर से स्पष्ट किया कि जनता दरबार आम लोगों की समस्याओं के समाधान का सशक्त माध्यम है और इसमें आने वाली प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध एवं पारदर्शी निष्पादन प्रशासन की प्राथमिकता है।

Published / 2026-04-06 20:25:27
इलेक्शन कमिशन की घोषणा से पहले ही एसआईआर पर राजनीति शुरू

झारखंड में मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण: चुनाव आयोग की घोषणा से पहले सियासी बयानबाजी का दौर शुरू 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मतदाताओं का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण जल्द शुरू होने जा रहा है। भारत निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देश पर राज्य में तैयारियां पूरी कर ली गयी है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो इस महीने इसकी घोषणा होने की संभावना है। इसमें सबसे खास बात यह है कि एसआईआर के दौरान घर घर गणना फार्म पहुंचेगा। 

जिसे प्रत्येक मतदाता को भरना अनिवार्य होगा चाहे उनका नाम 2003 के मतदाता सूची में हों या ना हो। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार के अनुसार भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर पैरेंटल मैंपिंग का काम लगभग पूरा हो गया है। उन्होंने कहा कि एसआईआर को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गयी है। 

मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण के दौरान एक आम मतदाता को खास ध्यान रखना होगा। सर्वप्रथम 1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे मतदाता को अपनी जन्म तिथि और/या स्थान की सत्यता स्थापित करने के लिए केवल अपना एक वैध दस्तावेज देना होगा। यदि 2003 के मतदाता सूची में उनका नाम है तो बीएलओ द्वारा इसका विवरण इन्यूम्यूरेशन फॉर्म के साथ उपलब्ध करा दिया जायेगा। 

इसके अलावा 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाता को अपने दस्तावेज के साथ-साथ अपने माता-पिता में से किसी एक का वैध दस्तावेज भी प्रस्तुत करना होगा। यदि 2003 के मतदाता सूची में उनका अथवा उनके माता-पिता का नाम है तो बीएलओ द्वारा इसका विवरण इन्यूम्यूरेशन फॉर्म के साथ उपलब्ध करा दिया जायेगा। 

2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे युवा मतदाता को अपना और अपने दोनों माता-पिता का वैध दस्तावेज फॉर्म के साथ देना होगा। यदि 2003 के मतदाता सूची में उनके माता-पिता का नाम है तो बीएलओ द्वारा इसका विवरण इन्यूम्यूरेशन फॉर्म के साथ उपलब्ध करा दिया जायेगा। मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण शुरू होने से पहले सियासी दलों के बीच जुबानी जंग तेज होने लगी है। 

बीजेपी जहां SIR को सही बताते हुए हर हाल में इसे संपादित करने का दावा किया है। वहीं शुरू से इसका विरोध कर रही कांग्रेस ने एतराज जताया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने एसआईआर को सही बताते हुए कहा है भले ही कांग्रेस विरोध कर रही हो मगर हर हाल में यह संपन्न होगा और अवैध रुप से रह रहे घुसपैठिए को भाजपा का एक एक कार्यकर्ता बाहर भेजने का काम करेगा। 

प्रदेश कांग्रेस महासचिव राकेश सिन्हा ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि एसआईआर के जरिए लोकतंत्र की हत्या करने का प्रयास कर रही है। चुनाव आयोग के जरिए हो रही लोकतंत्र की हत्या को लेकर हम पूरी तरह से मुस्तैद है। बिहार के बाद बंगाल और अब झारखंड की तैयारी है किसी भी हाल में हम यहां लोकतंत्र की हत्या नहीं होने देंगे। 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विधानसभा से एसआईआर के खिलाफ मजबूती के साथ विरोध कर केन्द्र को भेजा गया है इसके बावजूद यदि यहां होता है और आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यकों का नाम जबरन काटा जाता है तो हम इसका विरोध करेंगे।

Published / 2026-04-04 21:25:39
राष्ट्रीय एकता के प्रतीक थे सरदार पटेल : राज्यपाल

सरदार पटेल की 150वीं जयंती धूमधाम से मनायी गयी  

टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची के आर्यभट्ट सभागार में देश के लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर सरदार पटेल स्मृति समिति द्वारा एक भव्य कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। 

मौके पर सरदार वल्लभभाई पटेल : विचार और विरासत पुस्तक का विधिवत विमोचन किया गया। राज्यपाल श्री गंगवार ने अपने संबोधन में कहा कि सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और दूरदर्शी नेतृत्व से देश को एकजुट करने का ऐतिहासिक कार्य किया, जो सदैव प्रेरणादायक रहेगा। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल राष्ट्रीय एकता के प्रतीक थे। 

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने अपने संबोधन में सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि भारत की एकता और अखंडता को मजबूत करने में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही है। उन्होंने कश्मीर जैसे संवेदनशील मुद्दे का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है और देश की अखंडता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। 

रांची के विधायक सीपी सिंह ने भी अपने संबोधन में सरदार पटेल को राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताते हुए युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कश्मीर के संदर्भ में मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट नीति की आवश्यकता पर बल दिया। 

कार्यक्रम के आयोजक डॉ राजाराम महतो ने समारोह को संबोधित करते हुए सरदार पटेल के विचारों को वर्तमान समाज के लिए प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का जीवन हमें एकता, अनुशासन और राष्ट्र सेवा की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे उनके आदर्शों को अपनाकर समाज और देश के विकास में अपनी भूमिका निभायें। 

कार्यक्रम में रांची की महापौर रोशनी खलखो सहित अनेक गणमान्य अतिथि बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं शामिल हुए, जिससे सभागार का वातावरण देशभक्ति और उत्साह से भर गया। उपस्थित सभी लोगों ने सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों पर चलने तथा देश की एकता और अखंडता को सुदृढ़ करने का संकल्प लिया।

Published / 2026-04-04 20:17:56
झारखंड : गवर्नर से मिला जीतो का प्रतिनिधिमंडल

टीम एबीएन, रांची। शनिवार को जीतो (जेआईटीओ जैन इंटरनेशनल ट्रेड आॅगेर्नाइजेशन) के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें 9 अप्रैल 2026 को आयोजित होने वाले विश्व नवकार महामंत्र दिवस (द्वितीय संस्करण) हेतु सादर आमंत्रित किया। 

यह आयोजन विश्व स्तर पर एक साथ मनाया जाएगा, जिसमें विश्व शांति एवं समृद्धि के लिए णमोकार मंत्र का सामूहिक जाप किया जायेगा। णमोकार मंत्र एक सार्वभौमिक मंत्र है, जिसमें किसी एक धर्म विशेष का उल्लेख नहीं है, अत: इसे सभी धर्मों के लोग श्रद्धा के साथ उच्चारित कर सकते हैं। 

मौके पर जीतो के अध्यक्ष विशाल जैन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस पावन दिवस पर अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता कर इस आध्यात्मिक अभियान का हिस्सा बनें। 

रांची में यह कार्यक्रम मारवाड़ी भवन, हरमू रोड में प्रात: 8:01 बजे से 9:36 बजे तक आयोजित होगा। जो व्यक्ति इस समय कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित नहीं हो सकते, वे जहां भी हों, उसी समय णमोकार मंत्र का जाप कर इस वैश्विक आयोजन से जुड़ सकते हैं। 

प्रतिनिधिमंडल में चीफ सेक्रेटरी सर्वेश जैन, लेडीज विंग की चीफ सेक्रेटरी एकता बड़जात्या, यूथ विंग चेयरपर्सन नितेश जैन एवं राकेश बछावत शामिल थे। उक्त जानकारी विशाल जैन (9431103355) ने दी। 

Published / 2026-04-03 21:20:17
रांची : राज्यपाल ने किया झारखंड फिल्म फेस्टिवल 2026 के पोस्टर का भव्य विमोचन

टीम एबीएन, रांची। आज रांची के लोकभवन में राज्यपाल संतोष गंगवार के कर कमलों द्वारा चित्रपट झारखंड फिल्म फेस्टिवल 2026 के पोस्टर का भव्य विमोचन किया गया। इस गरिमामय अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर जी, क्षेत्र प्रचारक रामनवमी जी, विभाग संपर्क प्रमुख भानु जालान, महानगर प्रचार प्रमुख स्निग्ध रंजन, चित्रपट झारखंड के अध्यक्ष नंद कुमार सिंह तथा कोषाध्यक्ष सुमित मित्तल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। 

चित्रपट झारखंड द्वारा आयोजित यह फिल्म महोत्सव आगामी 26, 27 एवं 28 जून 2026 को सरला बिरला विश्वविद्यालय  परिसर, टाटीसिल्वे, रांची में आयोजित किया जायेगा। इस फिल्म महोत्सव का मुख्य उद्देश्य झारखंड के युवा फिल्म निर्माताओं को अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करना तथा क्षेत्रीय सिनेमा को प्रोत्साहित करना है।

इसके माध्यम से झारखंड के फिल्मकार अपनी कला के जरिए राज्य की ऐतिहासिक, पौराणिक एवं सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत कर सकेंगे। साथ ही, यह आयोजन सामाजिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित वसुधैव कुटुंबकम की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य भी करेगा। इस फिल्म महोत्सव में केवल झारखंड राज्य के फिल्म निमार्ता ही अपनी फिल्में जमा कर सकते हैं। प्रतियोगिता में फिल्मों की तीन श्रेणियां निर्धारित की गयी हैं— 

  • लघु फिल्म (अधिकतम 20 मिनट) 
  • वृत्तचित्र (अधिकतम 30 मिनट) 
  • परिसर फिल्म (अधिकतम 15 मिनट; इसमें केवल लघु फिल्म ही मान्य होगी) 

पंजीकरण शुल्क 

  • लघु फिल्म : 500 
  • वृत्तचित्र : 500 
  • परिसर फिल्म : 250 

विद्यार्थियों के लिए विशेष रियायत के तहत वे किसी भी श्रेणी में मात्र 250 शुल्क देकर अपनी फिल्म जमा कर सकते हैं। झारखंड में बोली जाने वाली सभी भाषाओं में फिल्में स्वीकार की जायेंगी। हिंदी और अंग्रेजी के अतिरिक्त अन्य भाषाओं की फिल्मों के लिए हिंदी अथवा अंग्रेजी में उपशीर्षक अनिवार्य होगा। 

फिल्मों के लिए निम्नलिखित 12 विषय निर्धारित किये गये हैं: 

  1. झारखंड का इतिहास 
  2. जनजातीय समाज 
  3. ग्राम विकास 
  4. महिला सशक्तिकरण 
  5. पर्यावरण 
  6. सामाजिक समरसता 
  7. युवा और नशामुक्ति 
  8. नागरिक कर्तव्य 
  9. खेल और प्रतिभा 
  10. पलायन 
  11. डिजिटल भारत / तकनीकी परिवर्तन 
  12. भ्रष्टाचार और पारदर्शिता 

आयोजन समिति ने यह भी निर्धारित किया है कि केवल 1 जुलाई 2023 के बाद निर्मित फिल्में ही मान्य होंगी। फिल्म जमा करने की अंतिम तिथि रविवार, 7 जून 2026 निर्धारित की गयी है, जबकि चयनित फिल्मों की सूची 15 जून 2026 को प्रकाशित की जायेगी। 

इस फिल्म महोत्सव में कुल 2,70,000 का नकद पुरस्कार रखा गया है। यह आयोजन झारखंड के युवाओं के लिए फिल्म निर्माण के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करेगा। उक्त जानकारी  चित्रपट झारखंड के सदस्य नवीन सहाय ने दी।

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