टीम एबीएन, रांची। झारखंड में कोरोना के मामले बेहद तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,704 नए मामले सामने आए, जबकि चार संक्रमितों की मौत हो गई। लेकिन आनुवंशिक अनुक्रमण की एक भी मशीन नहीं होने से अब तक इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि इनमें वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रोन के कितने मामले हैं। वहीं राज्य ने केंद्र से इस सबंध में मदद मांगी है। राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार से यहां के संदिग्ध मामलों की आनुवंशिकी अनुक्रमण तेज गति से करवाने में मदद का अनुरोध किया है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिख कर अनुरोध किया है कि झारखंड के संदिग्ध मामलों की आनुवंशिकी अनुक्रमण जांच के लिए किसी ऐसे संस्थान को अधिकृत किया जाए जिससे रिपोर्ट जल्द मिल सके। राज्य ने इसके लिए राज्य के कोविड के मामलों की जांच एम्स भुवनेश्वर, एनआईबीएम अथवा कल्याणी से करवाने का अनुरोध किया है। वर्तमान में राज्य के ओमीक्रोन के संदिग्ध मामलों की जांच इंस्टीट्यूट आॅफ लाइफसाइंस, भुवनेश्वर से होती है जहां से राज्य को 40 से 45 दिनों में रिपोर्ट प्राप्त होती है। राज्य को भुवनेश्वर स्थित आईएलएस से आनुवंशिकी अनुक्रमण की अंतिम रिपोर्ट आठ दिसंबर के नमूने की मिली थी। इसके बाद राज्य से जांच के लिए भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने एक समीक्षा बैठक में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया से राज्य को इस मोर्चे पर मदद करने का आग्रह किया था।
टीम अन, रांची। झारखंड विधानसभा के नए भवन में 160 विधायकों के लिए सरकार अत्याधुनिक तकनीकी व्यवस्था का इंतजाम करेगी। विधायक बगैर कागजात के सदन के अंदर हाजिर होंगे। सवाल-जवाब से लेकर सभी आवश्यक कागजात उन्हें उनके टेबल पर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से उपलब्ध हो जाएगा। उच्च तकनीकी व्यवस्था से लैस सभी सीटें ई-विधान के तहत अत्याधुनिक व्यवस्था से सुसज्जित होंगी। सरकार के भवन निर्माण विभाग को इसकी जिम्मेवारी मिली है। अभी इनमें सिर्फ 81 निर्वाचित विधायक ही बैठेंगे। शेष 79 विधायक कब आएंगे, यह तय नहीं है। विधानसभा की सीटें बढ़ेंगी तभी 160 विधायक यहां बैठेंगे। सीटें बढ़ाने की राजनीतिक दलों की पुरानी मांग एक बार फिर सिरे चढ़ रही है। सूबे के सभी राजनीतिक दलों ने एक स्वर से विधानसभा की सीटें बढ़ाने की मांग की है। सभी दल इस मुद्दे पर एकजुट हैं। झारखंड विधानसभा की सीटें 81 से बढ़ाकर 160 करने के लिए सत्तारुढ़ झामुमो और कांग्रेस के साथ-साथ विपक्ष दल भाजपा और आजसू एकजुट हैं। सबका कहना है कि सीटें हर हाल में बढ़नी ही चाहिए। पिछले 21 सालों में राज्य की आबादी और वोटरों की संख्या में इतना इजाफा हुआ है कि अब कोई विकल्प भी नहीं है। साथ बने दो राज्यों छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड में भी विधानसभा की सीटें बढ़ायी जा चुकी हैं। विधानसभा की सीटें बढ़ाने के लिए सबसे पहले 15 जून 2005 में विधानसभा की कमेटी बनी थी। तत्कालीन भाजपा विधायक कड़िया मुंडा इस कमेटी के संयोजक थे। चार जुलाई 2005 को कमेटी ने रिपोर्ट सौंप दी थी। कमेटी ने विधानसभा की सीटें 81 से बढ़ा कर 150 करने का प्रस्ताव तैयार किया था। इस पर पूरे सदन का अनुमोदन मिला, इसके बाद प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया था।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड चुनाव आयोग ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 2022 का नया वोटर लिस्ट प्रकाशित कर दिया है। इसके अनुसार झारखंड में मतदाताओं की संख्या में रेकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है। इस वोटर लिस्ट के अनुसार झारखंड में पुरुषों की तुलना में महिलाएं अधिक नयी वोटर बनी हैं। मतदाता सूची पुनरीक्षण के बाद प्रकाशित नये वोटर लिस्ट के अनुसार झारखंड में मतदाताओं की संख्या अब 2 करोड़ 44 लाख 73 हजार 937 है। इनमें महिला वोटर 1 करोड़ 18 लाख 60 हजार 442 और पुरुष मतदाताओं की संख्या 1 करोड़ 26 लाख 13 हजार 219 है। 18-19 आयुवर्ग के वोटर की संख्या 3 लाख 95 हजार 798 है। नये वोटर लिस्ट में सबसे खास बात यह है कि पिछले 7 वर्षों में पहली बार पुन: निरीक्षण के दौरान झारखंड में मतदाताओं की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। रिकॉर्ड के अनुसार 1 नवंबर 20 से हुई मतदाता पुनरीक्षण के दौरान 2.70% की वृद्धि हुई है, जिसके तहत झारखंड में नए मतदाताओं की संख्या 6 लाख 42 हजार 928 है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने बताया कि नये वोटर में महिलाओं की संख्या अधिक है जिसके फलस्वरूप लिंगानुपात 940 हो गया है जो कि पिछले दशक में अधिकतम है। चुनाव आयोग ने 5 जनवरी को प्रकाशित नये वोटरलिस्ट से 2 लाख 13 हजार 553 वोटरों का नाम हटा दिया गया है। झारखंड चुनाव आयोग की यह कार्रवाई ऐसे मतदाताओं के उपर की गई है जो या तो अनुपस्थित हैं या कहीं और चले गए हैं, या फिर उनका निधन हो गया है।नइतनी बड़ी संख्या में डिलिशन पिछले 5 वर्षों में सर्वाधिक है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने कहा कि बीएलओ की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्यवाही की जाती है। इस गतिविधि से ना केवल मतदाता सूची को शुद्ध करने में मदद मिलती है, बल्कि वास्तविक मतदाता के आंकड़ों को सही सही जानकारी मिलने में भी मदद मिलती है। नये वोटरलिस्ट के अनुसार राज्य में दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 3 लाख 33 हजार 766 है। जनवरी 2022 तक अनुमानित जनसंख्या के आधार पर आदर्श EP अनुपात 62.78 है।
एबीएन डेस्क, रांची। सरकार राज्य के 59.23 लाख ग्रामीण परिवारों को चरणबद्ध तरीके से वर्ष 2024 तक नल से जल पहुंचाने की योजना पर काम कर रही है। दिसंबर तक राज्य में करीब 10 लाख ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचाया जा चुका है। 34.20 लाख परिवारों पानी पहुंचाने की योजनाएं अनुमोदित कर दी गई हैं। इनमें से 7.85 लाख परिवारों तक पानी पहुंचाने के लिये 5401 करोड़ की 85 (बहुग्राम पेयजलापूर्ति) योजनाओं और 10.92 लाख परिवारों के लिये 3842 करोड़ की 44458 (लघु या एकल ग्राम पेयजलापूर्ति) के लिए योजनाओं का 29 दिसंबर को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा शिलान्यास किया गया है। दूसरी ओर, 9830.28 करोड़ की जलापूर्ति योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया गया, जिससे 19.99 लाख परिवारों में रहने वाले करीब एक करोड़ ग्रामीण आबादी को इस योजना का लाभ मिलेगा। शेष 15.06 लाख परिवारों में से 7.47 लाख परिवारों में जल से नल योजना का डीपीआर तैयार कर लिया गया है। इसका भी अनुमोदन जल्द कर दिया जाएगा। इसके अलावा बाकी के 7.58 लाख परिवारों को इस योजना का लाभ देने के लिए मार्च 2022 तक योजनाओं का डीपीआर तैयार किया जाएगा। पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर के मुताबिक सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के तहत राज्य के सभी ग्रामीण परिवारों और ग्रामीण संस्थाओं में गुणवत्तापूर्ण पेयजल की उपलब्धता निरंतर हो इसके लिए झारखंड सरकार संकल्पित है। ग्रामीण परिवारों के जीवन में स्वछता, स्वास्थ्य, स्वशासन, सुरक्षा, सम्मान के साथ 2024 तक हर ग्रामीण परिवार को घरेलू नल से जल कनेक्शन उपलब्ध कराना है।
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आज झारखंड मंत्रालय में शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने मुलाकात की। इस दौरान शिक्षा मंत्री ने 9वीं से ऊपर तक के बच्चों के लिए नि:शुल्क लैपटॉप मुहैया कराने का प्रस्ताव सीएम के सामने रखा है। एक बार फिर कोरोना की रफ्तार धीरे-धीरे बढ़ रही है। लोग डर रहे हैं। रोकथाम के लिए कई सरकारी फैसले लिए गए हैं। इसी कड़ी में राज्य सरकार की ओर से एक बार फिर पाबंदियां शुरू कर दी गई है। शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का निर्देश जारी किया गया है। ऑनलाइन क्लासेस को बेहतर ढंग से सुचारू करने का निर्देश भी अधिकारियों को दी गई है, ताकि बच्चों का पठन-पाठन सुचारू तरीके से चलता रहे। उन्हें कोई परेशानियों का सामना ना करना पड़े। पिछले 2 वर्षों में कई महीने स्कूल कॉलेज बंद रहे। पठन-पाठन प्रभावित हो रहे हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के ऑनलाइन क्लासेस सही तरीके से नहीं चल रहे हैं। इंटरनेट की कमी, मोबाइल ना होना, एक सबसे बड़ी वजह है। इसी बीच मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से झारखंड मंत्रालय में शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने मुलाकात की है। दोनों ने एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं और बधाई भी दी है। शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने मुख्यमंत्री को 9वीं से ऊपर तक के बच्चों को नि:शुल्क लैपटॉप मुहैया कराने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि मामले को लेकर फिलहाल मुख्यमंत्री ने हरी झंडी नहीं दी है, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही राज्य के बच्चों को मुख्यमंत्री की ओर से लैपटॉप दिया जा सकता है। कोरोना की पहली लहर से ही शिक्षा व्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। बच्चों का पठन पाठन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। ऐसे में कोरोना के तीसरी लहर के दौरान बच्चों को कोई परेशानी ना हो इसे देखते हुए शिक्षा विभाग की ओर से विशेष योजना भी तैयार की जा रही है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में कोरोना के तेजी से बढ़ते आंकड़ों के बीच एक राहत वाली खबर है। स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने ट्वीट करके बताया है कि झारखंड ने 3 करोड़ डोज कोरोना टीकाकरण का आंकड़ा पार कर लिया है। अपने ट्विटर अकाउंट से जानकारी देते हुए मंत्री श्री गुप्ता ने काफी खुशी जाहिर किया है। बन्ना गुप्ता लिखते हैं, राज्य में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच एक सुखदायक खबर शेयर कर रहा हूं, झारखंड ने 3 करोड़ डोज का आंकड़ा पार कर लिया है। मंत्री बन्ना गुप्ता कहते हैं कि प्रथम और द्वितीय डोज मिलाकर राज्य में 3 करोड़ 52 लाख 183 डोज पूरे हो गए हैं। इसमें 1 करोड़ 86,81,412 फर्स्ट डोज एवं 1 करोड़ 1370,771 दूसरा डोज है। उन्होंने राज्यवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग कोविड टीकाकरण अभियान में जरूर हिस्सा लें। स्वास्थ्य मंत्री कहते हैं कि जिन लोगों ने अभी तक एक भी डोज नहीं लिया है वे अविलंब सरकार द्वारा नर्धिारित टीका केंद्र में जाकर टीका लें। और जिन लोगों ने फर्स्ट डोज ले लिया है वे समय पर दूसरा डोज ले लें।
रांची। राज्यपाल रमेश बैस से सोमवार को मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने राजभवन में भेंट कर नव वर्ष की बधाई व शुभकामनाएं देते हुये उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। राज्यपाल ने उक्त अवसर पर राज्य में तीव्र गति से कोरोना प्रसार पर चिंता जाहिर करते हुए कोरोना महामारी पर नियंत्रण के लिये सरकार की ओर से किये जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हमारी स्वास्थ्य सुविधा उत्तम हो, तीव्र गति से टीकाकरण का कार्य हो और जनमानस के सहयोग से कोरोना की इस लहर को रोकने का प्रयास हो। कोरोना संक्रमित व्यक्ति का बेहतर इलाज हो, वह स्वयं को अकेला महसूस न करें, सरकार व प्रशासन उसके साथ है, ऐसा महसूस हो।
एबीएन डेस्क, रांची। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए झारखंड में कई तरह की पाबंदियां लगा दी गई हैं। स्कूल, कॉलेज, पार्क, जू, स्टेडियम और बैठक के केंद्र बंद रहेंगे। झारखंड सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की उच्च स्तरीय बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसकी अध्यक्षता की। उनके साथ आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री बन्न गुप्ता भी मौजूद थे। इस बैठक में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बताते चलें कि सरकारी और निजी कार्यालय 50% स्टाफ के साथ कार्यरत रहेंगे। स्कूलों में अध्ययन बंद होगा, लेकिन प्रशासनिक कार्य के लिए 50% स्टाफ आएंगे। बार, रेस्टोरेंट्स, सिनेमा हॉल, माल मैप 50% कैपेसिटी को एलाऊ किया गया है। रात 8 बजे के बाद सभी दुकानें बंद रहेंगे और सभी प्रतिष्ठान भी। धार्मिक केंद्रों में 50% से अधिक लोगों को आने की अनुमति नहीं होगी। स्विमिंग पूल और जिम भी बंद रहेंगे। बैंक्वेट हॉल में अधिकतम 100 लोगों को अनुमति होगी। स्कूल, कॉलेज, पार्क, जू, स्टेडियम और बैठक के केंद्र बंद रहेंगे। ट्यूशन सेंटर, कोचिंग इंस्टीट्यूट, आदि भी बंद रहेंगे।
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