राज काज

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Published / 2022-01-19 17:39:28
गरीबों को सस्ता पेट्रोल : सीएम ने लांच किया एप, दुमका से होगी योजना की शुरुआत

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना या झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना से आच्छादित वैसे गरीब परिवार जिनके पास दो पहिया वाहन है, उन्हें सस्ते दर पर पेट्रोल मिलेगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पेट्रोल सब्सिडी योजना के निबंधन के लिए CMSUPPORTS APP लॉन्च (सीएम सपोर्ट्स एप लॉन्च) कर दिया है। अब एप या http://jsfss.jharkhand.gov.in में निबंधन कर राशन कार्ड धारी योजना का लाभ ले सकेंगे। 26 जनवरी 2022 से प्रति माह अधिकतम 10 लीटर पेट्रोल के लिए प्रति लीटर 25 रुपये की सब्सिडी यानी 250 रुपये प्रतिमाह लाभुकों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जायेगी। मुख्यमंत्री 26 जनवरी 2022 को दुमका से योजना का शुभारंभ करेंगे। पेट्रोल सब्सिडी योजना का किनको मिलेगा लाभ : • आवेदक को राज्य के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम अथवा झारखण्ड राज्य खाद्य सुरक्षा अधिनियम का राशन कार्ड धारी होना चाहिए। • राशन कार्ड में परिवार के सभी सदस्यों का सत्यापित आधार संख्या अंकित होना चाहिए। • आवेदक के आधार से लिंक बैंक खाता संख्या एवं मोबाइल नंबर अपडेट होना चाहिए। • आवेदक के वाहन का निबंधन आवेदक के नाम से होना चाहिए। • आवेदक के पास ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए। • आवेदक का दो- पहिया वाहन झारखण्ड राज्य में निबंधित होना चाहिए। लाभ पाने के लिए रजिस्ट्रेशन का तरीका : • CMSUPPORT APP (सीएम सपोर्ट्स एप लॉन्च) या http://jsfss.jharkhand.gov.in में जाकर आवेदक को अपना राशन कार्ड औरआधार संख्या डालना होगा। तब आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर OTP जायेगा। • आवेदक का राशन कार्ड संख्या Login तथा परिवार के मुखिया का आधार का अंतिम आठ अंक का Password होगा। • OTP सत्यापन के बाद आवेदक राशनकार्ड में नाम चुनते हुए वाहन संख्या और ड्राइविंग लाइसेंस नंबर दर्ज करेंगे। • वाहन संख्या DTO के लॉगिन में जायेगा, जिसे DTO द्वारा सत्यापित किया जाएगा। • सत्यापन के बाद सूची जिला आपूर्ति पदाधिकारी के लॉगिन में जायेगी। प्रोजेक्ट भवन में एप को लांच करने के अवसर पर हेमंत सोरेन कैबिनेट के मंत्री आलमगीर आलम, डॉ रामेश्वर उरांव, चम्पई सोरेन, सत्यानंद भोक्ता, बन्ना गुप्ता, मिथलेश ठाकुर, जोबा मांझी, बादल और हफीजुल हसन के अलावा मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे और खाद्य आपूर्ति व सार्वजानिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग की सचिव हिमानी पांडे समेत कई पदाधिकारी उपस्थित थे।

Published / 2022-01-19 15:26:36
21 हजार विद्यार्थियों को राज्य सरकार देगी मोबाइल-टैब

रांची। झारखंड कैबिनेट ने कुल 51 प्रस्तावों पर मंजूरी प्रदान की है। इसके तहत कल्याण विभाग के अंतर्गत 136 आवासीय विद्यालय के 21000 छात्र-छात्राओं को राज्य सरकार पठन पाठन के लिए मोबाइल-टैब देगी। आॅनलाइन क्लास के लिए सरकार देगी टैब। कोविड के कारण स्कूल बंद होने की वजह से पढ़ाई बाधित न हो इसलिए सरकार ने यह अहम फैसला लिया है। इसपर 26 करोड़ 25 लाख रुपये खर्च होंगे। राज्य के पारा शिक्षकों की नियमावली मंजूर हो गयी है। इसके तहत झारखंड सहायक अध्यापक सेवा शर्त नियमावली 2021 का गठन किया गया है। इस नियमावली के बनने से 62 हजार 876 पारा शिक्षकों को लाभ होगा। वे अब 60 साल में रिटायर होंगे। आकलन परीक्षा के आधार पर उनका मानदेय बढ़ेगा। योग्यता के आधार पर अनुकंपा पर नौकरी मिलेगी। कई विभागों की नियमावली को मंजूरी मिली है। कैबिनेट में 58 लाख राशन कार्डधारी परिवारों को पेट्रोल सब्सिडी के मद में 250 रुपये प्रतिमाह उनके बैंक खाते में देने को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री सपोर्ट योजना का लाभ दुपहिया वाहन संचालकों को दिया जायेगा। इस वित्तीय वर्ष में 139 करोड़ का वित्तीय भार आयेगा। वहीं, अन्य फैसलों में रांची के रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय में 31 नये पद सृजित होंगे। आंगनबाड़ी में 6 से 36 माह के बच्चों को मिलने वाले पूरक पोषाहार, गर्भवती महिलाओं और 6 से 72 महीने के कुपोषित बच्चों को दिये जाने वाले टेक होम राशन की रेसिपी में आंशिक संशोधन किया गया है। इन फैसलों पर भी लगी मुहर : गोड्डा में पुलिस आवास के लिए 58 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गयी। नंदनी जलाशय योजना के पुनरूद्धार के लिए 56 करोड़ की मंजूरी दी गयी। कांची सिंचाई योजना के पुनरूद्धार के लिए 29 करोड़ रूपए की मंजूरी प्रदान की गयी। एमभीआई नियुक्ति नियमावली संसोधन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गयी। मेदिनीनगर नगर निगम में शहरी जलापूर्ति के लिए 161 करोड़ रूपए की मंजूरी प्रदान की गयी। आईटी एडवाइजरी सर्विसेज के लिए एनआईएसजी का काम मिला। कई विभागों के नियुक्ति नियमावली संसोधन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गयी। कैंसर अस्पताल के लिए दिए गए जमीन के नक्शे में संसोधन प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। प्री-बजट के लिए आईआईएम को नॉलेज पार्टनर बनाया जाएगा। सीएससी पिभिसि को सरकारी परिसर में आधार नामांकन केंद्र के लिए मनोयन पर मिला काम। छात्रों को मिलने वाली नोट बुक में रहेगा सरकार की योजनाओं की जानकारी मुख्य पृष्ट पर होगी। राशनकार्ड धारियों को 250 रूपए के अनुदान की राशि वाले सीएम सपोर्ट योजना के तहत पेट्रोल सब्सिडी को मंजूरी प्रदान की गयी। इरबा ओरमांझी गोंदलीपोखर में पुल के लिए राशि की मंजूरी। एंपलॉयमेंट एक्सचेंज को मजबूत करने के लिए तीन कंपनियों को जिम्मेवारी दी गयी। आंगनबाड़ी केंद्रो में पूरक पोषाहार के रेसिपी में संसोधन को मंजूरी प्रदान की गयी। इसके तहत खाद्यान के मात्रा में संशोधन किया गया है। मसलिया में अंडरग्राऊंड सिंचाई के लिए 1204 करोड़ की मंजूरी दी गयी। झारखंड राज्य उत्पाद राजस्व बढ़ोतरी के लिए छत्तीसगढ़ राज्य मार्केटिंग कोरपोरेशन लिमिटेड को परामर्शी कंसल्टेंसी नियुक्त किया गया।

Published / 2022-01-19 03:57:36
झारखंड : पारा शिक्षकों को आज मिलेगी सौगात, जानें क्या-क्या मिलेगा ये लाभ

एबीएन डेस्क। राज्य के 64 हजार पारा शिक्षकों को ईपीएफ का लाभ मिलेगा। इसमें पारा शिक्षकों के मानदेय से छह फीसदी की राशि कटेगी और छह फीसदी राज्य सरकार देगी। स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है। वित्त विभाग ने अपनी अनापत्ति दे दी है। अब इस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अंतिम निर्णय लेना है। राज्य सरकार इस पर बुघवार को पारा शिक्षकों की सेवा शर्त नियमावली के प्रस्ताव के साथ मंजूरी दे सकती है। अगर सहमति नहीं मिली, तो बजट सत्र में इसके प्रावधान किये जाएंगे और पारा शिक्षकों को इसका लाभ दिया जाएगा। ईपीएफ की सरकार मद की ओर से दी जाने वाली राशि मानदेय बढ़ोतरी के अतिरिक्त होगी। पारा शिक्षक एक जनवरी से सहायक अध्यापक कहलाएंगे। साथ ही, उनके मानदेय में भी 40 से 50 फीसदी बढ़ोतरी जनवरी से हो जाएगी। टेट पास पारा शिक्षकों का जहां 50 फीसदी, वहीं सिर्फ प्रशिक्षित पारा शिक्षकों के मानदेय में 40 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। ईपीएफ में 12 फीसदी राशि जमा की जाती है। इसमें कर्मचारी का छह फीसदी और जिस विभाग के कर्मचारी हैं वह छह फीसदी राशि देता है। पारा शिक्षकों की सेवा शर्त नियमावली की मंजूरी के बाद राज्य के पारा शिक्षक एक जनवरी से सहायक अध्यापक कहलाएंगे। साथ ही, उनके मानदेय में भी बढ़तरी हो जाएगी। टेट पास पारा शिक्षकों का जहां 50 फीसदी, वहीं सिर्फ प्रशिक्षित पारा शिक्षकों के मानदेय में 40 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। ऐसे में पहली से पांचवीं में पढ़ाने वाले प्रशिक्षित पारा शिक्षक (सहायक अध्यापक) को 4800 रुपये का मानदेय बढ़ने के बाद 1008 रुपये ईपीएफ के लिए अंशदान के रूप में देना होगा। वहीं, छठी से आठवीं के सिर्फ प्रशिक्षित पारा शिक्षकों को 1092 रुपये देने होंगे। इसके अलावा पहली से पांचवीं के टेट पास पारा शिक्षकों को 1260 रुपये और छठी से आठवीं के टेट पास पारा शिक्षकों को 1350 रुपये ईपीएफ में अंशदान के रूप में देने होंगे। इतनी ही राशि राज्य सरकार अपने मद से ईपीएफ में देगी।

Published / 2022-01-18 17:39:59
अनिल महतो बने जैक अध्यक्ष, विनोद सिंह बने उपाध्यक्ष

टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के नाम पर अपनी मुहर लगा दी है। शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने लगभग एक महीने पहले अनिल महतो को अध्यक्ष और विनोद सिंह को जैक का उपाध्यक्ष बनाए जाने को लेकर अपने आवास से ही घोषणा की थी। मामला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास विचाराधीन था। मंगलवार को इसे लेकर अधिसूचना जारी कर दिया गया। झारखंड एकेडमिक काउंसिल के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद 15 सितंबर 2021 से ही खाली थे। 15 सितंबर को काउंसिल के अध्यक्ष अरविंद प्रसाद सिंह और उपाध्यक्ष फूल सिंह का कार्यकाल समाप्त हो गया था। जैक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की मंजूरी के बिना जैक की ओर से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू करने में परेशानी आ रही थी। साथ ही और भी कई एकेडमिक कामकाज में परेशानी हो रही थी। हालांकि इस दिशा में पहल करते हुए लगभग एक महीने पहले शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने जैक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के नाम पर मुहर लगा दी थी। लेकिन मामला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास विचाराधीन था। मंगलवार को इसे लेकर एक अधिसूचना जारी कर दी गई है। अधिसूचना के मुताबिक डॉक्टर अनिल महतो को झारखंड एकेडमिक काउंसिल का अध्यक्ष बनाया गया है। जैक अध्यक्ष अनिल महतो रांची यूनिवर्सिटी एग्जामिनेशन कंट्रोलर रह चुके हैं। विनोद बिहारी विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति भी रह चुके हैं। वहीं विनोद सिंह को जैक का उपाध्यक्ष बनाया गया है। अब जैक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की नियुक्ति होने से झारखंड शिक्षा बोर्ड में कई लंबित फैसले लिए जाएंगे। मैट्रिक और इंटर परीक्षा को लेकर भी असमंजस की स्थिति खत्म होगी।

Published / 2022-01-17 16:37:15
अगले वित्त वर्ष में सब्सिडी घटा सकती है सरकार, जानें आगे की तैयारी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार 2022-23 में अपने समग्र सब्सिडी बिल को कम करने पर सक्रिय रूप से विचार कर रही है। सरकार अपने आगामी बजट 2022 में खाद्य और उवर्रक सब्सिडी को क्रमश: 2.60 लाख करोड़ और 90,000 करोड़ रुपये पर रख सकती है। यह वित्त वर्ष 2022 के लिए संशोधित अनुमानों के मुकाबले कम होगी। इस संबंध में जारी एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा वित्त वर्ष के लिए कुल सब्सिडी बिल करीब 5.35 से 5.45 लाख करोड़ रुपये होने की उम्मीद है, जिसे सरकार अगले वित्त वर्ष में कम करना चाहती है। गौरतलब है कि आगामी आम बजट एक फरवरी 2022 को पेश किया जाएगा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे संसद में कोरोना से प्रभावित अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए बजट घोषणाएं करेंगी। इस बार के आम बजट के तुरंत बाद देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में यह बजट लोक लुभावन होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। एक अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि मौजूदा वित्त वर्ष के लिए खाद्य सब्सिडी बिल के संशोधित अनुमानों में करीब 3.90 लाख करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है, जो बजट में किए गए 2.43 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। लेकिन वित्त वर्ष 2021 के 4.22 लाख करोड़ रुपये से कम है। इसके अलावा रिपेार्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022 के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) की कुल लागत 1.47 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है।

Published / 2022-01-16 13:34:47
झारखण्ड में सस्ता पेट्रोल : जानें कैसे मिलेगी सब्सिडी...

एबीएन डेस्क। दोपहिया वाले बीपीएल के लिए हर महीने 10 लीटर पेट्रोल पर 25 रुपये की सब्सिडी पाना आसान नहीं होगा। राज्य सरकार ने छूट को लेकर शनिवार को जो दिशा-निर्देश जारी किए हैं, उससे इसका पता चलता है। शनिवार को जिला प्रशासन तक यह सूचना एक फ्लो चार्ट के माध्यम से पहुंची। इस योजना के लाभुक मोबाइल एप के माध्यम से आवेदन करेंगे। आवेदक को राज्य के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम अथवा राज्य खाद्य सुरक्षा योजना का राशन कार्डधारक होना चाहिए। राशन कार्ड में परिवार के सभी सदस्यों का सत्यापित आधार नंबर अंकित होना चाहिए। आवेदक के आधार से जुड़ा बैंक अकाउंट नंबर और मोबाइल नंबर अपडेट होना चाहिए। आवेदक के वाहन का निबंधन उसी के नाम से होना चाहिए। उसका दोपहिया झारखंड में निबंधित होना चाहिए। आवेदन करते समय अपना राशन कार्ड एवं आधार नंबर एप में डालना होगा, उसके बाद उसके आधार सीडेड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। ओटीपी सत्यापन के उपरांत राशन कार्ड में अपना नाम सेलेक्ट कर ड्राइविंग लाइेंसस नंबर डालना होगा। इसमें बताया गया है कि वाहन का नंबर डीटीओ की लॉगइन में जाएगा, जिसे वे सत्यापित करेंगे। सत्यापन के पश्चात सूची जिला आपूर्ति पदाधिकारी (डीएसओ) के लॉगइन में चली जाएगी। उपायुक्त की स्वीकृति के उपरांत डीएसओ द्वारा बिल ट्रेजरी में जमा किया जाएगा। ट्रेजरी बिल पास कर डीएसओ के पीएफएमएस खाते में पूरी राशि हस्तांतरित कर देगा। इसके बाद डीएसओ अपने पीएफएमएस लॉगइन से लाभुकों को डीबीटी के माध्यम से लाभुक के आधार सीडेड बैंक खाता में राशि भेज देंगे। यदि आवेदक के आधार से बैंक खाता सीडेड नहीं है तो राशन कार्ड सीडेड बैंक खाता में राशि भेजी जाएगी।

Published / 2022-01-15 15:20:32
समय पर उठाये गये कदम, तीसरी लहर में अफरातफरी नहीं : हेमंत सोरेन

एबीएन डेस्क। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कोविड-19 प्रबंधन पर हुई बैठक में कहा कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र के ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ बेहतर प्रबंधन के जरिए महामारी की पहली-दूसरी लहर को काफी हद तक काबू किया था और तीसरी लहर के लिए भी आवश्यक तैयारियां की है। सोरेन ने कहा, तीसरी लहर को नियंत्रित करने के लिए सभी आवश्यक और ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और सरकार के इन्हीं कदमों की वजह से तीसरी लहर में राज्य में अफरातफरी नहीं है। सरकार द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री के साथ कोविड प्रबंधन पर मुख्यमंत्रियों की वर्चुअल बैठक में सोरेन ने कहा कि जिस तरह से कोविड मरीजों की संख्या बढ़ रही है, हमें बेहद सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। लोगों से टीका लगवाने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, कोविड से निपटने के लिए टीका सबसे बड़ा हथियार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल- कॉलेज, जिम, पार्क समेत वैसे सभी संस्थान और सार्वजनिक स्थल बंद कर दिए गए हैं जहां से संक्रमण के फैलने का खतरा ज्यादा है। उन्होंने कहा, पिछड़ापन और भौगोलिक क्षेत्र जटिल होने के कारण झारखंड में कोविड-19 टीकाकरण में थोड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। लेकिन, बेहतर रणनीति बनाकर जांच में तेजी लाने के साथ ज्यादा से ज्यादा लोगों का टीकाकरण करने का कार्य तेज गति से चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि टीकाकरण में तेजी लाने के लिए 150 मोबाइल टीकाकरण वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

Published / 2022-01-15 08:16:35
झारखंड : एक सप्ताह के लिए बढ़ सकती हैं पाबंदियां

एबीएन डेस्क। झारखंड में कोरोना संक्रमण को देखते हुए राज्य में जारी पाबंदी एक सप्ताह के लिए बढ़ाये जाने की संभावना है। शनिवार 15 जनवरी को इस संबंध में आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से गाइडलाइन जारी होगी। मिली जानकारी के अनुसार हेमंत सरकार कोरोना संक्रमण दर की समीक्षा करने के बाद गाइडलाइन जारी करेगी। गुरुवार को पीएम मोदी की समीक्षा बैठक के दौरान केन्द्र द्वारा दिये गए सुझाव को भी ध्यान में रखकर सरकार गाइडलाइन जारी करने जा रही है। राज्य में तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 3 जनवरी को आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक हुई थी। बैठक में कोरोना के नये वैरिएंट ओमीक्रोन के खतरा और संक्रमण की समीक्षा करते हुए सरकार ने शैक्षणिक संस्थान को बंद करने, सरकारी और निजी संस्थान में 50 फीसदी क्षमता के साथ काम करने, अंत्येष्टि और शादी विवाह में अधिकतम 100 लोग ही शामिल होने और रात 8 बजे के बाद बार, रेस्टोरेंट और मेडिकल को छोड़कर अन्य सभी दुकानें बंद रखने का फैसला लिया था। 15 जनवरी तक सरकार ने कई पाबंदियां लगाई गई थी। सभी पार्क, स्विमिंग पूल, जिम, चिड़ियाघर, पर्यटन स्थल, खेल स्टेडियम 15 जनवरी 2022 तक पूर्णत: बंद रहेंगे। स्कूल, कॉलेज, कोचिंग इंस्टीट्यूट 15 जनवरी 2022 तक बंद रहेंगे, परंतु इन संस्थानों में 50% क्षमता के साथ प्रशासनिक कार्य होंगे। सिनेमा हॉल, रेस्टोरेंट, बार एवं शॉपिंग मॉल 50% क्षमता के साथ खुलेंगे। रेस्टोरेंट, बार एवं दवा दुकानें अपने नॉर्मल समय पर बंद होंगे, बाकी सभी दुकानें रात्रि 8 बजे तक ही खुली रहेंगी। आउटडोर आयोजन में अधिकतम एक सौ लोग शामिल हो सकेंगे। इनडोर आयोजनों में कुल क्षमता का 50% या 100 दोनों में से जो कम हो, क्षमता के साथ आयोजन हो सकेंगे। सरकारी एवं निजी संस्थानों के कार्यालय 50% क्षमता के साथ खुले रहेंगे। बायोमेट्रिक अटेंडेंस पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा राज्य में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी अनिवार्य स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता के साथ दुरुस्त करने को कहा गया था जिससे किसी भी परिस्थिति में निपटा जा सके। राज्य सरकार ने स्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य के सभी जिलों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दे रखा है।

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