एबीएन डेस्क। जेएसससी की संशोधित नियमावली को चुनौती देने वाली याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत ने इस बात को लेकर कड़ी नाराजगी जताई कि जब अदालत ने 21 दिसंबर 2021 तक सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था तो इस मामले में अब तक जवाब क्यों नहीं दाखिल किया गया। साथ ही न्यायालय ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि संशोधित नियमावली असंवैधानिक प्रतीत होती है। न्यायालय ने इसपर विस्तृत सुनवाई के लिए 8 फरवरी की तिथि मुकर्रर की है। अदालत ने माना कि इस तरह के नियम बनाने के पीछे सरकार की मंशा समझ में नहीं आ रही है कि आखिर आनारक्षित श्रेणी को राज्य से बाहर पढ़ने पर रोक क्यों लगाई गई है और आरक्षित श्रेणी को इससे छूट दी गई है। अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि इस मामले में सरकार जवाब दाखिल करने की बजाय नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है, तो क्यों नहीं अदालत इन सारी नियुक्तियों पर रोक लगा दे। इस पर सरकार की ओर से अंतिम मौका दिए जाने का आग्रह किया गया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। मामले में अगली सुनवाई आठ फरवरी को निर्धारित की है। सुनवाई के दौरान प्रार्थी की अधिवक्ता अपराजिता भारद्वाज ने अदालत को बताया कि कोर्ट ने एक दिसंबर को आदेश दिया था कि सरकार 21 दिसंबर 2021 से पहले इस मामले में अपना जवाब दाखिल कर दें। लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से आज भारतीय इस्पात प्राधिकरण की चेयरमैन सोमा मण्डल ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोल इंडिया की तर्ज पर सेल प्रबंधन भी स्थानीय विस्थापितों को एक करोड़ रुपये तक की निविदा में प्राथमिकता दे। उन्होंने कहा राज्य सरकार बोकारो को एजुकेशन हब बनाना चाहती है। ऐसे में सेल पुराने स्कूल की आधारभूत संरचनाओं को राज्य सरकार को हस्तांतरित कर दें। ताकि इस दिशा में सरकार आगे कदम बढ़ा सके। सेल की चेयरपर्सन ने इस दिशा में सकारात्मक पहल करने की बात मुख्यमंत्री से कही। इस अवसर पर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, उद्योग सचिव पूजा सिंघल उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा है कि 31 जनवरी 2022 के बाद राज्य के सभी स्कूल खुलवा दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्कूलों के बंद होने से बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। सरकारी स्कूलों के सभी बच्चों की आनलाइन कक्षाएं भी नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमण की समीक्षा कर स्कूलों के खोलने की कार्यवाही की जाएगी। हालांकि स्कूलों के खोलने का अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में लिया जाएगा। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग इसे लेकर प्राधिकार को अपना प्रस्ताव देगा। शुरू में माध्यमिक व उच्च माध्यमिक कक्षाओं के लिए स्कूल खुल सकते हैं। खासकर मैट्रिक तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाओं को लेकर इन कक्षाओं के लिए स्कूल खोलना आवश्यक बताया जा रहा है। बता दें कि वर्तमान लहर के पूर्व कोरोना के घटते संक्रमण को देखते हुए कक्षा छह से ऊपर की कक्षाओं के लिए स्कूल खुल रहे थे। इस बीच स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने कक्षा एक से पांच के लिए भी स्कूल खोलने का दो-दो बार प्रस्ताव राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार को भेजा था। हालांकि इसकी स्वीकृति नहीं मिल पाई थी। राज्य सरकार ने 31 जनवरी तक के लिए लगाई है रोक : राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार ने पहले 15 जनवरी 2022 तक स्कूलों के खुलने पर रोक लगाई थी। अब इसे 31 जनवरी 2022 तक बढ़ा दिया गया है। ऐसे में 30 या 31 जनवरी 2022 को होनेवाली राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में इसपर स्वीकृति मिल सकती है। हालांकि बैठक में कोरोना के वर्तमान संक्रमण की स्थिति की समीक्षा के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी है। दरअसल, झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार राज्य के 89 मॉडल स्कूलों में संविदा के आधार पर 1335 शिक्षकों की नियुक्ति करने जा रही है। स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए वित्त विभाग से भी स्वीकृति मिल गयी है। फिलहाल, राज्य सरकार मॉडल स्कूलों में अनुबंध के आधार पर ही शिक्षकों की नियुक्ति करेगा, जिसके के लिए शिक्षकों को एक तय राशि दी जाएगी। मॉडल स्कूलों में इंग्लिश में पढ़ाई होती है, ऐसे में इन स्कूलों के लिए इंग्लिश मीडियम में पढ़ाने वाले शिक्षकों की ही नियुक्ति की जाएगी। बताया जाता है कि इन मॉडल स्कूलों में केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर शिक्षकों की नियुक्ति होगी। नियुक्ति नियमावली हो चुकी है तैयार : मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार झारखंड के मॉडल मॉडल स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए नियमावली भी तैयार की जा चुकी है। इसके साथ ही नियुक्ति प्रक्रिया की अधियाचना राज्य कर्मचारी चयन आयोग को भेजी जानी है। बता दें, मॉडल स्कूलों में छात्रावास का भी निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए हर स्कूल में करीब 2.5 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसका प्रस्ताव भी राज्य योजना प्राधिकृत समिति को भेजा गया दिया गया है। वहीं इसके अलावा 71 करोड़ की राशि से मॉडल स्कूलों में बेंच-डेस्क, टेबल, लाइब्रेरी, प्रयोगशाला समेत आईसीटी लैब आदि की भी व्यवस्था की जाएगी। जानकारी के अनुसार राज्य में 51 मॉडल स्कूलों का भवन बन चुका है। वहीं 33 भवनों में निर्माण कार्य जारी है। मॉडल स्कूलों में नहीं है स्थायी शिक्षक : राज्य के मॉडल स्कूलों में राज्य के मॉडल स्कूलों में स्थायी शिक्षक नहीं हैं। 2011 के बाद इन स्कूलों की स्थापना की गई थी। अंग्रेजी में पढ़ाने वाले घंटी आधारित शिक्षक इसमें रखे गए थे। सरकारी स्कूलों के वैसे शिक्षक जो अंग्रेजी में पढ़ाने में सक्षम थे उन्हें भी प्रतिनियुक्त किया गया था। बताया जाता है कि 2016 में इन स्कूलों के लिए शिक्षकों के पद सृजित किये गये थे। हर मॉडल स्कूल में 20 शिक्षकों की नियुक्ति करनी थी, लेकिन आज तक उन पदों पर नियुक्ति नहीं की गई।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार विमानन कंपनी एयर इंडिया को बृहस्पतिवार को टाटा समूह को सौंप सकती है। करीब 69 साल पहले समूह से विमानन कंपनी लेने के बाद उसे अब फिर टाटा समूह को सौंपा जा रहा है अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। सरकार ने प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के बाद आठ अक्टूबर को 18,000 करोड़ रुपये में एयर इंडिया को टैलेस प्राइवेट लिमिटेड को बेच दिया था। यह टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी की अनुषंगी इकाई है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के करीब हैं। एयर इंडिया को बृहस्पतिवार को समूह को सौंप दिए जाने की संभावना है। इस बीच दो एयरलाइन पायलट यूनियन, इंडियन पायलट गिल्ड (आईपीजी) और इंडियन कमर्शियल पायलट एसोसिएशन (आईसीपीए) ने एयर इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक विक्रम देव दत्त को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इसका कारण पायलटों की बकाया राशि पर कई कटौतियों और वसूली का अनुमान लगाया गया है। इसके अलावा दो अन्य यूनियनों ने अपनी उड़ानों से ठीक पहले हवाई अड्डों पर चालक दल के सदस्यों के बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) मापने के लिए कंपनी के 20 जनवरी के आदेश का विरोध किया है। एयर इंडिया कर्मचारी संघ (एआईईयू) और ऑल इंडिया केबिन क्रू एसोसिएशन (एआईसीसीए) ने सोमवार को दत्त को पत्र लिखकर इस आदेश का विरोध करते हुए कहा कि यह अमानवीय होने के साथ नागर विमानन महानिदेशालय के निर्धारित नियमों का उल्लंघन है।
टीम एबीएन, हज़ारीबाग़। देश आज 73 वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर अच्छे और विशिष्ट काम को लेकर लोगों को सम्मानित करने कि परंपरा रही है। हजारीबाग बाजार समिति ने भी आज उन किसानों को सम्मानित किया है, जिनके बदौलत हजारीबाग बाजार समिति ने पूरे देश में अपनी अलग पहचान बनायी है। हजारीबाग बाजार समिति में पदाधिकारी सीआरपीएफ और किसानों ने एक साथ तिरंगे को सलामी देकर गणतंत्र दिवस मनाया। सदर एसडीओ विद्या भूषण प्रसाद ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर बाजार समिति प्रांगण में तिरंगा फहराया और किसानों को शुभकामना दिया। वहीं उत्कृष्ट काम करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया। हजारीबाग बाजार समिति ने पूरे देश में ई-नाम में व्यापार करने पर रिकॉर्ड बनाया है। ऐसे में कई एफपीओ है जो ई-नाम से जुड़ कर काम कर रहे हैं। जिसमे चुरचू नारी ऊर्जा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी को देशभर में सम्मानित किया गया तो अशोक मेहता की एफपीओ ने पूरे देश भर में सबसे अधिक व्यापार करने का रिकॉर्ड बनाते हुए तीसरा स्थान बनाया है। इसके अलावे कई एसपीओ समेत किसानों को आज सम्मानित किया गया। ऐसे में किसान भी कहते हैं कि यह गणतंत्र दिवस हमारे लिए बेहद खास है। ई-नाम में बेहतर काम के लिए हमें ई-नाम दिया गया है। बाजार समिति के सचिव राकेश कुमार सिंह भी कहते हैं कि हम लोग किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए इस गणतंत्र दिवस में उन्हें पुरस्कृत किए हैं; ताकि वे और अच्छा काम करें, जिससे किसान सशक्त हो। उनका कहना है कि भारत कृषि प्रधान देश है अगर किसान अच्छा करेंगे तो हमारे अर्थव्यवस्था पर भी इसका अच्छा असर पड़ेगा। इस कारण हम लोग किसानों को उनके काम को लेकर प्रोत्साहित किया है।
टीम एबीएन, रांची। गणतंत्र दिवस पर आज बुधवार को राज्य में पेट्रोल सब्सिडी योजना की शुरूआत की जाएगी। राज्यपाल रमेश बैस रांची से और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दुमका से लाभुकों के खाते में अनुदान की राशि ऑनलाइन ट्रांसफर करेंगे। इसके साथ ही सभी मंत्री जिन जिलों से ध्वजारोहरण करेंगे वहां लाभुकों के खाते में सब्सिडी की राशि भेजेंगे। झारखंड के वित्त एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री रामेश्वर उरांव ने बताया कि गणतंत्र दिवस के मौके पर सांकेतिक रूप से दस-दस लाभुकों को पेट्रोल सब्सिडी दी जाएगी। इसके बाद डीबीटी के माध्यम से लाभुकों के बैंक खाते में राशि हस्तांतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उपराजधानी दुमका में करेंगे झंडोत्तोलन : मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे ने बताया कि मंगलवार शाम तक पूरे राज्य में पेट्रोल सब्सिडी के लिये करीब 98 हजार आवेदन प्राप्त हुए और इनमें से करीब 62 हजार आवेदन स्वीकृत कर दिये गये हैं। अब इन्हें चरणबद्ध तरीके से पेट्रोल सब्सिडी दी जाएगी। दुमका में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गणतंत्र दिवस समारोह में पेट्रोल सब्सिडी योजना का शुभारंभ भी करेंगे। प्रति माह गरीब को प्रति लीटर 25 रुपया छूट की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घोषणा की है। प्रति माह 10 लीटर पेट्रोल के एवज में यह राशि 250 रुपए लाभुक को सब्सिडी के रुप में डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाता में ट्रांसफर की जाएगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार ने मंगलवार को सशस्त्र सेना बल को दिए जाने वाले वीरता पुरस्कारों का एलान कर दिया। जारी की गई सूची के मुताबिक, इस बार 384 सैनिकों-जवानों को वीरता पुरस्कार दिए जाएंगे। इनमें 12 लोगों को शौर्य चक्र, 29 को परम विशिष्ट सेवा मेडल देने का एलान किया गया है। पिछले साल ओलंपिक गेम्स में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने वाले राजपूताना राइफल्स के नीरज चोपड़ा का नाम भी परम विशिष्ट सेवा मेडल पाने वालों में शामिल है। इन्हें मिलेगा शौर्य चक्र : भारतीय सेना के छह सैनिकों को इस साल शौर्य चक्र देने का एलान किया गया है। इनमें पांच को यह सम्मान मरणोपरांत दिया गया है। 1. नायब सूबेदार श्रीजीत एम 17 मद्रास के नायब सूबेदार श्रीजीत एम को जुलाई 2021 में जम्मू-कश्मीर में तलाशी अभियान के दौरान एक ऑपरेशन में एक आतंकवादी को मारने के लिए शौर्य चक्र (मरणोपरांत) से सम्मानित किया जाएगा। 2. हवलदार पिंकू कुमार जाट रेजिमेंट के हवलदार पिंकू कुमार को एक ऑपरेशन के दौरान उनके भागने के मार्ग को अवरुद्ध करते हुए एक आतंकवादी को मारने के लिए शौर्य चक्र (मरणोपरांत) से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने अपनी जान देने से पहले एक और आतंकवादी को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। 3. हवलदार अनिल कुमार तोमर राजपूत रेजिमेंट के हवलदार अनिल कुमार तोमर को दिसंबर 2020 में जम्मू-कश्मीर में एक कॉम्बैट एक्शन टीम का नेतृत्व करते हुए दो आतंकवादियों को मारने के लिए शौर्य चक्र (मरणोपरांत) से सम्मानित किया जाएगा। 4. हवलदार काशीराय बम्मनल्ली कोर ऑफ इंजीनियर्स के हवलदार काशीराय बम्मनल्ली को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा ज़िले में एक बाग के आसपास एक ऑपरेशन में एक आतंकवादी को मारने के लिए शौर्य चक्र (मरणोपरांत) से सम्मानित किया जाएगा। हवलदार ने ऑपरेशन के दौरान अपनी टीम के सदस्यों की जान भी बचाई थी। 5. सिपाही मारुप्रोलू कुमार रेड्डी जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के साथ हुई सीधी मुठभेड़ में एक आतंकी को मारकर शहीद होने वाले सिपाही मारुप्रोलू कुमार रेड्डी को शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने ऑपरेशन के दौरान अपने दल के कमांडर की भी जान बचाई थी। 6. असम राइफल्स के राइफलमैन राकेश शर्मा का नाम भी शौर्य चक्र के लिए तय हुआ है। उन्होंने जुलाई 2021 में असम में एक ऑपरेशन के दौरान दो उग्रवादियों को मार गिराया था। इसके अलावा इस साल सैनिकों को 4 उत्तम युद्ध सेवा मेडल, 53 अति विशिष्ट सेवा मेडल, 13 युद्ध सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल्स के तीन "बार" भी दिए जाने हैं। गौरतलब है कि पहले ही किसी वीरता पुरस्कार से सम्मानित हो चुके सैनिकों को दोबारा यह पुरस्कार मेडल के तौर पर न देकर एक "बार" के रूप में दिया जाता है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मंगलवार शाम को 122 विशिष्ट सेवा मेडल्स, 81 सेना मेडल्स (वीरता), दो वायुसेना मेडल्स (वीरता), 40 सेना मेडल्स (ड्यूटी के प्रति समर्पण), आठ नाव सेना मेडल्स (ड्यूटी के प्रति समर्पण) और 14 वायुसेना मेडल्स (ड्यूटी के प्रति समर्पण) वितरित करेंगे।
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