टीम एबीएन, रांची। झारखंड के 17 जिलों में शुक्रवार से स्कूल कॉलेज पूरी तरह खुल जाएंगे। स्कूलों को खोलने की तैयारी पूरी कर ली गई है। स्कूलों में साफ सफाई के साथ सैनिटाइजेशन का कार्य कराया जा रहा है।राजधानी रांची में शुक्रवार से नौवीं से 12वीं तक के स्कूल खुल जाएंगे। इसके लिए स्कूल प्रबंधकों ने तैयारी पूरी कर ली है। कोरोना की तीसरी लहर के बाद राज्य सरकार द्वारा स्कूल खोलने की अनुमति दी गई। उसके बाद स्कूलों को दो दिन का वक्त साफ-सफाई और सेनेटाइजेशन के लिए दिया गया। गुरुवार को भी कई स्कूलों में साफ-सफाई और सेनेटाइजेशन का काम पूरा हुआ। स्कूल प्रबंधकों ने बताया कि उन्होंने बच्चों को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से आॅफलाइन कक्षा में शामिल होने का संदेश दे दिया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने मंत्रालय सभागार में नवनियुक्त 19 में से 17 लोकपालों को नियुक्ति पत्र दिया। दो लोकपालों को अनुपस्थित रहने के कारण नियुक्ति पत्र नहीं दिया जा सका। इस मौके पर ग्रामीण विकास मंत्री आलम ने सभी लोकपालों से मनरेगा के कार्यों का निरीक्षण, सुनवाई और समाधान पारदर्शी तरीके से करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पूरी कवायद का मकसद यह है कि योजना का आउटपुट मिले। छोटी-मोटी शिकायतों का ससमय समाधान हो। छोटी-छोटी गड़बड़यिों को ध्यान देकर सुधारें। मंत्री ने कहा कि मनरेगा कोविड काल में काफी प्रभावी रहा है। उन्होंने कहा कि हम मनरेगा से काम देने के साथ लोगों की परिसंपत्ति का निर्माण भी करें। यह परिसंपत्ति पशु शेड आदि निर्माण के द्वारा हो। वहीं जल समृद्धि योजना के तहत प्राकृतिक जलस्रोतों का निर्माण कर ग्रामीणों को सौंपे। साथ ही इसकी भी व्यवस्था करें कि जलस्रोतों में पानी हमेशा बरकरार रहे। उन्होंने बिरसा हरित ग्राम योजना के माध्यम से अधिकाधिक लोगों को अपनी परती जमीन पर पौधरोपण, सब्जी की खेती आदि करने के लिए प्रेरित करने पर बल दिया। राज्य के ग्रामीण विकास सचिव डॉ. मनीष रंजन ने सभी नवनियुक्त लोकपालों से कहा कि वे अपने उत्कृष्ट दायित्व निर्वहन से रोल मॉडल बनें। धैर्यपूर्वक एक जज की तरह समस्या या शिकायतों को सुनें, परखें और निर्णय लें। जरूरत समझने पर सजा का भी अनुमोदन करें। उन्होंने लोकपालों से ज्यादा से ज्यादा फील्ड विजिट करने को कहा। योजना क्रियान्वयन की जियो टैगिंग करने पर बल दिया।
टीम एबीएन, रांची। 4 फरवरी से सात जिला छोड़कर राज्य के तमाम जिलों में पहली से लेकर 12वीं तक के स्कूल खुल जाएंगे। इसे लेकर शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया और तमाम पहलुओं की जानकारी दी। झारखंड सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से पहले ही यह स्पष्ट कर दिया गया था कि रांची, पूर्वी सिंहभूम, बोकारो, चतरा, देवघर, सरायकेला, सिमडेगा इन 7 जिलों में 9वी वर्ग से लेकर 12वीं वर्ग तक के शिक्षण संस्थान खोले जाएंगे। समीक्षा के बाद पहली से आठवीं तक के स्कूल खोलने का निर्णय बाद में लिया जाएगा। वहीं रामगढ़, हजारीबाग, धनबाद, पाकुड़, साहिबगंज, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, गिरिडीह, कोडरमा जैसे 17 जिलों में कक्षा 1 से लेकर कक्षा बारहवीं तक के शिक्षण संस्थान 4 फरवरी से खोले जाएंगे। झारखंड के जिन जिलों में जहां कक्षा 9 और उससे ऊपर शैक्षणिक संस्थान खुल रहे हैं। वहां के कोचिंग संस्थान भी खोले जा सकेंगे। महतो ने कहा कि तमाम स्कूलों में मिड डे मील की भी व्यवस्था की जाएगी। बच्चों को स्कूल में ही साफ सफाई के साथ मध्यान भोजन दी जाएगी। जो बच्चे अंडा नहीं खाते हैं, उनके लिए फल की व्यवस्था स्कूल प्रबंधन की ओर से की जाएगी। पिछले 2 वर्षों से स्कूलों में मिड डे मील का वितरण नहीं हो रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत घर-घर जाकर शिक्षा विभाग और मध्याह्न प्राधिकरण की ओर से बच्चों तक मिड डे मील का खाद्यान्न पहुंचाया जा रहा था। हालांकि अब व्यवस्थाएं धीरे-धीरे सुचारू हो रही है।
टीम एबीएन, रांची। पेसा अधिनियम के प्रावधानों को धरातल पर लाने के लिए नई नियमावली के निर्माण और पूर्व की नियमावली में संशोधन की तैयारी की जा रही है। इसको लेकर पंचायती राज निदेशक राजेश्वरी बी के नेतृत्व में एक बैठक हुई जिसमें कई महत्वूपर्ण निर्देश दिए गए है। पेसा प्रावधानों में संशोधन : सरकार द्वारा पेसा अधिनियम के प्रावधानों को धरातल पर लाने के लिए संबंधित विभागों द्वारा नई नियमावली का निर्माण एवं पूर्व की नियमावली में संशोधन की तैयारी की जा रही है। नियमावली में संशोधन को लेकर दिशा निर्देश पंचायत राज विभाग द्वारा भेजी जाएगी। पंचायती राज निदेशक राजेश्वरी बी ने बुधवार को एफएफपी भवन सभागार में आयोजित "झारखंड पंचायत उपबंध नियमावली" प्रारूप की समीक्षा की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अनेक विभागों की नियमावली में ग्राम सभा तथा पंचायत की शक्तियों तथा कर्तव्य को स्पष्ट रूप से अंकित नहीं की गई है इस वजह से नियमावली में संशोधन की आवश्यकता महसूस की गई है। सभी विभाग नियमावली में संशोधन की कार्रवाई की प्रक्रिया को त्वरित करें। बता दें कि झारखंड में पंचायत एक्सटेंशन टू शिड्यूल एरिया यानी पेसा एक्ट 1996 में लागू हुआ। यह प्रशासनिक व्यवस्था को पंचायत स्तर तक लागू किए जाने का प्रभावी कानून है। इसके तहत अनुसूचित जनजाति के सदस्यों को पंचायत द्वारा विशेष प्रशासनिक अधिकार प्राप्त होते हैं। जल, जंगल, जमीन पर पंचायत का कंट्रोल होता है। चुनावी प्रक्रिया में भी जनजातीय समुदाय को विशेष संरक्षण प्राप्त होता है। मुखिया, प्रमुख, जिला परिषद अध्यक्ष आदि के एकल पद रिजर्व होते है। पेसा कानून झारखंड के अनुसूचित क्षेत्रों में लागू है. इसके अंतर्गत रांची, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिहंभूम, लातेहार, गढ़वा का भंडरिया ब्लॉक और संथालपरगना के दुमका, गोड्डा के सुंदरपहाड़ी, बोआरिजोर ब्लॉक, पाकुड़, राजमहल और जामताड़ा जिले आते हैं।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में कोरोना संक्रमण के कम होते मामलों के बीच राज्य की हेमंत सोरेन सरकार ने शिक्षण संस्थानों को खोलने का आदेश दिया है। दरअसल, बीते सोमवार को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में लंबे अरसे से बंद चल रहे स्कूलों को खोलने का निर्णय लिया गया। अब ऐसे में स्कूलों को खोलने के साथ ही राज्य सरकार ने कई गाइडलाइन भी जारी किए हैं, जिनका पालन सभी स्कूलों को करना होगा। राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार स्कूलों को क्लास के दौरान कोरोना गाइडलाइंस का समुचित ध्यान रखने की अवश्यकता होगी। स्कूलों में सभी लोग मास्क का इस्तेमाल करें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। यह सारी व्यवस्था स्कूल प्रबंधन को सुनिश्चित करनी होगी। इसके साथ ही स्कूलों को अपने क्लास रूम से लेकर स्टाफ रूम और कारिडोर तक को समय-समय पर सैनिटाइज करना होगा। वहीं जगह-जगह शारीरिक दूरी और कोविड नियमों के पालन के लिए बोर्ड और पोस्टर भी लगाने होंगे। वहीं स्कूलों में केवल ऐसे शिक्षकों को क्लास लेने की इजाजत होगी, जिन्होंने कोरोना वैक्सीन का दोनों डोज ले लिया हो। स्कूलों और संस्थानों में किसी प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतिबंधित रहेंगे। कक्षा में शिक्षक व छात्रों को मास्क पहनना अनिवार्य होगा। हॉस्टल में कोरोना गाइडलाइंस का करना होगा पालन : बता दें, राज्य सरकार ने जिन जिलों सभी कक्षाओं के लिए स्कूल खोलने की अनुमति दी है। यदि उनके यहां हॉस्टल हैं तो उसे भी खोले जा सकेगा। लेकिन, हॉस्टल में कोरोना गाइडलाइंस के अनुरूप हर व्यवहार का पालन कराना होगा। वहीं झारखंड में कोचिंग व अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए भी ये नियम ही लागू होंगे। कॉलेज और यूनिवर्सिटी में उपस्थिति की अनिवार्यता नहीं रहेगी। छात्रों के लिए ऑफलाइन क्लास वैकल्पिक होगा। लेकिन, छात्रों व शिक्षकों को टीके का डबल डोज अनिवार्य होगा। एसओपी के अनुसार, भारत सरकार, राज्य सरकार व अन्य द्वारा आयोजित ऑफलाइन परीक्षा की अनुमति दी गयी है। समय-समय पर जांच जरूरी : इसके साथ ही हर जिले में जिला प्रशासन टीम को भी समय-समय पर कोविड -19 टेस्ट कराने के निर्देश भी दिये गये हैं। वहीं समय-समय पर स्कूलों में जाकर देखना होगा कि कोरोना गाइडलाइंस का पालन हो रहा है कि नहीं। बता दें, फिलहाल राज्य के 17 जिलों में ही क्लास वन से ऊपर की कक्षा खोलने का निर्णय लिया गया है। जबकि 7 जिलों में क्लास 9 से ऊपर के क्लास संचालित होंगे। इन 7 जिलों में रांची, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला, सिमडेगा, चतरा और देवघर शामिल हैं। नये आदेश के अनुसार अब कोचिंग संस्थानों को भी खोलने का निर्णय लिया गया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 25 फरवरी से 25 मार्च तक आहूत किया गया है। आधिकारिक प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि राज्यपाल रमेश बैस ने संविधान के अनुच्छेद 176 (1) के तहत झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 25 फरवरी, 2022 से आहूत करने की अनुमति दी है। प्रवक्ता के अनुसार, राज्यपाल ने अपने आदेश में कहा है, भारत के संविधान के अनुच्छेद 176 के खंड (1) में प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए मैं झारखंड विधानसभा के सत्र को 25 फरवरी, 2022 पूर्वाह्न 11 बजकर 30 मिनट पर संबोधित करना चाहता हूं। इसके लिए झारखंड विधानसभा के सभागार में सदस्यों की उपस्थिति चाहता हूं। विधानसभा का सत्र 25 फरवरी शुक्रवार को राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू होगा। तीन मार्च बृहस्पतिवार को विधानसभा में राज्य सरकार आगामी वित्त वर्ष का बजट पेश करेगी।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश के बाद आदिवासी सामाजिक व्यवस्था को गांव-पंचायत स्तर पर नेतृत्व प्रदान करने वाले मांझी हडाम, जोग मांझी, पराणिक, नायके बाबा, कुड़ाम नायके को भी अब सम्मान राशि मिलेगी। गिरिडीह जिला के पीरटांड़ प्रखंड में मांझी हडाम, जोग मांझी, पराणिक, नायके बाबा, कुड़ाम नायके को राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा प्रतिमाह एक हजार रुपए सम्मान राशि का भुगतान किया जायेगा। राज्य सरकार से स्वीकृति मिलने के उपरांत पीरटांड़ के 177 मांझी हडाम, 179 जोग मांझी, 143 पराणिक, 78 नायके बाबा एवं 120 कुड़ाम नायके को सम्मान राशि प्राप्त होगी। मालूम हो कि उपरोक्त सभी 697 लोगों का नाम पूर्व में छूट गया था। गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार द्वारा मामले की जानकारी मुख्यमंत्री को दी गई। जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री सोरेन ने जल्द से जल्द इन्हें सम्मान राशि प्रदान करने का निर्देश दिया था। वर्तमान में मानकी को प्रतिमाह तीन हजार, मुण्डा एवं ग्राम प्रधान को प्रतिमाह दो हजार तथा डकुआ, परगणौत, पराणिक, जोग मांझी, कुड़ाम नायकी, नायकी, गोड़ैत, मूल रैयत, पड़हा राजा, ग्रामसभा का प्रधान, घाटवाल, तावेदार तथा ग्रामीण दिउरी (पुजारी) को प्रतिमाह एक हजार रुपये सम्मान राशि का भुगतान किया जा रहा है। ऐसे में इनके समरूप कार्य करने वाले मांझी हडाम, जोग मांझी, पराणिक, नायके बाबा, कुड़ाम नायके को भी सम्मान राशि देने का निर्णय लिया गया।
टीम एबीएन, रांची। झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन के आवास के पास गैंगवार के बाद रांची जिला प्रशासन राजधानी की सुरक्षा को लेकर हाई अलर्ट मोड पर है। पूरे शहर पर निगरानी रखने के लिए रांची के डीसी छवि रंजन ने राजधानी रांची स्थित सभी निजी और सरकारी प्रतिष्ठानों के मेन गेट पर सड़क की ओर मुख कर सीसीटीवी कैमरा लगाने का आदेश दिया है। क्या है आदेश: डीसी के आदेश में यह लिखा हुआ है कि रांची के मोरहाबादी मैदान जैसे सुरक्षित स्थान पर गोलीबारी कर अपराधियों ने बड़ा दुस्साहस दिखाया है। राजधानी में आपराधिक घटनाओं में हो रही वृद्धि को लेकर और भविष्य में आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने को लेकर प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरा का होना अति आवश्यक है। डीसी ने प्रतिष्ठानों के संचालकों को निर्देश दिया है कि दुकानों, शॉपिंग मॉल और अन्य किसी भी संस्थान में उच्च स्तर का सीसीटीवी कैमरा लगाते हुए उसके डीवीआर में 30 दिनों तक का 24X 7 निर्बाध वीडियो फुटेज सुरक्षित कर बाहरी कैमरे के डीवीआर के फीड को जिला कम अपोजिट कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराएं। जल्द लगाया जाए सीसीटीवी: डीसी ने सभी प्रतिष्ठानों के मालिकों या संचालकों को जल्द से जल्द निर्देश का पालन करने को कहा है। उन्होंने कहा कि आप अपने स्तर से अपने प्रतिष्ठानों के आसपास सड़क की ओर सीसीटीवी कैमरा लगाना सुनिश्चित करें, जिससे कि रांची में गैंगवार की स्थिति दोबारा ना बने। लोगों की जानमाल की क्षति ना हो और रांची शहर में विधि व्यवस्था और शांति व्यवस्था बनी रहे।
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