टीम एबीएन, रांची। शुक्रवार को झारखंड आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक हुई। कोरोना को लेकर प्रदेश में जारी पाबंदियों में रियायत देते हुए कई अहम फैसले लिए गए हैं। सबसे अहम, सभी जिलों के सभी स्कूलों को 7 मार्च से खोलने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा राज्य में रात 8:00 बजे की पाबंदी हटाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही पार्क स्वीमिंग पूल खोलने, सिनेमा, बार, रेस्त्रां से 50 प्रतिशत की पाबंदी खत्म और पूरी क्षमता के साथ खोलने का फैसला लिया है। इसके अलावा शादी समाहरोह में 200 कई जगह 400 की क्षमता रखने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में आज कोविड 19 के मद्देनजर प्रतिबंध एवं छूट के संदर्भ में आयोजित झारखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में अहम निर्णय लिए गए। जिसमें सभी जिलों में दिनांक 07.03.22 की तिथि से विद्यालय में कक्षा 1 एवं इससे ऊपर की कक्षा के आॅफलाइन संचालन की अनुमति दी गयी। उक्त जिलों में कक्षा 1 एवं इससे ऊपर की कक्षा के विद्यार्थी के लिए कोचिंग संस्थान भी खोलने की अनुमति दी गयी है। रांची, पूर्वी सिंहभूम, देवघर, चतरा, सिमडेगा, सरायकेला और बोकारो में कक्षा 1-8 के लिए दिनांक 31.03.22 की तिथि तक आॅफलाइन परीक्षा प्रतिबंधित रहेंगी। सभी विद्यालयों में आॅनलाइन शिक्षा जारी रहेगी। विद्यालय में विद्यार्थियों की उपस्थिति अनिवार्य नहीं होगी। कोरोना प्रोटोकॉल में पाबंदियों में दी जा रही राहत में सभी के लिए स्विमिंग पूल और स्टेडियम खोलने की अनुमति दी गयी है। दर्शकों की उपस्थिति मे खेलकूद आयोजित करने की अनुमति संबंधित उपायुक्त द्वारा दी जाएगी। खुले में 500 से अधिक व्यक्ति का एकत्रित होना प्रतिबंधित रहेगा। बंद जगह में 500 से अधिक व्यक्ति या जगह की 50 फीसदी क्षमता, जो कम हो, उसका एकत्रित होना प्रतिबंधित होगा। सभी सरकारी और निजी कार्यालय में शत प्रतिशत कर्मी की उपस्थिति की अनुमति दी गयी है। इसके अलावा सभी पार्क और पर्यटन स्थल खोलने की अनुमति दी गयी है। रेस्त्रां, बार, सिनेमा हॉल, दुकान एवं शॉपिंग मॉल में पूर्ण क्षमता के अनुरूप व्यक्तियों की उपस्थिति की अनुमति दी गयी है। साथ ही सभी दुकान एवं व्यावसायिक प्रतिषठान अपने सामान्य समय तक खुलें रह सकेंगे। आंगनबाड़ी केंद्र भी खुले रहेंगे। इसके अलावा मेला, जुलूस और प्रदर्शनी प्रतिबंधित रहेंगे। भारत सरकार के आदेश के आलोक में सार्वजनिक स्थल पर मास्क पहनना अनिवार्य है। भारत सरकार के आदेश के आलोक में सार्वजनिक स्थल पर दो गज की दूरी (सामाजिक दूरी) का अनुपालन किया जाना है।
टीम एबीएन, रांची। राज्यपाल रमेश बैस ने अपने 40 मिनट के अभिभाषण के दौरान अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाई। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने कृषि ऋण माफी योजना के तहत अब तक 2 लाख से ज्यादा किसानों के खातों में 836.57 करोड़ की राशि ट्रांसफर की है। झारखंड में पहली बार साल 2021 से सीड टोकन के माध्यम से बीज वितरण की शुरूआत की गई है। 2021 में राज्य में कुल 37,047 क्विंटल खरीद और 21 22 में अब तक 32,743 क्विंटल रवि बीज का वितरण किया गया है। राजकीय कृषि क्षेत्रों की भूमि में कृषक पाठशाला स्थापित करने और इनकी परिधि में स्थित गांवों को बिरसा ग्राम के रूप में विकसित करने के लिए 61 करोड़ की लागत से समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना सह कृषक पाठशाला योजना लागू की गई। राज्यपाल रमेश बैस ने बताया कि उनकी सरकार झारखंड के ग्रामीण घरों में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए तत्परता से काम कर रही है। 2024 तक कुल 59,23,320 ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य है। अब तक 10,89,904 घरों में यह सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। राज्य के सुदूर ग्रामीण टोला में जलापूर्ति की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 4374 पंचायतों में 5 नलकूप प्रति पंचायत स्थापित करने की कार्रवाई की जा रही है। शहरों और गांवों के बीच की दूरी को कम करने के लिए टेक्नोलॉजी का सहारा लिया जा रहा है। अब तक 4533 ग्राम पंचायतों तक आॅप्टिकल फाइबर केबल की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। युवक-युवतियों को सॉफ्ट स्किल की निशुल्क ट्रेनिंग दी जा रही है। इस साल से राज्य के बेरोजगार अध्ययनरत युवकों और युवतियों के लिए मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना शुरू की जा रही है। राज्यपाल ने बताया कि उनकी सरकार झारखंड असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत श्रमिकों के कल्याण के लिए 5 योजनाएं चला रही है। रेशम उत्पादन से जुड़े बुनकरों और शिल्पकारों को उन्नत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रांची में एनआईडी, अहमदाबाद के सहयोग से झारखंड इंस्टीट्यूट आफ क्राफ्ट एंड डिजाइन संस्थान की स्थापना की जा रही है। अभी तक कुल 7 खनिज ब्लॉक की नीलामी का कार्य संपादित किया जा चुका है। वर्तमान में चार लौह अयस्क और मैंगनीज अयस्क, 4 चूना पत्थर, 3 बॉक्साइट और दो ग्रेफाइट खनिज ब्लॉक की नीलामी की तैयारी चल रही है। राज्यपाल ने बताया कि झारखंड माल और सेवा कर अधिनियम 2017 के अधीन दिसंबर 2021 तक कुल 16,850 नए करदाता निबंधित हुए हैं। वित्तीय वर्ष 21-22 में जनवरी 22 तक कुल 16611.80 करोड़ का राजस्व संग्रहण हुआ है। जो पिछले साल जनवरी तक की तुलना में 4918.47 करोड़ ज्यादा है। झारखंड में जनवरी 2021 में झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना लागू की गई है। इसके तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से आच्छादित 15 लाख लाभुकों को अनुदानित दर और एक रुपये प्रति किलोग्राम की दर से 5 किलोग्राम चावल प्रति लाभुक उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्यपाल ने बताया कि सोना सोबरन धोती साड़ी वितरण योजना के तहत 10 रुपए प्रति वस्त्र की अनुदानित दर पर 32 लाख 56 हजार 423 धोती, 18,55,610 लूंगी और 51,18,247 साड़ी का वितरण किया जा चुका है। इस बात पर फोकस करते हुए राज्यपाल ने बताया कि बीते वर्ष 2021-22 में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना से आच्छादित राशन कार्डधारी परिवारों को राज्य में निबंधित और प्रयोग किए जा रहे दुपहिया वाहनों के लिए प्रतिमाह 250 रुपए पेट्रोल सब्सिडी के लिए अनुदान राशि मुहैया कराई जा रही है। इस योजना के तहत जनवरी 2022 तक निबंधित 1,15,117 लाभुकों को सब्सिडी की राशि उनके खाते में ट्रांसफर की जा चुकी है। राज्यपाल ने सड़कों और पुल पुलिया के निर्माण पर सरकार के जोर का जिक्र किया। साथ ही नई पर्यटन नीति को लेकर कहा कि इससे पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार में वृद्धि होगी। देवघर, सिमडेगा, गढ़वा और पलामू में 20-20 मेगावाट क्षमता के सोलर पार्क की स्थापना की जा रही है। गिरिडीह शहर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की कार्रवाई भी की जा रही है। राज्यपाल रमेश बैस ने बताया कि कोरोना संक्रमण के दौरान संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए सरकार ने तमाम प्रभावी कदम उठाए। राज्य में 15 से 18 आयु वर्ग के किशोरों का टीका कार्यक्रम 3 जनवरी से शुरू किया गया है। उन्होंने जयपाल सिंह मुंडा छात्रवृत्ति योजना का भी जिक्र किया। इस योजना के तहत 10 अनुसूचित जनजाति छात्रों को इंग्लैंड और नॉर्थ आयरलैंड में स्थित संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत अब तक 10,44,321 आवासों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर आवास योजना के तहत अब तक 29,925 आवासों का निर्माण किया जा चुका है। राज्यपाल रमेश बैस ने बताया कि उनकी सरकार ने हड़िया दारु के निर्माण और बिक्री में जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका से जोड़ने के लिए फूलो झानो आशीर्वाद योजना शुरू की है। इसके तहत अब तक 24,000 महिलाओं को आजीविका के नए साधनों से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने सखी मंडलों द्वारा निर्मित उत्पाद को पलाश ब्रांड देकर प्रमोट किए जाने से हो रहे फायदे का भी जिक्र किया। 6 वर्ष तक के बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने और सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत तमाम जरूरतमंद बुजुर्गों को यूनिवर्सल पेंशन का लाभ देने की कवायद जारी है। सरकारी शिक्षा को उत्कृष्ट बनाने के मकसद से 80 उत्कृष्ट विद्यालय, 325 प्रखंड स्तरीय लीडर स्कूल और 4091 ग्राम पंचायत स्तरीय आदर्श विद्यालयों को विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत करीब 12 सौ युवक युवती को सहायता देकर उद्यमी बनने का सपना साकार किया गया है। आज यह लोग करीब 4795 लोगों को रोजगार दे रहे हैं। राज्यपाल ने बताया कि राज्य निर्माण की 20 साल से ज्यादा वक्त बीतने के बाद भी आंदोलनकारियों की सुध कोई नहीं ले पाया। लेकिन उनकी सरकार ने आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के लिए पेंशन के साथ-साथ सरकारी नौकरियों में 5% का क्षैतिज आरक्षण की योजना को लागू किया है। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में कहा कि मनरेगा के तहत राज्य में कुल 125000 कार्य दिवस सृजित किए गए थे। जिसके तहत 118000 लोगों को अब तक रोजगार दिया जा चुका है उन्होंने कहा कि गरीबों की विकास के लिए और समाज की मुख्यधारा में उन्हें जोड़ने के लिए झारखंड सरकार कृत संकल्प है और केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के साथ राज्य लगातार विकास कर रहा है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा का 25 फरवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र के हंगामेदार होने की संभावना है। विपक्षी सदस्य मॉब लिंचिंग, भाषा विवाद और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरेंगे, वहीं नई शराब नीति पर विपक्ष के साथ ही सत्तापक्ष के विधायक भी सवाल उठा सकते है। बजट सत्र के पहले दिन 25 फरवरी को राज्यपाल का अभिभाषण होगा। बजट सत्र में 3 मार्च को आगामी वित्तीय वर्ष 2022-23 का वार्षिक बजट पेश होगा। इससे पहले 2 मार्च को आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी जाएगी। 25 मार्च तक चलने वाले सत्र में 17 कार्य दिवस है। इस सत्र में 28 फरवरी को चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 का तृतीय अनुपूरक बजट भी सदन में पेश किया जाएगा। सत्र के सफल संचालन को लेकर विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो ने मुख्य सचिव समेत अन्य वरीय अधिकारियों के साथ दो दिन पहले ही बैठक की है। इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष ने आज सर्वदलीय बैठक भी की जिसमें भारतीय जनता पार्टी को छोड़कर सभी दलों के सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में सभी दलों के सदस्यों ने सदन के सुचारू संचालन के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने मॉब लिंचिंग और क्षेत्रीय भाषा उर्दू पर सरकार को सदन के अंदर घेरने की रणनीति बनायी है। वहीं इस बार भी बजट सत्र नेता प्रतिपक्ष के बिना ही आहूत किया जा रहा है। जबकि नई शराब नीति पर सत्तापक्ष के लोबिन हेम्ब्रम ने पहले ही खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की है और इस बार भी यह उम्मीद की जा रही है कि वे सदन में अपनी ही सरकार को मुश्किल में डाल सकते है। वहीं चिंतन शिविर में हिस्सा लेने के बाद कांग्रेस विधायकों में भी नयी ऊर्जा का संचार हुआ है और इसका असर बजट सत्र में भी देखने को मिल सकता है। स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने जिस तरह से सीधे मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कांग्रेस संगठन को कमजोर करने का आरोप लगाया है, उस मुद्दे को विपक्षी विधायक हवा देने की कोशिश करेंगे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि यूक्रेन से भारतीय यात्री कतर के रास्ते लौट सकते हैं। दरअसल, विमानन उद्योग के विशेषज्ञों का कहना है कि यू्क्रेन का वायु क्षेत्र खुलने के बाद ही वहां से यात्री उड़ानें फिर से शुरू होंगी। अभी 20,000 भारतीय यूक्रेन में फंसे हुए हैं। उनमें से ज्यादातर छात्र हैं। चूंकि रूस के सैन्य आक्रमण के चलते यूक्रेन के वायु क्षेत्र को बंद कर दिया गया है, ऐसे में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वे कतर-भारत उड़ानों में सवार होने के लिए यूक्रेन से कैसे यात्रा करेंगे। कतर-भारत उड़ानें सामान्य रूप से परिचालित हो रही हैं। पूर्वी यूरोपीय देश (यूक्रेन) के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार सुबह हवाई सेवा कर्मियों को एक नोटिस जारी कर कहा कि यूक्रेन के अंदर यात्री उड़ानें नागर विमानन को संभावित खतरे के चलते निषिद्ध हैं। कतर में भारतीय दूतावास ने ट्विटर पर कहा, भारत सरकार, नागर विमानन मंत्रालय ने यात्रियों को यूक्रेन से ट्रांजिट के जरिये भारत-कतर द्विपक्षीय विशेष उड़ान समझौता के तहत यात्रा करने की अनुमति दी है। इसका यह मतलब है कि यू्क्रेन से कतर आने वाले यात्री कतर और भारत के बीच परिचालित उड़ान में सवार हो सकते हैं।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के कृषि पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल शुक्रवार को जैविक उत्पाद विपणन केंद्र का उद्घाटन करेंगे। ओफाज के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी ने आज यह जानकारी दी। मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी डॉ एमएसए महालिंगा शिवा ने बताया कि राज्य में परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत अनगड़ा प्रखंड में ओफाज एवं भारत सरकार के एसएफएसी के सहयोग से जैविक एफपीओ "नीम फूल फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड" का गठन किया गया है। राज्य में विषैले रसायनमुक्त विशुद्ध पद्धति से उगाए गए कृषि उत्पादों की बहुत मांग है। राज्य के जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए जैविक उत्पाद विपणन केंद्र मील का पत्थर साबित होगा जहां से जैविक विधि द्वारा उपजाई गई प्रमाणीकृत सब्जियां, दलहन, तिलहन और मसालों आदि का विक्रय किया जा सकेगा।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक हुई है। मंत्रिपरिषद की बैठक में मंत्री आलमगीर आलम, मंत्री सत्यानंद भोक्ता समेत कई मंत्री मौजूद रहे। हेमंत कैबिनेट की बैठक में 35 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में हुई कैबिनेट की बैठक में 35 प्रस्तावों मंजूरी दी गयी। झारखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तिथियों की स्वीकृति दी गयी। इसको लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने अनुशंसा की थी। झारखंड सहायक कारापाल नियमावली में संशोधन किया गया। अब शारीरिक परीक्षा के बाद लिखित परीक्षा होगी। झारखंड राज्य अभिलेखागार संशोधन नियमावली में संशोधन की स्वीकृति दी गयी। वहीं योजना एवं विकास विभाग झारखंड सांख्यिकी नियमावली में संशोधन की स्वीकृति के साथ साथ आयुष चिकित्सा पदाधिकारी का ग्रेड पे संशोधन की स्वीकृति प्रदान की गयी। झारखंड अर्बन वाटर प्रोजेक्ट के तहत रांची शहरी जलापूर्ति योजना फेज 2 की स्वीकृति कैबिनेट की ओर से मिली। वहीं विभिन्न श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं को सब्सिडी देने पर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत 400 यूनिट से ज्यादा खपत वाले उपभोक्ताओं को सब्सिडी नहीं मिलेगी। इसके अलावा राज्य के 334 थानों में 5310 सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए 78 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गयी है। झारखंड आर्थिक सर्वे रिपोर्ट 2021-22 के विधानसभा पटल पर रखने के संबंध में स्वीकृति दे दी गयी है। झारखंड राज्य कृषि एवं पशुधन विपणन विधेयक 2022 की स्वीकृति दी गयी। वहीं झारखंड राज्य सौर ऊर्जा विधेयक 2022 की स्वीकृति दी गई। इसके तहत कई सुविधा दी गयी हैं।
टीम एबीएन, रांची। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड के तेरह फार्मेसी कॉलेजों में सत्र 2022-23 के लिए बी फार्मा, डी फार्मा कोर्स में नामांकन पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही झारखंड के 9 फार्मेसी कॉलेजों में स्वीकृत सीटों की संख्या को भी कम किया गया है। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने ये कार्रवाई झारखंड के कई कॉलेजों में मानकों के अनुरूप सुविधा नहीं मौजूद होने पर की है। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने साल 2021 में निरीक्षण के दौरान जिन फार्मेसी कॉलेजों में कमियां पायी थी, उन्हें तीन माह में दूर करने का समय देते हुए राज्य सरकार के माध्यम से जानकारी प्रेषित करने का निर्देश दिया था। पीसीआई ने जहां राज्य के 07 कॉलेजों में दाखिले पर रोक लगाते हुए तीन कॉलेजों की सीटें घटाई है। वहीं, 25 जनवरी को भी 06 कॉलेजों में दाखिले पर रोक लगा दी थी। अन्य 06 कॉलेजों की सीटें घटा दी थी। जिन फार्मेसी कॉलेजों में दाखिले पर रोक लगायी गयी है उसमें पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा विधायक रामचंद्र चंद्रवंशी का कॉलेज भी शामिल है। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने मंगलवार को जारी आदेश में 07 कॉलेजों में नामांकन (सत्र 2022-23) पर रोक लगाई है उसमें आरएस रॉय कालेज ऑफ फार्मेसी दुमका (डी फार्मा, बी फार्मा), आरोग्यम फार्मेसी कालेज, तेतरी चंद्रवंशी फार्मेसी कालेज पलामू (डी फार्मा, बी फार्मा), ब्राइट स्कूल ऑफ फार्मेसी बोकारो (डी फार्मा), गढ़वा (बी फार्मा), कलावती कॉलेज ऑफ फार्मेसी, (डी फार्मा) एसएसएमटी कालेज ऑफ फार्मेसी कोडरमा, (डी फार्मा), जीरामणि जगदीश इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी चतरा, (डी फार्मा, बी फार्मा) शामिल हैं। इसके अलावा तीन अन्य फार्मेसी कालेजों में डी फार्मा की 20-20 सीटें घटाई गई हैं। इसमें कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, धनबाद, झारखंड फार्मेसी कालेज, रांची और आरोग्यम फार्मेसी कालेज, गढ़वा शामिल हैं। पहले भी 12 कॉलेजों पर हो चुकी है कार्रवाई : फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने इससे पहले भी 25 जनवरी को राज्य के 06 फार्मेसी कॉलेजों में सत्र 2022-23 में दाखिले पर रोक लगाते हुए 06 कॉलेजों की सीटें घटा दी थी। इन कॉलेजों में तिला इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साईंस, रामगढ़ (डी फार्मा), वाइबीएन यूनिवर्सिटी राजाउलातू, रांची (डी फार्मा, बी फार्मा), हेरिटेज फार्मेसी कालेज, गढ़वा (डी फार्मा), आरपी कालेज ऑफ फार्मेसी, गढ़वा (डी फार्मा), तुपुदाना इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, रांची (डी फार्मा) एवं बंशीधर कालेज ऑफ फार्मेसी, पलामू में डी फार्मा कोर्स में दाखिले पर रोक लगायी गयी है। इसके अलावा पितांबरा कालेज ऑफ फार्मेसी, बूटी, रांची (डी फार्मा 20 सीटें), उषा मार्टिन यूनिवर्सिटी, रांची (बी फार्मा 40 सीटें) त्रिवेणी कालेज ऑफ फार्मेसी, रांची (डी फार्मा 20 सीटें) पलामू इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, चिनाकी, पलामू (बी फार्मा एवं डी फार्मा 20-20 सीटें) बीएलएम स्कूल ऑफ फार्मेसी, देवघर (डी फार्मा 20 सीटें), स्कूल ऑफ फार्मेसी, साईं नाथ यूनिवर्सिटी, रांची में बी फार्मा की 40 सीटें घटाई गई हैं।
एबीएन डेस्क। कोविड-19 महामारी के कारण बच्चों की पढ़ाई के नुकसान को पूरा करने के लिए सरकार ने बच्चों को सिखाने के लिए एक व्यापक योजना (एलआरपी) तैयार की है। शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव मनीष गर्ग की ओर से राज्यों को पत्र लिखकर योजना पर जल्दी काम शुरू करने का निर्देश दिया गया है। इस योजना में सभी छात्रों के लिए शैक्षणिक सत्र 2022-23 के तहत अपर प्राइमरी और सेकेंडरी स्तर के छात्रों को 500 रुपये की वित्तीय मदद मिलेगी। जबकि कक्षा एक से पांचवीं तक के छात्रों को निपुण भारत मिशन के तहत पांच सौ रुपये की वित्तीय मदद दी जा रही है। योजना के तहत टीचर रिसोर्स पैकेज (टीआरपी) में शिक्षकों को टेबलेट भी दिये जाएंगे।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse