टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग ने आज बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह 2022 के अवसर पर राज्य के मंत्रीगण विभिन्न जिला मुख्यालय में झंडोत्तोलन करेंगे। इस क्रम में मंत्री आलमगीर आलम पाकुड़, मंत्री रामेश्वर उरांव लोहरदगा, मंत्री सत्यानन्द भोक्ता चतरा, मंत्री चम्पई सोरेन सरायकेला-खरसावां, मंत्री जगरनाथ महतो बोकारो, मंत्री जोबा मांझी पश्चिम सिंहभूम, मंत्री बन्ना गुप्ता पूर्वी सिंहभूम, मंत्री बादल गिरिडीह, मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर गढ़वा, मंत्री हफीजुल हसन देवघर जिला मुख्यालय में झंडोत्तोलन करेंगे। विदित हो कि गणतंत्र दिवस पर राज्यपाल राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में और मुख्यमंत्री उप राजधानी दुमका के गांधी मैदान में झंडोत्तोलन करते हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय बजट 2022-23 से झारखंड को कई उम्मीदें हैं। इन उम्मीदों में बहुचर्चित मंडल डैम के निर्माण कार्य की शुरुआत भी शामिल है। दरअसल पूरी परियोजना में 80 प्रतिशत से ज्यादा राशि केंद्र सरकार को ही खर्च करना है। 1622 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना में केंद्र 1378.61 करोड़ रुपए देने होंगे। लातेहार जिले के प्रसिद्ध मंडल डैम के निर्माण का कार्य आरंभ होने की आस यहां की जनता लगाए बैठी है। इस डैम के चालू होने से झारखंड के लातेहार, पलामू समेत बिहार के बड़े भू-भाग को फायदा मिलेगा। 5 जनवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहुद्देशीय मंडल डैम परियोजना की आधारशिला रखी थी, जिसके बाद पलामू प्रमंडल के साथ-साथ बिहार राज्य के कई जिले के लोगों के अंदर मंडल डैम परियोजना के निर्माण कार्य फिर से शुरू होने की आस जगी। मगर वन विभाग द्वारा सभी तरह की अड़चनें दूर नहीं होने और अनुमति नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गयी। जहां लगभग 6 महीने से अधिक समय तक डैम का निर्माण कार्य रुका रहा। वहीं, उसके बाद डूब क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा भी मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर हुए आंदोलन के कारण भी निर्माण कार्य पर व्यापक असर पड़ा और तब से अबतक निर्माण कार्य पूरी तरह से कंपनी द्वारा शुरू नहीं किया जा सका है। कंपनी द्वारा सिर्फ डैम निर्माण कार्य स्थल की साफ-सफाई कराने और क्वालिटी टेस्ट करने का काम ही किया गया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में 80 मॉडल स्कूलों का निर्माण जारी है जिनमें गुणवत्तायुक्त शिक्षा देकर बच्चों को स्मार्ट बनाने के लिए सवा तीन सौ प्रधानाध्यापकों का भी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। सीएम के एक बयान में इसकी जानकारी दी गई है। जिसमें कहा गया है कि राज्य में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की निगरानी में पहले चरण में 80 मॉडल स्कूलों का निर्माण किया जा रहा है जहां बच्चों को आधुनिक समाज के अनुकूल स्मार्ट बनाने के लिए प्रधानाध्यापकों को भी विशेष प्रशिक्षित कर के नियुक्त किया जायेगा। विज्ञप्ति में बताया गया है कि स्कूल संचालन का नेतृत्व करने वाले प्रधानाध्यापकों की क्षमता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए उन्हें भी प्रशिक्षित करने का कार्य जारी है।शिक्षा विभाग ने इसके लिए प्रखंड स्तर पर 325 प्रधानाध्यापकों का प्रशिक्षण के लिए निबंधन किया है जिनमें से 176 प्रधानाध्यापकों का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है और शेष का प्रशिक्षण 31 जनवरी 2022 तक पूर्ण कर लिया जाएगा।
गुमला। माननीय मंत्री योजना सह वित्त विभाग, वाणिज्यकर तथा खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग झारखंड सरकार सह प्रभारी मंत्री सह अध्यक्ष जिला योजना समिति डॉ रामेश्वर उरांव की अध्यक्षता में जिला योजना समिति की बैठक आईटीडीए भवन के सभागार में की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त कर्ण सत्यार्थी द्वारा जिला योजना समिति की विगत बैठक की कार्यवाही तथा कंडिकावार मामलों का अनुपालन, समिति के समक्ष पढ़कर सुनाया गया। जिसपर परिचर्चा उपरांत मंत्री द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल को प्राथमिक विद्यालय रेकमा में विद्यालय से 150 फीट की दूरी पर अवस्थित चापाकल से पाइपलाइन के द्वारा पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने का निर्देश दिया गया था। जिसके अनुपालनार्थ कार्यपालक अभियंता द्वारा प्रतिवेदित किया गया कि प्राथमिक विद्यालय रेकमा चट्टान पर अवस्थित है। जहाँ पेयजलापूर्ति की व्यवस्था के क्रम में एचवाईडीटी के अधिष्ठापन हेतु 03 बार प्रयास किया गया किंतु यह असफल रहा। विद्यालय से 150 फीट की दूरी पर अवस्थित चापाकल के द्वारा विद्यालय में जलापूर्ति व्यवस्था करने के क्रम में ग्रामीणों द्वारा असहमति व आपत्ति जताई गई। पुन: प्राथमिक विद्यालय रेकमा में जलापूर्ति की व्यवस्था बहाल करने हेतु जल जीवन मिशन अंतर्गत रेकमा ग्राम का प्राक्कलन तैयार कर अधीक्षण अभियंता पीएचईडी गुमला से प्रतिहस्ताक्षरित कर मुख्यालय को समर्पित कर दी गई है। उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा द्वारा बताया गया कि जल जीवन मिशन अंतर्गत जिले से लगभग 3000 योजनाओं के प्राक्कलन भेजे गए हैं, जिसमें से लगभग 800-900 योजनाओं की स्वीकृति हो चुकी है, शेष में विभागीय कार्रवाई प्रक्रिया प्रारंभ है। इसपर डॉ.रामेश्वर उराँव ने शेष योजनाओं के स्वीकृति हेतु उनकी जानकारी उपलब्ध कराने पर बल देते हुए विभाग से समन्वय स्थापित कर शेष योजनाओं की स्वीकृति यथाशीघ्र प्रदान किए जाने की बात कही। बैठक में रायडीह प्रखंडांतर्गत स्थित लसड़ा पथ के मरम्मती हेतु कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल द्वारा संवेदक को मौखिक एवं लिखित रूप से कई बार कहा गया, किंतु इसके बावजूद कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके उपरांत कार्यपालक अभियंता द्वारा संबंधित पथ को पुन: नए सिरे से बनाने की आवश्यकता बताई गई। इस मामले के अनुपालनार्थ कार्यपालक अभियंता द्वारा प्रतिवेदित किया गया कि उक्त पथ का निर्माण वर्ष 2017 में पूर्ण कर लिया गया था, किंतु संवेदक द्वारा पथ की मरम्मति नहीं की गई, जिसके कारण अनुरक्षण कार्य का भुगतान लंबित है। डॉ.रामेश्वर उराँव ने वर्ष 2017 में पथ निर्माण पूर्ण होने के पश्चात् पाँच वर्षों के अंदर पथ की स्थिति खराब होने व संवेदक द्वारा मरम्मती का कार्य संपादित नहीं करने पर स्वयं आरइओ विभाग के इंजीनियर इन चीफ से दूरभाष पर वातार्लाप कर संवेदक पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में जिला योजना अनाबद्ध निधि से योजनाओं की स्वीकृति एवं कार्यान्वयन हेतु प्राप्त मार्गनिर्देशिका पर परिचर्चा की गई। जिसपर जिला योजना पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि इस वित्तीय वर्ष जिला योजना समिति से अनुमोदन हेतु 24 करोड़ 72 लाख के अनुमानित राशि की कुल 139 प्रस्तावित योजनाओं की सूची प्राप्त की गई है। अवशेष राशि 03 करोड़ 75 लाख की योजनाओं का चयन किया जाना है। जिसपर बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जिला योजना अनाबद्ध निधि अंतर्गत प्राथमिकता के आधार पर क्रिटिकल गैप्स के तहत अतिमहत्वपूर्ण योजनाओं का चयन किया जाए। बैठक में डॉ रामेशवर उरांव सहित जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष किरण बाड़ा, उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा, पुलिस अधीक्षक डॉ एहतेशाम बकारीब, वन प्रमंडल पदाधिकारी श्रीकांत, उप विकास आयुक्त कर्ण सत्यार्थी, अपर समाहर्त्ता सुधीर कुमार गुप्ता, नगर परिषद अध्यक्ष दीपनारायण उरांव, उपाध्यक्ष कलीम अख्तर, सिविल सर्जन डॉ राजू कच्छप, जिला योजना पदाधिकारी सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी विभूति कुमार सिंह, जिला शिक्षा पदाधिकारी सह जिला शिक्षा अधीक्षक सुरेंद्र पाण्डेय, जिला आपूर्ति पदाधिकारी गुलाम समादानी, जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ.मोहम्मद कलाम, एलडीएम गुमला, जिला कल्याण पदाधिकारी अजय जेराल्ड मिंज, श्रम अधीक्षक एतवारी महतो, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग खुशेंद्र केशरी, डीपीएम जेएसएलपीएस सुजीत बारी, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी मंतोष कुमार मणि/ लघु सिंचाई प्रमंडल/ पथ निर्माण विभाग/ भवन निर्माण विभाग/ विशेष प्रमंडल, सहायक अभियंता जिला परिषद ए रहमान, मंत्री जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार अर्जुन मुण्डा/ सांसद लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र सुदर्शन भगत/ राज्यसभा सांसद समीर उराँव/ बिशुनपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक चमरा लिंडा/ गुमला विधायक भूषण तिर्की/ सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा के प्रतिनिधि, जिला परिषद के सदस्य गण सहित अन्य उपस्थित थे।
एबीएन डेस्क। शहर के निजी स्कूलों ने नोटिस जारी कर बच्चों को चेतावनी दी है कि उन्होंने अगर वैक्सीन नहीं ली तो उन्हें ऑफलाइन क्लास में शामिल नहीं किया जाएगा और परीक्षा में भी नहीं बैठने दिया जाएगा। यह आदेश जिला प्रशासन की ओर से जारी करने के बाद किया गया है। इससे छात्रों पर दबाव बढ़ गया है। उन्हें हर हाल में 31 जनवरी तक वैक्सीन ले लेना होगा, अन्यथा उन्हें परीक्षा में बैठने में समस्या होगी। इस नोटिस का विरोध भी शुरू हो गया है। विद्यार्थियों के अभिभावक सीधे तो विरोध नहीं कर पा रहे, लेकिन जमशेदपुर अभिभावक संघ ने विरोध शुरू कर दिया है। संघ ने बाकायदा लोयोला स्कूल बिष्टुपुर द्वारा जारी अनिवार्य रूप से वैक्सीन लेने के नोटिस की कॉपी राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भेजकर लोयोला स्कूल समेत तमाम स्कूलों के आदेश पर रोक लगाने की मांग की है। संघ के अध्यक्ष डॉ उमेश कुमार की ओर से भेजे गए पत्र में आयोग से कहा गया कि वैक्सीनेशन को लेकर केंद्र सरकार के आदेश में इसकी अनिवार्यता जैसी कोई जिक्र नहीं है। इसके बावजूद 15 से 18 आयु वर्ग के बच्चों को कोविड टीका लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। पहले एसडीओ ने आदेश दिया कि जो बच्चे (15 से 18 आयु वर्ग के) कोविड 19 का टीका नहीं लेंगे उन्हें स्कूल में इंट्री नहीं दी जाएगी और अब स्कूलों से भी नोटिस भेजा जा रहा है। संघ का कहना है कि भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा भी कोरोना संक्रमण विरोधी होम्योपैथिक दवा के नाम बताए गए हैं। ऐसे में अभिभावक अपने बच्चे को कोरोना टीका की जगह होम्योपैथिक दवा दे तो उन्हें स्कूल आने से रोकने का कोई औचित्य नहीं है। जमशेदपुर अभिभावक संघ ने मांग की कि आदेश पर रोक लगाई जाए।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि कोविन पर एक मोबाइल नंबर से अब चार की बजाय छह लोग पंजीकरण करवा सकते हैं। मंत्रालय ने कहा कि कोविन के रेज एन इश्यू सेक्शन के तहत एक और सुविधा शुरू की गई है जिससे लाभार्थी टीकाकरण की वर्तमान स्थिति को पूर्ण टीकाकरण से आंशिक टीकाकरण या बगैर टीकाकरण और आंशिक टीकाकरण से बगैर टीकाकरण में बदल सकता है। मंत्रालय ने कहा, कुछ मामलों में जहां अनजाने में गलती से टीकाकरण प्रमाण पत्र जारी हो जाता है, लाभार्थी टीकाकरण की स्थिति को ठीक कर सकते हैं। मंत्रालय ने कहा कि रेज एन इश्यू के जरिये ऑनलाइन अनुरोध करने के तीन से सात दिन के भीतर परिवर्तन हो सकता है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने शुक्रवार को यहां बताया कि पिछले 24 घंटे में देश में 70 लाख 49 हजार 779 कोविड टीके लगाये गये हैं। इसके साथ ही आज सुबह सात बजे तक 160 करोड़ 43 लाख 70 हजार 484 टीके लगाए जा चुके हैं।
टीम एबीएन, रांची। राजस्व भूमि सुधार एवं निबंधन विभाग ने राज्य के 10 डिप्टी और अवर निबंधकों का तबादला कर दिया है। जिनमें रांची शहरी क्षेत्र के 3 रजिस्ट्रार भी बदल गए हैं। इनका तबादला 5 महीने में ही सरकार ने कर दिया। इसे लेकर राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। रांची के अवर निबंधक घासी राम पिंगुआ को प्रशासनिक दृष्टिकोण से हटा दिया गया है। उन्हें घाटशिला भेजा गया है। इनके अलावे अवर निबंधक रांची शहरी प्रक्षेत्र-3 के रामकुमार मधेशिया और घाटशिला के वैभवमणि त्रिपाठी को प्रशासनिक दृष्टिकोण से हटा दिया गया है। कौन कहां गए : सुभाष कुमार दत्ता रामगढ़ से लोहरदगा, अविनाश कुमार प्रतीक्षारत बुंडू, मनोजित प्रसाद लोहरदगा से सिमडेगा, घासीराम पिंगुआ रांची शहरी से घाटशिला, मनोज दुबे पाकुड़ से राजमहल, राम कुमार मद्धेशिया रांची शहरी-3 से हजारीबाग, रामेश्वर प्रसाद बोकारो से कोडरमा, बालेश्वर पटेल चतरा से बोकारो, वैभव मणि त्रिपाठी घाटशिला से रांची शहरी और रूपेश कुमार सिन्हा को हजारीबाग से रांची शहरी 3 में पदस्थापित किया गया है।
एबीएन डेस्क। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की राज्य में शिक्षा के स्तर में सुधार की परिकल्पना जल्द मूर्तरूप लेगी। अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा गरीब, किसान, वंचित, पिछड़ों के बच्चों को भी प्राप्त हो, इसके लिए मुख्यमंत्री ने पंचायत स्तर पर मॉडल स्कूल का निर्माण कार्य शुरू किया है। मॉडल स्कूल के निर्माण की मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री खुद कर रह हैं, ताकि झारखंड के बच्चों को जल्द गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से आच्छादित किया जा सके। वर्तमान में करीब 80 मॉडल स्कूल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। स्कूल संचालन का नेतृत्व करने वाले प्राधानाध्यापकों की क्षमता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए उन्हें प्रशिक्षित करने का कार्य जारी है। शिक्षा विभाग ने इसके लिए प्रखंड स्तर पर 325 प्राधनाध्यापकों का प्रशिक्षण हेतु निबंधन किया है, जिसमें से 176 प्राधनाध्यापकों का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है। शेष का प्रशिक्षण 31 जनवरी 2022 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 740 शिक्षकों ने भाग लिया है। 10 सप्ताह के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्कूलों में विषयवार पदस्थापित शिक्षकों की तकनीकी क्षमता के विकास एवं कक्षा संचालन प्रक्रिया, छात्र केन्द्रित अध्यापन के लिये प्रशिक्षण दिया गया है। एससीईआरटी एवं डाइट को पूर्ण रूप से शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए प्रभावी बनाया गया है। साथ ही, शिक्षकों के मूल्यांकन की सतत व्यवस्था, राज्य शिक्षक परिवर्तन दल के माध्यम से विद्यालयों की गुणवत्ता में सुधार, प्रेरणा शिविर, शिक्षकों का शैक्षिक परिदर्शन समेत अन्य उन्मुखी कार्यक्रमों के जरिए क्षमता विकास किया जा रहा है।
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