राज काज

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Published / 2022-03-12 08:56:53
राज्य में दाखिल खारिज के लंबित मामलों पर फैसला जल्द : जोबा मांझी

टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार की ओर से विधानसभा में आज यह भरोसा दिलाया गया है कि राज्य के विभिन्न जिलों में दाखिल खारिज के लंबित 68 हजार आवेदनों पर जल्द फैसला ले लिया जाएगा। भाजपा के शशिभूषण मेहता के एक अल्पसूचित प्रश्न के उत्तर में राजस्व, निबंधन और भूमि सुधार विभाग की प्रभारी मंत्री जोबा मांझी ने बताया कि राईट टू सर्विस के तहत अंचल कार्यालयों में दाखिल खारिज करने के लिए एक तय सीमा होती तथा म्यूटेशन के मामले के त्वरित निष्पादन का प्रावधान हैं। उन्होंने बताया कि रांची जिला के विभिन्न अंचलों में दाखिल खारिज के लिए प्राप्त आवेदनों के निष्पादन को अस्वीकृत किये जाने के मामलों की जांच के लिए उपायुक्त रांची द्वारा 22 फरवरी को एक टीम गठित की गयी हैं। उन्होंने कहा कि दाखिल खारिज वादों का निष्पादन नियम समय-सीमा पर नहीं किए जाने पर झारखंड सेवा देने की गारंटी अधिनियम 2011 की धारा 7 एवं धारा 8 में निहित प्रावधानों के तहत दोषी पदाधिकारियों पर जुर्माना और अर्थदंड लगाने का निर्देश निर्गत किया गया हैं। इससे पहले शशिभूषण मेहता ने बताया कि रांची के 23 अंचल अंचलों में 2.77 लाख दाखिल खारिज के आवेदन में 1.49 लाख आवेदन खारिज कर दिये गये, जबकि 10 हजार से अधिक आवेदन लंबित है और पूरे राज्य में 68 हजार से अधिक आवेदन लंबित हैं। भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने इस मामले में कहा कि झारखंड के कई अंचल में सीओ पहले दाखिल खारिज के आवेदन को रिजेक्ट कर देते हैं, ऐसे में एलआरडीसी कोर्ट दाखिल खारिज स्वीकृत होना चाहिए, परंतु सीओ बाद में उसे स्वीकृत कर देते हैं, यह नियम विरूद्ध है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि ऐसा मामला सामने आने पर नियमानुसार दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। भाजपा के ही सीपी सिंह ने अपने गृह जिला पलामू का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी जमीन का भी दाखिल खारिज नहीं हो रहा हैं, जब उन्होंने सीओ से बातचीत की और कहा कि पैसा ही लेकर करना है, तो बता दिजिये, तो सीओ ने पैसा लेने से भी मना कर दिया। झारखंड मुक्ति मोर्चा के सुदिव्य कुमार सोनु ने कहा कि वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्य सचिव राजबाला वर्मा के एक पत्र से राज्य में 21 लाख एकड़ भूमि लैंड बैंक के नाम पर हस्तांतरित हो गई और सारा विवाद तभी से खड़ा हुआ है, इसलिए सरकार को इस पर अविलंब फैसला लेना चाहिए।

Published / 2022-03-12 06:50:50
कई आपत्तिजनक शब्दों पर झारखण्ड सरकार जल्द लगायेगी रोक

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में अब चूड़ी पहन लो, लड़कियों की तरह मत रोओ और विधवा विलाप जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर रोक लगाई जाएगी। कांग्रेस विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान स्पीकर रबींद्रनाथ महतो से यह मांग की है। विधानसभा में महिला व बाल विकास विभाग के लिए 5742 करोड़ की अनुदान मांग पारित हो गई है। पूर्णिमा ने कहा कि महिलाओं को बराबरी का अधिकार नहीं चाहिए, महिलाओं को अपॉर्च्युनिटी चाहिए। सदन में सभी सदस्यों के द्वारा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करने की मांग पूर्णिमा नीरज सिंह ने की। महिला एवं बाल विकास विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान महिला, बाल विकास मंत्री जोबा मांझी ने कहा कि मार्च के अंत तक पोषण सखियों के सारे बकाया मानेदय का भुगतान कर दिया जाएगा। वहीं जल्द ही महिला आयोग व बाल संरक्षण आयोग का गठन भी किया जाएगा। शुक्रवार को भोजनावकाश के बाद भाजपा विधायक नीरा यादव ने कटौती प्रस्ताव रखा। मंत्री जोबा मांझी के जवाब के दौरान भाजपा विधायकों के वॉकआउट के बाद वित्तीय वर्ष 2022- 23 के लिए 5742 करोड़ के अनुदान मांग को ध्वनिमत से स्वीकृति मिली, वहीं विपक्ष का कटौती प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज हो गया। बजट पर सवालों का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि साल 2017 तक पोषण सखियों के लिए केंद्र सरकार से मानदेय मिलता था, लेकिन केंद्र ने इसे बंद कर दिया। पोषण सखियों के लिए सिर्फ छह जिलों में नियुक्ति हुई थी, लेकिन कुपोषण की समस्या पूरे राज्य की समस्या है, सिर्फ छह जिलों की समस्या नहीं है। मांझी ने कहा कि आने वाले समय में सरकार आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं के मानदेय बढ़ाने पर विचार कर रही है। इस संबंध में मुख्यमंत्री से विमर्श किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि विधवा पेंशन, महिला पेंशन समेत सारे पेंशन ससयम मिले इसके लिए भी बजट में 100 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है। अनीमिया की समस्या को दूर करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।

Published / 2022-03-12 02:44:27
छठी JPSC की संशोधित मेरिट लिस्ट जारी, 60 अधिकारी हटे

टीम एबीएन, रांची। छठी जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा का संशोधित मेरिट लिस्ट शुक्रवार को जारी कर दिया गया। संशोधित लिस्ट में 60 नए नाम जोड़े गए हैं। ऐसा होने से अब 60 अधिकारी जो राज्य के विभिन्न जिलों में कार्यरत हैं, उनकी सेवा समाप्त हो जाएगी। छठी सिविल सेवा रिजल्ट के आधार पर 326 अधिकारियों की नियुक्ति हुई थी। कई अभ्यर्थियों ने इसमें गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सरकार से परीक्षा को रद्द करने की गुहार लगाई थी। सुनवाई नहीं होने पर अभ्यर्थियों ने झारखंड हाईकोर्ट का रुख किया था। सुनवाई के बाद सिंगल बेंच ने संशोधित रिजल्ट जारी करने का निर्देश दिया था। इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों ने डबल बेंच में इसे चुनौती भी दी थी। डबल बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले को बरकरार रखा था। उसके बाद जेपीएससी ने छठी जेपीएससी का संशोधित रिजल्ट जारी कर दिया। संशोधित रिजल्ट आयोग की वेबसाइट www.jpsc.gov.in पर उपलब्ध है। इस मेरिट लिस्ट में प्रशासनिक सेवा में कुल 143 लोगों का चयन हुआ है। इसमें अनारक्षित कोटे से 86, ईबीसी से 8, एसएसी से 15 और एसटी से 34 उम्मीदवार शामिल हैं। झारखंड वित्त सेवा में 104 उम्मीदवार हैं।

Published / 2022-03-11 17:47:24
झारखंड विधानसभा : शिक्षा विभाग की अनुदान मांग ध्वनिमत से पारित

टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के नौवें दिन सदन ने शिक्षा विभाग की अनुदान मांग को ध्वनिमत से पारित कर दिया। भोजनावकाश के बाद सदन ने वाद-विवाद के बाद भाजपा के अनंत ओझा के कटौती प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया। इसके बाद मूल प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया। इससे पहले शिक्षामंत्री जगरनाथ महतो ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए विपक्षी सदस्यों से भी सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि 2 वर्षां से वे सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार के लिए प्रयासरत है। उन्होंने सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधार के लिए विपक्षी सदस्यों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि सभी मंत्री, विधायक और अधिकारी अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने का काम शुरू कर दें, तो सरकारी स्कूलों की स्थिति में तुरंत सुझाव हो जाएगा। उन्होंने पूर्ववर्ती रघुवर दास सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि साल भर में 8 महीने तक पारा शिक्षक आंदोलन करते थे और स्कूलों में पठन-पाठन का काम प्रभावित होता था, लेकिन अब स्थिति में सुधार हुआ हैं। वहीं इससे पहले गुरुवार सुबह 10 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर लंबित ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा शुरू हुई। सदन में विधायक प्रदीप यादव ने सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता विमल कुमार झा को जल संसाधन विभाग में पाइपलाइन प्रोजेक्ट्स मॉनिटरिंग सेल में नोडल पदाधिकारी के पद पर नियुक्त करने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि उनपर अनियमितता, कदाचार और अनुशासनहीनता के आरोप हैं। प्रभारी मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने मामले की जांच मुख्य सचिव से करवाने का आश्वासन दिया।

Published / 2022-03-11 17:44:15
करीब दो साल बाद मां से मिलने गांधीनगर पहुंचे पीएम मोदी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी मां हीराबेन से मिलने गांधीनगर पहुंचे हैं। करीब दो साल बाद अपनी मां से मिल रहे हैं पीएम मोदी। दरअसल, प्रधानमंत्री आज से दो दिवसीय गुजरात दौरे पर हैं। पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के एक दिन बाद मोदी अपने गृह राज्य का दौरा कर रहे हैं। गुजरात में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होंगे। उत्तर प्रदेश, मणिपुर, उत्तराखंड और गोवा विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत के एक दिन बाद शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में शोड शो किया। फूलों की मालाओं से सजी खुली जीप में सवार मोदी ने रोड शो के दौरान सड़क किनारे जमा हुए सैकड़ों समर्थकों और प्रशंसकों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। यह काफिला हवाई अड्डे से शुरू हुआ है और गांधीनगर में भाजपा के राज्य मुख्यालय कमलम तक गया।

Published / 2022-03-11 16:43:11
अब 4जी जैमर झारखंड की जेलों में लगायेंगे मोबाइल की घंटी पर रोक

टीम एबीएन रांची। झारखंड के सभी जिलों में अब 4जी जैमर लगाने की तैयारियां शुरू कर दी गई है। इसके लिए ट्रायल भी शुरू कर दिया गया है। जेल प्रशासन ने जेल के अंदर अब मोबाइल के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए जेल 4जी जैमर लगाने की तैयारी कर ली है। जल्द ही इसकी कवायद शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए दो कंपनियों का चयन किया गया है। एक कंपनी के द्वारा झारखंड के कई जिलों में 4जी का ट्रायल भी किया गया जो सफल हुआ है। झारखंड के सभी जेलों में 2जी जैमर लगा हुआ है, लेकिन अपराधी 4जी सिम का इस्तेमाल करते हैं। जेल प्रशासन के लाख प्रयास के बावजूद जेल के अंदर मोबाइल बड़ी आसानी के साथ पहुंच जाता है। जिसके बाद बड़े अपराधी से लेकर छोटे अपराधी जेल के अंदर से बैठकर ही अपनी सल्तनत चलाते हैं। यही वजह है कि अब 4जीजैमर लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। झारखंड के जेल आईजी मनोज कुमार ने बताया कि झारखंड के रामगढ़ जिले में जैमर का सफल डेमो भी हो चुका है। जिसमे जेल के अंदर जैमर की क्वालिटी भी टेस्ट हो चुकी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के द्वारा सर्टिफाइड बेल और ईसीएल के जैमर की टेस्टिंग हुई है। बेल की तरफ से रेट का कोटेशन भी दिया जा चुका है तो वही एउकछ के कोटेशन का इंतेजार जेल प्रशासन को है जिसके आने के साथ ही इस प्रस्ताव को कैबिनेट के पास भेजा जाएगा। बिरसा मुंडा जेल में लगेगा जैमर : शुरूआती चरण में इसे रांची के स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार होटवार में इंस्टॉल किया जाएगा। जिसके बाद दो महीने के सफल संचालन के बाद ही झारखंड के दूसरे जेलों में इन जैमरों को इंस्टॉल करने का कार्य शुरू हो जाएगा। झारखंड के जेल आईजी मनोज कुमार का कहना है कि जैमर की खरीद केंद्रीय गृह मंत्रालय के ही सर्टिफाइड कंपनियों से करनी होती है और इसके लिए दो ही एजेंसियां हैं इएछछ और एउकछ। उन्होंने बताया कि इन जैमरों से सिर्फ जेल की चारदीवारी के अंदर का ही नेटवर्क जाम करना होता है। जेल के बाहर इसका कोई प्रभाव नही पड़ता है। इसे भी डेमो के दौरान चेक किया गया है। वहीं उन्होंने बताया कि रामगढ़ में कुल 24 जैमर लगा कर डेमो किया गया था। जेल आईजी ने बताया कि इन जैमरों से मोबाइल नेटवर्क से किसी भी तरह की कॉल चाहे वो इंटरनेट कॉल हो या फिर बेसिक कॉल दोनों बाधित हो जाएंगी। बड़े अपराधी चला रहे हैं जेल से ही सल्तनत : झारखंड के कुख्यात अपराधी जेल से ही अपनी सल्तनत चला रहे हैं। अखिलेश सिंह, सुजीत सिन्हा, अनिल शर्मा, अमन सिंह, अमन साव, सुरेंद्र बंगाली और तिवारी गिरोह जैसे गैंगस्टर जेल में बैठे बैठे अपने गिरोह का संचालन कर रहे हैं। ये अपराधी सरकारी अधिकारियों से लेकर बड़े ठेकेदारों से रंगदारी वसूलते हैं। यह सारी गतिविधियां फोन से ही संचालित की जाती रही है। फोन जाने पर डर के कारण हर कोई रंगदारी देकर अपने आप को सुरक्षित रखना चाहता है। जेल से रंगदारी के बढ़ते मामलों को लेकर झारखंड पुलिस भी बैकफुट पर है और नई रणनीति के तहत काम करने की कोशिश कर रही है। एक सप्ताह के अंदर लगेगा मेटल डिटेक्टर : 4जी जैमर के साथ साथ जेल में अब मेटल डिटेक्ट स्कैनर भी लगाया जाएगा। जेल प्रशासन की ओर से इसकी तैयारी चल रही है। संभावना व्यक्त की जा रही है कि एक सप्ताह के भीतर नया स्कैनर जेल में लगा दिया जाएगा। स्कैनर लगने के बाद कोई सामान चाहे वह कैदियों का हो या फिर पुलिसकर्मियों का स्कैन होकर ही भीतर जाएगा। इसके पता चल जाएगा कि जेल के भीतर क्या सामान गया है।

Published / 2022-03-10 17:04:41
अग्रिम चरण में है कई सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण की प्रक्रिया : दीपम

एबीएन सेंट्रल डेस्क। निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने शुक्रवार को कहा कि सरकार की बहुलांश हिस्सेदारी वाले कई सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण की प्रक्रिया अग्रिम चरण में है और इनकी बिक्री के लिए जल्द ही रुचि पत्र मंगाए जायेंगे। खाद्य कीमतों के कारण मुद्रास्फीति अब भी खतरा : चिदंबरम- मर्चेंट चैंबर आॅफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एमसीसीआई) द्वारा आयोजित एक वेबिनार में पांडेय ने कहा कि सरकार ने हाल में एयर इंडिया और नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड जैसे दो सरकारी संगठनों का सफलतापूर्वक निजीकरण किया है। उन्होंने कहा कि शेयर खरीद समझौते (एसपीए) को बुधवार को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी। सचिव के अनुसार, विभाग भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसीएल), भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल), शिपिंग कॉरपोरेशन आॅफ इंडिया (एससीआई), सेल की कुछ इकाइयों और राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) के इस्पात संयंत्र के लिए रुचि पत्र के साथ तैयार हो रहा है। उन्होंने कहा कि रेलटेल, आईआरएफसी और मझगांव डॉक... जैसी तीन महत्वपूर्ण कंपनियों को पिछले वर्ष कोविड महामारी के दौरान निजीकरण के लिए सूचीबद्ध किया गया था। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) पर पांडेय ने कहा, शुरूआती दस्तावेज तैयार है। रूस और यूक्रेन के बीच संकट के कारण हम बाजार की स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं। आईपीओ को जल्द बाजार में लाया जाएगा और यह भारतीय पूंजी बाजार के लिए बड़ा अवसर होगा।

Published / 2022-03-10 14:07:14
राहत : अब रेल यात्रियों को नहीं उठाना पडेगा कंबल का बोझ

टीम एबीएन, कोडरमा। अब रेल यात्रियों को कंबल और चादर लेकर चलने की जरुरत नहीं होगी। भारतीय रेलवे ने गुरुवार को तत्काल प्रभाव से ट्रोनों में बेडरोल की सुविधा बहाल करने का ऐलान किया है। इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। मालूम हो कि कोविड-19 की वजह से 22 मार्च 2020 से 30 जून तक 2020 तक देश भर में ट्रेनों के पहिए थम गए थे। एक जुलाई से रेल मंत्रालय ने लंबी दूरी की ट्रेनों का परिचालन शुरू किया था। लेकिन बेडरोल और खाने पीने की व्यवस्था एवं जेनरल बोगियों में रिजर्वेशन जरूरी कर दिया गया था। इधर, कोविड के कमजोर होने के बाद रेलवे ने जेनरल बोगियों के टिकट और खानपान की व्यवस्था तीन महीने पहले शुरू कर दी थी लेकिन 20 माह बाद भी बेडरोल की सुविधा शुरू नही की गई थी। इधर लंबे समय से इस व्यवस्था को लागू करने की मांग उठ रही थी और रेलवे मंत्रालय के निर्देश के बाद एक अतिरिक्त लैगेज ले जाने से राहत मलेगी। एसी बोगियों में कंबल तकिया और चादर की सुविधा उपलब्ध होने से राजधानी, दुरंतो और अन्य मेल एक्सप्रेसों में सुविधा मिलेगी। क्या कहते हैं अधिकारी: पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर के पीआरओ वीरेंद्र कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत धनबाद रेल मंडल, पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल, दानापुर, हाजीपुर और समस्तीपुर रेल मंडल से खुलनेवाली ट्रेनों में बेडरोल उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। और लाउंड्री में साफ-सफाई करने का निर्देश जारी कर दिया गया है। बताते चलें कि लगभग 20 माह से चादर, तकिया का उपयोग नहीं होने से कई खराब भी हो चुके हैं।

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