टीम एबीएन, रांची। झारखंड में पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ आयोग की तैयारियां सभी जिलों में क्रियान्वयन होने लगेंगी। सूत्रों की मानें तो झारखंड में चार चरणों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराया जा सकता है। इस पंचायत चुनाव में मुखिया, ग्राम पंचायत सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्यों के लिए वोट डाला जाएगा। पंचायत चुनाव की तिथि तय करने के लिए राज्य चुनाव आयोग द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को ग्रामीण विकास विभाग की मंजूरी मिल गई है। अब शीघ्र ही चुनाव आयोग इसे राज्यपाल को भेजेगा। जहां से अनुमति मिलने के बाद चुनाव की अधिसूचना जारी हो जाएगी। इस अधिसूचना के बाद ही मुखिया, ग्राम पंचायत सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद के चारों पदों के लिए नामांकन शुरू हो जाएगा। अधिसूचना के 50 दिन के अंदर पूरी चुनाव प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। बैलेट पेपर से कराए जाएंगे चुनाव : ऐसा माना जा रहा है कि पहले चरण का चुनाव मई के दूसरे सप्ताह में हो सकता है। वहीं हर चरण के बीच तीन से चार दिन का अंतर रह सकता है। पंचायत चुनाव मई के अंतिम सप्ताह तक चौथा चरण संपन्न हो जाएगा। ऐसा माना जा रहा है कि पांच जून तक मतगणना की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इस चुनाव में एश्ट नहीं ब्लकि बैलेट पेपर का उपयोग होगा। राज्य के पास अपनी मतपेटियों की उपलब्धता पर्याप्त नहीं होने के कारण उत्तर प्रदेश से 46,270 मतपेटियां मंगाई गई हैं। चार रंगों में होगा बैलेट पेपर : इस बार के पंचायत चुनाव में बैटेल पेपर चार अलग अलग रंगों में होगा। मुखिया के लिए बैलेट पेपर हल्का गुलाबी, ग्राम पंचायत सदस्य के लिए क्रीम, पंचायत समिति के लिए हल्का हरा और जिला परिषद के लिए हल्का पीला हो सकता है। चारों बैलेट पेपरों पर मुहर लगाकर इन्हें चार डिब्बों में डालना होगा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज हजारीबाग जिले के बरही प्रखंड के नईटांड़ गांव के दिवंगत रूपेश पांडेय की माता उर्मिला देवी को नियुक्ति पत्र और पांच लाख रुपए की सहायता राशि का चेक प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने मंत्री बादल द्वारा प्रदत एक लाख रुपए का चेक भी उन्हें सौंपा। मुख्यमंत्री ने दिवंगत रुपेश के परिजनों से कहा कि दुख की इस घड़ी में आप अकेले नहीं हैं। आपके साथ सरकार खड़ी है। आपकी जो भी समस्या या जरूरत होगी, उसे सरकार हरसंभव पूरा करने की कोशिश करेगी। मुख्यमंत्री ने दिवंगत रूपेश के परिजनों को भरोसा दिलाया कि सरकार के स्तर पर उसकी हत्या की जांच हर दृष्टिकोण से की जा रही है। उसकी हत्या क्यों और कौन इसमें शामिल है? जल्द ही पूरे मामले का खुलासा होगा। इस हत्याकांड में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आपको हर हाल में इंसाफ मिलेगा। मौके पर मंत्री चम्पाई सोरेन और बादल, विधायक सुदिव्य कुमार सोनू और उमाशंकर अकेला, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, हजारीबाग की उपायुक्त नैंसी सहाय के अलावा दिवंगत रुपेश पांडेय के पिता सिकंदर पांडेय, माता उर्मिला देवी और परिजनों में सुरेंद्र तिवारी, अनिल कुमार पांडेय, झारखंडी पांडेय, नागेंद्र पांडेय, सुवास देवी और बिनोद विश्वकर्मा मौजूद थे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में पंचायत चुनाव लड़नेवालों की उत्सुकता दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। चुनाव की तारीखों के ऐलान की सबको प्रतीक्षा है। जैसे ही तारीख घोषित होगी, राज्य का ग्रामीण इलाका पंचायत चुनाव को लेकर व्यस्त हो जायेगा। नामांकन, प्रचार अभियान, जनसंपर्क अभियान का सिलसिला शुरू हो जायेगा। झारखंड में निर्धारित समय से दो साल विलंब से पंचायत चुनाव होनेवाला है। कोविड के कारण पंचायत चुनाव प्रक्रिया ठप थी। अब राज्य सरकार और चुनाव आयोग चुनाव कराने की पूरी तैयारी कर चुका है। चुनाव में कई चीजें रोचक होती हैं। इस चुनाव में लाखों मतदाता, हजारों उम्मीदवार और हजारों चुनाव कर्मियों की सहभागिता होती है। लगभग डेढ़ महीने से ज्यादा समय तक पूरी प्रक्रिया चलेगी। चुनाव लड़नेवाले उम्मीदवार अपनी-अपनी तैयारी में जुटे हुए हैं। चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों का सबको अनुपालन करना है। चार पदों के लिए प्रत्यक्ष निर्वाचन पद्धति से बैलेट पेपर में वोट डालकर चुनाव होगा। ग्राम पंचायत क्षेत्र में वार्ड सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति के सदस्य और जिला परिषद के सदस्य के लिए उम्मीदवार चुने जायेंगे। लोकसभा और विधानसभा चुनावों में जिस तरह उम्मीदवारों के चुनाव खर्च की सीमा निर्धारित रहती है, उसी तरह पंचायत चुनाव में भी उम्मीदवारों की खर्च की सीमा निर्धारित है। स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए चुनाव आयोग के इन निर्देशों का पालन करते हुए उम्मीदवारों को अपने चुनावी खर्च का हिसाब समय पर देना अनिवार्य होगा। चुनाव आयोग ने निर्धारित किया है कि पूरी चुनावी प्रक्रिया में किस पद का उम्मीदवार कितना अधिकतम खर्च कर सकता है। ग्राम पंचायत के वार्ड सदस्य के लिए एक उम्मीदवार अधिकतम 14 हजार रुपए तक खर्च कर सकता है। एक वार्ड की सीमा बहुत सीमित होती है और इसमें वोटर भी लगभग पांच सौ तक होती है। एक पंचायत कई वार्डों में विभाजित होता है। उसी तरह एक ग्राम पंचायत में मुखिया पद के एक उम्मीदवार को अधिकतम 85 हजार रुपए तक की राशि खर्च करने की सीमा है। खर्च करने के साथ उसे इसका हिसाब भी चुनाव आयोग को देना होगा। इसी तरह पंचायत समिति के सदस्य पद के उम्मीदवार अधिकतम 71 हजार रुपए तक खर्च कर सकता है। जिला परिषद के एक सदस्य को अपने चुनाव में अधिकतम 2 लाख 14 हजार रुपए तक ही खर्च करने की सीमा निर्धारित है। दरअसल, जिला परिषद की सीमा बहुत अधिक होती है। पंचायत चुनाव लड़नेवालों के साथ-साथ वोट डालनेवालों के लिए यह जानना भी कम रोचक नहीं है कि चुनाव में बैलेट पेपर का उपयोग होता है और वह भी अलग-अलग रंग का होता है। पिछले सात साल के अंतराल में पहली बार पंचायत चुनाव लड़नेवाले और वोट देनेवाले नौजवानों को यह जानना जरूरी है। चार पदों के लिए प्रत्यक्ष वोटिंग प्रणाली में चार बैलेट पेपर (मत पत्र) का प्रयुक्त होगा।
टीम एबीएन, रांची। राज्य में जल्द ही त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की डुगडुगी बजने वाली है। पंचायत चुनाव से जुड़ी तैयारी पूरी होने की सूचना राज्य निर्वाचन आयोग ने सरकार को दे दी है। संभावना है कि जल्द ही राजभवन से पंचायत चुनाव की हरी झंडी मिल जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग से मिली जानकारी के अनुसार अधिसूचना जारी होते ही औपचारिक घोषणा कर दी जायेगी। चुनाव बैलेट पेपर के जरिए होगा। ऐसे में चुनाव शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष हो सके इसलिए निर्वाचन से जुड़े कर्मियों और पदाधिकारियों को आयोग द्वारा प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसके अलावा सभी प्रत्याशियों को जागरूक करने के उद्देशय से आयोग ने आदर्श आचार संहिता को भी सार्वजनिक करने का निर्णय लिया है। पंचायत चुनाव में 2,44,73,937 वोटर भाग लेंगे : राज्य में होनेवाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में कुल 2,44,73,937 वोटर भाग लेंगे। जिसमें 1,26,13,219 पुरुष और 1,18,60,442 महिला और 276 थर्ड जेंडर हैं। 3,95,798 युवा वोटर पंचायत चुनाव में भाग लेंगे। मतदान बैलेट पेपर के जरिए कराने की तैयारी है, जिसके कारण मतगणना में समय लगेगा। आयोग ने मतगणना के दौरान होने वाली परेशानी और स्ट्रांग रूम की सुरक्षा आदि पर भी राज्य सरकार के अधिकारियों से मंथन कर चुकी है। दिसंबर 2020 में होना था त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव : त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव दिसंबर 2020 में होना था। राज्य निर्वाचन आयुक्त का पद खाली होने के कारण चुनाव नहीं हो सका। फिर कोरोना के कारण चुनाव कंडक्ट नहीं किया जा सका। ऐसे में सरकार ने पंचायत के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को अब तक दो बार एक्सटेंशन देकर किसी तरह काम चलाने का निर्देश दिया था। यदि सबकुछ ठीकठाक रहा तो जून तक एक बार फिर गांव में सरकार बन जाने की संभावना है। अब चुनाव के दौरान किसी तरह का बाधा नहीं पहुंचने की संभावना है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। राजनयिक हर्ष कुमार जैन यूक्रेन में भारत के नए राजदूत के रूप में कार्यभार संभालेंगे। यूक्रेन में भारत के दूतावास ने मंगलवार को यह जानकारी दी। दूतावास ने जैन का स्वागत करते उप राजदूत (चार्ज डी अफेयर्स) अंबरीश वेमुरी की एक तस्वीर ट्वीट की जो यूक्रेन में भारत के नए राजदूत के रूप में अपना कार्यभार संभालने के लिए आज (मंगलवार को) वारसॉ पहुंचे। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच फिलहाल पोलैंड के वारसॉ से दूतावास संचालित हो रहा है। जैन से पहले पार्थ सतपती यूक्रेन में भारत के राजदूत थे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा के 9 पदाधिकारियों का स्थानांतरण और पदस्थापन किया है। इस संबंध में गृह विभाग ने मंगलवार को अधिसूचना जारी कर दी है। गोड्डा के पुलिस अधीक्षक वाईएस रमेश को राज्यपाल के परिसहाय (पुलिस) बनाया गया है, जबकि जैप-6 जमशेदपुर के समादेष्टा अंशुमन कुमार को रांची सिटी का एसपी बनाया गया है। खूंटी के एसपी आशुतोष शेखर को पश्चिमी सिंहभूम का एसपी, राज्यपाल के परिसहाय अमन कुमार को खूंटी का एसपी, जमशेदपुर के सिटी एसपी सुभाष चंद्र जाट को देवघर का एसपी, धनबाद के सिटी एसपी आर राजकुमार को लोहरदगा का एसपी, रांची के सिटी एसपी सौरभ कुमार को सिमडेगा और जमशेदपुर ग्रामीण के एसपी नाथू सिंह मीना को गोड्डा का एसपी बनाया गया है। सहायक पुलिस अधीक्षक विधि व्यवस्था धनबाद को जामताड़ा का एसपी बनाया गया है। साथ ही वैसे पदाधिकारी जिनके स्थान पर किसी अन्य का पदस्थापन हो गया और उनका पदस्थापन कहीं नहीं किया गया है, वे पुलिस मुख्यालय रांची में योगदान देना सुनिश्चित करेंगे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने कहा है कि झारखंड पंचायत चुनाव 2022 की अधिसूचना इसी सप्ताह जारी कर दी जायेगी। इस संबंध में तमाम तरह की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। हर स्तर पर झारखंड सरकार ने चुनाव कराने की तैयारी कर ली है। मंत्री आलमगीर आलम ने यह जानकारी मंगलवार को नयी दिल्ली में आयोजित कांग्रेस नेताओं की बैठक में दी। कांग्रेस आलाकमान के बुलावे पर झारखंड के सभी मंत्री और वरिष्ठ नेता दिल्ली पहुंचे थे। बैठक में झारखंड कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पांडे ने अपने मंत्री को झारखंड में जल्द से जल्द पंचायत चुनाव कराने की नसीहत दी। चुनाव में हो रही देरी पर उन्होंने नाराजगी जतायी। इस पर मंत्री आलमगीर आलम ने बताया कि इसी सप्ताह पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। झारखंड में भी पुरानी पेंशन पर मंथन जारी : बैठक में मंत्री आलमगीर आलम ने झारखंड प्रभारी को यह भी बताया कि राजस्थान की तरह झारखंड में भी पुराना पेंशन स्कीम लागू करने की सलाह हेमंत सोरेन सरकार को दी गयी है। राज्य सरकार इस पर विचार कर रही है। इस दिशा में मंथन जारी है। शीघ्र ही किसी ठोस नतीजे पर सरकार पहुंच जायेगी। प्रदेश में कांग्रेस को मजबूत बनाने का दिया निर्देश : मालूम हो कि कांग्रेस की इस महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी के सभी प्रमुख नेता और जिलों के अध्यक्ष भी मौजूद थे। इस बैठक को इसलिए भी महत्वपर्ण माना जा रहा कि आने वाले दिनों में झारखंड में पंचायत चुनाव के अलावा वर्ष 2024 में लोकसभा और चंद दिनों बाद राज्यसभा चुनाव का सामना करना है। यही नहीं पार्टी के भीतर चल रही गुटबंदियों को भी खत्म करने की कवायद के रूप में इस बैठक को देखा जा रहा है। श्री पांडेय ने बैठक संगठन को धारदार और मजबूत बनाने की सलाह दी। चुनाव में जनता से किये गये वादों को शीघ्र पूरा करने का आदेश दिया। अपने नेताओं को संगठित होकर जनता के बीच काम करने को कहा। नहीं होगा नोटा का विकल्प : झारखंड पंचायत चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने कई तरह के महत्वपूर्ण फैसले लिये हैं। इसबार चुनाव में नोटा का विकल्प नहीं होगा। वहीं बैलेट पेपर से चुनाव कराने की तैयारी है। प्रत्याशियों का शुल्क भी तय कर दिया गया है। झारखंड में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में नोटा का विकल्प नहीं होगा। मतदाताओं को किसी न किसी उम्मीदवार को अनिवार्य रूप से वोट देना होगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने बैलेट पेपर को लेकर उपायुक्तों को दिये निर्देश में इसका उल्लेख किया है। आयोग ने विभिन्न पदों के चुनाव में इस्तेमाल होनेवाले बैलेट पेपर का रंग तथा उसमें उम्मीदवारों के नामों आदि के मुद्रण का भी निर्धारण कर दिया है। जारी दिशानिर्देश में नामांकन की जगह तथा नामांकन शुल्क भी निर्धारित कर दिये हैं, जो 50 से 500 रुपये के बीच हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार ने भारत विरोधी दुष्प्रचार और फर्जी खबरें फैलाने के मामले में कड़ा ऐक्शन लिया है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने मंगलवार को भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश संबंधों और सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित दुष्प्रचार फैलाने के लिए 22 यूट्यूब चैनलों को ब्लॉक कर दिया है। पिछले साल फरवरी में आईटी नियम-2021 की अधिसूचना जारी होने के बाद से भारतीय यूट्यूब चैनलों पर यह पहली कार्रवाई हैछ मंत्रालय ने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी नियम-2021 के तहत समाचार आधारित 18 भारतीय यूट्यूब चैनल समेत पाकिस्तान स्थित चार अन्य चैनलों को ब्लॉक करने के आदेश जारी किये गये हैं। इसके अलावा तीन ट्विटर अकाउंट, एक फेसबुक अकाउंट और एक न्यूज वेबसाइट को भी ब्लॉक किया गया है। भारतीय सशस्त्र बलों और जम्मू-कश्मीर के संबंधित विभिन्न मुद्दों के अलावा विदेशी संबंधों को लेकर फर्जी समाचार पोस्ट किये करने के लिए इन चैनलों का उपयोग किया गया था। मंत्रालय ने बताया कि ये चैनल कुछ भारतीय टीवी समाचार चैनलों के टेम्प्लेट और लोगों का उपयोग कर रहे थे, जिसमें उनके समाचार प्रस्तोताओं की तस्वीरें भी शामिल थीं। ऐसा दर्शकों को यह विश्वास दिलाने के लिए किया जाता रहा है कि ये समाचार प्रामाणिक हैं। इन चैनलों को किया गया ब्लॉक : जिन चैनलों का ब्लॉक किया गया है उनमें- एआरपी न्यूज, एओपी न्यूज, एलडीसी न्यूज, सरकारी बाबू , एसएस जोन हिन्दी, स्मार्ट न्यूज, न्यूज 23 हिन्दी, आॅनलाइन खबर, डीपी न्यूज, पीकेबी न्यूज, किसान टॉक, बोरोना न्यूज, सरकारी न्यूज अपडेट, भारत मौसम, आरजे जोन 6, दिगि गुरुकुल और दिन भर की खबरें शामिल हैं। इसके अलावा पाकिस्तान स्थित यूट्यूब चैनल दुनिया मेरे आगे, गुलाम नबी मदनी, हकीकत टीवी तथा एक अन्य चैनल इस सूची में शामिल है। वहीं तीन ट्विटर अकाउंट, एक फेसबुक अकाउंट और एक न्यूज वेबसाइट को भी ब्लॉक किया गया है।
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