राज काज

View All
Published / 2022-05-01 15:17:23
झारखंड : वृद्धा पेंशन योजना के तहत दो वर्ष में जुड़े 5,774,26 नये लाभुक

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में राज्य पेंशन योजना के तहत दो वर्ष में लाभुकों की संख्या 6,608,71 से बढ़कर 1434314 हो गई। मुख्यमंत्री राज्य वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत नए वृद्ध लाभुकों की संख्या में 5,774,26 की वृद्धि दो वर्ष में दर्ज की गई है। 31 दिसंबर 2019 तक इस योजना का 3,451,68 वृद्धजन लाभ ले रहे थे, वहीं 28 अप्रैल 2022 तक इनकी संख्या बढ़कर 9,225, 94 हो गई। इस दौरान 5,774,26 नये वृद्ध लाभुकों को योजना का लाभ दिया गया। इस तरह, स्वामी विवेकानंद नि:शक्त स्वावलंबन प्रोत्साहन योजना के लाभुकों की संख्या में 31 दिसम्बर 2019 तक 87,796 नि:शक्त को जोड़ा गया था, जबकि 28 अप्रैल 2022 तक 1,878, 76 हो गई। योजना के तहत अप्रैल 2022 तक 1,000,80 नए लाभुकों को जोड़ा गया। मुख्यमंत्री राज्य निराश्रित महिला सम्मान पेंशन योजना का लाभ दिसंबर 2019 तक 1,721,96 लाभुक को मिल रहा था, जो 28 अप्रैल 2022 तक 2, 574, 34 हो गया। योजना के तहत 85, 238 नये सुपात्र लाभुकों को जोड़ा गया। इस प्रकार मुख्यमंत्री राज्य आदिम जनजाति पेंशन योजना का लाभ दिसंबर 2019 तक 52, 336 लाभुक ले रहे थे, अप्रैल 2022 तक 9, 825 नए लाभुकों को योजना से आच्छादित किया गया। वर्तमान में इस योजना का लाभ 62, 161 लाभुक ले रहें हैं। मुख्यमंत्री राज्य एचआईवी /एड्स पीड़ित व्यक्ति सहायतार्थ पेंशन योजना में भी दिसंबर 2019 से अप्रैल 2022 तक 874 नये लाभुक जोड़े गए, इनकी संख्या 3, 375 से बढकर 4, 249 हो गई।

Published / 2022-05-01 15:14:11
नीति आयोग की डेल्टा रैंकिंग : 117 आकांक्षी जिलों में रामगढ़ को छठा स्थान

एबीएन सेंट्रल डेस्क। आकांक्षी जिला कार्यक्रम अंतर्गत नीति आयोग की ओर से प्रतिमाह जारी की जाने वाली डेल्टा रैंकिंग में मार्च माह के लिए रामगढ़ जिले को देश में छठा स्थान प्राप्त हुआ है। स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में मार्च महीने के आकलन में रामगढ़ जिले को पांचवां, कृषि के क्षेत्र में आठवां, वित्तीय समावेशन एवं कौशल विकास में सातवां एवं बुनियादी ढांचे में 15 वां स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि समग्र आकलन में जिले को इस माह छठा स्थान मिला है। बता दें कि नीति आयोग द्वारा आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत प्रतिमाह जारी की जाने वाली डेल्टा रैंकिंग में सुधार के लिए उपायुक्त माधवी मिश्रा के निर्देश पर नियमित रूप से सभी विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है। सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को इस पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही नियमित रूप से कार्यों की समीक्षा कर ससमय डाटा पोर्टल पर अपलोड कराने का भी निर्देश दिया गया है। भले रामगढ़ जिले ने स्वास्थ्य एवं पोषण और कृषि जैसे संकेतकों में ठीक-ठाक प्रदर्शन किया है, लेकिन शिक्षा के संकेतक चिंतित करते हैं। डेल्टा रैंकिंग में शिक्षा के क्षेत्र में रामगढ़ की 108 वीं रैंकिंग चिंतित करने वाली है। जब किसी व्यक्ति और समाज के विकास की बुनियादी शर्त ही शिक्षा मानी जाती हो, तब 117 जिलों में शिक्षा की 108 वीं रैंकिंग आगे आने वाले दूसरे संकेतकों पर भी दुष्प्रभाव डाल सकती है। इसलिए इस पर भी फोकस करना जरूरी है। दरअसल, भारत में लोगों के जीवन की गुणवत्ता अंतर-राज्यीय और अंतर-जिला विविधताओं पर निर्भर करती है। इस आर्थिक विषमता को दूर करने के लिए देश के 117 जिलों में जनवरी 2018 में आकांक्षी जिला कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी। नीति आयोग की इस पहल का मकसद था पिछड़े जिलों की पहचान कर उनका तेजी से विकास करना। इसके अलावा देश में प्रतिस्पर्धी संघवाद की संस्कृति को बढ़ावा देकर पिछड़े जिलों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार करना। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे विषयों पर फोकस करना है, जिसका नागरिकों के जीवन पर सीधा असर पड़ता है। • स्वास्थ्य और पोषण। • शिक्षा। • कृषि और जल संसाधन। • वित्तीय समावेशन और कौशल विकास। • बुनियादी ढांचा।

Published / 2022-05-01 14:43:06
अप्रैल 2022 में जीएसटी राजस्व संग्रह रिकॉर्ड 1.68 लाख करोड़

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश का सकल वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्व संग्रह इस वर्ष अप्रैल में पिछले माह के 1,42,095 करोड़ रुपए के मुकाबले 25 हजार करोड़ रुपए बढ़कर अबतक के रिकॉर्ड 1,67,540 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। वित्त मंत्रालय की ओर से रविवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2022 में कुल 1,67,540 करोड़ रुपए जीएसटी राजस्व संग्रहित किया गया, जो मार्च 2022 के 1,42,095 करोड़ रुपए से 25 हजार करोड़ रुपए अधिक है। जीएसटी प्रणाली लागू होने के बाद का यह सबसे अधिक जीएसटी राजस्व संग्रह है। अप्रैल, 2022 के महीने में सकल जीएसटी राजस्व 1,67,540 करोड़ रुपए है, जिसमें से सीजीएसटी 33,159 करोड़ रुपए, एसजीएसटी 41,793 करोड़ रुपए, वस्तुओं के आयात पर एकत्रित 36,705 करोड़ रुपए सहित आईजीएसटी 81,939 करोड़ रुपए और माल के आयात पर एकत्रित 857 करोड़ रुपए सहित उपकर 10,649 करोड़ रुपए है। सरकार ने आईजीएसटी से 33,423 करोड़ रुपये सीजीएसटी और 26962 करोड़ रुपए एसजीएसटी तय किए हैं। नियमित निपटान के बाद अप्रैल 2022 में केंद्र और राज्यों का कुल राजस्व सीजीएसटी के लिए 66,582 करोड़ रुपए और एसजीएसटी के लिए 68,755 करोड़ रुपए है। अप्रैल 2022 का राजस्व पिछले साल के इसी महीने में जीएसटी राजस्व से 20 प्रतिशत अधिक है। जीएसटी प्रणाली लागू होने के बाद इस वर्ष अप्रैल में पहली बार कुल जीएसटी राजस्व संग्रह 1.5 लाख करोड़ रुपए के स्तर को पार कर गया है। मार्च 2022 में कुल 7.7 करोड़ ई-वे बिल सृजित हुए, जो फरवरी 2022 में सृजित 6.8 करोड़ ई-वे बिल से 13 प्रतिशत अधिक है। यह देश में तेज गति से व्यावसायिक गतिविधि को दर्शाता है। इस वर्ष अप्रैल के दौरान जीएसटीआर-3बी में 1.06 करोड़ जीएसटी रिटर्न दाखिल किए गए, जिनमें से 97 लाख मार्च में दाखिल किए गए रिटर्न हैं। अप्रैल 2021 के दौरान कुल 92 लाख रिटर्न दाखिल किए गए थे।

Published / 2022-05-01 14:00:52
श्रमिकों/कामागारों के प्रति संवेदनशील है राज्य सरकार

टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के दिशा-निर्देश में गिरिडीह, हजारीबाग और बोकारो के 30 कामगारों में से 10 की झारखण्ड सुरक्षित वापसी श्रमिक दिवस से दो दिन पूर्व हुई। शेष 20 कामगारों की वापसी हेतु सरकार प्रयास कर रही है। ये पहली बार नहीं हुआ, जब देश और विदेशों में फंसे कामगारों की सुरक्षित वापसी का कार्य किया गया हो। ऐसे दर्जनों उदाहरण हैं, जब सरकार कामगारों के सम्मान में आगे आई है। कोरोना संक्रमण काल में झारखंड अपने श्रमिकों को प्लेन ट्रेन और अन्य परिवहन के माध्यम से वापस लाने वाला पहला राज्य था। सरकार को राज्य के श्रमिकों और कामगारों की चिंता थी और यही वजह रही कि अचानक लगे लॉकडाउन में प्रवासी श्रमिकों के देश के विभिन्न राज्यों में फंसने की जानकारी मिलते ही सरकार ने सबसे पहले उनके लिए भोजन और आश्रय की व्यवस्था की तत्पश्चात उन्हें लद्दाख, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह समेत देश के विभिन्न क्षेत्रों में फंसे श्रमिकों एवं कामगारों को लाने का कार्य शुरू किया गया। हजारों की संख्या में श्रमिक अपने घर लौटे। श्रमिकों के रोजगार का हुआ प्रयास : कोरोना संक्रमण के इस दौर में रोजगार का अभाव दिखाई दे रहा था। दिहाड़ी मजदूरों के लिए यह दौर विभीषिका के समान था। इसको देखते हुए सरकार के स्तर पर कार्य योजना तैयार की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को लेकर जो तनाव था उसे काफी हद तक सरकार ने कम करने का प्रयास किया। ग्रामीण क्षेत्र में करोड़ों मानव दिवस सृजित कर सरकार श्रमिकों को काम दिलाने में सफल रही। मनरेगा अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में अब तक कुल 2.8 लाख से अधिक परिवारों को जोड़ते हुए जॉबकार्ड निर्गत किया गया। वहीं शहरी क्षेत्रों में भी कार्य के अभाव को देखते हुए शहरी रोजगार गारंटी योजना का शुभारंभ किया गया। इस योजना से शहरी जनसंख्या के करीब 31 प्रतिशत लोग जो गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहें हैं उन्हें लाभान्वित करने का लक्ष्य तय किया गया। झारखण्ड असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत श्रमिकों भाईयों के लिए पांच योजना लागू की गई है। 2021-22 में 6 हजार श्रमिकों को 11 करोड़ रूपये के समतुल्य राशि का लाभ दिया गया है। मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना का सरलीकरण किया गया, ताकि अधिक से अधिक लोग अपने ही राज्य में स्वरोजगार अपना सकें। सरकार ने कदम बढ़ाया : श्रमिकों के कल्याण हेतु सरकार ने कदम बढाया। संक्रमण काल में प्रवासी श्रमिकों और कामगारों ने बहुत कुछ झेला है और इसकी पुनरावृति ना हो, इसके लिए सरकार उनके पलायन को देख सुरक्षित और जवाबदेह प्रवासन सुनिश्चित कर रही है। क्योंकि इससे पूर्व श्रमिकों के लिए कोई ठोस नीति का निर्माण नहीं किया गया। कोराना काल में सरकार के प्रयास से झारखण्ड से अन्य राज्यों में प्रवास करने वाले श्रमिकों की संख्या ज्ञात हुई। उन सभी का निबंधन राज्य सरकार के श्रमाधान और केंद्र सरकार के ई-श्रम पोर्टल में किया गया है, जिससे मुसीबत के समय सरकार उनतक पहुंच कर मदद कर सके। श्रमिकों की सुरक्षा का भी ध्यान : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने दिसंबर 2021 में सेफ एंड रिस्पांसिबल माइग्रेशन इनिशिएटिव (एसआरएमआइ) का शुभारंभ किया था। झारखण्ड से रोजगार के लिए बड़े पैमाने पर श्रमिकों का पलायन होता है, परंतु आज तक प्रवासी श्रमिकों के सुरक्षित और जवाबदेह पलायन के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनायी गयी थी। इसको ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री के पहल पर एसआरएमआइ का शुभारम्भ हुआ है। सेफ एंड रिस्पॉन्सिबल माइग्रेशन इनिशिएटिव के तहत प्रवासी श्रमिकों और कामगारों के सुरक्षित और जिम्मेदार प्रवासन हेतु गुमला और पश्चिमी सिंहभुम में केंद्र का शुभारम्भ किया गया। यह केंद्र जिला श्रम एवं रोजगार कार्यालय के तत्वावधान में जिला स्तरीय सहायता प्रकोष्ठ के रूप में तथा जिला श्रम एवं रोजगार अधिकारी के पर्यवेक्षण में कार्य करेगा। इसके जरिये गुमला और पश्चिमी सिंहभूम के अन्दर अंतरराज्यीय प्रवासियों और उनके परिवारों की पहचान करने दिशा में काम करेंगे, ताकि ऐसे श्रमिकों एवं कामगारों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह कार्य उपायुक्त और अन्य अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर किया जायेगा। साथ ही, श्रमिकों और कामगारों के पंजीकरण की भी सुविधा केंद्र में दी जाएगी। इनके लिए शिविर का आयोजन भी समय-समय पर करने की योजना है। श्रमिक दिवस पर दुमका में भी केंद्र का शुभारंभ हो रहा है। हमारी सरकार माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में श्रमिकों और कामगारों के प्रति संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। हमारा प्रयास है कि राज्य से जो भी श्रमिक बाहर काम करने जाते हैं उनके लिए एक ऐसी नीति तैयार की जाए जिससे वह और उनके परिवार दूसरे राज्यों में भी सरकारी नीतियों का लाभ उठा सकें। हम लगातार कोशिश कर रहे है की किस तरह पलायन को सुरक्षित एवं ज़िम्मेदार बनाया जाए। आज श्रम दिवस पर मैं राज्य सरकार की ओर से अपनी श्रमिक भाइयों - बहनों को नमन करता हूं। उक्त जानकारी श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने दी।

Published / 2022-04-30 10:39:26
पवन हंस में 51% की हिस्सेदारी को सरकार 211 करोड़ रुपये में बेचेगी, किसे मिलेगा मालिकाना हक?

एबीएन सेंट्रल डेस्क। एयर इंडिया के बाद केंद्र सरकार ने पवन हंस लिमिटेड में अपनी पूरी 51% हिस्सेदारी की बिक्री और मैनेजमेंट कंट्रोल के ट्रांसफर के लिए स्टार 9 मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड की बोली को शुक्रवार को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट कमेटी ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स ने अक्टूबर, 2016 में PHL के स्ट्रैटजिक डिसइन्वेस्टमेंट को मंजूरी दी थी। इस समिति में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शामिल थे। सरकार ने शुक्रवार को कहा कि उसने पवन हंस लिमिटेड में अपनी 51 प्रतिशत हिस्सेदारी 211.14 करोड़ रुपये में बेचने के लिए स्टार 9 मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड की उच्चतम बोली को मंजूरी दे दी है। इसके बाद लेन-देन अब अंतिम चरण में चला जाता है, जिसमें अगले चरण में लेटर ऑफ अवार्ड जारी करना, शेयर खरीद समझौते पर हस्ताक्षर करना और लेनदेन को बंद करना शामिल है। मौजूदा प्रक्रिया के अनुसार, विशेषज्ञों (लेन-देन सलाहकार और परिसंपत्ति मूल्यांकनकर्ता) द्वारा किए गए मूल्यांकन के आधार पर पवन हंस की बिक्री के लिए आरक्षित मूल्य 199.92 करोड़ रुपये तय किया गया था। तत्पश्चात, तीन बोलियां बोलीदाताओं की उपस्थिति में खोली गईं। वित्त मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि तीनों बोलियां वैध पाई गईं। बता दें कि सरकारी हेलीकॉप्टर कंपनी पवन हंस इस समय गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रही है। पवन हंस देश की इकलौती सरकारी हेलीकॉप्टर सेवा प्रदान करने वाली कंपनी है। तीन दशक से भी अधिक पुरानी इस कंपनी को वित्त वर्ष 2018-19 में लगभग 69 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इसके बाद साल 2019-20 में भी कंपनी को लगभग 28 करोड़ का घाटा उठाना पड़ा था। इसी के चलते सरकार ने अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। बता दें कि पवनहंस भारत सरकार और ONGC का एक जॉइंट वेंचर है जो हेलिकॉप्टर और एयरो मोबिलिटी सर्विस देता है। भारत सरकार के पास कंपनी में 51 फीसदी शेयर हैं और ONGC के पास 49 फीसदी शेयर। ONGC भी भारत सरकार के स्ट्रैटजिक डिसइन्वेस्टमेंट ट्रांजैक्शन में सक्सेसफुल बिडर को अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचेगी। इसका प्राइस और टर्म्स एंड कंडीशन भी वही करेगी।

Published / 2022-04-30 07:44:47
पंचायत चुनाव : जानें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कब डाले जायेंगे अंतिम चरण के वोट

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में पंचायत चुनाव के लिए चौथे और आखिरी चरण के नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों ने शुक्रवार को निर्वाचन की सूचना प्रकाशित कर दी। आखिरी चरण के लिए छह मई तक नामांकन दाखिल किये जा सकेंगे। सात और नौ मई को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 10 और 11 मई तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 12 मई को उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिया जायेगा। 27 मई को आखिरी चरण के लिए वोट डाले जाएंगे तथा 31 मई को वोटों की गिनती होगी। आखिरी चरण में राज्य के सर्वाधिक नक्सल प्रभावित प्रखंडों में चुनाव प्रक्रिया होगी। पंचायत चुनाव के आखिरी चरण में 23 जिलों के 72 प्रखंडों में चुनाव होगा। सरायकेला-खरसांवा जिले को छोड़कर सभी जिलों के एक या इससे अधिक प्रखंडों में नामांकन होंगे। किस जिले में कौन-कौन प्रखंड शामिल हैं : 1. गढ़वा- कांडी, बरडीहा, मंझिआंव, डंडई, मेराल, गढ़वा और डंडा 2. मेदिनीनगर- पांडु, विश्रामपुर, चैनपुर, रामगढ़ और मेदिनीनगर 3. लातेहार- गारू और महुआड़ांड़ 4. चतरा- पत्थलगड़ा, सिमरिया और टंडवा 5. हजारीबाग- कटकमसांडी, कटकमदाग, हजारीबाग, केरेडारी और बड़कागांव 6. कोडरमा- कोडरमा, चंदवारा और जयनगर 7. गिरिडीह- बगोदर, डुमरी और पीरटांड़ 8. देवघर- मारगोमुंडा, सारठ और पालोजोरी 9. गोड्डा- मेहरमा, ठाकुरगंगटी और बोआरीजोर 10.साहिबगंज- साहिबगंज, बरहेट और राजमहल 11. पाकुड़- लिट्टीपाड़ा, आमड़ापाड़ा और पाकुड़िया 12. दुमका- सरैयाहाट, जामा और जरमुंडी 13. जामताड़ा- जामताड़ा, नाला और कुंडहित 14. धनबाद-निरसा और गोविन्दपुर 15. बोकारो- चास और चंदनकियारी 16. रामगढ़- मांडू 17. लोहरदगा- कैरो, लोहरदगा और भंडरा 18. गुमला- पालकोट, बसिया और कामडारा 19. खूंटी- खूंटी, मुरहू और अड़की 20. रांची- खलारी, बुढ़मू, चान्हो, मांडर और रातू 21. सिमडेगा- बांसजोर और बानो 22. पश्चिमी सिंहभूम- हाटगम्हरिया, जगन्नाथपुर, कुमारडुंगी और मंझगांव 23. पूर्वी सिंहभूम- गोलमुरी सह जुगसलाई में पंचायत चुनाव कराया जा रहा है।

Published / 2022-04-29 17:59:22
पंचायत चुनाव : चौथे और अंतिम चरण के चुनाव के लिए 23 जिलों के 72 प्रखंडों में होगा मतदान

टीम एबीएन, रांची। 27 मई को होनेवाले पंचायत चुनाव के अंतिम और चौथे चरण के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस चरण में 23 जिलों के 72 प्रखंडों में मतदान होगा। जिसके लिए 6 मई तक नामांकन दाखिल किये जायेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर सभी जिलों में आज यानी शुक्रवार को सूचना प्रकाशित कर दी गई है। चौथे चरण के लिए 6 मई तक नामांकन पर्चा भरे जाने के बाद 7 और 9 मई को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी होगी इसके बाद 10 और 11 मई को नामांकन वापसी की तारीख निर्धारित की गई है। 12 मई को चुनाव चिन्ह आवंटित होने के बाद 27 मई को मतदान सुबह 7 बजे से अपराह्न 3 बजे तक होगा। चौथे चरण का मतगणना 31मई को होगा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के चौथे और अंतिम चरण में कुल 18920 पदों के लिए मतदान होगा। इस फेज में जिला परिषद सदस्य के 159, पंचायत समिति सदस्य के 1587, ग्राम पंचायत मुखिया के 1299 और ग्राम पंचायत सदस्य के 15,875 पदों पर चुनाव होगा। कुल 18920 पदों में महिलाओं के लिए 10724 पद आरक्षित हैं यानी 56.68 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है। वैसे तो चौथे फेज में सरायकेला-खरसावां को छोड़कर राज्य के शेष 23 जिलों के 72 प्रखंडों में चुनाव होगा मगर यदि रांची की बात करें, तो इस जिले के पांच प्रखंड खलारी, बुढमू, चान्हो, मांडर और रातु में मतदान होगा। जिला प्रशासन द्वारा जिला परिषद सदस्य को छोड़कर शेष सभी तीन पदों के लिए नामांकन प्रखंड मुख्यालय में सुनिश्चित किया है। जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय में जिला परिषद सदस्य का नामांकन होगा। नोमिनेशन निर्धारित संख्या और कागजात के साथ निर्वाची पदाधिकारी के समक्ष दिन के 11 बजे से 3 बजे तक होगा।

Published / 2022-04-29 17:40:20
भारतीय सेना के नए वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बने लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू

एबीएन सेंट्रल डेस्क। लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू को भारतीय सेना का नया वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ नियुक्त किया गया है। अतिरिक्त जन सूचना महानिदेशालय- भारतीय सेना ने ट्वीट किया। चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल एमएम नरवणे और भारतीय सेना के सभी रैंकों ने लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू को भारतीय सेना का वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ नियुक्त किए जाने पर बधाई दी। लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू एक मई 2022 को वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ की नियुक्ति ग्रहण करेंगे। लेफ्टिनेंट जनरल राजू वर्तमान में डीजी मिलिट्री ऑपरेशंस की कमान संभाल रहे हैं। यह एक दुर्लभ मामला है जहां एक अधिकारी जो सेना कमांडर नहीं रहा है। वह वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के रूप में कार्यभार संभालेगा। लेफ्टिनेंट जनरल राजू ने इससे पहले श्रीनगर स्थित 15 कोर का नेतृत्व किया था। गौरतलब है कि भारतीय सेना को एक मई को लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे के रूप में भी नया आर्मी चीफ मिलेगा। वह देश के 29वें थल सेना प्रमुख होंगे और वह जनरल एमएम नरवणे के 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त होने के बाद उनका स्थान लेंगे। वह कोर ऑफ इंजीनियर के पहले अधिकारी होंगे जो थल सेना के प्रमुख होंगे। जनरल नरवणे 28 महीने का कार्यकाल पूरा करने वाले हैं।

Page 277 of 330

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse