राज काज

View All
Published / 2022-07-02 17:14:46
झारखंड में आंगनबाड़ी की समस्याओं का निष्पादन जल्द : केंद्रीय राज्य मंत्री

टीम एबीएन, रांची। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ मुंजपरा महेंद्रभाई ने कहा कि झारखंड में आंगनबाड़ी से जुड़े जो भी मांग हैं, उसे पूरा किया जायेगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार बच्चों, खास कर के महिलाओं को अपनी योजनाओं में प्रमुखता दे रही है। मातृ-शिशु योजना हो, निर्भय फंड हो, पीएम मातृ वंदना योजना हो, या सरकारी संस्थानों में वर्किंग औरतों के लिए क्रेचे सुविधा एवं नए हॉस्टलों का निर्माण हो, पीएम जन आरोग्य योजना हो, मुद्रा योजना, स्टार्ट अप इंडिया या स्टैंड अप इंडिया हो, इन सबमें महिलाओं को प्रमुखता दी गई है। वह शनिवार को महिला बाल एवं कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित 2030- सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल की बैठक में बोल रहे थे। राज्य मंत्री ने कहा कि आज देश के 12 लाख से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल सुविधा है, वहीं 11 लाख से अधिक में शौचालय कि व्यवस्था हो चुकी है। मुद्रा योजना में 60% से ऊपर लोन महिलाओं के नाम दिए गए हैं। आज देश मे कई राज्यों में पंचायतों में 50% महिला आरक्षण है, सैनिक स्कूलों में महिलाओं को पढ़ने का अवसर भी इस सरकार ने दिया है। राज्य में कुपोषण एक बड़ी समस्या, केंद्र मदद करे : जोबा मांझी- मेजबान राज्य झारखंड की महिला, बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री जोबा माझी ने अपने सम्बोधन में कहा कि राज्य में 40% बच्चे कुपोषण का शिकार हैं, मुख्यमंत्री ने इस समस्या से निपटने के लिए 3-6 साल के बच्चों के लिए आंगनबाड़ी में सप्ताह में 6 अंडे उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने केंद्र की तरफ से सहायता राशि में आई कमी की तरफ भी केन्द्रीय मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया एवं राज्य में पोषण सखी को दुबारा रखने तथा राज्य में 12,600 से कुछ अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण/ पुनर्निर्माण हेतु सहायता राशि उपलब्ध कराने की गुजारिश की। महिला सशक्तिकरण को लेकर तीन बिंदुओं पर हो रहा है काम : सचिव- महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सचिव इंदीवर पाण्डेय ने बताया कि भारत के भविष्य यानि बच्चों एवं देश की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए नई प्रतिबद्धता के साथ मंत्रालय प्रमुखता से तीन नए मिशन पर कार्य कर रहा है- मिशन सक्षम आंगनबाड़ी और पोषण 2.0, मिशन शक्ति और मिशन वात्सल्य। मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के पोषण संबंधी आवश्यकताओं को सुनिश्चित करना है। मिशन शक्ति का उद्देश्य महिला सुरक्षा, पुनर्वास और सशक्तिकरण के लिए समाधान प्रदान करना, एवं मिशन वात्सल्य के तहत बाल संरक्षण एवं व्यापक बाल कल्याण और विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने आकांक्षी जिलों को संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित 2030- सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल को अपने जिलों में हासिल करने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। विदित हो कि स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में, देश अगले 25 वर्षों के लिए समग्र विकास के लक्ष्य निर्धारित कर रहा है। यह पूर्ण प्रतिबद्धता और उत्साह के साथ एक उज्ज्वल भविष्य की ओर देखते हुए, उपलब्धियों पर चिंतन करने, उनका उत्सव मनाने और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए आगे बढ़ने का भी समय है। इस उद्देश्य से, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने जून 2022 से देश भर में क्षेत्रीय और उप-क्षेत्रीय बैठकों की श्रृंखला आयोजित करने का निर्णय लिया। देश के कई हिस्सों में आयोजन के बाद, आज 02.07.2022 को यह बैठक झारखंड की राजधानी रांची में राज्य सरकार के सहयोग एवं नीति आयोग के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई, जिसमें नीति आयोग के साथ झारखंड, छत्तीसगढ़, और ओडिशा के वरिष्ठ अधिकारी/ प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। इससे पूर्व अपने स्वागत भाषण में निदेशक - महिला, बाल विकास एवं समाज कल्याण, झारखंड सरकार, ए डोडे ने आकांक्षी जिलों में महिलाओं एवं बच्चों पर असर विषय पर आयोजित इस क्षेत्रीय बैठक में आए सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि उनका विभाग झारखंड में समग्रता से इस वर्ग विशेषों के कल्याण हेतु तत्परता से कार्य कर रहा है। बैठक में झारखंड के आकांक्षी जिलों जैसे रांची एवं गुमला के जिला उपायुक्तों ने अपने यहाँ किए जा रहे महिला एवं बाल कल्याण के कार्यों पर प्रेजन्टैशन प्रस्तुत किया। रांची में आयोजित इस जोनल मीट का मकसद आकांक्षी जिलों में हासिल की गई उपलब्धियों का न केवल उत्सव मनाना रहा, बल्कि महिलाओं और बच्चों के विकास और सशक्तिकरण की चर्चा को केंद्रीय मंच पर लाने के लिए मंत्रालय एवं राज्य सरकारों द्वारा निरंतर किए जा रहे प्रयास और प्रतिबद्धता के लिए प्रेरणा को प्रतिबिंबित करना भी रहा। बैठक की अध्यक्षता महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के राज्य मंत्री डॉ मुंजपरा महेंद्रभाई ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। बैठक में महिला एवं बाल विकास मन्त्रालय के सचिव इंदीवर पाण्डेय, संयुक्त सचिव तृप्ति गुरहा, नीति आयोग के सचिव एवं सहभागी राज्यों के आकांक्षी जिलों के सक्षम अधिकारियों/ प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

Published / 2022-07-02 09:47:36
विक्रम दोराईस्वामी होंगे UK में भारत के नये राजदूत, दलेला जायेंगे ढाका!

एबीएन सेंट्रल डेस्क। बांग्लादेश में भारतीय राजदूत विक्रम दोराईस्वामी के यूनाइटेड किंगडम में भारतीय दूत के रूप में पदभार संभालने की उम्मीद है। 1992 बैच के भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी, दोराईस्वामी एक चीनी वक्ता हैं, जिन्होंने उज्बेकिस्तान, दक्षिण कोरिया में भारतीय राजदूत के रूप में कार्य किया है और अमेरिका के साथ-साथ प्रधानमंत्री के निजी सचिव में भी कार्य किया है। विक्रम दोराईस्वामी ने राजदूत गायत्री इस्सर कुमार की जगह ली है, जो 30 जून, 2022 को सेवानिवृत्त हुए थे। अमेरिका में मिशन के वर्तमान उप प्रमुख सुधाकर दलेला, जो 1993 बैच के आईएफएस अधिकारी हैं, ढाका में विक्रम की जगह लेने की उम्मीद है। ऐसी अटकलें हैं कि वियतनाम में भारतीय राजदूत प्रणय वर्मा भूटान में रुचिरा कंबोज की जगह लेंगे और संदीप आर्य हनोई में उनकी जगह लेंगे। कंबोज को संयुक्त राष्ट्र में भारत का स्थायी प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है। वर्मा और आर्य दोनों 1994 बैच के अधिकारी हैं। एक पेशेवर और मेहनती राजनयिक, दोराईस्वामी ढाका के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं, जिसमें अधिकारी बुनियादी ढांचे और रक्षा सहयोग के माध्यम से बांग्लादेश के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए जोर दे रहे हैं। दक्षिण कोरिया में भारतीय राजदूत के रूप में दोराईस्वामी भारत में केआईए मोटर्स प्राप्त करने और भारत में K -9 155 मिमी स्व-चालित होवित्जर के संयुक्त विकास के दिशा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

Published / 2022-07-01 13:44:59
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने प्रभु जगन्नाथ से की राज्य की सुख-समृद्धि की कामना

टीम एबीएन, रांची। रथ यात्रा के पावन अवसर पर माननीय राज्यपाल श्री रमेश बैस एवं माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज रांची धुर्वा स्थित जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा, भाई बलभद्र की विधिवत पूजा-अर्चना की। राज्यपाल ने महाप्रभु जगन्नाथ के दर्शन और पूजा-अर्चना कर देश एवं राज्य की खुशहाली, सुख-समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना की। माननीय राज्यपाल श्री रमेश बैस ने कहा कि विधिवत मंत्रोच्चार के साथ आज प्रभु जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा के चरणों में पूजा-अर्चना करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। भगवान जगन्नाथ सभी पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें। माननीय राज्यपाल ने राज्यवासियों को रथ यात्रा की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों को दी शुभकामनाएं : मौके पर माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने महाप्रभु जगन्नाथ से राज्यवासियों की सुख,समृद्धि और निरोगी जीवन की कामना करते हुए सभी को रथ यात्रा पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने महाप्रभु जगन्नाथ से प्रार्थना किया कि प्रभु का आशीर्वाद सभी पर बना रहे तथा झारखंड विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करे। मौके पर पंडित राजेश्वर एवं मदन ने विधिवत पूजा का कार्य संपन्न कराया। मौके पर सांसद संजय सेठ, पूर्व सांसद सुबोध कांत सहाय, विधायक नवीन जायसवाल, विधायक राजेश कच्छप, जगन्नाथ मंदिर के प्रथम सेवक सुधांशु नाथ शाहदेव सहित अन्य गणमान्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

Published / 2022-07-01 08:32:51
देश के पहले उर्वरक कारखाने में फिर से लौटेगी बहार, हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के सिंदरी में स्थित देश के पहले और सबसे पुराने उर्वरक कारखाने में पूरे दो दशक के बाद फिर से बहार लौटेगी। तकनीक पुरानी पड़ जाने और लगातार नुकसान की वजह से यह कारखाना 31 दिसंबर 2002 को बंद हो गया था। अब इसकी जगह यहां स्थापित किये जा रहे नये संयंत्र का निर्माण कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। जुलाई के आखिरी हफ्ते या अगस्त से यहां उत्पादन शुरू हो जाने की उम्मीद है। हिन्दुस्तान उर्वरक एंड रसायन लिमिटेड के इस नये संयंत्र की शुरूआत से लगभग ढाई हजार लोगों को प्रत्यक्ष तौर पर नौकरी और दस से पंद्रह हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। इस कारखाने के पुनरुद्धार में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्तिगत तौर पर दिलचस्पी ली है। 25 मई, 2018 को उन्होंने खुद कारखाने के पुनर्निर्माण की आधारशिला रखी थी। यह उर्वरक संयंत्र कोल इंडिया लिमिटेड और एनटीपीसी का संयुक्त उपक्रम है और इसकी स्थापना पर लगभग आठ हजार करोड़ रुपये की लागत आयी है। हालांकि शुरूआत में इसका बजट 62 सौ करोड़ रुपये तय किया गया था, लेकिन कोविड के चलते निर्माण कार्य में हुई देरी की वजह से लागत बढ़ गयी है। सिंदरी संयंत्र के ग्रुप जनरल मैनेजर कामेश्वर झा ने बताया कि जुलाई अंतिम हफ्ते या अगस्त से यहां उत्पादन की शुरूआत हो जायेगी। इस संयंत्र से प्रतिदिन 2250 मीट्रिक टन अमोनिया और 3850 टन यूरिया के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यहां से उत्पादित होने वाला यूरिया नीम कोटेड होगा। कृषि के लिए इसे आदर्श उर्वरक माना जाता है। हालांकि, इस नये संयंत्र की शुरूआत की तीन डेडलाइन पार हो चुकी है। शिलान्यास के वक्त इसे दो साल के भीतर चालू करने का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन कोविड के चलते काम धीमा पड़ गया। इसके बाद दो बार छह-छह महीने का एक्सटेंशन दिया गया। मई 2021 में भी इसे शुरू नहीं किया जा सका। इसके बाद 17 नवंबर 2021 की तारीख तय की गयी थी, लेकिन तब भी कुछ तकनीकी अड़चनों के चलते इसकी टेस्टिंग का काम पूरा नहीं हो पाया। सिंदरी में स्वतंत्र भारत के पहले उर्वरक कारखाने की शुरूआत 2 मार्च 1951 को हुई थी। हालांकि, इसकी नींव 1934 में बंगाल में पड़े भीषण अकाल के बाद अंग्रेजी सरकार के कार्यकाल में ही डाल दी गयी थी। फर्टिलाइजर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के इस संयंत्र का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है, लेकिन 31 दिसंबर 2002 में यह कारखाना बंद हो गया था। इसकी वजह से हजारों लोगों को रोजगार से हाथ धोना पड़ा था। इसके साथ ही देश की इस मशहूर उर्वरक नगरी में मायूसी पसर गयी थी। इसके बाद से ही इस कारखाने के पुनरुद्धार की मांग चल रही थी। अब नये सिरे से यहां हिन्दुस्तान उर्वरक एंड रसायन लिमिटेड के संयंत्र की स्थापना होने से सिंदरी और धनबाद के इलाके में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार की उम्मीदें बढ़ी हैं। सिंदरी के साथ-साथ बिहार के बरौनी में भी उर्वरक संयंत्र का निर्माण चल रहा है। इन दोनों संयंत्रों का निर्माण फ्रांस की कंपनी टेक्निप कर रही है।

Published / 2022-07-01 06:22:53
657 एकड़ में बने देवघर हवाई अड्डे का 12 को उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी

टीम एबीएन, रांची। 14 जुलाई से प्रारंभ हो रहे विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले से ठीक पूर्व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 12 जुलाई को 657 एकड़ भूमि में बने देवघर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 12 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यहां नवनिर्मित देवघर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे, जो झारखंड के रांची स्थित बिरसा मुंडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाद दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा। इस हवाई अड्डे के उद्घाटन के साथ श्रावणी मेले के लिए देश-विदेश से देवघर आने वाले श्रद्धालुओं को अब रांची अथवा कोलकाता से सड़क मार्ग से देवघर स्थित बाबा धाम आने की कठिनाई नहीं उठानी पड़ेगी। झारखंड के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, केन्द्रीय नागर विमानन मंत्रालय के सचिव राजीव बंसल, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अध्यक्ष संजीव कुमार, झारखंड सरकार की कैबिनेट सचिव वंदना डाडेल, भारत सरकार के नागर विमानन मंत्रालय की संयुक्त सचिव रूबिना अली ने नव निर्मित हवाई अड्डे का दौरा किया। इस दौरान राज्य के पुलिस महानिदेशक नीरज सिन्हा, देवघर के उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी मंजुनाथ भजंत्री, पुलिस अधीक्षक सुभाष चन्द्र जाट सहित जिला प्रशासन के भी तमाम अधिकारी उपस्थित थे। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि सभी अधिकारियों ने हवाई अड्डे के उद्घाटन को लेकर की गई तैयारियों की समीक्षा की। केन्द्रीय नागर विमानन मंत्रालय के सचिव राजीव बंसल एवं भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के अध्यक्ष संजीव कुमार एवं वरीय अधिकारियों ने हवाई अड्डा परिसर में पूर्ण हो चुके और वर्तमान में चल रहे कार्यों का निरीक्षण कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया। हवाई अड्डे और वहां की सुविधाओं के निरीक्षण के पश्चात मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, सचिव नागर विमानन मंत्रालय, राजीव बंसल ने बाबा बैद्यनाथ की पूजा-अर्चना भी की। उन्होंने बताया कि 401 करोड़ रुपए में बना देवघर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 657 एकड़ भूमि में फैला है और इसका टर्मिनल भवन 5130 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनाया गया है। 2500 मीटर लंबी हवाई पट्टी के साथ इस हवाई अड्डे पर एयरबस 320 आदि बड़े विमानों का संचालन आसानी से हो सकेगा।

Published / 2022-07-01 03:29:58
18 जुलाई से शुरू होगा संसद का मानसून सत्र

एबीएन सेंट्रल डेस्क। संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से शुरू होगा। गुरुवार को इसकी घोषणा की गई है। बता दें कि संसद का मानसून सत्र 12 अगस्त तक चलेगा। संसद का यह मानसून सत्र खास रहने वाला है क्योंकि 18 जुलाई को ही राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग है। मानसून सत्र में 18 जुलाई से 12 अगस्त के बीच कुल 17 कार्यदिवस पड़ रहे हैं। इस सत्र में सरकार कई विधेयकों को सदन में पेश कर सकती है। इनमें संसदीय समिति के समक्ष विचारार्थ भेजे गए 4 विधेयक शामिल हैं। संसद के मानसून सत्र में मोदी सरकार कई बिलों को पेश कर सकती है। संसद के मानसून सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं। कांग्रेस प्रवर्तन निदेशालय द्वारा राहुल गांधी से पूछताछ, महंगाई, बेरोजगारी और अन्य अहम मुद्दों को लेकर सरकार को घेर सकती हैं। गौरतलब है कि हाल ही दिनों में नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी के समक्ष राहुल गांधी की पेशी को लेकर कांग्रेस ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। वैसे भी कांग्रेस नेता लगातार महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दें पर केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर है। शायद ही ऐसा कोई दिन हो जब राहुल गांधी मोदी सरकार पर निशाना साधा हो। किसी न किसी चीज को लेकर कांग्रेस नेता लगातार केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश करते हैं। मोदी सरकार संसद के मानसून सत्र में कई बिलों को पेश कर सकती है। बिजली (संशोधन) विधेयक, 2021 को जुलाई में शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में पेश किए जाने की संभावना है। इस विधेयक में अन्य बातों के अलावा ग्राहकों को दूरसंचार सेवाओं प्रदाताओं की तरह विभिन्न बिजली सेवा प्रदाताओं में से चुनने का विकल्प उपलब्ध कराने का प्रावधान है। वहीं, संसद के मानसून सत्र में मोदी सरकार बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक लाने की तैयारी में है। बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक के आने के बाद सरकारी बैंकों के निजीकरण में रफ्तार आएगी। इसके अलावा संसद के मानसून सत्र में केंद्र सरकार और कई बिलों को पेश कर सकती है।

Published / 2022-06-30 17:03:46
जल, जंगल-जमीन बचाने में हूल नायकों की अहम भूमिका : हेमंत सोरेन

टीम एबीएन, भोगनाडीह/साहिबगंज। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आदिवासी समाज शुरू से ही अपने हक की लड़ाई लड़ता रहा है, इसका जीता जागता उदाहरण भोगनाडीह से प्राप्त होता है, जहां के अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू ने अंग्रेजों से आदिवासी समाज के हितों कि रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। वे आज हूल दिवस के अवसर पर भोगनाडीह, साहिबगंज में अमर शहीद सिदो-कान्हू के स्मृति स्थल पर पूजा-अर्चना के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। जल-जंगल-जमीन को बचाने में अहम भूमिका : इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समाज ने देश में अपनी अलग पहचान बनाया है। इतिहास के अनेकों कहानियों में इन्होंने अपना प्रमुख छाप छोड़ा है। आदिवासी समुदाय ने समाज के प्रति कर्तव्य का पालन कर अपनी अलग स्थान बनाई है। यह समाज जल-जंगल-जमीन को बचाने में अपनी प्रमुख भूमिका निभाता रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहासकारों का मानना है कि पृथ्वी के बनने के बाद सबसे पहले जमीन झारखंड के कोल्हान क्षेत्र में दिखी थी। डायनासोर युग के भी कुछ अवशेष यहां प्राप्त होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समाज शुरूआत से ही अपने हितों की रक्षा की लड़ाई लड़ रहे हैं। आज से कई सौ साल पहले ही फूलों-झानो, चांद-भैरव, सिदो-कान्हो जैसे महान आदिवासी नेताओं ने अपने हक की लड़ाई लड़ी थी और समाज के हित के लिए लोगों को एकजुट किया था। मुख्यमंत्री ने हूल दिवस के अवसर पर अमर शहीद सिदो कान्हू द्वार का उद्घाटन किया। इसके उपरांत अमर शहीद सिदो कान्हू के आवास पर स्थित प्रतिमा का माल्यार्पण किया तथा उनके वंशजों से मुलाकात की एवं उन्हें उपहार भेंट किया। मुख्यमंत्री ने उनके वंशजों द्वारा दिये गए ज्ञापनों पर संबंधित पदाधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने का निदेश भी दिया। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने हूल दिवस पर भोगनाडीह के अमर शहीद सिदो-कान्हू पार्क स्थित सिदो-कान्हू, फूलो-झानों एवं चांद-भैरव की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। मौके पर राजमहल सांसद विजय कुमार हांसदा एवं जिला प्रशासन के पदाधिकारी एवं आम जनता उपस्थित थे।

Published / 2022-06-30 14:20:23
सेना के जवानों को मिलेगी 4800 स्नाइपर राइफलें और 78 लाख गोलियां

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना के लिए 4800 स्नाइपर राइफल और 78 लाख गोलियां खरीदने के सौदे के लिए भारतीय कंपनियों को रिक्वेस्ट फॉर इनफार्मेशन (आरएफआई) जारी कर दी है। आरएफआई किसी भी रक्षा सौदे के टेंडर प्रक्रिया का पहला चरण होता है। यह राइफलें पाकिस्तान और चीन की सीमाओं पर तैनात जवानों को मुहैया कराई जाएंगी। 2016 में भी जारी हुई थी आरएफआई : रक्षा मंत्रालय के डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड ने इन स्नाइपर राइफल खरीदने की मंजूरी पहले ही दे दी थी। इस बाबत 2016 में पहले भी आरएफआई जारी की गई थी, लेकिन टेंडर प्रक्रिया में अधिक कंपनियों को शामिल करने के लिए एक बार फिर से आरएफआई जारी की गई है। ये आरएफआई बाय-इंडिया के तहत जारी की गई है। ये स्नाइपर राइफल भारतीय कंपनियों के लिए ही खरीदी जाएंगी। हालांकि भारतीय कंपनियां इस सौदे के लिए किसी विदेशी कंपनी से भी करार कर सकती हैं। .338 बोर की होगी स्नाइपर राइफल : रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी नई आरएफआई के मुताबिक, ये स्नाइपर राइफल .338 बोर की होनी चाहिए और इनकी रेंज 1200 मीटर से कम नहीं होनी चाहिए। इन राइफल की लंबाई 1250 एमएम से ज्यादा नहीं होनी चाहिए और वजन करीब 9 किलो होना चाहिए। राइफल पर टेलीस्कोपिक-साइट भी लगी होनी चाहिए। राइफल का एम्युनेशन भी .338 लापुआ मैग्नम होना चाहिए। करीब 450 करोड़ रुपये का है टेंडर : टेंडर के मुताबिक, थल सेना के इंफेंट्री डायरेक्टोरेट को इन स्नाइपर राइफल की जरूरत है जिसके अंतर्गत भारतीय सेना की इंफेंट्री बटालियन हैं। जानकारी के मुताबिक, इन स्नाइपर राइफल्स को चीन और पाकिस्तान से सटे बॉर्डर (एलएसी और एलओसी) पर तैनात इंफेंट्री बटालियन को दी जाएंगी। पाकिस्तान से हुए युद्ध विराम समझौते से पहले एलओसी पर स्नाइपर फायरिंग भारतीय सेना के लिए एक बड़ी चुनौती थी। इस टेंडर की कुल कीमत करीब 450 करोड़ रुपये है।

Page 264 of 331

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse