राज काज

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Published / 2022-07-07 03:06:13
एयरपोर्ट पर पीएम के कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने अचानक देवघर पहुंचे सीएम हेमन्त

टीम एबीएन, देवघर। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बिना तय कार्यक्रम के अचानक देवघर एयरपोर्ट पहुंच गए। यहां उन्होंने देवघर एयरपोर्ट का निरीक्षण भी किया और प्रधानमंत्री के एयरपोर्ट उद्घाटन स्थल पर चल रहे कार्यों को भी देखा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मौके पर कहा कि 12 जुलाई को एयरपोर्ट उद्घाटन होना है, जिसको लेकर वे देवघर पहुंचे थे और चल रही तैयारियों का जायजा लिया। बता दें कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गोड्डा के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। वहां का कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वे अचानक देवघर पहुंच गए। सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि 12 जुलाई का कार्यक्रम सफल रहे, इसी के मद्देनजर कार्यक्रम स्थल का जायजा किया। जहां कमियां दिखीं उसके लिए अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 13 जुलाई को श्रावणी मेला भी शुरू हो रहा है, जिसकी तैयारियां बहुत अच्छी चल रही हैं। वैश्विक महामारी के बीच 2 साल तक मेले का आयोजन नहीं हो सका। लेकिन अब स्थिति नियंत्रण में है और सभी चीजों को सामान्य करने की कोशिश झारखंड सरकार कर रही है। सीएम ने इस बार आनेवाले श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। एयरपोर्ट के सामने बन रहे पंडाल का भी मुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया। बताते चलें कि 12 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देवघर एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ-साथ देवघर एम्स के 200 बेड के अस्पताल का भी ऑनलाइन उद्घाटन करेंगे। वहीं कई अन्य योजनाओं का भी शिलान्यास किया जाएगा। देवघर एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैजनाथ धाम मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद देवघर कॉलेज परिसर में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इसी दिन देवघर से कोलकाता के लिए पहली उड़ान भरी जाएगी।

Published / 2022-07-06 15:44:04
पलामू : आयुक्त के निरीक्षण में गायब मिले कई कर्मी, बीडीओ, सीओ भी समय पर नहीं पहुंचे थे कार्यालय

टीम एबीएन, पाटन (पलामू)। प्रमंडलीय आयुक्त जटा शंकर चौधरी ने बुधवार को पाटन स्थित प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। आयुक्त के निरीक्षण के दौरान कार्यालय के निर्धारित अवधि में एक-दो कर्मियों को छोड़कर सभी कर्मी अनुपस्थित पाए गए। वहीं प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी भी निर्धारित समय पर कार्यालय नहीं पहुंचे थे। आयुक्त ने उपस्थित कर्मियों से खुद कार्यालय खुलवाएं। वहीं अधिकारियों एवं कर्मियों के आगमन का इंतजार करने लगे। 11 बजे तक कर्मियों एवं अधिकारियों को उपस्थित नहीं होने की स्थिति में उपस्थिति पंजी की जांच की एवं गायब कर्मियों की हाजिरी काट दी। प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी भी समय पर कार्यालय नहीं पहुंचे थे। 11:05 बजे अंचल अधिकारी को कार्यालय पहुंचने पर उन्होंने अनुपस्थिति का कारण पूछा, तो उन्होंने फिल्ड में होने की बातें कही। सीओ अन्य अनुपस्थित कर्मियों के संबंध में जानकारी नहीं दे पाए। अंचल कार्यालय में सीमांकन, दाखिल खारिज, अतिक्रमण, जमीन की मापी कराने आदि विभिन्न समस्याओं के संबंध में आवेदन लेकर पहुंचे आमजनों से आयुक्त ने सीधे बात की। उनकी समस्याओं को जाना। आमजनों में अंचल कार्यालय के शिथिल कार्यों को लेकर जनाक्रोश व्याप्त था। आयुक्त ने अंचल अधिकारी को पहुंचने पर आमजनों की समस्याओं का शीघ्र निष्पादन कर समस्या दूर करने का सख्त निदेश दिया। साथ ही प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी योजनाओं का लाभ लोगों को देने का सख्त निदेश दिया। बीडीओ और सीओ को कार्यालय पहुंचने पर अनुपस्थित कर्मियों से स्पष्टीकरण पूछते हुए मंतव्य के साथ उपायुक्त के माध्यम से रिपोर्ट प्रस्तुत करने, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी को उनकी कार्यशैली में सुधार लाते हुए आमजनों की समस्या को दूर करने तथा सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाने का सख्त निदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी अपने कार्यालय कर्मियों पर सख्ती से नियंत्रण रखें और आमजनों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उसका निदान करें। आमजनों को कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े इसका ध्यान रखें। उन्होंने अंचल एवं प्रखंड कार्यालय में कार्यरत कर्मियों को कार्यालय में समय से उपस्थित नहीं होने को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन को प्रखंड एवं अंचल कार्यालय के कार्यों की सूक्ष्मता से जांच कराने का निदेश दिया। साथ ही उपायुक्त को व्यक्तिगत रूप से आमजनों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय, पाटन के कार्यों का मॉनिटरिंग करने जरूरत बताई। विशेषकर अंचल कार्यालय एवं अंचल अधिकारी के कार्यों की मॉनिटरिंग करने का निदेश दिया। वहीं वैसे पदाधिकारी एवं कर्मियों पर सख्त कार्रवाई का निदेश दिया, जो आम जनता की समस्या को जान-बूझकर लंबित रखते हैं। मौके पर आयुक्त के सचिव अनिल कुमार,प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज तिवारी अंचलाधिकारी पाटन लालबाबू सीडीपीओ पाटन अनिता कुमारी आयुक्त सचिव अनिल कुमार पाटन थाना प्रभारी प्रकाश कुमार,प्रखंड कर्मी समेत अंचल कर्मी भी मौजूद थे । पंजी/अभिलेख को आवास पर नहीं ले जाने का निर्देश : आयुक्त ने आमजनों की समस्या पर किसी तरह की कोई कोताही नहीं बरतने, आमजनों की समस्या से संबंधित किसी तरह की शिकायत आने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। औचक निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने पाया कि कई पंजी कार्यालय में नहीं है। इस संबंध में संबंधित कर्मियों से पूछे जाने पर बताया गया कि कर्मी अपने घर पर पंजी को ले जाते हैं। पंजी घर ले जाने के संबंध में कर्मियों द्वारा कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दी गई। आयुक्त ने हिदायत दिया कि किसी भी पंजी/अभिलेख को अपने आवास पर न ले जाएं। आयुक्त ने की प्रखंड कार्यालय के अभिलेखों की जांच : आयुक्त ने प्रखंड कार्यालय के कई अभिलेख/दस्तावेज एवं पंजियों की जांच की, जिसमें कई समस्याएं पाई गई, जिसे अद्यतन करने का निदेश दिया। मनरेगा के 1 जेई 12:30 बजे कार्यालय पहुंचे थे। उनके द्वारा देर आने के कारणों की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई और न ही मनरेगा से संबंधित कोई प्रतिवेदन ही उपलब्ध कराए गए। वहीं प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी दोपहर 1:30 बजे से अधिक समय तक कार्यालय में उपस्थित नहीं पाए गए। बाल विकास परियोजना कार्यालय दोपहर 2 बजे तक बंद पाया गया, जबकि एक महिला पर्यवेक्षिका 1 बजे उपस्थित हुई। आयुक्त ने जब उनसे कार्यालय बंद से संबंधित पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि उनके पास कार्यालय की चाबी नहीं है और कार्यालय कौन खोलते हैं, यह भी पता नहीं है। दोपहर 2 बजे बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं अन्य महिला पर्यवेक्षिका कार्यालय पहुंचे और आयुक्त से मुलाकात कर अपनी बातें रखी। मुख्यालय में रहें पदाधिकारी व कर्मी : आयुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी सहित उनके अधीनस्थ कर्मचारियों को मुख्यालय में रहने का सख्त निर्देश दिया। बताया गया कि कई कर्मी मुख्यालय में नहीं रहते हैं। आयुक्त ने उपायुक्त को निदेश दिया कि प्रखंड विकास पदाधिकारी व अंचलाधिकारी एवं उनके अधीनस्थ कर्मियों को प्रखंड कार्यालय में रहना सुनिश्चित कराएं, ताकि वे समय पर कार्यालय पहुंचे और जन समस्याओं का निदान करें। समन्वय बनाकर करें जनसमस्या का समाधान : आयुक्त थाना प्रभारी एवं अंचलाधिकारी को समन्वय स्थापित करते हुए प्रत्येक सप्ताह थाना दिवस का आयोजन कर जमीन सहित अन्य समस्याओं का निदान करने का निर्देश दिया। आयुक्त ने कहा कि इस संबंध में पूर्व में भी आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने इसका अनुपालन करते हुए थाना दिवस में जन समस्याओं को सुनने एवं उसका निराकरण का निदेश दिया। इधर, आयुक्त के निदेश पर उनके सचिव अनिल कुमार द्वारा अंचल कार्यालय के कार्यों की गहनता से जांच की गई। इस क्रम में अधिसंख्य अभिलेख अद्यतन नहीं पाए गये। दाखिल खारिज से संबंधित मामले लंबित पाए गए। लंबित आवेदनों के संबंध में अंचलाधिकारी द्वारा स्पष्ट जवाब दी गई। आयुक्त के सचिव ने लंबित आवेदनों को शीघ्र निष्पादन करने का निदेश दिया। वहीं कोर्ट केस की डायरी नहीं बनाए जाने पर पेशकार को निदेश दिया। आयुक्त के सचिव ने अंचल कार्यालय के कई पंजियों की जांच की, जो संधारित नहीं पाया गया। कई पंजी अपूर्ण एवं आधे-अधूरे स्थिति में पाई गयी।

Published / 2022-07-05 12:40:58
सौर ऊर्जा नीति 2022 के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम हेमंत सोरेन

टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सौर ऊर्जा नीति 2022 का लोकार्पण किया। मौके पर मुख्यमंत्री ने किसान सोलर वाटर पंप सेट योजना हेतु कुसुम वेब पोर्टल, धनबाद एवं दुमका में 600 केवी के सोलर प्लांट एवं गिरिडीह सोलर सिटी योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप पावर प्लांट परियोजना का आॅनलाइन उद्घाटन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सवा सौ करोड़ जनसंख्या वाले हमारे देश में बड़े पैमाने पर ऊर्जा की आवश्यकता है। मानव जीवन में जितनी आवश्यकता भोजन की है उतनी ही आवश्यकता ऊर्जा की भी है। ऊर्जा की खपत और उत्पादन को लेकर सरकारें हमेशा से नीति बनाती रही हैं। हमारी सरकार पारंपरिक ऊर्जा स्रोत के साथ-साथ अक्षय ऊर्जा स्रोतों पर विशेष फोकस कर रही है। जिस गति से राज्य सरकार ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में काम करना प्रारंभ किया है, वह दिन दूर नहीं जब झारखंड ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की दिशा में सक्षम और आत्मनिर्भर बनेगा। सौर ऊर्जा के सभी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए आज सौर ऊर्जा नीति-2022 का लोकार्पण किया गया है। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज होटल रेडिसन ब्लू में आयोजित सौर ऊर्जा नीति-2022 का लोकार्पण कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्षय ऊर्जा राष्ट्र का भविष्य है। अक्षय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नीतिगत पहल की है। सौर ऊर्जा नीति-2022 में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं जिसमें निवेशकों को प्रोत्साहन, सिंगल विंडो सिस्टम, पेमेंट सिक्योरिटी मेकैनिज्म, छूट और सब्सिडियरी सहित कई सुविधा उपलब्ध करायी गई है। मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सौर ऊर्जा नीति-2022 का लोकार्पण के साथ-साथ किसान सोलर वाटर पंप सेट योजना हेतु कुसुम वेब पोर्टल, धनबाद एवं दुमका में 600 केवी के सोलर प्लांट एवं गिरिडीह सोलर सिटी योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप पावर प्लांट परियोजना का आॅनलाइन उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर सौर ऊर्जा नीति-2022 पुस्तिका का लोकार्पण भी मुख्यमंत्री ने किया। इस पुस्तिका में सौर ऊर्जा नीति-2022 की संपूर्ण जानकारी रखी गई है। अक्षय ऊर्जा से समृद्ध होगा राज्य : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि भौगोलिक दृष्टिकोण से झारखंड एक ऐसा राज्य है जहां पहाड़, नदी-नाले, घने जंगल सहित कई दुर्गम क्षेत्र हैं। ऐसे जगहों पर ट्रांसमिशन के माध्यम से बिजली पहुंचाना काफी चुनौतीपूर्ण कार्य है। इन सभी जगहों पर संचरण लाइन के कनेक्टिविटी में कठिनाइयां और बाधाएं उत्पन्न होती हैं जिससे आमजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे जगहों पर सौर ऊर्जा के माध्यम से घर-घर तक बिजली पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इसकी शुरूआत गिरिडीह से हो रहा है। गिरिडीह जिला को सोलर सिटी के रूप में चयनित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हम सौर ऊर्जा नीति को सिर्फ शहर में ही नहीं बल्कि गांवों में भी पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल-सिंचाई से लेकर घरेलू दिनचर्या में भी इस योजना का लाभ लोगों को मिले इस सोच के साथ कार्य योजना बनाकर हम आगे बढ़ रहे हैं। अक्षय ऊर्जा के माध्यम से हर वो काम लोग कर सकें, जो काम कोयले से उत्पादित बिजली से होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां पारंपरिक बिजली स्रोतों से बिजली की कीमत प्रति यूनिट 5 रुपए से अधिक है वहीं सौर ऊर्जा से उत्पादन की गई ऊर्जा की कीमत 2 से 3 रुपया यूनिट ही होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में कई ऐसे जिले हैं जहां पर 30 से 40 मेगावाट की बिजली की खपत होती है। इन जिलों में 400 से 500 एकड़ भूमि पर सौर ऊर्जा के माध्यम से पर्याप्त बिजली उत्पादन किया जा सकता है। हमें इन सारी बिंदुओं पर विचार करते हुए अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करते हुए राज्य को समृद्ध बनाना है। निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल : मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया गया है। झारखंड निवेश के लिए सर्वाधिक अनुकूल राज्य है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर काम करने वाले निवेशकों को हमारी सरकार पूरा सहयोग प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार निवेशकों का तहे दिल से स्वागत करती है। राज्य सरकार सौर ऊर्जा नीति के अंतर्गत उद्योग स्थापित करने वाले सभी निवेशकों को अनुकूल माहौल मिले इस निमित्त प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी के सहयोग और सुझाव से ही हम इन नीतियों को और व्यापक तथा सुगम बनाकर अधिक से अधिक ऊर्जा उत्पादन कर सकते हैं। अब सोलर सिटी के रूप में पहचाना जायेगा गिरिडीह जिला : सीएम ने गिरिडीह सोलर सिटी योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप पावर प्लांट परियोजना का आॅनलाइन उद्घाटन किया। मौके पर मुख्यमंत्री ने गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू से आॅनलाइन माध्यम से वार्ता की। गिरिडीह विधायक ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने गिरिडीह जिला वासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सोलर सिटी के रूप में आपके जिला को चयनित किया गया है। सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए हमारी सरकार ने सौर ऊर्जा नीति-2022 बनायी है। सोलर पॉलिसी को अब राज्य और व्यापार जगत के क्षेत्र में अपलोड करने जा रहे हैं। सौर ऊर्जा नीति राज्य को अब नई राह की ओर ले जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्थापित छोटे-छोटे हवाई अड्डों को अब सोलर से संचालित करने का कार्य किया जा रहा है। इसका आज विधिवत उद्घाटन भी किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गिरिडीह राज्य का पहला जिला बन रहा है जो सोलर सिटी के रूप में पहचाना जाएगा। अब हम सभी लोग मिलकर घर-घर में सौर ऊर्जा के प्रति लोगों का रुझान बढ़ाएंगे। मौके पर गिरिडीह विधायक श्री सुदिव्य कुमार सोनू ने मुख्यमंत्री को विश्वास दिलाया कि इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए हम सभी लोग कटिबद्ध हैं। आपकी इस सोच और नीति को घर-घर तक पहुंचाया जाएगा। सौर ऊर्जा नीति के तहत सुविधा और लाभ देना प्राथमिकता : इस अवसर पर ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव श्री अविनाश कुमार ने सौर ऊर्जा नीति-2022 पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य सरकार ने आने वाले 5 सालों के लिए सौर उर्जा नीति का रास्ता तय करने की योजना को मंत्रिपरिषद से पारित करने का काम किया है। विधिवत रूप से आज सभी के सहयोग से इस नीति के लोकार्पण का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि कोई भी पॉलिसी आम जनता, उद्यमियों सहित सभी वर्ग-समुदाय के लोगों को ध्यान में रखकर बनाई जाती है। राज्य वासियों को नीतिगत निर्णयों का लाभ और सुविधा किस प्रकार मिले इस निमित्त नीतियों में प्रावधान किया जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य में सौर ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में निवेशकों को आवश्यक सुविधा एवं अनुकूल माहौल प्रदान किया जा रहा है। मौके पर धन्यवाद ज्ञापन देते हुए जरेडा निदेशक केके वर्मा ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सौर ऊर्जा नीति-2022 में विशेष प्रावधान किए गए हैं। 3 लाख रुपए से कम आय वाले परिवारों को शत प्रतिशत सब्सिडियरी उपलब्ध कराया जा रहा है। सौर ऊर्जा नीति को रोजगार सृजन का एक महत्वपूर्ण साधन भी बनाया जा सकेगा। उन्होंने सौर ऊर्जा पॉलिसी के अंतर्गत भविष्य की कार्य योजनाओं पर विस्तृत प्रकाश डाला। मौके पर आॅनलाइन माध्यम से गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू, कार्यक्रम स्थल रांची में ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव अविनाश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, जरेडा निदेशक केके वर्मा, सीईओ सीईईडब्ल्यू डॉ अरुणाभ घोष सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

Published / 2022-07-04 17:20:40
लोगों के पास तीन आजीविका के स्रोत रहें तो बढ़ेगी आत्मनिर्भरता : एनएन सिन्हा

टीम एबीएन, लोहरदगा। आजादी के अमृत महोत्सव पर आजादी से अंत्योदय के तहत नगेंद्र नाथ सिन्हा, सचिव, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने आज लोहरदगा जिला भ्रमण के क्रम में जेएसएलपीएस के रामुपर क्लस्टर लेवल फेडरेशन का भ्रमण किया। श्री सिन्हा ने सीएलएफ सदस्यों से बातचीत की और सीएलएफ के क्रियाकलापों की जानकारी ली। श्री सिन्हा ने इस मौके पर सखी दीदीयों को संबोधित करते हुए कहा कि लोगों के पास कम से कम तीन आजीविका के साधन होने चाहिए तभी समृद्धि आयेगी। सरकार की ओर से जो भी सहायता दी जाती है उसका लाभ अवश्य लें। केंद्र और राज्य सरकार की सोच भी यही है। कृषि के साथ-साथ पशुपालन, व्यवसाय भी लोग करें तभी आपकी आय बढ़ेगी। आर्थिक के साथ-साथ सामाजिक संपन्नता भी जरूरी : सचिव ने कहा कि आर्थिक रूप से संपन्न होने के साथ-साथ आज सामाजिक रूप से भी संपन्न होने की आवश्यकता है। समाज में जो भी कुरीतियां हैं उन्हें दूर करने की आवश्यकता है। फूलो-झानो आशीर्वाद योजना से शराब-हंड़िया बेचने के कार्य से ग्रामीण महिलाओं को दूर करेें, उन्हें आजीविका से जोड़ें, तभी एक सशक्त समाज का निर्माण होगा। सरकार पशुपालन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण देती है, उसे अवश्य प्राप्त करें। सचिव ने डीसी और डीडीसी लोहरदगा को निर्देश दिया कि जितने भी संकुल संगठन हैं। उनके लिए ठिकाना, बिजली, पेयजल की भी सुविधा प्रदान करें। आज के कार्यक्रम में ग्रामीण विकास विभाग झारखण्ड सरकार के सचिव मनीष रंजन, जेएसएलपीएस के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सूरज कुमार, अपर सचिव ग्रामीण विकास विभाग रामकुमार सिन्हा, उपायुक्त डॉ वाघमारे प्रसाद कृष्ण, डीडीसी गरिमा सिंह, एसडीओ अरविंद कुमार लाल, जेएसएलपीएस कार्यक्रम प्रबंधक प्रकाश रंजन समेत बड़ी संख्या संख्या में दीदीयां उपस्थित थीं।

Published / 2022-07-04 15:30:35
केंद्र बकाया दे देता, तो गरीबी का दंश नहीं झेलता झारखंड : हेमंत सोरेन

टीम एबीएन, धनबाद/ रांची। सीएम हेमंत सोरेन ने फिर एक बार केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि झारखंड का बकाया एक लाख 36 हजार करोड़ मिला होता तो लोग गरीबी का दंश झेलते नहीं। उन्होंने कहा कि हर वर्ग को ध्यान में रखकर सरकार विभिन्न योजनाएं बना रही हैं। योजनाओं का लाभ कैसे आपको मिले, इसके लिए लगातार कार्ययोजना बन रही है। हम कागज-कलम पर योजनाएं नहीं बनाते, बल्कि उसे धरातल पर उतारने का काम करते हैं। श्री सोरेन सोमवार को धनबाद में योजनाओं का उदघाटन, शिलान्यास, लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण और युवाओं को नियुक्ति पत्र सौपने को लेकर आयोजित समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि लोगों का दु:ख-दर्द और समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कर रहे हैं मजबूत : उन्होंने कहा कि राज्य की 80 प्रतिशत आबादी ग्रामीण परिवेश की है। इनमें किसानों और पशुपालकों की संख्या सबसे ज्यादा है । इनकी आय में बढ़ोतरी के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। हमारा प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है ताकि राज्य को विकास की राह पर तेजी से आगे ले जा सके। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति को भी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। आपके दरवाजे पर आकर सरकार आपको हक और अधिकार दे रही है । नियुक्तियों का दौर शुरू : उन्होंने कहा कि राज्य में नियुक्तियों का दौर शुरू हो चुका है। खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 32 सालों के बाद कृषि पदाधिकारियों की नियुक्ति हुई है जो किसानों को आधुनिक तकनीक से खेती करने में सहयोग करेंगे। वहीं स्वरोजगार के लिए मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत 50 हजार रुपए से लेकर 25 लाख तक का अनुदान आधारित ऋण दिया जा रहा है। समारोह में सरकार की विभिन्न योजनाओं यूनिवर्सल पेंशन स्कीमए मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजनाए मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजनाए मुख्यमंत्री सुकन्या योजनाए फूलो-झानोआशीर्वाद योजना ए ग्रीन कार्ड योजना और सोना-सोबरन धोती साड़ी वितरण जैसी कई योजनाओं की जानकारी लोगों को दी और इससे जुड़ने को कहा। आंदोलनकारियों की धरती है झारखंड : उन्होंने कहा कि धनबाद की धरती आंदोलनकारियों और संघर्ष करने वालों की है । वे कई वर्षों से अपने हक और अधिकार के लिए संघर्ष करते आ रहे हैं। इनकी समस्याओं का कैसे समाधान होए इस दिशा में सरकार पूरी तत्परता के साथ चिंतन .मंथन कर रही है और बहुत जल्द इसका सकारात्मक नतीजा देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि धनबाद अपनी खनिज संपदा के लिए देश-दुनिया में जाना जाता है। लेकिन, यहां के मजदूर कई समस्याओं से घिरे रहे हैं । विस्थापन यहां की सबसे बड़ी चुनौती है। 106 योजनाओं की सौगात, 118 की आधारशिला : सीएम ने इस अवसर पर लगभग 350. 86 करोड़ रुपये की 118 योजनाओं का शिलान्यास और 161.28 करोड़ रुपये की 106 योजनाओं का उदघाटन किया। वही, कौशल विकास मिशन के तहत प्रशिक्षित 172 युवक- युवतियों समेत 175 नवनियुक्त कर्मियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। उन्होंने 20,146 लाभुकों के बीच करीब 97.45 करोड़ रुपए की परिसंपत्तियों का वितरण किया। इसमें महत्वपूर्ण रूप से 3665 लाभुकों के बीच 16.98 करोड़ रूपए का एमटीएस कोल्ड रूम, मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना के अंतर्गत 194 लोगों को लगभग 5.18 करोड़ रुपए की सहायता राशि, 602 लोगों के बीच पीएमईजीपी, एजुकेशन केसीसी और हाउसिंग लोन के रूप में करीब 9.39 करोड़ रुपए, एनआरएलएम के अंतर्गत चक्रीय निधि, सामुदायिक निवेश निधि और कैश क्रेडिट लिंकेज के रूप में 5361 स्वयं सहायता समूहों 30.65 करोड़ रुपए, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के 3100 लाभुकों के बीच 37.20 करोड़ रूपए, प्रधानमंत्री आवास योजना शहर के 487 लाभुकों के बीच 10.95 करोड़ रूपए की राशि वितरित की गई । इसके अलावा लाभुकों को सोना सोबरन धोती साड़ी वितरण योजना, मुख्यमंत्री पशुधन योजना, यूनिवर्सल पेंशन स्कीम, मुख्यमंत्री सुकन्या योजना और ग्रीन कार्ड समेत कई और योजनाओं का लाभ दिया गया। मौके पर मंत्री बन्ना गुप्ता, विधायक मथुरा प्रसाद महतो और पूर्णिमा नीरज सिंह, जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह, विधायक इंद्रजीत महथा की धर्मपत्नी तारा देवी और मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे के अलावा उपायुक्त एवं एसएसपी सहित जिला प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद थे।

Published / 2022-07-04 15:00:19
सीएम हेमंत सोरेन की पहल से स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ेगा झारखंड

टीम एबीएन, धनबाद/रांची। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में सौर ऊर्जा के व्यापक विस्तार हेतु सौर ऊर्जा नीति 2022 लागू की जा रही है, जिसके तहत सौर ऊर्जा से 4000 मेगावाट बिजली का उत्पादन वित्तीय वर्ष 2022- 23 से 2026- 27 तक के लिए निर्धारित है। सोलर पार्क, कैनाल टॉप सोलर, फ्लोटिंग सोलर जैसी कई योजनाओं के माध्यम से राज्य में सौर ऊर्जा के विकास हेतु विस्तृत नीति बनाई गई है। अगले 5 वर्षों में राज्य में समेकित रूप से लगभग 4000 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा के अधिष्ठापन का लक्ष्य सरकार ने रखा है। इसके तहत यूटिलिटी स्केल पर लगभग 3000 मेगावाट, डिस्ट्रिब्यूटेड सोलर ऊर्जा के अंतर्गत 720 मेगावाट एवं आॅफग्रिड सोलर प्रोजेक्ट के तहत 280 मेगावाट के सोलर ऊर्जा प्लांट अधिष्ठापन का लक्ष्य तय किया गया है। सरकार का निवेशकों पर भी ध्यान : नई नीति में निजी निवेशकों के प्रोत्साहन हेतु सिंगल विंडो सिस्टम, पेमेंट मैकेनिज्म, लैंड बैंक के माध्यम से भूमि व्यवस्था समेत अन्य प्रावधान किये गए हैं। समर्पित सौर ऊर्जा सेल, अधिकतम 60 दिनों के अंदर वैधानिक स्वीकृति,1000 सोलर ग्राम के गठन की योजना, आर्थिक रूप से पिछड़े ग्रामीणों को प्रोत्साहित करने की योजना की नीति के तहत क्रॉस सब्सिडी तथा थर्ड पार्टी और कैप्टिव उपयोग में छूट, 1% की दर से 25 वर्ष तक इंडेक्सेशन, बिजली बिल में छूट। 5 वर्ष तक राज्य वस्तु एवं सेवा कर में 100% की छूट होगी। सरकार द्वारा लक्ष्य के अनुरूप कार्यों के विश्लेषण हेतु दो उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। पंप सेट वितरण में झारखंड अग्रणी : मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राज्य के किसानों को सिंचाई के वैकल्पिक साधन उपलब्ध कराने की दिशा में एक कदम और बढ़ाया जा रहा है। इसके तहत किसान सोलर वाटर पम्पसेट योजना हेतु वेब पोर्टल का उद्घाटन किया जाएगा। इस वेब पोर्टल के जरिए किसानों को सोलर पंप सेट प्राप्त करने हेतु प्रारंभिक चरण से सोलर पंप के वितरण एवं अधिष्ठापन, संचालन एवं 5 वर्ष तक उसके रखरखाव की प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने के लिए डाटा संग्रहण, डाटा विश्लेषण एवं आॅनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी। पोर्टल के माध्यम से किसान सोलर पम्प सेट प्राप्त करने के लिए आॅनलाइन आवेदन कर उसकी स्थिति देख सकेंगे। मालूम हो कि किसानों के लिए आॅफ ग्रिड सोलर पम्प सेट के लिए करीब 96 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। प्रथम चरण में अब तक करीब 6717 सोलर पम्पसेट पूरे राज्य में लग चुके हैं, जिसमें 2020 से 22 तक राज्य भर में 6500 सोलर पंपसेट लगे हैं। सोलर पम्पसेट लगाने में झारखंड पूरे देश में 5वां स्थान रखता है। दूसरे चरण में राज्य सरकार ने 10 हजार सोलर पम्पसेट लगाने का लक्ष्य तय किया है।

Published / 2022-07-04 13:42:32
शिल्पी नेहा तिर्की को स्पीकर ने दिलायी झारखंड विधानसभा की सदस्यता

टीम एबीएन, रांची। मांडर की नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायक शिल्पी नेहा तिर्की झारखंड विधानसभा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। विधानसभा स्थित स्पीकर कक्ष में विधानसभाध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। मौके पर संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे। विधानसभाध्यक्ष ने नये विधानसभा सदस्य के रुप में सदस्यता ग्रहण करने के लिए शिल्पी नेहा तिर्की को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। शिल्पी नेहा तिर्की पिछले दिनों संपन्न हुए मांडर उपचुनाव में जीत हासिल कर विधायक बनी हैं। उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी गंगोत्री कुजूर को 23517 वोटों से हराया था। शिल्पी नेहा तिर्की अपनी पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रही हैं। इसके लिए उन्होंने अपनी फ्लिपकार्ट की नौकरी छोड़ दी और मांडर विधानसभा सीट के चुनाव में ताल ठोका। उनके सामने गंगोत्री कुजूर और देव कुमार धान जैसे बड़े नेता थे। दूसरी तरफ उनके समर्थन में उनके पिता बंधु तिर्की भी लागातार सक्रिय थे। आखिरकार मांडर की जनता ने उनपर भरोसा जताया और वे 23517 मतों से जीत गईं।

Published / 2022-07-04 04:29:12
सीएम हेमंत आज धनबाद में करेंगे करोड़ों की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास

टीम एबीएन, धनबाद। सीएम हेमंत सोरेन आज कोयलांचल की राजधानी धनबाद दौरे पर पहुंचेंगे। यहां वो गोल्फ ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। सीएम के कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। यहां वो विभिन्न विभागों की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री विभिन्न योजनाओं के लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण भी करेंगे। सीएम हेमंत सोरेन आज (सोमवार) दोपहर 1बजे कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सारे प्रशासनिक इंतजाम कर लिए गए हैं। सीएम के दौरे की तैयारियों का निरीक्षण डीसी और एसपी ने किया है। कार्यक्रम स्थल पर लोगों के आने, बैठने और अन्य व्यवस्था कर ली गई है। कार्यक्रम में विभागीय मंत्री के अलावा विभिन्न विभागों के पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। कोरोना काल के बाद पहली बार मुख्यमंत्री धनबाद में किसी सार्वजनिक स्तर के कार्यक्रम में शामिल होंगे। उनके दौरे को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में भी उत्साह है।

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