टीम एबीएन, रांची। शनिवार की देर रात राज्य के 18 आईएएस का तबादला पदस्थापन हुआ है। राहुल कुमार सिन्हा को रांची का डीसी बनाया गया है। शशि रंजन को रांची का नगर आयुक्त बनाया गया है। प्रवीण कुमार टोप्पो को दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल का आयुक्त बनाया गया है। दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के आयुक्त शहर राज्यपाल के प्रधान सचिव के अतिरिक्त प्रभार में रहे डॉ नितिन मदन कुलकर्णी को राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष बना दिया गया है। योजना एवं विकास सचिव राहुल शर्मा अगले आदेश तक राज्यपाल के प्रधान सचिव का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे। रांची के डीसी रहे छवि रंजन को समाज कल्याण निदेशक की जिम्मेदारी दी गई है। लातेहार के उपायुक्त रहे अब इमरान को चतरा कल प्रयुक्त बनाया गया है। समाज कल्याण विभाग के निदेशक ए डोडे पलामू का उपायुक्त बनाया गया है। खेलकूद विभाग के निदेशक जीशान क़मर को गोड्डा का उपायुक्त बनाया गया है। गोड्डा के उपायुक्त रहे भंवर सिंह यादव को लातेहार का उपायुक्त बना दिया गया है। चतरा के उपायुक्त रही अंजली यादव को पर्यटन निदेशक के पद पर पदस्थापित किया गया है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के विशेष सचिव कमलेश्वर प्रसाद सिंह को नया उत्पाद आयुक्त बनाया गया है। वह झारखंड बेवरेज कॉरपोरेशन के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगे। इसके अलावा उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के प्रभारी आयुक्त चंद्र किशोर उरांव को संथाल परगना प्रमंडल के आयुक्त का भी अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। रांची के नगर आयुक्त रहे मुकेश कुमार को आदिवासी कल्याण आयुक्त बनाया गया है। उत्पाद आयुक्त रहे अमित कुमार को खान निदेशक बनाया गया है उन्हें जेएसएमडीसी के एमडी का भी अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। ऐड्स कंट्रोल सोसायटी के निदेशक भुवनेश प्रताप सिंह को एनआरएचएम के अभियान निदेशक का भी पदभार सौंपा गया है, जबकि एनआरएचएम के अभियान निदेशक रहे आदित्य कुमार आनंद को नगरीय प्रशासन का निदेशक बनाया गया है।
टीम एबीएन, रांची। बकरीद को लेकर राजधानी रांची पुलिस पूरी तरह से अलर्ट पर है। शहर के सभी संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। असामाजिक तत्वों पर पुलिस विशेष रूप से नजर रख रही है। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के थानेदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष रहने का आदेश जारी किया गया है। इस बार पूरे शहर पर नजर रखने के लिए 170 जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। जिनकी निगरानी करने के लिए 50 से अधिक जवानों को तैनात किया गया है। कंपोजिट कंट्रोल रूम में लगे सीसीटीवी मॉनिटरिंग सिस्टम का जायजा भी शनिवार को अधिकारियों ने लिया। इस दौरान उन्होंने सीसीटीवी की निगरानी कर रहे जवानों को अलर्ट रहने का आदेश भी दिया। 10 जून को रांची में हुए उपद्रव की वजह से पुलिस ने बकरीद को लेकर राजधानी में सुरक्षा के चाक चौबंद बंदोबस्त किए हैं। प्रशासन ने अपनी तरफ से हर तरह की परिस्थिति का सामना करने के लिए अपने जवानों को तैयार रखा है। रांची एसएसपी की तरफ से यह आदेश जारी किया गया है कि अगर शांति और सौहार्द बिगाड़ने का कोई भी प्रयास करता है तो उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाए। सभी थानेदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमणशील रहने का आदेश जारी किया गया है। रांची एसएसपी सुरेंद्र झा ने बताया कि सभी संवेदनशील जगह पर रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया है। इसके अलावा झारखंड पुलिस के रैप, जैप, आईआरबी के जवान भी राजधानी में तैनात किए गए हैं। इस बार झारखंड जगुआर के जवानों को भी राजधानी में तैनात किया गया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर गुमला की एथलेटिक्स खिलाड़ी सुप्रीति कच्छप को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। सुप्रीति कच्छप को तत्काल एक लाख पचपन हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई। प्राप्त सम्मान राशि से अब सुप्रीति खेल संसाधन जुटा कर ट्रैक पर उन्मुक्त दौड़ सकेगी। मालूम हो कि भारतीय एथलेटिक्स फेडरेशन द्वारा केरल के कोझीकोड में आयोजित 25वीं राष्ट्रीय फेडरेशन कप सीनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए सुप्रीति ने आगामी 2 से 7 अगस्त, 2022 तक कोलंबिया में आयोजित वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई किया है। गुमला के घाघरा प्रखंड निवासी सुप्रीति ने गुमला स्थित परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में प्रशिक्षण प्राप्त करते हुए अपनी खेल प्रतिभा को निखारा तथा निरंतर जिला एवं राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। सुप्रीति ने कोलकाता में आयोजित 29वीं ईस्ट जोन जूनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2017 में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। वर्ष 2018 में सुप्रीति ने भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लिया। इस दौरान सुप्रीति का चयन साई सेन्टर भोपाल के लिए हुआ। विजयवाड़ा में आयोजित 35वीं राष्ट्रीय जूनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2019 में तृतीय स्थान प्राप्त किया। वर्ष 2020 में गुवाहाटी में आयोजित खेलो इंडिया यूथ गेम्स में 3000 मी0 दौड़ स्पर्धा में झारखण्ड का प्रतिनिधित्व करते हुए राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाकर स्वर्ण पदक प्राप्त किया। इसके बाद सुप्रीति ने लगातार राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त किया। गुवाहाटी में आयोजित 36वीं राष्ट्रीय जूनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2021 में 3000 मी की दौड़ में रजत पदक प्राप्त किया। चंडीगढ़ में आयोजित 55वीं राष्ट्रीय क्रॉस कंट्री चैम्पियनशिप 2021 में अंडर-18 बालिका के चार किमी स्पर्द्धा में प्रथम स्थान प्राप्त किया। भोपाल में आयोजित 18वीं फेडरेशन कप राष्ट्रीय जूनियर (रुढ्ढ-20) एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2021 में 5000 मी एवं 3000 मी की दोनों स्पर्द्धा में तृतीय स्थान प्राप्त किया। झारखंड खेल निदेशालय द्वारा खिलाड़यिों को नकद पुरस्कार राशि प्रदान करने के लिए प्रतिवर्ष समाचार पत्रों में सूचना प्रकाशित कर राज्य के अहतार्धारी खिलाड़यिों से आवेदन आमंत्रित किया जाता है। वर्ष 2020 में विभागीय संकल्प के प्रावधानों के अनुसार नकद पुरस्कार राशि प्रदान करने के लिए 2 फरवरी 2020 को विभिन्न समाचार पत्रों में सूचना प्रकाशित कर राज्य के खिलाड़यिों से आवेदन आमंत्रित किया गया था। तत्पश्चात वर्ष 2021 में 11 जून 2021 को विभिन्न समाचार पत्रों में सूचना प्रकाशित कर राज्य के खिलाड़यिों से नकद पुरस्कार राशि एवं खेल छात्रवृत्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किया गया। प्रकाशित सूचनाओं के आलोक में सुप्रीति कच्छप द्वारा अपना आवेदन निदेशालय को समर्पित नहीं किया गया, जिसके कारण उसे नकद पुरस्कार राशि देने के संबंध में निर्णय नहीं हो सका। बाद में मामले का संज्ञान लेते हुए सुप्रीति से उनकी उपलब्धि संबंधी प्रमाण-पत्र एवं आवेदन प्राप्त कर सम्मान राशि का भुगतान किया गया।
टीम एबीएन, रांची। सड़क जाम के दौरान एक युवक की पिटाई करना चार पुलिसकर्मियों को भारी पड़ा है। इस मामले को जिले के एसपी अमित रेणू ने गंभीरता से लिया। मामले की जांच सदर एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह से करवायी गई और एक आरोपी आरक्षी चालक को निलंबित कर दिया गया जबकि तीन अन्य आरक्षी से स्पष्टीकरण पूछा गया है। पूरी कार्रवाई की जानकारी सदर एसडीपीओ ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में दी। गिरिडीह में युवक से मारपीट के आरोप में चालक आरक्षी निलंबित और तीन पुलिसकर्मी को शोकॉज किया गया गया है। घटना को लेकर बताया जा रहा है कि 5 जुलाई की रात मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गंगापुर के समीप एक ट्रक की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गयी थी। घटना के बाद लोगों ने सड़क जाम कर दिया था। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया था। पुलिसकर्मी पहुंचे तो मौके पर काफी भीड़ थी। वहीं भीड़ के बीच सड़क किनारे एक युवक गंगापुर निवासी प्रकाश टुडू खड़ा था। इसी दौरान पुलिस की गाड़ी का चालक अभिषेक कुमार की बहस प्रकाश के साथ हो गई। बहस बढ़ गई तो पुलिस चालक अभिषेक ने मौके पर मौजूद अन्य तीन पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर प्रकाश टुडू की पिटाई कर दी। इस पिटाई में प्रकाश बुरी तरह घायल हो गया। मामले की जानकारी एसडीपीओ अनिल को मिली। उन्होंने पहले घायल युवक का इलाज करवाया और उसके परिवार को आर्थिक मदद भी की। घटना की जानकारी एसपी को देते हुए पड़ताल शुरू की। जांच के क्रम में पता चला कि प्रकाश के साथ चालक अभिषेक कुमार ने पिटाई की थी जो बिल्कुल गलत है। एसडीपीओ ने कहा कि जांच में अभिषेक कुमार दोषी पाया गया। रिपोर्ट एसपी को दी गई जिसके बाद आरक्षी चालक अभिषेक को जिला एसपी अमित रेणु ने निलंबित किया है। साथ ही तीन अन्य पुलिस कर्मियों से भी शोकॉज किया गया है। एसपी ने बताया कि युवक के साथ मारपीट की घटना काफी निंदनीय है। इस तरह की हरकत जो कोई भी करेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसडीपीओ अनिल ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि अगर उनके साथ अगर कोई पुलिसकर्मी बदतमीजी करता है या फिर बेवजह परेशान करता है तो संबंधित थाना और वरीय पुलिस पदाधिकारियों को तुरंत सूचना दें। ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की भारत की कोशिशों को लगातार पंख मिल रहे हैं। खासकर घरेलू तकनीक को विकसित करने और उसे दुनिया तक पहुंचाने के मामले में तो देश का डिफेंस सेक्टर लगातार आगे बढ़ रहा है। इस बीच वित्त वर्ष 2021-22 के रक्षा निर्यात के जो आंकड़े आए हैं, वह भी रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की कोशिशों की कहानी कह रहे हैं। इस एक साल के दौरान भारत ने रक्षा निर्यात क्षेत्र में 13 हजार करोड़ रुपये के आंकड़े को छू लिया। यह वित्त वर्ष 2020-21 के मुकाबले 54.1 फीसदी की बढ़ोतरी है। हालांकि, एक चौंकाने वाली बात यह है कि कुल निर्यात में 70 फीसदी हिस्सा प्राइवेट सेक्टर का है, जबकि पब्लिक सेक्टर की कंपनियों की ओर से सिर्फ 30 फीसदी निर्यात ही हो सका। रक्षा उत्पादन विभाग के अतिरिक्त सचिव संजय जाजू के मुताबिक, देश का रक्षा निर्यात मुख्यत: अमेरिका, फिलीपींस, दक्षिण पूर्व एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका के देशों को हुआ है। 2020-21 में भारत का रक्षा निर्यात 8 हजार 434 करोड़ रुपये था, जबकि 2019-20 में यह 9 हजार 115 करोड़ रुपये तक पहुंचा था। भारत का रक्षा निर्यात वित्त वर्ष 2015-16 में महज 2059 करोड़ रुपये पर था। दूसरी तरफ पिछले दो साल कोविड के कारण सुस्ती रही, लेकिन इस बार हमने अच्छी प्रगति की है। पांच साल पहले की तुलना में भारत ने वित्त वर्ष 2021-22 में रक्षा निर्यात आठ गुना तक बढ़ाया है। संजय जाजू ने कहा, निजी क्षेत्र की कंपनियों ने करीब 70 फीसदी निर्यात कर बेहतरीन प्रदर्शन किया है। गौरतलब है कि इसी साल जनवरी में भारत ने फिलीपींस के साथ 37.5 करोड़ डॉलर (करीब 2770 करोड़ रुपये) की डील की थी। इसके तहत भारत ने फिलीपींस को ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइलों की आपूर्ति का समझौता किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक कार्यक्रम में एक निजी क्षेत्र की कंपनी और एक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी को अवॉर्ड देंगे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड टेंडर घोटाले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा के घर पर आज सुबह से ईडी की छापेमारी चल रही है। ईडी की टीम ने कुल 18 जगहों पर सुबह 5 बजे से रेड करनी शुरू की थी। इन 18 जगहों में पंकज मिश्र के कई करीबी भी जद में आए। बताया गया कि इसी बीच ईडी ने हीरा भगत के आवास से तकरीबन 2 करोड़ रुपए नगद जब्त किए। ईडी सूत्रों के मुताबिक, जब्त नगदी की काउंटिंग अभी जारी है, ये दो करोड़ रुपए हो सकते हैं। ये रुपए अवैध माइनिंग घोटाले से जुड़े हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि ईडी की टीम सुबह 5 बजे से ही पंकज मिश्रा के अलग-अलग ठिकानों छापेमारी कर रही है। पंकज मिश्रा के अलावा उनके करीबी कहे जाने वाले मिर्जाचौकी स्थित कारोबारी राजू, पतरु सिंह और ट्विंकल भगत के घर पर भी ईडी का छापा पड़ा है। इसके अलावा बरहरवा में भी कृष्णा साह समेत तीन पत्थर व्यवसायियों के यहां भी ईडी ने रेड मारी है। झारखंड टेंडर घोटाला मामले में राज्य के साहेबगंज, बरहेट और राजमहल समेत 18 जगहों पर ईडी की छापेमारी जारी है। इस छापेमारी में अर्धसैनिक बलों की भी मदद ली जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान ईडी की टीम को मिली कई महत्त्वपूर्ण दस्तावेज और सबूत मिले हैं। ईडी की टीम ने कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त किया है। फिलहाल सभी ठिकानों पर सर्च अभियान जारी है।
टीम एबीएन, रांची। राज्य के 13.50 लाख शहरी और ग्रामीण बिजली उपभोक्ताओं के घर प्री-पेड स्मार्ट मीटर लगाने और बड़े स्तर पर बिजली के तारों को केबल में तब्दील करने का प्रस्ताव पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) ने मंजूर कर दिया है। सूबे में बिजली क्षेत्र में सुधार के लिए 4120.29 करोड़ रुपये के निवेश का रास्ता साफ हो गया है। इसमें 2087 करोड़ केंद्र देगा। प्री-पेड स्मार्ट मीटर से बिलिंग, चोरी रोकने के लिये ट्रांसफार्मरों पर मीटर, एबी स्विच और अंडर ग्राउंड केबलिंग के साथ वितरण कंपनियों का घाटा कम करने के लिये इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के उद्देश्य से केंद्र ने योजना लांच की थी। इसी साल जनवरी में रिवैंप्ड डिस्ट्रिब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) लॉन्च की। इस स्कीम के तहत झारखंड ने बीते मार्च में जेबीवीएनएल ने करीब 9600 करोड़ का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन पीएफसी ने लगभग आधी राशि का प्रस्ताव मंजूर किया है। ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव अविनाश कुमार ने कहा, उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण बिजली मुहैया कराने के लिये लगातार सुधार किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब केंद्र की योजना के तहत काम किये जाएंगे। जेबीवीएनएल को अपना घाटा 41 प्रतिशत से घटाकर 2025 तक 19 फीसदी पर लाना होगा। पीएफसी के कार्यकारी निदेशक ने ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव अविनाश कुमार को पत्र लिखकर प्रस्ताव और इसकी शर्तों से अवगत कराया है। रांची में 3.65 लाख स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद जमशेदपुर और धनबाद में भी प्री-पेड मीटर लगाने की अलग योजना चल रही है। अब नये प्रस्ताव के तहत राज्य के सभी जिलों में प्री-पेड मीटर लगाये जा सकेंगे। प्री-पेड मीटर के फायदे : बिल का झंझट खत्म होगा। मोबाइल की तरह रिचार्ज करके बिजली का उपयोग। अलार्म बजेगा। ससमय बिजली खपत की जानकारी। उपकरणों का उपयोग कम कर ऊर्जा और पैसे की बचत की जा सकेगी। जेबीवीएनएल की वित्तीय स्थिति सुधरेगी। पूर्व भुगतान के बाद ही बिजली खपत की सकेगी। बकाया का झंझट नहीं रहेगा।
टीम एबीएन, रांची। डॉ रामदयाल मुंडा कला भवन, खेलगांव, रांची में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में जेपीएससी से सातवीं से दसवीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से अनुशंसित अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नियुक्ति पत्र सौंपा। बताते चलें कि जेपीएससी प्रतियोगिता परीक्षा 2021 में उत्तीर्ण 252 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देना था। ये सभी 7वीं से 10वीं लोक सेवा आयोग परीक्षा में सफल हुए थे। नियुक्ति के बाद ये पदाधिकारी शासन चलाने में सरकार की मदद करेंगे। ज्ञात हो कि झारखंड में पहली बार इतने कम समय में जेपीएससी परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ है। इस बार जेपीएससी ने 251 दिनों में परीक्षा आयोजन से लेकर परिणाम के प्रकाशन का कार्य पूरा कर लिया। 7वीं से 10वीं लोक सेवा आयोग परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों का चयन झारखंड प्रशासनिक सेवा, झारखंड पुलिस सेवा, झारखंड नगर पालिका सेवा, झारखंड शिक्षा सेवा, झारखंड श्रम नियोजन, सेवा झारखंड रजिस्ट्रेशन सेवा एवं अन्य सेवाओं के लिए हुआ है। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद इनको प्रशिक्षण दिया जाएगा, बाद में ये आवंटित जगह पर अपने दायित्व का निर्वहन करेंगे।
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