टीम एबीएन, रांची। 11 जुलाई 2022 को निधि खरे, अपर सचिव, उपभोक्ता मामले खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली ने जल शक्ति अभियान कैच द रेन 2022 के तहत विभिन्न वर्षा जल संचयन और संरक्षण के उपायों/कार्यान्वयन की स्थिति की समीक्षा की। समाहरणालय ब्लॉक ए स्थित एनआईसी सभागार में आयोजित बैठक में उप विकास आयुक्त रांची विशाल सागर, कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल रांची पूर्वी एवं पश्चिमी, कार्यपालक अभियंता लघु सिंचाई प्रमंडल, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला तकनीकी विशेषज्ञ (जल छाजन) रांची, डीपीएम जेएसएलपीएस, परियोजना पदाधिकारी (मनरेगा) जिला ग्रामीण विकास अभिकरण रांची एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक के दौरान निधि खरे ने रांची जिला में जल शक्ति अभियान कैच द रेन 2022 के तहत विभिन्न वर्षा जल संचयन और संरक्षण के उपायों/ कार्यान्वयन की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। उप विकास आयुक्त रांची विशाल सागर ने रांची जिला में जल शक्ति अभियान कैच द रेन 2022 के तहत किए जा रहे कार्य की पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी। श्रीमती खरे ने जिला में विभिन्न वर्षा जल संचयन के लिए किये जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए और जागरूकता फैलाने एवं योजनाबद्ध तरीके से कार्य जारी रखने के निर्देश दिए।
टीम एबीएन, रांची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 जुलाई को बाबा नगरी आ रहे हैं। आस्था की इस धरती से 16,835 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। उनके आगमन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। एयरफोर्स के विशेष विमान से पीएम मोदी 1 बजकर 5 मिनट पर देवघर पहुंचेंगे। इसके बाद 1 बजकर 15 मिनट से 2 बजकर 15 मिनट तक नवनिर्मित देवघर एयरपोर्ट परिसर स्थित मुख्य कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। फिर 2 बजकर 40 मिनट पर बाबा दरबार पहुंचेंगे। मंदिर प्रांगण में पीएम मोदी करीब 20 मिनट रहेंगे। इस दौरान बाबा वैद्यनाथ की पूजा करेंगे। पूजा के बाद प्रधानमंत्री 3 बजकर 15 मिनट पर देवघर कॉलेज ग्राउंड स्थित जनसभा स्थल पर पहुंचेंगे। जनसभा स्थल पर भारी संख्या में लोगों के जुटने की उम्मीद है। इसके लिए व्यापक तैयारी की गई है। देवघर कॉलेज स्थित जनसभा स्थल पर प्रधानमंत्री मोदी करीब एक घंटा समय देंगे। यहां वह जनसभा को संबोधित भी करेंगे। जनसभा के समापन के बाद प्रधानमंत्री सड़क मार्ग से 4 बजकर 30 मिनट पर देवघर एयरपोर्ट लौटेंगे और वायु सेना के विशेष विमान से पटना के लिए रवाना हो जाएंगे। बाबानगरी को दुल्हन की तरह सजाया गया है। सड़कों का कायाकल्प हो चुका है। खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दो बार पूरी व्यवस्था का जायजा ले चुके हैं। पीएम के आगमन के मद्देनजर बाबानगरी को अभेद सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस मुख्यालय की तरफ से सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी 11 आईपीएस को सौंपी गई है। 12 जुलाई को झारखंड के लिए तोहफों की झड़ी लगने वाली है। पीएम मोदी देवघर एयरपोर्ट समेत 10,270 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा 6,665 करोड़ की योजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री होंगे जो देवघर में बाबा वैद्यनाथ की पूजा करेंगे। उनके आगमन को यादगार बनाने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है। केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, झारखंड भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास के अलावा प्रदेश के सभी पदाधिकारी आयोजन को यादगार बनाने में जुटे हुए हैं।
टीम एबीएन, रांची। डॉ मनीष रंजन, सचिव, ग्रामीण विकास विभाग, ने किसान उत्पादक संगठन की महिला किसानों द्वारा बेमिसाल 100 करोड़ के कारोबार के लक्ष्य को हासिल करने पर बधाई दी। इस उपलब्धि को ‘साइलेंट क्रांति’ बताते हुए उन्होंने महिलाओं को यही न रुकते हुए आने वाले वर्षो में कारोबार को 200 और फिर 500 करोड़ तक पहुचानें का लक्ष्य रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने पोटेंशियल नए बाजार, नेटवर्किंग, ढऊर डीलरशिप और कस्टमर डिमांड की समझ रखते हुए बिजनस को आगे बढाने के लिए सुझाव दिए। वे आज प्रोजेक्ट भवन सभागार में झारखण्ड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) द्वारा जोहार परियोजना के अंतर्गत किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के प्रगति, अधिगम एवं समन्वय पर राज्य स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला में बोल रहे थे। पारंपरिक खेती, पोल्ट्री, मछली पालन को वरीयता देने पर जोर : डॉ मनीष रंजन ने किसानों को पारंपरिक खेती के अलावा पोल्ट्री, मछली पालन आदि को वरीयता देने पर जोर दिया। इसके अलावा सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभिसरण कार्यक्रमों को किसानों तक पहुंचाना, प्रत्येक प्रखंड में एग्री मार्ट खोलना और कस्टम हायरिंग सेंटर को बड़े स्तर पर ले जाना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा नए तकनीक जैसे मौसम पूवार्नुमान, मिट्टी की जांच को अपनाकर उत्पादन बढ़ाने के साथ ही पैकेजिंग-प्राइसिंग पर खास ध्यान देकर कारोबार को नया आयाम देने की बात कही। उत्पादक संगठन की सफलता को नया आयाम देने के लिए क्लस्टर एप्रोच के रूप में आगे बढ़ना होगा : सूरज कुमार, सीईओ जेएसएलपीएस - कार्यशाला को संबोधित करते हुए सूरज कुमार, सीईओ, जेएसएलपीएस ने राज्य के 17 जिलों से आए किसान उत्पादक संगठनों के सदस्यों को 100 करोड़ का कारोबार पर बधाई देते हुए, उनके क्षमतावर्धन, उत्पादों की मार्केटिंग आदि पर सुझाव दिए। सीईओ जेएसएलपीएस ने सफल किसान उत्पादक संगठनों को क्लस्टर एप्रोच के साथ आगे बढ़ने पर जोर दिया। इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा 10,000 किसान उत्पादक संगठनों के गठन के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने पर अपने विचार साझा किए। इस मौके पर सीईओ खरछढर ने कोविड काल में समूह की महिलाओं द्वारा किए गए कार्यों की प्रसंशा करते हुए उन्हें आय बढ़ोतरी के लिए पारंपरिक खेती के अलावा पशुपालन, मछलीपालन, वनोपज जैसे कार्यो को भी अपनाने के लिए प्रेरित किया। जोहार परियोजना अंतर्गत 20 उत्पादक संगठनों ने पूरा किया 100 करोड़ का कारोबार : जोहार परियोजना अंतर्गत गठित 20 उत्पादक संगठनों ने अबतक 100 करोड़ का कारोबार किया है। ग्रामीण महिलाओं द्वारा संचालित इन उत्पादक संगठनों द्वारा किसानों को कृषि यंत्र , कृषि सामग्रियों की खरीद-बिक्री एवं अन्य कृषि संबंधी सेवाएं दी जा रही है। जोहार परियोजना अंतर्गत 20 उत्पादक संगठनों ने हाल ही में 100 करोड़ का कारोबार कर नई मिसाल कायम किया है। एफपीओ को इस सफलता के लिए मोमेंटो और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान एफपीओ से जुडी महिलाओं ने अपने अनुभव एवं चुनौतियों को साझा किया। राज्य भर में उत्पादक संगठनों द्वारा 27 एग्री मार्ट का संचालन किया जा रहा है, जिसके जरिए किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले कृषि सामग्री जैसे खाद, बीज इत्यादि उपलब्ध कराया जा रहा है। पशुपालन को बढ़ावा देने हेतु उत्पादक संगठनों द्वारा 19 पशुधन सेवा केंद्र का भी संचालन किया जा रहा है। परियोजना क्षेत्र में 138 ई-कस्टम हायरिंग सेंटर के जरिए किसानों को उचित दर पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जा रहे है। कार्यशाला में उप निदेशक- कृषि विभाग, वर्ल्ड बैंक प्रतिनिधि, डीजीएम नाबार्ड, जेआरईडीए के प्रतिनिधि, एजीएम जेआरजीबी, सीनियर मैनेजर बीओआई, प्रोजेक्ट डायरेक्टर- जोहार परियोजना एवं विभिन्न जिलों से उत्पादक समूह की माहिलाएं उपस्थित रहीं।
टीम एबीएन, रांची। राहुल कुमार सिन्हा ने रांची के नये उपायुक्त का 11 जुलाई, 2022 को पदभार ग्रहण किया। समाहरणालय ब्लॉक ए स्थित उपायुक्त कार्यालय कक्ष में उन्होंने पदभार संभाला। इस दौरान जिलास्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। इस मौके पर पूर्व डीसी छवि रंजन ने उन्हें शुभकामनाएं दी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। विश्व जनसंख्या दिवस 2022 के मौके पर संयुक्त राष्ट्र ने भारत को लेकर चौंकाने वाली रिपोर्ट दी है। उसका अनुमान है कि 2023 में भारत दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बन जाएगा। अभी चीन सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है और भारत अगले साल उसे पछाड़ देगा। सोमवार को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर संयुक्त राष्ट्र ने खबर दी है कि नवंबर 2022 के मध्य तक दुनिया की आबादी 8 अरब तक पहुंच जाएगी। 1950 के बाद से वैश्विक जनसंख्या सबसे धीमी गति से बढ़ रही है। 2020 में जनसंख्या वृद्धि दर एक प्रतिशत से कम हो गई है। संयुक्त राष्ट्र के ताजा अनुमानों के अनुसार दुनिया की जनसंख्या 2030 में लगभग 8.5 अरब और 2050 में 9.7 अरब हो जाएगी। 2080 तक इसके लगभग 10.4 अरब के शिखर तक पहुंचने का अनुमान है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने इसलिए बताया जश्न का अवसर : संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतेरस ने कहा कि इस साल धरती पर आठ अरबवें इंसान का जन्म होगा। यह हमारी विविधता का जश्न मनाने, हमारी सामान्य मानवता को पहचानने और स्वास्थ्य में प्रगति पर आश्चर्य करने का अवसर है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रगति ने मनुष्य का जीवनकाल बढ़ाया है। मातृ एवं बाल मृत्यु दर में नाटकीय रूप से कमी आई है। इसके साथ ही यह धरती की देखभाल करने की हमारी साझा भागीदारी की भी याद दिलाता है। यह आकलन करने का समय है कि हम परस्पर जिम्मेदारी का निर्वाह करने में कहां चूक कर रहे हैं? रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि 2023 में भारत दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश बन जाएगा और चीन से आगे निकल जाएगा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने कहा कि लोगों को समाज के प्रति अपने दायित्वों का पालन करना चाहिये और उन्हें समाज के विकास के लिए अपना अधिक से अधिक योगदान चाहिये। राज्यपाल ने एनआईटी, जमशेदपुर में उन्नत भारत अभियान के तहत एकेडमिक सोशल रिस्पॉन्सबिलिटी पर आयोजित विचार मंथन व कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि गांवों की समस्या को जानने के लिये हमें गांवों में जानना होगा। राज्यपाल ने कहा कि गांधी जी का ग्रामीण विकास व आत्मनिर्भर भारत स्वप्न था। वे कहा करते थे कि जब तक देश के ग्रामों का विकास नहीं होगा तब तक देश का विकास नहीं होगा। हम सभी ग्रामों के विकास की दिशा में मंथन करना होगा, आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि पहले लोग ग्रामों में संतुष्ट रहते थे। छोटे किसान भी खेती करते थे और बड़े किसान भी खेती करते थे। लेकिन आज बड़ी विडंबना है कि लोग कार्य करने से पहले फल की चिंता करते हैं। पहले ग्रामों में सारी आवश्यकताएं पूरी हो जाती थी, सिर्फ नमक बाहर से खरीदना पड़ता था लेकिन अब स्थिति ऐसी नहीं है। राज्यपाल ने कहा कि भारत संयुक्त परिवार के लिए जाना जाता था, परंतु आज आज संयुक्त परिवार टूट रहे हैं। लोग अपने परिवार के सदस्य को नहीं पहचानते। उन्होंने औद्योगिक प्रतिष्ठानों से कहा कि उनका दायित्व है कि आसपास के क्षेत्र के संदर्भ में सोचे। सीएसआर के तहत उनको उस क्षेत्र की आवश्यकताओं को जानकर कार्य करना चाहिये। गांव वालों की माँग पर काम किया जाय तो विज्ञापन की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक प्रतिष्ठान आसपास के क्षेत्र में एहसान की भवना से कार्य नहीं करें बल्कि देश के विकास में योगदान व सहभागी बनने की भावना से कार्य करें। झारखंड की जनता भोले-भाले हैं, उन्हें प्यार चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि झारखंड की धरती पृथ्वी का सबसे पुराना टुकड़ा है। यह बात शास्त्रों के साथ रिसर्च में भी सामने आ चुकी है। यह साबित हो चुका है कि साहिबंगज के फॉसिल्स डायनासोर के जमाने का है। देश की आजादी में भी झारखंड के सपूतों का महत्वपूर्ण योगदान है। वहीं, यह खनिज संपदाओं से भरा हुआ राज्य है। हमें गर्व होना चाहिए कि हम झारखंड के रहनेवाले हैं। हम सभी ऐसा प्रयास करें कि झारखंड राज्य देश के विकसित व अव्वल राज्यों में शुमार किया जा सके। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का साधन नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य के विश्वविद्यालयों की समीक्षा बैठक में पाया कि यहां भारी रिक्तियां हैं। उन्होंने कहा कि भारत की शिक्षा पद्धति मैकाले की शिक्षा की पद्धति पर आधारित है। आज समाज मे अंग्रेजी जानने वाले को विद्वान माना जाता है और अंग्रेजी भाषा नहीं जानने वाले को हीन भावना से देखा जाता है। हम सभी को हमें अपनी राष्ट्रभाषा पर गर्व होना चाहिये, सबको राष्ट्रभाषा जानना चाहिये और उसका सम्मान करना चाहिए।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। श्रीलंका में जारी आर्थिक संकट के बीच भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत हमेशा ही श्रीलंका के लिए खड़ा रहा है। जयशंकर ने कहा कि हम श्रीलंका का समर्थन करते रहे हैं। हम अब भी मदद करने की कोशिश कर रहे हैं। केरल में मीडिया से बात करते हुए जयशंकर ने कहा कि अभी श्रीलंका अपनी नीतियों के आधार पर समस्याओं के समाधान पर काम कर रहा है, इसलिए हमें अभी इंतजार करना होगा और देखना होगा कि वे क्या करते हैं। वहीं श्रीलंका में पैदा हुए संकट के कारण शरणार्थी संकट है, पूछे जाने पर भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि कोई शरणार्थी संकट नहीं है। बता दें कि श्रीलंका में शनिवार को बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। आंदोलनकारियों ने राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे के महल पर धावा बोल दिया। प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के घर को भी आग के हवाले कर दिया गया। प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है जबकि राष्ट्रपति गोतबाया 13 जुलाई को इस्तीफा देंगे।
टीम एबीएन, रांची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 जुलाई को देवघर दौरे और 14 जुलाई से शुरू हो रहे विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज वरीय अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने प्रधानमंत्री के विभिन्न कार्यक्रमों में सुरक्षा को लेकर की जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई निर्देश दिया। कांवरियों की सुविधा का पूरा ख्याल रखा जाये : मुख्यमंत्री ने श्रावणी मेला की तैयारियों की भी अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा नगरी में आनेवाले कांवरियों की सुविधा के लिए जो व्यवस्थाएं अभी तक अधूरी हैं, उसे त्वरित पहल करते हुए पूरा करें। उन्होंने कांवरिया पथ में नवनिर्मित आध्यात्मिक भवन में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। जिसमें चिकित्सकों, पारा मेडिकल कर्मियों, एंबुलेंस और अनिवार्य दवा की व्यवस्था 24 घंटे रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 की वजह से दो वर्षों बाद श्रावणी मेले का आयोजन हो रहा है। ऐसे में इस मेले के भव्य, सफल और यादगार आयोजन में आपकी अहम जिम्मेदारी है। इस उच्चस्तरीय बैठक में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, प्रभारी मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक नीरज सिन्हा, मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग की प्रधान सचिव वंदना डाडेल, पथ निर्माण विभाग के सचिव सुनील कुमार, पर्यटन विभाग के सचिव डॉ अमिताभ कौशल, एडीजी संजय आनंद लाटकर, संथाल परगना के पुलिस महानिरीक्षक और देवघर के उपायुक्त समेत कई अधिकारी मौजूद थे।
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