टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को कहा कि अगर केंद्र सरकार का समर्थन मिलता रहा तो झारखंड अगले पांच से सात वर्षों में अग्रणी राज्यों में से एक होगा। वहीं सोरेन ने याद दिलाया कि राज्य के योगदान को नहीं भूलना चाहिए। सोरेन कोयले और अन्य के मद में 1.36 लाख करोड़ रुपये की बड़ी राशि का भुगतान नहीं करने के लिए अक्सर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना करते रहें हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देवघर हवाई अड्डे के उद्घाटन के मौके पर उन्होंने कहा, हमने देखा है कि इमारत बनाने वाले मजदूरों को अक्सर भुला दिया जाता है। सोरेन ने कहा, झारखंड कोयला और लोहा सहित अपने खनिजों के माध्यम से वर्षों से राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहा है। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि हवाईअड्डा राज्य के विकास में योगदान देगा और उन्होंने परियोजना के लिए अपनी जमीन देने वाले 300 से अधिक परिवारों को धन्यवाद दिया। सोरेन ने उम्मीद जताई कि मोदी के साथ आए नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जिन हवाई मार्गों और हवाई अड्डों का वादा किया था, वे जल्द ही पूरे होंगे। सोरेन ने कहा, अगर हमें केंद्र से लगातार समर्थन मिलता है तो झारखंड अगले पांच से सात वर्षों में जल्द ही एक अग्रणी राज्य में बदल जाएगा। मुख्यमंत्री ने साहिबगंज में निर्मित जलमार्ग के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया। सिंधिया ने इस कार्यक्रम में घोषणा की कि झारखंड को तीन और हवाई अड्डे मिलेंगे और कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए राज्य में 14 नए हवाई मार्ग उपलब्ध कराए जाएंगे। मोदी ने इसकी आधारशिला रखी और 16,800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
टीम एबीएन, रांची। कोरोना काल में वाहनों का परिचालन बंद था। वाहन मालिकों की ओर से लॉकडाउन अवधि का टैक्स माफ करने की मांग की जा रही है। वाहन मालिकों की मांग पर राज्य के परिवहन विभाग ने परिवहन व्यवसायियों की परेशानी को देखते हुए कोरोना काल के दौर टैक्स माफ करने का निर्णय लिया है। इसको लेकर वाहन मालिकों को जरूरी कागजात के साथ आवेदन जमा करना होगा। परिवहन विभाग के द्वारा इसको लेकर अधिसूचना जारी की गई है जिसमें कहा गया है कि जो गाड़ियां कोरोना काल के समय बंद थी उससे उस समय का टैक्स नहीं लिया जाएगा। उसके अलावा जो भी गाड़ियां बिना परमिट की वजह से सड़क पर परिचालित नहीं हो पा रही थी वैसी गाड़ियों का भी बिना दंड शुल्क के परमिट जारी किया जायेगा। वाहन मालिक झारखंड के वाहन मालिक टैक्स माफी को लेकर लंबे समय से मांग कर रहे हैं। वहीं कोरोना संक्रमण शुरू होने से ठीक पहले गाड़ियों की खरीद की। लेकिन परमिट नहीं बना। इससे वाहन खड़ी रही। इन वाहनों का भी टैक्स माफ करने की मांग की जा रही है। परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों की परेशानी को देखते हुये टैक्स माफ करने का निर्णय लिया है। विभाग ने पत्र जारी करते हुए कहा कि जिन वाहन मालिकों पर टैक्स बकाया है। उसका भुगतान करें। इसके बाद कोरोना काल के टैक्स माफ कर दिया जाएगा। पत्र में यह भी कहा गया है कि वाहन मालिक टैक्स माफ कराने को लेकर 14 जुलाई से 15 अगस्त तक सारी प्रक्रिया पूरी कर लें।
टीम एबीएन, देवघर/रांची। देवघर में आज से श्रावणी मेले की शुरुआत हो चुकी है। कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने मेले का उद्घाटन किया। मौके पर स्थानीय सांसद निशिकांत दुबे के साथ कई प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे। कोरोना के कारण 2 सालों के बाद इस मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हो इसके लिए जिला प्रशासन की टीम मुस्तैदी से जुटी हुई है। बाबा नगरी देवघर में दो साल बाद सावन के महीने में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने वाली है। कोविड संक्रमण की वजह से पिछले दो साल शिव भक्त बाबा की नगरी नहीं पहुंच पाए थे। लेकिन इस बार श्रावणी मेले का भव्य आयोजन हो रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि 50 से 60 लाख के बीच श्रद्धालु देवघर पहुंचेंगे। यही वजह है कि पुलिस मुख्यालय की तरफ से श्रावणी मेले को लेकर पुख्ता तैयारियां की गई है। श्रावणी मेले के लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। देवघर एसपी सुभाष चंद्र जाट ने बताया कि मेला में लगभग 18000 पुलिसकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। पर्याप्त संख्या में पुलिस पदाधिकारियों को भी ड्यूटी लगाया गया है। एसपी ने बताया कि मेला के लिए रैफ की कंपनी, महिला सीआरपीएफ की कंपनी के साथ साथ एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉयड, बम डिस्पोजल टीम, डॉग स्क्वॉयड की सेवा ली गई है। मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए सभी प्रवेश द्वार पर डीएफएमडी और एचएचएमडी के साथ पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित की गई है।
टीम एबीएन, रांची। मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) द्वारा सूचित किया गया है कि मंत्रिपरिषद् की बैठक रांची में शुक्रवार, दिनांक 15 जुलाई, 2022 को अपराह्न 4:00 बजे से झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) स्थित मंत्रिपरिषद् कक्ष में होगी।
टीम एबीएन, देवघर/ रांची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बाबा नगरी देवघर से 16 हजार 8 सौ 35 करोड़ रुपए की 25 महत्वपूर्ण परियोजनाओं की सौगात झारखंड को दी। राज्यपाल श्री रमेश बैस और मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति में प्रधानमंत्री ने दस हजार दो सौ सत्तर करोड़ रुपए की लागत से तैयार देवघर एयरपोर्ट, देवघर एम्स और बाबा धाम का विकास समेत 13 परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित किया। वहीं, रांची रेलवे स्टेशन का री- डेवलपमेंट और रांची में कचहरी चौक से पिस्का मोड़ एलिवेटेड कॉरिडोर सहित 12 परियोजनाओं की बुनियाद रखी। इन परियोजनाओं पर 6 हजार 5 सौ 65 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इन परियोजनाओं से जीवन होगा आसान : प्रधानमंत्री ने कहा कि बाबाधाम आकर मन प्रसन्न हो गया। आज यहां से झारखंड के विकास को गति देने का सौभाग्य मिल रहा है। ये परियोजनाएं ना सिर्फ झारखंड बल्कि बिहार और बंगाल समेत पूर्वी भारत के विकास को नई गति देगी। इससे जीवन आसान होगा और रोजगार, स्वरोजगार व्यापार, स्वास्थ्य और पर्यटन समेत अन्य कई क्षेत्रों में अनेक अवसर पैदा होंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां से हवाई सेवा शुरू होने से बाबा के दर्शन करने के लिए आने वाले देश- विदेश के श्रद्धालुओं को सहूलियत होगी । प्रधानमंत्री ने कहा कि देवघर एम्स के चालू होने से झारखंड के साथ बिहार और बंगाल के मरीजों का बेहतर इलाज संभव होगा। विकास में कनेक्टिविटी का अहम रोल : मौके पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज जिन विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास हुआ है, उससे राज्य के विकास को निश्चित तौर पर नई दिशा मिलेगी। ये योजनाएं झारखंड के लिए मील का पत्थर साबित होंगी। उन्होंने कहा कि विकास में सड़कों का अहम रोल होता है। चाहे वह रोड कनेक्टिविटी हो या फिर हवाई अथवा जलमार्ग। यह कनेक्टिविटी जितनी तेजी से बढ़ेगी, राज्य के विकास को तेजी मिलेगी। मुख्यमंत्री ने साहिबगंज जलमार्ग के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया। राष्ट्र के विकास में झारखंड के मजदूरों का अहम योगदान : मुख्यमंत्री ने कहा कि जो सपना हम देखते हैं और जब वह पूरा होता है तो काफी खुशी मिलती है। आज देवघर एयरपोर्ट से विमान सेवा शुरू होने का सपना साकार हो रहा है। लेकिन, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि इसके निर्माण में मजदूरों का अहम योगदान रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवघर एयरपोर्ट के निर्माण में तीन सौ रैयतों ने अपनी जमीन दी है। इस वजह से जो विस्थापित हुए हैं और आज जब यह एयरपोर्ट राष्ट्र को समर्पित किया जा रहा है तो उन सभी का हम शुक्रिया अदा करते हैं। केंद्र के सहयोग से झारखंड को अग्रणी राज्य बनायेंगे : मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विकास में शुरू से ही झारखंड का अहम योगदान रहा है। खनिजों के साथ-साथ यहां के मजदूर देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी मेहनत और सेवा की बदौलत विकास का नया पैमाना गढ़ रहे हैं। अगर केंद्र सरकार का सहयोग मिला तो अगले 5 से 7 वर्षों में झारखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के सपने को सरकार करेंगे। दुमका, जमशेदपुर और बोकारो जल्दी ही हवाई मानचित्र में शामिल होंगे : केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि झारखंड में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना तैयार कर ली गई है। जमशेदपुर, दुमका और बोकारो भी जल्द ही हवाई मानचित्र में शामिल हो जाएंगे। इसके अलावा राज्य में 14 नए रूटों पर हवाई सेवा शुरू करने की दिशा में तेजी से पहल हो रही है। प्रधानमंत्री ने देवघर- कोलकाता- देवघर विमान सेवा का किया शुभारंभ : प्रधानमंत्री ने इंडिगो कंपनी के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (सीईओ) श्री रोनो दत्ता और चीफ आॅफ फ्लाइट आॅपरेशन श्री आशू मिश्रा को उड़ान ध्वज प्रदान कर देवघर -कोलकाता- देवघर विमान सेवा का शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री का सम्मान : मौके पर राज्यपाल ने प्रधानमंत्री को रुद्राक्ष की माला और पुस्तक भेंट की। मुख्यमंत्री ने बाबा वैद्यनाथ मंदिर का मॉडल स्वरूप प्रधानमंत्री को प्रदान कर सम्मानित किया। इन परियोजनाओं की मिली सौगात : देवघर एयरपोर्ट (401 करोड़ रुपए), बाबा वैद्यनाथ का विकास (30 करोड़), गोरहर से खैराटूंडा सिक्स लेन सड़क (1790 करोड़), खैराटूंडा से बरवाअड्डा सिक्स लेन (1332.8 करोड़), रांची- महुलिया फोर लेन (549 करोड़), चौका-साहेरबेड़ा फोर लेन (284.8 करोड़), गोविंदपुर- चास-वेस्ट बंगाल बॉर्डर फोर लेन (1144 करोड़), बोकारो-अंगुल- जगदीशपुर- हल्दिया पाइपलाइन (2500 करोड़), बरही एलपीजी प्लांट- (161.5 करोड़), बोकारो एलपीजी- (93.4 करोड़), गढ़वा-महुरिया रेलवे डबलिंग प्रोजेक्ट-(866 करोड़), हंसडीहा-गोड्डा रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन (35 करोड़), एम्स, देवघर (1103 करोड़)। इन योजनाओं का हुआ शिलान्यास : मिर्जाचौकी- फरक्का फोरलेन (1302 करोड़), हरिहरगंज से परवा मोड़ फोरलेन (1016 करोड़), पलमा-गुमला सेक्शन फोर लेन (1564 करोड़), रेहला-गढ़वा बाइपास फोरलेन (888 करोड़), रांची में कचहरी चौक से पिस्का मोड़ एलिवेटेड कॉरिडोर (534. 7 करोड़), रांची में ईटकी आरओबी (108.3 करोड़), एनएच-75 पर पेव्ड सोल्डर के साथ टू लेन (315. 21 करोड़), एनएच-133 पर पेव्ड सोल्डर के साथ टू लेन—(66.7 करोड़), झरिया ब्लॉक झ्रसरफेश फैसिलिटी और पाइपलाइन (224 करोड़), रांची रेलवे स्टेशन का री-डेवलपमेंट (210 करोड़), जसीडीह बाइपास न्यू लेन (294 करोड़), गोड्डा कोच मेंटनेंस डिपो (40 करोड़)। मौके पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, राज्य सरकार के मंत्री बादल और हफीजुल हसन, स्थानीय सांसद निशिकांत दुबे और विधायक नारायण दास समेत कई गणमान्य उपस्थित थे।
टीम एबीएन, देवघर। देवघर एयरपोर्ट पर आज से विमानों का परिचालन शुरू हो गया। कोलकाता से पहली फ्लाइट देवघर पहुंच चुकी है। बताते चलें कि आज कोलकाता से देवघर एयरपोर्ट के लिए पहली विमान ने उड़ान भरी। इंडिगो की विमान संख्या 6E7939 आज सुबह 10:15 बजे कोलकाता एयरपोर्ट से देवघर के लिए रवाना हुई और 11:15 में देवघर एयरपोर्ट पहुंच गयी। देवघर एयरपोर्ट पर पहले विमान के पहुंचते ही वहां मौजूद लोगों ने जय शिव और हर-हर महादेव के जयकारे लगाये। वहीं, 12:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देवघर पहुंचे, जहां उन्होंने औपचारिक रूप से देवघर एयरपोर्ट का उद्घाटन किया।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में महादेव की नगरी बाबाधाम यानी देवघर में पूरे दो साल बाद विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 13 जुलाई को श्रावणी मेले की शुरुआत करेंगे। कोरोना काल के दो वर्ष इस बार 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के सावन मास में बाबानगरी पहुंचने की संभावना है। इधर, इस बार श्रावण मास में पड़ने वाली सोमवारी को लेकर मिथिला और बंगला पंचांग में अलग-अलग बातें बताई गईं हैं। मिथिला पंचांग के मुताबिक, इस साल सावन के महीने में कुल 4 सोमवारी का जिक्र किया गया है। वहीं बंगला पंचांग के मुताबिक, साल 2022-2023 में पांच सोमवारी को लेकर जानकारी दी गई है। मिथला पंचांग के मुताबिक गुरु पूर्णिमा यानी 14 जुलाई के दिन से ही सावन मास की शुरुआत हो जाएगी। उधर, बंगला पंचांग की मानें तो संक्रांति की तिथि से यानी 17 जुलाई से सावन शुरू होगा। मिथिला पंचांग के मुताबिक, 18 जुलाई को सावन की पहली सोमवारी, 25 जुलाई को दूसरी, 1 अगस्त को तीसरी और 8 अगस्त को चौथी सोमवारी के योग बन रहे हैं। वहीं 11 अगस्त को रक्षा बंधन के साथ ही मेले का समापन हो जाएगा। इस बीच 2 अगस्त को नागपंचमी का भी शुभ योग है। इतना ही नहीं, बंगला पंचांग के मुताबिक सावन की पांचवीं सोमवारी 15 अगस्त को बताई गई है। मिथिला क्षेत्र में नवविवाहितों का पर्व मधुश्रावणी की पूजा का योग भी इस साल शुभ बताया गया है। यह पर्व 17 से शुरू होकर 31 जुलाई तक चलेगा। 18 जुलाई से विधिवत मधुश्रावणी पूजा की शुरुआत होगी। इस दौरान प्रत्येक दिन शिव-पार्वती की कथा के साथ ही खास पूजा होगी और 31 जुलाई को विधिवत हवन-पूजन के साथ पूजा सम्पन्न होगी। परंपरा के अनुसार आठ अगस्त एकादशी से झूलनोत्सव प्रारम्भ होगा। इस दौरान प्रत्येक दिन बाबा मंदिर समेत शहर के अलग-अलग इलाकों में झूलनोत्सव का आयोजन होगा इसमें राधा-कृष्ण की पूजा के साथ ही रोजाना रात के वक्त भगवान की पूजा होगी और 12 अगस्त को पूजा का समापन होगा। कोरोना महामारी की वजह से श्रावणी मेले पर लगी रोक हटने के बाद इसका आयोजन हो रहा है। दो साल बाद आयोजित हो रहे विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेले के दौरान इस साल भक्तों के लिए कई नई व्यवस्थाएं की गई हैं। इस साल दूसरी और तीसरी सोमवारी को विशेष योग बन रहे हैं। ऐसे में सबसे अधिक भीड़ भी जुटने की संभावना जताई जा रही है। इसी बीच नागपंचमी भी पड़ रही है लिहाजा करीब 2 लाख कांवड़ियों के आने की उम्मीद है।
टीम एबीएन, जामताड़ा/रांची। जिले में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शामिल हुए। उन्होंने करोड़ों की योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इसके साथ ही लाभुकों के बीच करोड़ों की परिसंपत्ति का वितरण भी किया। मौके पर जामताड़ा विधायक इरफान अंसारी भी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए राज्य में पूर्व की सरकार द्वारा किये गए कार्य की आलोचना की। उन्होंने पूर्व की सरकार पर राज्य को रसातल में ले जाने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गठबंधन की सरकार ने 2019 में भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने का काम किया है और आज कोरोना काल से उबरने के बाद सरकार आम लोगों तक योजनाओं का लाभ कैसे पहुंचे इस दिशा में काम कर रही है। वर्षों में जो काम नहीं हुआ। वह काम अपने ढाई साल के शासनकाल में करके दिखाया है। उन्होंने कहा कि अब पूर्व की सरकार में विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन के लिए उम्र सीमा और कई बाधाएं लगा रखी थी, लेकिन उनकी सरकार ने यह सारे बंधन को तोड़ते हुए सभी को विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन देने का काम किया है। अब इसमें उम्र की कोई सीमा निर्धारित नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर गांव में सरकार द्वारा खोज खोज कर जो भी विधवा, दिव्यांग पेंशन से वंचित हैं उन सबको पेंशन देने का काम किया जा रहा है। रिकॉर्डतोड़ धान की खरीदारी : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले 20 वर्षों के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए धान की अधिप्राप्ति की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व की सरकार धान की खरीदारी जितनी नहीं कर पाई। 9 महीने में दोगुना धान की खरीदारी उनकी सरकार ने की। अधिक से अधिक राइस मिल खोलने की दी है स्वीकृति : मुख्यमंत्री ने कहा है कि हमारी सरकार ने अधिक से अधिक राइस मिल खोलने की स्वीकृति दी है। जिससे कि हरेक जेल में राइस मिल खुले और धान की अधिप्राप्ति हो, जो समस्या चावल बनाने की होती है वह दूर हो सके। राइस मिल से जो धान की खरीदारी हो उससे चावल बना कर गरीबों तक पहुंचाया जा सके। सरकार आपके द्वार कार्यक्रम फिर से शुरू करेगी सरकार : मुख्यमंत्री ने सरकार आपके द्वारा चलाया था। कार्यक्रम को सफल बताते हुए कहा कि कोरोना काल में सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के तहत पंचायत और गांव में जाकर गांव के लोग समस्याओं का निदान करने का काम किया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि फिर से इस योजना को शुरू किया जाएगा और सरकार आपके द्वार कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
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