राज काज

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Published / 2026-01-14 20:38:33
टुसू में गवर्नर की उपस्थिति ने बढ़ायी कार्यक्रम की गरिमा

टीम एबीएन, रांची। कुरमाली भाषा परिषद, रांची ने मोरहाबादी मैदान में आयोजित टुसू महोत्सव में राज्यपाल संतोष गंगवार की गरिमामयी उपस्थिति से इस बार का टुसू महोत्सव और भी भव्य बनाया। राज्यपाल के आगमन से महोत्सव की रौनक बढ़ गयी और कार्यक्रम में उत्साह का माहौल देखने को मिला। 

वैसे तो केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची सांसद संजय सेठ, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, जमशेदपुर के पूर्व सांसद शैलेंद्र महतो आदि भी महोत्सव में शामिल हुए। लेकिन महोत्सव में पहली बार राज्यपाल की उपस्थिति से महोत्सव में चार चांद लग गया। 

मौके पर राज्यपाल श्री गंगवार ने कुरमाली भाषा एवं लोक संस्कृति की सराहना करते हुए कहा कि टुसू पर्व झारखंड की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने ऐसी परंपराओं को संरक्षित और प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इस तरह का आयोजन करने के लिए कुरमाली भाषा परिषद परिवार बधाई के पात्र हैं। 

महोत्सव के दौरान पारंपरिक टुसू गीत, नृत्य और लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कलाकार, समाजसेवी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कुरमाली भाषा परिषद के अध्यक्ष डॉ राजा राम महतो ने तहे दिल से राज्यपाल का सम्मान कर आभार व्यक्त किया। 

उल्लेखनीय है कि झारखंड की राजधानी रांची शहर में टुसू महोत्सव आयोजित करने का श्रेय कुरमाली भाषा परिषद और परिषद के अध्यक्ष डॉ राजा राम महतो को जाता है। डॉ राजाराम महतो ने टुसू पर्व को गांव से शहर में लाने का कार्य किया। सबसे पहले झारखंड बनने के बाद बर्ष 2001 में रांची के के के कॉलोनी में कुरमाली भाषा परिषद के तत्वावधान में टुसू महोत्सव का अयोजन किया गया था। 

बाद टुसू पर्व की पूर्व संध्या पर प्रति वर्ष मोरहाबादी मैदान में टुसू महोत्सव वृहत पैमाने पर मनाया जाता है। कुरमाली भाषा परिषद की ओर से महोत्सव में आने वाले टुसू दलों, कलाकारों और पीठा प्रतियोगिता में भाग लेने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित किया जाता रहा है।

Published / 2026-01-13 21:18:43
झारखंड : राज्यपाल ने मोरहाबादी में किया टुसू महोत्सव का शुभारंभ

रांची में टुसू महोत्सव की धूम, राज्यपाल संतोष गंगवार ने मोरहाबादी मैदान में किया शुभारंभ 

टीम एबीएन, रांची। मकर संक्रांति से एक दिन पहले झारखंड की लोक परंपरा से जुड़े टुसू महोत्सव का भव्य आयोजन राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में आरंभ हो गया है। प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी इस महोत्सव की शुरुआत उत्साह, लोकगीत और पारंपरिक रंगों के साथ हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। 

इस आयोजन का दायित्व कुरमाली भाषा परिषद द्वारा निभाया जा रहा है। टुसू महोत्सव झारखंड की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक माना जाता है। यह पर्व न केवल झारखंड, बल्कि पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। हर साल मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर मोरहाबादी मैदान में इसका आयोजन किया जाता है। जिसमें झारखंड के कोने-कोने से लोग पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-नगाड़ों और बाजा-गाजा के साथ शामिल होते हैं। 

इस अवसर पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने भी पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार टुसू की पूजा-अर्चना की। आयोजन स्थल पर उनका स्वागत गुड़ पीठा, झारखंड के पारंपरिक व्यंजनों और विभिन्न प्रकार के मिष्ठानों से किया गया। राज्यपाल ने झारखंड की लोक संस्कृति की सराहना की। साथ ही कहा कि ऐसे आयोजन नयी पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाते हैं।

Published / 2026-01-12 21:09:49
रांची : लापता बच्चों के परिजनों से मिलीं केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी

टीम एबीएन, रांची। रांची के धुर्वा से लापता बच्चों के मामले ने तूल पकड़ लिया है। सोमवार को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी धुर्वा स्थित लापता बच्चों के आवास पर पहुंचीं और पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना। उन्होंने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने परिजनों से पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली और उनकी पीड़ा को गंभीरता से सुना। 

बातचीत के दौरान बच्चों की मां भावुक हो उठीं और अपने बच्चों की जल्द व सकुशल बरामदगी की गुहार लगायी। इस दौरान माहौल बेहद संवेदनशील हो गया, जिसे देखते हुए मंत्री ने परिवार को ढांढस बंधाया और भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। 

केंद्रीय मंत्री ने मौके पर ही झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा से दूरभाष पर बातचीत की। उन्होंने न केवल स्थिति की जानकारी ली, बल्कि लापता बच्चों की मां और परिजनों की भी सीधे डीजीपी से बात करवायी, ताकि उनकी आवाज शीर्ष स्तर तक पहुंचे और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जायेगी। 

अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि संबंधित प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को लगातार समन्वय बनाकर बच्चों की जल्द से जल्द तलाश और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध करायी जायेगी और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन भी लगाये जायेंगे। 

इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि यदि घटना के पहले 24 घंटे में स्थानीय पुलिस ने गंभीरता और तत्परता दिखाई होती तो शायद आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। उन्होंने दो टूक कहा कि लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है और इस मामले में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। 

मंत्री ने यह भी कहा कि जिस स्थान पर यह घटना हुई है, वहां से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर राज्य का पुलिस मुख्यालय स्थित है। इसके अलावा राज्य के सभी मंत्री और मुख्यमंत्री भी चंद मिनटों की दूरी पर कार्य करते हैं। इसके बावजूद राजधानी में इतनी गंभीर घटना हो जाना और लंबे समय तक किसी ठोस कार्रवाई का न होना, राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। 

मौके पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे। सभी ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और बच्चों की शीघ्र बरामदगी की मांग की। लोगों का कहना था कि यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।

Published / 2026-01-12 21:02:59
स्वामी विवेकानंद की 164वीं जयंती पर सीएम हेमंत ने किया नमन...

आज स्वामी विवेकानंद की 164 वीं जयंती, सीएम हेमंत ने किया नमन 

टीम एबीएन, रांची। 12 जनवरी को भारत के महान आध्यात्मिक गुरु और सबसे बड़े युवा आइकन स्वामी विवेकानन्द जी की जयंती है। स्वामी विवेकानंद को करोड़ों युवा अपना आदर्श मानते हैं और उनके जोशीले विचारों से प्रेरणा लेते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वामी विवेकानंद को नमन किया है। 

सीएम हेमंत ने राष्ट्रीय युवा दिवस की दी बधाई 

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लिखा, युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर सादर नमन। आज राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर सभी को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं, जोहार।         

राज्यपाल ने भी किया नमन 

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने सोशल मीडिया पर लिखा, युगपुरुष एवं महान दार्शनिक स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन तथा राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। भारतीय संस्कृति को विश्व-पटल पर गौरव दिलाने वाले स्वामी विवेकानंद जी के विचार और आदर्श युवाओं के लिए सदैव प्रेरणास्रोत हैं।  

विवेकानन्द का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता के एक बंगाली परिवार में हुआ था। उनके पिता विश्वनाथ दत्त कलकत्ता के उच्च न्यायालय में एक वकील थे। विवेकानंद के जन्म के समय उनका नाम नरेंद्र नाथ दत्त रखा गया था। 25 साल की आयु में विवेकानंद ने स्वामी रामकृष्ण परमहंस से प्रेरित हो कर अपना घर छोड़ दिया था और एक सन्यासी की तरह अपना जीवन बिताने लगे थे। 

स्वामी विवेकानंद की 39 वर्ष की आयु में 4 जुलाई 1902 को मृत्यु हो गयी थी। उनकी मृत्यु का कारण रात 9 बजे ध्यान करते समय मस्तिष्क में रक्त वाहिका का टूटना बताया गया था।

Published / 2026-01-10 20:46:21
2003 के वोटर लिस्ट का पैरेंटल मैपिंग पूरी

2003 की मतदाता सूची से 70% मतदाताओं की पैरेंटल मैपिंग पूरी, शहरी क्षेत्रों पर विशेष जोर 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में प्रस्तावित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से पहले की जा रही तैयारियों के तहत 2003 की मतदाता सूची से वर्तमान मतदाता सूची की 70 प्रतिशत पैरेंटल मैपिंग पूरी कर ली गयी है। यह जानकारी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने शनिवार को दी। 

अधिकारियों को शहरी क्षेत्रों में कार्य तेज करने के निर्देश 

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी और उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ बैठक कर प्री-रिवीजन अभ्यास की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शहरी क्षेत्रों में मतदाताओं की मैपिंग को प्राथमिकता दी जाये। 

सरकारी कार्यालयों में प्रशिक्षण शिविर लगाने पर जोर 

के. रवि कुमार ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में विशेष शिविर लगाकर सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को मैपिंग प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाये, ताकि कार्य तेजी और सटीकता के साथ पूरा किया जा सके। 

बाहरी राज्यों से आये मतदाताओं के लिए अलग व्यवस्था 

उन्होंने बताया कि राज्य के बाहर से आये मतदाताओं की मैपिंग उनके संबंधित राज्यों की पिछली विशेष गहन पुनरीक्षण वाली मतदाता सूची से की जाये और उनके नाम अलग रजिस्टर में दर्ज किये जायें। 

एएसडीडी सूची के डिजिटलीकरण के निर्देश 

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ और डुप्लीकेट मतदाताओं की एएसडीडी सूची का डिजिटलीकरण शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे आगामी गहन पुनरीक्षण के दौरान कार्य आसान होगा और यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे। 

वोटर आईडी की गुणवत्ता सुधारने पर फोकस 

उन्होंने मतदाता पहचान पत्र की गुणवत्ता सुधारने के लिए बूथ लेवल अधिकारियों को मोबाइल फोन से फोटो लेकर बीएलओ ऐप में अपडेट करने का प्रशिक्षण देने पर जोर दिया। के. रवि कुमार ने कहा कि 28 जनवरी से 6 फरवरी के बीच मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों का प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाये, ताकि गहन पुनरीक्षण के दौरान बेहतर समन्वय स्थापित हो सके। 

बीएलओ से संपर्क को आसान बनाने की पहल 

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि कार्यालय द्वारा जारी स्टीकरों पर संबंधित मतदान केंद्र के बीएलओ का नाम, मतदान केंद्र संख्या, विधानसभा क्षेत्र और मोबाइल नंबर अंकित कर क्षेत्रों में लगाये जायें। इससे आम नागरिकों को अपने बीएलओ से संपर्क करने में आसानी होगी। 

उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग के 1950 टॉलफ्री नंबर और बुक ए कॉल फीचर के व्यापक प्रचार-प्रसार का निर्देश दिया। साथ ही मैपिंग के दौरान निर्धारित आठ चेकपॉइंट्स का सख्ती से पालन करने और गलत मैपिंग से बचने पर विशेष जोर दिया गया। 

आनलाइन माध्यम से अधिकारियों की सहभागिता 

बैठक में बीएलओ को मोबाइल से फोटो लेकर बीएलओ एप में अपडेट करने का प्रशिक्षण देने तथा 28 जनवरी से 6 फरवरी के बीच मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट-2 के प्रशिक्षण को सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिये गये। 

इस समीक्षा बैठक में बोकारो जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त अजय नाथ झा, नोडल पदाधिकारी प्रशिक्षण देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सहित सभी जिलों के अधिकारी आॅनलाइन माध्यम से उपस्थित रहे।

Published / 2026-01-10 20:40:53
रांची : अब जल्द मिलेगी हाईटेक टॉयलेट की सुविधा

रांचीवासियों को मिलेगी हाईटेक टॉयलेट की सुविधा, पांच का सिक्का डालने पर खुलेगा दरवाजा, खासियत हैं बेशुमार 

टीम एबीएन, रांची। रांची नगर निगम क्षेत्र के सभी चौक चौराहों पर मॉड्यूलर टॉयलेट देखने को मिल जाएंगे। लेकिन इस्तेमाल करने से लोग झिझकते हैं। वजह है, गंदगी, बदबू और पानी का अभाव। ज्यादातर मॉड्यूलर टॉयलेट में ताले लटके नजर आते हैं। आजतक यह जरूरी व्यवस्था सुचारू नहीं हो पायी है। इस दिशा में एक नयी पहल से उम्मीद की किरण जगी है। 

रांची में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहरवासियों को ओटीटी आधारित स्मार्ट टॉयलेट की सुविधा देने की तैयारी शुरू हो चुकी है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत स्मार्ट सिटी में इसकी शुरुआत हो गयी है, जो खासियतों की वजह से चर्चा के केंद्र में है। यह टॉयलेट पूरी तरह आॅटोमेटिक सिस्टम से चलेगा और 5 रुपये का सिक्का डालने पर ही दरवाजा खुलेगा। 

उपयोगकर्ता को पहले बाहर लगे स्लॉट में सिर्फ 5 रुपये का सिक्का डालना होगा, इसके बाद दरवाजा अपने आप अनलॉक हो जायेगा। अंदर प्रवेश करते ही सेंसर और हाईटेक सिस्टम के जरिये लाइट, वॉश बेसिन, फ्लश और एग्जॉस्ट फैन आटोमेटिक तरीके से संचालित होंगे। 

नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि यह सिस्टम ओटीटी पर आधारित है। प्रायोगिक तौर पर इसकी शुरुआत की गयी है। इसमें पानी की खपत बहुत कम होती है। अगर यह सिस्टम कारगर साबित होता है तो सभी पर्यटन स्थलों और सार्वजनिक जगहों पर इसकी व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी। 

टॉयलेट के अंदर किसी तरह की छेड़छाड़ या तोड़फोड़ की कोशिश होते ही लॉकिंग सिस्टम एक्टिव होकर दरवाजा अपने आप बंद हो जायेगा। सीसीटीवी और रियल टाइम मॉनिटरिंग के जरिये नगर निगम कंट्रोल रूम से इन स्मार्ट टॉयलेट्स पर लगातार नजर रख सकेगा, जिससे चोरी और वंडलिज्म की घटनाओं पर रोक लगेगी। 

हर उपयोग के बाद आटो फ्लश और आटो क्लीनिंग सिस्टम सक्रिय होकर टॉयलेट को स्वत: साफ करेगा, जिससे बदबू और गंदगी की समस्या नहीं रहेगी। हैंड वॉश, साबुन डिस्पेंसर और ड्रायर जैसी सुविधाएं भी आटो सेंसर पर चलेंगी, जिससे बिना किसी नल या स्विच को छुए स्वच्छता बनी रहेगी।

Published / 2026-01-09 23:10:11
32 करोड़ रुपये से होगा चतरा-चौपारण पथ का सुदृढ़ीकरण

  • कैबिनेट के फैसले : 30 प्रस्तावों पर मुहर, विधानसभा का बजट सत्र 18 फरवरी से 19 मार्च तक

टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई झारखंड कैबिनेट की अहम बैठक संपन्न हो गयी। बैठक में कुल 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें विकास, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले शामिल हैं। कैबिनेट ने झारखंड विधानसभा के बजट सत्र की तिथि भी तय कर दी है, जो 18 फरवरी से 19 मार्च 2026 तक आयोजित किया जायेगा।

कैबिनेट ने राज्य कर्मियों की स्वास्थ्य बीमा योजना में संशोधन को मंजूरी दी है। अब इलाज के लिए अग्रिम के रूप में अधिकतम 5 लाख रुपये तक की राशि उपलब्ध करायी जायेगी। विधायक और पूर्व विधायक अपनी इच्छा के अनुसार या तो इस योजना में शामिल रह सकते हैं या पूर्व में लागू अपनी स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ ले सकते हैं।

इसके अलावा, राज्य कर्मी अब देश के 13 प्रमुख अस्पतालों में सीजीएचएस दर से अधिक दर पर भी इलाज करा सकेंगे, जिनमें सीएमसी वेल्लोर, एम्स नयी दिल्ली, राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट, अपोलो चेन्नई, मेदांता गुरुग्राम, शंकर नेत्रालय चेन्नई, केयर अस्पताल हैदराबाद और बीएम बिरला अस्पताल शामिल हैं।

राज्य सरकार ने नारी अदालत योजना को लागू करने का फैसला लिया है। योजना का पहला चरण राज्य की 10 पंचायतों में शुरू किया जायेगा। इसके तहत  रांची, खूंटी, गुमला, साहेबगंज, लोहरदगा, पश्चिमी सिंहभूम, गिरिडीह, रामगढ़, पलामू और गोड्डा जिलों को शामिल किया गया है।

  • पलामू जिले में रोड ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए 114 करोड़ रुपये
  • बोकारो के जैनामोड़ से फुसरो तक सड़क निर्माण के लिए 157 करोड़ रुपये
  • चतरा-चौपारण पथ के निर्माण व सुदृढ़ीकरण के लिए 35 करोड़ रुपये
  • तेलो-तरंगा सड़क परियोजना के लिए 81 करोड़ रुपये
  • नेतरहाट आवासीय विद्यालय के प्रबंधन एवं संचालन से संबंधित नियमावली को मंजूरी, साथ ही प्रबंधन समिति और कार्यकारिणी के पुनर्गठन को स्वीकृति
  • जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय और रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय में पदों के पुनर्गठन को मंजूरी
  • झारखंड विधि आयोग के कार्यकाल को दो वर्षों के लिए बढ़ाने का निर्णय
  • हजारीबाग बंदोबस्त कार्यालय में कार्यरत तीन कर्मियों की सेवा नियमित करने की स्वीकृति
  • झारखंड मिल्क फेडरेशन के तहत बालीगूमा से तीतर बेला में नया डेयरी प्लांट स्थापित होगा
  • गोड्डा जिले की सैदापुर बियर योजना के लिए आवश्यक राशि स्वीकृत
  • राज्य के सभी 606 थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए 134 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति
  • पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति से संबंधित नियमावली को घटनोत्तर स्वीकृति
  • झारखंड कोषागार संहिता में आवश्यक संशोधन को मंजूरी
  • अनुपूरक बजट को घटनोत्तर स्वीकृति
  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में दावोस में आयोजित कार्यक्रम में भागीदारी को स्वीकृति

Published / 2026-01-09 17:52:33
रिम्स और राज हॉस्टिपल को जल्द मिल जायेगा किडनी ट्रांसप्लांट का लाइसेंस

रिम्स और राज हॉस्पिटल को किडनी ट्रांसप्लांट की मंजूरी, जल्द मिलेगा लाइसेंस 

राज्य में ही मिलेगा गंभीर बीमारियों का इलाज, बाहर जाने की जरूरत नहीं : अपर मुख्य सचिव 

किडनी ट्रांसप्लांट की दिशा में बड़ी पहल, रिम्स व राज हॉस्पिटल को मिलेगा लाइसेंस 

टीम एबीएन, रांची। आज अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग अजय कुमार सिंह के कार्यालय कक्ष में मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम के तहत परामर्शदात्री समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी।

बैठक में अपर सचिव विद्यानंद शर्मा पंकज, शिवनारायण सिंह (सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश), डॉ. सिद्धार्थ सान्याल (निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं), डॉ. संजय कुमार, रिम्स के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. प्रकाश, रिम्स नेफ्रोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रज्ञा घोष पंत एवं उप सचिव ध्रुव प्रसाद के साथ एनजीओ की श्रीमती सरिता पांडेय और प्रगति शंकर उपस्थित रहीं। 

बैठक में सर्वसम्मति से राजेंद्र इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) एवं राज हॉस्पिटल को किडनी ट्रांसप्लांट का लाइसेंस देने पर सहमति बनी। इन दोनों अस्पतालों को शीघ्र ही लाइसेंस जारी किया जायेगा, जिसके बाद राज्य में किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। 

इसके अतिरिक्त समिति में राज्य के अन्य चिकित्सा महाविद्यालयों एवं निजी संस्थानों में लिवर, हार्ट और किडनी जैसे अंगों के प्रत्यारोपण की संभावनाओं पर भी चर्चा की गयी। इस विषय पर 15 जनवरी को राज्य के 10 चिकित्सा महाविद्यालयों के साथ एक विशेष बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया। 

अपर मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के अंतर्गत राज्य से बाहर जाने वाले मरीजों को राज्य में ही बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उपायों पर विचार-विमर्श का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था विकसित की जाये जिससे मरीजों को उपचार में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए अतिरिक्त इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी विचार किया जा रहा है। 

विभाग द्वारा मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत एक विशेष पैकेज का निर्धारण किया गया है, जिसके माध्यम से गंभीर रोगों का उपचार राज्य में ही संभव हो सकेगा। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि हर हाल में मरीजों को ट्रांसप्लांट सहित सभी आवश्यक सुविधाएं राज्य में ही उपलब्ध करायी जायें, ताकि उन्हें बाहर न जाना पड़े। 

निर्णय के अनुसार, मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के अंतर्गत यदि कोई रोगी आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के दायरे में नहीं आता है, तभी उसे राज्य के बाहर इलाज की अनुमति दी जायेगी। वहीं, जो रोगी इस योजना के अंतर्गत आते हैं, उनका इलाज राज्य में ही सुनिश्चित किया जायेगा।

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