रांची। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने लोहरदगा के पूर्व विधायक श्री कमल किशोर के निधन पर शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने परमात्मा से दिवंगत आत्मा को शांति एवं परिजनों को दु:ख की इस घड़ी में शक्ति देने की प्रार्थना की है।
रांची। शोक प्रस्ताव के साथ झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र का पहला दिन शांतिपूर्ण तरीके से गुजर गया। लेकिन पहले ही दिन सदन के बाहर विपक्ष के तेवर से साफ हो गया है कि आगे की कार्यवाही कैसी दिखने वाली है। हालांकि सत्ता पक्ष ने भी विपक्ष के सवालों को लेकर अपना स्टैंड साफ कर दिया है। सीएम कह चुके हैं कि अगर विपक्ष की तरफ से निष्पक्ष और वाजिब सवाल आएंगे, तो उनका जवाब जरूर दिया जाएगा। पांच कार्यदिवस वाले इस छोटे सत्र के दूसरे दिन यानी 17 दिसंबर को सरकार अनपूरक बजट पेश करेगी। इसी साल माॉनसून सत्र में सरकार ने 4,684.93 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया था। 17 सितंबर को श्रम नियोजन, उत्पाद एवं मद्य निषेध, स्वास्थ्य, राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग, विधि विभाग, एसटी-एसटी, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अलावा ऊर्जा विभाग से जुड़े सवालों के जवाब सरकार देगी। फिर शून्यकाल और ध्यानाकर्षण के बाद द्वितीय अनुपूरक विवरणी का उपस्थापन होगा। 18 और 19 दिसंबर को अवकाश रहेगा। 20 दिसंबर को मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग, मंत्रिमंडल निर्वाचन विभाग, कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग, गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग, योजना एवं विकास विभाग, वित्त विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, वाणिज्य कर विभाग के अलावा कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग से जुड़े सवालों के जवाब सरकार देगी। 20 दिसंबर को प्रश्नकाल के बाद मुख्यमंत्री प्रश्नकाल होगा। इसके बाद शून्यकाल और ध्यानाकर्षण की प्रक्रिया पूरी कर अनुपूरक बजट पर वाद-विवाद होगा। 21 दिसंबर को प्रश्नकाल में वन पर्यावरण, स्कूली शिक्षा विभाग, उच्च तकनीकी शिक्षा विभाग, सूचना प्रोद्यौगिकी विभाग, पर्यटन, कला, संस्कृति, खेलकूद विभाग, उद्योग विभाग, खान विभाग, जल संसाधन विभाग के अलावा खाद्य आपूर्ति विभाग से जुड़े सवालों के जवाब दिए जाएंगे। 22 दिसंबर यानी सत्र के अंतिम दिन प्रश्नकाल के दौरान नगर विकास विभाग, भवन निर्माण विभाग, पथ निर्माण विभाग, परिवहन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, पंचायती राज विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अलावा महिला बार विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग से जुड़े सवालों के जवाब दिए जाएंगे।
रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रोजगार उन्मुखी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि राज्य में जल्द ही एक कौशल विकास विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में सोरेन ने कहा कि शिक्षा प्रणाली में गुणात्मक सुधार उनकी सरकार की प्राथमिकता है। बयान में कहा गया कि सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि राज्य के विश्वविद्यालय के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण उच्च और तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास भी मिले। वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रत्येक शिक्षित और प्रशिक्षित युवा को रोजगार के अवसर प्रदान करना है।
रांची। राज्य के 64 हजार पारा शिक्षकों की सेवा स्थायी होगी। यानी अब वे 60 साल की उम्र तक सेवा में रहेंगे। इतना ही नहीं उन्हें अब सहायक शिक्षक कहा जाएगा। हर साल मानदेय में चार फीसदी वृद्धि होगी। साथ ही चार आकलन परीक्षा में पास नहीं करने के बाद भी उन्हें सेवा से हटाया नहीं जाएगा। बजट सत्र के बाद मुख्यमंत्री के साथ बैठक कर वेतनमान देने और आरक्षण रोस्टर क्लियर करने का रास्ता भी निकाला जाएगा। शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो और पारा शिक्षकों के बीच हुई वार्ता में इस पर सहमति बनी। अब मानदेय वृद्धि और सेवाशर्त नियमावली को अगले सप्ताह कैबिनेट की बैठक में पास कराया जाएगा। इसके बाद पारा शिक्षक आंदोलन वापस लेने की घोषणा करेंगे। शिक्षा मंत्री के साथ हुए वार्ता के बाद पारा शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर उनका आभार जताया और कहा कि पारा शिक्षकों के लिए आज हर्ष का दिन है। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री का भी धन्यवाद दिया। वेतनमान नहीं देने पर पारा शिक्षकों में विरोध को देखते हुए शिक्षा मंत्री ने पारा शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल को मंगलवार को वार्ता के लिए बुलाया था। इस दौरान शिक्षा मंत्री ने फिर वेतननमान पर इच्छा जतायी और कहा कि इसपर जनवरी में फिर वार्ता होगी। वहीं, विधानसभा के बजट सत्र के बाद मुख्यमंत्री के साथ बैठक होगी। इसमें महाधिवक्ता और अधिवक्ताओं की टीम आरक्षण रोस्टर क्लियर करने और वेतनमान देने का रास्ता साफ करेगी। बैठक में टेट पास पारा शिक्षकों को 50 फीसदी और प्रशिक्षित पारा शिक्षकों को 40 फीसदी मानदेय वृद्धि पर सहमति बनी। 10 फीसदी मानदेय में अतिरिक्त बढ़ोतरी के लिए अब तीन के बदले चार आकलन परीक्षा होगी।
गढ़वा। गढ़वा प्रखंड के दुबे मरहटिया गांव में पैक्स खोला गया है। गढ़वा विधायक झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने बुधवार को फीता काटकर एवं दीप प्रज्जवलित कर पैक्स का उद्घाटन किया। मौके पर मंत्री श्री ठाकुर ने कहा कि गत वर्ष एफसीआई के माध्यम से धान क्रय करने में घोर लापरवाही बरती गई थी। जिसमें किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। किसानों की परेशानी को देखते हुए इस वर्ष पैक्स के माध्यम से धान क्रय करने का निर्णय सरकार ने लिया है। आज दुबे मरहटिया गांव से इसकी शुरुआत की जा रही है। गढ़वा जिले में लगभग 70 प्रतिशत लोग कृषि पर निर्भर हैं। यही उनका मुख्य पेशा है। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने साधारण धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1940 रुपए तथा बोनस के रूप में 110 रुपए का प्रावधान किया है। साधारण धान पर हेमंत सोरेन की सरकार किसानों को कुल 2050 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी दे रही है। ग्रेड ए के धान पर 1960 रुपए का न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा 110 रुपए बोनस अर्थात 2070 रुपए प्रति क्विंटल का प्रावधान किया गया है। पहले धान की राशि का भुगतान रिवॉल्विंग फंड के माध्यम से किया जाता था। जिसमें किसानों को धान का मूल्य मिलने में काफी समय लग जाता था। लेकिन अब हेमंत सरकार ने इस बार किसानों को धान की राशि हाथों-हाथ देने का प्रावधान किया है। पैक्स में धान देने के दो दिनों के अंदर किसानों के खाते में न्यूनतम समर्थन मूल्य की राशि उपलब्ध करा दी जाएगी। राज्य सरकार किसानों की समृद्धि के लिए प्रयत्नशील है। बहुत जल्द सोन, कनहर परियोजना को धरातल पर उतारा जाएगा। किसानों को सिर्फ प्राकृतिक सिंचाई पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा। सोन नदी से पानी को लिफ्ट कर जिले के सभी जलाशय तक पहुंचाया जाएगा। इससे जिले में सभी तरह के फसलों की बुवाई-कटाई संभव हो जाएगी। किसानों के लिए राज्य सरकार ने पचास हजार रुपए तक के ऋण माफी योजना चलाई है। इसका लाभ किसानों को मिल रहा है। कार्यक्रम का संचालन मुरली श्याम तिवारी ने किया। मौके पर डीडीसी सत्येंद्र नारायण उपाध्याय, एसडीओ राज महेश्वरम, खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी विजेंद्र कुमार, जिला सहकारिता पदाधिकारी अनिता कुमारी, मुखिया प्रतिनिधि बदरूद्दिन अंसारी, उप प्रमुख मुनेश्वर तिवारी, पंचायत समिति सदस्य अनुज तिवारी, विधायक प्रतिनिधि आशुतोष पांडेय, एमओ सह सीओ मयंक भूषण, बीडीओ कुमुद झा, झामुमो जिलाध्यक्ष तनवीर आलम, सचिव मनोज ठाकुर, जिला प्रवक्ता धीरज दुबे, महिला मोर्चा अध्यक्ष अंजली गुप्ता, अनीता दत्त, स्वास्थ्य प्रतिनिधि कंचन साहू, फुजैल अहमद, अजय ठाकुर, अरूण दुबे, चुनमुन दुबे, रविंद्र तिवारी, दयानंद तिवारी, उमेश सिंह, त्रिलोकी तिवारी, गिरजा तिवारी, अभिषेक मेहता, रंथा नायक, सदाब खान, जितेन्द्र चैधरी आदि लोग मौजूद थे।
रांची। राज्य के पारा शिक्षकों के लंबित मांगों पर सकारात्मक विचार किए जाने को लेकर झारखंड राज्य प्रशिक्षित पारा शिक्षक संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को सहृदय धन्यवाद दिया। मौके पर प्रतिनिधिमंडल ने वहां उपस्थित राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो को भी धन्यवाद देते हुए उनका आभार जताया।उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा पारा शिक्षकों को 60 वर्ष का सेवा स्थायीकरण, TET पारा शिक्षकों को 50% तथा NON TET पारा शिक्षकों को 40% मानदेय वृद्धि, आकलन परीक्षा पास करने के बाद 10% मानदेय बृद्धि बोनस के रूप में मिलने, प्रतिवर्ष 4% का वेतन बढ़ोतरी, पारा शिक्षकों का नाम अब सहायक अध्यापक किए जाने के निर्णय के साथ-साथ केंद्र सरकार द्वारा मानदेय भुगतान हेतु फंड नही दिए जाने पर भी राज्य सरकार के योजना मद से नियमित मानदेय भुगतान किए जाने संबंधी राज्य सरकार के निर्णय का स्वागत झारखंड राज्य प्रशिक्षत पारा शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने किया है। मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत कई वर्षों से पारा शिक्षकों के मांगों पर विचार नहीं किया जा सका था, परंतु हमारी सरकार ने पारा शिक्षकों के दर्द और समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए मांगों को लेकर एक सकारात्मक रास्ता ढूंढने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हमसभी लोग साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे। सभी के साथ न्याय हो, इसी सोच के साथ हमारी सरकार कार्य कर रही है। आप सभी पारा शिक्षक आने वाली पीढ़ी को दिशा देने का काम करने वाले लोग हैं। राज्य के सर्वांगीण विकास में आपकी भूमिका अहम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समय सीमित संसाधनों के साथ आपसी समन्वय बनाकर आगे बढ़ने का है। आदरणीय गुरुजी के विचार के साथ चलकर समृद्ध झारखंड का सपना साकार करना है। गुरुजी सदैव पदाधिकारियों से कहते थे कि आपका काम जनता की सेवा करना है न कि शासक बनना। हमारी सरकार 20 वर्षों के टेढ़े-मेढ़े रास्ते को सीधा करने का कार्य कर रही है। एक-एक राज्यवासी हमारे परिवार के अंग हैं। कोई अलग नहीं है, सबको साथ लेकर आगे बढ़ना है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सभी प्रकार की नियुक्तियों में 75% स्थानीय लोग शामिल हो यह कानून बना रही है। हमारी सोच है कि झारखंड को अपने पैरों पर खड़ा करें। यहां के लोग सम्मान के साथ जीवन यापन करें इस निमित्त कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है। आज आप सभी पारा शिक्षकों के चेहरे पर थोड़ी खुशी देखकर मुझे भी अच्छा लग रहा है। राज्य के पारा शिक्षक अब सहायक अध्यापक कहलाएंगे यह हर्ष का विषय है। विश्वास है कि आगे भी हमसभी लोग अपना सुख-दु:ख को बांटते हुए राज्य को नई दिशा देंगे।
रांची। झारखंड सरकार की मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी ने मनरेगा कार्य की सफल क्रियान्वयन को लेकर राज्य के सभी उप विकास आयुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मनरेगा योजना की समीक्षा की। बैठक में ग्रामीण विकास विभाग के सचिव डॉ मनीष रंजन सबसे पहले राज्य में मनरेगा विभिन्न जिलों में संचालित हो रहे मनरेगा कार्य की जानकारी ली एवं लक्ष्य के अनरूप कार्य नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जताई। सचिव डॉ. रंजन ने कहा कि मनरेगा योजना नहीं है बल्कि यह ग्रामीणों के रोजगार का सृजन का सशक्त माध्यम है। उन्होंने मजदूरों के दर्द को समझने एवं ससमय लक्ष्य को करें पूरा करने का निर्देश दिया । इस दौरान उन्होंने सभी उप विकास आयुक्तों को मनरेगा कार्य में पूरी तरह से निगरानी करते हुए मनरेगा से संचालित योजनाएं धरातल पर दिखे, इसे सुनिश्चित करने को लेकर निर्देशित किया। बैठक में मनरेगा से संचालित योजनाओं को लेकर अन्य कई महत्वपूर्ण निर्देश उप विकास आयुक्तों को दिए। मनरेगा कार्य की समीक्षा के दौरान सभी उप विकास आयुक्तों को दीदी बगिया के कार्य में तेजी लाते हुए नर्सरी तैयार करने को लेकर निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा कि दीदी बगिया का उद्देश्य महिलाओं को स्वावलंबन की राह पर ले जाना है। महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हो सकती हैं। साथ ही योजना के माध्यम से दीदियों को एवं महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
रांची। झारखंड में मॉब लिंचिंग की लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए राज्य सरकार अब इस पर अंकुश लगाने की तैयारी में है। राज्य सरकार बकायदा इसको लेकर The Jharkhand Prevention of Lynching Bill- 2021 लाने की तैयारी कर रही है। इसे लेकर एक ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है और अब इसे राज्य के महाधिवक्ता के पास कुछ संशोधन और विस्तार के लिए भेजा गया है। चर्चा ये भी है कि राज्य सरकार इसे शीतकालीन सत्र में विधानसभा में ला सकती है। कुल 9 चैप्टर वाले इस बिल के ड्राफ्ट में सभी चीजों को समझाने की कोशिश की गयी है। मसलन झारखंड प्रिवेंशन ऑफ लिंचिंग बिल 2021 में खास बातें क्या होंगी। इसमें मॉब लिंचिंग, ऑफेंसिव मैटेरियल, नोडल ऑफिसर, स्टेट, कम्पेनसेशन स्कीम, विक्टिम, विटनेस, पुलिस अधिकारी जैसे तमाम शब्दों को कानूनी लहजे में समझाया गया है। साथ ही तमाम इस कानून से जुड़े सभी पदों की ड्यूटी और उनके अधिकारों की चर्चा भी गयी है। बिल के चैप्टर 4 में पनिशमेंट फोर लिंचिंग का जिक्र किया गया है। अगर मॉब लिंचिंग के दौरान कोई व्यक्ति जख्मी होता है, तो इसके दोषियों को तीन साल की सजा और एक से तीन लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अगर मॉब लिंचिंग के दौरान कोई व्यक्ति गंभीर हालत में जख्मी होता है तो इसके दोषियों को दस साल से उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। साथ ही तीन लाख से पांच लाख तक का जुर्माना वसूला जा सकता है। मॉब लिंचिंग के दौरान व्यक्ति की मौत होने पर दोषियों को मौत की सजा हो सकती है। साथ ही दस लाख का जुर्माना लगाया जा सकता है। इस दौरान भीड़ को उकसाने वाले को भी दोषी माना जाएगा। साथ ही लिंचिंग का माहौल बनाने वाले को भी दोषी मानकर सजा सुनायी जाएगी।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse