टीम एबीएन, रांची। गणतंत्र दिवस के मौके पर पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को मिलने वाले पदक का ऐलान हो गया है। रांची के एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा को राष्ट्रपति का वीरता पदक मिला है। वहीं, गिरिडीह में तैनाती के दौरान नक्सलियों के मुकाबले के लिए तत्कालीन एएसपी अभियान दीपक कुमार को भी वीरता पदक मिला है। वर्तमान में दीपक कुमार सीआरपीएफ में पोस्टेड हैं। वहीं आरक्षी हेमंत कुमार चौधरी, अजीत कुमार, संजीव कुमार सिंह, टंडवा के एसडीपीओ शंभु कुमार सिंह को छतरपुर में माओवादियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर वीरता पदक दिया गया है। जगुआर के एसाल्ट ग्रुप के कमांडेंट रहे विभाष तिर्की, प्रोवेशनर डीएसपी विमलेश कुमार त्रिपाठी, हवलदार जुरेंद्र सोय, राजेश कुमार साहू, तसादुक अंसारी को वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा। राज्य पुलिस के विशेष शाखा में पोस्टेड इंस्पेक्टर मणिभूषण प्रसाद, डीएसपी परमेश्वर प्रसाद, नीरज कुमार और दारोगा पुष्पराज कुमार को गृहमंत्री का उत्कृष्ण अनुसंधान पदक मिलेगा। वहीं, विशेष शाखा के हुलास डीएसपी मनीष टोप्पो, एसआई हुसास पूर्ति, जोन प्रकाश सुरीन, पंकज कुमार राय, संजय कुमार डे, लारेंस गुड़िया को असाधारण आसूचना पदक मिलेगा। गणतंत्र दिवस के मौके पर राज्यपाल रमेश बैस सभी पुलिसकर्मियों को पदक देंगे।
टीम एबीएन, रांची। राज्य के विभिन्न जिलों में 14 राइस मिल के निर्माण की आधारशिला रखी गयी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने निर्माण कार्य का ऑनलाइन शिलान्यास किया। प्रोजेक्ट भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने शिलान्यास किया। राज्य के दस जिलों में 14 आधुनिक राइस मिल को रियायती दर पर जियाडा जमीन उपलब्ध कराएगी। मौके पर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, उद्योग सचिव पूजा सिंघल, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सचिव हिमानी पांडे मौजूद रहे। मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज का दिन महत्वपूर्ण दिन है। सरकार किसानों को समृद्ध बनाने का प्रयास कर रही है। जियाडा के माध्यम से 14 राइस मिल बनेगा। वर्तमान में 80 राइस मिल है। राज्य में विगत चार पांच वर्षों से सरकार धान खरीद करती रही है। किसानों को फसल का सही दाम नहीं मिलना बेहद ही चिंताजनक है। धान की खरीद से लेकर मिल तक पहुंचना भी चुनौतीपूर्ण काम है। 14 राइस मिल से भी आवश्यकता पूरा नहीं होगी, इसलिए यहां कई और राइस मिल खोलने की आवश्यकता है। जियाडा के माध्यम से काफी कम कीमतों पर राइस मिल खोले जा रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि जल्द से जल्द यह राइस मिल बनकर तैयार हो जाएगा जिससे किसानों को लाभ मिलेगा। मौके पर खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने खुशी जताते हुए कहा कि इन राइस मिल के बनने से किसानों के साथ-साथ सरकार को भी इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि अभी तक धान को छत्तीसगढ़, बिहार एवं राज्य के अन्य सुदूरवर्ती जिलों में भेजना पड़ता था। विभाग ने 20 राइस मिल खोलने का प्रस्ताव रखा है मगर अभी 14 मिलों का शिलान्यास हो रहा है बाकी आगे देखा जाएगा। मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने राज्य में दाल और आटा मिल भी खोलने की मांग करते हुए कहा कि इसके न होने से हो रही कठिनाइयों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। आखिरकार एयर इंडिया को टाटा के हाथों में सौंपने का समय आ गया है। वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से एक रिपोर्ट में कहा गया है कि एअर इंडिया की कमान 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के इसी सप्ताह टाटा को सौंपे जाने की उम्मीद है। गौरतलब है कि सरकार ने बीते साल 8 अक्तूबर 2021 को एयर इंडिया को टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी की सब्सिडियरी टैलेस प्राइवेट लिमिटेड को 18,000 करोड़ रुपये में बेच दिया था। इसके बाद 11 अक्तूबर को टाटा ग्रुप को एक आशय पत्र जारी किया गया था, जिसमें एयरलाइन में अपनी 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की सरकार की इच्छा की आधिकारिक पुष्टि कर दी गई थी। इसके बाद 25 अक्तूबर 21 को केंद्र ने इस सौदे के लिए शेयर खरीद समझौते (एसपीए) पर हस्ताक्षर किए थे। अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि इस सौदे को लेकर बाकी औपचारिकताएं अगले कुछ दिनों में पूरी होने की उम्मीद है और इस सप्ताह के अंत तक एयरलाइन को टाटा समूह को सौंप दिया जाएगा। सौदे के एक हिस्से के रूप में, टाटा समूह को एयर इंडिया एक्सप्रेस और ग्राउंड हैंडलिंग आर्म एयर इंडिया एसएटीएस में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी भी सौंपी जाएगी। जबकि 2003-04 के बाद यह पहला निजीकरण होगा। इसके साथ ही टाटा समूह में एयर इंडिया तीसरा एयरलाइन ब्रांड होगा। इससे पहले एयरएशिया इंडिया और विस्तारा में समूह की बहुलांश हिस्सेदारी है।
टीम एबीएन, बोकारो। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बोकारो के उपायुक्त को कड़ी फटकार लगाई है। अपने टि्वटर अकाउंट से मुख्यमंत्री ने डीसी को चेतावनी देते हुए कहा है, यह स्थिति बर्दाश्त के बाहर है, अविलंब संज्ञान लेते हुए स्थिति में सुधार करें। मुख्यमंत्री के इस ट्वीट से ट्वीट झारखंड के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। मामला बोकारो सदर अस्पताल की बदहाली का है। अब मुख्यमंत्री के गुस्से का कारण समझिए। दरअसल, बोकारो सदर अस्पताल में लापरवाही और बदहाली का आलम यह है कि मरीजों को बिस्तर पर बेडशीट तक नहीं मिलते। डॉक्टर अपनी ड्यूटी पर नहीं रहते हैं। अस्पताल के अंदर जो जांच घर है उसमें ताला लटका रहता है। इलाज कराने आए मरीजों को बेवजह दौड़ाया जाता है। मीडिया में खबरें आने के बाद बोकारो सदर अस्पताल के बदहाली सुर्खियों में आ गई। एक स्थानीय युवक अफजल खान ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के संज्ञान में इस मामले को लाया। आरोप लगाया गया है कि कोरोना की तीसरी लहर में सभी सरकारी अस्पतालों को पूरी तरह दुरुस्त रखने के सरकार के आदेश के बावजूद बोकारो सदर अस्पताल की स्थिति बहुत खराब है। खासकर अस्पताल में भर्ती मरीजों को नर्सों के भरोसे छोड़ दिया जाता है। गंदगी इतनी है की दुर्गंध से मारे वार्ड में खड़ा होना मुश्किल होता है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड की राजधानी रांची के बीचों बीच धुर्वा में गरीबों का आशियाना तैयार हो रहा है। पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में जाने जाना वाला लाइट हाउस परियोजना के तहत 1008 फ्लैट बनने हैं। काफी जद्दोजहद के बाद शुरू हुए इस प्रोजेक्ट की धीमी रफ्तार ने एक बार फिर निर्धारित समय सीमा के अंदर पूरा होने पर सवाल खड़ा कर दिया है। पीएम मोदी ने इस प्रोजेक्ट की ऑनलाइन शिलान्यास 1 जनवरी 2021 को की थी। उस समय एक वर्ष के अंदर निर्माण कार्य पूरा कर लेने का दावा किया गया था। लेकिन अभी तक 25% ही काम हुआ है। इस दौरान कोविड को लेकर परेशानी, जमीन अधिग्रहण की समस्या झेलनी पड़ी थी। यह काम रांची मुंसिपल कॉरपोरेशन के अंदर चल रहा है जिसमें कार्य प्रगति पर है। लाइट हाउस में जी प्लस आठ के अपार्टमेंट बनाए जाएंगे। इनमें नौ ब्लाक बनेंगे। सभी ब्लाक में एक लिफ्ट भी होगी। एक फ्लैट 315 वर्ग फीट रकबे में होगा। इसमें एक बेडरूम, एक लिविंग रूम, एक किचन, एक बाथरूम, एक बालकोनी और एक शौचालय सहित कई सुविधाएं होंगी। सहायक नगर आयुक्त शीतल कुमारी ने बताया कि कार्य प्रगति पर है पांच बिल्डिंग में फाउंडेशन का काम पूरा हो चुका है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग ने आज बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह 2022 के अवसर पर राज्य के मंत्रीगण विभिन्न जिला मुख्यालय में झंडोत्तोलन करेंगे। इस क्रम में मंत्री आलमगीर आलम पाकुड़, मंत्री रामेश्वर उरांव लोहरदगा, मंत्री सत्यानन्द भोक्ता चतरा, मंत्री चम्पई सोरेन सरायकेला-खरसावां, मंत्री जगरनाथ महतो बोकारो, मंत्री जोबा मांझी पश्चिम सिंहभूम, मंत्री बन्ना गुप्ता पूर्वी सिंहभूम, मंत्री बादल गिरिडीह, मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर गढ़वा, मंत्री हफीजुल हसन देवघर जिला मुख्यालय में झंडोत्तोलन करेंगे। विदित हो कि गणतंत्र दिवस पर राज्यपाल राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में और मुख्यमंत्री उप राजधानी दुमका के गांधी मैदान में झंडोत्तोलन करते हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय बजट 2022-23 से झारखंड को कई उम्मीदें हैं। इन उम्मीदों में बहुचर्चित मंडल डैम के निर्माण कार्य की शुरुआत भी शामिल है। दरअसल पूरी परियोजना में 80 प्रतिशत से ज्यादा राशि केंद्र सरकार को ही खर्च करना है। 1622 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना में केंद्र 1378.61 करोड़ रुपए देने होंगे। लातेहार जिले के प्रसिद्ध मंडल डैम के निर्माण का कार्य आरंभ होने की आस यहां की जनता लगाए बैठी है। इस डैम के चालू होने से झारखंड के लातेहार, पलामू समेत बिहार के बड़े भू-भाग को फायदा मिलेगा। 5 जनवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहुद्देशीय मंडल डैम परियोजना की आधारशिला रखी थी, जिसके बाद पलामू प्रमंडल के साथ-साथ बिहार राज्य के कई जिले के लोगों के अंदर मंडल डैम परियोजना के निर्माण कार्य फिर से शुरू होने की आस जगी। मगर वन विभाग द्वारा सभी तरह की अड़चनें दूर नहीं होने और अनुमति नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गयी। जहां लगभग 6 महीने से अधिक समय तक डैम का निर्माण कार्य रुका रहा। वहीं, उसके बाद डूब क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा भी मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर हुए आंदोलन के कारण भी निर्माण कार्य पर व्यापक असर पड़ा और तब से अबतक निर्माण कार्य पूरी तरह से कंपनी द्वारा शुरू नहीं किया जा सका है। कंपनी द्वारा सिर्फ डैम निर्माण कार्य स्थल की साफ-सफाई कराने और क्वालिटी टेस्ट करने का काम ही किया गया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में 80 मॉडल स्कूलों का निर्माण जारी है जिनमें गुणवत्तायुक्त शिक्षा देकर बच्चों को स्मार्ट बनाने के लिए सवा तीन सौ प्रधानाध्यापकों का भी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। सीएम के एक बयान में इसकी जानकारी दी गई है। जिसमें कहा गया है कि राज्य में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की निगरानी में पहले चरण में 80 मॉडल स्कूलों का निर्माण किया जा रहा है जहां बच्चों को आधुनिक समाज के अनुकूल स्मार्ट बनाने के लिए प्रधानाध्यापकों को भी विशेष प्रशिक्षित कर के नियुक्त किया जायेगा। विज्ञप्ति में बताया गया है कि स्कूल संचालन का नेतृत्व करने वाले प्रधानाध्यापकों की क्षमता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए उन्हें भी प्रशिक्षित करने का कार्य जारी है।शिक्षा विभाग ने इसके लिए प्रखंड स्तर पर 325 प्रधानाध्यापकों का प्रशिक्षण के लिए निबंधन किया है जिनमें से 176 प्रधानाध्यापकों का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है और शेष का प्रशिक्षण 31 जनवरी 2022 तक पूर्ण कर लिया जाएगा।
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