बोकारो। एक साल 23 दिन बाद झारखंड सरकार के शिक्षा मंत्री अपने क्षेत्र की जनता के बीच पहुंचे। कोरोना को मात देकर वो पहली बार अपने पैतृक आवास सिमराकुल्ही पहुंचे। जहां उनके समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। यहां उन्होंने कहा कि झारखंड में जल्द ही बड़े पैमाने पर शिक्षकों की बहाली की जाएगी। एक लंबे असरे बाद कोरोना जैसी गंभीर बीमारी को मात देकर अपनों के बीच लौटे राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा कि जल्द प्रदेश में जल्द ही 26 हजार शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया शुरू होने वाली है। उसके बाद राज्य में 71 हजार शिक्षक बहाल किए जाएंगे। शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो कोरोना को मात देकर पहली बार हेलीकॉप्टर से अपने पैतृक आवास सिमराकुल्ही पहुंचे। घर पहुंचने से पूर्व उन्होंने 6 करोड़ 16 लाख रुपए की योजना का शिलान्यास किया। शिलान्यास के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा कि राज्य में पहले चरण में 26 हजार शिक्षकों की बहाली की जाएगी। जिसमें 13 हजार पारा शिक्षक और 13 हजार अहर्ता रखने वाले शिक्षकों की बहाली की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण की नियुक्ति के बाद दूसरे चरण में राज्य में 71 हजार शिक्षकों की बहाली होगी। जिसके लिए उन्होंने फाइल में आदेश दे दिया है। उन्होंने आश्वस्त किया है कि अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो इसकी भी बहाली प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने सभा में उपस्थित युवाओं को कहा कि वह शिक्षक की बहाली के लिए तैयारी शुरू कर दें ताकि वो लोग शिक्षक में बहाल होकर बच्चों को शिक्षित करने का काम कर सकें।
रांची। झारखंड उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, रांची कार्यालय में संविदा पर नियुक्त 01 (एक) कर्मी की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई। वामपंथी उग्रवादियों के प्रत्यार्पण एवं पुनर्वास नीति में आंशिक संशोधन की स्वीकृति दी गई। रांची स्मार्ट सिटी क्षेत्र अंतर्गत झारखंड सरकार के 11 कैबिनेट मंत्री के आवास के निर्माण हेतु कुल राशि 69,90,94,000/- रुपए की लागत के योजना के प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। राज्य योजना अंतर्गत स्वस्थ्य हो चुके मानसिक दिव्यांगजनों के पुनर्वास एवं देखभाल हेतु हाफ वे होम के संचालन की स्वीकृति दी गई। बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित तृतीय स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा ( विज्ञापन संख्या-01/90) में सफल वरीय अंकेक्षक-2 को प्रथम योगदान की तिथि से वेतनमान अनुमान्यता की स्वीकृति दी गई। केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं अंतर्गत राशि के व्यय तथा नियंत्रण हेतु पुनरीक्षित प्रक्रिया लागू करने की स्वीकृति दी गई। राज्य के 7 जिलों यथा-रांची सदर, जमशेदपुर सदर, बोकारो, देवघर चाईबासा, गुमला एवं गोड्डा में कोविड-19 की जांच हेतु विशेष प्रयोगशाला स्थापित करने तथा रिम्स, रांची में 110 बेड की आइसीयू इकाई हेतु वित्त नियमावली के नियम-235 के प्रावधानों को शिथिल करते हुए नियम-245 के तहत प्रेझा फाउंडेशन को कार्य हित में मनोनयन तथा तत्संबंधी फाउंडेशन एवं झारखंड स्टेट मेडिकल एंड हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एंड प्रोक्योरमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड नामकुम, रांची के साथ किए जाने वाले एमओयू हेतु एमओयू प्रारूप पर घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। गैर-सरकारी सहायता प्राप्त (अल्पसंख्यक सहित) प्रारंभिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के सेवानिवृत्त शिक्षकों को अव्यवहृत उपार्जित अवकाश के समतुल्य नगद राशि के भुगतान की शर्तों में संशोधन की स्वीकृति दी गई। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने 99/2015 में दिनांक 05.04.2018 एवं दिनांक 13.02.2018 को पारित आदेश के आलोक में झारखंड राज्य के 20 जिलों में कुल 24 अधीनस्थ न्यायालयों में सीसीटीवी कैमरा अधिष्ठापन करने हेतु कुल रुपए 52 करोड़ 43 लाख 32 हजार रुपए व्यय की प्रशासनिक स्वीकृति दी। पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत अवस्थित लौह अयस्क खनन पट्टा क्षेत्रों का राज्य सरकार के उपक्रमों हेतु आरक्षण संबंधी लिए गए निर्णय को स्थगित करने की स्वीकृति दी गई। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार की योजना ट्रेड इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर एक्सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की स्थापना रांची में किए जाने एवं राज्यांश के रूप में 27 करोड़ 42 लाख रुपए मात्र की स्वीकृति दी गई। वितरण इकाई के अंतर्गत विश्व बैंक संपोषित खढरकढ योजना हेतु झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड को विमुक्त राशि रु. 26.57 करोड़ को हिस्सापूंजी में परिवर्तित करने की स्वीकृति दी गई। देवघर जिला अंतर्गत करो एवं मारगोमुंडा प्रखंड स्तरीय स्टेडियम निर्माण हेतु क्रमश: 86,04,466/- एवं 1,34,28,441/- रुपए की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। झारखंड सचिवालय सेवा नियमावली-2010 के नियम-7(3) को संशोधित करते हुए झारखंड सचिवालय सेवा (संशोधन) नियमावली,2021 गठित करने की स्वीकृति दी गई। विभाग की अधिसूचना संख्या-5430, दिनांक 18 अक्टूबर 2019 द्वारा अधिसूचित झारखंड राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला सेवा नियमावली, 2019 में कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग, झारखंड की अधिसूचना संख्या-3849, दिनांक 10 अगस्त 2021-सह-असाधारण गजट संख्या- 418, दिनांक 12 अगस्त 2021 के आलोक में संशोधन की स्वीकृति दी गई। सीटी-एमआइएस परियोजना के अधीन कार्यरत परामर्शी सर्वश्री टीसीएस को 06 माह (दिनांक 01.10.2021 से दिनांक 31-03-2022 तक) का अवधि विस्तार एवं उक्त पर होने वाले व्यय 1 करोड़ 77 लाख रुपए (कर सहित) की स्वीकृति दी गई। खरीफ विपणन मौसम 2021-22 के दौरान किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान अधिप्राप्ति करने हेतु धान अधिप्राप्ति योजना के स्वरूप की स्वीकृति दी गई।
रांची। तत्कालीन रघुवर दास की सरकार में राज्य के 6500 स्कूलों को विलय करने के नाम पर बंद कर दिया गया था। उस वक्त इसे लेकर काफी विरोध हुआ था। यहां तक की भाजपा सांसदों ने भी तत्कालीन सीएम को पत्र लिख नाराजगी जतायी थी। चुनाव पूर्व जेएमएम ने भी कहा था कि सरकार में आने पर वह स्कूलों को फिर से खोलने पर विचार करेगी। अब इस वादे को सरकार पूरा करना चाह रही है। य्इसी कड़ी में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने मर्जर स्कूलों को खोलने की कवायद शुरू की है। यही कारण है कि विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों को पत्र लिख विलय किये गये स्कूलों को फिर से खोलने पर रिपोर्ट मांगी है। शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने भी पिछले दिनों मीडिया से बातचीत में स्वीकारा है कि कोरोना संक्रमण को खत्म होते ही सभी उपायुक्तों से इस बाबत रिपोर्ट मांगी गयी है। विभागीय मंत्री ने पूछा है कि आखिर ऐसी क्या वजह थी कि स्कूलों को विलय करने की दिशा में काम हुआ। इसके अलावा स्कूलों को फिर से खोले जाने की कितनी आवश्यकता है? बताते चलें कि नीति आयोग के सुझाव पर तत्कालीन रघुवर सरकार ने 2018 में ऐसे सभी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के विलय का फैसला किया था, जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या 30 से कम थी। कई ऐसे स्कूलों का भी विलय हुआ था, जहां एक ही स्थान पर कई स्कूल थे। उस वक्त करीब 6500 स्कूलों का विलय किया गया था। हालांकि विलय के निर्णय पर झारखंड विधानसभा में तत्कालीन विपक्ष (जेएमएम-कांग्रेस) ने भी जोर-शोर से मसला उठाया था। वहीं भाजपा के 12 सांसदों ने भी तत्कालीन सीएम को पत्र लिख कहा था कि विद्यालयों के बंद होने से जनता में आक्रोश बढ़ रहा है। इसका खमियाजा जनप्रतिनिधियों को भुगतना पड़ सकता है।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने ईटखोरी में नवनिर्मित ग्रिड सब स्टेशन एवं चतरा- लातेहार ट्रांसमिशन लाइन का शुभारम्भ कर चतरा जिले को बड़ी सौगात दी। अब इस जिले के बड़े हिस्से को निर्बाध और गुणवत्ता युक्त बिजली मिलेगी। लो वोल्टेज की समस्या नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रिड सब स्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन के चालू होने से यहां के लोगों की वर्षों की चिर प्रतिक्षित मांग पूरी हो गई है। अब यहां का हर घर ना सिर्फ रोशन होगा बल्कि नई ऊर्जा के साथ विकास के रास्ते पर चतरा जिला तेजी से आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के लिए बिजली बेहद अहम है। यही वजह है कि सरकार पूरे राज्य में ग्रिड सब स्टेशन और संचरण लाइन का जाल बिछा रही है, ताकि राज्य वासियों को बिजली की आंख मिचौली नहीं झेलनी पड़े। निर्बाध और क्वालिटी बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा सोलर पावर प्लांट्स को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने लोगों से कहा कि वे खेती की तरह बिजली की भी खेती करें। अपनी बंजर भूमि और घर की छत का इस्तेमाल सोलर पावर प्लांट लगाने में करे। इससे ना सिर्फ अपने लिए बिजली का उत्पादन कर सकेंगे, बल्कि सरप्लस बिजली को सरकार खरीदेगी। इससे आपकी आमदनी में इज़ाफ़ा होगा और आप राज्य के विकास में भागीदार बनेंगे। सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए सरकार सब्सिडी देगी। इसके लिए बहुत जल्द एक नई योजना लांच की जाएगी। सीएम ने कहा कि यह आपकी सरकार है। आपकी भावनाओं के अनुरूप हमारी सरकार काम कर रही है। राज्यवासियों के कल्याण और विकास के लिए कार्य योजना बनाई जाती है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे सरकार की योजनाओं से जुड़े और उसका लाभ लें। उन्होंने पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे ग्रामीण इलाकों में लोगों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराएं ताकि वे इन योजनाओं के माध्यम से स्वावलंबी बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की नजर चतरा, गढ़वा, लातेहार जैसे पिछड़े जिलों पर विशेष रूप से है। इसलिए ऐसे जिलों के लिए विशेष योजना भी बनाई जा रही है। इससे पहले गृह गढ़वा में भी सब स्टेशन का उद्घाटन इसी का परिचायक है। मुख्यमंत्री ने चतरा शहर में बाईपास की मांग पर कहा कि इस दिशा में सरकार लगातार मंथन कर रही है। वैसे शहर, जहां बाईपास की जरूरत है, इसकी योजना स्वीकृत की जाएगी। इतना ही नहीं, भविष्य की जरूरतों को देखते हुए भी शहरों के लिए बाईपास की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि चतरा शहर के लिए बाईपास की स्वीकृति दे दी गई है। इसकी नींव अगले साल जनवरी में रखी जाएगी। उन्होंने यहां एक डेहरी प्लांट स्थापित करने की भी बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले लगभग डेढ़ साल कोविड-19 की वजह से काफी चुनौती भरा रहा। व्यवस्थाएं अस्त व्यस्त हो गई थी। लेकिन अब कोरोना काल से निकलते हुए विकास को गति दी जा रही है। राज्य के विकास और लोगों के कल्याण के लिए कई योजनाएं शुरू की गई है। इस मौके पर उन्होंने सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों से लोगों को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चतरा समेत कई जिलों में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से अफीम की खेती होती है। इसे रोकने की दिशा में कई कदम उठाए जा रहे हैं। अफीम की बजाय मेडिसिनल प्लांट्स आदि की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे लोगों की आमदनी में काफी इजाफा होगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जो भी लोग अफीम की खेती से जुड़े होंगे, उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अफीम अथवा अन्य मादक पदार्थों का सेवन करने वाले लोग ना सिर्फ अपना बल्कि अपनी आने वाली पीढ़ी को भी बर्बाद कर रहे हैं। ऐसे में हम सभी को इससे दूर रहने की जरूरत है। ईटखोरी, चतरा में नवनिर्मित 220/132/33 केवी ग्रिड की कुल क्षमता 400 मेगावाट है, जबकि 220 केवी चतरा-लातेहार ट्रांसमिशन लाइन की कुल लंबाई 108 किलोमीटर है। इस परियोजना की कुल लागत 189.70 करोड़ रुपए है। इस ग्रिड सब स्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन के चालू होने से चतरा जिले के इटखोरी, मयूरहंड, सिमरिया, गिद्धौर, हंटरगंज, कान्हाचट्टी, कुन्दा, प्रतापपुर, डाढा आदि प्रखंडों और हजारीबाग जिले के बरही अनुमंडल में बेहतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की 100 योजनाओं का उद्घाटन शिलान्यास किया। इन योजनाओं की कुल लागत राशि 467.28 करोड़ रुपए है। इनमें 275.45 करोड़ रुपए की 82 योजनाओं का उद्घाटन और 91.79 करोड़ रुपए की 18 योजनाओं की आधारशिला रखी गई। इस मौके पर उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया। इसके अलावा अफीम की खेती को रोकने की दिशा में चतरा जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए जा रहे अभियान के पोस्टर की लॉन्चिंग की। मौके पर मंत्री सत्यानंद भोक्ता, सांसद सुनील कुमार सिंह, विधायक उमा शंकर अकेला, अम्बा प्रसाद, किशुन कुमार दास, ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव अविनाश कुमार, उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के आयुक्त कमल जॉन लकड़ा, झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक केके वर्मा एवं जिले की उपायुक्त अंजली यादव तथा पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन समेत कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को अधिकारियों के साथ ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों से कहा कि 15 अक्टूबर तक सभी जरूरतमंदों को आवास योजना का लाभ दें। मनरेगा की योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करें। पोटो हो खेल मैदान को पूरा करने में कोई देरी न हो। इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।बिरसा हरित ग्राम योजना की समीक्षा के क्रम में सीएम ने कहा कि पौधारोपण ऐसी जगह करें, जहां सिंचाई की सुविधा हो। पौधों की सिंचाई के लिए जरूरतमंद वर्ग जैसे बुजुर्ग, विधवा या अन्य कोई असहाय व्यक्ति को सिंचाई कार्य में लगाएं और मनरेगा के जरिये मजदूरी का भुगतान करें। मनरेगा के जॉबकार्ड में उम्र से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराएं। मुख्यमंत्री ने फूलो-झानो आशीर्वाद अभियान की स्थिति की भी समीक्षा की और कहा कि यह महत्वपूर्ण योजना है। हमें महिलाओं को हड़िया दारू निर्माण और बिक्री कार्य से दूर कर सम्मानजनक आजीविका से जोड़ना है। सभी डीसी यह सुनिश्चित करें कि आने वाले समय में इस कार्य से जुड़ी महिलाओं को व्यवसाय के अन्य विकल्प प्राप्त हो सकें। ऐसी महिलाएं पुनः अपने पुराने व्यवसाय में न जाएं, यह भी सुनिश्चित करें। साथ ही शहरी क्षेत्र में हड़िया-दारू बेचने वाली बहनों को भी इस अभियान से जोड़े। उन्होंने कहा कि पलाश ब्रांड के उत्पादों का उपयोग सरकारी भवनों यथा सर्किट हाउस, सरकारी स्कूल, कारागार, सरकारी कार्यालयों, आदि में करें। पलाश ब्रांड के जरिये महिलाओं का आर्थिक स्वावलंबन सुनिश्चित किया जा सकता है और नारी सशक्तिकरण की बात सार्थक होगी।
रांची। राजधानी रांची में बहुप्रतीक्षित ट्रांसपोर्ट नगर बनने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में आज यानी मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में 17 प्रस्तावों पर मुहर लगाते हुए राज्य सरकार ने रांची के सुकुरहुटू में ट्रांसपोर्ट नगर निर्माण के फेज वन के लिए 113 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। मंत्रिपरिषद ने राजधानी के कांटाटोली में प्रस्तावित फ्लाईओवर की लंबाई बढाने का निर्णय लिया है। अब फ्लाईओवर योगदा सत्संग से शांतिनगर कोकर तक में बनेगा। यह निर्माण कार्य 24 महीने में पूरा किया जायेगा। रांची शहर हेतु पूर्व स्वीकृत कांटाटोली फ्लाईओवर निर्माण परियोजना के समापन की स्वीकृति एवं योगदा सत्संग आश्रम, बहूबाजार से शांति नगर, कोकर तक (वाया कांटाटोली चौक) 2040 मी. लंबे फ्लाईओवर के निर्माण हेतु कुल रुपए 224,94,54,000/- रुपये लागत की परियोजना पर प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी। इसका निर्माण कार्य 24 महीने के अंदर पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित है। कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले : विश्वविद्यालयों के स्नातकोत्तर विभागों एवं अंगीभूत महाविद्यालयों में स्वीकृत पदों के विरुद्ध रिक्त पदों पर घंटी आधारित संविदा पर नियुक्त शिक्षकों के पैनल का अवधि विस्तार दिनांक 31 मार्च 2022 तक करने की स्वीकृति दी गई। परिवहन निदेशालय के अंतर्गत मोटरयान निरीक्षक (तकनीकी) का 25 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई। देवघर जिला अंतर्गत अंचल- मोहनपुर के मौजा-दुम्मा में आवासीय कॉलोनी विकसित करने हेतु नगर विकास एवं आवास विभाग के पक्ष में हस्तांतरित 58 एकड़ भूमि को झारखंड राज्य आवास बोर्ड, रांची को निशुल्क हस्तांतरण किए जाने की स्वीकृति दी गई। सरायकेला-खरसावां जिला अंतर्गत चांडिल अनुमंडल में अनुमंडलीय न्यायालय के गठन करने की स्वीकृति दी गई। यहां अनुमंडल स्तर के सात न्यायालय बनेगा। झारखंड औद्योगिक एवं निवेश प्रोत्साहन नीति, 2016 में वाणिज्य कर विभाग से संबंधित कंडिका-7.8 एवं 7.9 में संशोधन की स्वीकृति दी गई। झारखंड वित्त नियमावली के नियम 235 (क) में संशोधन की स्वीकृति दी गई। वित्तीय वर्ष 2021-22 के प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। खूंटी जिला अंतर्गत अंचल-कर्रा, मौजा-जुरदाग अंतर्निहित 2.34 एकड़ भूमि जवाहर नवोदय विद्यालय की स्थापना हेतु नवोदय विद्यालय समिति, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली को जमीन देने की स्वीकृति दी गई। राज्य में पॉयलट बेसिस पर जन वितरण प्रणाली के तहत Fortified Rice वितरण करने हेतु Rice Fortification Scheme लागू करने के लिए State PMU के गठन की स्वीकृति दी गई। झारखंड नगरपालिका सेवा संवर्ग (संशोधन) नियमावली, 2021के गठन की स्वीकृति दी गई। झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा W.P.(PIL) NO.3118 of 2014 के आलोक में झारखंड के भौगोलिक क्षेत्र में अवस्थित बिहार राज्य हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन के 08 लघु जलविद्युत परियोजनाओं के asset/liabilities मानवबल (13) सहित हस्तांतरण करने की स्वीकृति दी गई। केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 में किए गए संशोधनों के आलोक में झारखंड माल और सेवा कर अधिनियम, 2017 में प्रस्तावित संशोधनों से संबंधित झारखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2021 के झारखंड विधानसभा में पेश होने पर घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। World Expo 2020 दुबई में राज्य की भागीदारी दिनांक 30 सितंबर से 6 अक्टूबर 2021 को करने हेतु झारखंड वित्त नियमावली के नियम 235/नियम 245 के आलोक में Ernst &Young LLP को इवेंट पार्टनर मनोनीत करने की स्वीकृति दी गई। एशियन डेवलपमेंट बैंक संपोषित झारखंड अर्बन वॉटर सप्लाई इंप्रूवमेंट प्रोजेक्ट के अंतर्गत झुमरीतिलैया नगर परिषद हेतु 15092.63 लाख रुपए की लागत पर तकनीकी स्वीकृति प्राप्त झुमरीतिलैया शहरी जलापूर्ति योजना की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। राजधानी रांची में EPC Model पर ट्रांसपोर्ट नगर निर्माण योजना के फेज-I हेतु कुल 113,24,22,642 रुपये मात्र की योजना की प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी। खान एवं भूतत्व विभाग, झारखंड के अंतर्गत झारखंड अन्वेषण एवं खनन निगम लिमिटेड के गठन की स्वीकृति दी गयी।
रांची। पारा शिक्षकों की समस्याओं का 10 दिनों के भीतर समाधान होगा। लंबे समय से 65,000 पारा शिक्षक स्थायीकरण और वेतनमान को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इनकी मांगों को पूरा करने के लिए नई नियमावली बन गई है। शिक्षा विभाग ने यह नियमावली सरकार को भेजी है। यह बातें शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो ने कही। बताते चलें कि बीते 18 अगस्त को शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों, शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो और पारा शिक्षकों के प्रतिनिधियों के बीच मैराथन बैठक हुई थी। इस बैठक में बिहार की तर्ज पर नियमावली बनाने को लेकर चर्चा हुई थी। उस मैराथन बैठक के बाद अब एक बार फिर पारा शिक्षकों के पक्ष में निर्णय होने की उम्मीद दिख रही है। 18 अगस्त को भी बैठक में 1 हफ्ते के भीतर नई नियमावली बनाने की बात कही गई थी, लेकिन तभी प्राथमिक शिक्षा निदेशक का तबादला हो जाने से नियमावली को मूर्त रूप नहीं दिया जा सका था। अब शिक्षा मंत्री के बयान आने के बाद से एक बार फिर 65000 पारा शिक्षकों की उम्मीद जगी है।
रांची। झारखंड के 6 आदिवासी समुदाय के बच्चे उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जाएंगे। इनकी पढ़ाई का खर्च झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार उठाएगी। इनका चयन राज्य सरकार के मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के तहत किया गया है। हालांकि, सरकार की तरफ से चयनित छात्रों का डिटेल नहीं शेयर किया गया है। बताया जा रहा है कि 23 सितंबर को इसके संबंध में पूरी डिटेल्स CM हेमंत सोरेन एक कार्यक्रम में शेयर करेंगे। राज्य सरकार की तरफ से पिछले साल ही इस योजना की शुरुआत की गई थी, लेकिन पहली बार 6 छात्रों का चयन किया गया है। सत्ताधारी दल JMM के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने बताया कि झारखंड से ऑक्सफॉर्ड पहुंचने वाले राज्य के मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पहले स्टूडेंट्स थे। उनकी शताब्दी वर्ष पर यह बेहतर शुरुआत है। यह देश स्तर का एक बेंचमार्क है। सुप्रीयो भट्टाचार्य ने कहा कि रघुवर सरकार के कार्यकाल के दौरान उच्च और तकनीकी संस्थानों में SC-ST के छात्र के स्टाइपेंड को भी रोक दिया गया था, लेकिन हेमंत सोरेन की सरकार इन्हें पढ़ने के लिए विदेश भेज रही है। उन्होंने कहा कि BJP के नेता बस लंबी-लंबी बातें करते हैं। योजना के तहत हर साल 10 छात्रों का करना है चयन मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत झारखंड सरकार राज्य के अनुसूचित जाति के प्रतिभावान लड़के-लड़कियों को ऑक्सफोर्ड और कैंब्रिज जैसे प्रतिष्ठित विदेशी यूनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा लेने का मौका दे रही है। ऐसा करने वाला झारखंड भारत का ऐसा राज्य है। इसके तहत SC-ST वर्ग के 10 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा, जो अपनी उच्च शिक्षा मास्टर डिग्री एमफिल हेतु विदेशों में पढ़ने के लिए छात्रवृत्ति प्राप्त करेंगे। कौन से छात्र कर सकते हैं आवेदन : ग्रेजुएशन में कम से कम 55 फीसदी मास्क होने अनिवार्य है। आवेदक की आयु 40 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। जो छात्र झारखंड के निवासी हैं, वो ही इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक के पास अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाण पत्र होना आवश्यक है। आवेदन करने वाले छात्रों की वार्षिक आय 12 लाख रुपये प्रति वर्ष से कम होनी चाहिए। इस योजना का लाभ किसी भी विशेष पाठ्यक्रम के लिए मात्र एक बार ही दिया जाएगा।
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