रांची। झारखंड विधानसभा स्थापना दिवस पर 22 नवंबर (सोमवार) को रांची में विधानसभा स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेश बैस ने झारखंड के लोगों को स्थापना दिवस की बधाई दी। इस दौरान राज्यपाल ने विधानसभा सदस्यों के आचरण और व्यवहार की ओर भी इशारा किया। कहा कि जनता आपके आचरण का अवलोकन करती है। इसलिए विधायकों का दायित्व है कि नए कानून बनायें और उसपर गंभीरता से चर्चा करें। इन नए कानूनों का जनता पर पड़ने वाले असर को भी ध्यान में रखें। राज्यपाल रमेश बैस ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही से जनता को काफी अपेक्षा होती है। इसलिए हमें इसका ध्यान रखते हुए कार्यपद्धति पर गंभीरता से विचार करना होगा। राज्यपाल ने सदन में होने वाली बहस और सरकार के जवाब का भी ध्यान रखने की सलाह दी। विपक्ष को सदन में रचनात्मक भूमिका निभाने की सलाह देते हुए राज्यपाल ने विधायी कार्यों के प्रति जवाबदेह होने की अपील की। विधानसभा स्थापना दिवस पर राज्यपाल रमेश बैस ने उत्कृष्ट विधायक का सम्मान रामचंद्र चंद्रवंशी को मिलने पर उन्हें बधाई दी। वहीं विधानसभाध्यक्ष की ओर से बनाई गईं विभिन्न समितियों की सराहना की और कहा कि यह समितियां सरकार के कामकाज का अवलोकन करती हैं। उन्होंने कहा कि संसद और विधानसभा की कार्यवाही में बहुत बदलाव आ गया है। छोटी छोटी बातों में सदन को नहीं चलने देना और कार्यवाही में बाधा पहुंचाने की आदत बन गई है। शायद यह ऐसा इसलिए होता है कि टीवी में लाइव प्रसारण के जरिये विधायक जनता के बीच सकारात्मक प्रभाव पड़ना समझते हैं लेकिन ऐसा आचरण नहीं हो, जिससे सदन की गरिमा को ठेस पहुंचे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा स्थापना दिवस की बधाई देते हुए रामचंद्र चंद्रवंशी को उत्कृष्ट विधायक का सम्मान मिलने पर बधाई दी। विधानसभा स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जहां वैश्विक महामारी पर चिंता जताई, वहीं राज्यवासियों को इस महामारी से निकलने में राज्य सरकार का सहयोग करने के लिए आभार जताया। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की उपलब्धि को बताते हुए कहा कि सरकार द्वारा बुजुर्ग, परित्यक्त लोगों के लिए कई स्कीम चलाई गईं हैं। इस राज्य के हर बुजुर्ग, परित्यक्त, निशक्त, विधवा को पेंशन का लाभ मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि दो वर्ष का कार्यकाल पूरा होते ही पेंशन मिलना शुरू हो जाए। सरकार आपके द्वार कार्यक्रम से सभी को लाभ मिलेगा।
झारखंड: कोरोना से पढ़ाई को हुए नुकसान की होगी भरपाई, सीएम हेमंत सोरेन ने बताए कई उपाय
एबीएन डेस्क, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश के बाद राज्य में देश की पहली यूनिवर्सल पेंशन योजना लागू कर दी गई है। सरकारी सेवा में स्थाई रूप से नियोजित और आयक र अदा करने वाले परिवार के सदस्य को छोड़ अब 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी वृद्धजनों को पेंशन योजना का लाभ प्राप्त होगा। सरकार ने पेंशन के लिये आवेदन को डिबार करने वाली 14 शर्तें भी हटा दी हैं। महीने की पांच तारीख को एक हजार रुपये पेंशन प्रतिमाह लाभुकों के बैंक खाता में प्राप्त होगा। यह योजना सामाजिक सुरक्षा को नया आयाम देगी। सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत संचालित पेंशन योजनाओं को सरल बनाया गया है। एपीएल और बीपीएल कार्ड की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। गरीब, नि:शक्त और निराश्रित जिनमें विधवा, एकल, परित्यक्त महिलाएं भी यूनिवर्सल पेंशन स्कीम से आच्छादित होंगी। सरकार के महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के प्रधान सचिव अविनाश कुमार के मुताबिक उदार नियम के लागू होने से 12 लाख नये लाभुक जुड़ने का आंकलन है, लेकिन इससे अधिक संख्या होने पर भी उन्हें पेंशन योजना का लाभ सरकार देगी।
रांची। राज्यकर्मियों का डीए 1 जुलाई 2021 से 3 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है नइसका लाभ पेंशन और पारिवारिक पेंशनभोगियों को भी मिलेगा। अब उन्हें 28 की जगह 31% डीए मिलेगा। पंचम वेतमान पाने वाले कर्मियों का डीए अब 356 से बढ़ाकर 368 कर दिया गया है। छठा वेतनमान प्राप्त करने वाले कर्मचारियों का डीए 189 प्रतिशत से बढ़ाकर 196 परसेंट कर दिया गया है।इसका लाभ पेंशन और पारिवारिक पेंशनभोगियों को भी मिलेगा। डीए बढ़ोतरी से सरकार को 330 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। यह फैसला शुक्रवार को हुई झारखंड कैबिनेट की बैठक में लिया गया। बैठक में कुल 37 प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी है। 14 नयी नियमावली को भी स्वीकृत किया गया, जो झारखंड कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा संचालन नियमावली के अनुरूप हैं। अन्य फैसले : राज्य में अब यूनिवर्सल पेंशन स्कीम के तहत सभी योग्य लाभुकों को पेंशन प्राप्त करने के नियम को सरल कर दिया गया है।बअब सिर्फ उन्हें पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा जो इनकम टैक्स भरते हैं या किसी केंद्र या राज्य सरकार की नौकरी में हों। पूर्व की शर्तों को विलोपित कर दिया गया है। सीएम स्वास्थ्य योजना की मंजूरी दी गयी है। इसमें वयस्क रोगी को तीन हजार की जगह 10 हजार रुपये और अवयस्क रोगी को 1500 की जगह 5000 रुपये दिये जायेंगे। राज्य भर की ग्रामीण स्वास्थ्य आधारभूत संरचन डेवलप करने के लिए 638 करोड़ की योजना की मंजूरी दी गयी है। यह केंद्र प्रायोजित योजना है। गोविंदपुर-साहेबगंज रोड को 31.98 करोड़ में मजबूतीकरण किया जायेगा। झरिया-बलियारपुर रोड को दो लेन किया जायेगा जिसमें 44.49 करोड़ खर्च किये जायेंगे। सोना-सोबरन धोती साड़ी लुंगी योजना में वस्त्र की आपूर्ति मफतलाल इंडस्ट्री मुंबई से कराने की स्वीकृति दी गयी। वहीं, खाद्य सुरक्षा के तहत चयनित 64 लाख परिवारों को धोती साड़ी वितरित की जायेगी। परियोजना स्कूलों के शिक्षक कर्मियों के वेतन भुगतान की स्वीकृति दी गयी।सभी सरकारी स्कूल के सामान्य कोटि के छात्रों को भी अब साइकिल दी जायेगी। आवासीय स्कूलों के शिक्षकों को वेतन भुगतान और एक वर्ष का (मार्च 22 तक) अवधि विस्तार दिया गया। वैसे डॉक्टर जो रिटायर होने वाले हैं, उन्हें 6 माह या मार्च 22 तक अवधि विस्तार दिया गया। अब मुखिया या स्थानीय लाभुक समिति 5 लाख की योजना स्वीकृत कर सकेगी। मंत्रिमंडल निगरानी विभाग जेसीएफ से 4.98 करोड़ लोन लेगा। सभी सरकारी स्कूलों के 9वीं-10वीं के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क किताबें दी जायेंगी। उद्योग, खान, कृषि, उत्पाद, झारखंड अंकेक्षक नियमावली, वाणिज्य कर लिपिकीय सेवा, झारखंड सचिवालय आशुलिपिक सेवा, उद्योग निदेशालय नियमावली, हस्तकरघा तकनीकी सेवा शर्त नियमावली समेत अन्य 14 नियमावली को मंजूरी दी।
रांची। झारखंड की राजधानी रांची समेत प्रदेश के अन्य जिलों में सड़कों का महाजाल (बिछाया जाएगा। झारखंड सरकार ने राज्य में 20 और सड़क निर्माण परियोजनाओं को अपनी मंजूरी दे दी है। इस पर कुल 1500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। बता दें कि इस साल हेमंत सोरेन की सरकार इससे पहले अब तक 68 सड़क निर्माण परियोजनाओं को हरी झंडी दे चुकी है। इस तरह मौजूदा वर्ष में 88 रोड प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल चुकी है। इस तरह से आने वाले वर्षों में झारखंड में सड़कों का जाल बिछाया जाएगा, ताकि प्रदेश के हर कोने तक आॅल वेदर रोड की सुविधा पहुंचाई जा सके। झारखंड के सुदूरवर्ती इलाकों में पहुंच पाना आज भी काफी मुश्किल है, लेकिन सभी मौसमों में कारगर रहने वाली सड़क का निर्माण होने से न केवल अंदरुनी इलाकों में आवागमन की सुविधा का विस्तार होगा, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ भी वंचितों तक पहुंचाया जा सकेगा। सुधरेगी सड़कों की दशा : नई सड़क परियोजनाओं के तहत रांची क्रिकेट स्टेडियम के उत्तर, दक्षिण और पश्चिमी गेट और जगन्नाथ मैदान से धुर्वा गोल चक्कर तक सड़कों को दुरुस्त किया जायेगा। वहीं, धुर्वा गोल चक्कर से वीर कुंवर सिंह चौक तथा ज्यूडिशियल एकेडमी तक की सड़कों को बेहतर करने का निर्णय लिया गया है। इन सभी योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति भी मिल चुकी है। करीब 10 हजार करोड़ की लागत से इसका निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए टेंडर भी जारी हो चुका है। विभाग अभी तक 1200 किलोमीटर सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति दे चुका है। इसके तहत तकरीबन 1500 करोड़ रुपये की निर्माण परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं।
एबीएन डेस्क। आर हरि कुमार भारतीय नौसेना के नए प्रमुख होंगे। वह वर्तमान में ऐडमिरल कर्मबीर सिंह की जगह लेंगे। आर हरि कुमार भारतीय नौसेना के पश्चिमी कमान के वाइस ऐडमिरल हैं। बताते चलें कि वे 30 नवंबर से चार्ज संभालेंगे।
एबीएन डेस्क, रांची। झारखंड में झोला छाप डॉक्टरों पर अब कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है, जिसके बाद वे अब अपनी प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे। इसके साथ ही दूसरे राज्यों से आकर झारखंड में प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों की मनमानी भी नहीं चलेगी। द झारखंड कॉउन्सिल ऑफ मेडिकल रजिस्ट्रेशन ने ऐसे डॉक्टरों पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश जारी किया है। द झारखंड कौंसिल ऑफ मेडिकल रजिस्ट्रेशन ने सर्वसम्मति से निर्णय लेने के बाद निर्देश जारी कर कहा है कि अब झारखंड में प्रैक्टिस करने के लिए कौंसिल से रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है। दूसरे राज्यों से भी झारखंड आकर प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर्स को चिकित्सा पर्षद में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। कौंसिल के डॉ बिमलेश सिंह ने बताया कि डॉक्टरों की निगरानी के लिए यह कदम उठाना पड़ा है। दरअसल, दूसरे राज्यों से डॉक्टर झारखंड आकर प्रैक्टिस कर लेते थे। इसी मनमानी की व्यवस्था को समाप्त करने के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अनिवार्य की गयी है। डॉ बिमलेश सिंह ने बताया कि इस समय राज्य में मात्र 7500 डॉक्टर्स ने ही पर्षद में अपना रजिस्ट्रेशन कराया है।
रांची। झारखंड स्थापना दिवस की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रोजेक्ट भवन में राज्य के आला अधिकारियों के साथ स्थापना दिवस समारोह की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल, पुलिस महानिदेशक, नीरज कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का के अलावा मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे और विभिन्न विभागों के सचिव, उपायुक्त रांची, रांची के वरीय आरक्षी अधीक्षक मौजूद थे। झारखंड स्थापना दिवस समारोह की समीक्षा बैठक में सीएम ने कहा कि ये कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण है और राज्यवासियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ देने के लिए उन्होंने सरकार आपके द्वार कार्यक्रम की योजना बनाई थी, लेकिन संक्रमण की वजह से यह संभव नहीं हो सका। अब जबकि कोरोना संक्रमण काल से अब हम धीरे-धीरे बाहर आ रहे हैं तो एक बार फिर से आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत स्थापना दिवस के बाद यानी 16 नवंबर से ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर का आयोजन सभी विभाग करे। शिविर के माध्यम से लोगों के लंबित मामलों का निष्पादन करें। सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य के लोगों को सरकार की नई योजनाओं से उन्हें जोड़ें। श्रमिकों को जॉबकार्ड, असंगठित श्रमिकों का ई-श्रम पोर्टल में निबंधन, रोजगार सृजन योजना, पेंशन योजना, आय/जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, वन पट्टा से लोगों को आच्छादित करने की प्रक्रिया को प्रमुखता दें। सीएम ने कहा कि शिविर आयोजन को लेकर अभी से तैयारी आरंभ करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभागीय अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि नियुक्ति नियमावली में आ रही अड़चनें जल्द से जल्द दूर हों, जिससे नियुक्ति प्रक्रिया की ओर हम बढ़ सकें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित अवधि के दौरान ग्रामीण क्षेत्र की खराब सड़कों के जीर्णोद्धार और निर्माण के लिए चिह्नित कर प्राथमिकता दें। ऐसी सभी सड़कों को चिह्नित कर उसका निर्माण करें। ग्रामीण आबादी को आवागमन में किसी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े। मुख्यमंत्री ने जिला स्तर पर पुस्तकालय स्थापित करने का निदेश दिया ताकि उच्च और स्कूली शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों को पढ़ाई का माहौल मिल सके।
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