रांची। राज्य के 64 हजार पारा शिक्षकों की सेवा स्थायी होगी। यानी अब वे 60 साल की उम्र तक सेवा में रहेंगे। इतना ही नहीं उन्हें अब सहायक शिक्षक कहा जाएगा। हर साल मानदेय में चार फीसदी वृद्धि होगी। साथ ही चार आकलन परीक्षा में पास नहीं करने के बाद भी उन्हें सेवा से हटाया नहीं जाएगा। बजट सत्र के बाद मुख्यमंत्री के साथ बैठक कर वेतनमान देने और आरक्षण रोस्टर क्लियर करने का रास्ता भी निकाला जाएगा। शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो और पारा शिक्षकों के बीच हुई वार्ता में इस पर सहमति बनी। अब मानदेय वृद्धि और सेवाशर्त नियमावली को अगले सप्ताह कैबिनेट की बैठक में पास कराया जाएगा। इसके बाद पारा शिक्षक आंदोलन वापस लेने की घोषणा करेंगे। शिक्षा मंत्री के साथ हुए वार्ता के बाद पारा शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर उनका आभार जताया और कहा कि पारा शिक्षकों के लिए आज हर्ष का दिन है। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री का भी धन्यवाद दिया। वेतनमान नहीं देने पर पारा शिक्षकों में विरोध को देखते हुए शिक्षा मंत्री ने पारा शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल को मंगलवार को वार्ता के लिए बुलाया था। इस दौरान शिक्षा मंत्री ने फिर वेतननमान पर इच्छा जतायी और कहा कि इसपर जनवरी में फिर वार्ता होगी। वहीं, विधानसभा के बजट सत्र के बाद मुख्यमंत्री के साथ बैठक होगी। इसमें महाधिवक्ता और अधिवक्ताओं की टीम आरक्षण रोस्टर क्लियर करने और वेतनमान देने का रास्ता साफ करेगी। बैठक में टेट पास पारा शिक्षकों को 50 फीसदी और प्रशिक्षित पारा शिक्षकों को 40 फीसदी मानदेय वृद्धि पर सहमति बनी। 10 फीसदी मानदेय में अतिरिक्त बढ़ोतरी के लिए अब तीन के बदले चार आकलन परीक्षा होगी।
गढ़वा। गढ़वा प्रखंड के दुबे मरहटिया गांव में पैक्स खोला गया है। गढ़वा विधायक झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने बुधवार को फीता काटकर एवं दीप प्रज्जवलित कर पैक्स का उद्घाटन किया। मौके पर मंत्री श्री ठाकुर ने कहा कि गत वर्ष एफसीआई के माध्यम से धान क्रय करने में घोर लापरवाही बरती गई थी। जिसमें किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। किसानों की परेशानी को देखते हुए इस वर्ष पैक्स के माध्यम से धान क्रय करने का निर्णय सरकार ने लिया है। आज दुबे मरहटिया गांव से इसकी शुरुआत की जा रही है। गढ़वा जिले में लगभग 70 प्रतिशत लोग कृषि पर निर्भर हैं। यही उनका मुख्य पेशा है। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने साधारण धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1940 रुपए तथा बोनस के रूप में 110 रुपए का प्रावधान किया है। साधारण धान पर हेमंत सोरेन की सरकार किसानों को कुल 2050 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी दे रही है। ग्रेड ए के धान पर 1960 रुपए का न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा 110 रुपए बोनस अर्थात 2070 रुपए प्रति क्विंटल का प्रावधान किया गया है। पहले धान की राशि का भुगतान रिवॉल्विंग फंड के माध्यम से किया जाता था। जिसमें किसानों को धान का मूल्य मिलने में काफी समय लग जाता था। लेकिन अब हेमंत सरकार ने इस बार किसानों को धान की राशि हाथों-हाथ देने का प्रावधान किया है। पैक्स में धान देने के दो दिनों के अंदर किसानों के खाते में न्यूनतम समर्थन मूल्य की राशि उपलब्ध करा दी जाएगी। राज्य सरकार किसानों की समृद्धि के लिए प्रयत्नशील है। बहुत जल्द सोन, कनहर परियोजना को धरातल पर उतारा जाएगा। किसानों को सिर्फ प्राकृतिक सिंचाई पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा। सोन नदी से पानी को लिफ्ट कर जिले के सभी जलाशय तक पहुंचाया जाएगा। इससे जिले में सभी तरह के फसलों की बुवाई-कटाई संभव हो जाएगी। किसानों के लिए राज्य सरकार ने पचास हजार रुपए तक के ऋण माफी योजना चलाई है। इसका लाभ किसानों को मिल रहा है। कार्यक्रम का संचालन मुरली श्याम तिवारी ने किया। मौके पर डीडीसी सत्येंद्र नारायण उपाध्याय, एसडीओ राज महेश्वरम, खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी विजेंद्र कुमार, जिला सहकारिता पदाधिकारी अनिता कुमारी, मुखिया प्रतिनिधि बदरूद्दिन अंसारी, उप प्रमुख मुनेश्वर तिवारी, पंचायत समिति सदस्य अनुज तिवारी, विधायक प्रतिनिधि आशुतोष पांडेय, एमओ सह सीओ मयंक भूषण, बीडीओ कुमुद झा, झामुमो जिलाध्यक्ष तनवीर आलम, सचिव मनोज ठाकुर, जिला प्रवक्ता धीरज दुबे, महिला मोर्चा अध्यक्ष अंजली गुप्ता, अनीता दत्त, स्वास्थ्य प्रतिनिधि कंचन साहू, फुजैल अहमद, अजय ठाकुर, अरूण दुबे, चुनमुन दुबे, रविंद्र तिवारी, दयानंद तिवारी, उमेश सिंह, त्रिलोकी तिवारी, गिरजा तिवारी, अभिषेक मेहता, रंथा नायक, सदाब खान, जितेन्द्र चैधरी आदि लोग मौजूद थे।
रांची। राज्य के पारा शिक्षकों के लंबित मांगों पर सकारात्मक विचार किए जाने को लेकर झारखंड राज्य प्रशिक्षित पारा शिक्षक संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को सहृदय धन्यवाद दिया। मौके पर प्रतिनिधिमंडल ने वहां उपस्थित राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो को भी धन्यवाद देते हुए उनका आभार जताया।उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा पारा शिक्षकों को 60 वर्ष का सेवा स्थायीकरण, TET पारा शिक्षकों को 50% तथा NON TET पारा शिक्षकों को 40% मानदेय वृद्धि, आकलन परीक्षा पास करने के बाद 10% मानदेय बृद्धि बोनस के रूप में मिलने, प्रतिवर्ष 4% का वेतन बढ़ोतरी, पारा शिक्षकों का नाम अब सहायक अध्यापक किए जाने के निर्णय के साथ-साथ केंद्र सरकार द्वारा मानदेय भुगतान हेतु फंड नही दिए जाने पर भी राज्य सरकार के योजना मद से नियमित मानदेय भुगतान किए जाने संबंधी राज्य सरकार के निर्णय का स्वागत झारखंड राज्य प्रशिक्षत पारा शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने किया है। मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत कई वर्षों से पारा शिक्षकों के मांगों पर विचार नहीं किया जा सका था, परंतु हमारी सरकार ने पारा शिक्षकों के दर्द और समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए मांगों को लेकर एक सकारात्मक रास्ता ढूंढने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब हमसभी लोग साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे। सभी के साथ न्याय हो, इसी सोच के साथ हमारी सरकार कार्य कर रही है। आप सभी पारा शिक्षक आने वाली पीढ़ी को दिशा देने का काम करने वाले लोग हैं। राज्य के सर्वांगीण विकास में आपकी भूमिका अहम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समय सीमित संसाधनों के साथ आपसी समन्वय बनाकर आगे बढ़ने का है। आदरणीय गुरुजी के विचार के साथ चलकर समृद्ध झारखंड का सपना साकार करना है। गुरुजी सदैव पदाधिकारियों से कहते थे कि आपका काम जनता की सेवा करना है न कि शासक बनना। हमारी सरकार 20 वर्षों के टेढ़े-मेढ़े रास्ते को सीधा करने का कार्य कर रही है। एक-एक राज्यवासी हमारे परिवार के अंग हैं। कोई अलग नहीं है, सबको साथ लेकर आगे बढ़ना है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार सभी प्रकार की नियुक्तियों में 75% स्थानीय लोग शामिल हो यह कानून बना रही है। हमारी सोच है कि झारखंड को अपने पैरों पर खड़ा करें। यहां के लोग सम्मान के साथ जीवन यापन करें इस निमित्त कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है। आज आप सभी पारा शिक्षकों के चेहरे पर थोड़ी खुशी देखकर मुझे भी अच्छा लग रहा है। राज्य के पारा शिक्षक अब सहायक अध्यापक कहलाएंगे यह हर्ष का विषय है। विश्वास है कि आगे भी हमसभी लोग अपना सुख-दु:ख को बांटते हुए राज्य को नई दिशा देंगे।
रांची। झारखंड सरकार की मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी ने मनरेगा कार्य की सफल क्रियान्वयन को लेकर राज्य के सभी उप विकास आयुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मनरेगा योजना की समीक्षा की। बैठक में ग्रामीण विकास विभाग के सचिव डॉ मनीष रंजन सबसे पहले राज्य में मनरेगा विभिन्न जिलों में संचालित हो रहे मनरेगा कार्य की जानकारी ली एवं लक्ष्य के अनरूप कार्य नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जताई। सचिव डॉ. रंजन ने कहा कि मनरेगा योजना नहीं है बल्कि यह ग्रामीणों के रोजगार का सृजन का सशक्त माध्यम है। उन्होंने मजदूरों के दर्द को समझने एवं ससमय लक्ष्य को करें पूरा करने का निर्देश दिया । इस दौरान उन्होंने सभी उप विकास आयुक्तों को मनरेगा कार्य में पूरी तरह से निगरानी करते हुए मनरेगा से संचालित योजनाएं धरातल पर दिखे, इसे सुनिश्चित करने को लेकर निर्देशित किया। बैठक में मनरेगा से संचालित योजनाओं को लेकर अन्य कई महत्वपूर्ण निर्देश उप विकास आयुक्तों को दिए। मनरेगा कार्य की समीक्षा के दौरान सभी उप विकास आयुक्तों को दीदी बगिया के कार्य में तेजी लाते हुए नर्सरी तैयार करने को लेकर निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा कि दीदी बगिया का उद्देश्य महिलाओं को स्वावलंबन की राह पर ले जाना है। महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हो सकती हैं। साथ ही योजना के माध्यम से दीदियों को एवं महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
रांची। झारखंड में मॉब लिंचिंग की लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए राज्य सरकार अब इस पर अंकुश लगाने की तैयारी में है। राज्य सरकार बकायदा इसको लेकर The Jharkhand Prevention of Lynching Bill- 2021 लाने की तैयारी कर रही है। इसे लेकर एक ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है और अब इसे राज्य के महाधिवक्ता के पास कुछ संशोधन और विस्तार के लिए भेजा गया है। चर्चा ये भी है कि राज्य सरकार इसे शीतकालीन सत्र में विधानसभा में ला सकती है। कुल 9 चैप्टर वाले इस बिल के ड्राफ्ट में सभी चीजों को समझाने की कोशिश की गयी है। मसलन झारखंड प्रिवेंशन ऑफ लिंचिंग बिल 2021 में खास बातें क्या होंगी। इसमें मॉब लिंचिंग, ऑफेंसिव मैटेरियल, नोडल ऑफिसर, स्टेट, कम्पेनसेशन स्कीम, विक्टिम, विटनेस, पुलिस अधिकारी जैसे तमाम शब्दों को कानूनी लहजे में समझाया गया है। साथ ही तमाम इस कानून से जुड़े सभी पदों की ड्यूटी और उनके अधिकारों की चर्चा भी गयी है। बिल के चैप्टर 4 में पनिशमेंट फोर लिंचिंग का जिक्र किया गया है। अगर मॉब लिंचिंग के दौरान कोई व्यक्ति जख्मी होता है, तो इसके दोषियों को तीन साल की सजा और एक से तीन लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अगर मॉब लिंचिंग के दौरान कोई व्यक्ति गंभीर हालत में जख्मी होता है तो इसके दोषियों को दस साल से उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। साथ ही तीन लाख से पांच लाख तक का जुर्माना वसूला जा सकता है। मॉब लिंचिंग के दौरान व्यक्ति की मौत होने पर दोषियों को मौत की सजा हो सकती है। साथ ही दस लाख का जुर्माना लगाया जा सकता है। इस दौरान भीड़ को उकसाने वाले को भी दोषी माना जाएगा। साथ ही लिंचिंग का माहौल बनाने वाले को भी दोषी मानकर सजा सुनायी जाएगी।
रांची। शनिवार को हजारीबाग में सरकार आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है। हजारीबाग के गांधी मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि रहेंगे। उनके साथ कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता भी उपस्थित रहेंगे। प्रमंडलीय कार्यक्रम की मेजबानी हजारीबाग जिला प्रशासन कर रहा है, जिसमें 7 जिला हजारीबाग, धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, कोडरमा, चतरा एवं रामगढ़ जिले से लाभुक पहुंचेंगे। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि प्रत्येक जिले से लगभग 250 लाभुकों यहां पहुंचेंगे। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारी करने की बात कही है। वहीं इस कार्यक्रम में लगभग 200 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी दिया जायेगा। कार्यक्रम के दौरान कृषि उपकरण, मत्स्य, मुख्यमंत्री पशु धन योजना आदि के तहत परिसंपत्तियों का वितरण किया जायेगा। कार्यक्रम का आयोजन के संबंध में जिला के उपायुक्त आदित्य आनंद ने बताया कि मेगा शिविर में मुख्यमंत्री के हाथों हजारीबाग जिला से 200 से अधिक लोगों को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। जिसमें अनुकंपा के आधार पर विभिन्न विभागों के अलग नियुक्ति, संविदा नियुक्ति शामिल है। वहीं बात की जाए तो वर्तमान समय में लगभग 90 हजार से अधिक आवेदन जिला प्रशासन के पास पहुंचे हैं। 50 हजार आवेदन निष्पादित किए जा चुके हैं।
मेदिनीनगर। पलामू प्रमंडल स्तरीय मेगा परिसंपत्ति वितरण कैंप का आयोजन डाल्टनगंज पुलिस स्टेडियम में सरकार द्वारा आयोजित की गई। जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पेयजल मंत्री मिथिलेश ठाकुर, श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता एवं कई विधायक गणों ने संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस कैंप में पलामू, गढ़वा, लातेहार जिला के लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया गया। सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार आपके द्वार कार्यक्रम राज्य के सभी पंचायत मुख्यालय स्तर पर आयोजित की जा रही है। ताकि गरीब, निर्धन, लाचार लोग अपने कामों का समाधान अपने घर पर ही करा सकें। उन्होंने कहा कि पलामू प्रमंडल में इस कार्यक्रम के तहत डेढ़ लाख आवेदन प्राप्त हुए थे जिसमें एक लाख 20 हजार आवेदन करता के समस्याओं का समाधान किया जा चुका है। उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड को 20 वर्षों के दौरान जो घाव मिला है ,उसे भरने में समय लगेगा। दो वर्ष पूर्व झारखंड के सड़को का हाल काफी बुरा हो चुका था। जिसे वर्तमान राज्य सरकार ने एनएच की सड़कों का निर्माण 5000 करोड़ रुपए की लागत से करने जा रही है। लातेहार जिला में 250 करोड़, गढ़वा में 400 करोड़ एवं पलामू जिला में डेढ़ सौ करोड़ की लागत से सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि झारखंड के कोयला खदानों एवं उद्योगों से झारखंड वासियों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। कोयला खदान एवं माइनिंग को लेकर केंद्र सरकार कब क्या करेगी। किसी को कुछ पता तक नहीं चल पाता है। कोरोना काल में लोग घरों में ताला लगाकर दुबके हुए थे। वहीं केंद्र सरकार झारखंड के कोयला खदानों एवं माइनिंग को पूंजीपतियों के हाथ बेचने का काम कर रही थी। जब इसका मुझे पता चला तो मैं केंद्र सरकार से रोकने का आग्रह किया। लेकिन मेरी एक नहीं सुनी गई। उन्होंने कहा कि कोयला एवं माइनिंग के व्यापार करने वालों को राज्य सरकार ने साफ तौर पर कह दिया है। की इसमें 75% कामगारों की भागीदारी झारखंड वासियों का होगा। तभी जाकर काम करने देंगे। वरना काम को बंद करा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने कहा कि इतना ही नहीं इस क्षेत्र में एक करोड़ का यदि टेंडर होता है, तो उसका पूरा पूरा काम विस्थापितों को या स्थानीय लोगों को दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार कोरोना में जैसे ही बदलाव आया वैसे ही राज्य के गरीब, दलित, शोषित, बेरोजगार लोगों के लिए कार्य योजना बनाकर सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के तहत ही नहीं बल्कि कई योजनाओं को तैयार कर सरकार काम कर रही है और सभी योजनाओं का लाभ जनता को सीधे-सीधे मिल सके इसके लिए सरकार के मंत्रियों से लेकर अधिकारियों तक मॉनिटरिंग कर रहे हैं। झारखंड में राइस मिलों की संख्या बहुत ही कम है। जिस कारण झारखंड वासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए सरकार ने राज्य में 14 नय राइस मिलों का स्थापना करने जा रही है। 15 दिसंबर से झारखंड के सभी गांव से धान क्रय सरकार करने जा रही है। उन्होंने कहा कि एफसीआई, पैक्स एवं एफसीआई के झंझट में पड़ कर किसानों को पैसा समय पर नहीं मिलता था। इसलिए राज्य सरकार ने इन सारी बाधाओं को दूर करते हुए सीधा -सीधी सरकार धान को क्रय करेगी। किसानों को पूरा-पूरा पैसा देगी। उन्होंने कहा कि डाल्टनगंज शहरी पेयजल आपूर्ति योजना के तहत डेढ़ सौ करोड़ एवं सोन कनहर योजना के लिए 12से13 सौ करोड़ की योजना बनाकर लोगों को इसका लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में रोजगार सृजन करने के लिए मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत कई योजनाओं का लाभ राज्य के युवाओं को दिया जा रहा है। इस योजना से जुड़ कर लोग होटल, सैलून मुर्गी पालन, पशुपालन के अलावे कई स्वरोजगार योजनाओं को अपनाकर अपनी बेरोजगारी को दूर कर सकते हैं। इसके लिए राज्य सरकार सभी को सहयोग करने को तैयार हैं। उन्होंने मनरेगा योजनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि इस योजना के तहत लोग जुड़कर लाभ उठाएं ।साथ ही साथ महिला समूह चावल, तेल, आटा इत्यादि सामग्रियों का निर्माण करें। उसका क्रय सरकार करेगी। श्री सोरेन ने महिला समूह के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि करोना कॉल में वह लोग भूखों को खाना बनाकर खिलाने का काम किया है। ऐसे समूहों को सरकार स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कई योजनाओं को संचालित कर रखी है ।श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने संबोधित करते हुए कहा कि श्रम मंत्रालय के द्वारा युवाओं को रोजगार देने के लिए पूरे राज्य में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ताकि प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वरोजगार से जुड़ सकें। पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि 20 वर्षों में झारखंड के शहरी से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक लोगों को पीने का पानी नसीब नहीं होता था। जिसे वर्तमान सरकार ने पाइप लाइन के द्वारा घर-घर तक पेयजल मुहैया कराने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि 2024 तक झारखंड के सभी घरों को नल जल योजना से जोड़ दिया जाएगा। इस सभा को डाल्टनगंज विधायक आलोक चौरसिया, छतरपुर विधायक पुष्पा देवी, पांकी विधायक डॉ कुशवाहा शशिभूषण मेहता, मनिका विधायक रामचंद्र सिंह, लातेहार विधायक बैजनाथ राम ने भी संबोधित किया। जबकि विषय प्रवेश प्रमंडलीय आयुक्त जटाशंकर चौधरी धन्यवाद ज्ञापन पलामू उपायुक्त शशी रंजन ने किया। इस मौके पर उपस्थित सभी लोगों को मोमेंटो आदि देकर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पलामू जिला के सीमावर्ती क्षेत्रों को पूरी तरह से सील कर दिया गया था।
रांच। झारखंड सरकार ने खरीफ के मौसम में किसानों से धान की अधिप्राप्ति के लिए झारखंड राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम के बैंकों से 1,552 करोड़ रुपए ऋण लेने पर राज्य सरकार की ओर से गारंटी देने की स्वीकृति बृहस्पतिवार को दे दी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय का फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, खरीफ विपणन मौसम 2021-22 में धान अधिप्राप्ति योजना के तहत झारखंड राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड द्वारा किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान क्रय हेतु बैंक आॅफ इंडिया एवं भारतीय स्टेट बैंक से क्रमश: 776 करोड़ रुपए एवं 776 करोड़ रुपए (कुल 1,552 करोड़ रुपये) का ऋण लेने पर राज्य सरकार की गारंटी दिए जाने की मंत्रिमंडल में स्वीकृति दी गई।
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