राज काज

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Published / 2022-02-13 14:57:52
मुम्बई से नागपुर का सफर साढ़े तीन घंटे में पूरा करने के लिए जल्द तैयार होगी डीपीआर

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय रेलवे ने नागपुर और मुंबई के बीच जो बुलेट ट्रेन संचालित करने का प्रस्ताव रखा है, उसके माध्यम से लगभग 766 किलोमीटर की दूरी महज साढ़े तीन घंटों में पूरी की जा सकेगी। इस ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 350 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी। वर्तमान में यह दूरी तय करने में कम से कम 12 घंटे का समय लगता है। केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे ने शनिवार को कहा कि प्रस्तावित मुंबई-नागपुर हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) इस महीने के अंत तक या मार्च के पहले सप्ताह तक तैयार हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इस समय ऐसे सात कॉरिडोर के लिए बुलेट ट्रेन की डीपीआर का काम किया जा रहा है। 70 फीसदी जमीन है, 30 फीसदी का अधिग्रहण करना होगा : दानवे ने कहा, इमने इस सुपरफास्ट ट्रेन का प्रस्ताव समृद्धि हाईवे प्रोजेक्ट के साथ रखा है। हमारे लिए अच्छी बात यह है कि 70 फीसदी भूमि पहले ही हमारे पास है। हमें निजी पक्षों से केवल 30 फीसदी जमीन का अधिग्रहण करने की आवश्यकता है। बुलेट ट्रेन से दोनों शहरों के बीच परिवहन का एक बेहतर विकल्प मिल सकेगा। परियोजना के लिए किसानों को जमीन छोड़नी नहीं पड़ेगी : उन्होंने इस परियोजना को लेकर कहा कि नागपुर से इगतपुरी तक भूमि का अधिग्रहण करने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि ट्रेन समृद्धि हाईवे के पास चलेगी। इगतपुरी से मुंबई तक भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता होगी। दानवे ने कहा कि किसानों को जमीन नहीं छोड़नी पड़ेगी क्योंकि पूरा कॉरिडोर एलिवेटेड ट्रैक पर होगा। डीपीआर रिपोर्ट में मिलेगी स्टेशनों की संख्या की जानकारी : केंद्रीय मंत्री ने कहा, इगतपुरी के बाद एक मोड़ पड़ता है जहां से हमें ट्रेन का रास्ता बदलना पड़ेगा। डीपीआर रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया जाएगा कि ट्रेन के रास्ते में स्टेशनों की संख्या कितनी होगी। परियोजना के दायरे में 10 जिलों के आने की उम्मीद है लेकिन स्टेशनों की संख्या कितनी होगी, ये अभी स्पष्ट नहीं है।

Published / 2022-02-13 13:35:36
पेंशन योजना के लिए सोशल ऑडिट की तैयारी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सामाजिक सुरक्षा विभाग की ओर से पेंशन योजनाओं का वार्षिक भौतिक सत्यापन किया जाना है। इस संबंध में विभाग की ओर से पिछले दिनों सभी जिलों को पत्र भी भेजा जा चुका है। इसके तहत पंचायतों में पेंशन योजनाओं (विधवा, वृद्ध व अन्य) का लाभ उठा रहे लाभुकों की वास्तविकता और वस्तुस्थिति की समीक्षा होगी। इसके लिए अलग-अलग जिलों में पंचायत स्तरीय सोशल ऑडिट यूनिट के गठन की प्रक्रिया भी शुरू हो गयी है। अगले एक सप्ताह में तकरीबन सभी जिलों में सोशल ऑडिट यूनिट तैयार कर लिए जाने और उनकी ट्रेनिंग का काम भी पूरा किये जाने की उम्मीद है। सभी जिलों में 31 मार्च तक ऑडिट का काम पूरा कर लिए जाने का टारगेट रखा गया है। हजारीबाग में 17 फरवरी को ऑडिट यूनिट का गठन कर लिया जायेगा। 19 को प्रखंड स्तर पर ऑडिट यूनिट की ट्रेनिंग होगी और भौतिक सत्यापन सामग्री उपलब्ध करा दी जायेगी। इसी दिन से लेकर 26 फरवरी तक पंचायत के सभी लाभुकों का फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाना तय किया गया है। 28 फरवरी को सभी पंचायतों के प्रतिवेदन का समेकन होगा। संबंधित लाभुकों को नोटिस जारी होगा। 2 मार्च को मृत, अयोग्य और अनुपस्थित लाभुकों की सूची सार्वजनिक की जायेगी। 14 मार्च को प्राप्त आपत्ति का निराकरण और फिजिकल वेरिफिकेशन कर इसे जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग कार्यालय को भेजा जायेगा। 15 मार्च से 31 मार्च तक मृत, अयोग्य और अनुपस्थित लाभुकों का नाम आपत्ति के निराकरण के साथ एनएसएपी पोर्टल से हटा दिया जायेगा।

Published / 2022-02-13 09:43:59
बदलता झारखंड : संबलपुर से रांची तक बनेगा एक्सप्रेस-वे

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में विकास की गति को तेज करने के लिए नए एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जाएगा। भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत ओडिशा के संबलपुर से झारखंड के रांची तक एक्सप्रेस-वे बनेगा। एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई 146.2 किलोमीटर होगी। डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार वहीं सुरक्षा के दृष्टिकोण से सड़क का निर्माण इस तरीके से कराया जाएगा, ताकि ये दुर्घटनामुक्त रहे। इसके लिए सारे उपाय किए जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इसके लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार किया गया है। एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की स्पीड लिमिट 120 किमी प्रति घंटे होगी। वहीं, रोड पर अचानक गाड़ी या जानवर न आ पाए, इसके लिए भी उपाए किए जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस योजना पर जल्द ही कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। इसके बन जाने से राज्य में सड़क परिवहन सुगम हो जाएगा और साथ ही झारखंड की तस्वीर भी बदल जाएगी। इसके निर्माण के बाद ट्रांसपोर्टिंग बेहतर होगी और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। वहीं समय की भी बचत हो सकेगी। DPR में यह व्यवस्था की गई है कि पूरी सड़क पर दोनों ओर आठ फीट ऊंचा गार्डवाल बनाया जाए। ताकि सड़क पर अचानक गाड़ी या जानवर नहीं आ सकें। वहीं, जानवरों के सड़क पार करने के लिए अंडर पास का निर्माण कराया जाएगा। इसका पूरा ख्याल रखा जाएगा कि सड़क बन जाने से जानवरों का मार्ग अवरुद्ध न हो। भारतमाला प्रोजेक्ट के अंतर्गत एक्सप्रेस-वे का निर्माण संबलपुर से रांची तक ग्रीन फील्ड प्रोजेक्ट के रूप में होगा। इस प्रोजेक्ट के तहत रांची, धनबाद और बोकारो को एक्सप्रेस-वे से जोड़ने की कवायद हो रही है।

Published / 2022-02-13 09:38:58
राज्य की स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनायेगी सरकार : हेमंत सोरेन

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और बेहतर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। सोरेन ने आज सेंटेविटा अस्पताल, रांची के काडिर्यक यूनिट में कैथलैब का ऑनलाइन उद्घाटन करने के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि लोगों को अपने ही राज्य में अच्छी चिकित्सीय सुविधाएं मिले, यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसी मजबूत स्वास्थ्य संरचना बनाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि यहां के मरीजों को इलाज के लिए राज्य के बाहर के बड़े शहरों कि बड़े अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़े। इससे ना सिर्फ उनका अपने ही घर में बेहतर इलाज हो सकेगा, बल्कि इसमें होने वाले भारी भरकम खर्च से भी निजात मिलेगी। इसके अलावा दूरदराज के अस्पतालों में जाने से होने वाली विभिन्न परेशानियों से भी निजात मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे सरकारी अस्पताल हो या निजी, यहां अत्याधुनिक चिकित्सीय सुविधाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। विशेषकर रांची में अब गंभीर से गंभीर बीमारियों के समुचित इलाज के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी ज्यादा से ज्यादा निवेश हो, इसके लिए सरकार के द्वारा तमाम कदम उठाए जा रहे हैं। सोरेन ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार कई चुनौतियां आ रही हैं, जिससे निपटना है। उन्होंने कहा कि पिछले 2 वर्षों से कोविड-19 महामारी से लगातार हम जंग कर रहे हैं। अपने सीमित संसाधनों तथा बेहतर प्रबंधन के माध्यम से इस महामारी को काफी हद तक काबू में करने में कामयाब रहे हैं। इसमें चिकित्सकों और चिकित्सक कर्मियों की काफी अहम भूमिका रही है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई है। लिहाजा, स्वास्थ संसाधनों को लगातार बढ़ाया जा रहा है। इस दिशा में सरकार पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है।

Published / 2022-02-13 05:30:58
साल के अंत तक ईएसआईसी में भर्ती होंगे 5000 डॉक्टर : भूपेंद्र यादव

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय देशभर के कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पतालों के लिए 5000 डॉक्टरों की नियुक्ति करेगा। साथ ही मानेसर औद्योगिक क्षेत्र में 600 करोड़ की लागत से सुपर स्पेशियल्टी अस्पताल बनाएगा। श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि यह नियुक्ति लंबित पदों के आधार पर की जाएगी और अस्पतालों को अधिक क्षमता के साथ ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों की सेवा के लायक बनाया जाएगा। वर्तमान में 3.5 करोड़ उद्योग श्रमिकों को ईएसआईसी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाती हैं। उन्होंने बताया कि 5,000 से अधिक डॉक्टरों की भर्ती साल के अंत तक कर ली जाएगी। इसकी प्रक्रिया तेजी से चल रही है। साथ ही उन्होंने बताया कि रविवार को वह हरियाणा के मानेसर में 500 बिस्तर वाले सुपर स्पेशियल्टी अस्पताल शुरू करने का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। कई अन्य राज्यों में भी ईएसआईसी अस्पताल बनाने की लंबित परियोजनाओं में तेजी लाई जाएगी और समय पर इन्हें पूरा करने के लिए डिजिटल डैशबोर्ड लगाए गए हैं।

Published / 2022-02-13 05:27:41
अपराधियों पर नियंत्रण के लिए तैनात होंगे पुलिसकर्मी, बनेंगे ड्रॉप गेट

टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची में अपराधिक वारदातों को अंजाम देकर फरार होने वाले अपराधियों पर नकेल कसने के लिए शहर भर में ड्रॉप गेट बनवाए जाएंगे। रांची पुलिस ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी है। पुलिस की योजना है कि अगर राजधानी में किसी अपराध को अंजाम देकर अपराधी फरार होने की कोशिश करें तो वायरलेस पर सूचना मिलते ही सभी ड्रॉप गेट को बंद कर उनकी तलाश शुरू कर दी जाए। योजना पर काम करने के लिए रांची के सिटी एसपी सौरभ ने शहर के सभी थानेदारों के साथ महत्वपूर्ण बैठक भी की। क्या है मामला : नई योजना के तहत रांची पुलिस की ओर से शहर में अपराध नियंत्रण के लिए ड्रॉप गेट बनाया जाएगा। इस ड्रॉप गेट के पास पुलिसकर्मी की भी तैनाती होगी। इसके लिए सभी थानेदारों से ड्रॉप गेट बनाने के लिए स्थल को चिह्नित कर प्रस्ताव मांगा गया है। इसे लेकर सिटी एसपी सौरभ ने शनिवार को थानेदारों के साथ बैठक की। सिटी एसपी ने थानेदारों से कहा कि आपराधिक घटना को अंजाम देकर अपराधी कोई न कोई रास्ता पकड़कर भाग जाते हैं। ऐसे अपराधियों को दबोचने के लिए ड्रॉप गेट बनाना जरूरी है। उन्होंने थानेदारों से कहा कि वे ऐसे स्थल को चिह्नित करें, जो क्राइम स्पॉट है। उसके आसपास के रास्तों को बताएं, जिन रास्तों से अपराधी भागते हैं। उन रास्तों में ड्रॉप गेट बनाया जाएगा। सिटी एसपी ने थानेदारों को निर्देश दिया है कि वे एक सप्ताह के भीतर ड्रॉप गेट की सूची उपलब्ध कराएं, ताकि इस पर आगे की कार्रवाई की जा सके। सिटी एसपी ने कहा है कि शहर में 50 से अधिक जगहों पर ड्रॉप गेट बनाया जाएगा। बैठक में शहर के कई थानेदार शामिल थे। शहर के सभी मार्गों में स्थित प्रतिष्ठानो में लगे सीसीटीवी कैमरे को कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। इसे लेकर सिटी एसपी ने सभी थानेदारों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के प्रतिष्ठान संचालकों के साथ बैठक करें। इस दौरान उनसे आग्रह करें कि उनके प्रतिष्ठान में लगे सीसीटीवी कैमरे को सड़क की तरफ लगाएं, ताकि आपराधिक घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों की पहचान हो सके। उन्होंने थानेदार से यह भी कहा है कि वे सप्ताहभर के भीतर सभी प्रतिष्ठान संचालकों से बातचीत कर लें।

Published / 2022-02-12 19:16:12
झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली गठन को हेमंत सरकार की मंजूरी

टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार ने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (संशोधन) नियमावली, 2022 के गठन की स्वीकृति दे दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में शिक्षक पात्रता परीक्षा (संशोधन) नियमावली, 2022 के गठन की स्वीकृति दी गयी। इस दौरान राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत आदर्श विद्यालय योजना के क्रियान्वयन में आ रही कठिनाईयों के निराकरण को लेकर योजना के स्वरूप में आंशिक संशोधन एवं इस योजना हेतु शिक्षकों के युक्तिकरण/पदस्थापन के लिए स्थानान्तरण नीति, 2019 शिथिल करने की स्वीकृति दी गई। वहीं, समग्र शिक्षा के अन्तर्गत राज्य के 203 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कार्यरत पूर्णकालिक एंव अंशकालिक शिक्षिकाओं एवं 57 झारखण्ड बालिका आवासीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षिकाओं के मानदेय में 20 प्रतिशत की वृद्धि से संबंधित अतिरिक्त राशि का प्रबंध राज्य योजना से किए जाने की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा झारखण्ड राज्य कल्याण विभागीय आवासीय विद्यालय शिक्षक (नियुक्ति/प्रोन्नति एवं सेवा शर्त) नियमावली, 2017 में संसोधन की स्वीकृति दी गई। बैठक में झारखण्ड राज्य के जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के क्रम में जनजातीय समुदाय के आदिवासी संस्कृति एवं कला केन्द्र/मांझी हाउस, मानकी मुण्डा हाउस, परगना हाउस एवं धुमकड़िया हाउस निर्माण योजना का नाम परिवर्तित कर आदिवासी संस्कृति एवं कला केन्द्र/मांझी भवन, मानकी मुण्डा भवन, पड़हा भवन, परगना भवन, धुमकड़िया भवन एवं गोसाड़े निर्माण तथा मांझी थान शेड निर्माण योजना करने एवं योजना की रूप-रेखा एवं कार्यान्वयन की प्रक्रिया में संशोधन करने की स्वीकृति भी दी गई। झारखण्ड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

Published / 2022-02-12 19:02:25
झारखंड : जल्द खुलेंगे छोटे बच्चों के स्कूल

टीम एबीएन, रांची। कोरोना महामारी की रफ्तार को देखते हुए राज्य के 17 जिलों में जूनियर और सीनियर बच्चों के लिए स्कूल खोल दिए गए हैं। लेकिन अभी-भी रांची समेत सात जिलों में 9वीं से लेकर 12वीं तक के क्लास संचालित हो रही है। हालांकि शिक्षा मंत्री की ओर से संकेत मिले हैं कि 15 फरवरी के बाद नर्सरी से लेकर आठवीं कक्षा तक स्कूल खोल दिए जाएंगे। शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा है कि अब राज्य के 7 जिलों में भी जूनियर से लेकर सीनियर बच्चों के लिए स्कूल खोल दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे अब कोरोना के केस कम हो रहे हैं। आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से इसे लेकर निगरानी भी रखी जा रही है। 15 फरवरी को आपदा प्रबंधन विभाग की एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की गयी है। इस बैठक के बाद रांची, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, चतरा, देवघर, सरायकेला, खरसावां और सिमडेगा में नर्सरी से लेकर कक्षा 8 तक के स्कूल खोल दिए जाएंगे। फिलहाल इन जिलों में नौवीं से बारहवीं तक के स्कूल चल रहे हैं। वहीं उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज भी खोले गए हैं। शिक्षा विभाग की ओर से आपदा प्रबंधन विभाग को इस मामले को लेकर एक प्रस्ताव भी भेजा गया है। मुख्यमंत्री को भी इससे अवगत कराया गया है। फिलहाल अभिभावकों की ओर से लिखित पत्र मिलने के बाद ही स्कूलों की ओर से बच्चों को एंट्री दिया जा रहा है। अभिभावकों का कंसर्न लेटर स्कूलों को उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है। हालांकि ऐसे कई प्राइवेट स्कूल हैं जहां ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की व्यवस्था रखी गयी है। जो बच्चे या जिनके अभिभावक स्कूल नहीं भेजना चाहते हैं। उनके लिए ऑनलाइन व्यवस्था के तहत क्लासेस संचालित हो रही है। दूसरी और सभी स्कूलों में कोरोना महामारी का गाइडलाइन का ख्याल भी रखा जा रहा है। उसी के तहत स्कूलों में बच्चों का पठन-पाठन सुचारु किया गया है।

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