एबीएन डेस्क। दोपहिया वाले बीपीएल के लिए हर महीने 10 लीटर पेट्रोल पर 25 रुपये की सब्सिडी पाना आसान नहीं होगा। राज्य सरकार ने छूट को लेकर शनिवार को जो दिशा-निर्देश जारी किए हैं, उससे इसका पता चलता है। शनिवार को जिला प्रशासन तक यह सूचना एक फ्लो चार्ट के माध्यम से पहुंची। इस योजना के लाभुक मोबाइल एप के माध्यम से आवेदन करेंगे। आवेदक को राज्य के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम अथवा राज्य खाद्य सुरक्षा योजना का राशन कार्डधारक होना चाहिए। राशन कार्ड में परिवार के सभी सदस्यों का सत्यापित आधार नंबर अंकित होना चाहिए। आवेदक के आधार से जुड़ा बैंक अकाउंट नंबर और मोबाइल नंबर अपडेट होना चाहिए। आवेदक के वाहन का निबंधन उसी के नाम से होना चाहिए। उसका दोपहिया झारखंड में निबंधित होना चाहिए। आवेदन करते समय अपना राशन कार्ड एवं आधार नंबर एप में डालना होगा, उसके बाद उसके आधार सीडेड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। ओटीपी सत्यापन के उपरांत राशन कार्ड में अपना नाम सेलेक्ट कर ड्राइविंग लाइेंसस नंबर डालना होगा। इसमें बताया गया है कि वाहन का नंबर डीटीओ की लॉगइन में जाएगा, जिसे वे सत्यापित करेंगे। सत्यापन के पश्चात सूची जिला आपूर्ति पदाधिकारी (डीएसओ) के लॉगइन में चली जाएगी। उपायुक्त की स्वीकृति के उपरांत डीएसओ द्वारा बिल ट्रेजरी में जमा किया जाएगा। ट्रेजरी बिल पास कर डीएसओ के पीएफएमएस खाते में पूरी राशि हस्तांतरित कर देगा। इसके बाद डीएसओ अपने पीएफएमएस लॉगइन से लाभुकों को डीबीटी के माध्यम से लाभुक के आधार सीडेड बैंक खाता में राशि भेज देंगे। यदि आवेदक के आधार से बैंक खाता सीडेड नहीं है तो राशन कार्ड सीडेड बैंक खाता में राशि भेजी जाएगी।
एबीएन डेस्क। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कोविड-19 प्रबंधन पर हुई बैठक में कहा कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र के ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ बेहतर प्रबंधन के जरिए महामारी की पहली-दूसरी लहर को काफी हद तक काबू किया था और तीसरी लहर के लिए भी आवश्यक तैयारियां की है। सोरेन ने कहा, तीसरी लहर को नियंत्रित करने के लिए सभी आवश्यक और ठोस कदम उठाए जा रहे हैं और सरकार के इन्हीं कदमों की वजह से तीसरी लहर में राज्य में अफरातफरी नहीं है। सरकार द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री के साथ कोविड प्रबंधन पर मुख्यमंत्रियों की वर्चुअल बैठक में सोरेन ने कहा कि जिस तरह से कोविड मरीजों की संख्या बढ़ रही है, हमें बेहद सतर्क और सावधान रहने की जरूरत है। लोगों से टीका लगवाने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, कोविड से निपटने के लिए टीका सबसे बड़ा हथियार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल- कॉलेज, जिम, पार्क समेत वैसे सभी संस्थान और सार्वजनिक स्थल बंद कर दिए गए हैं जहां से संक्रमण के फैलने का खतरा ज्यादा है। उन्होंने कहा, पिछड़ापन और भौगोलिक क्षेत्र जटिल होने के कारण झारखंड में कोविड-19 टीकाकरण में थोड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। लेकिन, बेहतर रणनीति बनाकर जांच में तेजी लाने के साथ ज्यादा से ज्यादा लोगों का टीकाकरण करने का कार्य तेज गति से चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि टीकाकरण में तेजी लाने के लिए 150 मोबाइल टीकाकरण वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
एबीएन डेस्क। झारखंड में कोरोना संक्रमण को देखते हुए राज्य में जारी पाबंदी एक सप्ताह के लिए बढ़ाये जाने की संभावना है। शनिवार 15 जनवरी को इस संबंध में आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से गाइडलाइन जारी होगी। मिली जानकारी के अनुसार हेमंत सरकार कोरोना संक्रमण दर की समीक्षा करने के बाद गाइडलाइन जारी करेगी। गुरुवार को पीएम मोदी की समीक्षा बैठक के दौरान केन्द्र द्वारा दिये गए सुझाव को भी ध्यान में रखकर सरकार गाइडलाइन जारी करने जा रही है। राज्य में तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 3 जनवरी को आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक हुई थी। बैठक में कोरोना के नये वैरिएंट ओमीक्रोन के खतरा और संक्रमण की समीक्षा करते हुए सरकार ने शैक्षणिक संस्थान को बंद करने, सरकारी और निजी संस्थान में 50 फीसदी क्षमता के साथ काम करने, अंत्येष्टि और शादी विवाह में अधिकतम 100 लोग ही शामिल होने और रात 8 बजे के बाद बार, रेस्टोरेंट और मेडिकल को छोड़कर अन्य सभी दुकानें बंद रखने का फैसला लिया था। 15 जनवरी तक सरकार ने कई पाबंदियां लगाई गई थी। सभी पार्क, स्विमिंग पूल, जिम, चिड़ियाघर, पर्यटन स्थल, खेल स्टेडियम 15 जनवरी 2022 तक पूर्णत: बंद रहेंगे। स्कूल, कॉलेज, कोचिंग इंस्टीट्यूट 15 जनवरी 2022 तक बंद रहेंगे, परंतु इन संस्थानों में 50% क्षमता के साथ प्रशासनिक कार्य होंगे। सिनेमा हॉल, रेस्टोरेंट, बार एवं शॉपिंग मॉल 50% क्षमता के साथ खुलेंगे। रेस्टोरेंट, बार एवं दवा दुकानें अपने नॉर्मल समय पर बंद होंगे, बाकी सभी दुकानें रात्रि 8 बजे तक ही खुली रहेंगी। आउटडोर आयोजन में अधिकतम एक सौ लोग शामिल हो सकेंगे। इनडोर आयोजनों में कुल क्षमता का 50% या 100 दोनों में से जो कम हो, क्षमता के साथ आयोजन हो सकेंगे। सरकारी एवं निजी संस्थानों के कार्यालय 50% क्षमता के साथ खुले रहेंगे। बायोमेट्रिक अटेंडेंस पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा राज्य में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी अनिवार्य स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता के साथ दुरुस्त करने को कहा गया था जिससे किसी भी परिस्थिति में निपटा जा सके। राज्य सरकार ने स्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य के सभी जिलों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दे रखा है।
एबीएन डेस्क। झारखंड सरकार चार लाख राशन कार्ड रद्द करेगी। ये चार लाख वैसे राशन कार्डधारी हैं, जिन्होंने पिछले आठ से 10 महीने के दौरान राशन का उठाव ही नहीं किया। झारखंड सरकार के वित्त एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने यह जानकारी दी है। डॉ उरांव ने अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार इसके पहले एक लाख राशन कार्ड रद्द कर चुकी है। चार लाख राशन कार्ड रद्द करने पर यह आंकड़ा पांच लाख हो जाएगा। खाद्य आपूर्ति मंत्री ने बताया कि इनके अलावा 65 हजार ऐसे कार्डधारियों की भी समीक्षा की जा रही है, जो लोग गरीबी रेखा से नीचे नहीं आते हैं। लेकिन उन्हें इस योजना के तहत राशन कार्ड उपलब्ध कराया गया है। ये ऐसे लाभुक हैं जो 100 से लेकर 200 क्विंटल तक धान बेचते हैं। ऐसे में इन कार्डधारियों को इस श्रेणी में रखना उचित नहीं होगा। इनके राशन कार्ड भी वापस लिए जाएंगे। डॉ उरांव ने कहा कि कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को देखते हुए जीवन और जीविका को आगे बढ़ाना है और आर्थिक गतिविधियां चालू रहेगी। नौ जनवरी को ओडिशा की अर्थव्यवस्था एवं राजस्व संग्रहण को देखने के लिए जाना था, लेकिन कोरोना महामारी की वजह से नहीं जा सके। लेकिन, सरकार अध्ययन कर रही है। 65 हजार ऐसे कार्डधारियों की भी समीक्षा की जा रही है, जो लोग गरीबी रेखा से नीचे नहीं आते हैं
एबीएन डेस्क। झारखंड में कोरोना मरीजों की संख्या में हो रही वृद्धि के साथ ही अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। बीते 13 दिनों में राज्य के अस्पतालों में लगभग 10 गुना मरीज बढ़े हैं। 31 दिसंबर को जहां 137 मरीज ही भर्ती थे वहीं मंगलवार को अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या 1191 हो गई। गुरुवार को यह संख्या 1322 पर पहुंच गयी है। अभी भी करीब 31 हजार मरीज होम आयसोलेशन में हैं। प्रतिशत के लिहाज से देखें तो 31 दिसंबर को राज्य में एक्टिव मरीजों के लगभग 7 प्रतिशत (137) अस्पतालों में भर्ती थे, बाकी होम आयसोलेशन में थे। रविवार को यह प्रतिशत 8 पर पहुंच गया था। बीते मंगलवार को राज्य भर के अस्पतालों में महज 4.10 प्रतिशत मरीज ही भर्ती थे। राज्य में जनवरी के 13 दिनों में कोरोना के 43787 नए मरीज मिले हैं। जिसमें से 13494 स्वस्थ हो चुके हैं। जबकि, इसी अवधि में 45 की मौत भी हुई। राज्य में 31 दिसंबर को एक्टिव मरीजों की संख्या 2002 थी, जो 13 दिसंबर को 32250 पहुंच चुकी है। यानी बीते 13 दिनों में एक्टिव मरीजों की संख्या 16.10 गुना बढ़ी है। दिसंबर में राज्यभर में रोज औसतन 30 हजार सैंपलों की जांच हो रही थी। जो 70 हजार पहुंच चुकी है। बावजूद पेंडिंग सैंपलों की संख्या जीरो नहीं हो रही है। 31 दिसंबर को 4316 सैंपलों की जांच पेंडिंग थी। 13 जनवरी भी भी राज्य में 9077 सैंपलों की जांच पेंडिंग है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। लोकसभा सचिवालय ने 17वीं लोकसभा के आठवें सत्र के आयोजन और अवधि की घोषणा कर दी है। इस संबंध में शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार लोकसभा का आठवां सत्र 31 जनवरी 2022 से प्रारंभ होगा। इसके आठ अप्रैल को संपन्न होने की संभावना है। विज्ञप्ति में कहा गया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) को एक साथ 31 जनवरी की सुबह संबोधित करेंगे। इसके अलावा केंद्रीय बजट एक फरवरी 2022 को प्रस्तुत किया जाएगा। स्थायी समितियों को मंत्रालयों/विभागों की मांगों पर विचार करने और अपनी रिपोर्ट तैयार करने का समय देने के लिए सदन 11 फरवरी को स्थगित होगा और 14 मार्च को फिर आयोजित होगा।
एबीएन डेस्क। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य सरकार से 26 जनवरी 2022 से राज्य में राशन कार्डधारी परिवार जिनके पास बाइक, स्कूटी अथवा अन्य दो पहिया वाहन है, लेकिन पेट्रोल महंगा होने के कारण नहीं भरा पा रहे हैं उन्हें पेट्रोल की खरीद पर प्रति लीटर 25 रुपए छूट देने की योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए कार्य प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने आज पदाधिकारियों से कहा कि पेट्रोल के दाम बढ़ने के कारण सबसे अधिक असर गरीब, मजदूर, किसान और मध्यम वर्ग के परिवारों को हुआ है। राज्य सरकार का प्रयास है कि झारखंड में गरीब, मजदूर, किसान और मध्यम वर्ग के लोगों को पेट्रोल की बढ़ती महंगाई से राहत दी जाए। मुख्यमंत्री ने पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि संबंधित सभी विभाग बेहतर समन्वय बनाकर जल्द एक तंत्र विकसित करें, जिससे हम आगामी 26 जनवरी से पात्र लोगों को पेट्रोल की खरीद पर छूट दे सकें। बैठक में राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, खाद्य आपूर्ति व सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग की सचिव हिमानी पांडे, परिवहन सचिव के.के.सोन सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री सोरेन ने समीक्षा बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि खाद्य आपूर्ति विभाग, परिवहन विभाग तथा एनआईसी जल्द एक ऐप्प बनाए जिससे लोगों को पेट्रोल की खरीद पर प्रति लीटर 25 रुपए की राशि उनके बैंक खाते में सब्सिडी के रूप में जमा हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक गरीब परिवार को हर महीने अधिकतम 10 लीटर तक की पेट्रोल की खरीद पर प्रति लीटर 25 रुपए अधिकतम 250 रुपए सब्सिडी दी जाए। मुख्यमंत्री ने इस योजना के सफल संचालन के लिए बेहतर कार्य योजना बनाते हुए ससमय इसे लागू करने का निर्देश पदाधिकारियों को दिया है।
एबीएन डेस्क (अवंतिका राज चौधरी)। भारतीय सेना के यूनिफॉर्म में यह चौथा बड़ा बदलाव होने वाला है। भारतीय सेना के जवान अब हमें नए कम्बैट यूनिफॉर्म में नजर आएंगे। काफी विचार-विमर्श के बाद इस यूनिफॉर्म को मंजूरी दे दी गई है। इस यूनिफार्म की खासियत यह है कि इसमें डिजिटल पैटर्न होंगे, जिस प्रकार अमेरिकी सेना के यूनिफॉर्म में होते हैं। सबसे खास बात यह है कि इस यूनिफॉर्म में कैमोफ्लाज (यानी ऐसा कलर और पैटर्न जिससे एकदम नजर में ना आए और छिपने में मदद मिले) का इस्तेमाल किया गया है। सेना अधिकारियों का मानना है की इस यूनिफार्म को पहनकर हमारे जवान दुश्मनों से लोहा लेने में और अधिक सक्षम होंगे। इस नए लड़ाकू वर्दी को बनाने में सेना ने नेशनल इंस्टिट्यूट आॅफ फैशन टेक्नोलॉजी (एनआइएफटी) की सहायता ली है। एनआइएफटी, 13 लाख सैनिकों के लिए यह यूनिफार्म तैयार करेगा। इस यूनिफॉर्म को क्लाइमेट फ्रेंडली बनाया गया है। इसे बनाने से पहले कई सुझाव लिए गए, जवानों की पोस्टिंग एरिया की जलवायु परिस्थिति के अनुकूल बनाया गया है। यह वर्दी गर्मी- सर्दी मौसम में जवानों को आराम देगा। सूत्रों के अनुसार इस वर्दी को टक इन नहीं करना होगा, बेल्ट शर्ट के नीचे होगी। इसे जवानों के कंफर्ट लेवल को देखते हुए डिजाइन किया गया है। यह वर्दी जवान अगले साल 15 जनवरी यानी सेना दिवस के परेड में पहनेंगे। गणतंत्र दिवस की परेड भी इसी यूनिफार्म में होगी। गणतंत्र दिवस के परेड में आजादी से पहले से अब तक के सभी आर्मी के वर्दी और हथियारों को प्रदर्शित किया जाएगा।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse