एबीएन डेस्क। प्रखंड मुख्यालय स्थित सीएचसी में रविवार को पल्स पोलियो अभियान प्रमुख महतो भगत, उपप्रमुख डीकेआर, मुखिया सुशांति भगत, बीडीओ डॉ प्रवीण कुमार और सीओ सुमंत तिर्की ने संयुक्त रूप से बच्चों को पोलियोरोधी दवा पिलाकर किया। प्रमुख महतो भगत ने कहा कि सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाना जरूरी है। यदि एक भी बच्चा छूट जाता है तो सुरक्षा चक्र टूट जाता है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुमित्रा कुमारी ने बताया कि शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को शत-प्रतिशत टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए प्रखंड के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों, बाजार- हाट, बस स्टैंड और सभी पीएचसी केंद्रों सहित 239 केंद्रों में पल्स पोलियो का टीकाकरण किया जा रहा है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड की नई खेल नीति को लेकर कवायद तेज कर दी गई है। खेल विभाग ने विभिन्न विभागों से नई खेल नीति के ड्राफ्ट पर सुझाव मांगे हैं। सुझावों को शामिल करने के बाद नई खेल नीति पर कैबिनेट की स्वीकृति ली जाएगी। इसके बाद खेलकूद के लिये बेहतर और प्रतियोगी वातावरण बनाने के लिये नई खेल नीति लागू की जाएगी। राज्य में खेल को बढ़ावा देने, खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और उनके सम्मानजनक जीवन और सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते नई खेल नीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। दिव्यांग खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। नई खेल नीति में खिलाड़ियों को पेंशन, जिला विकास स्पोर्ट्स क्लब बनाने का प्रावधान किया जाएगा। हर पंचायत में क्लब, पंचायतों में खेल को प्रोत्साहित करने के लिए 25 हजार रुपये आवंटित करने को लेकर भी तैयारी की जा रही है। इससे पंचायत स्तर पर खेलों के आयोजन में सहूलियत होगी। नई खेल नीति के माध्यम से राज्य में पंचायत स्तर से राज्य स्तर तक खेलकूद के लिए वातावरण तैयार किया जाएगा। खिलाड़ियों को जरूरी संसाधन-सुविधाएं और समान अवसर दिया जाएगा। नई नीति के माध्यम से खेल संस्कृति को बढ़ावा, खेलकूद क्षमता का विस्तार, जीवन कौशल शिक्षा एवं प्रोत्साहन, उद्योग जगत को खेल के क्षेत्र में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ खेल संरचना का विकास किया जाएगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूक्रेन में रूस की सैन्य कार्रवाई के बाद उपजी स्थिति को देख भारतीय वायुसेना ब्रिटेन में अगले महीने होने वाले कई देशों के "कोबरा वारियर अभ्यास" में हिस्सा नहीं लेगी। यह अभ्यास ब्रिटेन में 06 से 27 मार्च तक होना था और इसमें स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमान अन्य देशों के विमानों के साथ भारतीय वायु सेना का प्रतिनिधित्व करने वाला था। वायुसेना ने शनिवार को एक ट्वीट कर कहा कि हाल के घटनाक्रम को देखते हुए वह इस अभ्यास में हिस्सा नहीं ले रही है। वायुसेना ने कहा, हाल की घटनाओं को देखते हुए वायु सेना ने निर्णय लिया है कि वह ब्रिटेन में होने वाले "कोबरा वारियर अभ्यास" में हिस्सा लेने के लिए अपने विमान नहीं भेजेगी। पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार अभ्यास में हिस्सा लेने के लिए पांच तेजस लड़ाकू विमानों को ब्रिटेन जाना था। इस अभ्यास में तेजस को अपनी करतबबाजी तथा मारक क्षमता का अन्य देशों की वायु सेना के समक्ष प्रदर्शन करने का अवसर मिला था। उल्लेखनीय है कि यूक्रेन में रूस की सैन्य कारर्वाई से दुनिया भर में सामान्य स्थिति प्रभावित हुई है तथा अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। ओल्ड एनएच-33 से रामगढ़ शहर को रांची-हजारीबाग से जोड़ने वाले बिजुलिया के पास निर्माणाधीन आरओबी पर अप्रैल महीने से गाड़ियां दौड़ने लगेंगी। इस आरओबी का 80 प्रतिशत से अधिक का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। यह रोड ओवर ब्रिज 16 करोड़ 29 लाख के लागत से टू लेन के 400 मीटर लंबाई में बन रहा है। कंस्ट्रक्शन कंपनी साहिल प्रोजेक्ट एंड प्लानिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के प्रतिनिधि तस्कीन अहमद ने बताया कि मार्च के अंत तक आरओबी बन कर तैयार हो जायेगा। अप्रैल से इस आरओबी पर गाड़ियां दौड़ना शुरू कर देगी। उन्होंने बताया कि बगल के पुराने रेलवे पुल को तोड़ दिया जाएगा। आरओबी के दोनों तरफ पैदल चलने वाले राहगीरों के लिए फुटपाथ भी बनाया जा रहा है। बिजुलिया में संकरा और जर्जर रेलवे पुल होने के कारण अक्सर यहां घंटों जाम लगा रहता है। इसके कारण लोगों को रांची- हजारीबाग और रामगढ़ शहर आने-जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बिजोलिया में लगने वाले जाम के कारण लोगों को राजधानी रांची-हजारीबाग-रामगढ़ शहर आने-जाने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ती है। स्थानीय राजनाथ यादव ने बताया कि वर्षों से रामगढ़ में रह रहा हूं, जाम के कारण काफी परेशानी होती रही है। इस आरओबी के बन जाने से रामगढ़वासियों को काफी सहूलियत होगी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने आज यहां कहा कि उनकी सरकार राज्य में वर्ष 2024 तक कुल 5923320 ग्रामीण घरों तक नल से जल पहुंचाने के लक्ष्य पर तेजी से काम कर रही है और अब तक 1089904 घरों तक ग्रामीण घरों में यह सुविधा पहुंचा दी गयी है। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने कहा, उनकी सरकार झारखंड के ग्रामीण घरों में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए तत्परता से काम कर रही है और 2024 तक कुल 59,23,320 ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य है। अब तक 10,89,904 घरों में यह सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। उन्होंने करीब 45 मिनट के अपने अभिभाषण में कहा कि राज्य के सुदूर ग्रामीण टोला में जलापूर्ति की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 4374 पंचायतों में पांच नलकूप प्रति पंचायत स्थापित करने की कार्रवाई की जा रही है। शहरों और गांवों के बीच की दूरी को कम करने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक 4533 ग्राम पंचायतों तक आॅप्टिकल फाइबर केबल की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण के दौरान अपनी सरकार की तमाम उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने कृषि ऋण माफी योजना के तहत अब तक दो लाख से ज्यादा किसानों के खातों में 836।57 करोड़ रुपये स्थानांतरित कर चुकी है। रमेश ने बताया कि राज्य में युवक-युवतियों को सॉफ्ट स्किल की नि:शुल्क ट्रेनिंग दी जा रही है और इस साल से राज्य के बेरोजगार अध्ययनरत युवकों और युवतियों के लिए मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना शुरू की जा रही है। राज्यपाल ने बताया कि उनकी सरकार झारखंड असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत श्रमिकों के कल्याण के लिए पांच योजनाएं चला रही है। राज्य में रेशम उत्पादन से जुड़े बुनकरों और शिल्पकारों को उन्नत प्रशिक्षण दिया जा रहा है और रांची में एनआईडी, अहमदाबाद के सहयोग से झारखंड इंस्टीट्यूट आफ क्राफ्ट एंड डिजाइन संस्थान की स्थापना की जा रही है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में सुपर स्पेशियलिटी सुविधा होने के बड़े बड़े दावे किए जाते हैं। लेकिन हकीकत बिल्कुल उलट है। रिम्स के डेंटल विभाग में कहने को तो कई आधुनिक मशीन है। लेकिन बिजली के आभाव में ये मशीनें गुरुवार की शाम से शुक्रवार की सुबह तक सिर्फ डेंटल विभाग की शोभा बढ़ाती रही। रिम्स का डेंटल विभाग बिजली की समस्या से जूझ रहा है। इलाज कराने वाले मरीजों को बिजली कटने के कारण घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। 2019 के रिम्स शाषी परिषद की बैठक के दौरान जेनरेटर की खरीदारी की स्वीकृति मिली थी। बावजूद इसके तीन साल बीत गए और जेनरेटर खरीदारी नहीं हो सकी है। डेंटल विभाग में कई अत्याधुनिक मशीनें हैं जिसके संचालन के लिए बिजली की जरूरत पड़ती है। लेकिन आए दिन पावर कट की समस्या से ये मशीनें बेकार साबित हो रही है। वहीं लाइट नहीं रहने की वजह से दूर दराज इलाके से आए मरीज इलाज के लिए डेंटल विभाग में बिजली कटने के कारण ट्रॉमा सेंटर जाकर रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ रहा है। लेकिन इलाज के लिए उन्हें बिजली का इंतजार करना पड़ रहा है। हालांकि मरीजों की परेशानी को देखते हुए रिम्स प्रबंधन की ओर से शुक्रवार को बिजली की समस्या को दूर करने का प्रयास किया गया। लेकिन यह कहना गलत नहीं होगा कि जब तक मजबूत नहीं कराई जाए, तब तक लोगों को ऐसे ही परेशानियों का सामना करते रहना पड़ेगा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन करीब 40 मिनट के अपने अभिभाषण के दौरान राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनायी। राज्यपाल ने कहा कि सरकार ने कृषि ऋण माफी योजना के तहत अब तक 2 लाख से ज्यादा किसानों के खाते में 836 करोड़ 57 लाख की राशि ट्रांसफर की है। झारखंड में पहली बार 2021 में सीड टोकन के माध्यम से बीज वितरण की शुरुआत की गयी। राज्यपाल ने कहा कि सरकार का स्पष्ट मत है कि पारस्परिक चर्चा-परिचर्चा तथा वाद-विवाद लोकतंत्र को और सशक्त बनाते हैं। विरोध के नाम पर किसी भी तरह की हिंसा, समाज और देश को कमजोर करती है, हमे इससे बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य के चतुर्दिक विकास के लिए सरकार वचनबद्ध है, सरकार स्वच्छ, संवेदनशील, पारदर्शी और उत्तरदायी प्रशासन के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। राज्य में शांति व्यवस्था स्थापित हो, उद्योग धंधों का विकास हो और विकास का समुचित लाभ राज्य की जनता को प्राप्त हो, इसके लिए सरकार द्वारा नीतियों में आवश्यक बदलाव लाया गया है। जहां भी अपेक्षित है, नई नीतियों का निर्माण और नियमों-विनियमों में आवश्यक संशोधन भी सरकार कर रही है। राज्यपाल बैस ने कहा कि किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए पूर्व वर्ष की भांति किसानों से अधिप्राप्त धान के 50 प्रतिशत मूल्य का भुगतान 48 घंटे के अंदर किये जाने का प्रावधान है। 61 करोड़ की लागत से समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना सह कृष्ण पाठशाला लागू की गयी है। वहीं पशुपालन की महत्ता को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना की शुरुआत की गयी। पेयजल मानव जीवन की बुनियादी आवश्यकता है, वर्ष 2024 तक 59 लाख 23 हजार ग्रामीण घरों को नल के माध्यम से जलापूर्ति सुनिश्चित कराने के लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 10 लाख 90 हजार से अधिक घरों तक यह सुविधा उपलब्ध करा दी गयी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कोरोना वायरस के संक्रमण के मामलों में आ रही कमी के मद्देनजर शुक्रवार को राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों से सामाजिक, खेल, मनोरंजन, अकादमिक और धार्मिक आयोजनों से जुड़े कार्यक्रमों के लिए कोरोना संबंधित प्रतिबंधों में ढील देने पर विचार करने को कहा। मार्च महीने के लिए कोरोना दिशा-निर्देश जारी करते हुए केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने यह सुझाव भी दिया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा हाल में दिए गए परामर्श के अनुरुप आर्थिक गतिविधियों को शुरु करने के दौरान संक्रमण के खतरे का भी आंकलन करते रहना होगा। गृह मंत्रालय की एडवाइजरी • विभिन्न गतिविधियों में जैसे, सामाजिक, खेल, मनोरंजन, अकादमिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, त्योहार संबंधी जमघट, रात्रिकालीन कर्फ्यू, सार्वजनिक परिवहन माध्यमों का परिचालन, खरीददारी के परिसरों, सिनेमा हॉल, जिम, स्पा, रेस्टोरेंट और बार, स्कूलों, कॉलेजों, कार्यालयों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को शुरु करने में छूट देने पर विचार किया जा सकता है। • सभी राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को भेजे गए दिशा-निर्देशों में केंद्रीय गृह सचिव ने इस बात पर भी जोर दिया कि मास्क पहनना, उचित दूरी का पालन करना, बार-बार हाथ धोते रहना जैसे कोविड प्रबंधन के नियमों का अनुसरण करते रहना होगा। • राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को इसके साथ ही जांच और निगरानी, क्लीनिकल प्रबंधन, टीकाकरण और संक्रमण से बचाव के अनुरूप व्यवहार को भी जारी रखना होगा। भल्ला ने कहा, इसलिए, मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के 18 फरवरी के सुझावों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करें और उचित व्यवहार के नियमों पर जोर दें। बता दें कि भारत में एक दिन में कोविड-19 के 13,166 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 4,28,94,345 हो गई। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 1,34,235 रह गई है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को सुबह आठ बजे जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले 19 दिन से दैनिक मामलों की संख्या एक लाख से कम है। देश में 302 और लोगों की संक्रमण से मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 5,13,226 हो गई। देश में अभी 1,34,235 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 0.31 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 14,124 की कमी दर्ज की गई। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.49 प्रतिशत हो गई है।
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