राज काज

View All
Published / 2022-01-28 14:40:25
झारखंड : शिक्षा मंत्री ने दिये संकेत, जल्द खुलेंगे स्कूल-कॉलेज

टीम एबीएन, रांची। कोरोना की रफ्तार धीमा पड़ते ही झारखंड में स्कूलों को खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने स्कूलों को खोले जाने की बात कहते हुए कहा कि शनिवार को आपदा प्रबंधन सचिव अमिताभ कौशल के साथ बैठक होगी। शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा है कि कोरोना के कारण पिछले 2 वर्ष से राज्य में शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। ऐसे में जल्द ही स्कूलों को खोले जायेंगे। उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्यों में भी स्कूल कॉलेज खोले जा चुके हैं। संक्रमण की रफ्तार अब कम हो रही है। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए सरकार तत्पर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रबंधन के कोरोना गाइडलाइन को भी ध्यान में रखकर स्कूलों को खोलने की तैयारी कर रही है। प्रारंभिक कक्षा से लेकर उच्च वर्ग तक के क्लास शुरू किए जाएंगे। कोरोना संक्रमण को देखते हुए राज्य में 31 जनवरी तक पाबंदी है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक सोमवार यानी 31 जनवरी को होने की संभावना है। इस बैठक में राज्य सरकार कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा करेगी। राहत की बात यह है कि राज्य में संक्रमण की रफ्तार कम हो रही है, जिसे देखते हुए सरकार वर्तमान समय में जारी पाबंदी में ढिलाई दे सकती है। इस बैठक में राज्य सरकार द्वारा शैक्षणिक संस्थानों को फिर से खोलने पर विचार किये जाने की संभावना है। शिक्षा विभाग ने राज्य सरकार को इस संबंध में आग्रह किया है। मैट्रिक-इंटर परीक्षा के अलावे स्कूलों में होनेवाले वार्षिक परीक्षा को ध्यान में रखकर सरकार स्कूलों के खोलने पर फैसला लेने की संभावना है। इसके अलावे शादी विवाह आदि समारोह में 100 के बजाय संख्या बढ़ाने पर सरकार विचार करेगी। रात 8 बजे तक की बाध्यता को भी खत्म होने की संभावना है।

Published / 2022-01-28 09:33:15
बकाया राशि और बिजली कटौती को लेकर डीवीसी चेयरमैन के साथ राज्य सरकार की बैठक

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के प्रोजेक्ट भवन सभागार में बकाया राशि मामले में डीवीसी चेयरमैन और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के बीच बैठक शुरू हो गई है। बैठक में वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव, शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो, डीवीसी के चेयरमैन आरएन सिंह के साथ ऊर्जा विभाग के आला अधिकारी मौजूद हैं।

Published / 2022-01-28 08:04:03
भूतत्व विभाग ने निकाली निविदा, नीलाम होंगे झारखंड के 9 खनिज ब्लॉक

एबीएन डेस्क। लंबे समय से बंद पड़ी माइंस को सरकार ने नीलाम करने का निर्णय लिया है। इसके तहत खान एवं भूतत्व विभाग ने राज्य के 09 माइंस ब्लॉक की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस माइंस ब्लॉक की नीलामी से झारखंड सरकार को बड़ी राशि मिलने की संभावना है। नीलामी प्रक्रिया भारत सरकार के नियमों और प्रावधानों के अनुसार पूरी कराई जाएगी। भूतत्व निदेशालय खान एवं भूतत्व विभाग झारखंड ने खनिजों की नीलामी में भाग लेने के लिए विभिन्न समाचार पत्रों एवं एमएसटीसी के पोर्टल के साथ विभागीय पोर्टल पर निविदा निकाली है। झारखंड में स्थित विभिन्न माइंस ब्लॉक की नीलामी की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिसके तहत 09 माइंस ब्लॉक की नीलामी राज्य सरकार कराएगी। खान मंत्रालय भारत सरकार के निर्धारित नियम एवं प्रावधानों के अनुसार खनिज ब्लॉक की नीलामी की प्रक्रिया भूतत्व निदेशालय खान एवं भूतत्व विभाग झारखंड ने प्रारंभ की है। इसके तहत राज्य के कुल 9 खनिज ब्लॉकों की नीलामी की जाएगी। भूतत्व निदेशालय खान एवं भूतत्व विभाग झारखंड ने खनिजों की नीलामी में भाग लेने के लिए विभिन्न समाचार पत्रों एवं एमएसटीसी के पोर्टल के साथ विभागीय पोर्टल पर निविदा निकाली है। यह प्रक्रिया खान मंत्रालय भारत सरकार से अधिसूचित मिनरल्स (एविडेंस ऑफ मिनरल्स कंटेंट्स) रूल्स, 2015 यथा संशोधित 2021 तथा मिनरल (ऑक्शन ) रूल्स 2015 यथा संशोधित 2021 के तहत की जा रही है। खान एवं भूतत्व निदेशालय के निदेशक बीके ओझा ने बताया कि राज्य सरकार को इन सभी 09 माइंस ब्लॉक से करोड़ों रुपये प्राप्त होंगे। नीलामी में भाग लेने के लिए आवेदन शुल्क 5 लाख रुपये रखे गये हैं। सरकार को माइनिंग शुरू होने पर रॉयल्टी से भारी भरकम रेवेन्यू मिलेगा।

Published / 2022-01-28 04:38:02
31 के बाद पाबंदियों में में ढील की उम्मीद, खुल सकते हैं शैक्षणिक संस्थान...

टीम एबीएन, रांची। कोरोना के नये वैरिएंट के संक्रमण के मद्देनजर राज्य सरकार ने 31 जनवरी तक पाबंदी लगा रखी है। संक्रमण की रफ्तार में कमी को देखते हुए राज्य सरकार पाबंदियों में ढिलाई पर विचार कर रही है, जिसके तहत शैक्षणिक संस्थानों को खुलने की संभावना है। इसको लेकर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक सोमवार यानी 31 जनवरी को होने की संभावना है। इस बैठक में राज्य सरकार कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा करेगी। राज्य में संक्रमण की रफ्तार कम हो रही है, जिसे देखते हुए सरकार वर्तमान समय में जारी पाबंदी में ढिलाई दे सकती है। इस बैठक में राज्य सरकार की ओर से शैक्षणिक संस्थानों को फिर से खोलने पर विचार किये जाने की संभावना है। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में राज्य सरकार से आग्रह किया है। मैट्रिक-इंटरमीडिएट परीक्षा के अलावा स्कूलों में होनेवाली वार्षिक परीक्षा को ध्यान में रखकर सरकार स्कूलों के खोलने पर फैसला लेने की संभावना है। इसके अलावा शादी विवाह आदि समारोह में 100 के बजाय संख्या बढ़ाने पर सरकार विचार करेगी। रात 8 बजे तक की बाध्यता को भी खत्म होने की संभावना है। राज्य में तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 3 जनवरी को आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक हुई थी। बैठक में कोरोना के नये वैरिएंट ओमीक्रॉन के खतरे और संक्रमण की समीक्षा की गई थी। इसी दौरान सरकार ने शैक्षणिक संस्थान को बंद करने, सरकारी और निजी संस्थान में 50 फीसदी क्षमता के साथ काम करने, अंत्येष्टि और शादी विवाह में अधिकतम 100 लोगों के ही शामिल होने और रात 8 बजे के बाद बार, रेस्टोरेंट और मेडिकल को छोड़कर अन्य सभी दुकानें बंद रखने का निर्णय लिया था। इसके बाद सरकार ने पाबंदी को 31 जनवरी तक बढ़ा दिया था।

Published / 2022-01-27 17:27:48
हाईकोर्ट में हुई जेएसससी की संशोधित नियमावली को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई

एबीएन डेस्क। जेएसससी की संशोधित नियमावली को चुनौती देने वाली याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत ने इस बात को लेकर कड़ी नाराजगी जताई कि जब अदालत ने 21 दिसंबर 2021 तक सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था तो इस मामले में अब तक जवाब क्यों नहीं दाखिल किया गया। साथ ही न्यायालय ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि संशोधित नियमावली असंवैधानिक प्रतीत होती है। न्यायालय ने इसपर विस्तृत सुनवाई के लिए 8 फरवरी की तिथि मुकर्रर की है। अदालत ने माना कि इस तरह के नियम बनाने के पीछे सरकार की मंशा समझ में नहीं आ रही है कि आखिर आनारक्षित श्रेणी को राज्य से बाहर पढ़ने पर रोक क्यों लगाई गई है और आरक्षित श्रेणी को इससे छूट दी गई है। अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि इस मामले में सरकार जवाब दाखिल करने की बजाय नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है, तो क्यों नहीं अदालत इन सारी नियुक्तियों पर रोक लगा दे। इस पर सरकार की ओर से अंतिम मौका दिए जाने का आग्रह किया गया, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। मामले में अगली सुनवाई आठ फरवरी को निर्धारित की है। सुनवाई के दौरान प्रार्थी की अधिवक्ता अपराजिता भारद्वाज ने अदालत को बताया कि कोर्ट ने एक दिसंबर को आदेश दिया था कि सरकार 21 दिसंबर 2021 से पहले इस मामले में अपना जवाब दाखिल कर दें। लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया है।

Published / 2022-01-27 17:18:58
सीएम हेमंत सोरेन से मिलीं भारतीय इस्पात प्राधिकरण की चेयरमैन सोमा मंडल

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से आज भारतीय इस्पात प्राधिकरण की चेयरमैन सोमा मण्डल ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोल इंडिया की तर्ज पर सेल प्रबंधन भी स्थानीय विस्थापितों को एक करोड़ रुपये तक की निविदा में प्राथमिकता दे। उन्होंने कहा राज्य सरकार बोकारो को एजुकेशन हब बनाना चाहती है। ऐसे में सेल पुराने स्कूल की आधारभूत संरचनाओं को राज्य सरकार को हस्तांतरित कर दें। ताकि इस दिशा में सरकार आगे कदम बढ़ा सके। सेल की चेयरपर्सन ने इस दिशा में सकारात्मक पहल करने की बात मुख्यमंत्री से कही। इस अवसर पर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, उद्योग सचिव पूजा सिंघल उपस्थित थे।

Published / 2022-01-26 17:25:34
31 के बाद खुल जाएंगे राज्य के सभी स्कूल : जगरनाथ महतो

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा है कि 31 जनवरी 2022 के बाद राज्य के सभी स्कूल खुलवा दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्कूलों के बंद होने से बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। सरकारी स्कूलों के सभी बच्चों की आनलाइन कक्षाएं भी नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमण की समीक्षा कर स्कूलों के खोलने की कार्यवाही की जाएगी। हालांकि स्कूलों के खोलने का अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में लिया जाएगा। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग इसे लेकर प्राधिकार को अपना प्रस्ताव देगा। शुरू में माध्यमिक व उच्च माध्यमिक कक्षाओं के लिए स्कूल खुल सकते हैं। खासकर मैट्रिक तथा इंटरमीडिएट की परीक्षाओं को लेकर इन कक्षाओं के लिए स्कूल खोलना आवश्यक बताया जा रहा है। बता दें कि वर्तमान लहर के पूर्व कोरोना के घटते संक्रमण को देखते हुए कक्षा छह से ऊपर की कक्षाओं के लिए स्कूल खुल रहे थे। इस बीच स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने कक्षा एक से पांच के लिए भी स्कूल खोलने का दो-दो बार प्रस्ताव राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार को भेजा था। हालांकि इसकी स्वीकृति नहीं मिल पाई थी। राज्य सरकार ने 31 जनवरी तक के लिए लगाई है रोक : राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार ने पहले 15 जनवरी 2022 तक स्कूलों के खुलने पर रोक लगाई थी। अब इसे 31 जनवरी 2022 तक बढ़ा दिया गया है। ऐसे में 30 या 31 जनवरी 2022 को होनेवाली राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में इसपर स्वीकृति मिल सकती है। हालांकि बैठक में कोरोना के वर्तमान संक्रमण की स्थिति की समीक्षा के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।

Published / 2022-01-26 16:49:56
झारखंड : मॉडल स्कूलों में नियुक्त होंगे 1335 शिक्षक, बनी नियमावली

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी है। दरअसल, झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार राज्य के 89 मॉडल स्कूलों में संविदा के आधार पर 1335 शिक्षकों की नियुक्ति करने जा रही है। स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए वित्त विभाग से भी स्वीकृति मिल गयी है। फिलहाल, राज्य सरकार मॉडल स्कूलों में अनुबंध के आधार पर ही शिक्षकों की नियुक्ति करेगा, जिसके के लिए शिक्षकों को एक तय राशि दी जाएगी। मॉडल स्कूलों में इंग्लिश में पढ़ाई होती है, ऐसे में इन स्कूलों के लिए इंग्लिश मीडियम में पढ़ाने वाले शिक्षकों की ही नियुक्ति की जाएगी। बताया जाता है कि इन मॉडल स्कूलों में केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर शिक्षकों की नियुक्ति होगी। नियुक्ति नियमावली हो चुकी है तैयार : मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार झारखंड के मॉडल मॉडल स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए नियमावली भी तैयार की जा चुकी है। इसके साथ ही नियुक्ति प्रक्रिया की अधियाचना राज्य कर्मचारी चयन आयोग को भेजी जानी है। बता दें, मॉडल स्कूलों में छात्रावास का भी निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए हर स्कूल में करीब 2.5 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसका प्रस्ताव भी राज्य योजना प्राधिकृत समिति को भेजा गया दिया गया है। वहीं इसके अलावा 71 करोड़ की राशि से मॉडल स्कूलों में बेंच-डेस्क, टेबल, लाइब्रेरी, प्रयोगशाला समेत आईसीटी लैब आदि की भी व्यवस्था की जाएगी। जानकारी के अनुसार राज्य में 51 मॉडल स्कूलों का भवन बन चुका है। वहीं 33 भवनों में निर्माण कार्य जारी है। मॉडल स्कूलों में नहीं है स्थायी शिक्षक : राज्य के मॉडल स्कूलों में राज्य के मॉडल स्कूलों में स्थायी शिक्षक नहीं हैं। 2011 के बाद इन स्कूलों की स्थापना की गई थी। अंग्रेजी में पढ़ाने वाले घंटी आधारित शिक्षक इसमें रखे गए थे। सरकारी स्कूलों के वैसे शिक्षक जो अंग्रेजी में पढ़ाने में सक्षम थे उन्हें भी प्रतिनियुक्त किया गया था। बताया जाता है कि 2016 में इन स्कूलों के लिए शिक्षकों के पद सृजित किये गये थे। हर मॉडल स्कूल में 20 शिक्षकों की नियुक्ति करनी थी, लेकिन आज तक उन पदों पर नियुक्ति नहीं की गई।

Page 310 of 330

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse