एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय देशभर के कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पतालों के लिए 5000 डॉक्टरों की नियुक्ति करेगा। साथ ही मानेसर औद्योगिक क्षेत्र में 600 करोड़ की लागत से सुपर स्पेशियल्टी अस्पताल बनाएगा। श्रम मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि यह नियुक्ति लंबित पदों के आधार पर की जाएगी और अस्पतालों को अधिक क्षमता के साथ ज्यादा से ज्यादा श्रमिकों की सेवा के लायक बनाया जाएगा। वर्तमान में 3.5 करोड़ उद्योग श्रमिकों को ईएसआईसी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाती हैं। उन्होंने बताया कि 5,000 से अधिक डॉक्टरों की भर्ती साल के अंत तक कर ली जाएगी। इसकी प्रक्रिया तेजी से चल रही है। साथ ही उन्होंने बताया कि रविवार को वह हरियाणा के मानेसर में 500 बिस्तर वाले सुपर स्पेशियल्टी अस्पताल शुरू करने का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। कई अन्य राज्यों में भी ईएसआईसी अस्पताल बनाने की लंबित परियोजनाओं में तेजी लाई जाएगी और समय पर इन्हें पूरा करने के लिए डिजिटल डैशबोर्ड लगाए गए हैं।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची में अपराधिक वारदातों को अंजाम देकर फरार होने वाले अपराधियों पर नकेल कसने के लिए शहर भर में ड्रॉप गेट बनवाए जाएंगे। रांची पुलिस ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी है। पुलिस की योजना है कि अगर राजधानी में किसी अपराध को अंजाम देकर अपराधी फरार होने की कोशिश करें तो वायरलेस पर सूचना मिलते ही सभी ड्रॉप गेट को बंद कर उनकी तलाश शुरू कर दी जाए। योजना पर काम करने के लिए रांची के सिटी एसपी सौरभ ने शहर के सभी थानेदारों के साथ महत्वपूर्ण बैठक भी की। क्या है मामला : नई योजना के तहत रांची पुलिस की ओर से शहर में अपराध नियंत्रण के लिए ड्रॉप गेट बनाया जाएगा। इस ड्रॉप गेट के पास पुलिसकर्मी की भी तैनाती होगी। इसके लिए सभी थानेदारों से ड्रॉप गेट बनाने के लिए स्थल को चिह्नित कर प्रस्ताव मांगा गया है। इसे लेकर सिटी एसपी सौरभ ने शनिवार को थानेदारों के साथ बैठक की। सिटी एसपी ने थानेदारों से कहा कि आपराधिक घटना को अंजाम देकर अपराधी कोई न कोई रास्ता पकड़कर भाग जाते हैं। ऐसे अपराधियों को दबोचने के लिए ड्रॉप गेट बनाना जरूरी है। उन्होंने थानेदारों से कहा कि वे ऐसे स्थल को चिह्नित करें, जो क्राइम स्पॉट है। उसके आसपास के रास्तों को बताएं, जिन रास्तों से अपराधी भागते हैं। उन रास्तों में ड्रॉप गेट बनाया जाएगा। सिटी एसपी ने थानेदारों को निर्देश दिया है कि वे एक सप्ताह के भीतर ड्रॉप गेट की सूची उपलब्ध कराएं, ताकि इस पर आगे की कार्रवाई की जा सके। सिटी एसपी ने कहा है कि शहर में 50 से अधिक जगहों पर ड्रॉप गेट बनाया जाएगा। बैठक में शहर के कई थानेदार शामिल थे। शहर के सभी मार्गों में स्थित प्रतिष्ठानो में लगे सीसीटीवी कैमरे को कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। इसे लेकर सिटी एसपी ने सभी थानेदारों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के प्रतिष्ठान संचालकों के साथ बैठक करें। इस दौरान उनसे आग्रह करें कि उनके प्रतिष्ठान में लगे सीसीटीवी कैमरे को सड़क की तरफ लगाएं, ताकि आपराधिक घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों की पहचान हो सके। उन्होंने थानेदार से यह भी कहा है कि वे सप्ताहभर के भीतर सभी प्रतिष्ठान संचालकों से बातचीत कर लें।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार ने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (संशोधन) नियमावली, 2022 के गठन की स्वीकृति दे दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में शिक्षक पात्रता परीक्षा (संशोधन) नियमावली, 2022 के गठन की स्वीकृति दी गयी। इस दौरान राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत आदर्श विद्यालय योजना के क्रियान्वयन में आ रही कठिनाईयों के निराकरण को लेकर योजना के स्वरूप में आंशिक संशोधन एवं इस योजना हेतु शिक्षकों के युक्तिकरण/पदस्थापन के लिए स्थानान्तरण नीति, 2019 शिथिल करने की स्वीकृति दी गई। वहीं, समग्र शिक्षा के अन्तर्गत राज्य के 203 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कार्यरत पूर्णकालिक एंव अंशकालिक शिक्षिकाओं एवं 57 झारखण्ड बालिका आवासीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षिकाओं के मानदेय में 20 प्रतिशत की वृद्धि से संबंधित अतिरिक्त राशि का प्रबंध राज्य योजना से किए जाने की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा झारखण्ड राज्य कल्याण विभागीय आवासीय विद्यालय शिक्षक (नियुक्ति/प्रोन्नति एवं सेवा शर्त) नियमावली, 2017 में संसोधन की स्वीकृति दी गई। बैठक में झारखण्ड राज्य के जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के क्रम में जनजातीय समुदाय के आदिवासी संस्कृति एवं कला केन्द्र/मांझी हाउस, मानकी मुण्डा हाउस, परगना हाउस एवं धुमकड़िया हाउस निर्माण योजना का नाम परिवर्तित कर आदिवासी संस्कृति एवं कला केन्द्र/मांझी भवन, मानकी मुण्डा भवन, पड़हा भवन, परगना भवन, धुमकड़िया भवन एवं गोसाड़े निर्माण तथा मांझी थान शेड निर्माण योजना करने एवं योजना की रूप-रेखा एवं कार्यान्वयन की प्रक्रिया में संशोधन करने की स्वीकृति भी दी गई। झारखण्ड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 में संशोधन की स्वीकृति दी गई।
टीम एबीएन, रांची। कोरोना महामारी की रफ्तार को देखते हुए राज्य के 17 जिलों में जूनियर और सीनियर बच्चों के लिए स्कूल खोल दिए गए हैं। लेकिन अभी-भी रांची समेत सात जिलों में 9वीं से लेकर 12वीं तक के क्लास संचालित हो रही है। हालांकि शिक्षा मंत्री की ओर से संकेत मिले हैं कि 15 फरवरी के बाद नर्सरी से लेकर आठवीं कक्षा तक स्कूल खोल दिए जाएंगे। शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा है कि अब राज्य के 7 जिलों में भी जूनियर से लेकर सीनियर बच्चों के लिए स्कूल खोल दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे अब कोरोना के केस कम हो रहे हैं। आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से इसे लेकर निगरानी भी रखी जा रही है। 15 फरवरी को आपदा प्रबंधन विभाग की एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की गयी है। इस बैठक के बाद रांची, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, चतरा, देवघर, सरायकेला, खरसावां और सिमडेगा में नर्सरी से लेकर कक्षा 8 तक के स्कूल खोल दिए जाएंगे। फिलहाल इन जिलों में नौवीं से बारहवीं तक के स्कूल चल रहे हैं। वहीं उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज भी खोले गए हैं। शिक्षा विभाग की ओर से आपदा प्रबंधन विभाग को इस मामले को लेकर एक प्रस्ताव भी भेजा गया है। मुख्यमंत्री को भी इससे अवगत कराया गया है। फिलहाल अभिभावकों की ओर से लिखित पत्र मिलने के बाद ही स्कूलों की ओर से बच्चों को एंट्री दिया जा रहा है। अभिभावकों का कंसर्न लेटर स्कूलों को उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है। हालांकि ऐसे कई प्राइवेट स्कूल हैं जहां ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की व्यवस्था रखी गयी है। जो बच्चे या जिनके अभिभावक स्कूल नहीं भेजना चाहते हैं। उनके लिए ऑनलाइन व्यवस्था के तहत क्लासेस संचालित हो रही है। दूसरी और सभी स्कूलों में कोरोना महामारी का गाइडलाइन का ख्याल भी रखा जा रहा है। उसी के तहत स्कूलों में बच्चों का पठन-पाठन सुचारु किया गया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार ने राजधानी रांची में जाम की समस्या से निपटने के लिए सिरमटोली से राजेन्द्र चौक होकर मेकॉन गोलचक्कर तक फ्लाईओवर के निर्माण के लिए 337 करोड़, 50 लाख रुपए की स्वीकृति दी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में यहां हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय का फैसला किया गया। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी।
टीम एबीएन, रांची। विवादित सातवीं जेपीएससी पीटी परीक्षा का परिणाम संशोधित होगा। झारखंड लोक सेवा आयोग ने सातवीं जेपीएससी पीटी परीक्षा परिणाम को संशोधित कर फिर से निकालने के लिए झारखंड हाई कोर्ट से अनुमति मांगी है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने बताया कि जेपीएससी ने हाईकोर्ट में आवेदन देकर संशोधित रिजल्ट निकालने देने की अनुमति मांगी है। उन्होंने यह भी बताया कि आयोग ने इसके लिए सामान्य श्रेणी के छात्रों का न्यूनतम कटऑफ अंक 260 से घटाकर 248 कर दिया है। प्रथमदृष्टया लगता है कि सामान्य छात्रों को इससे काफी लाभ होगा। इससे पहले झारखंड लोक सेवा आयोग ने कैटेगरी के अनुसार रिजल्ट जारी किया था, जिसे अप्रत्यक्ष रूप से आरक्षण देने जैसा माना जा रहा था। जिसको चुनौती दी गई थी। इस पर जेपीएससी को अपनी भूल समझ में आई और उसके बाद सुनवाई के दौरान जेपीएससी ने मुख्य परीक्षा को स्थगित कर दिया। साथ ही अदालत से मामले में जवाब पेश करने के लिए समय की मांग की। इसके बाद आयोग ने संशोधित रिजल्ट के लिए याचिका दायर किया है। मामले की अगली सुनवाई 15 फरवरी को होनी है। इससे पहले 7वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा के रिजल्ट को रद्द कर फिर से संशोधित रिजल्ट निकालने की मांग को लेकर दायर याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन और न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत में 25 जनवरी को सुनवाई हुई थी। इसमें जेपीएससी पीटी परीक्षा में दिए गए आरक्षण के बिंदु पर सुनवाई थी। इस दौरान जेपीएससी ने तत्काल मुख्य परीक्षा 2 सप्ताह के लिए स्थगित करने की बात कहते हुए अदालत से मामले में जवाब पेश करने के लिए समय लिया था। अदालत ने उन्हें समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई 15 फरवरी को तय की थी। बता दें कि 28 जनवरी से जेपीएससी की मुख्य परीक्षा होने वाली थी जिसे स्थगित कर दिया गया था।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में कोरोना संक्रमण की रफ्तार काफी कम हो गई है, इसे देखते हुए खेल जगत भी फिर से एक्टिव हो रहा है। लंबे समय के ब्रेक के बाद फिर से प्रतिभाओं को निखारने के उद्देश्य से राज्य में 21 से 24 फरवरी तक जिला स्तर पर प्रतियोगिता और 1 से 4 मार्च तक राज्य स्तर पर प्रतियोगिताओं का आयोजन होना है। इसे लेकर झारखंड खेलकूद युवा कार्य निदेशालय की ओर से दिशा-निर्देश जारी किया गया है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए लंबे समय से राज्य के खेल स्टेडियम बंद पड़े थे। खिलाड़ियों को किसी भी आयोजन में हिस्सा लेने से मनाही था। सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को प्रैक्टिस करने में भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, लेकिन धीरे-धीरे अब खेल जगत में भी छूट मिली है। झारखंड में खेलकूद युवा कार्य निदेशालय की ओर से 2021-22 के आयोजनों के जरिए प्रतिभा चयन की योजना बनाई गई है। राज्य के आवासीय और डे बोर्डिंग सेंटरों के लिए योग्य प्रतिभाओं की खोज में कार्यक्रम शुरू करने की तिथि भी निर्धारित की गई है। आवासीय और डे बोर्डिंग सेंटर में बेहतर खिलाड़ियों का चयन कर रखा जाता है और उन्हें उचित मार्गदर्शन के साथ प्रशिक्षित किया जाता है, ताकि वह राज्य और देश के लिए मैडल जीत सकें। इसके लिए जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक चयन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। एक बार फिर राज्य सरकार के खेल निदेशालय ने इस संबंध में राज्य के सभी जिला अधिकारियों को निर्देश भेजा है। निर्देश के मुताबिक जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन जिला मुख्यालय में 21 से 24 फरवरी तक होगा। वहीं राज्यस्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन 1 से 4 मार्च के बीच रांची में आयोजित की जाएगी। इस प्रक्रिया के तहत होगा चयन: झारखंड खेलकूद युवा कार्य निदेशालय से मिली जानकारी के मुताबिक जिला स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन सभी जिलों में आयोजित होगी। प्रत्येक जिले में इसके लिए 2 लाख खर्च भी किया जाएगा। राज्य सरकार ने 24 जिलों के लिए 48 लाख रुपए खर्च का बजट बनाया है। जो बच्चे सिलेक्शन ट्रायल में हिस्सा लेंगे उनके लिए जन्मतिथि और एज ग्रुप भी तय कर दिया गया है। जिला स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले 40 खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। जिसमें 20 बालक और 20 बालिका होगी। इसके बाद वे राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। इसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आवासीय प्रशिक्षण केंद्रों में प्रशिक्षण देने के लिए चयनित किया जाएगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। ईडी ने झारखंड कोयला ब्लॉक आवंटन पीएमएलए मामले के तहत एक बायोमास ऊर्जा संयंत्र, दो ताप विद्युत संयंत्र तथा पश्चिम बंगाल और झारखंड में भूखंड समेत 1,621 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क की गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को यह जानकारी दी। कॉरपोरेट इस्पात एलॉयज लिमिटेड (सीआईएएल) नामक एक कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिसे झारखंड के लातेहार जिले में चित्तरपुर कोयला ब्लॉक आवंटित किया गया था। ईडी ने एक वक्तव्य में कहा, "धन शोधन निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत कुर्क की गयी संपत्ति में एक बायोमास ऊर्जा संयंत्र, दो ताप विद्युत संयंत्र, एक फेरो एलॉय प्लांट और डायरेक्ट रिड्यूस्ड आयरन प्लांट के अलावा पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर और झारखंड के सरायकेला में स्थित भूखंड शामिल हैं।" प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का यह मामला सीआईएएल, उसके प्रवर्तकों और अन्य के खिलाफ कोयला ब्लॉक प्राप्त करने में कथित आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक कदाचार के लिए सीबीआई की जनवरी, 2016 की प्राथमिकी पर आधारित है। ईडी ने कहा कि जांच में पाया गया कि कंपनी ने तथ्यों को गलत तरीके से पेश करके "धोखाधड़ी से" चित्तरपुर कोयला ब्लॉक प्राप्त किया।
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