एबीएन सेंटल डेस्क।प्राइम पाइंट फाउंडेशन ने 11 सांसदों को "संसद रत्न अवॉर्ड 2022" के लिए चुना है। इनमें राकांपा सांसद सुप्रिया सुले, बीजद के अमर पटनायक शामिल हैं। इसके अलावा भाजपा के तमिलनाडु से सांसद एचवी हांडे व वरिष्ठ कांगेस नेता एम. वीरप्पा मोइली को लाइफटाइम अचीवमेंट के लिए चुना गया है प्राइम पाइंट फाउंडेशन ने मंगलवार को बताया कि संसद की वित्त, कृषि, शिक्षा व श्रम मंत्रालय की चार समितियों को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। सम्मानित किए जाने वाले 11 सांसदों में से आठ लोकसभा के और तीन राज्यसभा के हैं। संसद रत्न पुरस्कार समारोह का 12वां संस्करण 26 फरवरी को दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। फाउंडेशन के अनुसार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के सांसद सुले, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के सांसद एन के प्रेमचंद्रन और शिवसेना सांसद श्रीरंग अप्पा बार्ने को उनके निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए "संसद विशिष्ट रत्न" पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय (पश्चिम बंगाल), कांग्रेस सांसद कुलदीप राय शर्मा (अंडमान और निकोबार द्वीप समूह), और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद विद्युत बरन महतो (झारखंड), हीना विजयकुमार गावित (महाराष्ट्र) और सुधीर गुप्ता (मध्य प्रदेश) 17वीं लोकसभा में उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें संसद रत्न पुरस्कार मिलेगा। राज्यसभा में बीजू जनता दल (बीजद) के सांसद अमर पटनायक (ओडिशा) और राकांपा सांसद फौजिया तहसीन अहमद खान (महाराष्ट्र) को 2021 में मौजूदा सदस्यों की श्रेणी के तहत उनके प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाएगा। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सांसद के के रागेश (केरल) को राज्यसभा में अपने पूर्ण कार्यकाल के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 2021 में सेवानिवृत्त सदस्यों श्रेणी के तहत पुरस्कार के लिए नामित किया गया है। प्राइम पाइंट फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष के श्रीनिवासन ने कहा कि पुरस्कार विजेताओं का चयन 17वीं लोकसभा की शुरुआत से शीतकालीन सत्र 2021 के अंत तक पीआरएस इंडिया द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के आधार पर उनके संचयी प्रदर्शन के आकलन से किया गया। संसद रत्न पुरस्कार समिति की अध्यक्षता संसदीय मामलों के राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने की।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि रूस-यूक्रेन संकट और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भारत में वित्तीय स्थिरता के लिये चुनौती है। सीतारमण ने संवाददाताओं से कहा कि दोनों मुद्दों पर वित्तीय स्थिरता विकास परिषद (एफएसडीसी) की बैठक में विचार किया गया। परिषद में सभी वित्तीय क्षेत्र के नियामक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि बाजार में एलआईसी के आईपीओ को लेकर काफी चर्चा, रुचि। हम इसपर आगे बढ़ रहे हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में हुई गड़बड़ियों पर गौर कर रही है। दो दिन के दौरे पर मुंबई आईं वित्त मंत्री ने कहा, यह कहना मुश्किल है कि कच्चे तेल की कीमत कहां जाएगी। एफएसडीसी की आज हुई बैठक में भी हमने उन चुनौतियों पर गौर किया जिससे वित्तीय स्थिरता को खतरा है। कच्चा तेल उनमें से एक है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात चिंताजनक है। हमने यूक्रेन में विकसित हो रहे हालात के लिये राजनयिक समाधान को लेकर आवाज उठायी है...ये सभी चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा कि मंगलवार को ब्रेंट क्रूड 96 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया। देश की इसपर नजर है। वित्त मंत्री ने कहा कि पेट्रोलियम विपणन कंपनियां खुदरा मूल्यों के बारे में निर्णय करेंगी। सीतारमण ने कहा कि वैश्विक स्तर पर तनाव से व्यापार पर असर नहीं पड़ा है लेकिन सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है। हम इस बात को लेकर सतर्क हैं कि निर्यातकों पर इन सबका असर नहीं पड़े। वित्त मंत्री ने जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिये समयसीमा पर सवालों को टाल दिया। उन्होंने कहा कि 60,000 करोड़ रुपये से अधिक के निर्गम के लिये बीमा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एलआईसी ने सेबी के पास विवरण पुस्तिका जमा की है। इसके बाद से बाजार में इसको लेकर चर्चा और रुचि है। सरकार इस संबंध कदम बढ़ा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की खामियों को देख रही है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क।।जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज ने मंगलवार को कहा कि उनके देश ने नॉर्ड स्ट्रीम 2 गैस पाइपलाइन के प्रमाणन की प्रक्रिया को रोकने के लिए कदम उठाए हैं, क्योंकि पश्चिमी देश यूक्रेन संकट के मद्देनजर रूस के खिलाफ दंडात्मक उपाय कर रहे हैं। शोल्ज ने बर्लिन में संवाददाताओं से कहा कि उनकी सरकार यूक्रेन में रूस की कार्रवाई के जवाब में यह कदम उठा रही है। रूस से पाइपलाइन के जरिये जर्मनी तक प्राकृतिक गैस लाने की अमेरिका और कुछ यूरोपीय देश लंबे समय से आलोचना करते रहे हैं। इन देशों का कहना है कि यह रूसी ऊर्जा आपूर्ति पर यूरोप की निर्भरता को बढ़ाता है। शोल्ज ने कहा कि सरकार ने पाइपलाइन के प्रमाणीकरण के पुनर्मूल्यांकन का निर्णय लिया है, जिसका संचालन नवीनतम घटनाक्रमों के आलोक में अभी तक शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, अगर मैं कहूं तो इसमें निश्चित रूप से समय लगेगा।
टीम एबीएन, रांची। शिक्षकों की बायोमैट्रिक उपस्थिति का प्रतिशत कम है। इसपर शिक्षा सचिव राजेश कुमार शर्मा ने नाराजगी जताई है। इस मामले को लेकर सचिव ने 22 फरवरी को वीडियो कान्फ्रेंसिंग से समीक्षा की। सभी जिलों के शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिए। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता सचिव राजेश कुमार शर्मा ने शिक्षकों की बायोमैट्रिक उपस्थिति की समीक्षा 22 फरवरी को वर्चुअल कॉन्फ्रेंस के माध्यम से की। इस क्रम में रांची जिले के शिक्षकों की बायोमैट्रिक उपस्थिति का प्रतिशत कम रहने के कारण पर असंतोष व्यक्त किया। सचिव ने निर्देश दिया कि सभी विद्यालय के सभी शिक्षक/शिक्षिका और छात्र-छात्राओं की बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाय। इसे लेकर रांची जिला शिक्षा पदाधिकारी ने सभी प्रधानाध्यापक और प्रभारी प्रधानाध्यापकों को पत्र लिखा है। इसमें सबों को निर्देश दिया गया है कि अपने-अपने विद्यालय के सभी शिक्षक/शिक्षिका और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं का बायोमैट्रिक सिस्टम से अनिवार्य रूप से उपस्थिति दर्ज कराना सुनिश्चित किया जाय। शिक्षा पदाधिकारी ने लिखा है कि बायोमैट्रिक उपस्थिति के आधार पर शिक्षक/शिक्षिका का वेतन भुगतान किया जाएगा। उक्त कार्य में लापरवाही बरतने पर इसे गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की जायेगी।
टीम एबीएन, रांची। राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की घोषणा जल्द हो सकती है। राज्य निर्वाचन आयोग सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अप्रैल-मई के बीच पंचायत चुनाव हो सकती है। इसी को लक्ष्य रखकर आयोग तैयारी में जुट गया है। अगर कोरोना संक्रमण नहीं आया तो अप्रैल से मई के बीच यह चुनाव तय है। चुनाव के मद्देनजर आयोग ने अपनी तैयारी भी शुरू कर दी है। आयोग 23 फरवरी से निवार्ची पदाधिकारियों को पत्र भेजकर मतदान कर्मियों का प्रशिक्षण शुरू कर रही है। बताते चलें कि पंचायत चुनाव को लेकर सरकार पर विपक्ष लगातार हमलावर है। इसको लेकर सरकार ने अपनी अनुशंसा भी आयोग को कई महीने पूर्व ही भेज चुकी है। इसे लेकर सरकार से बार-बार कहा जा रहा है कि चुनाव कराने की पूरी जवाबदेही निर्वाचन आयोग की है। सरकार ने अपनी अनुशंसा आयोग को भेज दी है। कल से शुरू होगा प्रशिक्षण : राज्य निर्वाचन आयोग ने राज्य के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त को पत्र भेजा है। इसमें त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन 2022 को लेकर निर्वाची पदाधिकारियों के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजन करने का निर्देश दिया है। यह प्रशिक्षण 23, 24 और 25 फरवरी को होगा। कहां कब होगा प्रशिक्षण- 23 फरवरी : गढ़वा, पलामू, कोडरमा, देवघर, गोड्डा, साहेबगंज, पाकुड़, दुमका। 24 फरवरी : लातेहार, चतरा, हजारीबाग, गिरिडीह, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो एवं सिमडेगा। 25 फरवरी : रामगढ़, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, रांची, प>िम सिंहभूम, सरायकेला-खरसांवा एवं पूर्वी सिंहभूम।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत ने पाकिस्तान के साथ महीनों तक चली बातचीत के बाद अंतत: अटारी-वाघा सीमा के जरिए सड़क मार्ग से मानवीय सहायता के तहत 50 ट्रकों में 2500 मिट्रिक टन गेहूं की पहली खेप अफगानिस्तान के लिये रवाना की। 22 फरवरी को अमृतसर में एक समारोह में सड़क मार्ग से पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान के लिये मानवीय सहायता के तहत 50 ट्रकों में 2500 मिट्रिक टन गेहूं की पहली खेप रवाना की गई। इस समारोह में विदेश सचिव हर्षवर्द्धन श्रृंगला के साथ अफगानिस्तान के राजदूत फरीद मंमूदजई और विश्व खाद्य कार्यक्रम के कंट्री निदेशक बी पराजुली मौजूद थे। अफगानिस्तान को मानवीय सहायता के लिये संयुक्त राष्ट्र की अपील के मद्देनजर भारत सरकार ने अफगानिस्तान के लोगों को 50 हजार मीट्रिक टन गेहूं तोहफे के रूप में देने का निर्णय किया था । इसमें कहा गया है कि इसकी आपूर्ति भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के माध्यम से होगी और इसे आईसीपी अटारी (भारत) द्वारा अफगानिस्तान के परिवहनकर्ताओं के जरिये जलालाबाद (अफगानिस्तान) पहुंचाया जायेगा। गौरतलब है कि भारत ने सड़क मार्ग से पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान को 50,000 टन गेंहू भेजने के लिए ट्रांजिट सुविधा का अनुरोध करते हुए सात अक्टूबर, 2021 को इस्लामाबाद को प्रस्ताव भेजा था, जिस पर उसे 24 नवंबर, 2021 को जवाब मिला। पाकिस्तान से मिले जवाब के आधार पर दोनों पक्षों ने मिलकर परिवहन से जुड़ी सारी बातचीत तय की। गौरतलब है कि अपनी मानवीय सहायता के प्रयासों के तहत पिछले कुछ महीनों में भारत ने भारी मात्रा में जीवनरक्षक दवाओं सहित तमाम अन्य आवश्यक वस्तुएं अफगानिस्तान भेजी हैं। दवाओं की पिछली खेप पिछले शनिवार को ही पहुंची है, जो भारत से अफगानिस्तान भेजी जा रही सामग्री की पांचवीं खेप थी।
टीम एबीएन, रांची। चारा घोटाला मामला में 21 फरवरी को सजा होने के बाद मंगलवार 22 फरवरी को लालू यादव के स्वास्थ्य की जांच कराई गयी। मंगलवार की सुबह एंबुलेंस के माध्यम से उनको रिम्स पेइंग वार्ड से सीधा कार्डियोलॉजी विभाग इको जांच कराने के लिए ले जाया गया। इसके बाद लालू को दांत दर्द की शिकायत पर डेंटल विभाग में उनकी जांच की गयी। इस दौरान सुरक्षा को लेकर कड़ाई देखी गयी। रिम्स के कार्डियोलॉजी और डेंटल विभाग में लालू के स्वास्थ्य की जांच की गयी। जांच कराने के बाद उनको वापस रिम्स पेइंग वार्ड लाया गया। जांच को लेकर कार्डियोलॉजी विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ। प्रकाश ने बताया कि उनकी हार्ट की स्थिति फिलहाल सामान्य है। उनके उम्र के हिसाब से उनका हार्ट फिलहाल ठीक तरीके से फंक्शनिंग कर रहा है। मेडिकल बोर्ड की टीम ने लालू का इकोकार्डियोग्राफी जांच करवाया है। रिम्स पेइंग वार्ड से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लालू यादव को कार्डियोलॉजी बिल्डिंग लाया गया, जहां ईसीजी और इको जांच की गयी। यहां से फिर दांत दर्द की परेशानी से जूझ रहे लालू यादव को डेंटल विभाग लाया गया। आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के करीबी और पार्टी के वरिष्ठ नेता भोला यादव भी रिम्स में उनके साथ मौजूद रहे। कार्डियोलॉजी बिल्डिंग के तीसरे तल्ले पर जब उनका इकोकार्डियोग्राफी जांच हो रहा था, उस वक्त लालू के हनुमान कहे जाने वाले भोला यादव भी मौजूद रहे, जांच कराने के दौरान वो करीब एक घंटे तक रिम्स पेइंग वार्ड के बाहर रहे। करीब 12:30 से 1:30 बजे तक जांच के लिए उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच जांच के लिए लाया गया था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। हवाई यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि नियमित अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें 15 मार्च से फिर से शुरू हो सकती हैं और इसके लिए भारतीय हवाई अड्डों पर प्रभावी मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक कोरोना के मामलों में लगातार गिरावट को देख स्वास्थ्य मंत्रालय के परामर्श के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय निर्धारित अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को फिर से शुरू करने के निर्णय पर लगभग पहुंच चुका है। हालांकि, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इस संबंध में एक आधिकारिक सूत्र ने कहा कि नियमित अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें 15 मार्च से फिर से शुरू होने की संभावना है। अंतर्राष्ट्रीय आगमन के लिए 14 फरवरी से प्रभावी दिशानिर्देशों का पालन इन उड़ानों के यात्रियों के लिए हवाई अड्डों पर किया जाएगा। भारत में निर्धारित अंतर्राष्ट्रीय यात्री उड़ानों पर 28 फरवरी तक प्रतिबंध लागू है। देश में ऐसी उड़ानें 23 मार्च, 2020 से कोरोना महामारी के कारण निलंबित हैं। एयर बबल व्यवस्था के तहत जुलाई 2020 से भारत और लगभग 40 देशों के बीच विशेष यात्री उड़ानें संचालित हो रही हैं।
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