टीम एबीएन, रांची। झारखंड के कृषि पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री बादल शुक्रवार को जैविक उत्पाद विपणन केंद्र का उद्घाटन करेंगे। ओफाज के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी ने आज यह जानकारी दी। मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी डॉ एमएसए महालिंगा शिवा ने बताया कि राज्य में परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत अनगड़ा प्रखंड में ओफाज एवं भारत सरकार के एसएफएसी के सहयोग से जैविक एफपीओ "नीम फूल फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड" का गठन किया गया है। राज्य में विषैले रसायनमुक्त विशुद्ध पद्धति से उगाए गए कृषि उत्पादों की बहुत मांग है। राज्य के जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए जैविक उत्पाद विपणन केंद्र मील का पत्थर साबित होगा जहां से जैविक विधि द्वारा उपजाई गई प्रमाणीकृत सब्जियां, दलहन, तिलहन और मसालों आदि का विक्रय किया जा सकेगा।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक हुई है। मंत्रिपरिषद की बैठक में मंत्री आलमगीर आलम, मंत्री सत्यानंद भोक्ता समेत कई मंत्री मौजूद रहे। हेमंत कैबिनेट की बैठक में 35 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में हुई कैबिनेट की बैठक में 35 प्रस्तावों मंजूरी दी गयी। झारखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तिथियों की स्वीकृति दी गयी। इसको लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने अनुशंसा की थी। झारखंड सहायक कारापाल नियमावली में संशोधन किया गया। अब शारीरिक परीक्षा के बाद लिखित परीक्षा होगी। झारखंड राज्य अभिलेखागार संशोधन नियमावली में संशोधन की स्वीकृति दी गयी। वहीं योजना एवं विकास विभाग झारखंड सांख्यिकी नियमावली में संशोधन की स्वीकृति के साथ साथ आयुष चिकित्सा पदाधिकारी का ग्रेड पे संशोधन की स्वीकृति प्रदान की गयी। झारखंड अर्बन वाटर प्रोजेक्ट के तहत रांची शहरी जलापूर्ति योजना फेज 2 की स्वीकृति कैबिनेट की ओर से मिली। वहीं विभिन्न श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं को सब्सिडी देने पर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत 400 यूनिट से ज्यादा खपत वाले उपभोक्ताओं को सब्सिडी नहीं मिलेगी। इसके अलावा राज्य के 334 थानों में 5310 सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए 78 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गयी है। झारखंड आर्थिक सर्वे रिपोर्ट 2021-22 के विधानसभा पटल पर रखने के संबंध में स्वीकृति दे दी गयी है। झारखंड राज्य कृषि एवं पशुधन विपणन विधेयक 2022 की स्वीकृति दी गयी। वहीं झारखंड राज्य सौर ऊर्जा विधेयक 2022 की स्वीकृति दी गई। इसके तहत कई सुविधा दी गयी हैं।
टीम एबीएन, रांची। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने बड़ी कार्रवाई करते हुए झारखंड के तेरह फार्मेसी कॉलेजों में सत्र 2022-23 के लिए बी फार्मा, डी फार्मा कोर्स में नामांकन पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही झारखंड के 9 फार्मेसी कॉलेजों में स्वीकृत सीटों की संख्या को भी कम किया गया है। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने ये कार्रवाई झारखंड के कई कॉलेजों में मानकों के अनुरूप सुविधा नहीं मौजूद होने पर की है। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने साल 2021 में निरीक्षण के दौरान जिन फार्मेसी कॉलेजों में कमियां पायी थी, उन्हें तीन माह में दूर करने का समय देते हुए राज्य सरकार के माध्यम से जानकारी प्रेषित करने का निर्देश दिया था। पीसीआई ने जहां राज्य के 07 कॉलेजों में दाखिले पर रोक लगाते हुए तीन कॉलेजों की सीटें घटाई है। वहीं, 25 जनवरी को भी 06 कॉलेजों में दाखिले पर रोक लगा दी थी। अन्य 06 कॉलेजों की सीटें घटा दी थी। जिन फार्मेसी कॉलेजों में दाखिले पर रोक लगायी गयी है उसमें पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा विधायक रामचंद्र चंद्रवंशी का कॉलेज भी शामिल है। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने मंगलवार को जारी आदेश में 07 कॉलेजों में नामांकन (सत्र 2022-23) पर रोक लगाई है उसमें आरएस रॉय कालेज ऑफ फार्मेसी दुमका (डी फार्मा, बी फार्मा), आरोग्यम फार्मेसी कालेज, तेतरी चंद्रवंशी फार्मेसी कालेज पलामू (डी फार्मा, बी फार्मा), ब्राइट स्कूल ऑफ फार्मेसी बोकारो (डी फार्मा), गढ़वा (बी फार्मा), कलावती कॉलेज ऑफ फार्मेसी, (डी फार्मा) एसएसएमटी कालेज ऑफ फार्मेसी कोडरमा, (डी फार्मा), जीरामणि जगदीश इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी चतरा, (डी फार्मा, बी फार्मा) शामिल हैं। इसके अलावा तीन अन्य फार्मेसी कालेजों में डी फार्मा की 20-20 सीटें घटाई गई हैं। इसमें कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, धनबाद, झारखंड फार्मेसी कालेज, रांची और आरोग्यम फार्मेसी कालेज, गढ़वा शामिल हैं। पहले भी 12 कॉलेजों पर हो चुकी है कार्रवाई : फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने इससे पहले भी 25 जनवरी को राज्य के 06 फार्मेसी कॉलेजों में सत्र 2022-23 में दाखिले पर रोक लगाते हुए 06 कॉलेजों की सीटें घटा दी थी। इन कॉलेजों में तिला इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साईंस, रामगढ़ (डी फार्मा), वाइबीएन यूनिवर्सिटी राजाउलातू, रांची (डी फार्मा, बी फार्मा), हेरिटेज फार्मेसी कालेज, गढ़वा (डी फार्मा), आरपी कालेज ऑफ फार्मेसी, गढ़वा (डी फार्मा), तुपुदाना इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, रांची (डी फार्मा) एवं बंशीधर कालेज ऑफ फार्मेसी, पलामू में डी फार्मा कोर्स में दाखिले पर रोक लगायी गयी है। इसके अलावा पितांबरा कालेज ऑफ फार्मेसी, बूटी, रांची (डी फार्मा 20 सीटें), उषा मार्टिन यूनिवर्सिटी, रांची (बी फार्मा 40 सीटें) त्रिवेणी कालेज ऑफ फार्मेसी, रांची (डी फार्मा 20 सीटें) पलामू इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, चिनाकी, पलामू (बी फार्मा एवं डी फार्मा 20-20 सीटें) बीएलएम स्कूल ऑफ फार्मेसी, देवघर (डी फार्मा 20 सीटें), स्कूल ऑफ फार्मेसी, साईं नाथ यूनिवर्सिटी, रांची में बी फार्मा की 40 सीटें घटाई गई हैं।
एबीएन डेस्क। कोविड-19 महामारी के कारण बच्चों की पढ़ाई के नुकसान को पूरा करने के लिए सरकार ने बच्चों को सिखाने के लिए एक व्यापक योजना (एलआरपी) तैयार की है। शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव मनीष गर्ग की ओर से राज्यों को पत्र लिखकर योजना पर जल्दी काम शुरू करने का निर्देश दिया गया है। इस योजना में सभी छात्रों के लिए शैक्षणिक सत्र 2022-23 के तहत अपर प्राइमरी और सेकेंडरी स्तर के छात्रों को 500 रुपये की वित्तीय मदद मिलेगी। जबकि कक्षा एक से पांचवीं तक के छात्रों को निपुण भारत मिशन के तहत पांच सौ रुपये की वित्तीय मदद दी जा रही है। योजना के तहत टीचर रिसोर्स पैकेज (टीआरपी) में शिक्षकों को टेबलेट भी दिये जाएंगे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए हर दिन कोई न कोई नई घोषणा करता हैं। इसी सिलसिले में भारतीय रेलवे यात्रियों के लिए एक खास सेवा शुरू करने जा रही है। इसमें यात्री अब सफर के दौरान संगीत का आनंद ले सकेंगे। उत्तर रेलवे ने अपने रेलयात्रियों के लिए रेलगाड़ियों में नए भारत के नए विचार के साथ एक बड़ा मनोरंजक प्लेटफॉर्म शुरू किया है। अब जब यात्री दिल्ली, लखनऊ, भोपाल, चंडीगढ़, अमृतसर, अजमेर, देहरादून, कानपुर, वाराणसी, कटड़ा और काठगोदाम की यात्रा करेंगे, तो उनका स्वागत शताब्दी/वंदे भारत एक्सप्रेस रेलगाड़ियों में संगीत से होगा। उत्तर रेलवे द्वारा जारी बयान के अनुसार, उत्तर रेलवे ने ट्रेनों में रेलयात्रियों को पूर्ण मनोरंजन प्रदान करने और जिन शहरों की वे यात्रा कर रहे हैं, उनका अनुभव देने के लिए दिल्ली मंडल की सभी शताब्दी और वंदे भारत रेलगाड़ियों में रेडियो सेवा प्रदान करने के लिए एक अनुबंध किया है। रेलवे का कहना है कि सफऱ के दौरान संगीत सबसे अच्छा साथी होता है, जो यात्रा में अच्छे मूड की संभावनाओं को बढ़ाता है। उत्तर रेलवे यात्री उदघोषणा प्रणाली के माध्यम से एक नई तरह के मनोरंजन और आनंद की शुरूआत करेगी, जिसके अंतर्गत अनुकूलित संगीत अनुभव और आरजे मनोरंजन उपलब्ध कराया जाएगा। इस पहल का प्राथमिक उद्देश्य वंदे भारत और शताब्दी ट्रेनों में प्रत्येक यात्री को सुखद यात्रा का अनुभव प्रदान करना है। ट्रेनों में इस तरह के संगीत की उपलब्धता यात्रियों को निश्चय ही पसंद आएगी। इस आइडिया के तहत 10 शताब्दी और दो वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों में रेडियो के माध्यम से रेलवे को विज्ञापन मिलेगा। मनोरंजन/रेलवे सूचना और वाणिज्यिक विज्ञापन का अनुपात यात्रा के दौरान प्रति घंटे के आधार पर होगा। इस प्रयास से रेलवे को सालाना 43.20 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय वायुसेना के तीन और फाइटर जेट राफेल 22 फरवरी को देर शाम भारत पहुंच गए हैं। इन विमानों ने फ्रांस के एक एयरबेस से उड़ान भरी और डायरेक्ट भारत में लैंडिंग की। सयुक्त राष्ट्र अमीरात में बीच में एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग की। फ्रांस के साथ 36 राफेल की डील अब पूरी होने वाली है। तीन और विमानों के साथ अब तक भारत को 35 राफेल मिल चुके हैं, एक फाइटर जेट जल्द ही मिल जाएगा। भारत ने फ्रांस के साथ 66,000 करोड़ की डील की थी। भारतीय वायुसेना ने बताया कि 36वां विमान मार्च के अंत या अप्रैल के पहले सप्ताह तक फ्रांस से भारत पहुंचेगा।" भारत ने सितंबर 2016 में फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमानों का आॅर्डर दिया था। राफेल को शामिल करने को भारतीय वायुसेना के लिए एक प्रमुख क्षमता बूस्टर के रूप में देखा जाता है। भारत को मिले राफेल फाइटर जेट में क्या-क्या होगा : भारतीय वायु सेना से जुड़े विशेषज्ञों के मुताबिक भारत की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राफेल जेट को अत्याधुनिक तकनीक और हथियारों से लैस किया गया है। हवा से हवा में मार करने वाली मीटियोर मिसाइल, लो बैंड फ्रीक्वेंसी जैमर, एडवांस कम्युनिकेशन सिस्टम, अधिक सक्षम रेडियो अल्टीमीटर, रडार वॉर्निंग रिसीवर, हाई एल्टीट्यूड इंजन स्टार्ट-अप, सिंथेटिक एपर्चर रडार, ग्राउंड मूविंग टारगेट इंडिकेटर एंड ट्रैकिंग, मिसाइल अप्रोच वॉर्निंग सिस्टम, हाई फ्रीक्वेंसी रेंज डिकॉय सिस्टम भारत को मिले राफेल जेट में असेंबल किए गए हैं।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने आज अपने अध्यक्षीय कार्यालय कक्ष में विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारियों के साथ आगामी बजट सत्र को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। बजट सत्र को ध्यान में रखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्य सचिव समेत सभी विभागों के पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। बैठक में उन्होंने कहा कि आने वाले बजट सत्र को ध्यान में रखते हुए तीन दिन पहले यह बैठक बुलायी है, ताकि सभी सत्र के सुचारू संचालन के निमित अपनी तैयारियां सुनिश्चित करने का भी समय प्राप्त हो सके। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि जो भी विधेयक विधानसभा के पटल पर लाया जाना है, उसकी बारीकी से जांच कर ली जाए। झारखंड वित्त विधेयक 2021 और पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय विधेयक 2021 में त्रुटि का मामला सामने आया है। विभिन्न विभागों में आश्वासन लंबित होने को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया। विशेषकर स्कूली शिक्षा, ग्रामीण विकास, राजस्व निबंधन, कार्मिक, पर्यटन विभाग के लंबित आश्वासनों की संख्या बढ़ी है, विभाग इसे त्वरित गति से निपटारा करें। श्री महतो ने झारखंड विधानसभा और पुराने विधानसभा के आवासीय परिसर में सुरक्षा के द्दष्टिकोण से भी यथोचित पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड विधानसभा में प्रवेश करने वाले वाहनों को भी सुरक्षा बल अपने दृष्टिकोण से जांच कर लें और सत्र के दौरान प्रशासन अपने स्तर से सुरक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने चिकित्सा की समुचित व्यवस्था और कोविड से बचाव को लेकर एहतियात, कोविड-19 जांच और टीकाकरण की समुचित व्यवस्था, निर्बाध विद्युत और जलापूर्ति तथा विधानसभा भवन की ओर आने वाले दोनों सड़कों पर स्ट्रीट लाईट की व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक दिशा निर्देश दिया। इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, डीजीपी नीरज कुमार सिन्हा, अपर मुख्य सचिव अरूण कुमार सिंह, जनसंपकर् विभाग के निदेशक राजीव लोचन बक्सी और रांची के उपायुक्त, एसएसपी समेत अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि झारखंड के विकास को रफ्तार देने के लिए रोड मैप तैयार कर लिया गया है। सरकार राज्य के विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य में उनकी सरकार बनते ही पूरे देश में कोरोना संक्रमण फैल गया। इससे विकास की रफ्तार पर असर पड़ा। मुख्यमंत्री मंगलवार को यहां अपने आवास पर उपस्थित जनता के समूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों चलाए गए सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के जरिए राज्य सरकार की पहुंच पंचायत-पंचायत गांव-गांव में हुई है। इससे कई जिलों में भारी बदलाव आया है। लोगों की समस्याएं काफी हद तक दूर हुई है। सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के तहत जो भी समस्याएं निकल कर सामने आ रही थी, उन पर विशेष ध्यान दिया गया। इससे लोगों की समस्याएं दूर हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य में अधिकतर हिस्सा गांव से जुड़ा है। इसलिए ज्यादातर योजनाएं गांव और ग्रामीणों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए बनाई गयी है। पेंशन से संबंधित योजनाएं, विधवा महिला विकलांग बुजुर्गों के लिए एकल महिलाओं के लिए बनाई गई योजनाएं, धोती साड़ी योजना, फूलो झानो आशीर्वाद योजना सरीखे कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाकर घर-परिवार में खुशहाली लाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कार्य योजनाओं पर जमीनी स्तर पर कार्य चल रहा है। समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाएगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ग्रामीणों से आग्रह किया है कि आपके लिए बनाई गई योजनाओ का अवश्य लाभ लें। उन्होंने कहा कि सरकार आपके द्वार जैसे कार्यक्रम का आयोजन किया जाता रहेगा , ताकि गांव से जुड़ी समस्याओं से रूबरू होकर समय पर उसका समाधान किया जा सके। जनता से सीधा संवाद: मुख्यमंत्री ने पतना के धर्मपुर स्थित आवासीय परिसर में जनता से सीधा संवाद भी किया। वह लोगों की समस्याओं से रूबरू हुए। उनकी समस्याओं के निदान के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिये। मुख्यमंत्री ने लोगों से आवेदन लिया तथा उनकी समस्याओं का निदान के लिए पूरा भरोसा दिलाया।
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