टीम एबीएन, रांची। झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने आज यहां कहा कि उनकी सरकार राज्य में वर्ष 2024 तक कुल 5923320 ग्रामीण घरों तक नल से जल पहुंचाने के लक्ष्य पर तेजी से काम कर रही है और अब तक 1089904 घरों तक ग्रामीण घरों में यह सुविधा पहुंचा दी गयी है। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन अपने अभिभाषण में राज्यपाल ने कहा, उनकी सरकार झारखंड के ग्रामीण घरों में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए तत्परता से काम कर रही है और 2024 तक कुल 59,23,320 ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य है। अब तक 10,89,904 घरों में यह सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। उन्होंने करीब 45 मिनट के अपने अभिभाषण में कहा कि राज्य के सुदूर ग्रामीण टोला में जलापूर्ति की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 4374 पंचायतों में पांच नलकूप प्रति पंचायत स्थापित करने की कार्रवाई की जा रही है। शहरों और गांवों के बीच की दूरी को कम करने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक 4533 ग्राम पंचायतों तक आॅप्टिकल फाइबर केबल की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण के दौरान अपनी सरकार की तमाम उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने कृषि ऋण माफी योजना के तहत अब तक दो लाख से ज्यादा किसानों के खातों में 836।57 करोड़ रुपये स्थानांतरित कर चुकी है। रमेश ने बताया कि राज्य में युवक-युवतियों को सॉफ्ट स्किल की नि:शुल्क ट्रेनिंग दी जा रही है और इस साल से राज्य के बेरोजगार अध्ययनरत युवकों और युवतियों के लिए मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना शुरू की जा रही है। राज्यपाल ने बताया कि उनकी सरकार झारखंड असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत श्रमिकों के कल्याण के लिए पांच योजनाएं चला रही है। राज्य में रेशम उत्पादन से जुड़े बुनकरों और शिल्पकारों को उन्नत प्रशिक्षण दिया जा रहा है और रांची में एनआईडी, अहमदाबाद के सहयोग से झारखंड इंस्टीट्यूट आफ क्राफ्ट एंड डिजाइन संस्थान की स्थापना की जा रही है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में सुपर स्पेशियलिटी सुविधा होने के बड़े बड़े दावे किए जाते हैं। लेकिन हकीकत बिल्कुल उलट है। रिम्स के डेंटल विभाग में कहने को तो कई आधुनिक मशीन है। लेकिन बिजली के आभाव में ये मशीनें गुरुवार की शाम से शुक्रवार की सुबह तक सिर्फ डेंटल विभाग की शोभा बढ़ाती रही। रिम्स का डेंटल विभाग बिजली की समस्या से जूझ रहा है। इलाज कराने वाले मरीजों को बिजली कटने के कारण घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। 2019 के रिम्स शाषी परिषद की बैठक के दौरान जेनरेटर की खरीदारी की स्वीकृति मिली थी। बावजूद इसके तीन साल बीत गए और जेनरेटर खरीदारी नहीं हो सकी है। डेंटल विभाग में कई अत्याधुनिक मशीनें हैं जिसके संचालन के लिए बिजली की जरूरत पड़ती है। लेकिन आए दिन पावर कट की समस्या से ये मशीनें बेकार साबित हो रही है। वहीं लाइट नहीं रहने की वजह से दूर दराज इलाके से आए मरीज इलाज के लिए डेंटल विभाग में बिजली कटने के कारण ट्रॉमा सेंटर जाकर रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ रहा है। लेकिन इलाज के लिए उन्हें बिजली का इंतजार करना पड़ रहा है। हालांकि मरीजों की परेशानी को देखते हुए रिम्स प्रबंधन की ओर से शुक्रवार को बिजली की समस्या को दूर करने का प्रयास किया गया। लेकिन यह कहना गलत नहीं होगा कि जब तक मजबूत नहीं कराई जाए, तब तक लोगों को ऐसे ही परेशानियों का सामना करते रहना पड़ेगा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन करीब 40 मिनट के अपने अभिभाषण के दौरान राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनायी। राज्यपाल ने कहा कि सरकार ने कृषि ऋण माफी योजना के तहत अब तक 2 लाख से ज्यादा किसानों के खाते में 836 करोड़ 57 लाख की राशि ट्रांसफर की है। झारखंड में पहली बार 2021 में सीड टोकन के माध्यम से बीज वितरण की शुरुआत की गयी। राज्यपाल ने कहा कि सरकार का स्पष्ट मत है कि पारस्परिक चर्चा-परिचर्चा तथा वाद-विवाद लोकतंत्र को और सशक्त बनाते हैं। विरोध के नाम पर किसी भी तरह की हिंसा, समाज और देश को कमजोर करती है, हमे इससे बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य के चतुर्दिक विकास के लिए सरकार वचनबद्ध है, सरकार स्वच्छ, संवेदनशील, पारदर्शी और उत्तरदायी प्रशासन के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। राज्य में शांति व्यवस्था स्थापित हो, उद्योग धंधों का विकास हो और विकास का समुचित लाभ राज्य की जनता को प्राप्त हो, इसके लिए सरकार द्वारा नीतियों में आवश्यक बदलाव लाया गया है। जहां भी अपेक्षित है, नई नीतियों का निर्माण और नियमों-विनियमों में आवश्यक संशोधन भी सरकार कर रही है। राज्यपाल बैस ने कहा कि किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए पूर्व वर्ष की भांति किसानों से अधिप्राप्त धान के 50 प्रतिशत मूल्य का भुगतान 48 घंटे के अंदर किये जाने का प्रावधान है। 61 करोड़ की लागत से समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना सह कृष्ण पाठशाला लागू की गयी है। वहीं पशुपालन की महत्ता को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना की शुरुआत की गयी। पेयजल मानव जीवन की बुनियादी आवश्यकता है, वर्ष 2024 तक 59 लाख 23 हजार ग्रामीण घरों को नल के माध्यम से जलापूर्ति सुनिश्चित कराने के लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 10 लाख 90 हजार से अधिक घरों तक यह सुविधा उपलब्ध करा दी गयी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कोरोना वायरस के संक्रमण के मामलों में आ रही कमी के मद्देनजर शुक्रवार को राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों से सामाजिक, खेल, मनोरंजन, अकादमिक और धार्मिक आयोजनों से जुड़े कार्यक्रमों के लिए कोरोना संबंधित प्रतिबंधों में ढील देने पर विचार करने को कहा। मार्च महीने के लिए कोरोना दिशा-निर्देश जारी करते हुए केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने यह सुझाव भी दिया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा हाल में दिए गए परामर्श के अनुरुप आर्थिक गतिविधियों को शुरु करने के दौरान संक्रमण के खतरे का भी आंकलन करते रहना होगा। गृह मंत्रालय की एडवाइजरी • विभिन्न गतिविधियों में जैसे, सामाजिक, खेल, मनोरंजन, अकादमिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, त्योहार संबंधी जमघट, रात्रिकालीन कर्फ्यू, सार्वजनिक परिवहन माध्यमों का परिचालन, खरीददारी के परिसरों, सिनेमा हॉल, जिम, स्पा, रेस्टोरेंट और बार, स्कूलों, कॉलेजों, कार्यालयों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को शुरु करने में छूट देने पर विचार किया जा सकता है। • सभी राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को भेजे गए दिशा-निर्देशों में केंद्रीय गृह सचिव ने इस बात पर भी जोर दिया कि मास्क पहनना, उचित दूरी का पालन करना, बार-बार हाथ धोते रहना जैसे कोविड प्रबंधन के नियमों का अनुसरण करते रहना होगा। • राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को इसके साथ ही जांच और निगरानी, क्लीनिकल प्रबंधन, टीकाकरण और संक्रमण से बचाव के अनुरूप व्यवहार को भी जारी रखना होगा। भल्ला ने कहा, इसलिए, मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के 18 फरवरी के सुझावों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करें और उचित व्यवहार के नियमों पर जोर दें। बता दें कि भारत में एक दिन में कोविड-19 के 13,166 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 4,28,94,345 हो गई। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 1,34,235 रह गई है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को सुबह आठ बजे जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले 19 दिन से दैनिक मामलों की संख्या एक लाख से कम है। देश में 302 और लोगों की संक्रमण से मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 5,13,226 हो गई। देश में अभी 1,34,235 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 0.31 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 14,124 की कमी दर्ज की गई। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर बढ़कर 98.49 प्रतिशत हो गई है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में शुक्रवार शाम 17 भारतीय प्रशासनिक अधिकारियों का तबादला किया गया है। कई जिलों के डीसी को हटा दिया गया है। जेएसएलपीएस की सीईओ नैंसी सहाय को हजारीबाग विजया जाधव को जमशेदपुर और वाघमारे प्रसाद कृष्ण को लोहरदगा जिले का नया डीसी बनाया गया है। इस बाबत कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने राज्यपाल के आदेश से अधिसूचना जारी की है। कार्मिक प्रशासनिक विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक गुमला डीसी शिशिर कुमार सिन्हा को गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग में विशेष सचिव नियुक्त किया गया है। उपायुकत, गढ़वा के पद पर पदस्थापित राजेश कुमार पाठक को स्थानान्तरित करते हुए निदेशक, नगरीय प्रशासन, नगर विकास एवं आवास विभाग, झारखण्ड के पद पर नियुक्त एवं पदस्थापित किया जाता है। उपायुक्त, लोहरदगा के पद पर पदस्थापित दिलीप कुमार टोप्पो को स्थानान्तरित करते हुए निदेशक, खेलकूद, झारखण्ड, रांची के पद पर नियुक्त एवं पदस्थापित किया जाता है। मिशन निदेशक सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, झारखण्ड कौशल विकास मिशन सोसायटी, रांची के पद पर पदस्थापित सुनील कुमार अगले आदेश तक अपने कार्यों के साथ निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, झारखण्ड, रांची के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे। उपायुक्त, गिरिडीह के पद पर पदस्थापित राहुल कुमार सिन्हा, भाप्रसे (आः2011) को स्थानान्तरित करते हुए अगले आदेश तक निदेशक, पर्यटन, झारखण्ड के पद पर नियुक्त एवं पदस्थापित किया जाता है। जमशेदपुर के डीसी सूरज कुमार का भी तबादला कर दिया गया है। उनको झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी रांची का मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी बनाया गया है। उनकी जगह नगर विकास एवं आवास विभाग के नगरीय प्रशासन की निदेशक जाधव विजया नारायण राव को जमशेदपुर का डीसी बनाया गया है। गिरीडीह के डीसी राहुल कुमार सिन्हा का तबादला करते हए उनको पर्यटन विभाग का निदेशक बनाया गया है। वे पर्यटन विकास निगम के एमडी का भी प्रभार देखेंगे। इसके अलावा वाघमारे प्रसाद कृष्ण को स्वास्थ्य विभाग का संयुक्त सचिव के पद से हटाकर लोहरदगा का डीसी बनाया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक घोलप रमेश गोरख को गढ़वा जिले का डीसी बनाया गया है। हजारीबाग के डीसी आदित्य कुमार को हटाकर राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन का अभियान निदेशक बनाया गया है। खेलकूद विभाग के निदेशक जिशान कमर को झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद का परीक्षा नियंत्रक बनाया गया है। इसी तरह झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी नैंसी सहाय को हजारीबाग का डीसी बनाया गया है। सिमडेगा के डीसी सुशांत गौरव को हटाकर गुमला का डीसी बनाया गया है। पर्यटन विकास निगम के एमडी आर रानीटा को सिमडेगा का डीसी बनाया गया है। इसी तरह नमन प्रियेश लकड़ा को आदिवासी कल्याण आयुक्त के पद से हटाकर गिरीडीह का डीसी बनाया गया है। हजारीबाग के नगर आयुक्त गरिमा सिंह को लोहरदगा जिला परिषद की डीडीसी सह मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी बनाया गया है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव के पद पर चंदन कुमार को पदस्थापित किया गया है, जो अपने पदस्थापन के इंतजार में थे।
टीम एबीएन, रांची। शुक्रवार को झारखंड आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक हुई। कोरोना को लेकर प्रदेश में जारी पाबंदियों में रियायत देते हुए कई अहम फैसले लिए गए हैं। सबसे अहम, सभी जिलों के सभी स्कूलों को 7 मार्च से खोलने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा राज्य में रात 8:00 बजे की पाबंदी हटाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही पार्क स्वीमिंग पूल खोलने, सिनेमा, बार, रेस्त्रां से 50 प्रतिशत की पाबंदी खत्म और पूरी क्षमता के साथ खोलने का फैसला लिया है। इसके अलावा शादी समाहरोह में 200 कई जगह 400 की क्षमता रखने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में आज कोविड 19 के मद्देनजर प्रतिबंध एवं छूट के संदर्भ में आयोजित झारखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में अहम निर्णय लिए गए। जिसमें सभी जिलों में दिनांक 07.03.22 की तिथि से विद्यालय में कक्षा 1 एवं इससे ऊपर की कक्षा के आॅफलाइन संचालन की अनुमति दी गयी। उक्त जिलों में कक्षा 1 एवं इससे ऊपर की कक्षा के विद्यार्थी के लिए कोचिंग संस्थान भी खोलने की अनुमति दी गयी है। रांची, पूर्वी सिंहभूम, देवघर, चतरा, सिमडेगा, सरायकेला और बोकारो में कक्षा 1-8 के लिए दिनांक 31.03.22 की तिथि तक आॅफलाइन परीक्षा प्रतिबंधित रहेंगी। सभी विद्यालयों में आॅनलाइन शिक्षा जारी रहेगी। विद्यालय में विद्यार्थियों की उपस्थिति अनिवार्य नहीं होगी। कोरोना प्रोटोकॉल में पाबंदियों में दी जा रही राहत में सभी के लिए स्विमिंग पूल और स्टेडियम खोलने की अनुमति दी गयी है। दर्शकों की उपस्थिति मे खेलकूद आयोजित करने की अनुमति संबंधित उपायुक्त द्वारा दी जाएगी। खुले में 500 से अधिक व्यक्ति का एकत्रित होना प्रतिबंधित रहेगा। बंद जगह में 500 से अधिक व्यक्ति या जगह की 50 फीसदी क्षमता, जो कम हो, उसका एकत्रित होना प्रतिबंधित होगा। सभी सरकारी और निजी कार्यालय में शत प्रतिशत कर्मी की उपस्थिति की अनुमति दी गयी है। इसके अलावा सभी पार्क और पर्यटन स्थल खोलने की अनुमति दी गयी है। रेस्त्रां, बार, सिनेमा हॉल, दुकान एवं शॉपिंग मॉल में पूर्ण क्षमता के अनुरूप व्यक्तियों की उपस्थिति की अनुमति दी गयी है। साथ ही सभी दुकान एवं व्यावसायिक प्रतिषठान अपने सामान्य समय तक खुलें रह सकेंगे। आंगनबाड़ी केंद्र भी खुले रहेंगे। इसके अलावा मेला, जुलूस और प्रदर्शनी प्रतिबंधित रहेंगे। भारत सरकार के आदेश के आलोक में सार्वजनिक स्थल पर मास्क पहनना अनिवार्य है। भारत सरकार के आदेश के आलोक में सार्वजनिक स्थल पर दो गज की दूरी (सामाजिक दूरी) का अनुपालन किया जाना है।
टीम एबीएन, रांची। राज्यपाल रमेश बैस ने अपने 40 मिनट के अभिभाषण के दौरान अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाई। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने कृषि ऋण माफी योजना के तहत अब तक 2 लाख से ज्यादा किसानों के खातों में 836.57 करोड़ की राशि ट्रांसफर की है। झारखंड में पहली बार साल 2021 से सीड टोकन के माध्यम से बीज वितरण की शुरूआत की गई है। 2021 में राज्य में कुल 37,047 क्विंटल खरीद और 21 22 में अब तक 32,743 क्विंटल रवि बीज का वितरण किया गया है। राजकीय कृषि क्षेत्रों की भूमि में कृषक पाठशाला स्थापित करने और इनकी परिधि में स्थित गांवों को बिरसा ग्राम के रूप में विकसित करने के लिए 61 करोड़ की लागत से समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना सह कृषक पाठशाला योजना लागू की गई। राज्यपाल रमेश बैस ने बताया कि उनकी सरकार झारखंड के ग्रामीण घरों में स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए तत्परता से काम कर रही है। 2024 तक कुल 59,23,320 ग्रामीण घरों में नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य है। अब तक 10,89,904 घरों में यह सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। राज्य के सुदूर ग्रामीण टोला में जलापूर्ति की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 4374 पंचायतों में 5 नलकूप प्रति पंचायत स्थापित करने की कार्रवाई की जा रही है। शहरों और गांवों के बीच की दूरी को कम करने के लिए टेक्नोलॉजी का सहारा लिया जा रहा है। अब तक 4533 ग्राम पंचायतों तक आॅप्टिकल फाइबर केबल की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। युवक-युवतियों को सॉफ्ट स्किल की निशुल्क ट्रेनिंग दी जा रही है। इस साल से राज्य के बेरोजगार अध्ययनरत युवकों और युवतियों के लिए मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना शुरू की जा रही है। राज्यपाल ने बताया कि उनकी सरकार झारखंड असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत श्रमिकों के कल्याण के लिए 5 योजनाएं चला रही है। रेशम उत्पादन से जुड़े बुनकरों और शिल्पकारों को उन्नत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रांची में एनआईडी, अहमदाबाद के सहयोग से झारखंड इंस्टीट्यूट आफ क्राफ्ट एंड डिजाइन संस्थान की स्थापना की जा रही है। अभी तक कुल 7 खनिज ब्लॉक की नीलामी का कार्य संपादित किया जा चुका है। वर्तमान में चार लौह अयस्क और मैंगनीज अयस्क, 4 चूना पत्थर, 3 बॉक्साइट और दो ग्रेफाइट खनिज ब्लॉक की नीलामी की तैयारी चल रही है। राज्यपाल ने बताया कि झारखंड माल और सेवा कर अधिनियम 2017 के अधीन दिसंबर 2021 तक कुल 16,850 नए करदाता निबंधित हुए हैं। वित्तीय वर्ष 21-22 में जनवरी 22 तक कुल 16611.80 करोड़ का राजस्व संग्रहण हुआ है। जो पिछले साल जनवरी तक की तुलना में 4918.47 करोड़ ज्यादा है। झारखंड में जनवरी 2021 में झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना लागू की गई है। इसके तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से आच्छादित 15 लाख लाभुकों को अनुदानित दर और एक रुपये प्रति किलोग्राम की दर से 5 किलोग्राम चावल प्रति लाभुक उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्यपाल ने बताया कि सोना सोबरन धोती साड़ी वितरण योजना के तहत 10 रुपए प्रति वस्त्र की अनुदानित दर पर 32 लाख 56 हजार 423 धोती, 18,55,610 लूंगी और 51,18,247 साड़ी का वितरण किया जा चुका है। इस बात पर फोकस करते हुए राज्यपाल ने बताया कि बीते वर्ष 2021-22 में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना से आच्छादित राशन कार्डधारी परिवारों को राज्य में निबंधित और प्रयोग किए जा रहे दुपहिया वाहनों के लिए प्रतिमाह 250 रुपए पेट्रोल सब्सिडी के लिए अनुदान राशि मुहैया कराई जा रही है। इस योजना के तहत जनवरी 2022 तक निबंधित 1,15,117 लाभुकों को सब्सिडी की राशि उनके खाते में ट्रांसफर की जा चुकी है। राज्यपाल ने सड़कों और पुल पुलिया के निर्माण पर सरकार के जोर का जिक्र किया। साथ ही नई पर्यटन नीति को लेकर कहा कि इससे पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार में वृद्धि होगी। देवघर, सिमडेगा, गढ़वा और पलामू में 20-20 मेगावाट क्षमता के सोलर पार्क की स्थापना की जा रही है। गिरिडीह शहर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की कार्रवाई भी की जा रही है। राज्यपाल रमेश बैस ने बताया कि कोरोना संक्रमण के दौरान संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए सरकार ने तमाम प्रभावी कदम उठाए। राज्य में 15 से 18 आयु वर्ग के किशोरों का टीका कार्यक्रम 3 जनवरी से शुरू किया गया है। उन्होंने जयपाल सिंह मुंडा छात्रवृत्ति योजना का भी जिक्र किया। इस योजना के तहत 10 अनुसूचित जनजाति छात्रों को इंग्लैंड और नॉर्थ आयरलैंड में स्थित संस्थानों में उच्च शिक्षा के लिए भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत अब तक 10,44,321 आवासों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर आवास योजना के तहत अब तक 29,925 आवासों का निर्माण किया जा चुका है। राज्यपाल रमेश बैस ने बताया कि उनकी सरकार ने हड़िया दारु के निर्माण और बिक्री में जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका से जोड़ने के लिए फूलो झानो आशीर्वाद योजना शुरू की है। इसके तहत अब तक 24,000 महिलाओं को आजीविका के नए साधनों से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने सखी मंडलों द्वारा निर्मित उत्पाद को पलाश ब्रांड देकर प्रमोट किए जाने से हो रहे फायदे का भी जिक्र किया। 6 वर्ष तक के बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने और सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत तमाम जरूरतमंद बुजुर्गों को यूनिवर्सल पेंशन का लाभ देने की कवायद जारी है। सरकारी शिक्षा को उत्कृष्ट बनाने के मकसद से 80 उत्कृष्ट विद्यालय, 325 प्रखंड स्तरीय लीडर स्कूल और 4091 ग्राम पंचायत स्तरीय आदर्श विद्यालयों को विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत करीब 12 सौ युवक युवती को सहायता देकर उद्यमी बनने का सपना साकार किया गया है। आज यह लोग करीब 4795 लोगों को रोजगार दे रहे हैं। राज्यपाल ने बताया कि राज्य निर्माण की 20 साल से ज्यादा वक्त बीतने के बाद भी आंदोलनकारियों की सुध कोई नहीं ले पाया। लेकिन उनकी सरकार ने आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के लिए पेंशन के साथ-साथ सरकारी नौकरियों में 5% का क्षैतिज आरक्षण की योजना को लागू किया है। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में कहा कि मनरेगा के तहत राज्य में कुल 125000 कार्य दिवस सृजित किए गए थे। जिसके तहत 118000 लोगों को अब तक रोजगार दिया जा चुका है उन्होंने कहा कि गरीबों की विकास के लिए और समाज की मुख्यधारा में उन्हें जोड़ने के लिए झारखंड सरकार कृत संकल्प है और केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के साथ राज्य लगातार विकास कर रहा है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा का 25 फरवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र के हंगामेदार होने की संभावना है। विपक्षी सदस्य मॉब लिंचिंग, भाषा विवाद और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरेंगे, वहीं नई शराब नीति पर विपक्ष के साथ ही सत्तापक्ष के विधायक भी सवाल उठा सकते है। बजट सत्र के पहले दिन 25 फरवरी को राज्यपाल का अभिभाषण होगा। बजट सत्र में 3 मार्च को आगामी वित्तीय वर्ष 2022-23 का वार्षिक बजट पेश होगा। इससे पहले 2 मार्च को आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी जाएगी। 25 मार्च तक चलने वाले सत्र में 17 कार्य दिवस है। इस सत्र में 28 फरवरी को चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 का तृतीय अनुपूरक बजट भी सदन में पेश किया जाएगा। सत्र के सफल संचालन को लेकर विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो ने मुख्य सचिव समेत अन्य वरीय अधिकारियों के साथ दो दिन पहले ही बैठक की है। इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष ने आज सर्वदलीय बैठक भी की जिसमें भारतीय जनता पार्टी को छोड़कर सभी दलों के सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में सभी दलों के सदस्यों ने सदन के सुचारू संचालन के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने मॉब लिंचिंग और क्षेत्रीय भाषा उर्दू पर सरकार को सदन के अंदर घेरने की रणनीति बनायी है। वहीं इस बार भी बजट सत्र नेता प्रतिपक्ष के बिना ही आहूत किया जा रहा है। जबकि नई शराब नीति पर सत्तापक्ष के लोबिन हेम्ब्रम ने पहले ही खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की है और इस बार भी यह उम्मीद की जा रही है कि वे सदन में अपनी ही सरकार को मुश्किल में डाल सकते है। वहीं चिंतन शिविर में हिस्सा लेने के बाद कांग्रेस विधायकों में भी नयी ऊर्जा का संचार हुआ है और इसका असर बजट सत्र में भी देखने को मिल सकता है। स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने जिस तरह से सीधे मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कांग्रेस संगठन को कमजोर करने का आरोप लगाया है, उस मुद्दे को विपक्षी विधायक हवा देने की कोशिश करेंगे।
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