टीम एबीएन, रांची। अखिल भारतीय भोजपुरी, मगही, मैथिली अंगिका मंच ने आज झारखंड बंद बुलाया है। बंद को लेकर रांची पुलिस पूरी तरह से अलर्ट पर है। बंद से निपटने को लेकर शनिवार देर रात रांची एसएसपी ने सभी थानेदारों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें बंद को लेकर जरूरी एहतियात बरतने का निर्देश दिया। बंद समर्थकों से निपटने के लिए रांची पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। बंद को लेकर जिले में चार हजार फोर्स की तैनाती की गई है। एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा ने इस संबंध सभी थानेदारों को निर्देश दिया है कि सरकारी व निजी चीजों को क्षतिग्रस्त करने वालों को तुरंत गिरफ्तार कर लें। चाहे वह किसी भी दल या पार्टी के हो। एसएसपी में शनिवार की रात थानेदारों को ब्रीफिंग भी की। इस दौरान निर्देश दिया कि डीएसपी और थानेदार अपने-अपने क्षेत्र में सुबह से ही गश्त लगाएं। कोई भी व्यक्ति अगर सड़क जाम करता है तो उसके साथ सख्ती बरतें। बंद समर्थको से निपटने के लिए झारखंड पुलिस, सैफ, जैप के अलावा अन्य बलों को लगाया गया है। सुरक्षा बलों की विशेष तैनाती की गई है, ताकि विधि-व्यवस्था संबंधित कोई परेशानी सामने नहीं आए। भारी संख्या में दंडाधिकारियों को भी जिले में प्रतिनियुक्त कर दिया गया है। संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। हर थाना क्षेत्र और संवेदनशील जगहों पर क्यूआरटी भी तैनात होगी। बंद के दौरान उत्पात मचाने वालों के साथ पुलिस सख्ती से निपटेगी। उत्पात मचाने वाले प्रदर्शनकारियों पर पुलिस सीधे प्राथमिकी दर्ज करेगी। सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी कैमरा से पूरे शहर की निगरानी की जाएगी। इसकी मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जाएगी। कंट्रोल रूम में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। जिन इलाकों में प्रदर्शनकारी सड़क जाम करेंगे, वहां पर अतिरिक्त फोर्स भेजा जाएगा। वहीं ड्रोन कैमरे से भी नजर रखी जाएगी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार और संस्थाएं लगातार प्रयास कर रही है। इसके लिए राज्य में कई प्रकार की योजनाए चलायीं जा रही है साथ ही कई शोध भी किए जा रहे है। रांची स्थित बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में भी बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण और शोध कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। किसानों की आय बढ़ाने के लिए अब राज्य के किसानों को मसाला की खेती करने लिए जागरुक किया जाएगा। किसानों को वैज्ञानिक तरीके से मसाले की खेती करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा और उन्हें इसकी खेती के लिए भी प्रेरित भी किया जाएगा। बीएयू का मानना है कि मसाले की खेती से राज्य के किसानों को काफी लाभ होगा। बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के मुताबिक किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें मासालों की वैज्ञानिक खेती का प्रशिक्षण देगा। यूनिवर्सिटी के मुताबिक राज्य में हल्दी, धनिया, अदरक जैसे मसालों की खेती बेहतर तरीके से हो सकती है। यहां पर इसकी आपार संभावनाए हैं क्योंकि यहां की जलवायु हल्दी, अदरक, मेथी और मिर्च के की खेती के लिए उपयुक्त है। इसके साथ ही इन मसालों का अंतराष्ट्रीय बाजार काफी बड़ा है। इससे यहां के किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी। अलग-अलग प्रकार की हल्दी को लेकर किए जा रहे शोध : बिरसा यूनिवर्सिटी के परियोजना प्रभारी डॉ अरुण कुमार तिवारी बताते हैं कि झारखंड में मसालों की खेती को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय में कई प्रकार के शोध किए जा रहे हैं। बीएयू में चलाए जा रहे अनुसंधान के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि हल्का पीला हल्दी में बहुत सारे औषधिय गुण होते हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में इस पर शोध किए जा रहे हैं। जबकि अधिक पीला हल्दी की 11 किस्में हैं जिनपर अनुसंधान किया जा रहा है। इस हल्दी की सभी किस्में खाद्य पदार्थों में रंग का काम करती है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि हल्की और अदरक के उत्पादन और भंडारण में उनपर कीड़े नहीं लगे इस पर भी कार्य किया जा रहा है। विभिन्न जिलों से किसानों का हो रहा चयन : उन्होंने आगे बताया कि झारखंड में मसालों की खेती को बढ़ावा देने के लिए बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी को ट्राइबल सब प्लान को मंजूरी दी गई है। मसाला की खेती के लिए झारखंड इसलिए उपयुक्त माना जाता है क्योंकि यहां कि मिट्टी की एसिडिक है। इसके साथ ही यहां पर बागवानी को बढ़ावा दिया जा रहा है। बगान के बीच में छाव में भी हल्दी और अदरक की खेती की जा सकती है। डॉ अरुण कुमार तिवारी ने बताया कि झारखंड में इन सब संभावनाओं को देखते हुए मसाले की खेती के विकास के लिए कार्य किया जा रहा है। इतना ही नहीं विभिन्न जिलों से किसानों का चयन भी किया जा रहा है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के वित्तमंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने उम्मीद जताई है कि वर्ष 2022-23 में केंद्र सरकार से राज्य को ज्यादा पैसा मिलने की उम्मीद है। उन्होंने विधानसभा में भोजनावकाश के बाद 2022-23 के बजट पर सामान्य वाद-विवाद के बाद सरकार की ओर से उत्तर देते हुए कहा कि पिछली सरकार ने माड़-भात खिलाया, लेकिन अब हेमंत सरकार दाल-भात खिलाएंगी। वित्तमंत्री ने कहा कि 60 लाख परिवारों को प्रत्येक महीने एक रुपये की दर पर एक किलोग्राम दाल देने के फैसले पर आजसू पार्टी के सुदेश महतो के तंज से उन्हें दु:ख पहुंचा है। उन्होंने कहा कि पिछली रघुवर दास सरकार में लोगों को माड़-भात खिलाया गया, अब राज्य सरकार गरीबों को दाल-भात खिलाएगी। डॉ उरांव ने कहा कि बजट का योजना आकार काफी मायने रखता है, पहली बार झारखंड सरकार का बजट एक लाख करोड़ से पार पहुंचा है, बजट के बड़े आकार रहने से आर्थिक गतिविधियां बढ़ेगी, राज्य प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि इस बार पूंजीगत व्यय के लिए करीब 24 हजार करोड़ रुपए का आवटन किया गया है, इससे आधारभूत संरचना के विकास में तेजी आएगी। वित्तमंत्री ने यह भी कहा कि उन्हें यह कहने में कोई संकोच नहीं है इस बार केंद्र सरकार से ज्यादा पैसा मिलेगा। उन्होंने कहा कि कभी भी बजट में आवंटित राशि शत प्रतिशत खर्च नहीं होती है, लेकिन यह भी सही है कि इस बार पहले से ज्यादा राशि खर्च हुई है, हालांकि कोरोना काल में थोड़ी परेशानियां हुई है, लेकिन सभी को इस बात पर विचार करना चाहिए कि कैसे राजस्व में बढ़ोत्तरी हो और झारखंड को विकास की नई ऊंचाईयों तक पहुंचाया जाए। चर्चा में विधायक लोबिन हेंब्रम, सीपी सिंह, प्रदीप यादव, अमित कुमार मंडल, सुदेश कुमार महतो, रामदास सोरेन, दीपिका सिंह पांडेय, मथुरा प्रसाद महतो, विनोद कुमार सिंह, सुदेश महतो और सरयू राय ने भाग लिया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। चार मार्च (भाषा) रूस-यूक्रेन युद्ध छिड़ने से पैदा हुई अनिश्चितता को देखते हुए सरकार देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के बारे में कोई भी निर्णय निवेशकों के हितों को ध्यान में रखकर ही करेगी। खाद्य कीमतों के कारण मुद्रास्फीति अब भी खतरा : चिदंबरम- निवेश एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने शुक्रवार को कहा कि सरकार भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का आईपीओ चालू वित्त वर्ष में ही लाना चाहती है लेकिन मौजूदा स्थिति काफी गतिशील हो चुकी है। सरकार इसे मार्च 2022 में ही लाने की तैयारी में लगी हुई थी लेकिन यूक्रेन संकट से शेयर बाजारों में मची आपाधापी को देखते हुए वह इस पर पुनर्विचार करती हुई नजर आ रही है। सरकार एलआईसी में अपनी पांच फीसदी हिस्सेदारी के विनिवेश से 60,000 करोड़ रुपये से अधिक रकम जुटाने की उम्मीद लगाए हुए है। उसका वित्त वर्ष 2021-22 में विनिवेश से 78,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य है जिससे वह अभी बहुत पीछे चल रही है। पांडेय ने प्रतिस्पर्द्धा कानून के अर्थशास्त्र, 2022 विषय पर आयोजित एक संगोष्ठी में कहा, इस समय कुछ अप्रत्याशित घटनाएं हो रही हैं। हम बाजार पर करीबी निगाह रखे हुए हैं और सरकार जो भी कदम उठाएगी वह निवेशकों एवं आईपीओ के हित में ही होगी। उन्होंने कहा कि सरकार चालू वित्त वर्ष में ही यह आईपीओ लाना चाहती है लेकिन इस संकट के आ जाने से हालात बेहद परिवर्तनशील हो गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में सजग रहने और उसके हिसाब से रणनीति बनाने की जरूरत है। पांडेय ने कहा कि इस बारे में सरकार पेशेवर परामर्शदाताओं की सलाह ले रही है और निवेशकों एवं हितधारकों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाएगा। दीपम के सचिव ने कहा कि एलआईसी सिर्फ कोई रणनीतिक निवेश न होकर एक बेहद महत्वपूर्ण घटना है। एलआईसी बहुत पुराना संगठन होने के साथ ही इसका सार्वजनिक स्वामित्व भी बहत व्यापक है।
टीम एबीएन, रांची। वित्तीय वर्ष 2022-23 के झारखंड बजट में शिक्षा के क्षेत्र के लिए सरकार ने कई पहल किए हैं। बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा शिक्षा के लिए 11,660 करोड़ का बजट में प्रावधान किया गया है। इसके अलावे सरकार ने पारा शिक्षकों के मानदेय में इजाफा करते हुए सहायक शिक्षक का दर्जा दिया है। गरीब छात्र छात्राओं के उच्च शिक्षा के लिए सरकार गुरुजी क्रेडिट कार्ड स्कीम लाएगी। साथ ही रिनपास की खाली जमीन पर मेडिको सिटी स्थापित करने का भी प्रस्ताव है। झारखंड में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा पर जोर देते हुए 33 नये डिग्री महिला कॉलेज में पदों क सृजन की तैयारी की जा रही है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा बजट सत्र चल रहा है। गुरुवार को सत्र के चौथे दिन सदन के बाहर विपक्ष ने पिछड़ों को आरक्षण के आधार पर त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव की मांग मुखर की है। इसको लेकर विपक्ष ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। वहीं सत्ताधारी दल ने भी उनकी मांगों का समर्थन किया है। झारखंड में पंचायत चुनाव आरक्षण के आधार पर हो, इसको लेकर सदन के बाहर अपने हाथों में तख्ती लेकर विपक्ष के विधायक पिछड़ों को 27 फीसदी आरक्षण देने की मांग करते नजर आए। उन्होंने इसी आधार पर पंचायत चुनाव कराने की मांग की है। भाजपा विधायक रामचंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का आदेश को पालन करें, पिछड़ों को आरक्षण के आधार पर ही पंचायत चुनाव कराया जाए। उनका कहना है कि लेकिन मौजूदा सरकार ने आरक्षण को दरकिनार कर पंचायत चुनाव कराने की घोषणा की है, जिसका वो लोग विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड में 56 प्रतिशत पिछड़ों की आबादी है, इसी के आधार पर सरकार बनती है। लेकिन सरकार की नींद नहीं खुली है और पिछड़ों के साथ अन्याय कर रही है सरकार अगर पिछड़ों को 27 प्रतिशत आरक्षण के साथ पंचायत चुनाव नहीं कराती है तो आगे वृहद रूप से आंदोलन होगा। के विधायक मथुरा प्रसाद महतो ने भी विपक्ष के इस मांग का समर्थन किया है। उनका कहना है कि निश्चित रूप से राज्य में पिछड़ों को 27 प्रतिशत आरक्षण मिले, उसी के आधार पर झारखंड में पंचायत चुनाव हो। उन्होंने कहा कि सरकार सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए पंचायत चुनाव कराए। उन्होंने कहा कि सरकार भले ही कैबिनेट में इसकी मंजूरी दे दी है लेकिन पिछड़ों को 27% की आरक्षण मिलना ही चाहिए।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड का बजट पेश करने के बाद वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान वित्तमंत्री ने बजट में की घोषणाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि एक लाख एक हजार एक सौ एक करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया है। बजट को तीन क्षेत्र में बांटा गया है। कमरा निर्माण के लिए मिलेगा 50 हजार रुपए : उन्होंने कहा कि इस वर्ष राज्य सरकार 64 लाख परिवार को प्रति परिवार एक किलो दाल देगी। पीएम आवास योजना के तहत मिलने वाले लाभ के अतिरिक्त प्रति आवास 50 हजार रुपए एक अतिरिक्त कमरा बनाने के लिए लाभुक को राज्य सरकार देगी। आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चो को राज्य सरकार गर्म पोशाक देगी। 100 यूनिट मुफ्त बिजल : रामेश्वर उरांव ने कहा कि "गुरुजी क्रेडिट कार्ड" के जरिए गरीब छात्र उच्चतर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। राज्य सरकार एक एयर एंबुलेंस खरीदेगी। साहेबगंग में हवाई अड्डा का निर्माण होगा और बिजली बिल का बोझा कम करने के लिए राज्य सरकार प्रति परिवार प्रदेश के लोगों को 100 यूनिट बिजली मुफ्त देगी। स्टार्ट फंड किया जाए विकसित : मंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए स्टार्ट फंड विकसित किया जाएगा। उन्होंने ने कहा कि दुमका के मसलिया में एक हजार करोड़ से ज्यादा की लागत से सिंचाई योजना के तहत तीन सौ चेक डैम का निर्माण कराया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के लिए मनरेगा में 12 लाख 50 हजार मानव दिवस का श्रीजन किया जाएगा। विदेशों में पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति देगी सरकार : वित्तमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक छात्र को भी विदेशों में पढ़ाई के लिए राज्य सरकार छात्रवृत्ति देगी। इस बजट के माध्यम से बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा के साथ आधारभूत संरचना पर ध्यान दिया गया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में बुधवार को विधानसभा बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से कई विधायकों ने उनके साथ रह रहे, सुरक्षाकर्मियों, चालको के भोजन पानी आदि की समस्या विधायकों ने सदन में उठाया। विधायकों का कहना था कि बजट सत्र लंबा चल रहा है और उनके सुरक्षाकर्मियों, चालक, कर्मचारी दिनभर विधानसभा में भूखे पयासे परिसर में रहते हैं। विधानसभा के इंट्रेंस में खाने पीने की कोई व्यवस्था नहीं है जिस पर मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया और खुद निकल पड़े कर्मचारी और सुरक्षाकर्मियों का जायजा लेने के लिए। उन्होंने हर एक सुरक्षाकर्मि से मुलाकात की और खाने पीने की व्यवस्था और अन्य सुविधाओ का जायजा लिया करीब 25 मिनट मुख्यमंत्री विधानसभा के पार्किंग एरिया में रहे। इसके बाद पत्रकारों ने उनसे अचानक पार्किंग एरिया जाने का सबब पूछा तो उन्होंने बताया कि सत्र के कार्यमंत्रणा के दौरान कई विधायकों ने सुरक्षाकर्मियों, चालकों की व्यवस्था को लेकर उनसे शिकायत की थी। विधायकों ने कहा कि घंटों ये लोग बाहर भूखे -प्यासे रहते हैं। जिसे सीएम ने गंभीरता से लिया।पार्किंग एरिया जा कर सीएम ने जायजा लिया। साथ ही अव्यवस्था पर उन्होंने जवाब तलब भी किया।
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