राज काज

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Published / 2022-03-11 16:43:11
अब 4जी जैमर झारखंड की जेलों में लगायेंगे मोबाइल की घंटी पर रोक

टीम एबीएन रांची। झारखंड के सभी जिलों में अब 4जी जैमर लगाने की तैयारियां शुरू कर दी गई है। इसके लिए ट्रायल भी शुरू कर दिया गया है। जेल प्रशासन ने जेल के अंदर अब मोबाइल के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए जेल 4जी जैमर लगाने की तैयारी कर ली है। जल्द ही इसकी कवायद शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए दो कंपनियों का चयन किया गया है। एक कंपनी के द्वारा झारखंड के कई जिलों में 4जी का ट्रायल भी किया गया जो सफल हुआ है। झारखंड के सभी जेलों में 2जी जैमर लगा हुआ है, लेकिन अपराधी 4जी सिम का इस्तेमाल करते हैं। जेल प्रशासन के लाख प्रयास के बावजूद जेल के अंदर मोबाइल बड़ी आसानी के साथ पहुंच जाता है। जिसके बाद बड़े अपराधी से लेकर छोटे अपराधी जेल के अंदर से बैठकर ही अपनी सल्तनत चलाते हैं। यही वजह है कि अब 4जीजैमर लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। झारखंड के जेल आईजी मनोज कुमार ने बताया कि झारखंड के रामगढ़ जिले में जैमर का सफल डेमो भी हो चुका है। जिसमे जेल के अंदर जैमर की क्वालिटी भी टेस्ट हो चुकी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के द्वारा सर्टिफाइड बेल और ईसीएल के जैमर की टेस्टिंग हुई है। बेल की तरफ से रेट का कोटेशन भी दिया जा चुका है तो वही एउकछ के कोटेशन का इंतेजार जेल प्रशासन को है जिसके आने के साथ ही इस प्रस्ताव को कैबिनेट के पास भेजा जाएगा। बिरसा मुंडा जेल में लगेगा जैमर : शुरूआती चरण में इसे रांची के स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार होटवार में इंस्टॉल किया जाएगा। जिसके बाद दो महीने के सफल संचालन के बाद ही झारखंड के दूसरे जेलों में इन जैमरों को इंस्टॉल करने का कार्य शुरू हो जाएगा। झारखंड के जेल आईजी मनोज कुमार का कहना है कि जैमर की खरीद केंद्रीय गृह मंत्रालय के ही सर्टिफाइड कंपनियों से करनी होती है और इसके लिए दो ही एजेंसियां हैं इएछछ और एउकछ। उन्होंने बताया कि इन जैमरों से सिर्फ जेल की चारदीवारी के अंदर का ही नेटवर्क जाम करना होता है। जेल के बाहर इसका कोई प्रभाव नही पड़ता है। इसे भी डेमो के दौरान चेक किया गया है। वहीं उन्होंने बताया कि रामगढ़ में कुल 24 जैमर लगा कर डेमो किया गया था। जेल आईजी ने बताया कि इन जैमरों से मोबाइल नेटवर्क से किसी भी तरह की कॉल चाहे वो इंटरनेट कॉल हो या फिर बेसिक कॉल दोनों बाधित हो जाएंगी। बड़े अपराधी चला रहे हैं जेल से ही सल्तनत : झारखंड के कुख्यात अपराधी जेल से ही अपनी सल्तनत चला रहे हैं। अखिलेश सिंह, सुजीत सिन्हा, अनिल शर्मा, अमन सिंह, अमन साव, सुरेंद्र बंगाली और तिवारी गिरोह जैसे गैंगस्टर जेल में बैठे बैठे अपने गिरोह का संचालन कर रहे हैं। ये अपराधी सरकारी अधिकारियों से लेकर बड़े ठेकेदारों से रंगदारी वसूलते हैं। यह सारी गतिविधियां फोन से ही संचालित की जाती रही है। फोन जाने पर डर के कारण हर कोई रंगदारी देकर अपने आप को सुरक्षित रखना चाहता है। जेल से रंगदारी के बढ़ते मामलों को लेकर झारखंड पुलिस भी बैकफुट पर है और नई रणनीति के तहत काम करने की कोशिश कर रही है। एक सप्ताह के अंदर लगेगा मेटल डिटेक्टर : 4जी जैमर के साथ साथ जेल में अब मेटल डिटेक्ट स्कैनर भी लगाया जाएगा। जेल प्रशासन की ओर से इसकी तैयारी चल रही है। संभावना व्यक्त की जा रही है कि एक सप्ताह के भीतर नया स्कैनर जेल में लगा दिया जाएगा। स्कैनर लगने के बाद कोई सामान चाहे वह कैदियों का हो या फिर पुलिसकर्मियों का स्कैन होकर ही भीतर जाएगा। इसके पता चल जाएगा कि जेल के भीतर क्या सामान गया है।

Published / 2022-03-10 17:04:41
अग्रिम चरण में है कई सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण की प्रक्रिया : दीपम

एबीएन सेंट्रल डेस्क। निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने शुक्रवार को कहा कि सरकार की बहुलांश हिस्सेदारी वाले कई सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण की प्रक्रिया अग्रिम चरण में है और इनकी बिक्री के लिए जल्द ही रुचि पत्र मंगाए जायेंगे। खाद्य कीमतों के कारण मुद्रास्फीति अब भी खतरा : चिदंबरम- मर्चेंट चैंबर आॅफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एमसीसीआई) द्वारा आयोजित एक वेबिनार में पांडेय ने कहा कि सरकार ने हाल में एयर इंडिया और नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड जैसे दो सरकारी संगठनों का सफलतापूर्वक निजीकरण किया है। उन्होंने कहा कि शेयर खरीद समझौते (एसपीए) को बुधवार को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी। सचिव के अनुसार, विभाग भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसीएल), भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल), शिपिंग कॉरपोरेशन आॅफ इंडिया (एससीआई), सेल की कुछ इकाइयों और राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) के इस्पात संयंत्र के लिए रुचि पत्र के साथ तैयार हो रहा है। उन्होंने कहा कि रेलटेल, आईआरएफसी और मझगांव डॉक... जैसी तीन महत्वपूर्ण कंपनियों को पिछले वर्ष कोविड महामारी के दौरान निजीकरण के लिए सूचीबद्ध किया गया था। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) पर पांडेय ने कहा, शुरूआती दस्तावेज तैयार है। रूस और यूक्रेन के बीच संकट के कारण हम बाजार की स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं। आईपीओ को जल्द बाजार में लाया जाएगा और यह भारतीय पूंजी बाजार के लिए बड़ा अवसर होगा।

Published / 2022-03-10 14:07:14
राहत : अब रेल यात्रियों को नहीं उठाना पडेगा कंबल का बोझ

टीम एबीएन, कोडरमा। अब रेल यात्रियों को कंबल और चादर लेकर चलने की जरुरत नहीं होगी। भारतीय रेलवे ने गुरुवार को तत्काल प्रभाव से ट्रोनों में बेडरोल की सुविधा बहाल करने का ऐलान किया है। इससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। मालूम हो कि कोविड-19 की वजह से 22 मार्च 2020 से 30 जून तक 2020 तक देश भर में ट्रेनों के पहिए थम गए थे। एक जुलाई से रेल मंत्रालय ने लंबी दूरी की ट्रेनों का परिचालन शुरू किया था। लेकिन बेडरोल और खाने पीने की व्यवस्था एवं जेनरल बोगियों में रिजर्वेशन जरूरी कर दिया गया था। इधर, कोविड के कमजोर होने के बाद रेलवे ने जेनरल बोगियों के टिकट और खानपान की व्यवस्था तीन महीने पहले शुरू कर दी थी लेकिन 20 माह बाद भी बेडरोल की सुविधा शुरू नही की गई थी। इधर लंबे समय से इस व्यवस्था को लागू करने की मांग उठ रही थी और रेलवे मंत्रालय के निर्देश के बाद एक अतिरिक्त लैगेज ले जाने से राहत मलेगी। एसी बोगियों में कंबल तकिया और चादर की सुविधा उपलब्ध होने से राजधानी, दुरंतो और अन्य मेल एक्सप्रेसों में सुविधा मिलेगी। क्या कहते हैं अधिकारी: पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर के पीआरओ वीरेंद्र कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत धनबाद रेल मंडल, पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल, दानापुर, हाजीपुर और समस्तीपुर रेल मंडल से खुलनेवाली ट्रेनों में बेडरोल उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। और लाउंड्री में साफ-सफाई करने का निर्देश जारी कर दिया गया है। बताते चलें कि लगभग 20 माह से चादर, तकिया का उपयोग नहीं होने से कई खराब भी हो चुके हैं।

Published / 2022-03-10 07:20:34
चुनावी नतीजे से शेयर बाजार में शानदार उछाल, सेंसेक्स 1350 अंक चढ़ा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। संयुक्त अरब अमीरात द्वारा कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने की घोषणा से कच्चे तेल के भाव में नरमी आई है। बुधवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 13.20 फीसदी गिरकर 111.14 डॉलर प्रति बैरल हो गई। अप्रैल 2020 के बाद एक दिन में यह सबसे बड़ी गिरावट थी। हालांकि, गुरुवार को ब्रेंट के दाम में उछाल आया है और यह 3.5 फीसदी बढ़कर 115 डॉलर प्रति बैरल के पार हो गया। इससे पहले इसी हफ्ते ब्रेंट क्रूड 139 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के करीब पहुंच गया था। कीमतों का ये स्तर बीते 14 सालों में सबसे ऊंचा स्तर रहा है। रूस यूक्रेन संकट की वजह से कीमतों में एक हफ्ते में 30 प्रतिशत से ज्यादा की उछाल देखने को मिल चुका है। यूएई तुरंत 8 लाख बैरल तेल का उत्पादन बढ़ा सकता है, जो कि रूस पर लगे प्रतिबंधों से घटी सप्लाई के सातवें हिस्से की भरपाई कर देगा। वहीं आने वाले समय में ईरान से भी सप्लाई बढ़ने का अनुमान है जिससे भी आगे दबाव और कम होने का अनुमान दिया गया है। इन संकेतों को देखते हुए जानकारों ने अनुमान दिया है कि कीमतों में आगे और कमी आ सकती है। दरअसल, तेल उत्पादक देशों को भी आशंका है कि तेल कीमतों में इतने उछाल से मांग पर नकारात्मक असर पड़ेगा वहीं अर्थव्यवस्थाओं में महंगे तेल से अगर सुस्ती आती है तो कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट आएगी। इसलिये ओपेक देश तेल उत्पादन बढ़ा सकते हैं। निवेशकों को 5.5 लाख करोड़ रुपये का फायदा : बाजार में शानदार तेजी से निवेशकों को बड़ा मुनाफा हुआ है। उनकी दौलत 5.50 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बढ़ गई है। बुधवार को बीएसई लिस्टेड कुल कंपनियों का मार्केट कैप 2,48,32,780.78 करोड़ रुपये था, जो आज 5,54,064.19 करोड़ रुपये बढ़कर 2,53,86,844.97 करोड़ रुपये हो गया।

Published / 2022-03-10 07:10:05
11-13 तक होनेवाली सातवीं-दसवीं जेपीएससी की मुख्य परीक्षा की तैयारियां पूरी

टीम एबीएन, रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग की ओर से सातवीं से लेकर दसवीं सिविल सेवा मुख्य परीक्षा को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रांची के 9 परीक्षा केंद्रों में यह परीक्षा आयोजित होगी। 11 से 13 मार्च तक परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। दो पाली में परीक्षा आयोजित हो रही है। प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 10:00 बजे से 1:00 बजे तक और दूसरी पाली की परीक्षा 2:00 से 5:00 तक आयोजित होगी तमाम परीक्षा केंद्रों पर कदाचार मुक्त परीक्षा आयोजित करने के लिए उपायुक्त और वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस बल पदाधिकारियों के साथ-साथ दंड अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। परीक्षा केंद्र के बाहर भीड़ लगाकर विधि व्यवस्था भंग करने की आशंका को देखते हुए परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा जारी की गई है। इन परीक्षा केंद्रों में आयोजित हो रही है जेपीएससी की सातवीं से लेकर दसवीं की मुख्य परीक्षा। रांची : 1. डीएवी कपिलदेव पब्लिक स्कूल 2. सैंट जॉन हाई स्कूल करबला टैंक रोड 3. संत जेवियर कॉलेज इंटरमीडिएट सेक्शन 4. गुरु नानक हायर सेकेंडरी स्कूल, पीपी कंपाउंड रांची 5. संत अन्ना गर्ल्स हाई स्कूल, डॉक्टर कामिल बुल्के पथ 6. संत अन्ना इंटरमीडिएट कॉलेज डॉक्टर कामिल बुल्के 7. गोस्सनर कॉलेज क्लब रोड रांची 8. संत अलोइस हाई स्कूल 9. उर्सुलाइन कॉन्वेंट गर्ल्स हाई स्कूल

Published / 2022-03-09 15:31:03
11 मार्च से होगी सातवीं जेपीएससी की मुख्य परीक्षा

टीम एबीएन, रांची। झारखंड हाई कोर्ट ने जेपीएससी मुख्य परीक्षा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब मुख्य परीक्षा का रास्ता साफ हो गया है। 11 मार्च से सातवीं जेपीएससी मुख्य परीक्षा होने वाली है। सातवीं से दसवीं जेपीएससी के संशोधित पीटी रिजल्ट को रद्द करने की मांग को लेकर दायर याचिका झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत में सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से जेपीएससी मुख्य परीक्षा पर रोक लगाने की मांग की गई थी। झारखंड हाई कोर्ट के न्यायाधीश राजेश शंकर की अदालत में इस मामले पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में बताया गया कि झारखंड लोक सेवा आयोग के द्वारा सातवीं जेपीएससी में जो संशोधित पीटी रिजल्ट निकाली गई है। वह गलत है। इसलिए इस संशोधित रिजल्ट को रद्द कर दिया जाए, साथ ही उन्होंने सातवीं जेपीएससी की आगामी 11 मार्च से होने वाली मुख्य परीक्षा पर भी रोक लगाने का आग्रह किया था। अदालत ने उनके इस आग्रह को अस्वीकार करते हुए रोक लगाने से इनकार कर दिया है। संशोधित पीटी रिजल्ट में सफल अभ्यर्थियों की ओर से अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि जेपीएससी का संशोधित पीटी रिजल्ट सही है, पूर्व में जो पीटी रिजल्ट निकाला गया था। वह गलत था। जिस तरह से रिजल्ट जारी किया गया था। उसमें आरक्षण दे दिया गया था। नियमानुसार पीटी में आरक्षण देने का प्रावधान नहीं है। सातवीं से 10वीं जेपीएससी पीटी रिजल्ट को कुछ असफल अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान जेपीएससी ने यह माना कि पीटी रिजल्ट में कुछ त्रुटि हो गया है। उसे सुधार करने के लिए हाई कोर्ट से अनुमति मांगी थी। अदालत ने उन्हें अनुमति दी। उसके बाद जेपीएससी ने संशोधित पीटी रिजल्ट जारी किया है। जिस रिजल्ट में पूर्व में कुछ सफल अभ्यर्थी असफल हो गए। उस संशोधित रिजल्ट में बाहर हुए अभ्यर्थियों ने फिर हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। उसी याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने इस मामले की विस्तृत सुनवाई 12 अप्रैल को तय की है।

Published / 2022-03-09 15:17:10
सरकारी दूरसंचार फर्मों की परिसंपत्तियां फिर होंगी नीलाम

एबीएन डेस्क (निकुंज ओहरी)। केंद्र जल्द ही भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और एमटीएनएल की परिसंपत्तियों की फिर से नीलामी शुरू करेगा। सरकार बिक्री की उन कुछ शर्तों को हटाने या नरम बनाने पर फैसला लेने जा रही है, जिनकी वजह से पहले प्रयास में बोलियां नहीं मिल पाई थीं। निवेश एवं सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) ने अपने नए ई-बोली पोर्टल के जरिये बिक्री के लिए बीएसएनएल और एमटीएनएल की छह परिसंपत्तियां चिह्नित की थीं, लेकिन यह नीलामी निवेशकों को बहुत ज्यादा नहीं लुभा पाई। इस पोर्टल को सरकारी कंपनी एमएसटीसी ने परिसंपत्ति मुद्रीकरण के लिए विकसित किया था। दीपम ने सरकार द्वारा नियुक्त परिसंपत्ति सलाहकारों को समाधान के लिए बोली के मापदंडों में दिक्कतें चिह्नित करने को कहा था। एक अधिकारी ने कहा कि इन परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण के लिए कुछ शर्तों को नरम बनाया जाएगा। दीपम सचिव की अगुआई वाला अंतर-मंत्रालय समूह इन दो सरकारी दूरसंचार कंपनियों की और परिसंपत्तियां चिह्नित कर उन्हें मंजूरी देगा। इन परिसंपत्तियों को कर्ज घटाकर इन कंपनियों को उबारने की रणनीति के तहत इस सप्ताह ही बिक्री के लिए रखा जाएगा। इन दो दूरसंचार कंपनियों की छह परिसंपत्तियों का मुद्रीकरण भी 2019 के आखिर में केंद्र द्वारा घोषित पुनरुद्धार पैकेज का हिस्सा था। दूरसंचार विभाग इन छह परिसंपत्तियों की बिक्री से 3,000 करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद कर रहा था। इनमें बीएसएनएल के चार भूखंड और मुंबई में एमटीएनएल की भूमि एवं आवासीय फ्लैट शामिल हैं। ये परिसंपत्तियां पहले दीपम के परिसंपत्ति मुद्रीकरण पोर्टल पर दिखाई गई थीं। इनमें बीएसएनएल की हैदराबाद में करीब 400 करोड़ रुपये की भूमि, राजपुरा में करीब 70 करोड़ रुपये की भूमि, भावनगर में 41 करोड़ रुपये की 5 एकड़ भूमि और कोलकाता में 161 करोड़ रुपये मूल्य की 11 एकड़ भूमि शामिल है। एमटीएनएल की मुंबई में 1.36 एकड़ की परिसंपत्ति का मूल्य 270 करोड़ रुपये और 20 आवासीय फ्लैटों की कीमत करीब 20 करोड़ रुपये है। इन्हें भी नीलामी के लिए रखा गया, लेकिन कुछ आवासीय फ्लैटों में भी खरीदारों ने रुचि दिखाई। हैदराबाद में बीएसएनएल की 11 एकड़ भूमि की खातिर बोली लगाने के लिए 100 करोड़ रुपये का नेटवर्थ जरूरी था। बीएसएनएल की राजपुरा में 20 एकड़ जमीन के लिए खरीदारों का नेटवर्थ 17 करोड़ रुपये होना जरूरी था। गुजरात और कोलकाता की जमीन के इच्छुक खरीदारों के लिए न्यूनतम नेटवर्थ क्रमश: 10.25 करोड़ रुपये और 40.25 करोड़ रुपये आवश्यक था। पहला प्रयास असफल रहने के बाद सरकार की तरफ से नियुक्त सलाहकारों को नियम एवं शर्तों में वे बदलाव निर्धारित करने को कहा गया, जिनमें रियायत दी जानी थी। इसे सरकार के साथ साझा कर दिया गया है। बीएसएनएल और एमटीएनएल की छह परिसंपत्तियों की बिक्री के लिए सरकार की सलाहकारों में सीबीआरई साउथ एशिया प्राइवेट लिमिटेड, जेएलएल प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स (इंडिया), कुशमैन ऐंड वेकफील्ड और नाइटफ्रैंक (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इसके अलावा इन दो सरकारी दूरसंचार कंपनियों की और परिसंपत्तियां भी मुद्रीकरण के लिए चिह्नित की गई हैं, जिससे इन्हें कर्ज का भुगतान करने, बॉन्ड अदायगी, नेटवर्क को सुधारने, विस्तार और परिचालन कोष की जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी। यह बिक्री दीपम अपने मुद्रीकरण पोर्टल के जरिये कर रहा था क्योंकि विभाग को 100 करोड़ रुपये से अधिक की परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को मदद देने के लिए कहा गया था।

Published / 2022-03-09 13:21:44
बढ़ता पलामू... अगले माह से 25,000 किसानों से लेकर पलामू में ही प्रोसेसिंग

टीम एबीएन, पलामू। प्रमंडल में तरक्की इबारत लिखने के लिए नया कदम उठाया गया है। पलामू में मिल्क प्रोसिंस प्लांट तकरीबन तैयार है, इसकी टेस्टिंग के बाद अब पलामू में ही दूध की प्रोसेसिंग हो सकेगी। इसके लिए 60 से अधिक दूध कलेक्शन सेंटर बनाए गए हैं, जिसके जरिये करीब 25 हजार किसानों से दूध इकट्ठा होगा। इससे इन किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकेगी। प्रोसेसिंग प्लांट में टेस्टिंग के बाद जल्द ही यहां पाश्चुरित किया गया दूध राज्य भर के बाजारों में दिखने लगेगा। इसके जरिये पलामू के पिछड़े और सुदूरवर्ती इलाकों में बदलाव आने की संभावना है। बता दें कि पलामू प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर के गणके के इलाके में करोड़ो की लागत से मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट लगाया गया है। आधुनिक मशीनों से लैस इस प्रोसेसिंग प्लांट का ट्रायल पूरा हो चुका है। ट्रायल के दौरान सारी मशीन सही से काम कर रहीं थीं। अब इसके उत्पादों के गुणवत्ता की जांच की जाएगी। प्रोसेसिंग प्लांट के चालू हो जाने से इलाके के किसानों के साथ-साथ सैकड़ों युवाओं को रोजगार मिलेगा और उनकी आमदनी बढ़ेगी। मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट के लिए पूरे जिले में 62 दूध संग्रह केंद्र स्थापित किए गए हैं। दूध संग्रह केंद्रों से जिले के 230 गांव के किसान जुड़े हुए हैं। दूध की गुणवत्ता जांच के लिए 46 संग्रह केंद्रों पर जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। फिलहाल पलामू में संग्रहित दूध को प्रोसेसिंग के लिए लातेहार और रांची के इलाके में पाया जाता है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साइट इंचार्ज प्रदीप नायक ने बताया कि ये मशीनें काफी आधुनिक हैं। प्रतिदिन 20 से 22 हजार लीटर मिल्क को प्रोसेस किया जाएगा। इस प्रोसेसिंग प्लांट से सीधे तौर पर इलाके के किसानों को फायदा होने वाला है। इससे पहले झारखंड के देवघर, सारठ, साहिबगंज, कोडरमा और रांची में प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया जा चुका है। राज्य में दूध की आवश्यकता को पूरा करेगा यह प्लांट : पलामू का मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट राज्य में दूध की जरूरतों को पूरा करेगा। प्रमंडलीय आयुक्त जटाशंकर चौधरी ने बताया कि प्रमंडल में सैकड़ों किसान हैं, जो पशुपालन से जुड़े हुए हैं। उनके उत्पादों की बिक्री सही से नहीं हो पाती है। पलामू में मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट के शुरू होने से यहां के किसानों को काफी फायदा होगा। प्रमंडलीय आयुक्त जटाशंकर चौधरी ने किसानों से दूध उत्पादन को बढ़ावा देने की अपील की है। आयुक्त ने उम्मीद जताई है कि अगले एक महीने में प्लांट पूरी तरह से काम करना शुरू कर देगा।

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