एबीएन सेंट्रल डेस्क।।उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद दूसरी बार सत्ता में भाजपा ने वापसी की है। इसके साथ ही यह तय हो गया है कि योगी आदित्यनाथ दूसरी बार मुख्यमंत्री पद संभालेंगे। जानकारी के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ 25 मार्च को दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह शाम चार बजे होगा। योगी 2.0 के लिए लखनऊ के इकाना यानी अटल बिहारी बाजपेयी स्टेडियम में जोर-शोर से तैयारी चल रही है। शपथग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ समेत कई केंद्रीय मंत्री शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा भाजपा और एनडीए शासित प्रदेशों के सीएम भी शामिल हो सकते हैं। शपथग्रहण समारोह कितना भव्य होगा इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 200 लोगों की सूची बनाई गई है। इसमें विपक्ष के नेता भी शामिल हैं। इसके अलावा 45 हजार लोगों के जुटने की भी संभावना है।
टीम एबीएन, रांची। इस बार झारखंड में होली कब मनाई जाएगी? इस सवाल का जवाब सभी जानना चाह रहे हैं। डाउट इस वजह से है क्योंकि राज्य सरकार ने एनआई एक्ट के तहत 18 मार्च को होली की छुट्टी घोषित कर रखी है। वहीं दूसरी तरफ ज्योतिषीय गणना के आधार पर 17 मार्च की देर रात होलिका दहन का संयोग बनने की वजह से 19 मार्च को होली मनाने की बात कही जा रही है। इसी आधार पर कई राज्यों ने 19 मार्च को ही होली की छुट्टी घोषित की है। इसे देखते हुए झारखंड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने 19 मार्च यानी शनिवार को भी होली की छुट्टी घोषित कर दी है। अच्छी बात यह है कि पूर्व में घोषित 18 मार्च की छुट्टी को भी बहाल रखा गया है। राज्य सरकार की इस घोषणा की वजह से सरकारी कर्मियों की बल्ले बल्ले हो गई है। अब उन्हें एक साथ 3 दिन की छुट्टी मिल जाएगी। पूर्व में तय 18 मार्च की छुट्टी के अलावा शनिवार यानी 19 मार्च के साथ साथ रविवार की साप्ताहिक छुट्टी मिल जाएगी। सबसे खास बात यह है कि कार्मिक विभाग की तरफ से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि पूर्व में 18 मार्च को छुट्टी घोषित थी लेकिन अन्य माध्यमों से 19 मार्च को होली मनाए जाने की खबर के आलोक में 19 मार्च को भी होली की छुट्टी घोषित की जाती है। अब सवाल यह है कि झारखंड में लोग 18 मार्च को होली मनाएंगे या 19 मार्च को। लेकिन ज्यादातर लोगों का मानना है कि 17 मार्च की देर रात होलिका दहन का मुहूर्त है, इसलिए झारखंड में 19 मार्च को ही होली मनाई जाएगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने बेंगलुरु के एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट इस्टैब्लिशमेंट में फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम के लिए इन-हाउस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके रिकॉर्ड 45 दिन में एक बहुमंजिला इमारत का निर्माण किया है। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। इस सात मंजिला इमारत में भारतीय वायुसेना के लिए पांचवीं पीढ़ी के, मध्यम वजन के, गहराई तक मार करने वाले लड़ाकू विमानों को विकसित करने के लिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट सुविधाएं होंगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा गुरुवार को इस इमारत का उद्घाटन किया जाएगा। एक अधिकारी ने बताया कि बेंगलुरु में फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम के लिए हाइब्रिड टेक्नोलॉजी के जरिए एक बहु-मंजिला बुनियादी ढांचे के निर्माण को रिकॉर्ड 45 दिन में पूरा किया। उन्होंने कहा कि परिसर में अडवांस्ड मिडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट परियोजना के तहत लड़ाकू विमान और फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम के लिए वैमानिकी विकसित करने की सुविधा होगी। भारत अपनी वायु शक्ति क्षमता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने के मकसद से अडवांस्ड स्टील्थ सुविधाओं से लैस पांचवीं पीढ़ी के मध्यम वजन के, गहराई तक मार करने वाले लड़ाकू विमान विकसित करने के लिए महत्वाकांक्षी अटउअ परियोजना पर काम कर रहा है। 15,000 करोड़ रुपये है परियोजना की लागत : अटउअ परियोजना की प्रारंभिक विकास लागत लगभग 15,000 करोड़ रुपये आंकी गई है। रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को बताया था कि अटउअ परियोजना के डिजाइन और प्रोटोटाइप (नमूना) विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की मंजूरी प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार को इमारत का उद्घाटन करेंगे। 2021 में रखी गई थी परियोजना की नींव : अधिकारियों ने बताया कि इमारत का निर्माण अटउअ परियोजना और संबंधित गतिविधियों के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा प्रदान करने के उद्देश्य से केवल 45 दिन की न्यूनतम समय सीमा में समग्र निर्माण तकनीक का उपयोग करके किया गया है। इस परियोजना की आधारशिला 22 नवंबर, 2021 को रखी गई थी और वास्तविक निर्माण कार्य एक फरवरी से आरंभ हुआ। इस परियोजना में शामिल एक अधिकारी ने कहा, हाइब्रिड निर्माण तकनीक के साथ एक स्थायी और कार्य संचालन के लिए पूरी तरह तैयार सात मंजिला इमारत का निर्माण कार्य पूरा करने का यह एक अनूठा रिकॉर्ड है और ऐसा देश में पहली बार हुआ है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस के निदेश पर राज भवन, रांची उद्यान आम नागरिकों के भ्रमण व परिदर्शन के लिए 21 मार्च से 27 मार्च तक प्रतिदिन पूर्वाह्न 10 बजे से अपराह्न 4 बजे तक खुला रहेगा। उद्यान में प्रवेश राज भवन के गेट न.-2 से सुरक्षा जांचोपरांत अपराह्न 2.00 तक दिया जाएगा। सभी आगंतुकों से अपना पहचान पत्र साथ रखने एवं कोविड-19 के लिए निदेशित सभी सुरक्षा गाइडलाईन का अनुपालन करते के लिए कहा गया है। बैस के निदेश पर निर्मित दो कृत्रिम ऑक्टोपस, चिल्ड्रेन पार्क, कृत्रिम पहाड़ व झरने, वूडेन आर्ट गैलरी के साथ राज भवन के दीवारों पर सोहराय पेंटिंग आकर्षण के विशेष केन्द्र हैं। राज्यपाल द्वारा उद्यान को और खूबसूरत बनाने के लिए लगभग 8000 गुलाब के नये पौधे लगाये गये। साथ ही उद्यान में विभिन्न प्रकार के 500 फलों के पौधे यथा- संतरा, मौसमी, थाई अमरूद, एप्पल बेर, 3 प्रकार के नींबू भी लगाए गए हैं। राज्यपाल ने फूलो झानो उद्यान में अवस्थित म्यूजिकल फाउंटेन सहित अन्य फाउंटेन को नया स्वरूप प्रदान किया है। राज्यपाल ने आम नागरिकों के भ्रमण व परिदर्शन अवधि में हमेशा फाउंटेन चलाने का निदेश दिया है ताकि दर्शकों के लिए आकर्षक होने साथ-साथ गर्मी के वातावरण को भी कम कर सके। उद्यान में रुद्राक्ष, कल्पतरु जैसे दुर्लभ पौधे भी देखे जा सकते हैं।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने जमशेदपुर के कीनन स्टेडीयम में बनाए गए टीकाकरण केंद्र में 12 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए कोविड टीकाकरण का उद्घाटन किया है। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि झारखंड में 15 लाख 94 हजार बच्चों का टीकाकरण का लक्ष्य है, जिसे जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा। जमशेदपुर के कीनन स्टेडियम में जिला प्रशासन के बनाए गए कोविड टीकाकरण केंद्र में 12 से 14 वर्ष की आयु वाले बच्चों का कोविड टीकाकरण अभियान की शुरूआत स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने की है। इस दौरान पूर्वी सिंहभूम जिला उपायुक्त जिला के सिविल सर्जन के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद रहे। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने बताया कि पूर्वी सिंहभूम जिले में लगभग एक लाख दस हजार बच्चे हैं जो 12 से 14 आयु वर्ग के अंतर्गत हैं। इन्हें वैक्सिनेट किया जाना है उन्होंने कहा कि उन्हें जिला प्रसाशन पर पूरा भरोसा है कि तय समय सीमा में शत प्रतिशत वैक्सीनेशन का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को संकेत दिया कि झारखंड में पंचायत चुनाव तिहरे परीक्षण के दिशा-निर्देशों के बिना आयोजित किया जा सकता है और उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण निर्दिष्ट किया जा सकता है। मुख्यमंत्री प्रश्नकाल के दौरान आजसू विधायक लम्बोदर महतो के एक सवाल का जवाब दे रहे सोरेन ने कहा कि शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में यह नहीं कहा कि पंचायत चुनाव तिहरे परीक्षण को लागू करने के बाद ही हो सकता है। उन्होंने कहा, अगर ऐसा होता तो पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तमिलनाडु में पंचायत चुनाव नहीं हो पाते। महतो ने पूछा था कि क्या सरकार तिहरे परीक्षण और ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करते हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराने का इरादा रखती है। तिहरे परीक्षण में स्थानीय निकायों के संबंध में पिछड़ेपन की प्रकृति और निहितार्थ की जांच करने के लिए एक समर्पित आयोग का गठन करना शामिल है। इसकी दूसरी शर्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार स्थानीय निकायों में प्रावधान किए जाने के लिए आवश्यक आरक्षण के अनुपात को निर्दिष्ट करना है। तीसरा परीक्षण यह है कि आरक्षण एससी, एसटी और ओबीसी के पक्ष में आरक्षित सीटों के 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार राज्यवासियों की समस्या को लेकर लगातार कई कदम उठा रहे हैं। खासकर आमलोगों की रोजमर्रा के जीवन में महत्वपूर्ण योगदान निभाने वाले पेयजल एवं स्वच्छता को लेकर राज्य सरकार व विभाग गंभीर है। इसी को देख मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर के निर्देश के बाद राज्य स्तर पर पेयजल एवं स्वच्छता से संबंधित सभी प्रकार की जन शिकायतों के त्वरित निष्पादन का प्रयास शुरू कर दिया गया है। इसके लिए झारखंड में राज्य स्तरीय कॉल सेंटर बनाया गया है, जो सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक निर्बाध रूप से संचालित होगा। झारखंड में पेयजल की समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद गंभीर दिख रहे हैं। उन्होंने कॉल सेंटर की शुरुआत होने पर कहा कि सेंटर में प्राप्त शिकायतों के लिए हर 15 दिन में विभागीय पदाधिकारी और महीने में एक बार विभागीय सचिव समीक्षा करेंगे और जहां भी कमी-खामी देखी जाएगी उस पर विभाग स्तर से त्वरित कार्रवाई की जाएगी, ताकि लोगों को स्वच्छता और पेयजल की समस्या ना हो सके। विभाग की तरफ से 18003456502 टॉल फ्री नंबर के रूप में जारी किया गया है। वहीं, 9470170901 व्हाट्सअप नंबर के रूप में जारी किया गया है। इसके अलावा जो लोग इमेल करना चाहते हैं, उनके लिए ईमेल आईडी callcenterdwsdjharkhand@gmail.com जारी किया गया है. राज्यभर के लोग इस कॉल सेंटर पर चापाकल मरम्मत, लघु ग्रामीण पाइपलाइन जलापूर्ति योजना, बृहद ग्रामीण पाइपलाइन जलापूर्ति योजना, पाइपलाइन लीकेज, जल आपूर्ति तथा जल गुणवत्ता से संबंधित समेत अन्य शिकायत दर्ज करा सकेंगे। विभाग ने बताया कि लोगों की तरफ से प्राप्त शिकायतों को तुरंत ही विभागीय वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। साथ ही सभी प्रकार के शिकायतों को संबंधित पदाधिकारियों को हस्तांतरित करते हुए वेब पोर्टल के माध्यम से बेहतर प्रबंधन के साथ उसका निष्पादन किया जायेगा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार हर विधानसभा क्षेत्र में एक-एक स्टेडियम बनाएगी। इसके लिए सभी विधायक एक-एक स्टेडियम की अनुशंसा कर सकेंगे। पर्यटन व खेल मंत्री हफीजुल हसन ने झारखंड विधानसभा में इसकी घोषणा की। वे कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह के तारांकित प्रश्न का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि महगामा में स्टेडियम बनाने के लिए विधायक ने प्रस्ताव लाया है। सरकार ने गोड्डा के उपायुक्त को जमीन चिह्नित कर सूचना देने को कहा है। स पर विधायक दीपिका पांडेय सिंह भी अगर जमीन उपलब्ध करवा दें तो तेजी से कार्रवाई हो सकेगी। सरकार ने सभी विधायकों को एक-एक स्टेडियम देने का निर्णय लिया है। सभी विधायक एक-एक स्टेडियम के लिए अनुशंसा कर सकेंगे। खेल मंत्री ने कहा कि झारखंड के खिलाड़ियों के प्रोत्साहित करने का काम सरकार कर रही है। जो खिलाड़ी पदक लाते हैं, उन्हें नकद राशि भी दी जाती है। 25 खिलाड़ियों को ढाई-ढाई लाख रुपए दिए गए। झारखंड के वाटर फॉल की गहराई कम की जाएगी। फॉल के आसपास की गहराई पांच फीट से ज्यादा नहीं होगी। वहीं, फॉल के अगल-बगल लोहा का बैरिकेडिंग लगाई जाएगी। इसके अलावा दिन में चलने वाले होटल की भी व्यवस्था की जाएगी। इसकी जानकारी पर्यटन मंत्री हफीजुल हसन ने दी। वे कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप के सवाल का जवाब दे रहे थे। मंत्री हफीजुल ने कहा कि लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए फॉल की गहराई कम की जा रही है। वहीं, विधायक उमाशंकर अकेला ने हजारीबाग के प्राचीन शिव मंदिर को पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग की। यह भी कहा कि जब तक यह घोषित नहीं होता है, तब तक सीढ़ियों को दुरुस्त करवा दें। अगर सरकार नहीं करा सकती तो विधायक फंड से करवाने की अनुमति दें। इसपर पर्यटन मंत्री ने हजारीबाग के उपायुक्त से प्रस्ताव मांगने की बात कही।
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