एबीएन सेंट्रल डेस्क। संसद की एक समिति ने मंगलवार को कहा कि देश में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में कुल 22.75 लाख सीटों में से 10.6 लाख सीटें खाली पड़ी हैं। श्रम, कपड़ा और कौशल विकास पर संसद की स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के सभी आईटीआई में मौजूदा 22,75,439 सीटों में से कुल 10,60,191 सीटें रिक्त हैं, जो चिंताजनक है। संसद में पेश रिपोर्ट के अनुसार, सर्वाधिक सीटें उत्तर प्रदेश (2,07,606) में खाली हैं। इसके बाद राजस्थान (1,37,200), मध्य प्रदेश (86,999), झारखंड (71,886), ओड़िशा (51,829) और तमिलनाडु (49,668) का स्थान है। समिति ने कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय को राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों के साथ मिलकर उपयुक्त रणनीति तैयार करने का सुझाव दिया ताकि मौजूदा खाली सीटों पर अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं का दाखिला दिया जा सके। रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद के अनुसार, 21 फरवरी, 2022 तक की स्थिति के मुताबिक सभी आईआईटी में पेशेवरों के लिये स्वीकृत 1,99,387 पदों में से 1,29,805 पद खाली हैं, यह भी काफी चिंताजनक है। समिति ने मंत्रालय को आईटीआई में बेहतर और कुशल प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के लिये पेशेवरों की कमी को दूर करने के लिये तत्काल कदम उठाने का सुझाव दिया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में जल्द पंचायत चुनाव होंगे। दो अप्रैल तक पंचायत चुनाव कराने के लिए तिथि का एलान हो सकता है। इसके साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो जाएगी। चार चरणों में मतदान कराने की तैयारी की गई है। झारखंड सरकार ने पिछले माह ही कैबिनेट की बैठक में पंचायत चुनाव कराने का निर्णय ले लिया है पर उस वक्त तिथि तय नहीं की गयी थी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पंचायती राज विभाग ने चुनाव की तिथि तय कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग से अनुरोध किया था। बताया गया है कि अब सारा कुछ निर्धारित हो चुका है और यह प्रयास हो रहा है कि दो अप्रैल तक चुनाव कराने की अधिसूचना जारी कर दी जाए। विधानसभा सत्र के बाद चुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ करने के दिए संकेत : झारखंड सरकार विधानसभा बजट सत्र के बाद पंचायत चुनाव की प्रक्रिया तेज करने की तैयारी कर रही है। बजट सत्र 25 मार्च को समाप्त हो रहा है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि सत्र के बाद तारिखों का एलान कर दिया जाएगा। पंचायती राज मंत्री आलमगीर आलम ने भी पहले संकेत दिए थे कि अप्रैल के पहले सप्ताह में चुनाव की तिथियों का एलान किया जायेगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान करने वाले 60 से अधिक लोगों को सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में वर्ष 2022 के पद्म पुरस्कारों से अलंकृत किया। कोविंद के हाथों पद्म अलंकरण पाने वालों में पूर्व रक्षा प्रमुख (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत (मरणोपरांत) और गीता प्रेस के दिवंगत अध्यक्ष राधे श्याम खेमका, कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद, टाटा संस के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन, भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के पूर्व अधिकारी एवं कैग राजीव महर्षि, कोविशील्ड वैक्सीन बनाने वाली पुणे की कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साइरस पूनावाला शामिल हैं। समारोह में दो हस्तियों को पद्म विभूषण, आठ को पद्म भूषण और 54 को पद्मश्री से अलंकृत किया गया है। सीडीएस श्री रावत और श्री खेमका को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है। आजाद, महर्षि, पुनावाला, चंद्रशेखरन, पंजाबी लोक गायक गुरमीत बावा (मरणोपरांत) सहित आठ लोगों को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। जनरल रावत का प्रशस्ति पत्र एवं अलंकरण उनकी बेटी कृतिका और तारिणी तथा श्री खेमका का पुरस्कार उनके पुत्र कृष्ण कुमार ने राष्ट्रपति के हाथों प्राप्त किया।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा बजट सत्र के 13वें दिन भाजपा विधायक मुख्यमंत्री पर कोयला, बालू और पत्थर खनन की लीज अपने नाम करने का आरोप लगाते हुए सदन के बाहर हाथों में तख्ती लेकर प्रोटेस्ट करते नजर आए। इसके साथ ही विपक्ष ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस्तीफे की मांग की है। भाजपा विधायकों का कहना है कि यह मुद्दा सदन के अंदर भी गरमाया रहेगा और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। विपक्ष के विरोध पर सरकार के मंत्री मिथलेश ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंंत्री को भी अपनी दाल रोटी की चिंता करने का अधिकार है। भाजपा को लगता है कि वो सही है तो उचित प्लेटफार्म पर बातों को रखना चाहिए। सदन में हंगामा करने का कोई मतलब नहीं है।
टीम एबीएन, रांची। आदिवासी संगठनों ने कहा है कि 16 मार्च 2022 को सुबह 10 बजे छात्रावास में असामाजिक तत्वों द्वारा बुरी तरह तोड़फोड़ की गई। छात्रों की किताब कॉपी, पठन-पाठन सामग्री को कुएं में डाल दिया गया, बाथरूम और किचन को भी पूरी तरह से तोड़ दिया गया। घटना के तीन-चार दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस प्रशासन द्वारा मुख्य आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। यह बातें रविवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान कही गई। कहा गया कि छात्रावास में 17 मार्च को बैठक हुई जिसमें मांडर विधायक बंधु तिर्की, सिसई विधायक जिगा मुंडा, खिजरी विधायक राजेश कच्छप, पूर्व विधायक सुखदेव भगत, पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव एवं अन्य सामाजिक संगठन के अगुआ मौजूद थे। वहां पर सुखदेव नगर थाना प्रभारी की उदासीन रवैया को देखते हुए विधायक जिगा मुंडा ने फटकार लगाया था। रूपा तिर्की मामले में कहां था पुलिस एसोसिएशन शशि पन्ना ने कहा कि जिला पुलिस प्रशासन हमलावर को गिरफ्तार करें। मुख्य आरोपी आज भी फरार है। जब, तक मास्टरमाइंड को पुलिस गिरफ्तार नहीं करती है तब, तक हम चुप बैठने वाले नहीं हैं। पुलिस एसोसिएशन वाले राजनीतिकरण करके मुद्दा से नहीं भटकाये। रूपा तिर्की हत्या मामला में पुलिस एसोसिएशन क्यों मौन थे? पुलिस एसोसिएशन द्वारा इस तरह से जातिये भेदभाव नहीं करना चाहिए। मुद्दों से न भटकाया जाए। हमारी मांग स्पष्ट है कि दोषियों की गिरफ्तारी की जाए और जो क्षति हुआ है उसे जिला प्रशासन द्वारा भरपाई किया जाए। जिला प्रशासन द्वारा आश्वासन दिया गया था कि शनिवार तक जो भी क्षति पहुंची है उसकी मरम्मत की जाएगी। सीसीटीवी कैमरा नहीं लगाया गया है। जिस पर हमलोग को कड़ा एतराज हैं। जिला प्रशासन आदिवासी छात्रावास मामले को बहुत हल्के में ले रही है। सुखदेव थाना प्रभारी को सस्पेंड करते हुए उस पर कानूनी कार्रवाई की जाए और हम विधायकों से मांग करते है कि सदन में विशेषाधिकार हनन मामला सुखदेव नगर थाना प्रभारी के खिलाफ लाया जाए ताकि इस तरह का अभद्र व्यवहार व आगे भविष्य में न करें। प्रेस वार्ता में शशि पन्ना (सामाजिक अगुवा ), निरंजना हेरैंज टोप्पो ( अध्यक्ष जय आदिवासी केन्द्रीय परिषद), अरविंद उरांव (राष्ट्रीय समाजिक अगुवा), अल्बिन लकड़ा (महासचिव आदिवासी सेना), विकास तिर्की, अनिल अमिताभ पन्ना, मुन्ना टोप्पो चैन सिंह मर्सकोले (सामाजिक अगुवा मध्यप्रदेश) आदि मौजूद थे।
टीम एबीएन, रांची। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के प्रभारी क्षेत्रीय मुख्य अभियंता को दंड दिया गया है। उन्हें कार्यों में उदासीनता बरतने का दोषी पाया गया है। दंड देने संबंधी आदेश विभाग ने जारी कर दिया है। उक्त अभियंता का नाम सुरेश प्रसाद है। वह विभाग के रांची प्रक्षेत्र के प्रभारी क्षेत्रीय मुख्य अभियंता के पद पर पदस्थापित हैं। उनसे 17 फरवरी, 2022 को जल जीवन मिशन के अंतर्गत SVS के कार्यों के निष्पादन में उदासीनता बरतने के संबंध में स्पष्टीकरण पूछा गया था। उक्त के आलोक में प्रसाद द्वारा 23 फरवरी, 2022 को जवाब दिया गया। जवाब सहित पूरे मामले की समीक्षा के बाद 4 मार्च, 2022 को पेयजल एवं स्वच्छता अंचल, मेदिनीनगर के अधीक्षण अभियंता से प्रसाद द्वारा समर्पित जवाब पर मंतव्य मांगा गया। इस क्रम में अधीक्षण अभियंता द्वारा उपलब्ध कराये गये मंतव्य के साथ सम्पूर्ण मामले की समीक्षा सक्षम स्तर से की गई। इसमें प्रसाद के जवाब में वर्णित तथ्य स्वीकार योग्य नहीं पाये गये। यह पाया गया कि उनके द्वारा जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना के निविदा निष्पादन में जानबूझ कर विलंब किया जा रहा है। उदासीनता बरती जा रही है। सक्षम प्राधिकार द्वारा सम्पूर्ण मामले की समीक्षा के बाद प्रसाद की एक वार्षिक वेतन वृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोकने का निर्णय लिया गया। फिर इसपर कार्रवाई की गई। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को अपने जापानी समकक्ष फुमियो किशिदा के साथ द्विपक्षीय आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत बनाने सहित विभिन्न मुद्दों पर सार्थक बातचीत की। मोदी के कार्यालय ने ट्वीट किया, प्रधानमंत्री मोदी जापान के साथ मित्रता को मजबूती दे रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी और किशिदा के बीच दिल्ली में सार्थक बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के उपायों पर विचार विमर्श किए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि मोदी और किशिदा के बीच वार्ता के एजेंडे में बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों के अलावा पारस्परिक हितों के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दे भी शामिल थे। उन्होंने ट्वीट किया, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14वीं भारत-जापान वार्षिक शिखर वार्ता के लिए अपने समकक्ष किशिदा की आगवानी की। बातचीत के एजेंडे में हमारे बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों के अलावा पारस्परिक हितों के द्विपक्षीय संबंध शामिल हैं। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी मीडिया परामर्श के अनुसार जापानी प्रधानमंत्री रविवार सुबह आठ बजे यहां से रवाना हो जाएंगे। भारत के दौरे की समाप्ति के बाद किशिदा कम्बोडिया की यात्रा करेंगे। भारत के लिए रवाना होने से पहले किशिदा ने कहा था कि यूक्रेन पर रूसी हमला अस्वीकार्य है और हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में इस तरह की कार्रवाई की कभी अनुमति नहीं दी जाएगी। जापानी प्रधानमंत्री ने कहा कि वह यूक्रेन की स्थिति पर भारत और कम्बोडिया के नेताओं से भी चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्र मोदी ने किशिदा के जापानी प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद अक्टूबर 2021 में उनसे बातचीत की थी। दोनों पक्षों ने विशेष सामरिक और वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने की इच्छा जताई थी। यह वर्ष दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ भी मना रहा है। मोदी और जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे के बीच वार्षिक शिखर वार्ता दिसम्बर 2019 में गुवाहाटी में होनी थी, लेकिन नागरिकता संशोधन कानून को लेकर वहां जारी व्यापक प्रदर्शन के कारण इसे रद्द करना पड़ा था। उसके बाद 2020 और 2021 में भी कोविड-19 महामारी के कारण इसे आयोजित नहीं किया जा सका था। भारत के लिए रवाना होने से पहले किशिदा ने कहा था कि यूक्रेन पर रूसी हमला अस्वीकार्य है और हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में इस तरह की कार्रवाई की कभी अनुमति नहीं दी जाएगी। जापानी प्रधानमंत्री ने कहा कि वह यूक्रेन की स्थिति पर भारत और कम्बोडिया के नेताओं से भी चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्र मोदी ने किशिदा के जापानी प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद अक्टूबर 2021 में उनसे बातचीत की थी। दोनों पक्षों ने विशेष सामरिक और वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने की इच्छा जताई थी। यह वर्ष दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ भी मना रहा है। मोदी और जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे के बीच वार्षिक शिखर वार्ता दिसम्बर 2019 में गुवाहाटी में होनी थी, लेकिन नागरिकता संशोधन कानून को लेकर वहां जारी व्यापक प्रदर्शन के कारण इसे रद्द करना पड़ा था। उसके बाद 2020 और 2021 में भी कोविड-19 महामारी के कारण इसे आयोजित नहीं किया जा सका था।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विजन के अनुसार झारखण्ड के युवाओं का कौशल विकास कर रोजगार से जोड़ने का सिलसिला सतत जारी है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री की पहल पर कल्याण विभाग एवं पैन आईआईटी अलम्नाई फ़ाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में प्रेझा इस दिशा में सक्रिय है। प्रेझा का मुख्य उद्देश्य राज्य के आदिवासी एवं पिछड़े वर्ग के जरूरतमंद युवक- युवतियों को समय की मांग के अनुरूप हुनरमंद बनाकर रोजगार देना है। 2014 में मुख्यमंत्री रहते सोरेन की पहल से शुरू कल्याण गुरुकुल द्वारा दिसंबर 2019 से दिसंबर 2021 के बीच कुल 4,884 युवाओं को रोजगार दिया गया। इनमें से 3,605 युवक और 1279 युवतियां शामिल हैं। इनमें 3, 723 एसटी, 249 एससी, ओबीसी के 839 एवं 2,218 अल्पसंख्यक वर्ग के युवा शामिल हैं। इन सभी को शापूरजी पल्लोंजी, जेएमसी प्रोजेक्ट्स, टीआई मेटल फार्मिंग, सिंथेटिक होम टेक्सटाइल्स, इंडो ऑटो समेत अन्य कंपनियों में 14,350 रुपए औसत मासिक सैलरी दी जा रही है। दिसंबर 2019 से अब तक कल्याण गुरुकुल द्वारा 5,443 एवं कौशल कॉलेज 934 युवाओं को प्रशिक्षण के बाद रोजगार दिया है।
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