टीम एबीएन, रांची। झारखंड पंचायत चुनाव 14 मई से शुरू चुनाव होने वाले हैं। इस बार 4 चरणों में मतदान कराए जाएंगे। पहले चरण का मतदान 14 मई को होगा। दूसरे चरण का मतदान 19 मई को होगा। वहीं तीसरे चरण का मतदान 24 मई को होगा, जबकि चौथे चरण का मतदान 27 मई को होगा। झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग ने पूरे राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू कर दी है। वहीं इसके साथ ही चुनाव आयोग ने अलग-अलग पदों के उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह भी आवंटित किया जाएगा। चुनाव आयोग की ओर से जिला परिषद, मुखिया, पंचायत समिति, वार्ड सदस्य को 24 तरह का चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है। इसमें सीसीटीवी कैमरा, चपाती रोलर, चिमनी, नारियल फॉर्म, कंप्यूटर माउस, घन, हीरा, डोली, ड्रिल मशीन, बिजली का खंभा, बांसुरी, फव्वारा, कीप, एयर कंडीशनर, ऑटो-रिक्शा, चूड़ियां, बैटरी-टॉर्च, बेंच, बिस्कुट, बक्सा, ईटें, बाल्टी, कैमरा, कार्पेट आदि शामिल है। पंचायत समिति सदस्य के लिए 24 चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है, जिसमें केक, केन, कैरम बोर्ड, जंजीर, चप्पलें, चिमटी, कलर ट्रे और ब्रश, चारपाई, कप और प्लेट, डीजल पंप, द्वार घंटी, डंबल्स, लिफाफा, फुटबॉल, फ्रॉक, गन्ना किसान, अलमारी, बेबी वॉकर, बल्ला, मोतियों की हार, साइकिल पंप ब्लैक बोर्ड, डबल रोटी, ब्रीफकेस, फुटबॉल, फ्रॉक, गन्ना किसान शामिल हैं। अलमारी, बेबी वॉकर, बल्ला, मोतियों की हार, साइकिल पंप, ब्लैक बोर्ड, डबल रोटी, ब्रीफकेस शामिल है। मुखिया पद के लिए 24 चुनाव चिह्न किया गया है। इसमें क्रेन, कटिंग प्लायर डिश एंटीना, दरवाजे का हैंडल, कान की बालियां, एक्सटेंशन बोर्ड, फुटबॉल खिलाड़ी, फ्राइंग पैन, गैस सिलेंडर, सेब गुब्बारा, बल्लेबाज, बेल्ट, दूरबीन, आदमी व पाल युक्त नौका, ब्रेड टोस्टर, ब्रूस, केलकुलेटर, शिमला मिर्च, फूलगोभी, चक्की, शतरंज बोर्ड, कोट, कंप्यूटर शामिल है। ग्राम पंचायत सदस्य के लिए ये हैं चुनाव चिह्न : ग्राम पंचायत सदस्य के लिए गैस का चूल्हा, कांच का गिलास, हरी मिर्च, टोप, हेलमेट, आइसक्रीम, कटहल, भिंडी, कुंडी, लूडो, माचिस की डिब्बी, नेल कटर, कड़ाही, नाशपाती, कलम की निब, किरणों के साथ, पेंसिल शार्पनर, पेट्रोल पंप, अनानास, प्लेट स्टैंड, पंचिंग मशीन, अंगुठी, रूम कूलर, सेफ्टी पिन, कैंची शामिल है।
टीम एबीएन, रांची। सामाजिक सुरक्षा अंतर्गत आच्छादित सभी पेंशनधारी लाभुकों के खाते में प्रत्येक महीने के 5 तारीख तक पिछले महीने की पेंशन राशि अनिवार्य रूप से क्रेडिट की जाए। पेंशन राशि क्रेडिट होने की सूचना लाभुकों को एसएमएस के माध्यम से भी दी जाए। सभी पंचायतों में पंचायती राज अधिनियम और पेसा एक्ट के तहत एक सब कमिटी बनाने का नियम है, उसके आलोक में पंचायत स्तर पर एक समिति गठित की जाए। गठित सब कमिटी में मानकी, मुखिया, प्रधान आदि अन्य परंपरागत नेतृत्वकर्ताओं को शामिल किया जाए। यह सब कमिटी महीने में दो बार बैठक कर ग्रामीणों से जुड़े छोटे-छोटे मामलों जैसे जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र आदि निर्गत करने हेतु सत्यापन करने का काम करे। यह कमिटी वैसे पात्र लोग जो सरकार के विभिन्न योजनाओं के लाभ से वंचित हैं, उन्हें चिन्हित कर अनुशंसा करे एवं योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने में अपनी भूमिका निभाएं। उक्त निर्देश मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में आयोजित महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के कार्य प्रगति से संबंधित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दी। वृद्धा पेंशन से वंचित पात्र लोगों को योजना से जोड़ें : बैठक में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वैसे लोग जो वृद्धा पेंशन पाने के योग्य हैं, लेकिन किसी कारणवश वे वृद्धा पेंशन के लाभ से वंचित हैं, उन्हें अभियान चलाकर जोड़ने का कार्य करें। चिन्हित योग्य लाभुकों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ देकर आच्छादित करें। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगता जांच के लिए अगर डॉक्टर की कमी है तो आईएमए के साथ बैठक कर प्राइवेट डॉक्टर्स का सहयोग लेकर दिव्यांगता जांच कैंप लगाएं। समर योजना के तहत कुपोषण मुक्त झारखंड के लक्ष्य को पूरा करें : मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा संचालित समर योजना के अंतर्गत कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर उनके परिवार को सरकार के विभिन्न महत्वकांक्षी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि कुपोषणमुक्त झारखंड का लक्ष्य हमारी सरकार की प्राथमिकता है। अभियान चलाकर कुपोषण से ग्रसित बच्चों को चिन्हित करें तथा उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक जितने परिवारों का सर्वेक्षण किया गया है उसमें कुपोषित बच्चे वाले परिवार बहुत कम संख्या में पाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सर्वेक्षण का काम सही तरीके से हो रहा है या नहीं विभाग इसकी समीक्षा करे। आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्यों में तेजी लायें : बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष यह जानकारी दी गई कि राज्य में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में 20% केंद्रों का अपना भवन नही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान के तौर पर आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कार्य किया जाए। विभाग द्वारा बनाए जा रहे आंगनबाड़ी केंद्रों में सभी आवश्यक सुविधाएं जैसे स्टोर रूम, किचन, शौचालय इत्यादि की व्यवस्था हो यह सुनिश्चित करें। बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष मुख्यमंत्री सुकन्या योजना अंतर्गत महिला सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा पर जोर एवं बाल विवाह प्रथा का अंत इत्यादि पर हो रहे कार्यों की अद्यतन जानकारी रखी गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिला सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा एवं बाल विवाह प्रथा को रोकने के मद्देनजर विभाग एक नई योजना बनाएं। नई योजना के तहत 13 वर्ष से 19 वर्ष के सभी किशोरियों को डीबीटी के माध्यम से लाभान्वित करने का काम करें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि किशोरी बच्चियों एवं महिलाओं को सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाने निमित्त एक नई योजना तैयार कर विभाग प्रेजेंटेशन दे। बैठक में सर्वजन पेंशन योजना के तहत 5 पेंशन योजनाओं के कार्यान्वयन, वित्तीय वर्ष 2021-22 में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत भुगतान की जिलावार अद्यतन स्थिति, दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु विशेष अभियान संबंधी प्रतिवेदन, समर अभियान प्रगति प्रतिवेदन सहित कई अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई। ये भी थे उपस्थित : बैठक में महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की मंत्री जोबा मांझी, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के प्रधान सचिव अविनाश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, विभाग के अवर सचिव राजेश्वर नाथ आलोक, संयुक्त सचिव अनिरुद्ध कुमार सिन्हा, निदेशक सामाजिक सुरक्षा ए डोडे सहित अन्य उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल पर शुरू सोना सोबरन धोती-साड़ी योजना का असर दिखने लगा है। जरूरतमंदों के बीच महज 10 रू में धोती-साड़ी या लूंगी दी जा रही है। इस योजना के बाद दो गज कपड़े के लिए तरसने वाले गरीब तबके के चेहरे पर खुशी देखते बन रही है। योजना शुरू होने के बाद से अबतक 41,42,745 धोती-साड़ी, लूंगी का वितरण कर दिया गया है। सोना सोबरन धोती-साड़ी योजना के लिए सरकार ने 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। लाभुकों को साल में दो बार इस योजना के तहत 10 रुपये में धोती-लूंगी, साड़ी दिया जा रहा है। राज्य के 57.11 लाख परिवार को योजना के तहत लाभान्वित करने का लक्ष्य है। अबतक 56,49,817 योग्य लाभुकों को योजना से आच्छादित किया जा चुका है। मुख्यमंत्री हेमंत ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे ग्रामीणों को इस योजना की जानकारी दें और लाभ देना भी सुनिश्चित करें। राशन दुकानदारों को शिविर लगाकर वस्त्र वितरण करने का आदेश दिया गया है, ताकि योजना का लाभ सभी को मिल सके। 2013 में सीएम बनने पर हेमंत सोरेन ने इस योजना को शुरू किया था, लेकिन 2014 में रघुवर सरकार आने के बाद यह योजना बंद हो गई थी। 2019 में दोबारा सत्ता में आने के बाद इस योजना को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुरू किया। सोना सोबरन घोती-साड़ी योजना के अन्तर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से आच्छादित राज्य के सभी पात्र गृहस्थ एवं अन्त्योदय अन्न योजना के लाभुक परिवारों के अतिरिक्त झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के लाभुक परिवारों को भी योजना से आच्छादित किए जाने की स्वीकृति मंत्रिपरिषद की बैठक में दी गई है। झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत लाभुकों की अधिकतम निर्धारित सीमा 15 लाख है। वर्तमान में झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 13,04,093 लाभुक और 4,38,989 परिवार परिवर्तनशील हैं। इस आधार पर योजनान्तर्गत 15 लाख लाभुक होने की स्थिति में परिवारों की संख्या 5,05,050 होना संभावित है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत आच्छादित लाभुकों की अधिकतम संख्या 2,64,25,385 है, जिसके अन्तर्गत परिवारों की संभावित संख्या 58,97,561 है। इस प्रकार करऋरर योजना के लाभुक परिवारों को सोना सोबरन धोती-लूंगी, साड़ी वितरण योजना में शामिल किए जाने के बाद लाभुक परिवारों की संभावित कुल संख्या 64,02,611 हो गई है। सोना सोबरन धोती साड़ी वितरण योजना के तहत लाभुक परिवारों के बीच वस्त्रों का वितरण करने के लिए जन वितरण प्रणाली दुकानदारों को प्रति वस्त्र 1 रुपये की दर से डीलर कमीशन दी जाती है।
टीम एबीएन, रांची। ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को पलाश ब्राण्ड के जरिए बेहतर मार्केटिंग एवं ब्रांडिंग से जोड़ने के लिए ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत झारखण्ड स्टेट लाईवलीहुड प्रमोशन सोसाईटी ने अंतर्रराष्ट्रीय संस्था वूमेन ऑन विंग्स के साथ एमओयू किया। पलाश उत्पादों के बेहतर ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग पर विशेष रणनीति बनाने के लिए आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता ग्रामीण विकास सचिव डॉ मनीष रंजन ने किया। मौके पर सचिव, ग्रामीण विकास विभाग डॉ मनीष रंजन ने कहा कि गरीबी उन्मूलन की दिशा में पलाश ब्रांड महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ग्रामीण उत्पादों को बेहतर बाज़ार उपलब्ध कराने एवं ग्रामीण महिलों को उद्यम से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास है पलाश l उन्होंने कहा कि वूमेन ऑफ विंग्स के साथ पार्टनरशिप से पलाश उत्पादों को बेहतर बाजार एवं कीमत मिल सकेगी, जिससे ग्रामीण महिलाओं की आमदनी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। डॉ मनीष रंजन ने इस पहल को एक सकारात्मक प्रयास बताते हुए आने वाले दिनों में पलाश उत्पादों की गुणवत्ता पर और ध्यान देने की बात कही। झारखण्ड स्टेट लाईवलीहुड प्रमोशन सोसाईटी के सीईओ सूरज कुमार ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि वूमेन ऑन विंग्स के साथ एमओयू से पलाश ब्राण्ड को एक नई पहचान मिलेगी। इस पहल से पलाश ब्राण्ड को और बेहतर बनाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों एवं अनुभवी टीम का साथ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि सखी मंडल की बहनों के उत्पादों के जरिए उनकी आमदनी बढ़ाने में यह एमओयू मील का पत्थर साबित होगा। पलाश ब्राण्ड को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में वूमेन ऑन विंग्स का तकनीकी सहयोग अपेक्षित है जिससे आगामी वर्षों में पलाश ब्राण्ड के बाजार को नई उंचाई मिलेगी। वूमेन ऑन विंग्स की संयुक्त प्रबंध निदेशक- इंडिया -शिल्पा मित्तल सिंह एवं रोनाल्ड वेंन हेट होफ्फ़ ने कहा वूमेन ऑन विंग्स की टीम के लिय पलाश जैसे नवीनतम प्रयास के साथ जुड़ना काफी महत्वपूर्ण है, वर्तमान में पलाश ब्रांड के तर्ज पर किसी भी अन्य राज्य ने कार्य नहीं किया है l ग्रामीण विकास विभाग, झारखण्ड के नेतृत्व में ग्रामीण उत्पादों को एक ब्रांड में जोड़कर बाज़ार में लाना और काफी कम समय में 60 से अधिक उत्पादों एवं 226 पलाश मार्ट के साथ आगे बढ़ना काफी सराहनीय है l हमारी पूरी टीम का प्रयास होगा कि अधिक से अधिक सहयोग के साथ हम पलाश ब्रांड को बेहतर रणनीति एवं प्रक्रिया से संवर्धित कर सके l हमारी साझेदारी से ग्रामीण महिलाओं आजीविका के अधिकाधिक अवसर उपलब्ध हो सकेंगे एवं उनकी आमदनी भी बढ़ेगी। पलाश ब्राण्डिंग एवं मार्केटिंग के लिए विशेष रणनीति तैयार कर नई दिशा देने के लिए वूमेन ऑन विंग्स के साथ आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में विस्तार से चर्चा की गई। नीदरलैंड की संस्था वूमेन ऑन विंग्स के साथ गैर वित्तीय साझेदारी का मुख्य उद्देश्य पलाश ब्रांड को तकनीकी रूप से सहयोग कर ग्रामीण महिलाओं को आजीविका के अवसरों से जोड़ना है l पलाश ब्रांड को बाज़ार में बेहतर पहचान बनाने एवं इसके उत्पादों को आम जन तक पहुंचाने हेतु रणनीति, प्रक्रिया, प्रबंधन, ब्रांडिंग, मार्केटिंग आदि में वूमेन ऑफ विंग्स संस्था सहयोग करेगी।
टीम एबीएन, कोडरमा। झुमरी तिलैया नगर परिषद में राजस्व बढ़ाने को लेकर मंगलवार को कार्यपालक पदाधिकारी विनीत कुमार की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक हुई। बैठक में बताया गया कि अब सर्किल के आधार पर होल्डिंग टैक्स की वसूली की जाएगी। एक अप्रैल से फिलहाल होल्डिंग टैक्स नहीं लिया जा रहा है। अब नए दर के साथ उपभोक्ताओं से यह टैक्स लिया जाएगा। बैठक में भी बताया गया कि पिछले वित्तीय वर्ष में राजस्व वसूली का लक्ष्य एक करोड़ 97 लाख रुपया था, इसके विपरीत 2 करोड़ 94 लाख रुपए की वसूली की गई। लक्ष्य के अपेक्षा 126 प्रतिशत अधिक राजस्व की वसूली की गई है। बैठक में बताया गया कि प्रॉपर्टी के तहत वसूली का लक्ष्य एक करोड़ 92 लाख रुपये निर्धारित किया गया था। जबकि वसूली दो करोड़ 48 लाख रुपए की गई। वहीं ट्रेड लाइसेंस के लिए चार लाख का लक्ष्य था इसके विपरीत 13 लाख रुपये की वसूली हुई। जबकि जल कर के रूप में 68 का लक्ष्य निर्धारित किया गया था जिसके विरुद्ध में 37 लाख की वसूली हो पाई। ट्रेड लाइसेंस को मिशन मोड पर रखा गया है और बताया गया कि आने वाले दिनों में ट्रेड लाइसेंस नहीं लेने वालों पर विधि संवत कार्रवाई की जाएगी। वहीं अब होल्डिंग का नया दर निर्धारण होगा। पानी का कनेक्शन लेने के लिए अब 7000 रुपये जमा करने होंगे। आवेदन के बाद एक जांच टीम रिपोर्ट तैयार करेगी,उसके बाद पानी का कनेक्शन दिया जाएगा। वहीं वाटर मीटर लगाने की योजना चल रही है। पानी का कनेक्शन लेने वाले नए पुराने सभी लोगों के घर में मीटर लगाया जाएगा। उपभोक्ता जितना पानी का उपयोग करेंगे उसी के अनुसार उनसे बिल वसूला जाएगा। बैठक में नगर परिषद के कार्यपालक अभियंता विनीत कुमार, सिटी मैनेजर प्रशांत भारती, सतीश कुमार, टैक्स वसूली कंपनी के एवं पदाधिकारी पंकज गोयल, नवीन शर्मा, विकास कुमार और स्थानीय परियोजना प्रबंधक विनोद रवानी मौजूद थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे थल सेना के अगले प्रमुख होंगे और वह जनरल एमएम नरवणे का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल इस महीने के अंत में पूरा हो रहा है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। लेफ्टिनेंट जनरल पांडे अभी थल सेना के उप-प्रमुख हैं। थल सेना का उप-प्रमुख बनने से पहले वह थल सेना की पूर्वी कमान का नेतृत्व कर रहे थे। इस कमान पर सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा की रक्षा की जिम्मेदारी है। जनरल नरवणे का कार्यकाल 30 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। लेफ्टिनेंट जनरल पांडे को दिसंबर 1982 में "बॉम्बे सैपर्स" में कमीशन मिला था। उन्होंने अपने बेहतरीन करियर में कई अहम पदों पर काम किया और विभिन्न इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियानों में भाग लिया। उन्होंने जम्मू कश्मीर में आॅपरेशन पराक्रम के दौरान नियंत्रण रेखा के पास एक इंजीनियर रेजिमेंट की कमान संभाली। इसके अलावा उन्होंने पश्चिमी लद्दाख के ऊंचाई वाले इलाकों में एक पर्वतीय डिवीजन और पूर्वोत्तर में एक कोर की भी कमान संभाली। उन्होंने इथोपिया और इरिट्रिया में संयुक्त राष्ट्र मिशन में मुख्य इंजीनियर के रूप में भी कार्य किया है। वह जून 2020 से मई 2021 तक अंडमान निकोबार कमांड के कमांडर-इन-चीफ थे। उनकी शानदार सेवा के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक, विशिष्ट सेवा पदक, थल सेना प्रमुख से प्रशस्ति पत्र आदि से सम्मानित किया जा चुका है।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को झारखंड मंत्रालय में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के कामकाज की समीक्षा की। इस दौरान राज्य के तमाम आलाधिकारियों ने सीएम हेमंत सोरेन को विभाग के काम की जानकारी दी। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें नागरिकों को बचाना है, जलप्रपात में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करें और पतरातू डैम में पर्यटकों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने पतरातू डैम इलाके में निर्मित पार्क, पर्यटकों के आगमन, निमार्णाधीन गेस्ट हाउस, आइलैंड में बन रहे कैफेटेरिया की वर्तमान स्थिति के बारे में भी जाना। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के कार्य प्रगति की समीक्षा की। बैठक में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, पर्यटन, कला संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के सचिव अमिताभ कौशल, निदेशक पर्यटन राहुल कुमार आदि उपस्थित थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पास प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक स्थलों की श्रृंखला है। कला-संस्कृति है, बस इन्हें प्रमोट करने की जरूरत है। यह सब कार्य पर्यटन के जरिये ही होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्य को विश्व मानचित्र पर लाने का कार्य करें। उद्योग विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर पर्यटन के क्षेत्र में निवेश के लिए निवेशकों को आमंत्रित करें। पतरातू डैम में सुरक्षा का ध्यान रखने के निर्देश: समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने पतरातू डैम में संचालित बोट में बैठने वाले पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग संचालकों को बोट उपलब्ध कराए। लोगों की सुरक्षा के लिए रेस्क्यू बोट की भी व्यवस्था करे ताकि विपरीत परिस्थितियों का सामना किया जा सके। हर तरह की बोट की व्यवस्था पर्यटकों के लिए विभाग करे। बोट की गुणवत्ता का पूरा ध्यान विभाग रखे। मौके पर मुख्यमंत्री ने चांडिल डैम में पर्यटकों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली मूलभूत सुविधाओं की भी जानकारी ली। पर्यटकों के लिए वन भूमि पर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश: मुख्यमंत्री ने पर्यटन क्षेत्रों में पर्यटकों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए वन विभाग के साथ बैठक करने का भी निर्देश दिया है। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य सचिव के नेतृत्व में बैठक कर सभी अड़चनों को यथाशीघ्र दूर करें। डैम के आसपास स्थित वन भूमि और वनों का उपयोग पर्यटकों को सुविधा और मनोरंजन सेवा उपलब्ध कराने के लिए करें। इसके लिए वन विभाग से समन्वय बनाएं। मुख्यमंत्री ने मसानजोर डैम के पास गेस्ट हाउस बनाने का भी निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर वर्ष जल प्रपात में युवाओं की जान जा रही है। हमें नागरिकों को बचाना है। फॉल में घटना वाली जगहों को चिन्हित करें और पानी के अंदर चट्टानों में बन चुके होल को बंद करें ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा पर्यटक मित्रों की मदद पर्यटन स्थलों पर लें। विभाग उनके साथ सेमिनार आयोजित कर उनके साथ समन्वय बनाए।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बीते रविवार को मार्केटिंग समय में बदलाव के साथ-साथ बैंक के समय में भी बदलाव किया है। जहां मार्केट में ट्रेडिंग का समय 10 बजे की बजाय अब 9 बजे कर दिया गया है वहीं आज से बैंक भी सुबह 9 बजे से खुलेंगे। आरबीआई की ओर से सोमवार 18 अप्रैल 2022 से देश में बैंकों के खुलने का नया समय लागू होगा। इससे बैंकिग कामकाज निपटाने के लिए ग्राहकों को 1 घंटा और अधिक मिलेगा। हालांकि, बैंकों के बंद होने के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। मतलब बैंक पहले के टाइम से ही बंद होंगे। बैंको के लगातार 4 दिन तक बंद होने के बाद ग्राहकों को नई खुशखबरी मिली है। रेगुलेटेड मार्केट वाले बाजार कारोबार का समय भी बदला RBI के रेगुलेटेड मार्केट वाले बाजार कारोबार के समय में भी बदलाव किया गया है यानी आज से विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव्स, रुपया ब्याज दर डेरिवेटिव्स, कॉरपोरेट बॉन्ड्स में रेपो सहित विदेशी मुद्रा (FCY)/ भारतीय रुपया (INR) ट्रेड्स जैसे RBI विनियमित बाजारों में ट्रेडिंग अपने पूर्व-कोविड समय यानी सुबह 10 बजे के बजाय 9 बजे सुबह से शुरू होंगे। यह कारोबार दोपहर के 3:30 बजे तक चलेगा। इसके पहले कारोबार सुबह 10 बजे से दोपहर के 4 बजे तक चलता था। कोरोना के कारण घटाया था समय : कोरोना वायरस महामारी के चलते RBI ने बैंकिंग कार्य समय को कम कर दिया था। इसके पीछे उद्देश्य था कि बैंक में एक ही दिन में ज्यादा लोगों की भीड़ ना हो और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा सके लेकिन इसे अब फिर से सामान्य कर दिया गया है। देश में SBI समेत 7 सरकारी बैंक हैं। इनके अलावा देश में 20 से ज्यादा प्राइवेट बैंक हैं। इन सभी बैंकों पर नया नियम लागू होगा। ये हैं सरकारी बैंक : • पंजाब नेशनल बैंक, • इंडियन बैंक, • भारतीय स्टेट बैंक, • केनरा बैंक, • यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, • इंडियन ओवरसीज बैंक, • यूको बैंक। ग्राहकों को मिल रही है यह सुविधा : बता दें हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को कार्ड़लेस ट्रांजैक्शन शुरू करने के निर्देश दिए हैं यानि बहुत जल्द सभी बैंक के ग्राहकों को एटीएम से कार्डलेस ट्रांजेक्शन की सुविधा मिलेगी।
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