राज काज

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Published / 2022-04-22 09:30:58
झारखंड : इन जिलों में जून से लगेंगे प्रीपेड स्मार्ट मीटर, रिचार्ज खत्म तो बत्ती गुल

टीम एबीएन, रांची। राजधानी सहित राज्य के विभिन्न शहरों में बहुप्रतीक्षित प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का काम जल्द ही शुरू होने वाला है। राजधानी रांची में इसकी शुरुआत जून से होगी और तीन महीने के अंदर करीब 3.50 लाख घरों में बिजली मीटर को बदल कर स्मार्ट मीटर लगा दिये जायेंगे। रांची प्रक्षेत्र के महाप्रबंधक प्रभात कुमार के अनुसार स्मार्ट मीटर के लिए कंज्यूमर को अलग राशि नहीं देनी होगी। बिलिंग की सुविधा ऑनलाइन होगी, जो घर बैठे लोगों को प्राप्त हो जायेगा। आम तौर पर बिल नहीं मिलने की शिकायत आती रहती थी, वो भी समस्या दूर हो जायेगी। राजधानी के विभिन्न भागों में मीटर बदलने का काम फेज वाइज किया जायेगा। आने वाले समय में आपको मोबाइल की तरह बिजली मीटर रिचार्ज करने के लिए अलर्ट रहना होगा, नहीं तो थोड़ी सी लापरवाही आपके लिए महंगी पड़ सकती है और कंज्यूमर के घर में अंधेरा छा सकता है। दरअसल, रांची, धनबाद और जमशेदपुर में पुराने बिजली मीटर को हटाकर नया प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी कर ली गई है। नाम के अनुरूप स्मार्ट मीटर काम भी स्मार्टली करेगा जिसके लिए ऊर्जा विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए वर्ल्ड बैंक और राज्य सरकार का संयुक्त प्रयास हो रहा है। राजधानी रांची में वर्ल्ड बैंक के 2.50 करोड़ की लागत से 3.50 लाख घरेलू और कमर्सियल बिजली मीटर बदले जायेंगे। इसी तरह से धनबाद और जमशेदपुर के तीन लाख घरों के मीटर राज्य सरकार के फंड से बदले जाएंगे। प्रीपेड स्मार्ट मीटर का न केवल कंज्यूमर को बल्कि विभाग को भी लाभ मिलेगा। उदाहरण के तौर पर स्मार्ट मीटर में सॉफ्टवेयर इस तरह का इनेबल्ड है कि घरेलू या कमर्शियल बिजली की निर्धारित पावर लोड से अधिक होते ही बत्ती गुल हो जायेगी और बिजली विभाग में लगे डाटा सेंटर को लोड की पूरी जानकारी मिल जायेगी, जिसके बाद कंज्यूमर पर पैनल्टी हो सकती है। आइए जानते हैं इसके और क्या लाभ हैं। • पैसा खत्म होते ही आपके घर की बत्ती गुल हो जायेगी। मोबाइल की तरह सेवा समाप्त होने से पहले रिचार्ज के लिए आपको अलर्ट रहना होगा। • प्रीपेड स्मार्ट मीटर के जरिए बिजली चोरी रुकने की उम्मीद है। • बिजली बिल कलेक्शन के झंझट से विभाग को मुक्ति मिल जायेगी, यानी बिजली जलाने से पहले आपको पैसे खर्च करने होंगे। • सिंगल फेज प्रीपेड स्मार्ट मीटर होने के कारण डोमेस्टिक और कामर्सियल कंज्यूमर के घर पर ही लगेंगे। इंडस्ट्री को इससे अलग रखा गया है। • पुराने मीटर बदलते वक्त विभाग कंज्यूमर से मीटर की रीडिंग के साथ हस्ताक्षर करायेगा, जिससे पुराने बिजली बिल वसुलने में कोई परेशानी ना हो।

Published / 2022-04-22 09:14:41
ग्राहकों की मंजूरी के बिना क्रेडिट कार्ड जारी नहीं करें : आरबीआई

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों को ग्राहकों की मंजूरी के बिना क्रेडिट कार्ड जारी करने या मौजूदा कार्ड की सीमा बढ़ाने अथवा अन्य सुविधाएं शुरू करने से मना किया है। इसका पालन नहीं करने पर संबंधित कंपनियों को जुर्माने के रूप में बिल की राशि का दोगुना देना होगा। केंद्रीय बैंक ने कार्ड जारीकर्ता इकाइयों या एजेंट के रूप में काम करने वाले तीसरे पक्ष से ग्राहकों से बकाए की वसूली को लेकर डराने-धमकाने या परेशान करने से भी मना किया है। क्रेडिट कार्ड को लेकर अपने मास्टर दिशा-निर्देश में आरबीआई ने कहा, बिना ग्राहक की मंजूरी के कार्ड जारी करना या उसकी सीमा बढ़ाने अथवा अन्य सुविधाएं देना बिल्कुल मना है। यह दिशानिर्देश एक जुलाई, 2022 से लागू होगा। शीर्ष बैंक ने कहा कि अगर ग्राहकों की मंजूरी के बिना कार्ड जारी किया जाता है या मौजूदा कार्ड को उन्नत बनाया जाता है, कार्ड जारी करने वालों को लिए गए शुल्क को वापस करना होगा और जुर्माना देना होगा। यह जुर्माना बिल राशि का दोगुना होगा। "मास्टर" दिशा-निर्देश के अनुसार, 100 करोड़ रुपए के नेटवर्थ वाले वाणिज्यिक बैंक स्वतंत्र रूप से क्रेडिट कार्ड कारोबार शुरू कर सकते हैं या कार्ड जारी करने वाले बैंकों/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के साथ गठजोड़ कर यह काम कर सकते हैं। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को भी अपने प्रायोजक या अन्य बैंकों के साथ गठजोड़ कर क्रेडिट कार्ड जारी करने की अनुमति है। केंद्रीय बैंक ने कहा, इसके अलावा, जिस व्यक्ति के नाम से कार्ड जारी किया जाता है, वह आरबीआई ओम्बुड्समैन से शिकायत कर सकता है। ओम्बुड्समैन जुर्माने की राशि तय करेंगे...। आरबीआई ने साफ किया है कि एनबीएफसी बिना उसकी मंजूरी के क्रेडिट कार्ड कारोबार शुरू नहीं करेंगे। केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा कि बैंक ग्राहकों को डेबिट कार्ड सुविधा लेने के लिए बाध्य नहीं करेंगे। साथ ही डेबिट कार्ड लेने को अन्य सेवाओं के लाभ से नहीं जोड़ेंगे। आरबीआई ने कार्ड जारीकर्ता इकाइयों या एजेंट के रूप में काम करने वाले तीसरे पक्ष से ग्राहकों से बकाये की वसूली को लेकर डराने-धमकाने या परेशान करने से भी मना किया है।

Published / 2022-04-22 08:58:31
गरीबी खत्म करने को चुनौतियों से निपटना जरूरी : सीतारमण

एबीएन सेंट्रल डेस्क। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वीरवार को कहा कि अत्यधिक गरीबी को खत्म करने और साझा समृद्धि को बढ़ावा देने की दोहरी भूमिका निभाने के लिए संघर्ष और हिंसा की चुनौतियों से निपटना जरूरी है। वित्त मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने आज वाशिंगटन डीसी में विकास समिति के सदस्यों के लिए मंत्री स्तरीय रात्रिभोज में भाग लिया। मंत्रालय ने ट्वीट किया कि सीतारमण ने अत्यधिक गरीबी को समाप्त करने और साझा समृद्धि को बढ़ावा देने के दोहरे लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आवश्यक रूप से संघर्ष और हिंसा की चुनौतियों को संबोधित करने का आह्वान किया, विशेष रूप से जब दुनिया में दो-तिहाई अत्यधिक गरीब रहते हैं। वित्त मंत्री IMF-WB स्प्रिंग मीटिंग 2022 में भाग लेने के लिए अमेरिका में हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि एफसीएस देशों में नाजुक और संघर्ष-प्रभावित स्थितियों से जूझते हुए आजीविका सहायता, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिलाओं, युवाओं और बच्चों को हमेशा प्राथमिकता दी जानी चाहिए। वित्त मंत्री की यह टिप्पणी रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के 58वें दिन में प्रवेश करने के बाद आई है। युद्ध के परिणामस्वरूप दुनिया के कई हिस्सों में ऊर्जा की कीमतों में वृद्धि और खाद्यान्न की कमी हुई है। संघर्ष से वैश्विक विकास प्रभावित होने की आशंका है।

Published / 2022-04-22 01:07:57
पेयजल की दिक्कत हो तो टोल फ्री 18003456502 पर करें कॉल, झारखंड सरकार करेगी व्यवस्था

टीम एबीएन, रांची। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव प्रशांत कुमार ने गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन किया। इस दौरान राज्य में प्रचंड गर्मी में आमजन को पीने के पानी की किल्लत न हो, इसके लिए विभाग की ओर से की गई तैयारियों की जानकारी दी। सचिव प्रशांत कुमार ने टोल फ्री नंबर 1800 3456502 की भी जानकारी दी और कहा कि इस पर कॉल कर पानी की समस्या का निदान करा सकते हैं। उन्होंने झारखंड के 78 टोलों के भूजल में अधिक आर्सेनिक की समस्या बताई। हालांकि कहा कि यहां अलग से जल की व्यवस्था की गई है। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव प्रशांत कुमार ने कहा कि राज्यस्तर पर पेयजल एवं स्वच्छता से संबंधित सभी प्रकार की जन शिकायत के निवारण के लिए टॉल फ्री नम्बर 1800 3456502 और व्हाट्सएप नम्बर 9470176901 पर 2326 शिकायत मिली है। इसमें से 1502 शिकायतों का निवारण कर दिया गया है। स्वच्छता सचिव ने कहा कि राज्य में एक लाख 20 हजार टोले हैं, जिसमें 4 लाख 40 हजार से अधिक चापाकल हैं यानी औसतन हर टोले में 3-4 चापाकल हैं। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव प्रशांत कुमार ने कहा कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग पहले से जारी टोल फ्री नंबर को मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने की अपील करता है। साथ ही उन्होंने कहा कि कई शिकायतें लगातार पानी को लेकर के राज्य भर से मिल रही हैं, जिसका निष्पादन भी किया जा रहा है और प्रयास विभाग का यह है कि अब अभी भी अगर लोगों को कहीं भी पानी की समस्या होती है तो वह इस टोल फ्री नंबर 18003456502 पर कॉल करके समस्या का निदान करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि विभाग लगातार तत्पर है कि इस गर्मी में कहीं भी पानी की समस्या किसी को भी ना हो। राज्य में बड़े जलाशयों की जगह छोटे बराज, चेक डैम और तालाब ज्यादा कारगर : सचिव पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव प्रशांत कुमार ने कहा कि निर्बाध पेयजल के लिए सर्फेस वाटर को एकत्रित करने के लिए छोटे चेकडैम, बराज, तालाब ज्यादा कारगर होते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में 78 टोले ऐसे चिन्हित किये गए हैं, जहां के पानी में आर्सेनिक या फ्लोराइड की मात्रा ज्यादा है, ऐसे टोलों में साफ पीने की पानी की व्यवस्था की गई है। रांची के सप्लाई वाटर में गंदगी की यह वजह : प्रशांत कुमार ने कहा कि राजधानी में सप्लाई वाटर में गंदा पानी आने की शिकायत मिलती रहती है, इसकी मूल वजह पानी के पाइपों का पुराना पड़ जाना और अवैध वाटर कनेक्शन के लिए पानी के पाइपों में छेद करना है। उन्होंने कहा कि हटिया डैम की क्षमता के सवाल और उसके शिल्ट की सफाई से पहले यह जानना जरूरी है कि औसतन हटिया डैम में कितना जल संग्रह हम कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि हटिया डैम अपनी क्षमता के अनुसार नहीं भरता है।

Published / 2022-04-22 01:01:49
रांची : स्कूली बसों की जांच शुरू, अगलगी की घटना के बाद हरकत में आया प्रशासन

टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची में बुधवार को स्कूल बस में आग लग गई। इस घटना के बाद गुरुवार को जिला प्रशासन हरकत में आया और स्कूली बसों की जांच शुरू कर दी, ताकि बस में बच्चे सुरक्षित सफर कर सके। डीटीओ प्रवीण प्रकाश ने अपनी टीम के साथ 50 से अधिक स्कूली बसों की जांच की। अभियान के दौरान एक-एक स्कूली बसों की परमिट, फायर सेफ्टी, फिटनेस, इंश्योरेंस, स्पीड गवर्नर और अन्य दस्तावेजों की चैकिंग के साथ ही आपातकालीन खिड़की और फर्स्ट एड बाॅक्स को भी चेक किया। गुरुवार को 50 से अधिक स्कूल बसों की चेकिंग की गई। चेकिंग के दौरान कई बसों में खामियां मिली है। खासकर, किसी में फर्स्ट एड का बॉक्स नियम मुताबिक नहीं मिला। बस में फर्स्ट एड बॉक्स था तो दवाइयां एक्सपायर थी। कई बसों में फायर सेफ्टी के सिस्टम खराब थे। इतना ही नहीं, कई बस 15 साल से ज्यादा पुरानी मिली। डीटीओ प्रवीण प्रकाश ने बताया कि जिन बसों में खामियां मिली, उन्हें दस्तावेज सुधारने का एक सप्ताह का समय दिया है। एक सफ्ताह बाद कभी भी उन बसों का औचक निरीक्षण किया जा सकता है। स्कूल बसों की चेकिंग के दौरान डीटीओ खुद बसों के अंदर गए और नियमानुसार एक-एक चीज का जायजा लिया। इस दौरान बच्चों से भी बातचीत की और समस्या जानने की कोशिश की। सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन के अनुसार प्रत्येक बस में सीसीटीवी लगाना अनिवार्य है। लेकिन रांची के अधिकांश स्कूल बस में चेकिंग के दौरान सीसीटीवी लगा नहीं मिला। डीटीओ ने स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि बसों में सीसीटीवी लगा लें, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। डीटीओ प्रवीण प्रकाश ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से 2 साल तक बसों का परिचालन नहींं हो पाया था। फिटनेस सर्टिफिकेट दुरुस्त करवाने को लेकर पहले नोटिस भेजा गया है। इसके बावजूद बिना फिटनेस लिए बसों का परिचालन कराया जा रहा है, तो बसों के संचालक पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि गाइडलाइन के अनुसार स्कूल बस का रंग, संस्था का नाम, चालक व परिचालक का दूरभाष नंबर, प्राथमिक उपचार पेटी, अग्निशमन यंत्र, स्पीड गवर्नर, खिड़की में जाली, डोर लॉक, सीसीटीवी कैमरा, लाइसेंस, वाहन का मॉडल, परमिट, फिटनेस, मोटरयान कर, बीमा, सीट के नीचे बैग रखने की जगह और इमरजेंसी गेट की व्यवस्थ सुनिश्चित करना अनिवार्य है।

Published / 2022-04-21 17:44:16
पूर्व सांसद करिया मुंडा की तबीयत बिगड़ी, ग्रीन कॉरिडोर बनाकर 40 मिनट में खूंटी से लाया गया मेडिका

टीम एबीएन, रांची। आठ बार लोकसभा सदस्य रहे वयोवृद्ध भाजपा नेता पद्म विभूषण करिया मुंडा की तबीयत बिगड़ गई है। पद्म विभूषण करिया मुंडा की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें खूंटी के उनके आवास से रांची मेडिका हॉस्पिटल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर लाया गया। पूर्व सांसद को मेडिका में भर्ती कराया गया है। यहां उनका इलाज चल रहा है। मेडिका हॉस्पिटल रांची के जनसंपर्क अधिकारी आनंद श्रीवास्तव ने बताया कि ब्लड शुगर लेवल नीचे आ जाने के बाद पद्म विभूषण करिया मुंडा बेहोश हो गए थे, जिसके बाद उन्हें मेडिका लाया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम इमरजेंसी में पूर्व सांसद के स्वास्थ्य की जांच कर रही है। इससे पहले पूर्व सांसद की तबीयत बिगड़ने पर खूंटी से रांची लाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया और महज 40 मिनट में खूंटी से मेडिका तक एंबुलेंस से लाया गया। पूर्व सांसद को हॉस्पिटल पहुंचाने के लिए खूंटी पुलिस और रांची पुलिस ने मिलकर ग्रीन कॉरिडोर बनाया तथा महज 40 मिनट में 108 एम्बुलेन्स से करिया मुंडा को अस्पताल पहुंचाया। पहले ही अस्पताल से मिली थी करिया मुंडा को छुट्टी : पूर्व सांसद पद्म विभूषण करिया मुंडा की तबीयत न्यूमोनिया की वजह से कुछ दिन पहले भी खराब हुई थी, उस समय मेडिका में इलाज के बाद वह ठीक होकर घर चले गए थे। गुरुवार को अचानक ब्लड शुगर लेवल गिर जाने के बाद उन्हें अस्पताल में फिर भर्ती कराना पड़ा है।

Published / 2022-04-21 10:24:58
शहादत दिवस पर शहीद गणपत राय को सीएम हेमंत सोरेन ने दी श्रद्धांजलि

टीम एबीएन, रांची। देश में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के वीर नायक शहीद पांडेय गणपत राय का आज शहादत दिवस है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने इस अवसर पर राजधानी रांची स्थित शहीद स्मारक में उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। आनेवाली पीढ़ी के लिए वे हमेशा प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। अंग्रेज़ों के खिलाफ विद्रोह करने वाले अमर वीर शहीद पाण्डेय गणपत राय के शहादत दिवस पर उन्हें शत-शत नमन...

Published / 2022-04-21 10:05:00
हम देश की अखंडता और एकता से नहीं कर सकते समझौता : मोदी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सिविल सेवा अधिकारियों से देश की एकता व अखंडता से कोई समझौता न करने की अपील करते हुए कहा कि कोई भी फैसला वह चाहे कितना भी आकर्षक क्यों ना हो, लेने से पहले उन्हें उसे एकता व अखंडता की तराजू में जरूर तौलना चाहिए। सिविल सेवा दिवस के अवसर पर यहां स्थित विज्ञान भवन में लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए पुरस्कार प्रदान करने के बाद सिविल सेवा अधिकारियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें अपने फैसलों में यह जरूर देखना चाहिए कि वह देश की एकता और अखंडता में कहीं रुकावट तो पैदा नहीं करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में सिविल सेवा अधिकारियों के सामने तीन लक्ष्य साफ-साफ होने चाहिए और इनसे कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, पहला लक्ष्य है कि देश के सामान्य से सामान्य जन के जीवन में बदलाव लाना। ना सिर्फ उसके जीवन में बदलाव बल्कि सुगमता भी आए और उन्हें इसका एहसास भी हो। सरकार से मिलने वाले लाभों के लिए उन्हें जद्दोजहद ना करनी पड़े। हमें उनके सपनों को संकल्प में बदलना है। इसके लिए सकारात्मक वातावरण बनाना व्यवस्था की जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री ने दूसरा लक्ष्य वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप नवीनता और आधुनिकता को अपनाना और तीसरा लक्ष्य एकता व अखंडता से समझौता ना करना है। उन्होंने कहा, व्यवस्था में हम कहीं पर भी हों, लेकिन जिस व्यवस्था से हम निकले हैं, उसमें हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है देश की एकता और अखंडता। यह लक्ष्य कभी भी ओझल नहीं होना चाहिए। इससे कोई समझौता नहीं किया जा सकता। प्रधानमंत्री ने कहा, कोई भी निर्णय...वह चाहे कितना भी लोकलुभावन हो या आकर्षक हो, उसे उस तराजू पर जरूर तौलिए कि कहीं देश की एकता और अखंडता में वह बाधक या रूकावट तो नहीं पैदा करेगा। केन्द्र और राज्य सरकारों के संगठनों और जिलों द्वारा जन हित के असाधारण और अभिनव कार्यों को सम्मानित करने के लिए ये पुरस्कार दिए जाते हैं। इस वर्ष प्राथमिकता के आधार पर पांच कार्यक्रमों के लिए 10 पुरस्कार दिए गए। केन्द्र तथा राज्य सरकार के संगठनों और जिलों को नवाचार के लिए छह पुरस्कार प्रदान किये गए। केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने बुधवार को 15वें सिविल सेवा दिवस समारोहों का उद्घाटन किया था।

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