राज काज

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Published / 2022-04-25 13:00:08
झारखंड पंचायत चुनाव : तीसरे चरण की वोटिंग के लिए नामांकन पत्रों की बिक्री शुरू

टीम एबीएन, नीलांबर-पीतांबरपुर। झारखंड पंचायत चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज है। प्रखंड कार्यालय में मुखिया और वार्ड सदस्य के लिए नामांकन पत्रों की बिक्री शुरू हो गयी है। प्रखंड कार्यालय में कड़ी धूप में नामांकन पत्र खरीदते प्रत्याशी नजर आएं। वहीं प्रखंड कार्यालय खुलते ही मुखिया और वार्ड सदस्य प्रत्याशी प्रखंड में घूमते नजर आए। हालांकि दोपहर बाद से प्रखंड पदाधिकारी द्वारा नामांकन पत्र का बिक्री शुरू कर दी गई है। आज मुखिया पद के 38 और वार्ड सदस्य केलिए 33 नामांकन पत्रों की बिक्री हुई।और 26 अप्रैल से नामांकन का तिथि भी घोषणा की गई है ।कई प्रत्याशियों ने कड़ी धूप में नामांकन पत्र के लिए लाइन में लगकर ख़रीदने पर नाराजगी भी जाहिर की है। उनका कहना था कि प्रखंड प्रशासन ने प्रत्याशियों के लिए ना तो पीने के पानी की व्यवस्था की है और न ही धूप से बचने के लिए टेंट पंडाल की।

Published / 2022-04-23 13:45:47
अब भारतीय सेना में भी शामिल होंगे इलेक्ट्रिक वाहन, जानें सरकार का प्लान...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच देश अब इलेक्ट्रिक वाहन की ओर बढ़ रहा है, जबकि सरकार ग्रीन हाइड्रोजन को भी हालिया ईंधन का विकल्प बनाने की दिशा में काम कर रही है। आम लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाएं, इसके लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकारें भी अपनी ओर से सब्सिडी दे रही हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ी एक बड़ी अपडेट यह सामने आ रही है कि आनेवाले दिनों में भारतीय सेना में भी इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल होगा। जी हां, भारतीय सेनाने अपने वाहनों के बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने का फैसला लिया है। सेना के अधिकारियों ने इसके लिए रेकमेंडेशन तैयार कर लिया है। दरअसल, नई दिल्ली में शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे और भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष टाटा मोटर्स, परफेक्ट मेटल इंडस्ट्रीज (पीएमआई) और रिवोल्ट मोटर्स कंपनी ने अपने-अपने इलेक्ट्रिक वाहनों (एश्) का प्रदर्शन किया। इलेक्ट्रिक वाहन निमार्ताओं ने पिछले कुछ वर्षों के दौरान हासिल की गई इलेक्ट्रिक वाहनों की प्रौद्योगिकी और इनका प्रचलन बढ़ने के बारे में जानकारी दी। कहा जा रहा है कि जल्द ही भारतीय सेना के बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहन भी शामिल हो जाएंगे। क्या है सरकार का प्लान? - भारतीय सेना में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने के लिए अधिकारियों के बोर्ड ने अपनी अनुशंसाओं को अंतिम रूप दे दिया है। इसी आधार पर भारतीय सेना तीन श्रेणियों यानी कारो, बसों और मोटरसाइकिलों में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की योजना बना रही है। रक्षा मंत्री ने इलेक्ट्रिक वाहनों को भारतीय सेना में शामिल करने तथा सरकार की नीतियों के अनुरूप जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने की पहल को सराहा। उन्होंने कहा कि फेम क तथा कक की सरकारी नीति ने भारत में इलेक्ट्रिक वाहन सिस्टम बनाए रखने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास को भरपूर बढ़ावा दिया है। बता दें कि इलेक्ट्रिक वाहन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए लाइसेंस लेने की आवश्यकता समाप्त कर दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी यह बात दुहराई कि इलेक्ट्रिक वाहन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है। इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को सेना देगी प्रोत्साहन : पीबीएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, थल सेनाध्यक्ष जनरल एमएम नरवणे का मानना है कि परिवहन का भविष्य इलेक्ट्रिक वाहनों में निहित है और भारतीय सेना को इस मामले में पथप्रदर्शक बनना होगा। इस तकनीक को अपनाने में भारतीय सेना को भी अग्रणी भूमिका निभानी होगी, क्योंकि विश्व की सेनाएं भी इलेक्ट्रिक वाहनों को अपने बेड़े में शामिल करने पर विचार कर रही हैं। भारतीय सेना में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने के लिए एक निश्चित समयबद्ध रूपरेखा तैयार करने के लिए आपूर्ति एवं परिवहन महानिदेशक (डीजीएसटी) लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार सिंह यादव के तहत अधिकारियों के एक बोर्ड का गठन पहले ही किया जा चुका है।

Published / 2022-04-23 10:02:03
झारखंड में जल्द बहाल होंगे एक लाख शिक्षक : शिक्षा मंत्री

टीम एबीएन, हजारीबाग। राज्य में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए झारखंड सरकार एक लाख शिक्षकों को बहाली करने जा रही है। हजारीबाग दौरे पर पहुंचे शिक्षा मंत्री ने इस बात की घोषणा की है। शिक्षा मंत्री ने जिला से लेकर पंचायत तक सीबीएसई आधारित सरकारी स्कूल खोलने की भी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि झारखंड में शिक्षकों के पद पर भारी वैकेंसी है जिसे पंचायत चुनाव के बाद भरा जाएगा। झारखंड इन दिनों शिक्षकों की कमी झेल रहा है। कई ऐसे स्कूल है जहां शिक्षक नहीं है। तो कई ऐसे स्कूल हैं, जहां प्रभारी प्राचार्य से काम लिया जा रहा है। लेकिन अब सरकार एक लाख में शिक्षकों की बहाली करने जा रही है। हजारीबाग पहुंचे झारखंड के शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो ने बताया कि हम लोग पंचायत चुनाव के बाद 26000 रिक्त पद तत्काल भरने जा रहे हैं। वहीं 1 लाख नए पदों का सृजन किया गया है और उसकी स्वीकृति भी दे दी गई है। यही नहीं झारखंड में अंग्रेजी शिक्षा पाने के लिए लोगों का रूझान बढ़ता जा रहा है। ऐसे में कई गरीब छात्र हैं जो सीबीएसई आधारित पढ़ाई करना चाहते हैं। लेकिन नहीं कर पा रहे हैं। उनके लिए अब झारखंड में पहली बार पूरे राज्य मे जिला, प्रखंड और पंचायतो में 11 सीबीएसई आधारित स्कूल खोला जाएगा। जगन्नाथ महतो ने स्पष्ट कर दिया है कि पंचायत चुनाव के बाद राज्य भर में बड़ी संख्या में शिक्षा विभाग मैं वैकेंसी आने वाली है। शिक्षकों की कमी राज्य भर में नहीं होने दे जाएगी।

Published / 2022-04-23 03:44:09
भारत की ऊंची ग्रोथ रेट दुनिया के लिए भी अच्छी खबर : आईएमएफ प्रमुख

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के प्रमुख ने कहा कि अगले साल जी-20 देशों के शक्तिशाली समूह के अध्यक्ष के रूप में भारत को समावेशी होने और सभी देशों के साथ सहयोग करने की अपनी लंबी परंपरा का उपयोग करके दुनिया के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचकर वैश्विक चुनौतियों को दूर करने के लिए एक अनूठी भूमिका निभानी है। उन्होंने भारत की तारीफ करते हुए कहा कि इसकी ऊंची ग्रोथ रेट दुनिया के लिए भी है अच्छी खबर है। आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने आईएमएफ की अंतरराष्ट्रीय मुद्रा और वित्त समिति की अध्यक्ष नादिया काल्वियो के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में यह टिप्पणी की। जॉर्जीवा ने कहा कि भारत के लिए एक विशेष कार्य है कि आईएमएफ में हम कार्रवाई देखने के इच्छुक हैं, और यह कोटा की 16वीं सामान्य समीक्षा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने भरोसा जताया कि भारत के जी-20 का अध्यक्ष रहने से नादिया को उद्देश्य हासिल करने में मदद मिलेगी। भारत जी-20 देशों का अध्यक्ष बनने वाला है, जो 19 देशों और यूरोपीय संघ (ईयू) की सदस्यता वाला एक शक्तिशाली अंतर-सरकारी मंच है। जी-20 का वर्तमान अध्यक्ष इंडोनेशिया है। जॉर्जीवा ने एक के प्रश्न के जवाब में कहा, संयोग से यह एक अच्छा क्रम है कि दो बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाएं एक के बाद एक जी -20 की अध्यक्षता कर रही हैं। यह देखते हुए कि बहुपक्षवाद पहले के मुकाबले कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है, कैल्विनो ने कहा कि जी -20, आईएमएफसी, आईएमएफ और बाकी सभी अंतरराष्ट्रीय मंच और संस्थान वैश्विक चुनौतियों के जवाब में समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Published / 2022-04-22 12:42:38
बिना जाति प्रमाण पत्र नहीं लड़ पायेंगे चुनाव, बनवाने से पहले जान लें नियम...

टीम एबीएन, रांची। झारखंड पंचायत चुनाव के प्रत्याशी बिना जाति प्रमाण पत्र के चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। निर्वाचन आयोग के द्वारा दिए गये नामांकन पत्र के साथ ही जाति प्रमाण पत्र की मूल प्रति लगाना होगा। ऐसे में झारखंड में पंचायत चुनाव में आरक्षित सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए इन वर्गों को जाति प्रमाणपत्र के लिए मारामारी मची है। इसके लिए अंचल अधिकारियों के कार्यालय में आवेदन की भरमार है। चुनाव में आरक्षित वर्गों को आरक्षण का लाभ लेने के लिए प्रमाणपत्र जमा करना होगा और इसके लिए खतियान का प्रमाण देना आवश्यक है। इसके लिए भूमि अभिलेख, रिकार्ड आफ राइटस और भूमि निबंधन कागजात में नाम होना चाहिए। यही योग्यता पिछड़ी जाति की दो अनुसूचियों में दर्ज जातियों के लिए भी है। हालांकि राज्य में हो रहे पंचायत चुनाव में फिलहाल पिछड़ी जाति को आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है। आॅनलाइन की जगह आॅफलाइन भी दिया जा रहा प्रमाणपत्र : बता दें, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षित सीट से चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी को नामांकन पत्र के साथ जाति प्रमाण पत्र की मूल प्रति लगाना अनिवार्य होगा। पहले जाति प्रमाणपत्र आनलाइन भरने की व्यवस्था थी। लेकिन, इसमें मिल रही शिकायतों को देख आफलाइन भी प्रमाणपत्र जारी किया जा रहा है। इसकी प्रक्रिया में थोड़ा वक्त भी मिलता है। फिलहाल आरक्षित सीटों पर चुनाव लड़ने को इच्छुक अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के प्रमाणपत्र के लिए सर्वाधिक आवेदन मिले हैं। डइउ को सरकार ने मान लिया सामान्य सीट : झारखंड सरकार ने ओबीसी सीट को सामान्य सीट में मान लिया है। ओपेन कैटेगरी सीट होने की वजह से इसमें अब सभी लोग चुनाव लड़ पायेंगे। सिर्फ वोटर लिस्ट में नाम होना जरूरी है। बता दें, झारखंड में चार चरणों में पंचायत चुनाव हो रहा है। इन चरणों के उम्मीदवारों को भी जाति प्रमाण पत्र बनाना होगा, इसके लिए मूल निवासी होने का प्रमाण भी देना होगा। इसलिए अंचल कार्यालयों में इन दिनों जाति प्रमाणपत्र बनवाने के लिए भीड़ जुटी है।

Published / 2022-04-22 12:39:28
पंचायत चुनाव में शराब बांटने वाले उम्मीदवारों पर होगी कार्रवाई

टीम एबीएन, मेदिनीनगर, पलामू। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत (आम) निर्वाचन, 2022 की अधिसूचना जारी होने एवं जिला निर्वाचन पदधिकारी द्वारा सूचना प्रकाशन के बाद से निर्वाचन प्रक्रिया में तेजी आई है। एक ओर जहां प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर है। वहीं प्रथम एवं द्वितीय चरण के मतदान के लिए अभ्यर्थियों द्वारा नामांकन की प्रक्रिया भी चल रही है। निर्वाचन कार्य में जोर आजमाइस कर रहे अभ्यर्थियों द्वारा अपने पक्ष में मतदान करने का प्रयास किया जायेगा, लेकिन अभ्यर्थियों को आदर्श आचार संहिता के दायरे में रहकर ही चुनाव-प्रचार या कोई अन्य गतिविधि एवं कार्यक्रमों का आयोजन करना होगा। आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर अभ्यर्थी कार्रवाई के घेरे में आएंगे। निर्वाचन कार्य के दौरान अभ्यर्थी या उनके कार्यकतार्ओं द्वारा शराब के वितरण पर कार्रवाई हो सकती है। मतदान के दो दिन पूर्व से लेकर मतदान के दिन तथा उसके अगले दिन सुबह 7 बजे तक किसी उम्मीदवार द्वारा न तो शराब खरीदी जाए और न ही उसे किसी को पेश या वितरित किया जाए। प्रत्येक उम्मीदवार द्वारा अपने कार्यकताओं को भी ऐसा करने से रोका जाना चाहिए। किसी भी उम्मीदवार द्वारा किसी भी व्यक्ति की भूमि, भवन, अहाते या दीवार का उपयोग झंडा, बैनर आदि लागने का कार्य भवन मालिक की लिखित अनुमति के बगैर नहीं किया जाना चाहिए और अपने समर्थकों एवं कार्यकतार्ओं को भी ऐसा नहीं करने देना चाहिए। दीवार पर पेंट करने पर होगी कानूनी कार्रवाई : किसी भवन, अहाते या दीवार पर चुनाव प्रचार हेतु नारे लिखना, चुनाव चिन्ह पेन्ट करना या पोस्टर नहीं चिपकाया जायेगा। मकान मालिक की लिखित सहमति लेने के बाद भी ऐसा नहीं किया जा सकेगा। निजी भवन पर झंडा, बैनर आदि लगाने के निमित मकान मालिक की सहमति हेतु कोई भी अभ्यर्थी या उसका अभिकर्ता या उसका समर्थक किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाएगा और न ही डराया या धमकाया जायेगा। डराने-धमकाने संबंधी सूचना मिलने या मामला संज्ञान में आने पर निवार्ची पदाधिकारी द्वारा उस अभ्यर्थी के विरूद्ध सम्यक् रूप से कानूनी कार्रवाई की जायेगी। सार्वजनिक स्थानों पर नहीं करें चुनाव संबंधी प्रचार-प्रसार : कोई अभ्यर्थी या उसका समर्थक किसी सार्वजनिक स्थल, भवन, दीवार, खंभे, वृक्ष आदि पर किसी भी प्रकार का झंडा, बैनर, पोस्टर नहीं लगायेंगे। साथ ही चुनाव संबंधी प्रचार-प्रसार नारे, चिन्ह आदि नहीं लिखेंगे। इस प्रकार का मामला प्रकाश में आने पर निर्वाची पदाधिकारी द्वारा उस अभ्यर्थी के विरूद्ध विधि सम्मत त्वरित कार्रवाई की जायेगी। किसी भी उम्मीदवार द्वारा उसके पक्ष में लगाये गये झंडे या पोस्टर दूसरे उम्मीदवार के कार्यकर्ताओं द्वारा नहीं हटाये जाने चाहिए। 

Published / 2022-04-22 10:34:15
बेतहाशा गर्मी में छोटे बच्चों के बसों को भी एंबुलेंस की तरह दें रास्ता : हेमन्त सोरेन

टीम एबीएन, रांची।मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन संत जेवियर्स स्कूल डोरंडा के 62 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित नव सृजन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। मौके पर मुख्यमंत्री ने स्कूल के नवनिर्मित डायमंड जुबली ब्लॉक का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी शामिल हुए और उनकी प्रस्तुति की सराहना की। साथ ही, स्कूल की पुस्तिका इंडेवर का विमोचन किया। झारखण्ड के लिए शिक्षा महत्वपूर्ण विषयों में एक है : मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल अपना डायमंड जुबली मना रहा है, साथ ही नए भवन का भी उद्घाटन हुआ है। बच्चों को नया भवन समर्पित हुआ। मैं इस स्कूल में एक पैरेंट्स की भूमिका में भी हूं। यहां की कार्यशैली से मुझे लगाव है। शिक्षा को लेकर मेरी चिंता बनी रहती है। राज्य की जिम्मेवारी हमारे ऊपर है। झारखण्ड के लिए शिक्षा बहुत ही महत्वपूर्ण विषयों में एक है। राज्य अगर शिक्षा के क्षेत्र में कहीं विशेष जगह बनाता है तो इसमें ऐसी संस्थाओं का बहुत बड़ा योगदान है। 60 वर्ष से ऊपर के सफर में कई उतार-चढ़ाव भी स्कूल ने देखें हैं। आज भी उसी उत्साह, ताकत और क्षमता के साथ स्कूल दिशा तय कर रहा है। देश में स्कूल की एक अलग पहचान है। चुनौतियों के बावजूद अपने मुकाम तक पहुंचना कठिन होता है। फादर अजीत खेस की भूमिका सिर्फ कैंपस के आसपास नहीं बल्कि उनकी दूरदर्शिता कई मायनों में खास है। स्कूल का प्रयास सदैव आगे बढ़ने का रहा है। छोटे बच्चों की स्कूल बसों को एंबुलेंस की तरह रास्ता मिले : हमलोगों ने दो वर्ष तक कठिन दौर को देखा है। दो वर्ष की कमी को पूरा करने का प्रयास करेंगे। अभी के समय में गर्मी बेतहाशा बढ़ रही है। ऐसे में स्कूल बसों को एंबुलेंस की तरह रास्ता मिले, ताकि छोटे बच्चों को जल्दी घर पहुंचने में सुविधा हो। इस संबंध में जल्द ही सरकार निर्णय लेगी। हालांकि अबतक इसपर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। आम लोगों को भी इस विषय पर विचार कर स्कूल बसों को रास्ता देने का प्रयास करना चाहिए। मौके पर संत जेवियर्स स्कूल के प्रिंसिपल रेवरेन फादर अजीत खेस एसजे, रेवरेन विनय कंडूलना, रेक्टर एलेक्स एक्का एवं अन्य उपस्थित थे।

Published / 2022-04-22 10:24:08
चीनी धमकी, रक्षा समझौता, फाइटर जेट, यूक्रेन संकट को लेकर भारत-ब्रिटेन ने जारी किया रोडमैप-2030

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कोविड की वजह से ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का भारत दौरा बार बार टल रहा था, लेकिन अब ब्रिटिश प्रधानमंत्री भारत दौरे पर हैं और इस दौरान भारत और ब्रिटिन के बीच कई अहम समझौते किए गये हैं। ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और भारतीय प्रधानमंत्री मोदी के बीच आज नई दिल्ली स्थिति हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक हुई है, जिसमें यूक्रेन युद्ध, इंडो पैसिफिक समते कई मुद्दों पर बात हुई है। भारत-ब्रिटेन में समझौते नई दिल्ली स्थिति हैदराबाद हाउस में भारत और ब्रिटेन के प्रधानमंत्रियों की बैठक के दौरान यूक्रेन में हिंसा का तत्काल अंत, जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा साझेदारी को और गहरा करना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में "स्वतंत्र और खुला" रखने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के बीच काफी अहम बातचीत की गई है। ब्रिटिश पीएम ने गुरुवार को पीएम मोदी के गृह राज्य गुजरात से अपनी दो दिवसीय भारत यात्रा की शुरुआत की है और आज उनकी यात्रा का दूसरा दिन है। नई दिल्ली में दोनों देशों ने शुक्रवार को एक नए रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए और साल के अंत तक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को पूरा करने के विचार पर सहमत हुए हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हमने "रोडमैप 2030" के कार्यान्वयन में हुई प्रगति की समीक्षा की और भविष्य के लिए कई लक्ष्य भी निर्धारित किए। यूक्रेन मुद्दे पर बातचीत शुक्रवार दोपहर साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूक्रेन मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि हमने तत्काल युद्धविराम और समस्या के समाधान के लिए यूक्रेन में बातचीत और कूटनीति पर जोर दिया। हमने सभी देशों की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सम्मान के महत्व को भी दोहराया है। बोरिस जॉनसन की भारत यात्रा इसलिए भी काफी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि उन्होंने हाल ही में यूक्रेन की राजधानी कीव में यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की से मुलाकात की थी। वहीं, यूक्रेन युद्ध में ब्रिटिन रूस पर काफी ज्यादा आक्रामक है और ब्रिटेन ने रूस के खिलाफ कई प्रतिबंधों का ऐलान किया हुआ है। भारत के साथ अद्भुत बातचीत ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि हमने आज अद्भुत बातचीत की है और हर तरह से अपने संबंधों को मजबूत किया है। भारत और ब्रिटेन के बीच साझेदारी हमारे समय की परिभाषित दोस्ती में से एक है। इसके साथ ही ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि ब्रिटेन भी भारत को अपने लड़ाकू जेट बनाने में मदद करेगा। वहीं, भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले साल हमने (भारत-यूके) ने एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी शुरू की थी। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर काम चल रहा है। रक्षा क्षेत्र, व्यापार, जलवायु और ऊर्जा पर बातचीत हुई। स्वतंत्र, खुले और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर भी बातचीत हुई है। वहीं, इस बैठक के दौरान पीएम मोदी ने अफगानिस्तान पर भी चिंता जताई है। उन्होंने अफगानिस्तान का जिक्र करते हुए कहा कि यह जरूरी है कि अफगान क्षेत्र का इस्तेमाल दूसरे देशों में आतंकवाद फैलाने के लिए न किया जाए।

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