राज काज

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Published / 2022-05-20 09:58:27
5 दिन और बढ़ी आईएएस पूजा सिंघल की रिमांड, सीए सुमन भेजा गया जेल

टीम एबीएन, रांची। आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल की रिमांड की अवधि को 5 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है। जबकि सीए सुमन को जेल भेज दिया गया है। इससे पहले दोनों को रिमांड अवधि खत्म होने के बाद ईडी कोर्ट में पेश किया गया। जहां मामले की सुनवाई के बाद आईएएस पूजा सिंघल को पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है।

Published / 2022-05-19 12:48:27
जून महीने से बदलने वाले हैं कई ट्रेनों के टाइम टेबल, घर से निकलने से पहले देख लें लिस्ट...

टीम एबीएन, कोडरमा। वैसे तो रेलवे का नया टाइम टेबल एक जुलाई से प्रभावी होता है, लेकिन इस बार रेलवे ने जून से ही दर्जनों ट्रेनों के टाइम टेबल में बदलाव की घोषणा के साथ ही संशोधित टाइम टेबल जारी कर दिया है। यात्रियों के लिए बेहतर होगा कि जून माह से सफर से पहले अपनी ट्रेन की अपडेट जानकारी जरूर ले लें, नहीं तो ट्रेन छूट जाने की संभावना रहेगी। रेलवे ने जिन ट्रेनों के टाइम टेबल बदले हैं, उनमें से सभी स्टेशन उत्तर मध्य रेलवे के अधीन हैं। जिन स्टेशनों पर ट्रेनों के टाइम टेबल बदले हैं, सभी बेहद खास और महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन हैं। इनमें प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल जैसे स्टेशन शामिल हैं जहां देशभर से ट्रेनें पहुंचती हैं और लाखों की संख्या में यात्रियों की आवाजाही होती है। नई दिल्ली हावड़ा ग्रैंड कोर्ड सेक्शन के धनबाद ,कोडरमा ,गया जंक्शन होकर गुजरने वाली सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस का टाइम टेबल प्रयागराज और कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर एक जून से बदल जाएगा। इसी तरह कालक से हावड़ा के बीच चलने वाली नेताजी एक्सप्रेस का टाइम टेबल भी प्रयागराज समेत कई स्टेशनों पर बदलने वाला है। प्रयागराज पहले दोपहर 12:00 से 12:05, अब दिन 11:50 से 11:55, कानपुर सेंट्रल, पहले दोपहर 2:35 से 2:40, अब दोपहर 2:25 से 2:30, 12312 कालका-हावड़ा नेताजी एक्सप्रेस फतेहपुर, पहले दोपहर 3:08 से 3:10, अब दोपहर 3:05 से 3:07, प्रयागराज- पहले शाम 4:0 से 5:00, अब शाम 5:05 से 5:10, मिर्जापुर- पहले शाम 6:28 से 6:30, अब शाम 6:23 से 6:25

Published / 2022-05-18 17:26:35
राष्ट्रीय जैव-ईंधन नीति 2018 में संशोधन को केन्द्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय जैव-ईंधन नीति-2018 में संशोधन किये जाने को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुयी मंत्रिमंडल की बैठक में संशोधन को मंजूरी दी गयी। राष्ट्रीय जैव-ईधन नीति, जिसे नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के जरिये 2009 में लागू किया गया था, के स्थान पर राष्ट्रीय जैव-ईंधन नीति-2018 को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 04 जून, 2018 को अधिसूचित किया था। आधिकारिक जानकारी के अनुसार जैव-ईंधन में होने वाली प्रगति को ध्यान में रखते हुये राष्ट्रीय जैव-ईंधन समन्वय समिति (एनबीसीसी) की विभिन्न बैठकों में जैव-ईंधन उत्पादन बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इसी तरह 01 अप्रैल, 2023 से देशभर में 20 प्रतिशत तक की एथेनॉल की मात्रा वाले एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के लिये स्थायी समिति की सिफारिशों पर भी निर्णय लिया गया और उसी के अनुरूप राष्ट्रीय जैव-ईंधन नीति में संशोधन किये जा रहे हैं। इस नीति के लिये स्वीकृत मुख्य संशोधनों में जैव-ईंधन के उत्पादन के लिये अधिक फीडस्टॉक्स को मंजूरी, पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल के मिश्रण के लक्ष्य को ईएसवाई 2030 से पहले 2025-26 में ही प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ना, मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत विशेष आर्थिक जोन (सेज)/निर्यातोन्मुख इकाइयों (ईओयू) द्वारा देश में जैव-ईंधन के उत्पादन को प्रोत्साहन, एनबीसीसी में नये सदस्यों को जोड़ना, विशेष मामलों में जैव-ईंधन के निर्यात की अनुमति देना, और राष्ट्रीय जैव-ईंधन समन्वय समिति की बैठकों के दौरान लिये गये निर्णयों के अनुपालन में नीति में कुछ वाक्यों को हटाना या संशोधित करना शामिल है। इस प्रस्ताव ने स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के विकास के लिये आकर्षण और समर्थन बढ़ेगा, जिससे मेक इन इंडिया अभियान का मार्ग प्रशस्त होगा और अधिक रोजगार पैदा होंगे। मौजूदा राष्ट्रीय जैव-ईंधन नीति 2018 के दौरान अस्तित्व में आई थी। इस प्रस्तावित संशोधन से मेक इन इंडिया अभियान का मार्ग प्रशस्त होगा तथा जैव-ईंधन के अधिक से अधिक उत्पादन के जरिये पेट्रोलियम उत्पादों के आयात में कटौती संभव होगी। जैव-ईंधन के लिये कई सारे फीडस्टॉक्स को मंजूरी दी जा रही है। इस कदम से आत्मनिर्भर भारत को प्रोत्साहन मिलेगा तथा 2047 तक भारत के ऊर्जा के मामले में स्वतंत्र होने के प्रधानमंत्री की परिकल्पना को गति मिलेने की संभावना है।

Published / 2022-05-18 10:02:07
पंचायत चुनाव : दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान नक्सल प्रभावित इलाकों में ड्रोन से होगी निगरानी

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में 19 मई को होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग को लेकर पूरे झारखंड में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। केंद्रीय बलों के साथ-साथ झारखंड पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। पुलिस मुख्यालय उन सभी 16 जिलों में विशेष नजर रखे हुए हैं, जहां दूसरे चरण का मतदान होना है। झारखंड पुलिस के प्रवक्ता सह आईजी अभियान अमोल होमकर ने बताया कि पंचायत चुनाव को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। खासकर अति संवेदनशील इलाकों में विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मतदान के दौरान नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हवाई निगरानी भी की जा रही है। मतदान शांतिपूर्ण संपन्न करवाने के लिए नक्सल प्रभावित इलाकों में बम निरोधक दस्तों को भी तैनात किया गया है। झारखंड से लगने वाली पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ की सीमाओं को सील कर विशेष चौकसी बरती जा रही है। आईजी अभियान के अनुसार 19 मई को होने वाले मतदान में 3700 मतदान केंद्र अति संवेदनशील है, ऐसे में उनकी सुरक्षा को लेकर सीआरपीएफ, कोबरा, झारखंड आर्म्ड फोर्स और झारखंड पुलिस की टीमों को लगाया गया है। अति संवेदनशील मतदान केंद्रों की हवाई निगरानी तो की ही जा रही है, साथ-साथ नक्सल क्षेत्रों में ड्रोन भी तैनात किया गया है। कई मतदान केंद्रों पर चुनाव संपन्न करवाने के लिए मतदान कर्मी पहुंच भी चुके हैं। आईजी अभियान अमोल होमकर ने बताया कि सभी जिलों के एसपी को यह निर्देश दिया गया है कि वे अपने अपने सीमावर्ती इलाकों में विशेष चौकसी बरते। सीमावर्ती जिलों से गुजरने वाले सड़को पर चेकनाका लगाकर जांच करने का निर्देश जिलों के एसपी को दिया गया है ताकि अवैध शराब, हथियार या फिर दूसरे तरह के आपत्तिजनक सामानों की आवाजाही न हो सके।

Published / 2022-05-17 17:47:40
हिन्दी और अंग्रेजी संस्करण में विसंगतियों के कारण राजभवन से कृषि उपज और पशुधन विपणन विधेयक वापस

टीम एबीएन, रांची। राजभवन ने झारखंड राज्य कृषि उपज और पशुधन विपणन (संवर्धन और सुविधा) विधेयक 2022 को वापस लौटा दिया है। इसकी वजह है विधेयक के हिन्दी और अंग्रेजी संस्करण की विसंगतियां। अब सरकार को इन गलतियों को सुधरवाकर दोबारा प्रिंट करवाना होगा। इसके बाद विधानसभा से पारित कराकर भेजना होगा। अधिकारियों की लापरवाही के कारण एक बार फिर सरकार की फजीहत हुई है। यह वही विधेयक है जिसकी वजह से राज्य के थोक व्यापारी आंदोलन कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि कृषि उपज और पशुधन विपणन विधेयक की वजह से दो प्रतिशत तक मंडी शुल्क में इजाफा हो जाएगा। इसका सीधा असर खाद्य पदार्थों की कीमत पर पड़ेगा। राजभवन ने विधेयक की अंग्रेजी और हिंदी प्रिंटिंग में दस जगह विसंगतियां पाईं हैं। जैसे सेक्शन 20 (1) के अग्रेजी वर्जन में सब क्लॉज A. B. C. प्रिंट है जिसका हिंदी वर्जन क. ख. ग. की जगह I. II. III. लिखा हुआ है। राज्य में छह मंडियां हैं। इसके तहत रांची में दो और धनबाद, बोकारो, रामगढ़ एवं देवघर में एक-एक मंडी है। झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से व्यापारिक संगठन अप्रैल माह से ही इस प्रस्तावित बाजार शुल्क का विरोध कर रहे हैं। व्यापारियों ने दावा किया कि प्रस्तावित शुल्क से उपभोक्ता उत्पादों के दाम बढ़ेंगे और लोगों पर बोझ बढ़ेगा। इस मामले में पिछले दिनों झारखंड राज्य कृषि विपणन बोर्ड के एमडी मनोज कुमार ने बताया था कि नये नियम के प्रभाव में आ जाने पर जल्द नष्ट नहीं होने वाले जिंसों पर दो फीसदी और जल्द नष्ट हो जाने वाले जिंसों पर एक प्रतिशत बाजार शुल्क लगाने का प्रावधान है। कृषि बाजार शुल्क लगाने का नियम केंद्र ने लागू किया है और झारखंड सरकार ने महज उसे अपनाया है। उन्होंने कहा था कि विभिन्न राज्यों का अलग-अलग बाजार शुल्क ढांचा है। इस शुल्क का लक्ष्य राज्य में मंडियों के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाना एवं उसमें सुधार करना है, लेकिन व्यापारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। इससे पहले भी लौटाए जा चुके हैं तीन बिल : इस साल यह चौथा बिल है जिसके कुछ बिंदुओं पर आपत्ति जताते हुए राजभवन ने लौटाया है। अप्रैल महीने में भारतीय मुद्रांक शुल्क अधिनियम में संशोधन विधेयक 2021 को राजभवन ने सरकार को लौटा दिया था, जिसमें भाषाई कई त्रुटियां बताई गई थी। इससे पहले फरवरी माह में राजभवन ने ट्राइबल यूनिवर्सिटी बिल को वापस किया था। इस बिल के हिन्दी और अंग्रेजी संस्करण में कई त्रुटियां थीं। जनजातीय भाषा और संस्कृति को संरक्षण और शोध के मद्देनजर सीएम ने इस दिशा में कदम बढ़ाया था। लेकिन अधिकारियों के कारण मामला लटक गया। यही हाल झारखंड भीड़ हिंसा एवं भीड़ लिंचिंग निवारण विधेयक के साथ हुआ। इसमें भी हिन्दी और अंग्रेजी प्रारूप में कई गड़बडियों के साथ-साथ भीड़ की परिभाषा पर सवाल उठाते हुए राजभवन ने लौटा दिया था। अब चारों बिल की त्रुटियों को सुधाकर विधानसभा से पास कराने के बाद राजभवन भेजना होगा, जो मॉनसून सत्र में ही संभव हो पाएगा।

Published / 2022-05-17 08:13:32
बदले की राजनीति... विधानसभा और हाई कोर्ट भवन निर्माण की न्यायिक जांच करायेगी झारखण्ड सरकार

टीम एबीएन, रांची। जिस भवन का उदघाटन पीएम मोदी ने किया था, उस विधानसभा भवन के निर्माण में बरती गई अनियमितता की जांच न्यायिक आयोग करेगी। इतना ही नहीं राज्य सरकार ने विधानसभा भवन के अलावे निर्माणाधीन हाई कोर्ट भवन निर्माण की भी अनियमितता की जांच न्यायिक आयोग से कराने का निर्देश दिया है। दोनों सरकारी भवन रघुवर सरकार के कार्यकाल में रामकृपाल कंस्ट्रक्शन के माध्यम से बनाए गये थे। दोनों भवनों की गुणवत्ता को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे थे। इससे पहले राज्य सरकार ने इसमें हुई वित्तीय अनियमितता की जांच एसीबी से कराने का आदेश दिया था। आपको बता दें 1 जुलाई 2021 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नव निर्मित झारखंड विधानसभा और झारखंड उच्च न्यायालय के निर्माण कार्य में बरती गई वित्तीय अनियमितता की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी से कराने का आदेश दिया था। महज नौ माह बाद न्यायिक आयोग से जांच कराने के सरकार के आदेश के कई मायने निकाले जा रहे हैं। 12 सितंबर 2019 को पीएम मोदी ने किया था उदघाटन : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड विधानसभा के एक नवनिर्मित भवन का उदघाटन 12 सितंबर 2019 को किया था। 39 एकड़ में फैले तीन मंजिला इमारत का निर्माण 465 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है। आनन-फानन में प्रधानमंत्री के हाथों कराये गए उदघाटन के बाद से ही इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठने शुरू हो गये थे। विधानसभा के इस नवनिर्मित भवन में फायर फाइटिंग के अभाव के कारण आग लगने के अलावे कई बार फॉल्स सिलिंग टूटकर गिर चुका है। राज्य सरकार के निर्णय के बाद अब इस पूरे मामले की जांच न्यायिक आयोग करेगी। झारखंड हाई कोर्ट का धुर्वा में बन रहा है नया भवन : विधानसभा भवन के समीप ही बन रहे झारखंड हाई कोर्ट के निर्माणाधीन भवन की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इस संबंध में झारखंड हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर सीबीआई जांच की मांग पहले से ही दाखिल है। निर्माण कार्य करने वाली कंपनी राम कृपाल कंस्ट्रक्शन पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे हुए हैं। शुरुआत में हाई कोर्ट भवन निर्माण के लिए 365 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई थी। बाद में 100 करोड़ घटा कर संवेदक को 265 करोड़ में टेंडर दे दिया गया। वर्तमान में इसकी लागत बढ़कर लगभग 697 करोड़ रुपये का हो गयी है। बढ़ी राशि के लिए सरकार से अनुमति भी नहीं ली गई है और ना ही नया टेंडर किया गया है। ऐसे में एसीबी के बाद न्यायिक आयोग पूरी अनियमितता की जांच करेगी। जिससे कहीं न कहीं कंस्ट्रक्शन का काम करनेवाली कंपनी और तत्कालीन रघुवर सरकार सवालों के घेरे में आ गई है।

Published / 2022-05-17 05:38:47
पी चिदंबरम के आवास पर CBI की रेड पर बोले उनके बेटे- इतने छापे पड़े कि गिनती भूल गए हैं...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के आवास पर केंद्रीय जांच ब्यूरो CBI ने छापे मारे हैं। जांच एजेंसी की यह रेड कांग्रेस नेता के दिल्ली एवं चेन्नई स्थित आवासों पर पड़ी है। सीबीआई 11 ठिकानों पर सर्च कर रही है। बताया गया है कि ये छापेमारी पहले से चल रहे मामले से जुड़ी है। बता दें कि पी चिदंबरम के आवास पर सीबीआई की रेड आज सुबह 6 बजे से जारी है। सीबीआई के इस रेड पर चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम ने कहा कि उनके यहां जांच एजेंसी के इतने छापे पड़े हैं कि वह गिनती भूल गए हैं। समाचार एजेंसी से बातचीत में कार्ति ने कहा कि सीबीआई उनके कार्यालय एवं घरों सहित अन्य जगहों पर सर्च कर रही है।

Published / 2022-05-16 17:48:04
पंचायत चुनाव मतगणना : पलामू में तैयारी पूरी, प्रखंडों के लिए बने अलग टेबल

टीम एबीएन, पलामू। त्रिस्तरीय पंचायत (आम) निर्वाचन, 2022 के लिए प्रथम चरण में हुए मतदान की मतगणना 17 मई 2022 से शुरू होगी। मतगणना को लेकर पलामू जिले में सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। मतों की गणना हेतु सदर अनुमंडल के लिए कृषि उत्पादन बाजार समिति, बैरिया में मतगणना केंद्र बनाया गया है। यहां उंटारी रोड प्रखंड क्षेत्र में पड़े मतों की गणना होगी। मतों की गणना को लेकर यहां 14 टेबल बनाए गए हैं। वहीं छतरपुर अनुमंडल क्षेत्र के प्रखंडों में हुए मतदान की मतगणना राजकीयकृत प्लस टू उच्च विद्यालय, छतरपुर परिसर में होगी। यहां पिपरा प्रखंड एवं हरिहरगंज प्रखंड क्षेत्र के मतदान केन्द्रों पर पड़े मतों की गणना होगी। पिपरा प्रखंड के लिए 13 टेबल एवं हरिहरगंज प्रखंड के लिए 14 टेबल बनाए गए हैं। इसके साथ ही हुसैनाबाद अनुमंडल क्षेत्र में पड़े मतों की गणना के लिए के लिए हुसैनाबाद अनुमंडल कार्यालय परिसर को मतगणना केंद्र बनाया गया है। यहां हुसैनाबाद, मोहम्मदगंज एवं हैदरनगर प्रखंड में पड़े मतों की गणना होगी। मतों की गणना हेतु तीनों प्रखंडों के लिए अलग-अलग 14-14 टेबल बनाए गए हैं। मतगणना को लेकर प्रशासन द्वारा एक टेबल पर 1 काउंटिंग सुपरवाइजर एवं 2 काउंटिंग असिस्टेंट लगाए गए हैं। बताया गया कि मतदान मतपत्र के माध्यम से हुआ है। ऐसे में पहले 50-50 मतपत्रों का बंडल बनाया जाएगा। इसके बाद मतों की गणना होगी। दिन के 10 बजे से परिणाम आने की उम्मीद है। मतगणना को लेकर मतगणना स्थल पर पुलिस बल, दंडाधिकारी एवं अन्य अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है, ताकि स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराया जा सके।

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