राज काज

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Published / 2022-06-12 12:56:14
रांची पुलिस की अपील : अफवाह पर ध्यान न दें, सोशल मीडिया पर टिप्पणी की तो होगी कार्रवाई

टीम एबीएन, रांची। शुक्रवार को राजधानी में हुई हिंसक घटना के बाद रांची पुलिस लगातार शहर में शांति व्यवस्था बहाल करने की कोशिश कर रही है। शुक्रवार से ही शहर में धारा 144 लागू है। इसी कड़ी में रांची पुलिस ने शहर के लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने में मदद की अपील की है। रांची के चप्पे-चप्पे पुलिस की तैनाती की गई है। आज से शहर में थोड़ी चहल-पहल देखी जा रही है। इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई है। रांची पुलिस ने रांची के लोगों से अपील करते हुए कहा है कि लोक भ्रामक सूचना, फोटो, वीडियो, एक धर्म की दूसरे धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणी सोशल मीडिया पर शेयर ना करें, किसी भी प्रकार के अफवाह पर ध्यान ना दें, किसी भी प्रकार के अफवाह पर अपने नजदीकी पुलिस थाने को सूचना दें। सामाजिक सौहार्द्र बनाए रखें और बिना जिला प्रशासन रांची की पुष्टि के किसी भी खबर पर विश्वास ना करें, रांची पुलिस ने अपील करते हुए लोगों से कहा कि शांति व्यवस्था बनाए रखने में रांची पुलिस का सहयोग करें और एक जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें इसके साथ ही अमन शांति कायम रखने में जिला प्रशासन रांची का सहयोग करें। गौरतलब है कि मेन रोड के डेली मार्केट के पास हिंसक घटना और उपद्रव मामले में रांची के तीन अलग-अलग थानों में 9 एफआईआर दर्ज हुई है, इसमें 26 नामजद और 10 हजार अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें डेली मार्केट थाने में 3 केस, लोअर बाजार थाना में 5 केस, इंद्रपुरी थाने में एक केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा पुलिस प्रशासन की ओर से 4 केस दर्ज करवाया गया है, जबकि चार केस अलग-अलग पब्लिक पिटीशन पर दर्ज किए गए हैं। एक केस बिहार के मंत्री नितिन नवीन की ओर से दर्ज कराया गया है। डेली मार्केट थाने में दो एफआईआर रांची अंचल के सीओ अमित भगत के आवेदन पर दर्ज हुए हैं। एक उपद्रव को लेकर, दूसरी मंदिर में तोड़फोड़ को लेकर दर्ज हुई है। जबकि तीसरी एफआईआर बिहार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन के आवेदन पर दर्ज हुई है, जिसमें वाहन में तोड़फोड़ और हमला का आरोप दर्ज किया गया है। हिंदपीढ़ी थाने में बिना अनुमति के जुलूस निकालकर नाजायज मजमा लगाने का केस दर्ज पुलिस की ओर से की गई है।

Published / 2022-06-12 11:40:55
रांची दंगा : DGP नीरज सिन्हा ने सुरक्षा में लगाये 2800 अतिरिक्त फोर्स, 7 आईपीएस, 15 डीएसपी,100 इंस्पेक्टर दरोगा तैनात

टीम एबीएन, रांची। झारखंड की राजधानी रांची में शुक्रवार को हुए उपद्रव की घटना के बाद डीजीपी नीरज सिन्हा ने पुलिस मुख्यालय में समीक्षा बैठक की। इस दौरान डीजीपी ने अफसरों से पूरी घटना की जानकारी ली। वहीं कई बिंदुओं पर कार्रवाई का निर्देश दिया। बैठक के बाद शनिवार की शाम आसपास के इलाकों का जायजा लिया। पुलिस ने विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए के लिए 2800 अतिरिक्त फोर्स के अलावा, 7 आईपीएस, 15 डीएसपी,100 इंस्पेक्टर दरोगा की तैनाती की गई है। पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है। साथ ही उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

Published / 2022-06-12 11:10:11
HSNC यूनिवर्सिटी ने रतन टाटा को दी डीलिट की मानद उपाधि

टीम एबीएन, रांची। टाटा समूह के मानद चेयरमैन रतन टाटा को महाराष्ट्र की एचएसएनसी यूनिवर्सिटी ने समाज में उनके अतुलनीय योगदान के लिए डीलिट की मानद उपाधि से सम्मानित किया है। महाराष्ट्र के राज्यपाल एवं इस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भगत सिंह कोश्यारी ने शनिवार को विश्वविद्यालय के विशेष दीक्षांत समारोह में टाटा को यह उपाधि प्रदान की। इस समारोह में कोश्यारी ने कहा, रतन टाटा केवल एक उद्योगपति या कॉरपोरेट जगत के आदर्श ही नहीं बल्कि एक महान इंसान हैं जिन्होंने विनम्रता, मानवीयता और मूल्यों को बढ़ावा दिया। उन्होंने हम सभी को एचएसएनसी यूनिवर्सिटी से मानद उपाधि स्वीकार करके गौरवान्वित महसूस कराया है। इस अवसर पर रतन टाटा ने अपने भाषण में विश्वविद्यालय को धन्यवाद देते हुए कहा, यह सम्मान मेरे लिए काफी मायने रखता है। इस विश्वविद्यालय का गठन ऐसे युवाओं को तैयार करने की सोच के साथ हुआ है जो देश के भावी नेतृत्व बन सकें जो सच्चाई, लक्ष्य और जिम्मेदारी का पालन करें।

Published / 2022-06-12 04:20:44
झारखंड : अब 25,343 राशन दुकानों पर मिलेंगी प्रज्ञा केन्द्र की सारी सुविधाएं

टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार की जन वितरण प्रणाली (राशन) की दुकानों में अब प्रज्ञा केंद्र जैसी सभी सुविधाएं मिलेंगी। लोग अब इन दुकानों से सस्ता राशन लेने के अलावा मतदाता पहचानपत्र, पासपोर्ट के लिए आवेदन, आयुष्मान भारत योजना, पैन कार्ड के लिए आवेदन एवं सरकारी बिलों आदि का भुगतान कर सकेंगे। सरकार द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, नयी व्यवस्था के लिए झारखंड सरकार के खाद्य सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामलों के विभाग और कॉमन सर्विसेज सेंटर एसपीवी (सीएससी-एसपीवी) के बीच बृहस्पतिवार को सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुआ। विज्ञप्ति के अनुसार, सरकार का उद्देश्य जन वितरण प्रणाली की दुकानों के जरिए आम लोगों को सीएससी सेवाएं प्रदान करने के साथ-साथ राशन दुकानों के लिए नए व्यापारिक अवसर पैदा करना और उनकी आमदनी को बढ़ाना है। उसमें कहा गया है कि झारखंड रकार के खाद्य सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव और विभागीय सचिव के समक्ष विभाग के अपर सचिव और सीएससी-एसपीवी के झारखंड के राज्य प्रमुख ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किया। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि राज्यभर में वर्तमान में कुल 25,343 जन वितरण प्रणाली की दुकानें हैं, जिनमें 23,625 ऑनलाइन और 748 ऑफलाइन काम कर रही हैं जिसके जरिए 59 लाख 49 हजार 31 राशन कार्ड धारक अनाज लेते हैं।

Published / 2022-06-10 13:28:31
हिंसा के बाद सीएम हेमंत सोरेन ने जताई चिंता, लोगों से शांति की अपील

टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राजधानी रांची के मेनरोड में हुई हिंसा के बाद उसकी निंदा करते हुए चिंता जताई है। मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि कहीं न कहीं हम सुनियोजित तरीके से शिकार हो रहे हैं। जिसका परिणाम हम सभी को भुगतना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता से अपील करते हुए कहा कि राज्य की जनता हमेशा संवेदनशील और सहनशील रही है। वर्तमान हालात में हम सभी परीक्षा की घड़ी से गुजर रहे हैं और हो सकता है बहुत कठिन परीक्षाएं भी हों। मुख्यमंत्री ने धैर्य नहीं खोने की अपील करते हुए कहा कि कानून और संविधान भी यही कहता है कि जो जुर्म करता है उसे सजा भी मिलती है। इसलिए कोई भी हिंसक घटना को अंजाम ना दे जिससे वे जुर्म का भागीदार हो जाए। इससे पहले राजधानी रांची के मेनरोड में नमाज के बाद लोगों ने जमकर बवाल काटा है। प्रदर्शनकारी नुपूर शर्मा की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। इसके बाद वे हाथ में काला और धार्मिक झंडा लेकर डेली मार्केट के सामने अल्बर्ट एक्का चौक की तरफ दौड़ने लगे। उन्हें रोकने के लिए पुलिस भी दौड़ी। इसी दौरान डेला मार्केट के पास पुलिस के साथ धक्का मुक्की होने लगी। देखते-देखते भीड़ आक्रोशित हो गई और जमकर पत्थरबाजी हुई। जिसके बाद पुलिस ने फायरिंग की। इस फायरिंग और लाठीचार्ज में कई पुलिसकर्मी सहित आम लोग भी घायल हो गए।

Published / 2022-06-10 13:08:25
हर जिले में जनभागीदारी से बनेंगे 75 अमृत सरोवर : डॉ मनीष रंजन

टीम एबीएन, रांची। आज ग्रामीण विकास के सचिव डॉ मनीष रंजन द्वारा मिशन अमृत सरोवर के क्रियान्वयन की जानकारी सभी उपायुक्तों एवं उप विकास आयुक्त के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दी गई। उन्होंने कहा कि अमृतमय वर्षा जल को सहेजने के उद्देश्य से शुरू किए गए ‘मिशन अमृत सरोवर’ के अंतर्गत मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) से जारी राशि या अन्य योजनाओं के अभिसरण से राज्य के प्रत्येक जिले में कम से कम 75 अमृत सरोवरों (तालाबों) के निर्माण या जीर्णोद्धार की कार्यवाही प्रारंभ हो गई है। प्रत्येक जिले में कम से कम 75 सरोवरों (तालाबों) का निर्माण या पुनरुद्धार किया जा रहा है। जनभागीदारी से इन्हें धरोहर के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक सरोवर के लिए उपभोक्ता समूह (यूजर ग्रुप) का गठन किया जाएगा, जिस पर सरोवर के जल के उपयोग और उसके रखरखाव की जिम्मेदारी होगी। मनरेगा आयुक्त श्रीमती राजेश्वरी बी ने बताया कि मिशन अमृत सरोवर में जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने और सम्पूर्ण प्रक्रिया के दस्तावेजीकरण के लिए अतिरिक्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि इन दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक अमृत सरोवर के लिए एक ‘जल उपभोक्ता समूह’ का गठन किया जाएगा। यह समूह सरोवर के निर्माण की अवधारणा से लेकर उसके पूरा होने और बाद में उसके उपयोग तक परियोजना से जुड़ा रहेगा। इस उपभोक्ता समूह पर वृक्षारोपण सहित अमृत सरोवर के उपयोग और रखरखाव की जिम्मेदारी होगी। उपभोक्ता समूह द्वारा प्रत्येक मानसून के बाद स्वेच्छा से सरोवर के जलग्रहण क्षेत्र से गाद हटाने का कार्य किया जाएगा। अमृत सरोवर के निर्माण के लिए प्राप्त लोगों के सहयोग (योगदान) और दान (श्रम, सामग्री, मशीन) के विवरण को सूचीबद्ध कर उसे नागरिक सूचना पटल (उकइ) के निकट एक अलग सूचना पटल स्थापित करते हुए प्रदर्शित किया जाएगा। अमृत सरोवर का दस्तावेजीकरण वीडियो और लेखन (राइट-अप) प्रारूप, दोनों में तैयार किया जाएगा। दस्तावेजीकरण में जन जागरूकता, स्थल चयन, आधारशिला (नींव) रखना, कार्यान्वयन के चरण, जन भागीदारी, वित्तीय विवरण, अभिसरण विवरण, पानी का उपयोग (सिंचाई, जलीय जीवपालन आदि), लागत लाभ अनुपात और अमृत सरोवर के अन्य पहलुओं को शामिल किया जा सकता है। वर्षा जल संरक्षण, भू-जल स्तर में वृद्धि, सिंचाई एवं मत्स्य पालन जैसे बहुआयामी उद्देश्यों को लेकर शुरू किए गए। सभी जिलों में स्थल चयन की कार्यवाही से लेकर प्रशासकीय स्वीकृति जारी करने की प्रकिया मिशन मोड में पूर्ण की जा रही है। गांवों में अमृत सरोवर के निर्माण को ऐतिहासिक बनाने इसके लिए स्थल चयन में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के गांवों को प्राथमिकता दी जा रही है। डॉ मनीष रंजन ने बताया कि अमृत सरोवर के निर्माण के लिए सभी जिलों के कलेक्टर को जारी दिशा-निदेर्शों में यह रेखांकित किया गया है कि मिशन अमृत सरोवर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कम से कम एक एकड़ क्षेत्रफल में बनाए जाने वाले अमृत सरोवर के लिए चिन्हांकित किए जा रहे गांवों में उन गांवों को प्राथमिकता देनी है जो स्वतंत्रता संग्राम सेनानी या शहीदों से संबंधित हों। मिशन में नागरिकों की सहभागिता बढ़ाने के लिए स्वाधीनता सेनानियों या उनके पारिवारिक सदस्यों या आजादी के बाद शहीद हुए सैनिकों के परिजनों या पद्म पुरस्कार से सम्मानितों द्वारा अमृत सरोवर के कार्य का शुभारंभ कराया जाएगा। मनरेगा आयुक्त ने बताया कि अमृत सरोवर की आधारशिला रखने, कार्यस्थल पर नीम, पीपल, बरगद जैसी प्रजाति के वृक्षों का पौधरोपण करने एवं प्रत्येक स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण का नेतृत्व संबंधित गांव के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी या उनके परिवार के सदस्य, शहीद के परिवार या पद्म पुरस्कार से सम्मानित स्थानीय व्यक्ति के द्वारा कराया जाएगा। यदि अमृत सरोवर के निर्माण के लिए चयनित गांव में ऐसा कोई नागरिक उपलब्ध नहीं है, तो उस ग्राम पंचायत के सबसे वरिष्ठ नागरिक के द्वारा यह कार्य कराया जाएगा। वीडियो कांफ्रेंसिंग में, जेएसएलपीएस सीईओ सूरज कुमार, संयुक्त सचिव अरुण कुमार सिंह ग्रामीण विकास विभाग व अन्य शामिल थे।

Published / 2022-06-09 17:23:18
राष्ट्रपति चुनाव में कौन हो सकता है उम्मीदवार? कैसे भरें नामांकन फॉर्म...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश के वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को पूरा होने जा रहा है और जल्द ही देश को नया राष्ट्रपति मिलेगा। चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है और आज जरूरी तारीखों का ऐलान किया है। चुनाव आयोग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति पद के लिए 29 जून तक नामांकन दाखिल किए जा सकते हैं और राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए 18 जुलाई को वोटिंग होगी। इसके बाद 21 जुलाई को चुनाव के नतीजे जारी किए जाएंगे। हालांकि, अभी उम्मीदवारों का ऐलान होना बाकी है। ऐसे में सवाल है कि आखिर राष्ट्रपति पद के चुनाव में कौन व्यक्ति दावेदारी प्रस्तुत कर सकता है। क्या सांसद, विधायक के चुनाव की तरह हर कोई इस चुनाव में हिस्सा ले सकता है, तो जानते हैं राष्ट्रपति चुनाव में कौन-कौन लोग चुनाव लड़ सकते हैं और चुनाव लड़ने के लिए किन-किन शर्तों को पूरा करना होता है… कब होता है चुनाव : राष्ट्रपतीय और उपराष्ट्रपतीय निर्वाचन अधिनियम, 1952 की धारा 4 की उप-धारा (3) के उपबंधों के अनुसार, राष्ट्रपति चुनाव कार्यकाल पूरा होने से साठ दिन की अवधि में किसी दिन चुनाव आयोग की ओर से अधिसूचना जारी की जाती है। चुनाव का कार्यक्रम इस प्रकार तय किया जाता है कि राष्ट्रपति का कार्यकाल खत्म होने के अगले ही दिन निर्वाचित राष्ट्रपति पद ग्रहण कर सके। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 के अधीन राष्ट्रपति के पद का चुनाव भी निर्वाचन आयोग ही करवाता है। कौन लड़ सकता है राष्ट्रपति का चुनाव : आर्टिकल 58 के अनुसार, एक व्यक्ति को राष्ट्रपति के पद का निर्वाचन लड़ने के लिए भारत का नागरिक होना चाहिए। उस व्यक्ति की उम्र कम से कम 35 साल होनी चाहिए। लोकसभा का सदस्य बनने के लिए एलिजिबल होना चाहिए। भारत सरकार या किसी भी राज्य सरकार के अधीन या किसी भी स्थानीय या अन्य प्राधिकरण के अधीन किसी भी लाभ का पदधारी नहीं होना चाहिए। यानी सरकारी नौकरी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा भी जब भी राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए नामांकन भरा जाता है तो कई शर्तों को पूरा करना होता है। नामांकन के फॉर्म में चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार को कम से कम पचास निर्वाचकों यानी विधायक या सांसदों को समर्थन होना आवश्यक है। अगर आप भी राष्ट्रपति का चुनाव लड़ना चाहते हैं तो आपको निर्वाचकों का प्रस्तावकों या अनुमोदकों के रूप में समर्थन चाहिए। इसके बाद इसे प्रस्तावक को नियुक्त रिटर्निंग अधिकारी को जमा करना होगा। चुनाव लड़ने के लिए 15000 रुपये की जमानत राशि भी देनी होती है। बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव में एक निर्वाचक सिर्फ एक ही अभ्यर्थी के नाम का प्रस्ताव दे सकता है। ऐसा नहीं है कि वो कई उम्मीदवारों का अनुमोदन कर दे। राष्ट्रपति के पद की अवधि कितनी है : भारत के संविधान के आर्टिकल 56 के अनुसार, राष्ट्रपति अपने पद ग्रहण करने की तिथि से 5 साल की अवधि के लिए पद धारण करता है। इसके अलावा, वो 5 साल से अधिक समय तक पद पर रह सकता है, जब तक कि कोई उत्तराधिकारी उसका पद ग्रहण नहीं कर लेता है। यानी देश में हमेशा राष्ट्रपति रहना आवश्यक है और यह पद खाली नहीं रह सकता है। कौन देता है वोट : राष्ट्रपति चुनाव में संसद के सदस्य और राज्य/ केंद्र शासित प्रदेश विधानसभा के सदस्य ही वोट देते हैं। इसमें भी अगर कोई राज्य में विधानसभा है तो उसके सदस्य और संसद में मनोनीत सांसद राष्ट्रपति चुनाव की वोटिंग प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लेते हैं।

Published / 2022-06-09 15:26:46
18 जुलाई को होगा राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान, 21 को रिजल्ट

एबीएन सेंट्रल चुनाव। चुनाव आयोग ने गुरुवार को राष्ट्रपति चुनाव की तारीख का एलान कर दिया। आयोग के मुताबिक, देश के सर्वोच्च पद के लिए होने वाले चुनाव के लिए अधिसूचना 15 जून को जारी की जाएगी। नामांकन की आखिरी तारीख 29 जून तय की गई है। नामांकन पत्रों की जांच 30 जून को निर्धारित की गई है। उम्मीदवार अपना नामांकन दो जुलाई तक वापस ले सकेंगे। वहीं, राष्ट्रपति का चुनाव 18 जुलाई को होगा, जिसके नतीजे तीन दिन बाद यानी 21 जुलाई को आएंगे। चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है। नामांकन की अंतिम तारीख 29 जून तक है फिर मतदान 18 जुलाई को होगा। वहीं नतीजे 21 जुलाई को आएंगे। राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत 12 राज्यसभा सांसद राष्ट्रपति चुनाव में वोट नहीं डालते हैं। वहीं, 543 सदस्यों वाली लोकसभा में अभी 540 सांसद हैं। तीन सीटें खाली हैं। इन पर भी चुनाव की प्रक्रिया जारी है। मतलब साफ है कि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा की सभी खाली सीटों पर उपचुनाव हो जाएंगे। चुने गए सदस्य राष्ट्रपति चुनाव में वोट डालेंगे।

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