टीम एबीएन, रांची। मांडर विधानसभा उपचुनाव को लेकर रांची पुलिस ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है। पुलिस का दावा है कि चुनाव के दौरान एक परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा। सुरक्षा व्यवस्था इतनी तगड़ी की गई है आम लोग भयमुक्त होकर अपने मतदान का प्रयोग कर सकेंगे। मांडर उपचुनाव में सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए 4000 बलों की तैनाती की गई है, जो मांडर इलाके के चप्पे चप्पे पर नजर रखेगी। मांडर में शांतिपूर्ण मतदान संपन्न करवाने के लिए केंद्रीय बलों के साथ-साथ जिला बल के जवान भी तैनात रहेंगे। मतदान केंद्रों के आसपास ऊंची बिल्डिंग पर पुलिस के बंदूकधारी भी तैनात रहेंगे जो किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए सक्षम हैं। मिली जानकारी के अनुसार सीआरपीएफ एसआरबी, जैप और जिला पुलिस की टीम के साथ 4000 जवान उपचुनाव की सुरक्षा में तैनात रहेंगे। अतिसंवेदनशील बूथों पर सीआरपीएफ तैनात किया गया है। मांडर उप चुनाव के नोडल अफसर रांची के ग्रामीण एसपी नौशाद आलम ने बताया कि उप चुनाव में 300 होमगार्ड्स को भी लगाया गया है। 23 जून को होने वाले मांडर विधानसभा उपचुनाव को लेकर रांची जिला प्रशासन अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे चुका है। रांची डीआईजी एसएसपी और ग्रामीण एसपी उप चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न करवाने के लिए लगातार जवानों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। उपचुनाव के मद्देनजर मांडर को 6 जोन और 10 सब जोन में बांटा गया है। छह जोन में डीएसपी स्तर के अधिकारी तैनात रहेंगे जबकि दस सब जोन में इन्स्पेक्टर स्तर के अधिकारी मोर्चा सम्भालेंगे। एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा ने बताया शांतिपूर्ण मतदान के लिए रांची से लगने वाली दूसरे जिलों की सीमाओं को सील कर दिया गया है। निकटवर्ती जिलो के पुलिस के सहयोग से भी लगातार असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा रही है। गौरतलब है कि मांडर विधानसभा क्षेत्र लोहरदगा और लातेहार से सटा हुआ है और इस इलाके में नक्सली गतिविधियां भी अक्सर होती रहती है। खासकर उग्रवादी संगठन पीएलएफआई और टीपीसी की सक्रियता यहां ज्यादा है। यही वजह है कि पुलिस ने इलाके में नक्सलियों के खिलाफ अभियान भी छेड़ रखा है। रांची से एसएसपी ने यह भी बताया वोटिंग के दौरान किसी भी बाहरी तत्वों का मतदान केंद्र पर जाना वर्जित रहेगा, जिनके पास वोटर कार्ड या कोई दूसरा पहचान पत्र होगा। वहीं मतदान केंद्र तक पहुंच पाएंगे। मांडर के सभी होटल और लॉज निधि चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है ताकि कोई भी अवांछित तत्वों वहां रुक कर गड़बड़ी न फैला सके।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अग्निपथ स्कीम पर सरकार के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच मिलिट्री अफेयर्स के अपर सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कई तरह की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि दुनिया के किसी अन्य देश में भारत के समान जनसांख्यिकीय लाभांश नहीं है। हमारे 50% युवा 25 वर्ष से कम आयु वर्ग के हैं। सेना को इसका अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए। यह हमारे देश की सुरक्षा का मामला है। किसी ने अफवाह फैला दी कि सेना के पुराने जवानों को अग्निवीर योजना में भेजा जाएगा। यह एक फर्जी सूचना है। उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना 3 चीजों को संतुलित करती है, पहला सशस्त्र बलों के लिए युवा का प्रोफाइल, तकनीकी जानकारी और सेना में शामिल होने के अनुकूल लोग व तीसरा... व्यक्ति को भविष्य के लिए तैयार करना। वहीं इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर अग्निवीर कहीं लड़ाई लड़ेगा तो उसे परमवीर चक्र भी मिलेगा। उसे किसी भी तरह से अलग नहीं रखा गया है। उन्होंने कहा कि देशभक्ति का हम चांस दे रहे हैं।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने रांची जिलान्तर्गत सलगाडीह मोड़ ( NH-33 पर) बांकू (MDR-028 पर) पथ (कुल •लम्बाई - 17.533 कि०मी०) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए पुनर्निर्माण कार्य ( भू-अर्जन सहित) हेतु ₹ 67,62,69,400 /- (सड़सठ करोड़ बासठ लाख उनहत्तर हजार चार सौ रुपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने संबंधी मंत्रिपरिषद् एवं योजना प्राधिकृत समिति हेतु संलेख प्रारूप पर स्वीकृति दी है।
टीम एबीएन, झुमरी तिलैया। रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में खानपान की वस्तुओं को महंगी दर पर बेचे जाने पर अंकुश लगाते हुए अपनी 139 सेवा को सक्रिय कर दिया। यात्री अब अधिक दाम वसूले जाने की शिकायत रेलवे की 139 सेवा पर कर सकते हैं। जिसपर न केवल सीधी कार्रवाई होगी, इसके बारे में शिकायतकर्ता को भी बताया जाएगा। पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर के अंतर्गत धनबाद रेल मंडल प्रशासन ने भी अवैध वेंडरों और महंगे दामों पर सामान बेचने वालों के खिलाफ पिछले कुछ दिनों में सख्ती की है। यात्रियों से अधिक वसूली के मामले को रोकने के लिए कोडरमा सहित कई रेलवे स्टेशनों के स्टालों पर खानपान व अन्य सभी सामग्री की रेट लिस्ट लगा दी गई है। जिसकी नियमित मानीटरिंग मंडल वाणिज्य प्रबंधक अखिलेश पांडेय कर रहे हैं। अवैध वेंडरों पर भी कार्रवाई रू रेलवे ने उन रेल खंडों को भी चिह्नित किया जिस पर सबसे अधिक अवैध वेंडर चलते हैं।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज कारा विभाग की अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। मौके पर मुख्यमंत्री ने राज्य की जेलों में बंद सजायाफ्ता और विचाराधीन कैदियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी ली और अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की जेलों में क्षमता से ज्यादा कैदी बंद है। इनमें 3 साल से कम सजा वाले मामलों के कैदियों की संख्या सबसे ज्यादा है। इन कैदियों के मामलों की सुनवाई अदालतों में जल्द से जल्द कैसे पूरी हो, इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। अधिवक्ता के माध्यम से कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए : मुख्यमंत्री ने विचाराधीन कैदियों के मामले (विशेषकर 3 वर्ष से कम सजा) में कैदियों को अधिवक्ता के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में उचित कदम उठाने का निर्देश अधिकारियों को दिया। इसके साथ विधिसम्मत कार्रवाई की दिशा में कारा विभाग ठोस पहल करें। वहीं, अधिकारियों के द्वारा बताया गया कि झालसा और डालसा के माध्यम से विचाराधीन कैदियों के मामलों को अदालतों के माध्यम से निष्पादित करने की लगातार पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि विचाराधीन कैदियों के संबंध में और भी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएं, जिस पर बैठक में विस्तार से विचार-विमर्श कर उचित निर्णय लिए जा सकें। अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के कैदियों से जुड़े मामलों की पूरी तहकीकात हो : मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की जेलों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के साथ अल्पसंख्यक कैदियो की संख्या ज्यादा है। इनमें ज्यादातर मामले अंडर ट्रायल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कैदियों से जुड़े मामलों की विशेष तौर पर तहकीकात की जानी चाहिए और अदालतों से इनके मामलों के निष्पादन की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जानी चाहिए। जेलों का होगा औचक निरीक्षण : मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी 31 जेलों का औचक निरीक्षण किया जाएगा और मैं खुद जेलों में पहुंचकर पूरे हालात की जानकारी लूंगा। जेलों में कैदियों और उनके लिए जो व्यवस्था होगी उसका निरीक्षण होगा। महत्वपूर्ण तथ्य : राज्य में कुल जेलों की संख्या 31 है। इनमें सात सेंट्रल जेल, 16 जिला जेल और सात उपकारा है। राज्य के सभी जेलों की कुल क्षमता 17, 421 है। जबकि, इन जेलों में 19, 619 कैदी बंद है। राज्य की जेलों में 14,445 विचाराधीन कैदी हैं, जबकि सजायाफ्ता कैदियों की संख्या 5200 से ज्यादा है। इस बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सह गृह विभाग के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, पुलिस महानिदेशक नीरज सिन्हा, विधि विभाग के प्रधान सचिव नलिन कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, कारा महानिरीक्षक मनोज कुमार, पुलिस महानिरीक्षक, विशेष शाखा प्रभात कुमार, सहायक कारा महानिरीक्षक तुषार रंजन गुप्ता और बंदी कल्याण पदाधिकारी कमलजीत सिंह मौजूद थे।
एबीएन सेंटल डेस्क। जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने के लिये गठित मंत्रियों की समूह की बैठक 17 जून को होगी। बैठक में कर दरों में संभावित बदलाव पर विचार किया जाएगा। सूत्रों ने कहा कि मंत्री समूह (जीओएम) कर स्लैब में संभावित बदलाव पर विचार कर सकता है। हालांकि, समूह की अंतिम रिपोर्ट में कुछ और समय लगेगा। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की इस महीने बैठक होगी। बैठक में अन्य बातों के अलावा दरों को युक्तिसंगत बनाने को लेकर जीओएम की अंतरिम रिपोर्ट पर विचार किया जाएगा। जीएसटी परिषद में केंद्र एवं राज्यों के वित्त मंत्री शामिल हैं। इससे पहले, वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने कहा था कि मुद्रास्फीति के उच्च स्तर पर होने के साथ वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने की शायद ही गुंजाइश है। परिषद ने पिछले साल कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की अध्यक्षता में राज्यों के मंत्रियों का सात सदस्यीय समूह गठित किया था। समूह को कर दरों को युक्तिसंगत बनाकर राजस्व बढ़ाने के उपायों के बारे में सुझाव देने हैं। जीओएम की पिछली बैठक नवंबर, 2021 को हुई थी। जीएसटी के तहत के चार स्लैब हैं। इसमें कुछ जरूरी वस्तुओं पर छूट है या पांच प्रतिशत की दर से सबसे कम कर लगता है। जबकि सर्वाधिक 28 प्रतिशत कर आरामदायक और समाज के नजरिये से अहितकर वस्तुओं पर लगाया जाता है। इसके अलावा 28 प्रतिशत जीएसटी के दायरे में आने वाले सामान पर उपकर भी लगाया जाता है।
टीम एबीएन, रांची। अवैध आरा मिलों के खिलाफ राज्य सरकार ने कार्रवाई तेज करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वन क्षेत्र के पांच किलोमीटर के अंदर ऐसे सभी आरा मिलों को हटाने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वन विभाग के उस प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिया है, जिसमें राज्य में 1996 के पूर्व वन क्षेत्र से 5 किमी के दायरे में संचालित आरा मिलों को रेगुलराइज करने के लिए आग्रह किया गया था। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने वन विभाग को आदेश दिया है कि वन क्षेत्र से पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी आरा मिलों को जल्द हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद अवैध कटाई पर लगाम लगने की संभावना है। इससे ना केवल जंगलों में लकड़ियों की हो रही अवैध कटाई पर लगाम लगेगी बल्कि जंगली जीव, जंगल और वनस्पति संरक्षित भी हो सकेंगे। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद वन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। देवघर जिला के सारठ और सरवन प्रखंड स्थित अवैध रूप से संचालित चार आरा मिलों में छापेमारी कर भारी मात्रा में सागवान की लकड़ी जब्त की है। लकड़ियों को जब्त करने के बाद वन विभाग ने इन आरा मिलों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। इधर, वन विभाग ने राज्य के सभी वन प्रमंडलों को मुख्यमंत्री के आदेश से अवगत कराते हुए अविलंब अवैध आरा मिल पर कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। एक अनुमान के अनुसार राज्यभर में 100 से अधिक अवैध आरा मिल हैं जहां से लकड़ी का अवैध व्यापार होने की शिकायतें आती रहती हैं।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल टैक्स की दर को 20 प्रतिशत से घटाकर 4 प्रतिशत करने का फैसला लिया है। झारखंड में हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए झारखंड मूल्य वर्धित कर अधिनियम, 2005 की अनुसूची कक भाग-ई के क्रमांक एक को संशोधित करने का निर्णय झारखंड सरकार ने लिया है। गजट में प्रकाशन के साथ ही यह नोटिफिकेशन लागू हो जाएगा। अब झारखंड में एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर लगने वाले टैक्स में 16 प्रतिशत की कमी आ जाएगी। इस फैसले से हवाई किराए में कमी आने की उम्मीद है। साथ ही राज्य में हवाई संपर्क बढ़ाने के अलावा पर्यटन के क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा। बताते चलें कि कि बहुत जल्द देवघर से विमान सेवा शुरू होने जा रहा है। राज्य में घरेलू विमान सेवा संपर्क को बढ़ाने की कवायद जोर शोर से चल रही है। इस बीच एटीएफ पर 16 प्रतिशत टैक्स में कमी के राज्य सरकार के फैसले से विमान किराए में कमी आ सकती है। जाहिर है कि फ्लाइट टिकट का दर कम होने पर आम लोग भी विमान सेवा का लाभ उठा पाएंगे। देश में लगातार बड़े पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों पर केंद्र और राज्य सरकारों में लगातार खींच-तान जारी है। केंद्र सरकार लगातार यह कहती रही है कि राज्य सरकारें अपने तरीके से वैट में कमी करके राज्य के लोगों को सस्ता में तेल देकर अपने लोगों को फायदा पहुंचा सकती हैं। आज हेमंत सोरेन ने झारखंड सरकार से एविएशन टरबाइन फ्यूल पर लगने वाले 20% टैक्स को घटाकर 4% करने का जो फैसला लिया है उसमें निश्चित तौर पर विमान से यात्रा करने वाले लोगों को लाभ होगा, झारखंड को लाभ होगा और जो लोग विमान सेवा का लाभ उठाना चाहते हैं उन्हें भी फायदा होगा। बताते चलें कि झारखंड में विमान सेवा और उसके बढ़ते यात्रियों की संख्या को देखते हुए केंद्र सरकार भी लगातार झारखंड में बेहतर विमान सेवा देने पर काम कर रही है और यही वजह है कि देवघर में एक राष्ट्रीय स्तर के एयरपोर्ट का निर्माण भी किया जा रहा है, साथ ही रांची एयरपोर्ट को भी विकसित किया जा रहा है। आपको बता दें कि इससे पहले भी हेमंत सरकार ने बीपीएल परिवारों को प्रति लीटर पेट्रोल में ₹25 कम करने का ऐलान किया था जो भी बीपीएल परिवार होंगे उन्हें पेट्रोल पर ₹25 सब्सिडी देने की बात सरकार ने की थी और इसे विधिवत कैबिनेट से पास कर दिया गया है कि झारखंड में लागू भी है। अब झारखंड सरकार ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर 16 फीसदी टैक्स को कम करके झारखंड की जनता को भी एक बड़ी राहत दी है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse