टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड विधान सभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में सिमडेगा जिला के कोलेबिरा के रामजड़ी निवासी एक बालक अनुज डांग को उनके बेहतर इलाज के लिए 1 लाख रुपए राशि का डिमांड ड्राफ्ट सौंपा। मालूम हो कि अनुज डांग को बेहतर इलाज के लिए ऑपरेशन की आवश्यकता है, परंतु वे अत्यंत निर्धन परिवार से आते हैं। पैसों के अभाव के कारण ऑपरेशन करवाने में उनका परिवार बिल्कुल असमर्थ है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अनुज डांग के ऑपरेशन की गंभीरता को देखते हुए उनके बेहतर उपचार के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से उन्हें 1 लाख रुपए राशि का डिमांड ड्राफ्ट सौंपा। मौके पर मंत्री हफीजुल हसन, विधायक नमन विक्सल कोनगाड़ी, विधायक भूषण बाड़ा एवं अनुज डांग के परिजन उपस्थित थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। संसद के मानसून सत्र का मंगलवार को दूसरा दिन है। महंगाई को लेकर विपक्ष ने संसद के बाहर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में राहुल गांधी भी शामिल हुए हैं। इससे पहले 18 जुलाई को हुए मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा में विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। मानसून सत्र 12 अगस्त तक चलेगा। बता दें कि मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा और राज्यसभा में विपक्षी दलों ने जमकर हंगामा किया। विपक्ष ने जीएसटी दरों में बढ़ोतरी और अग्निपथ योजना समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरा और इन मुद्दों पर चर्चा की मांग की थी। हालांकि, हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई थी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय रेलवे ने ट्रेनों में खानपान की सर्विस पहले से बुक न करने वाले यात्रियों को चाय, कॉफी रेट में काफी राहत दे दी है। अब चलती ट्रेन में यात्रियों को 20 रुपये की चाय, कॉफी 20 रुपये में ही मिलेगी, यानी उन्हें अब सर्विस चार्ज के रूप में 50 रुपये अतिरिक्त नहीं देने पड़ेंगे। पहले यह चाय, कॉफी सर्विस चार्ज समेत 70 रुपये की पड़ती थी। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। ट्रेनों में पहले से खानपान की सर्विस बुक न करने वाले यात्रियों से अब नए आदेश के तहत कैटरिंग का चार्ज लिया जाएगा। ट्रेनों में अगर यात्री खानापान की सर्विस की बुकिंग टिकट के साथ नहीं करता है तो उन्हें चलती ट्रेनों में खानपान ऑर्डर करने में महंगा पड़ता है।।ट्रेनों में कैटरिंग सर्विस से कोई भी चीज मंगाने पर 50 रुपये का सविर्स चार्ज देना पड़ता था, वो चीज चाहे 20 रुपये की हो या 200 रुपये की। इससे सेकेंड थर्ड या चेयर कार में केवल चाय, काफी का ऑर्डर देने वाले यात्रियों को काफी महंगा पड़ता था, उन्हें 20 रुपये की चाय, कॉफी सर्विस चार्ज के साथ 70 रुपये की पड़ती थी। हालांकि अन्य चीजें पहले से खानपान की सुविधा बुक न करने वाले यात्रियों को महंगी पड़ेंगी। इसलिए टिकट बुक कराते समय यात्रियों को खानपान की सर्विस बुक कराना सस्ता रहेगा। पिछले दिनों इस तरह का एक मामला मीडिया में काफी हाईलाइट हुआ था। इसी को ध्यान में रेलवे बोर्ड ने यात्रियों को राहत देने के लिए फैसला लिया है। फर्स्ट एसी और सेकेंड, थर्ड व चेयरमकार में कैटरिंग के चार्जेस अलग-अलग हैं। ट्रेनों में कैटरिंग की सर्विस उपलब्ध कराने वाली आईआरसीटीसी अब नए आदेश के तहत यात्रियों से चार्ज लेगी।
टीम एबीएन, बोकारो/रांची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देवघर एयरपोर्ट उद्घाटन के मौके पर बोकारो एयरपोर्ट से भी जल्द उड़ान सेवा शुरू करने की घोषणा की थी। उनकी घोषणा के बाद अब जिला प्रशासन इसको लेकर एक्टिव हो चुका है। बोकारो उपायुक्त कुलदीप चौधरी ने सोमवार को एयरपोर्ट अथॉरिटी, बोकारो स्टील और फॉरेस्ट विभाग के अधिकारियों के साथ बोकारो एयरपोर्ट का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ बोकारो के भाजपा विधायक बिरंचि नारायण भी मौजूद रहे। उपायुक्त कुलदीप चौधरी ने एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों से हवाई अड्डे के कार्यों को लेकर उनकी प्रगति को जाना। बोकारो हवाई अड्डे में उड़ान सेवा शुरू करने में सबसे बड़ी अड़चन 1732 पेड़ों को मौके से हटाना है। इसको लेकर वन विभाग की ओर से पेड़ कटाई का आदेश भी निर्गत कर दिया गया है। इसी को लेकर वन विभाग के डिपो मैनेजर को भी उपायुक्त ने एयरपोर्ट में तलब किया और पेड़ों की कटाई कर पेड़ों को डिपो तक ले जाने का रोड मैप भी तैयार कराया। उपायुक्त कुलदीप चौधरी ने बताया कि जल्द ही पेड़ों की कटाई का काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बोकारो एयरपोर्ट में जो कंस्ट्रक्शन का काम होना था, वह पूरा हो चुका है। लाइसेंस के लिए दिए गए आवेदन के बाद जो भी डीजीसीए के द्वारा आपत्ति दर्ज किया जाएगा उसको भी दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन तय समय सीमा के अंदर बोकारो से उड़ान सेवा शुरू करने के लिए कटिबद्ध है। बोकारो के भाजपा विधायक बिरंची नारायण ने कहा कि बोकारो के लोगों के बोकारो से हवाई सफर करना एक सपना है, जिस सपने को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देवघर की धरती से पूरा करने के लिए जल्द उड़ान सेवा शुरू करने की बात कही है। हम चाहते हैं कि 2022 में यहां से उड़ान सेवा शुरू हो। उन्होंने कहा कि झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र में गैर सरकारी संकल्प के माध्यम से बोकारो हवाई अड्डा से उड़ान सेवा शुरू करने के लिए सवाल पूछेंगे। उन्होंने कहा कि हम सरकार से जानना चाहेंगे कब तक बोकारो हवाई अड्डे की उड़ान सेवा की शुरुआत करने की तारीख की घोषणा होगी। जिस प्रकार से जिला प्रशासन बोकारो हवाई अड्डे में उड़ान सेवा शुरू करने को लेकर तत्पर दिख रही है, वैसे में कहा जा सकता है कि बोकारो के लोग जल्द ही प्रधानमंत्री के द्वारा दिखाए गए सपने को साकार होता देखेंगे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) शेयर और उससे संबंधित निवेश उत्पादों में निवेश की मौजूदा सीमा 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे सकता है। एक सूत्र के अनुसार, 29 और 30 जुलाई को होने वाली ईपीएफओ न्यासियों की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दिये जाने की संभावना है। फिलहाल ईपीएफओ निवेश योग्य जमा का पांच प्रतिशत से 15 प्रतिशत इक्विटी या इक्विटी संबंधित योजनाओं में निवेश कर सकता है। इस सीमा को बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने के प्रस्ताव पर ईपीएफओ के परामर्श निकाय वित्तीय लेखा और निवेश समिति (एफएआईसी) ने विचार किया और मंजूरी दी है। एफएआईसी की सिफारिश को विचार और मंजूरी के लिये ईपीएफओ के निर्णय लेने वाले शीर्ष निकाय केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) के समक्ष रखा जाएगा। सूत्र ने कहा, केंद्रीय श्रम मंत्री की अध्यक्षता वाला केंद्रीय न्यासी बोर्ड एफएआईसी की इक्विटी और इक्विटी संबंधित योजना में मौजूदा पांच से 15 प्रतिशत तक निवेश सीमा को बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने को मंजूरी दे सकता है।
टीम एबीएन, रांची। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हम आजादी के 75वें वर्षगांठ को मनाने की तैयारी कर रहें हैं। ‘हर-घर तिरंगा’ कार्यक्रम का आयोजन 13 अगस्त से 15 अगस्त तक किया जा रहा है। इसके तहत सभी लोगों के घरों में तिरंगा झंडा जन सहभागिता से लगाने का काम किया जाना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से हम देश के सभी लोगों के बीच देश के प्रति गौरव, स्वाभिमान और देशभक्ति के भाव को जगाने का काम करेंगे। यह काम अकेले नहीं हो सकता, इसके लिए हर राज्य, राज्य की समस्त जनता को साथ मिलकर काम करना होगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार एवं आम जनता हर घर तिरंगा कार्यक्रम के लिए झंडे को आॅनलाइन माध्यम के साथ-साथ नजदीकी डाकघरों से भी खरीद सकते हैं। हर घर झंडा कर्यक्रम के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी। किशन रेड्डी, सभी केंद्र शासित प्रदेश के राज्यपाल, सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, मंत्रीगण एवं पदाधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया। वहीं बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज हम आजादी के 75वां वर्षगांठ मनाने की तैयारी एकत्रित हुए है, यह काफी खुशी का दिन है। इसी के तहत हर घर तिरंगा कार्यक्रम के माध्यम से हम हर घर तक आजादी की खुशी को पहुंचाने का काम करने का काम करने जा रहे हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत के 15वें राष्ट्रपति के चुनाव के लिए वोटिंग सोमवार सुबह 10 बजे से शुरू होगी। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वोटों की गिनती 21 जुलाई को होगी और तब पता चलेगा कि देश का अगला राष्ट्रपति कौन होगा। इस बार राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए की ओर से द्रौपदी मुर्मू उम्मीदवार हैं। वहीं, विपक्ष ने यशवंत सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाया है। द्रौपदी मुर्मू आदिवासी समुदाय से आती हैं। उन्होंने इससे पहले 2015 से 2021 तक झारखंड के राज्यपाल के तौर पर काम किया है। द्रौपदी मुर्मू अगर राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल करती हैं तो वे राष्ट्रपति बनने वाली पहली आदिवासी महिला होंगी। दूसरी ओर यशवंत सिन्हा पूर्व में प्रधानमंत्री रहे चंद्रशेखर की सरकार में 1990 से 1991 तक और फिर 1998 से 2002 तक अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वित्त मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं। वे विदेश मंत्री भी रहे हैं। 2018 में उन्होंने भाजपा छोड़ ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ज्वाइंन कर ली थी। यशवंत सिन्हा vs द्रौपदी मुर्मू, किसका पलड़ा भारी : राष्ट्रपति चुनाव इस बार दिलचस्प हो सकता है। हालांकि जिस तरह विपक्ष के कई दलों ने एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के समर्थन की बात कही है, उससे उनका पलड़ा भारी माना जा रहा है। मुर्मू को बीजद, वाईएसआरसीपी, बसपा, अन्नाद्रमुक, तेदेपा, जद (एस), शिरोमणि अकाली दल, शिवसेना और झामुमो जैसे दलों ने समर्थन देने की बात कही है। ऐसे में एनडीए के लिए रास्ता आसान हो गया है। सांसद और विधायक डालेंगे वोट : राष्ट्रपति चुनाव में सांसद और विधायक वोट डालते हैं। हर राज्य में विधायकों के वोटों का मूल्य अलग-अलग होता है। ऐसे ही सांसदों के वोट का मूल्य भी अलग होता है। खास बात ये है कि संसद में नॉमिनेटेड मेंबर राज्यों की विधान परिषदों के सदस्य को इसमें वोटिंग का अधिकार नहीं होता है। उदाहरण के तौर पर उत्तर प्रदेश के विधायकों का मत मूल्य सबसे अधिक है। यूपी के 403 विधायकों में से प्रत्येक का मत मूल्य 208 है, यानी उनका कुल मूल्य 83,824 है। वहीं, सिक्किम के विधायकों का मत मूल्य सबसे कम है। इस बार सांसदों का मत मूल्य 700 है। इसी तरह तमिलनाडु और झारखंड के हर विधायक का मत मूल्य 176 है। महाराष्ट्र के विधायक का मूल्य 175, बिहार का 173 और आंध्र प्रदेश का मत मूल्य 159 है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार के "हर घर तिरंगा" अभियान के तहत अगले महीने तीन दिनों तक देशभर में 20 करोड़ से अधिक घरों पर तिरंगा फहराया जाएगा। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों और प्रशासकों के साथ आजादी का अमृत महोत्सव के तहत किए जाने वाले अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। बयान में कहा गया कि कार्यक्रम के तहत 13 से 15 अगस्त तक जनभागीदारी से घरों के ऊपर तिरंगा फहराया जाएगा और सरकारी एवं निजी प्रतिष्ठान भी इसमें शामिल होंगे। बयान के अनुसार, शाह ने कहा कि 22 जुलाई से सभी राज्य सरकारों की वेबसाइट के होमपेज पर राष्ट्रीय ध्वज दिखाई देना चाहिए, जबकि नागरिकों को भी अपने फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर और अन्य सोशल मीडिया अकाउंट पर तिरंगा प्रदर्शित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। शाह ने कहा कि लोगों को तिरंगे के साथ एक सेल्फी भी लेनी चाहिए और इसे संस्कृति मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव हर नागरिक के लिए गर्व की बात है और आजादी के पिछले 75 वर्षों के दौरान न केवल भारत की लोकतांत्रिक जड़ें गहरी हुई हैं, बल्कि विकास की दृष्टि से वैश्विक परिप्रेक्ष्य में इसका कद ऊंचा हुआ है। अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "आजादी का अमृत महोत्सव" को नए तरीके से मनाने का फैसला किया है और "हर घर तिरंगा" अभियान देशभक्ति की भावना को उच्चतम स्तर तक ले जायेगा। बयान में कहा गया है कि "प्रभात फेरी" महात्मा गांधी के नेतृत्व में देश के स्वतंत्रता संग्राम का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा था और इसलिए राजनीतिक दलों, सरकारी संस्थानों, गैर-सरकारी संगठनों और सहकारी समितियों को अपने क्षेत्रों में "प्रभात फेरी" को सफल बनाना चाहिए। केंद्र सरकार ने तीन तरह के झंडों के उत्पादन की व्यवस्था की है और ये डाकघरों में उपलब्ध होंगे और लोग तिरंगे को ऑनलाइन भी खरीद सकेंगे।
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