राज काज

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Published / 2022-07-26 17:29:12
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बुधवार को लोहरदगा में

टीम एबीएन, लोहरदगा। मुख्यमंत्री श्री हेमत सोरेन कल दिनांक 27.07.2022 को लोहरदगा आयेंगे जहां वे बीएस कॉलेज स्टेडियम,लोहरदगा में आयोजित होने वाले जिला स्तरीय बिरसा हरित ग्राम योजना सम्मान समारोह में शामिल होंगे। इस मौके पर माननीय मुख्यमंत्री द्वारा बिरसा हरित ग्राम योजना के लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया जायेगा। चयनित किसानों द्वारा योजना से जुड़े अपने अनुभव को साझा भी किया जायेगा। वहीं बिरसा हरित ग्राम योजना के लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया जाएगा। कार्यक्रम में लोहरदगा, गुमला, रांची, खूंटी और लातेहार के किसान शामिल होंगे। कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री के अलावा डॉ रामेश्वर उरांव, माननीय मंत्री, योजना-सह-वित्त, वाणिज्यकर विभाग एवं खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग, झारखण्ड रांची, श्री आलमगीर आलम, माननीय मंत्री, ग्रामीण विकास विभाग, झारखण्ड, रांची, श्री धीरज प्रसाद साहू माननीय राज्यसभा सांसद, श्री सुदर्शन भगत, माननीय सांसद, श्री चमरा लिण्डा, माननीय विधायक, बिशुनपुर भी शामिल होंगे। कार्यक्रम 01 बजे अपराह्न से प्रारंभ होगा। सभी जिले के 05-05 किसानों को दिया जाएगा प्रशस्ति पत्र, करेंगे अनुभव साझा : कार्यक्रम में मनरेगा अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना के 05-05 लाभुकों को प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। इसी बीच किसान अपने अनुभव भी साझा करेंगे:- लोहरदगा जिला के लाभुक : 01. बालो उरांव, कुम्बटोली, खरकी, किस्को, लोहरदगा। 02. भंगा भगत, कोलसिमरी, कुडू, लोहरदगा। 03. फुलदेव उरांव, मुन्दो, भटखिजरी, लोहरदगा। 04. अफसाना खातून, उगरा, सेन्हा, लोहरदगा। 05. नन्दलाल उरांव, मुन्दो, भटखिजरी, लोहरदगा। खूंटी जिला के लाभुक : 01. मुल्या भेंगरा, कुमांग, तोरपा, खंूटी। 02. मार्शल गुड़िया, हुसीर, तोरपा, खूंटी। 03. विश्वनाथ इरगू, तपेसरा, कर्रा, खूंटी। 04. महानंद स्वांसी, लालमुम, खूंटी। 05. मनोरमा टुटी, कुंजला, खूंटी। गुमला जिला के लाभुक : 01. विश्वासी कुजूर, बसिया। 02. लीलावती देवी, सोनमेर, बसिया। 03. सरोजनी उरांव, लोहड़ी, बसिया। 04. तारामुनी कच्छप, बसिया। 05. सावित्री देवी, बसिया। रांची जिला के लाभुक : 01. अश्विनी सिंह, चिल्द्री, बेड़ो। 02. घघारी उरांव, बोदा, बेड़ो। 03. बन्धु उरांव, टांगर, चान्हो। 04. शांति कच्छप, गड़गांव, इटकी। 05. प्रभात कुमार गिरि, हैसालौंग, खलारी। लातेहार जिला के लाभुक : 01. कमलेश उरांव, जान्हो, मनिका। 02. मो0 सलीम अंसारी, केना, लातेहार। 03. बिरबल उरांव, घाघू, बालूमाथ। 04. बुधन गंझू, दुधिमाटी, चंदवा। 05. रोशन कुजूर, पुटरूर्गी, महुआडाड़। जिला के 10 लाभुकों के बीच 35.26 लाख रूपये की राशि का स्वीकृति पत्र : मनरेगा अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना वित्तीय वर्ष 2022-23 अंतर्गत लोहरदगा जिला के कुल 10 नये लाभुक को स्वीकृति पत्र दिया जायेगा। इसमे कुल भूमि 9.5 एकड़ है जिसमें स्वीकृत राशि 35.26 लाख रूपये है। लाभुकों की सूची इस प्रकार हैः- 01. मनदेयाल महतो, सोरन्दा, भौरों, भण्डरा, लोहरदगा। 02. धनेश्वर उरांव, महुवरी, गजनी, कैरो, लोहरदगा। 03. पैंत्रुस कुजुर, हिसरी, किस्को, लोहरदगा। 04. मुतेजा अंसारी, उपर हिसरी, किस्को, लोहरदगा। 05. बुधैन उरांव, कुडू, लोहरदगा। 06. सरस्वती देवी, लावागाई, कुडू, लोहरदगा। 07. देवनन्दन उरांव, हेसल, लोहरदगा। 08. सीतापति उरांव, हेसल, लोहरदगा। 09. प्रमोद उरांव, रोरद, पेशरार, लोहरदगा। 10. उमा देवी, अलौदी, सेन्हा। लोहरदगा। कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री द्वारा मनरेगा अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना, वित्तीय वर्ष 2022-23 अंतर्गत पांच जिलों के कुल 50 लाभुकों के बीच फलदार पौधा दिया जाना है। इस योजना में कुल भूमि 42.5 एकड़ पर 50 किसानों को कुल 1 करोड़ 36 लाख 29 हजार रुपये राशि की स्वीकृति दी गयी है। लाभुकों की सूची इस प्रकार हैः- लोहरदगा जिला के लाभुक : 01. विशेश्वर उरांव, भौंरो, भण्डरा, लोहरदगा। 02. श्वेता भगत, चिपो, गुड़ी, कैरो, लोहरदगा। 03. रेखा देवी, सलैया, पाखर, किस्को, लोहरदगा। 04. संजो उरांव, बगडू, लोहरदगा। 05. आरिफ खान, लापरु, ककरगढ़, कुडू, लोहरदगा। 06. अनुप मुण्डा, हेंजला, कुडू। 07. निशा लकड़ा, तिगरा, लोहरदगा। 08. निरती उरांव, निंगनी, लोहरदगा। 09. बंधनी देवी, ओनेगड़ा, पेशरार, लोहरदगा। 10. आरती देवी, मुर्कीतोड़ार, सेन्हा, लोहरदगा। खूंटी जिला के लाभुक : 01. सरेश मुण्डा, बिरहु, खूंटी। 02. बसंती देवी, गुटजोरा। 03. कान्ती देवी, गुटजोरा। 04. रेखा देवी, गुटजोरा। 05. पूजा देवी, गुटजोरा। 06. मनमसीह हेरेंज, कच्चाबारी। 07. करण कुमार बैठा, कच्चाबारी। 08. हारूण धान, कच्चाबारी। 09. बेनी उरांव, डुमरगड़ी। 10. रामू उरांव, डुमरगड़ी। रांची जिला के लाभुक : 01. मंगल मुण्डा, जामटोली, बेडो। 02. विनय उरांव, ईटा, बेड़ो। 03. नागेन्द्र नाथ, ईटा, बेड़ो। 04. बिरसा मुण्डा, ईटा, बेड़ो। 05. पंकज कुजूर, ईटा, बेड़ो। 06. चरिया धान, जामटोली, बेड़ो। 07. प्रभात केरकेट्टा, कुन्दी, ईटकी। 08. सुखदेव उरांव, चचगुड़ा, ईटकी। 09. अनीता देवी, कमाती, चान्हो। 10. बिरसी उराईन, ताला, चान्हो। गुमला जिला के लाभुक : 01. रजनी मिंज, कलिगा, बसिया। 02. मोनिका मिंज, कलिगा, बसिया। 03. क्रेसेन्सिया, मिंज,कलिगा, बसिया। 04. प्रतिमा मिंज, कलिगा, बसिया। 05. अंतुनिया मिंज, कलिगा, बसिया। 06. मरियानुस कुल्लू, कलिगा, बसिया। 07. बिरसमनी तिर्की, कलिगा, बसिया। 08. ख्रीस्टिना बरला, कलिगा, बसिया। 09. मनोज लोहरा, कलिगा, बसिया। 10. दीपक टोपनो, कलिगा को बसिया। लातेहार जिला के लाभुक : 01. कुवंर परहिया, तरवाडीह, लातेहार। 02. महेंद्र सिंह, हेठपोचरा, लातेहार। 03. फुलदेव सिंह, सेरनदाग, हेरहंज। 04. भुनेश्वर यादव, सालवे, बारियातू। 05. मो0 तोफिक, मुरपा, बालूमाथ। 06. सुरेश भगत, मासियातु, बालूमाथ। 07. श्यामबिहारी सिंह, हामी, महुआडांड़। 08. फूलचंद भुईंया, सिंजो, मनिका। 09. फुदवा देवी, रांकीकला, मनिका। 10. महेश सिंह, हुटाप, चंदवा।

Published / 2022-07-26 08:56:02
दिल्ली से हरियाणा के बीच चलेगी स्काई बस : नितिन गडकरी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक बड़ा ऐलान किया। नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि वह दिल्ली और हरियाणा में चुनिंदा मार्गों पर स्काईबस शुरू करना चाहते हैं जिससे यातायात की भीड़ और प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि जलवायु एजेंडा सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। प्रदूषण के साथ आर्थिक वृद्धि होना अच्छी रणनीति नहीं है। उन्होंने अधिक ब्योरा दिए बिना कहा कि मैं धौला कुआं से मानेसर तक स्काईबस (मास ट्रांजिक सर्विस) शुरू करना चाहता हूं। बाद में इसे बढ़ाकर सोहना तक किया जाएगा। गडकरी यहां बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। गडकरी ने कहा है कि उनका सपना भारत में ईधन के आयात को शून्य करने का है। सड़क परिवहन मंत्री ने कहा कि उनका सपना भारत में जीवाश्म ईंधन के आयात को कम करना है। उन्होंने कहा कि उनका सपना जीवाश्म ईंधन के आयात को शून्य पर लाना है। नितिन गडकरी ने यह भी कहा कि पानी से ग्रीन हाइड्रोजन बनाना केंद्र सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इथेनॉल आर्थिक रूप से सस्ता, प्रदूषण मुक्त और स्वदेशी था और इथेनॉल देश में कृषि विकास को बढ़ाने जा रहा है, क्योंकि हम चावल से इथेनॉल का निर्माण करेंगे।

Published / 2022-07-25 06:41:34
भारत की 15वीं राष्ट्रपति बनीं द्रौपदी मुर्मू, CJI एनवी रमण ने दिलायी शपथ

एबीएन सेंट्रल डेस्क। द्रौपदी मुर्मू ने आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद यानी राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण किया। भारत के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति एनवी रमण ने उन्हें संसद भवन के ऐतिहासिक सेंट्रल हाॅल में पद एचं गोपनीयता की शपथ दिलाई। द्रौपदी मुर्मू देश की सबसे कम उम्र की व पहली आदिवासी राष्ट्रपति हैं। वह आजादी के बाद जन्म लेने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति हैं। शपथ ग्रहण से पहले मुर्मू राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्मारक स्थल राजघाट पहुंचीं और पुष्पांजलि अर्पित की। मैं ओडिशा के जिस गांव में पैदा हुई वहां स्कूल जाना एक सपना था। मैंने अपने गांव से काॅलेज जाने वाली पहली लड़की थी। भारत के राष्ट्रपति पद पर मेरा निर्वाचन मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। यह देश के हर गरीब की उपलब्धि है। देश का हर गरीब च्यक्ति मुझमें अपना प्रतिबिंब देख सकता है।

Published / 2022-07-25 04:22:25
लाइट हाउस प्रोजेक्ट : 1008 परिवार का अपने घर का सपना पूरा होगा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत गरीबों का अपना घर का होने का सपना आज साकार होने जा रहा है। काफी जद्दोजहद के बाद झारखंड में शुरू हुए लाइट हाउस प्रोजेक्ट के तहत लॉटरी के माध्यम से चयनित 1008 लाभुकों को रांची नगर निगम ने आवंटन देना शुरू कर दिया है। स्क्रूटनी के बाद 1302 आवेदन सही पाए गए जिनमें लॉटरी के बाद 1008 लाभुकों को आवंटन पत्र आज (25 जुलाई) से दिया जाएगा। योजना के तहत लॉटरी के माध्यम से चयनित लाभुकों का मानना है कि जिस जगह पर उन्होंने बिना अपना घर के जैसे तैसे रहकर बचपन से बुढ़ापे की दहलीज पर पहुंच गए वहां अपना अब घर मिल रहा है, जिसकी खुशी व्यक्त नहीं की जा सकती। लाभुक किरण देवी, राधिका देवी, धर्मेंद्र कुमार जैसे 1008 लोग अब परिवार के साथ अपने घर में रहेंगे। लाभुक धर्मेंद्र कुमार पीएम मोदी को इसके लिए आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि घर मिलेगा। लॉटरी में जैसे ही उनका नाम आया उनका सपना साकार हो गया। राजधानी रांची के धुर्वा में बन रहे लाइट हाउस प्रोजेक्ट को दिसंबर में पूरा कर लिया जाएगा। इससे पहले नगर निगम ने लाभुकों का चयन लॉटरी के माध्यम से कर लिया है। अपर नगर आयुक्त कुंवर सिंह पाहन बताते हैं कि लाइट हाउस प्रोजेक्ट के लिए 1521 आवेदन आये थे, जिसमें स्क्रूटनी के बाद 1302 आवेदन सही पाए गए, जिनके बीच लॉटरी हुआ जिसमें 1008 को आवंटन पत्र 25 जुलाई से मिलेगा। चयनित लाभुकों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए कम ब्याज और कम किस्त पर लोन की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। संभावना है कि दिसंबर में पूर्ण रूप से तैयार होने के पश्चात लाभुकों की खुशियों की दीपावली लाइट हाउस में मनेगा।

Published / 2022-07-24 15:35:49
पीएम के अभियान में चाहिए 25 करोड़ तिरंगे, व्यापारियों के पास कितना है स्टॉक...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आगामी 13 अगस्त से 15 अगस्त तक देश भर में हर घर तिरंगा अभियान में देशवासियों के जुड़ने के आह्वान के मद्देनज़र देश भर के बाजारों में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा खरीदने के लिए लोग बड़ी मात्रा में आ रहे हैं। लोगों के इस उत्साह के कारण देश के सभी शहरों के बाज़ारों में हुए राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की निकट भविष्य में भारी मांग की सम्भावना को देखते हुए कन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने देश भर में कपड़े के निर्माताओं से फ्लैग कोड के प्रावधानों के अनुसार पर्याप्त मात्रा में राष्ट्रीय ध्वज उपलब्ध कराने के लिए संपर्क शुरू किया है। केंद्र सरकार ने देश भर में 25 करोड़ घरों पर तिरंगा लगाए जाने का लक्ष्य तय किया है। हालांकि कैट की मानें तो एक मोटे अनुमान के अनुसार देश भर में अभी लगभग 4 करोड़ ही ध्वज का स्टॉक होगा। संभावित मांग और स्टॉक के बीच के अंतर को पूरा करने और देश भर में तिरंगा प्रचुर संख्या में उपलब्ध कराने के लिए कैट ने देश भर में जरूरी प्रयास शुरू कर दिए हैं। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि इस दिशा में कैट ने दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, तमिलनाडु, ओडिसा, बिहार, राजस्थान के कैट चैप्टर से आग्रह किया है कि वो अपने राज्यों में कपड़ा निर्माताओं से संपर्क कर अधिक से अधिक तिरंगा बनाने के लिए प्रेरित करें। मूल रूप से फिलहाल बाजार में विभिन्न साइज के तिरंगे झंडे छोटे माप के 10 रुपये से लेकर बड़े माप के 150 रुपये तक मिल रहे हैं। संस्कृति मंत्रालय द्वारा 20x 30, 16x 24, 6×9 तीन माप सुझाए गए हैं। लिहाजा कैट द्वारा इन साइजों के ध्वज ही अधिक से अधिक मात्रा में बनवाने के प्रयास किये जा रहे हैं। भरतिया और खंडेलवाल ने यह भी बताया कि इसके साथ ही कैट ने फिलहाल खादी ग्रामोद्योग कमीशन से तिरंगा झंडे लेकर व्यापारिक संगठनों को उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। इसके अतिरिक्त महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को भी कैट तिरंगा झंडा बनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। उन्होंने बताया की केंद्र सरकार ने 20 जुलाई को फ्लैग कोड में संशोधन कर राष्ट्रीय ध्वज को घरों पर लगाने के नियम आसान कर दिए हैं, जिसके अनुसार अब लोग अपने घरों में दिन रात राष्ट्रीय ध्वज लगा सकते हैं। इस संशोधन के बाद स्वाभाविक रूप से बाजार में तिरंगे झंडे की मांग बढ़ेगी।

Published / 2022-07-24 15:28:11
मानसून के बढ़ते ही धान की बुवाई में होगा सुधार : कृषि आयुक्त

टीम एबीएन, रांची। कृषि आयुक्त ए के सिंह ने कहा है कि मौजूदा खरीफ सत्र के दौरान धान की बुवाई कुछ कम रही है, विशेषकर पूर्वी भारत के इलाकों में लेकिन मानसून के तेजी से आगे बढ़ने के साथ इसमें सुधार आएगा। दक्षिणी क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने के कारण बड़े क्षेत्र में धान की बुवाई की गई है। वहीं पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी अबतक चिंता की कोई बात नहीं है और ट्यूबवेल सिंचाई की मदद से सामान्य बुवाई पहले ही की जा चुकी है। सरकार ने ताजा आंकड़े तो जारी नहीं किए हैं लेकिन 17 जुलाई तक के आंकड़े उपलब्ध हैं जो बताते हैं कि देशभर में धान की बुवाई 17.4 प्रतिशत की कमी के साथ इस खरीफ सीजन में 128.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में हुई है जो पिछले वर्ष के 155.53 लाख हेक्टेयर की तुलना में कम है। खरीफ की फसलों की बुवाई जून में दक्षिण पश्चिमी मानसून के आगमन के साथ शुरू की जाती है। धान एक प्रमुख खरीफ फसल है। वहीं भारत मौसम विज्ञान विभाग ने इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य रहने का अनुमान जताया है। एक जून से 20 जून के बीच देश में 11 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है लेकिन पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में 14 फीसदी कम और उत्तर पश्चिमी भारत में नौ प्रतिशत बारिश कम हुई है। कृषि आयुक्त ने कहा, मुझे उम्मीद है कि बुवाई के मामले में हालात सामान्य रहेंगे बल्कि आने वाले वक्त में बेहतर होंगे। अब बारिश हर जगह शुरू हो चुकी है ऐसे में जो फसल बोई गई है वह सुरक्षित रहनी चाहिए। उन्होंने कहा, मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है इसलिए और क्षेत्र में धान बुवाई बेहतर होने के लिए समय है। सिंह ने कहा, धान की बुवाई कुछ कम हुई है, विशेषकर पूर्वी भारत में, पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में लेकिन बारिश शुरू होने से उन इलाकों में भी बुवाई हो जाएगी। उन्होंने बताया कि दक्षिण क्षेत्र में धान की बुवाई में अब तक कोई कमी नहीं है। दक्षिणी राज्यों में अच्छी बारिश हुई है और सभी इलाकों में हुई है इसलिए धान की बुवाई भी बड़े क्षेत्र में की गई है। सरकार ने 2022-23 के फसल वर्ष (जुलाई से जून) के खरीफ सीजन में 11.2 करोड़ टन धान उत्पादन का लक्ष्य रखा है।

Published / 2022-07-24 14:07:09
नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से दिल्ली में मिले सीएम हेमंत सोरेन, दी जीत की बधाई

टीम एबीएन, रांची। राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद द्रौपदी मुर्मू को बधाई देने का सिलसिला जारी है। दिल्ली दौरे पर गए सीएम हेमंत सोरेन ने भी द्रोपदी मुर्मू से मुलाकात कर उनको जीत के लिए झारखंड के लोगों की तरफ से शुभकामनाएं दी है। सीएम हेमंत सोरेन ने ट्वीट कर राष्ट्रपति से मुलाकात जानकारी साझा की है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि देश की नव निर्वाचित राष्ट्रपति आदरणीय द्रौपदी मुर्मू से दिल्ली में भेंट हुई, आदरणीय द्रौपदी जी को समस्त झारखंड वासियों की ओर से अनेक-अनेक शुभकामनाएं और जोहार। बता दें कि सीएम हेमंत सोरेन दिल्ली दौरे पर हैं। उन्होंने शनिवार को दिल्ली में झारखंड पर्यटन नीति 2021 का शुभारंभ किया था। इस दौरान सीएम ने देश और दुनिया को झारखंड देखने आने का न्योता दिया था।

Published / 2022-07-23 17:27:40
केंद्र सरकार ने ध्वज संहिता में किया बदलाव, अब दिन-रात फहरेगा तिरंगा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सरकार ने ध्वज संहिता में बदलाव किया है। इसके साथ अब तिरंगे को दिन और रात दोनों समय फहराया जा सकता है। साथ ही मशीन और पॉलिएस्टर से बने ध्वजों का उपयोग करने की भी अनुमति होगी। सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब वह आजादी का अमृत महोत्सव के तहत 13 से 15 अगस्त तक "हर घर तिरंगा" अभियान शुरु करने जा रही है। सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के सचिवों को लिखे एक पत्र में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय ध्वय का प्रदर्शन, फहराना और उपयोग भारतीय ध्वज संहिता, 2002 और राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत आता है। दिन-रात फहराया जा सकता है राष्ट्रीय ध्वज : पत्र में कहा गया है, भारतीय ध्वज संहिता, 2002 को 20 जुलाई 2022 के एक आदेश के जरिए संशोधित किया गया है और अब भारतीय ध्वज संहिता, 2002 के भाग-दो के पैरा 2.2 के खंड (II) को इस तरह पढ़ा जाएगा : जहां ध्वज खुले में प्रदर्शित किया जाता है या किसी नागरिक के घर पर प्रदर्शित किया जाता है, इसे दिन-रात फहराया जा सकता है। पहले सूर्योदय से सूर्यास्त तक थी अनुमति : इससे पहले तिरंगे को केवल सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराने की अनुमति थी। इसी तरह ध्वज संहिता के एक अन्य प्रावधान में बदलाव करते हुए कहा गया, राष्ट्रीय ध्वज हाथ से काता और हाथ से बुना हुआ या मशीन से बना होगा। यह कपास/पॉलिएस्टर/ ऊन/ रेशमी खादी से बना होगा। इससे पहले मशीन से बने और पॉलिएस्टर सेबने राष्ट्रीय ध्वज के उपयोग की अनुमति नहीं थी। आजादी के 75 साल के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा आजादी का अमृत महोत्सव : आजादी का अमृत मोहत्सव एक प्रगतिशील स्वतंत्र भारत के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है। 13 अगस्त से 15 अगस्त तक नागरिकों को अपने घरों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए "हर घर तिरंगा" अभियान शुरु किया गया है। गृह सचिव ने पत्र बताई ध्वज संहिता की मुख्य विशेषताएं : गृह सचिव ने अपने पत्र के साथ ध्वज संहिता की मुख्य विशेषताओं को भी संलग्न किया जिसमें 30 दिसंबर 2021 और 20 जुलाई 2022 को किए गए बदलावों और राष्ट्रीय ध्वज के उपयोग और प्रदर्शन के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल शामिल हैं। गृह सचिव ने पत्र में कहा, आपसे यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया जाता है कि ये आपके प्रशासनिक नियंत्रण के तहत विभिन्न संगठनों, सार्वजनिक उपक्रमों के बीच व्यापक रूप से प्रसारित हो।

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