राज काज

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Published / 2022-07-28 17:16:07
यात्रियों को सौगात, इन राज्यों की 82 ट्रेनों में अब सीटों का झंझट खत्म

एबीएन सेंट्रल डेस्क। ट्रेनों में यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ के मद्देनजर भारतीय रेलवे ने अब और ज्यादा सुविधा देने का फैसला किया है। उत्तर पश्चिम रेलवे की ओर से 41 जोड़ी ट्रेनों में 83 अतिरिक्त अस्थाई कोचों को जोड़ने का निर्णय लिया है। इन ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़ने के बाद राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, गुजरात, छत्तीसगढ़ आदि राज्यों का सफर करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त बर्थ उपलब्ध हो सकेंगे और इन राज्यों के खास शहरों का सफर करने वाले यात्रियों का आवागमन बेहद सुखद और आरामदायक हो सकेगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के प्रवक्ता कैप्टन शशि किरण के मुताबिक रेलवे द्वारा अतिरिक्त यातायात को देखते हुए यात्रियों की सुविधा हेतु 41 जोड़ी ट्रेनों में विभिन्न श्रेणियों के 83 कोचो को बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया गया है। अतिरिक्त अस्थाई कोच की सुविधा यात्रियों को 1 अगस्त से अलग-अलग निर्धारित तारीखों के मुताबिक निम्नानुसार मिलनी शुरू हो जाएगी। 1. गाडी संख्या 22481/22482, जोधपुर-दिल्ली सराय रोहिल्ला-जोधपुर रेलसेवा में जोधपुर से दिनांक 01.08.22 से 31.08.22 तक तथा दिल्ली सराय रोहिल्ला से दिनांक 02.08.22 से 01.09.22 तक 02 थर्ड एसी व 02 द्वितीय शयनयान श्रेणी डिब्बों की अस्थाई बढ़ोतरी की जा रही है। 2. गाडी संख्या 12479/12480, जोधपुर-बान्द्रा टर्मिनस-जोधपुर रेलसेवा में जोधपुर से दिनांक 03.08.22 से 02.09.22 तक तथा बान्द्रा टर्मिनस से दिनांक 04.08.22 से 03.09.22 तक 02 थर्ड एसी व 02 द्वितीय शयनयान श्रेणी डिब्बों की अस्थाई बढ़ोतरी की जा रही है। 3. गाडी संख्या 22471/22472, बीकानेर-दिल्ली सराय-बीकानेर रेलसेवा में बीकानेर से दिनांक 01.08.22 से 31.08.22 तक तथा दिल्ली सराय से दिनांक 03.08.22 से 02.09.22 तक 02 द्वितीय शयनयान श्रेणी डिब्बों की अस्थाई बढ़ोतरी की जा रही है। 4. गाडी संख्या 20473/20474, दिल्ली सराय-उदयपुर सिटी-दिल्ली सराय रेलसेवा में दिल्ली सराय से दिनांक 01.08.22 से 31.08.22 तक तथा उदयपुर सिटी से दिनांक 02.08.22 से 01.09.22 तक 02 द्वितीय शयनयान श्रेणी डिब्बों की अस्थाई बढ़ोतरी की जा रही है। 5. गाडी संख्या 19666/19665, उदयपुर सिटी-खजुराहो-उदयपुर सिटी रेलसेवा में उदयपुर सिटी से दिनांक 01.08.22 से 31.08.22 तक एवं खजुराहो से दिनांक 03.08.22 से 02.09.22 तक 01 थर्ड एसी व 01 द्वितीय शयनयान श्रेणी डिब्बो की अस्थाई बढ़ोतरी की जा रही है। 6. गाडी संख्या 12990/12989, अजमेर-दादर-अजमेर रेल सेवा में अजमेर से दिनांक 03.08.22 से 31.08.22 तक एवं दादर से दिनांक 04.08.22 से 01.09.22 तक 01 थर्ड एसी इकॉनोमी श्रेणी डिब्बे की अस्थाई बढ़ोतरी की जा रही है। 7. गाडी संख्या 20483/20484, भगत की कोठी-दादर-भगत की कोठी रेल सेवा में भगत की कोठी से दिनांक 01.08.22 से 29.08.22 तक एवं दादर से दिनांक 02.08.22 से 30.08.22 तक 02 थर्ड एसी व 04 द्वितीय शयनयान श्रेणी डिब्बो की अस्थाई बढ़ोतरी की जा रही है। 8. गाडी संख्या 14707/14708, बीकानेर-दादर-बीकानेर रेलसेवा में बीकानेर से दिनांक 01.08.22 से 31.08.22 तक एवं दादर से दिनांक 02.08.22 से 01.09.22 तक 01 थर्ड एसी व 04 द्वितीय शयनयान श्रेणी डिब्बों की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 9. गाडी संख्या 20971/20972, उदयपुर सिटी-शालीमार-उदयपुर सिटी रेलसेवा में उदयपुर सिटी से दिनांक 06.08.22 से 27.08.22 तक एवं शालीमार से दिनांक 07.08.22 से 28.08.22 तक 01 थर्ड एसी श्रेणी डिब्बे की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 10. गाडी संख्या 12991/12992, उदयपुर-जयपुर-उदयपुर रेलसेवा में उदयपुर से दिनांक 01.08.22 से 31.08.22 तक तथा जयपुर से दिनांक 01.08.22 से 31.08.22 तक 02 द्वितीय साधारण श्रेणी व 01 वातानुकुलित कुसीर्यान श्रेणी डिब्बो की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 11. गाडी संख्या 12996/12995, अजमेर-बान्द्रा टर्मिनस- अजमेर रेलसेवा में अजमेर से दिनांक 02.08.22 से 30.08.22 तक एवं बान्द्रा टर्मिनस से दिनांक 03.08.22 से 31.08.22 तक 02 थर्ड एसी इकोनॉमी श्रेणी डिब्बे की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 12. गाडी संख्या 19711/19712, जयपुर-भोपाल-जयपुर रेल सेवा में जयपुर से दिनांक 01.08.22 से 31.08.22 तक एवं भोपाल से 02.08.22 से 01.09.22 तक 01 थर्ड एसी इकॉनोमी डिब्बे की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 13. गाडी संख्या 19715/19716, जयपुर-गोमती नगर (लखनऊ)-जयपुर रेल सेवा में जयपुर से दिनांक 02.08.22 से 30.08.22 तक एवं गोमती नगर (लखनऊ) से दिनांक 03.08.22 से 31.08.22 तक 01 थर्ड एसी इकॉनोमी श्रेणी डिब्बे की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 14. गाडी संख्या 14801/14802, जोधपुर-इंदौर-जोधपुर रेलसेवा में जोधपुर से दिनांक 01.08.22 से 31.08.22 तक एवं इंदौर से दिनांक 04.08.22 से 03.09.22 तक 02 द्वितीय साधारण श्रेणी डिब्बों की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 15. गाडी संख्या 12465/12466, इंदौर-जोधपुर- इंदौर रेल सेवा में इंदौर से दिनांक 02.08.22 से 01.09.22 तक एवं जोधपुर से दिनांक 03.08.22 से 02.09.22 तक 02 द्वितीय साधारण श्रेणी डिब्बे की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 16. गाडी संख्या 12495/12496, बीकानेर-कोलकाता-बीकानेर रेलसेवा में बीकानेर से दिनांक 04.08.22 से 25.08.22 तक एवं कोलकाता से दिनांक 05.08.22 से 26.08.22 तक 01 द्वितीय शयनयान श्रेणी डिब्बे की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 17. गाडी संख्या 20471/20472, बीकानेर-पुरी-बीकानेर रेलसेवा में बीकानेर से दिनांक 07.08.22 से 28.08.22 तक एवं पुरी से दिनांक 10.08.22 से 31.08.22 तक 01 द्वितीय शयनयान श्रेणी डिब्बे की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 18. गाडी संख्या 22473/22474, बीकानेर-बान्द्रा टर्मिनस-बीकानेर साप्ताहिक रेलसेवा में बीकानेर से दिनांक 01.08.22 से 29.08.22 तक तथा बान्द्रा टर्मिनस से दिनांक 02.08.22 से 30.08.22 तक 01 द्वितीय शयनयान श्रेणी डिब्बे की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 19. गाडी संख्या 14701/14702, श्रीगंगानगर-बान्द्रा टर्मिनस-श्रीगंगानगर रेलसेवा में श्रीगंगानगर से दिनांक 01.08.22 से 31.08.22 तक तथा बान्द्रा टर्मिनस से दिनांक 03.08.22 से 02.09.22 तक 01 द्वितीय शयनयान श्रेणी डिब्बे की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 20. गाडी संख्या 14866/14865, जोधपुर-वाराणसी-जोधपुर रेलसेवा में जोधपुर से दिनांक 01.08.22 से 31.08.22 तक तथा वाराणसी से दिनांक 02.08.22 से 01.09.22 तक 02 द्वितीय शयनयान श्रेणी डिब्बे की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 21. गाडी संख्या 14854/14853, जोधपुर-वाराणसी-जोधपुर रेलसेवा में जोधपुर से दिनांक 01.08.22 से 31.08.22 तक तथा वाराणसी से दिनांक 02.08.22 से 01.09.22 तक 02 द्वितीय शयनयान श्रेणी डिब्बो की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 22. गाडी संख्या 14864/14863, जोधपुर-वाराणसी-जोधपुर रेलसेवा में जोधपुर से दिनांक 01.08.22 से 31.08.22 तक तथा वाराणसी से दिनांक 02.08.22 से 01.09.22 तक 02 द्वितीय शयनयान श्रेणी डिब्बो की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 23. गाडी संख्या 22977/22978, जयपुर-जोधपुर-जयपुर रेलसेवा में दिनांक 01.08.22 से 31.08.22 तक 01 थर्ड एसी श्रेणी डिब्बे की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 24. गाडी संख्या 19613/19612, अजमेर-अमृतसर-अजमेर रेलसेवा में अजमेर से दिनांक 01.08.22 से 31.08.22 तक तथा अमृतसर से दिनांक 02.08.22 से 01.09.22 तक 01 द्वितीय साधारण श्रेणी व 01 थर्ड एसी श्रेणी डिब्बो की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 25. गाडी संख्या 19611/19614, अजमेर-अमृतसर-अजमेर रेलसेवा में अजमेर से दिनांक 01.08.22 से 31.08.22 तक तथा अमृतसर से दिनांक 02.08.22 से 01.09.22 तक 01 द्वितीय साधारण श्रेणी व 01 थर्ड एसी श्रेणी डिब्बो की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 26. गाडी संख्या 22987/22988, अजमेर-आगराफोर्ट-अजमेर रेलसेवा में दिनांक 01.08.22 से 31.08.22 तक 02 द्वितीय साधारण श्रेणी व 01 थर्ड एसी श्रेणी डिब्बो की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 27. गाडी संख्या 14712/14711, श्रीगंगानगर-हरिद्वार-श्रीगंगानगर रेलसेवा में दिनांक 01.08.22 से 31.08.22 तक 02 द्वितीय साधारण श्रेणी व 01 द्वितीय कुसीर्यान श्रेणी डिब्बों की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 28. गाडी संख्या 12482/12481, श्रीगंगानगर-दिल्ली-श्रीगंगानगर रेलसेवा में श्रीगंगानगर से दिनांक 02.08.22 से 01.09.22 तक एवं दिल्ली से दिनांक 03.08.22 से 02.09.22 तक 02 द्वितीय साधारण श्रेणी व 01 द्वितीय कुसीर्यान श्रेणी डिब्बो की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 29. गाडी संख्या 14731/14732, दिल्ली-बठिण्डा-दिल्ली रेलसेवा में दिल्ली से दिनांक 02.08.22 से 01.09.22 तक एवं बठिण्डा से दिनांक 03.08.22 से 02.09.22 तक 02 द्वितीय साधारण श्रेणी व 01 द्वितीय कुसीर्यान श्रेणी डिब्बो की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 30. गाडी संख्या 14804/14803, साबरमती-जैसलमेर- साबरमती रेलसेवा में साबरमती से दिनांक 02.08.22 से 31.08.22 तक एवं जैसलमेर से दिनांक 03.08.22 से 01.09.22 तक 02 द्वितीय शयनयान श्रेणी डिब्बे की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 31. गाडी संख्या 14819/14820, जोधपुर-साबरमती-जोधपुर रेलसेवा में जोधपुर से दिनांक 02.08.22 से 31.08.22 तक एवं साबरमती से दिनांक 04.08.22 से 02.09.22 तक 02 द्वितीय शयनयान श्रेणी डिब्बे की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 32. गाडी संख्या 14717/14718, बीकानेर-हरिद्वार-बीकानेर रेलसेवा में बीकानेर से दिनांक 01.08.22 से 31.08.22 तक एवं हरिद्वार से दिनांक 02.08.22 से 01.09.22 तक 02 द्वितीय शयनयान श्रेणी डिब्बे की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 33. गाडी संख्या 22475/22476, हिसार-कोयम्बटूर-हिसार रेलसेवा में हिसार से दिनांक 03.08.22 से 31.08.22 तथा कोयम्बटूर से दिनांक 06.08.22 से 03.09.22 तक 01 सैकण्ड एसी श्रेणी डिब्बे की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 34. गाडी संख्या 19608/19607, मदार-कोलकाता-मदार रेलसेवा में मदार से दिनांक 01.08.22 से 29.08.22 तक एवं कोलकाता से दिनांक 04.08.22 से 01.09.22 तक 02 थर्ड एसी श्रेणी डिब्बे की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 35. गाडी संख्या 19601/19602, उदयपुर सिटी-न्यूजलपाईगुडी- उदयपुर सिटी साप्ताहिक रेलसेवा में उदयपुर सिटी से दिनांक 06.08.22 से 27.08.22 तक एवं न्यूजलपाईगुडी से दिनांक 08.08.22 से 29.08.22 तक 01 थर्ड एसी श्रेणी डिब्बे की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 36. गाडी संख्या 20487/20488, बाडमेर-दिल्ली-बाडमेर रेलसेवा में बाडमेर से दिनांक 01.08.22 से 29.08.22 तक एवं दिल्ली से दिनांक 02.08.22 से 30.08.22 तक 02 द्वितीय शयनयान श्रेणी डिब्बो की अस्थाई बढोतरी की गई है। 37. गाडी संख्या 20489/20490, बाडमेर-जयपुर-बाडमेर रेलसेवा में बाडमेर से दिनांक 02.08.22 से 31.08.22 तक एवं जयपुर से दिनांक 03.08.22 से 01.09.22 तक 02 द्वितीय शयनयान श्रेणी डिब्बो की अस्थाई बढोतरी की गई है। 38. गाडी संख्या 22483/22484, जोधपुर-गांधीधाम-जोधपुर रेलसेवा में जोधपुर से दिनांक 01.08.22 से 31.08.22 तक एवं गांधीधाम से दिनांक 02.08.22 से 01.09.22 तक 01 थर्ड एसी श्रेणी डिब्बे की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 39. गाडी संख्या 14723/14724, भिवानी-कानपुर-भिवानी रेलसेवा में भिवानी से दिनांक 01.08.22 से 31.08.22 तक तथा कानपुर से दिनांक 02.08.22 से 01.09.22 तक 01 द्वितीय शयनयान श्रेणी डिब्बे की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 40. गाडी संख्या 18213/18214, दुर्ग-अजमेर-दुर्ग साप्ताहिक एक्सप्रेस रेलसेवा में दुर्ग से दिनांक 31.07.22 से 28.08.22 तक एवं अजमेर से दिनांक 01.08.22 से 29.08.22 तक 01 द्वितीय शयनयान श्रेणी डिब्बे की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। 41. गाडी संख्या 18207/18208, दुर्ग-अजमेर-दुर्ग साप्ताहिक एक्सप्रेस रेलसेवा में दुर्ग से दिनांक 01.08.22 से 29.08.22 तक एवं अजमेर से दिनांक 02.08.22 से 30.08.22 तक 01 द्वितीय शयनयान श्रेणी डिब्बे की अस्थाई बढोतरी की जा रही है।

Published / 2022-07-28 16:59:45
निजी विश्वविद्यालयों की वस्तुस्थिति की शीघ्र जांच करें : राज्यपाल

टीम एबीएन, रांची। माननीय राज्यपाल रमेश बैस ने राज्य में स्थापित निजी विश्वविद्यालयों की वस्तुस्थिति की शीघ्र जांच करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जो भी निजी विश्वविद्यालय यूजीसी एवं सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनकी मान्यता रद्द करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई प्रारम्भ करें। उन्होंने नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि राज्य में स्थापित निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ समीक्षा बैठक में पाया गया था कि इनकी स्थिति ठीक नहीं है और उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों को अति शीघ्र यूजीसी एवं सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों का पालन करने एवं आधारभूत संरचना विकसित करने का निदेश दिया था। राज्यपाल महोदय आज राज भवन में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। बैठक में अपर मुख्य सचिव, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा केके खंडेलवाल, राज्यपाल के प्रधान सचिव डॉ नितिन कुलकर्णी एवं उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। राज्यपाल महोदय ने कहा कि निजी विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता प्रदान करने के पूर्व यह सुनिश्चित कर लें कि उसके पास पर्याप्त भूमि, भवन एवं आधारभूत संरचना उपलब्ध है। पूर्व के नियम जिसमें यह वर्णित था कि संचालन के 3 वर्ष में अपना भवन एवं आधारभूत संरचना की उपलब्धता में संशोधन करने हेतु एक मॉडल एक्ट निर्माण करने के लिए आदेश दिया। उन्होंने कहा कि छात्रहित में निजी विश्वविद्यालयों को संचालन के लिए सभी अहतार्ओं का पालन करना जरूरी है। माननीय राज्यपाल ने झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के स्टैच्यूट निर्माण की अद्यतन समीक्षा करते हुए कहा कि दिनांक 23 मई, 2022 को आहुत बैठक में भी इसे अमल में लाने का निदेश दिया गया था। राज्यपाल महोदय को अवगत कराया गया कि झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के स्टैच्यूट निर्माण की संचिका कार्मिक विभाग में है, शीघ्र ही यह निर्मित हो जाएगा। राज्यपाल महोदय ने नीलांबर-पीताम्बर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का हस्तांतरण की अद्यतन समीक्षा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय को शीघ्र ही भवन हस्तांतरित करें। माननीय राज्यपाल द्वारा झारखंड खुला विश्वविद्यालय के लिए आवश्यक स्टैच्यूट का गठन करने का निदेश दिया गया। वर्ष 2010-2018 अवधि के लिए स्टैच्यूट के गठन की अद्यतन समीक्षा के क्रम में कहा गया कि इस संबंधी संचिका में वित्त विभाग की सहमिति प्राप्त कर ली गई है। वर्ष 2018 में गठित स्टैच्यूट में संशोधन के संदर्भ में भी चर्चा की गई और इसे जल्द ही मंजूरी दे दी जायेगी। राज्यपाल महोदय ने यह भी कहा कि झारखंड खुला विश्वविद्यालय के पास काम करने की कोई जगह नहीं है तो अगस्त माह से कैसे अधिकारी काम करेंगे। उन्होंने निदेश दिया कि झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कैम्पस में एक भवन है जो किसी उपयोग में नहीं है, उसकी जल्द आवश्यक मरम्मत करके उसे 3-4 माह के अंदर झारखंड खुला विश्वविद्यालय को दिया जाय ताकि वहां से उनका कार्य सुचारु रूप से चलाया जा सके।

Published / 2022-07-28 16:11:54
बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत लाभुकों को मिलेगा वृक्षों का पट्टा : हेमंत सोरेन

टीम एबीएन, हजारीबाग/ रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा राज्य की लगभग 70 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है । ऐसे में किसानों और मजदूरों की आमदनी बढ़ाने एवं उनके समृद्धि और खुशहाली के लिए सरकार प्रतिबद्ध है । क्योंकि, जब हमारे ग्रामीणों की सामर्थ्य क्षमता बढ़ेगी तो राज्य भी सशक्त बनेगा। मुख्यमंत्री आज हजारीबाग में आयोजित प्रमंडल स्तरीय मेगा किसान क्रेडिट कार्ड वितरण शिविर-सह-जागरूकता एवं विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे । उन्होंने कहा कि किसान एवं मजदूरों के हित में और उन्हें सहयोग करने के लिए सरकार कार्य योजनाओं को बनाकर उसे धरातल पर उतारने का काम कर रही है। केसीसी लोन में बैंकर्स को निर्देशित किया गया है कि वह किसानों को हर संभव सहायता करें । जब सब कदम बढ़ा कर आगे आएंगे तो हम प्रगति की ओर अग्रसर हो सकेंगे। योजनाओं का जमीनी स्तर पर निरीक्षण : मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान, मजदूर भाइयों को सरकार के योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं, उसके लिए जमीनी स्तर पर जाकर निरीक्षण करने का काम कर रही है। आज के जैसे कार्यक्रमों का आयोजन कर मैं खुद आपके बीच आकर आपको योजनाओं से आच्छादित करने का काम कर रहा हूं। फलदार पौधे लगाने के लिए ग्रामीणों को मिलेगा वृक्षों का पट्टा : मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत हर ग्रामीण को फलदार वृक्ष लगाने के लिए प्रोत्साहित करने का काम किया जा रहा है। जिस तरह जंगल का पट्टा, जमीन का पट्टा आवंटित किया जाता था, उसी प्रकार अब वृक्षों का भी पट्टा लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा। अब सरकारी जमीन पर भी ग्रामीण किसान फल का पेड़ लगा सकेंगे और इस फल के पेड़ का मालिकाना हक भी उनके पास ही रहेगा। कम बारिश से सुखाड़ की आशंका, हालात से निपटने की हो रही तैयारी : मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है। ऐसे में सुखाड़ की आशंका बढ़ती जा रही है । यह हम सभी के लिए चिंता की बात है, लेकिन इससे निपटने के लिए भी सरकार तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब ने साथ मिलकर ढ़ाई साल में कई समस्याओं को समाधान करने काम किया है। इस समस्या के निदान के लिए हम सब साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहे हैं। किसानों को खेती के लिए सही सलाह मिल सके, इसलिए कृषि पदाधिकारी की नियुक्ति की गई है। इस सुखाड़ जैसी परिस्थितियों में किसान क्या करें क्या नहीं उसके लिए किसान इन पदाधिकारियों की सलाह पर खेती कर सकते है। उन्होंने कहा कि हम आदिवासी मूल निवासी के मदद से राज्य के उत्थान के लिए हर संभव कार्य कर रहे हैं। लोगों की सामाजिक सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता : मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आपके द्वार कार्यक्रम से सुदूरवर्ती क्षेत्रों में योजनाओं को पहुंचाने का काम किया जा रहा है। अब पदाधिकारी गांव-गांव जाकर आपके लिए कार्य कर रहे हैं। नौजवानों को जेपीएससी में रिकॉर्ड समय में नियुक्ति पत्र मिल रहा है। वृद्धा, असहाय, विधवा को पेंशन से आच्छादित किया जा रहा। सरकार आम लोगों के सामाजिक सुरक्षा के लिए काम कर रही है। लाखों सरकारी कर्मचारियों के पुरानी पेंशन की मांग को पूरा करने का काम किया गया है। इन योजनाओं का हुआ उद्घाटन-शिलान्यास : मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम में उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के 42,893 किसान क्रेडिट कार्ड धारकों के बीच लगभग 19081.74 लाख रुपये केसीसी लोन के रूप में वितरित किया। वहीं कुल 58,97,01,161 रुपये राशि के कुल 75 योजनाओं का उद्घाटन एवं 1,46,74,74,444 रुपये राशि के कुल 77 योजनाओं का शिलान्यास किया गया। इनकी रही उपस्थिति : मंत्री श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग श्री सत्यानंद भोक्ता, मंत्री कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग श्री बादल, विधायक श्री सरफराज अहमद, विधायक सुश्री अम्बा प्रसाद, विधायक श्री अमित कुमार यादव, विधायक श्री उमाशंकर अकेला, मुख्यमंत्री के सचिव श्री विनय कुमार चौबे, हजारीबाग उपायुक्त श्रीमती नैन्सी सहाय,उत्तरी छोटानागपुर प्रमण्डल एवं प्रमंडल के जिलों के पदाधिकारी, बड़ी संख्या में के.सी.सी. लाभुक एवं आम जनता उपस्थित रहे।

Published / 2022-07-27 17:26:22
₹1.64 लाख करोड़ के पैकेज से 30,000 गांवों में होगी बीएसएनएल की मोबाइल कनेक्टिविटी: अश्विनी वैष्णव

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल को घाटे से बाहर निकालने के लिए सरकार ने 1.64 लाख करोड़ रुपये का पैकेज जारी करने का फैसला लिया है। आज पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस पर मुहर लगी है। इसके तहत दो फैसले लिए गए हैं। पहला यह कि बीएसएनएल को उबारने के लिए पैकेज जारी किया जायेगा। इसके अलावा उन 29,616 गांवों में मोबाइल कनेक्टिविटी के लिए काम होगा, जहां अबतक यह सुविधा नहीं पहुंची है। इसके लिए 26,316 करोड़ रुपये का सैचुरेशन पैकेज भी तय किया गया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने बीते साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर यह वादा किया था। केंद्रीय आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कैबिनेट बैठक में बीएसएनएल और बीबीएनएल के विलय को भी मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि इससे दोनों कंपनियों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और कामकाज के लिए तालमेल भी बेहतर हो सकेगा। आईटी मिनिस्टर ने बताया कि देश भर में मोबाइल कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए 19,722 टावर लगाए जाएंगे। ऐसे सभी गांवों में 4जी कवरेज दी जाएगी, जहां अभी मोबाइल कनेक्टिविटी का अभाव है। उन्होंने कहा कि सरकार देश के हर हिस्से तक मोबाइल कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। माना जा रहा है कि सरकार ने टेलीकॉम इंडस्ट्री मं, एक बार फिर से बीएसएनएल को स्थापित करने के लिए यह कदम उठाया है। बीते कुछ सालों में रिलायंस जियो और वोडा आइडिया की ओर से कम दाम में 4जी सर्विस उपलब्ध कराने के चलते बीएसएनएल का मार्केट शेयर कमजोर हुआ है। सरकार की ओर से बीएसएनएल पर 30,000 करोड़ रुपये के कर्ज को कम ब्याज वाले बॉन्ड्स के जरिए अदा करने का भी फैसला लिया है। बीएसएनएल के लगातार बढ़ते घाटे को लेकर सरकार चिंतित रही और उसे उबारने के लिए यह अब तक का सबसे बड़ा प्रयास है।

Published / 2022-07-27 16:53:00
53 साल बाद बैंकों का राष्ट्रीयकरण, एकीकरण और निजीकरण...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। 1969 में कुछ निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया था। अब इन्हें पलटने का काम 53 साल बाद हो रहा है। शुरुआत में आईडीबीआई बैंक लिमिटेड के अलावा 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से केवल दो का निजीकरण होगा। आईडीबीआई बैंक पहले ही निजीकरण की प्रक्रिया से गुजर रहा है। 19 जुलाई, 1969 की मध्य रात्रि को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के राष्ट्र को संबोधन के कुछ घंटों के बाद 14 बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर दिया गया। इन बैंकों में हरेक की जमाएं कम से कम 50 करोड़ रुपये थीं। दूसरे चरण में छह बैंकों का राष्ट्रीयकरण 1980 में किया गया। इन बैंकों में से प्रत्येक की जमाएं 200 करोड़ रुपये से अधिक थीं। उसके बाद बैंकिंग उद्योग में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। जून 1969 में 73 वाणिज्यिक बैंक थे। अब 78 हैं, जिनमें लघु वित्त बैंक, भुगतान बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और स्थानीय क्षेत्र बैंक शामिल नहीं हैं। जून 1969 से दिसंबर 2021 के बीच बैंक शाखाओं की संख्या 8,262 से बढ़कर 2,11,332 पर पहुंच गई है। जून 1969 में बैंकों का जमा पोर्टफोलियो 4,646 करोड़ रुपये और कुल ऋण 3,599 करोड़ रुपये था। 1 जुलाई, 2022 तक जमा पोर्टफोलियो बढ़कर 169.6 लाख करोड़ रुपये और कुल ऋण 123.8 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गए हैं। सरकार ने निजीकरण की योजना से पहले विलय की मुहिम चलाई ताकि बैंकों को बड़ा और मजबूत बनाया जा सके। इससे पीएसबी की संख्या घटकर 12 रह गई है, जो 2017 में 27 थी। उनमें से सात काफी बड़े हैं और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) परिसंपत्तियों के लिहाज से दुनिया भर में शीर्ष 50 बैंकों में शामिल है। पहली बार फरवरी 2021 के केंद्रीय बजट में दो पीएसबी के निजीकरण का जिक्र किया गया। उससे पहले सरकार ने आईडीबीआई बैंक के निजीकरण की प्रतिबद्धता जताई थी। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने जनवरी 2019 में आईडीबीआई बैंक में 51 फीसदी हिस्सेदारी ली। उसके बाद एलआईसी की हिस्सेदारी घटकर 49.24 फीसदी पर आ गई क्योंकि बैंक ने दिसंबर 2020 में पात्र संस्थागत निवेशकों से 1,435 करोड़ रुपये जुटाकर अपनी इक्विटी बढ़ाई है। इस बैंक में सरकार की हिस्सेदारी 45.48 फीसदी है। आईडीबीआई बैंक एक निजी बैंक है, जिसका परिचालन कंपनी अधिनियम, 2013 के मुताबिक होता है। फिर भी यह केंद्रीय सतर्कता आयोग की जकड़न से मुक्त नहीं है, यह सूचना के अधिकार के दायरे में भी आता है और इसे राजभाषा नियमों का भी पालन करना होता है। ये सभी पीएसबी की विशेषताएं हैं।एलआईसी ने जरूरत पड़ने पर पांच साल के लिए पूंजी झोंकने और 12 साल में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 40 फीसदी पर लाने की प्रतिबद्धता जताई है। हालांकि भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) के आदेश के मुताबिक एलआईसी जल्द ही बैंक में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 15 फीसदी पर लाएगी और बैंक का प्रबंधन छोड़ देगी। आईडीबीआई बैंक की एक टीम ने जून में अमेरिका में रोडशो किया था। इस बैंक की बैलेंस शीट 3 लाख करोड़ रुपये है, जिसने पिछले दो साल में मुनाफा कमाया है, इसके शुद्ध फंसे कर्ज परिसंपत्तियों के 1.27 फीसदी हैं और प्रावधान कवरेज अनुपात 97.6 फीसदी है। लेकिन यह मुहिम आगे नहीं बढ़ पाई है क्योंकि निवेश एवं सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग ने अभी तक निवेशकों से तथाकथित पत्र आमंत्रित नहीं किए हैं। परंपरागत रूप से सरकार पीएसयू में अपनी हिस्सेदारी धन कमाने के लिए बेच रही है, लेकिन बैंकों के निजीकरण के पीछे तर्क सार्वजनिक धन को उनका वजूद बचाए रखने में उपयोग करने पर रोक लगाना है। सरकार 1994 से इन बैंकों में करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये पूंजी के रूप में झोंक चुकी है। प्रधानमंत्री ने कहा है कि सरकार का काम गरीबों का खयाल रखना, खाद्य, शौचालय, मकान और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना है, लेकिन इसका काम कारोबार करना नहीं है। निजीकरण का रास्ता साफ करने के लिए बैंक राष्ट्रीयकरण अधिनियम में संशोधन करना जरूरी है। क्या सरकार अपनी हिस्सेदारी 51 फीसदी से थोड़ा नीचे लाकर रुक जाएगी या इसमें और कटौती करेगी? यह निजीकरण की सफलता के लिए बहुत अहम है। अगर सरकार निवेशकों में पीएसबी को लेकर उत्साह का संचार करना चाहती है तो उसे कुछ और बदलाव लाने की जरूरत है। राष्ट्रीयकरण अधिनियम सरकार को व्यापक नियंत्रक शक्तियां देता है, जो अन्य किसी प्रमुख शेयर धारक को उपलब्ध नहीं हैं। मसलन, सरकार 10 फीसदी से अधिक वोटिंग का इस्तेमाल कर सकती है, लेकिन यह विशेषाधिकार अन्य किसी शेयरधारक को नहीं है। इसकी पूंजी बढ़ाने और घटाने में निर्णायक भूमिका है। यह जनहित में राष्ट्रीयकृत बैंकों को निर्देश (धारा 8) दे सकती है। वैसे यह काम आरबीआई के साथ विचार-विमर्श के बाद होना चाहिए। लेकिन आम तौर पर यह काम वित्त मंत्रालय की एक शाखा बैंकिंग विनियामक को जानकारी दिए बिना ही करती है। उसके पास पूर्णकालिक निदेशकों (एमडी सहित), गैर-कार्यकारी चेयरमैन और निदेशक मंडल के अन्य सदस्यों की नियुक्ति का अधिकार है। वह बोर्ड को बदल सकती है (धारा 18ए) और नियमों बनाने को मंजूरी दे सकती है (धारा 19)। सरकार के पास किसी बैंक के परिसमापन की शक्ति है। दो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय के लिए सरकार की मंजूरी आवश्यक है। कुल मिलाकर सरकार के पास किसी भी बोर्ड द्वारा चलाई जा रही कंपनी में बहुलांश हिस्सेदार से अधिक शक्तियां हैं। पीएसबी के लिए सरकार स्वामित्व और नियामकीय शक्तियों, दोनों के लिहाज से सुपरबोर्ड है। केवल सरकार की हिस्सेदारी को घटाकर 51 फीसदी से नीचे लाने से पीएसबी के लिवाल नहीं मिलेंगे। अगर सरकार शक्तियां छोड़ने को तैयार है तो उसे अपनी हिस्सेदारी कम से कम 26 फीसदी पर लानी चाहिए। कोई भी गंभीर निवेशक किसी पीएसबी पर तभी विचार करना चाहेगा जब उसे ज्यादा मताधिकार समेत बैंक के मामलों में शामिल किया जाए। वह पैसा लगाकर सरकार का हस्तक्षेप/दखल/ नियंत्रण नहीं चाहेगा।आखिर में सीईओ और ईडी की अवधि लंबी- 60 साल से अधिक होनी चाहिए। इस समय निजी बैंकों में सीईओ की उम्र सीमा 70 साल है। वेतन-भत्ते बाजार आधारित होने चाहिए। वर्ष 2014 में जेपी नायक समिति ने ये सिफारिशें की थीं, जो भारत में बैंकों के बोर्डों के प्रशासन की समीक्षा के लिए गठित की गई थी। आठ साल बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है। सरकार बैंक राष्ट्रीयकरण की 53वीं वर्षगांठ मना रही है। ऐसे में अगर वह कुछ पीएसबी के निजीकरण को लेकर गंभीर है तो उसे आत्ममंथन करना चाहिए।

Published / 2022-07-27 12:52:38
लोहरदगा दौरे पर सीएम हेमंत : लाभुकों के बीच बांटी परिसंपत्तियां

टीम एबीएन, लोहरदगा/ रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लोहरदगा पहुंच गये हैं। हेलीकॉप्टर से लोहरदगा के बीएस कॉलेज स्टेडियम में मुख्यमंत्री के पहुंचने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री बीएस कॉलेज स्टेडियम परिसर में ही बनाए गए मुख्य कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे। यहां से सीएम हेमंत सोरेन ने ग्राम योजना के लाभुकों के साथ संवाद किया। इसके साथ ही उन्होंने लाभुकों के बीच योजना का सुकृति प्रमाण पत्र और पौधा भी वितरित किया। कार्यक्रम में लोहरदगा, गुमला, खूंटी, रांची और लातेहार जिले के लाभुक शामिल हो रहे। कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की ओर से विगत कई दिनों से तैयारियां की जा रही थी। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल में पहुंचने के साथ लोगों का उत्साह देखने को मिला।

Published / 2022-07-27 12:52:12
झारखंड में सूखा : मंथन के बाद एक्शन प्लान बनायेंगे कृषि वैज्ञानिक

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में सूखे के हालात हैं। इससे निपटने के उपायों पर विचार-विमर्श के लिए राज्य सरकार ने मंगलवार को राज्य के प्रमुख कृषि वैज्ञानिकों के साथ आपात बैठक कर उनसे सुझाव मांगे। तय हुआ कि कृषि वैज्ञानिक राज्य के 24 जिलों में अब तक हुई बारिश की स्थिति को देखते हुए एक समेकित रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसके आधार पर आगे का एक्शन प्लान तय किया जायेगा। 21 जिलों में स्पेशल केयर की जरूरत : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर आयोजित हुई इस बैठक की अध्यक्षता कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने की। बैठक में कृषि विभाग की ओर से पेश की गयी रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्य में अब तक औसत से 51 फीसद कम बारिश हुई है और राज्य के 24 में से 21 जिलों में स्पेशल केयर करने की जरूरत है। धान की बुआई में सबसे ज्यादा शॉर्ट फॉल दिखाई दे रहा है। 2021 में अब तक 36.74 क्षेत्र में धान की बुआई हो गयी थी, जबकि इस वर्ष मात्र 14.11 प्रतिशत क्षेत्र ही कवर किया जा सका है। बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी कृषि वैज्ञानिक केंद्र और आईसीएआर के कृषि वैज्ञानिकों ने झारखंड के इको सिस्टम के मुताबिक कम वक्त में पैदावार देने वाली फसलों की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने की जरूरत बतायी। इसके अलावा डीएसआर मेथड पर काम करने और बीजों 75 फीसदी सब्सिडी देने, कृषि की पैदावार बढ़ाने के लिए सरफेस वाटर हार्वेस्टिंग पर नीति लागू करने और मिट्टी की नमी को बचाने के उपाय पर काम करने से सुझाव मिले। कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि उन्होंने पिछले दिनों पलामू प्रमंडल का दौरा किया था। गढ़वा में मात्र 1.5 प्रतिशत, पलामू में 0.25 रोपाई और लातेहार में तीन प्रतिशत रोपाई हुई है। पूरे राज्य से ऐसी ही रिपोर्ट है। कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के अनुरूप दस्तावेज तैयार कर किसानों को जागरूक करने का अभियान चलाया जायेगा। राज्य में मल्टीक्राप को बढ़ावा देने के लिए चावल और गेहूं के साथ दाल और दलहन व अन्य खेती पर भी फोकस किया जायेगा। बताया गया कि झारखंड राज्य फसल राहत योजना के तहत राज्य के 20,000 कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए किसानों की मदद की जा रही है। बैठक में कृषि सचिव अबु बकर सिद्दिकी और कृषि निदेशक निशा उरांव एवं विभाग अन्य अफसर भी मौजूद रहे।

Published / 2022-07-26 18:25:22
युवाओं का "सारथी" बनेगी राज्य सरकार : हेमंत सोरेन

टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य के युवा वर्ग जो किसी भी प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं राज्य सरकार उनका सारथी बनेगी। राज्य में जल्द ही "मुख्यमंत्री सारथी योजना" की शुरुआत की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य राज्य के सभी वर्ग समुदाय के वैसे अभ्यर्थी जो यूपीएससी, जेपीएससी सहित अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग इत्यादि के खर्च का वहन नहीं कर पा रहे हैं उन्हें राज्य सरकार अपने खर्चे से प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कराएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में झारखंड पहला ऐसा राज्य है जहां उच्चतर शिक्षा हेतु विदेशों में शिक्षा ग्रहण करने वाले बच्चों के लिए छात्रवृत्ति उपलब्ध करा रही है। आने वाले समय में हमारे बच्चे अधिक संख्या में उच्चतर शिक्षा ग्रहण करने हेतु विदेशों में पढ़ने जाएं इस दायरे को राज्य सरकार बढ़ाएगी। हमारी सरकार राज्य में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। राज्य में सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के बराबर लाने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपीएससी परीक्षा 2021 में राज्य के 26 अभ्यर्थियों ने एक साथ सफलता पायी है। यूपीएससी का परिणाम स्पष्ट करता है कि झारखंड के बच्चे तमाम चुनौतियों तथा सीमित संसाधनों के साथ आगे बढ़ने का हौसला रखते हैं। उक्त बातें मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय के सभागार में संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित CIVIL SERVICES EXAM-2021 में सफल हुए झारखंड राज्य के अभ्यर्थियों का अभिनंदन समारोह में अपने संबोधन में कहीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने झारखंड के सभी 26 अभ्यर्थी जिन्होंने यूपीएससी परीक्षा-2021 में सफलता पायी है उन्हें सम्मानित किया तथा बधाई एवं उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। मौके पर मुख्यमंत्री ने सभागार में उपस्थित यूपीएससी परीक्षा में सफल हुए अभ्यर्थियों के परिजनों को भी सम्मानित किया एवं बधाई दीं। सभी ने झारखंड का मान बढ़ाया : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि जैसे ही यह खबर मिली कि यूपीएससी परीक्षा 2021 में राज्य के 26 होनहार अभ्यर्थियों ने एक साथ सफलता पायी है, आपकी सफलता की चर्चा चारों ओर गूंजने लगी। राज्य के प्रत्येक लोगों के जुबान पर आप सभी की चर्चा थी। आप सभी की सफलता की खुशियां आपके परिजन तो मना ही रहे थे आपकी सफलता की खुशियां हम सभी लोग भी इसी प्रोजेक्ट भवन में अपने-अपने ढंग से एक दूसरे से बांट रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के होनहार देश के कोने-कोने में अपनी सेवा दे रहे। प्रधानमंत्री कार्यालय से लेकर केंद्रीय कैबिनेट के विभिन्न विभागों सहित कई बड़ी-बड़ी संस्थाओं में झारखंड के वरिष्ठ पदाधिकारी कार्यरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के नेतरहाट आवासीय विद्यालय ने देश को बड़ी संख्या में आईएएस, आईपीएस सहित अन्य बड़े पदों पर अधिकारी दिए हैं। आज इस सभागार में उपस्थित कई सफल अभ्यर्थी जो तकनीकी शिक्षा, इंजीनियरिंग, डॉक्टर समाजशास्त्र इत्यादि को चुनने के बाद भी सिविल सर्विस सेवा में नियुक्त हुए हैं। निश्चित रूप से आप जब अपने कर्म क्षेत्र में जाएंगे तब हो सकता है कि स्थितियां चुनौतीपूर्ण रहें, लेकिन आप विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारी का निष्ठा पूर्वक निर्वहन करेंगे ऐसा मुझे विश्वास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड वीरों की धरती रही है। यहां के लोगों ने हमेशा अपने कार्यों के बदौलत अपनी अलग पहचान बनाई है। झारखंड वो राज्य है जब देश की आजादी की लड़ाई लड़ी गई उससे पहले ही हमारे पूर्वजों ने जल, जंगल, जमीन और संस्कृति को संरक्षित करने की लड़ाई लड़ रहे थे। सिर्फ खनिज संपदा ही नहीं बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी जाना जायेगा झारखंड : मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में ही राज्य में टूरिज्म पॉलिसी की शुरुआत हुई है। हमारी सरकार चाहती है कि झारखंड को सिर्फ खनिज संपदाओं के रूप में ही नहीं बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य के रूप में भी जाना जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में हमेशा से पर्यटकों का आना-जाना लगा रहा है। राज्य में विधि व्यवस्था मजबूत और सुदृढ़ बनी रहे इस निमित्त हमारी सरकार ने प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब नक्सली प्रभावित जिलों के बच्चे भी आईएएस, आईपीएस सहित कई सेवाओं में सफल हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी होनहार देश के कोने-कोने में रहकर समाज सेवा करें यह खुशी की बात है। देश को प्रगति की ओर दिशा देने में आपकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। आप सभी लोग झारखंड के सर्वांगीण विकास में भी अपनी महती भूमिका निभाएंगे ऐसा मुझे विश्वास है। झारखंड के प्रति आप अपना सुझाव सरकार को दें, सरकार आपके सुझावों का स्वागत करेगी। मौके पर राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग केके खंडेलवाल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, निदेशक उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सूरज कुमार, यूपीएससी परीक्षा 2021 के सफल अभ्यर्थी श्रुति राजलक्ष्मी, उत्सव आनंद, रवि कुमार, नम्रता चौबे, आयुष वेंकट वत्स, अक्षत आयुष, विकास महतो, अन्ना सिन्हा, चिरंजीवी आनंद, सर्वप्रिया सिन्हा, दिव्यांश शुक्ला, मनीष कुमार, डॉ आकाश सिन्हा, सुमित कुमार ठाकुर, दक्ष जैन, नाजिश उमर अंसारी, सौरभ पांडेय, अमित आनंद, राज विक्रम, कुमार किसलय, मुकेश कुमार गुप्ता, वेदांत शंकर, आशीष, रितेश, अंकित बड़ाईक, राकेश रंजन उरांव सहित सभी अभ्यर्थियों के परिजन उपस्थित थे।

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