एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। झारखंड की जिम्नास्टिक्स टीम ने राष्ट्रीय आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए आॅल-राउंड श्रेणी में पूरे देश में 7वां स्थान प्राप्त कर राज्य का नाम गौरवान्वित किया है। खिलाड़ियों ने कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच अपने कौशल, संतुलन एवं अनुशासन का बेहतरीन प्रदर्शन किया। इस उपलब्धि में झारखंड के प्रतिभाशाली जिम्नास्ट दिबास, तुलिन एवं शुभ्रज्योति का विशेष योगदान रहा। तीनों खिलाड़ियों ने अपने-अपने इवेंट्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं एवं दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
विशेष रूप से दिबास ने आॅल-अराउंड और पोमेल हॉर्स श्रेणी के लिए क्वालीफाई कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की, जो उनकी बहुमुखी प्रतिभा एवं निरंतर परिश्रम का प्रमाण है। वहीं तुलिन ने पैरालल बार तथा शुभ्रज्योति ने रिंग इवेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपरेटस चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई किया, जिससे राज्य के लिए पदक की उम्मीदें और प्रबल हो गयी हैं।
टीम की इस सफलता में कोचों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कोच जितेंद्र सिंह एवं तुलिका के मार्गदर्शन में खिलाड़ियों ने उच्च स्तर का प्रदर्शन किया। उनकी रणनीति, प्रशिक्षण एवं निरंतर प्रेरणा ने टीम को इस मुकाम तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया। झारखंड जिम्नास्टिक्स संघ एवं खेल प्रेमियों ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए सभी खिलाड़ियों एवं कोचों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
झारखंड के इस उत्कृष्ट प्रदर्शन पर झारखंड ओलंपिक संघ के अध्यक्ष आरके आनंद, कार्यकारी अध्यक्ष शेखर बोस, महासचिव मधुकांत पाठक, शिवेन्द्र दूबे तथा झारखंड जिम्नास्टिक्स संघ के संरक्षक डॉ अजीत कुमार सिन्हा, अध्यक्ष रंजन कुमार, कार्यकारी अध्यक्ष निशिकांत पाठक, महासचिव तुलिका श्रीवास्तव, पुष्पा हेस्सा, कोषाध्यक्ष डॉ दीपक कुमार साहु, हनी सिन्हा, सुहिरता रॉय, गोविन्द झा, रविन्द्र कुमार, पारुल सिंह, विकास गोप, दीप कुमारी मांझी, हेमा कुमारी, राजीव रंजन एवं रंजना रंजन ने टीम की सराहना करते हुए बधाई दी है। यह उत्कृष्ट प्रदर्शन आने वाले समय में राज्य में जिम्नास्टिक्स के विकास हेतु प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क । उसने अपने पहले ऐतिहासिक शतक 11 गगनचुंबी छक्के तथा 7 चौके के तूफानी बल्लेबाजी से 35 बॉल पर बनाया था; लेकिन कल के आईपीएल मैच में भले ही एक बॉल बढ़ गया हो लेकिन 1 छक्का बढाकर 36 बॉल पर 103 रन 12 छक्का और 5 चौका ठोक कर बना लिया_
उम्र तो पूछो मत 15 साल के दहलीज पर चेहरा मासूम और हरकत बच्चों जैसा लेकिन एक्शन.. अब क्या ही कहा जाए_
शतक बनाने के बाद मैदान में अपने हथेलियों से दिल बनाकर दिल से दर्शकों का आभार प्रकट किया और फिर सेल्यूट दाग कर क्रिकेट प्रेमियों के प्रति सम्मान प्रकट किया।
जिसके दिल में अदब, दिमाग में आग और कार्यवाही में भरोसा हो उसके फुर्ती को भला कौन रोक सकता है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, हुसैनाबाद, पलामू। अनुमण्डल मुख्यालय के कर्पूरी मैदान में आदर्श युवा जागृति मंच के तत्वावधान में स्वर्गीय धर्मदेव राम की स्मृति में नॉकआउट नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजन किया जा रहा। शनिवार देर संध्या इस टूर्नामेंट का आगाज भव्य उद्घाटन के साथ किया गया।
जिसका उदघाटन हुसैनाबाद अनुमंडल पदाधिकारी गौरांग महतो, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी सुनील कुमार वर्मा एवं पलामू लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी जितेंद्र पासवान, स्मृति स्वर्गिय धर्मदेव राम की धर्मपत्नी सह हुसैनाबाद नगर पंचायत की पूर्व अध्यक्ष उषा देवी सहित कई गणमान्य लोगों ने फीता काटकर उदघाटन किया।इस टूर्नामेंट की प्रथम मुकाबला बड़ा ही रोचक व शानदार रहा,क्रिकेट प्रेमी व दर्शक देर रात्रि तक मैच का आनंद लिया व खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
प्रथम मुखबल जपला किंग,बनाम अलिनगर के बीच खेला गया जिस मुकाबले में जपला किंग्स ने अलीनगर को 6 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। इस मैच में जपला टीम के संदीप कुमार को मैन ऑफ द मैच चुना गया। वहीं दूसरे मुकाबले में गम्हरिया ने देवरी को 58 रनों से पराजित किया, जिसमें गम्हरिया के बल्लेबाज रोहित कुमार को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला।
मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी गौरांग महतो ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों से युवाओं की प्रतिभा निखरती है। वहीं पलामू के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी जितेंद्र पासवान ने कहा कि यह टूर्नामेंट मेरे पिता जी के स्मृति में कराया जा रहा हैं जो कि हमारे शहर के युवा साथियों ने जोरदार तरीके से मेहनत किया है।
उन्होंने आगे कहा खेलकूद युवाओं को सही दिशा देने का सबसे सशक्त माध्यम है। इससे युवा सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ते हैं और समाज में बेहतर योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के युवाओं में अपार प्रतिभा है, जिसे इस तरह के मंच के माध्यम से नई पहचान मिलती है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। आईपीएल 2026 में अब तक मैदान से दूर रहे महेंद्र सिंह धोनी की जल्द ही मैदान पर वापसी हो सकती है। गुरुवार को वह चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) की टीम के साथ हैदराबाद के लिए रवाना होते नजर आये, जहां टीम शनिवार को सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के खिलाफ अहम मुकाबला खेलेगी।
धोनी को चेन्नई में टीम बस में चढ़ते हुए देखा गया। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद फैंस का अभिवादन भी किया, जिससे सोशल मीडिया पर उनकी संभावित वापसी को लेकर उत्साह बढ़ गया है। सीएसके ने इस पल का वीडियो भी साझा किया है।
धोनी आईपीएल 2026 की शुरुआत में ग्रोइन इंजरी के कारण पहले दो हफ्तों तक बाहर रहे थे। इससे पहले वह गुवाहाटी और बेंगलुरु के मैचों के लिए टीम के साथ यात्रा पर भी नहीं गये थे। लेकिन इस बार उनका टीम के साथ जाना उनके खेलने की संभावना को मजबूत करता है।
ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी में सीएसके ने शुरुआती खराब प्रदर्शन के बाद शानदार वापसी की है। टीम ने पिछले दो मैच जीतकर अंक तालिका में चार अंक हासिल किए हैं और अब आठवें स्थान पर पहुंच गई है। टीम की सफलता में डेवाल्ड ब्रेविस की आक्रामक बल्लेबाजी और नूर अहमद की शानदार गेंदबाजी का बड़ा योगदान रहा है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग की दशम कक्षा की छात्रा पलक कुमारी ने राज्य स्तर पर आयोजित बॉक्सिंग प्रतिस्पर्धा में अंडर 17 कैटेगरी में स्वर्ण पदक प्राप्त करके विद्यालय का नाम रोशन किया। उक्त प्रतिस्पर्धा में झारखंड राज्य के विभिन्न जिलों से लगभग 600 खिलाड़ियों ने भाग लिया था।
प्राचार्य डॉ तापस घोष ने विजयी प्रतिभागी पलक कुमारी को बधाई तथा शुभकामना देते हुए कहा कि उन्होंने राज्य स्तर पर चैंपियन बनकर सराहनीय कार्य किया है। ज्ञात रहे कि पलक पिछले 3 वर्षों से डी ए वी नेशनल स्पोर्ट्स में राष्ट्र स्तर पर 1 स्वर्ण पदक सहित कल 3 पदक जीत चुकी है।
उन्होंने उम्मीद जतायी कि वे भविष्य में भी बॉक्सिंग के क्षेत्र में अनेक महत्त्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करके अपने अभिभावकों तथा विद्यालय का नाम रोशन करेंगी।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। महिला टी-20 विश्व कप 2026 के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने रिकॉर्ड इनामी राशि की घोषणा की है। टूर्नामेंट की शुरुआत में अब कुल दो महीने यानी 60 दिन का समय शेष है। इससे पहले खेल की वैश्विक संस्था ने आगामी टूर्नामेंट के लिए इनामी राशि का एलान किया है।
इस बार कुल इनामी राशि 8,764,615 डॉलर (82 करोड़ रुपये) रखी गयी है, जो 2024 के मुकाबले लगभग 10 प्रतिशत ज्यादा है। 2024 में यह राशि 7,958,077 डॉलर (लगभग 74 करोड़ रुपये) थी। खास बात यह है कि इस बार टूर्नामेंट में पहली बार 12 टीमें हिस्सा लेंगी, जबकि पहले 10 टीमें खेलती थीं।
आईसीसी के सीईओ संजोग गुप्ता ने कहा कि महिला क्रिकेट तेजी से आगे बढ़ रहा है और इस तरह की बढ़ती इनामी राशि इस खेल को और मजबूत बनायेगी। उन्होंने यह भी बताया कि टूर्नामेंट का विस्तार और बढ़ता निवेश महिला क्रिकेट को वैश्विक स्तर पर नयी पहचान दे रहा है।
टूर्नामेंट से पहले ट्रॉफी टूर भी शुरू हो गया है। इसकी शुरुआत लंदन में स्थित ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड से हुई। इसके बाद ट्रॉफी नीदरलैंड्स, आयरलैंड और स्कॉटलैंड जैसे देशों का दौरा करेगी और फिर इंग्लैंड के विभिन्न शहरों में जायेगी।
महिला टी-20 विश्व कप 2026 की शुरुआत 12 जून से होगी। पहला मैच मेजबान इंग्लैंड और श्रीलंका की महिला टीमों के बीच बर्मिंघम के एजबेस्टन क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जायेगा। यह टूर्नामेंट न सिर्फ खेल के स्तर पर बल्कि दर्शकों और मीडिया के लिहाज से भी नये रिकॉर्ड बना सकता है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। डेब्यू सीरीज़ में मैन ऑफ़ द सीरीज़! फिर आँखों का ऑपरेशन हुआ, और वो गेंद देखना ही भूल गया! विजय भारद्वाज: वो चश्मे वाला ऑलराउंडर जिसका करियर डॉक्टर की टेबल पर खत्म हुआ! क्रिकेट में खराब फॉर्म से वापसी हो सकती है, चोट से भी वापसी हो सकती है। लेकिन अगर एक क्रिकेटर अपनी आँखें ही खो दे, तो क्या होगा? कर्नाटक के विजय भारद्वाज (विजय भारद्वाज) के साथ यही हुआ।
1999 में केन्या (LG Cup) में एक नया लड़का आया। आँखों पर चश्मा (Spectacles), शांत स्वभाव। उस सीरीज़ में साउथ अफ्रीका जैसी मजबूत टीम थी। विजय भारद्वाज ने कमाल कर दिया।
यहीं से कहानी ने भयानक मोड़ लिया। विजय को चश्मा लगाकर खेलने में थोड़ी दिक्कत होती थी। किसी ने सलाह दी- लेजर सर्जरी (लासिक) करवा लो, चश्मा हट जाएगा। उन्होंने सर्जरी करवाई। लेकिन सर्जरी फेल हो गई। उनकी आंखों का फोकस बिगड़ गया। जब वह मैदान पर गए, तो उन्हें गेंद की लाइन और लेंथ समझ ही नहीं आ रही थी। वह गेंद को ट्रैक नहीं कर पा रहे थे। सोचिए, एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर जिसे गेंद ही ठीक से न दिखे!
इसके बाद उनकी फॉर्म खराब तरह गिरी। सिर्फ 3 टेस्ट और 10 वनडे के बाद उन्हें टीम से ड्रॉप कर दिया गया। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में वापसी की कोशिश की, लेकिन वो नजर कभी वापस नहीं आया। एक सुपरस्टार का करियर सिर्फ एक गलत मेडिकल सलाह ने खत्म कर दिया। आज वह कोच और कमेंटेटर हैं, लेकिन उनकी कहानी भारतीय क्रिकेट की सबसे बड़ी What If है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। रांची के मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, मोरहाबादी में 01 से 12 अप्रैल 2026 तक आयोजित 16वीं इंडिया राष्ट्रीय सब जूनियर महिला हॉकी चैंपियनशिप 2026 का उद्घाटन हुआ। इस प्रतियोगिता का आयोजन हॉकी इंडिया, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग, झारखंड सरकार तथा हॉकी झारखंड के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।
उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के सचिव मुकेश कुमार रहे। उनके साथ निदेशक खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग आसिफ इकराम, हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह, अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी सुभद्रा प्रधान सहित अन्य अतिथि उपस्थित थे। सभी अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया, गुब्बारे उड़ाकर तथा हॉकी इंडिया और हॉकी झारखंड के झंडों का झंडोतोलन कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए खेल सचिव मुकेश कुमार ने कहा कि झारखंड हॉकी की धरती रही है और इस मिट्टी ने सलीमा टेटे और निक्की प्रधान जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिये हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे इन खिलाड़ियों से प्रेरणा लें और उनसे भी बेहतर प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करें।
हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह ने स्वागत भाषण में कहा कि हॉकी इंडिया लगातार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने सभी टीमों से खेल भावना के साथ अच्छा प्रदर्शन करने और भारत की राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के लिए प्रयास करने की अपील की। इस दौरान खेल निदेशक आसिफ इकराम ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
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