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Published / 2026-06-06 17:46:29
अब इंटरनेशनल क्रिकेट में भी दिखेगा बॉस बेबी का विस्फोट

  • 15 साल के सूर्यवंशी की भारतीय T20 टीम में एंट्री

एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। आईपीएल 2026 में दुनिया भर के क्रिकेट फैंस का ध्यान अपनी ओर खींचने वाले 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने भारतीय क्रिकेट में एक और बड़ी छलांग लगा दी है। 

आईपीएल 2026 में अपने विस्फोटक प्रदर्शन से इतिहास रचने वाले इस युवा बल्लेबाज को पहली बार भारतीय टी20 टीम में जगह मिली है। उन्हें इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के साथ-साथ एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में भी शामिल किया गया है।

श्रेयस भारतीय टी20 टीम के नए कप्तान

श्रेयस अय्यर की अगुआई वाली टीम में चयन के साथ ही वैभव ने यह साबित कर दिया है कि वह सिर्फ भविष्य के सितारे नहीं, बल्कि वर्तमान में भी भारतीय क्रिकेट की सबसे रोमांचक प्रतिभाओं में से एक हैं। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी, निडर अंदाज और बड़े मंच पर दबाव झेलने की क्षमता के दम पर बॉस बेबी के नाम से मशहूर वैभव अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार हैं। 

आईपीएल में रिकॉर्डतोड़ पारियों से सुर्खियां बटोरने वाले इस किशोर बल्लेबाज से अब भारतीय टीम को भी बड़ी उम्मीदें होंगी, क्योंकि उनका सफर घरेलू क्रिकेट से निकलकर विश्व क्रिकेट के मंच तक पहुंच चुका है।

आईपीएल 2025 से कहानी की शुरुआत

सूर्यवंशी के वैभव की शुरुआत आईपीएल 2025 से हुई थी, जब कुछ मैचों में राजस्थान रॉयल्स ने 14 साल के वैभव को मौका दिया था। हालांकि, 2026 में वैभव ने अपनी बल्लेबाजी से आईपीएल में जान डाल दी। 

आईपीएल 2026 ने भारतीय क्रिकेट को एक नया हीरा दिया। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने इस सीजन अपनी धांसू बल्लेबाजी से ऐसे कीर्तिमान बनाए हैं, जो शायद ही कोई कभी भूल पाएगा। इस बाएं हाथ के बल्लेबाज को आने वाले समय का सुपरस्टार माना जा रहा है।

आईपीएल 2026 में वैभव ने बड़े से बड़े गेंदबाज को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। 2025 में अपनी अपार प्रतिभा की झलक दिखाने के बाद सूर्यवंशी ने 2026 में अपने खेल को ऐसे स्तर पर पहुंचा दिया, जैसा न केवल आईपीएल में बल्कि किसी किशोर खिलाड़ी से पहले कभी देखने को नहीं मिला था। महज 15 साल की उम्र में उन्होंने सिर्फ रिकॉर्ड नहीं तोड़े, बल्कि इस प्रारूप के लंबे समय से स्थापित मानकों को नए सिरे से परिभाषित किया।

Published / 2026-06-06 17:37:05
प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप में रांची विवि की सहायक प्राध्यापिका का चयन

  • प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप में रांची विश्वविद्यालय की सहायक प्राध्यापिका का चयन

एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। रांची विश्वविद्यालय की सहायक प्राध्यापिका एवं योगासन विशेषज्ञ डॉ. संतोषी का चयन प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप में  संपर्क विकास अधिकारी के रूप में किया गया है। इस महत्वपूर्ण दायित्व के तहत वे विभिन्न देशों से भाग लेने वाले पदाधिकारियों एवं खिलाड़ियों के साथ समन्वय स्थापित करेंगी तथा चैंपियनशिप के दौरान उनकी सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करेंगी।

डॉ. संतोषी इससे पूर्व राष्ट्रीय खेल, खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स सहित कई प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में निर्णायक (जज) की भूमिका निभा चुकी हैं। योगासन के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें योगासन भारत द्वारा  बेस्ट टेक्निकल ऑफिशियल अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।

प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप का ऑनलाइन उद्घाटन भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि योग अब केवल आश्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्व मंच तक पहुंच रहा है। योग के माध्यम से भारत वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान और मजबूत करेगा।

इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया तथा योगगुरु स्वामी रामदेव भी उपस्थित रहे। यह ऐतिहासिक चैंपियनशिप गुजरात के अहमदाबाद में 4-8 जून तक आयोजित की जा रही है, जिसमें विश्व के 78 देशोंके खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। 

प्रतियोगिता में पारंपरिक योगासन, आर्टिस्टिक योगासन, रिदमिक योगासन तथा आर्टिस्टिक ग्रुप योगासन जैसी विभिन्न विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इसमें 10 से 55 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभागी हिस्सा ले सकते हैं। भारत के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि पहली बार विश्व योगासन चैंपियनशिप का आयोजन देश में हो रहा है। प्रतियोगिता का आयोजन युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के सहयोग से किया जा रहा है।

योगासन भारत के अथक प्रयासों से इस ऐतिहासिक आयोजन को संभव बनाया जा सका है। भविष्य में योगासन को कॉमनवेल्थ खेलों और ओलंपिक खेलोंमें शामिल करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है और विश्व योगासन चैंपियनशिप का आयोजन भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाला कदम माना जा रहा है।

डॉ. संतोषी के चयन पर रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ सरोज शर्मा, रजिस्ट्रार डॉ. गुरु चरण साहू स्कूल ऑफ़ योग के निदेशक डॉ आशीष कुमार सिंह तथा कॉर्डिनेटर डॉ रेणु कुमारी, योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज तिवारी, मुख्य सलाहकार विपिन पांडे, सचिव चंदू शर्मा, कोषाध्यक्ष  प्रशांत कुमार सिंह तथा संस्था के सभी सदस्यों ने उन्हें शुभकामनाएं एवं बधाई दी है।

Published / 2026-06-05 22:19:20
टेस्ट मैचों का परिणाम निकलना बेहद जरूरी : गौतम गंभीर

  • IND vs AFG: मैचों का परिणाम निकलना जरूरी
  • टेस्ट क्रिकेट में गुलाबी गेंद के इस्तेमाल पर क्या बोले कोच गंभीर?

एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने टेस्ट क्रिकेट में खराब रोशनी की स्थिति के दौरान गुलाबी गेंद के इस्तेमाल की अनुमति देने के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस कदम से मैचों का परिणाम निकालने की संभावना बढ़ेगी और खेल का अधिकतम समय सुनिश्चित किया जा सकेगा।

आईसीसी के फैसले का गंभीर ने किया समर्थन

आईसीसी बोर्ड की हालिया बैठक में यह फैसला लिया गया कि दोनों टीमों की सहमति होने पर पारंपरिक दिन के टेस्ट मैचों में भी खराब रोशनी की स्थिति में गुलाबी गेंद का इस्तेमाल किया जा सकेगा। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत मैच की शुरुआत लाल गेंद से होगी, लेकिन यदि प्रकाश की समस्या आती है तो फ्लडलाइट्स के नीचे गुलाबी गेंद का उपयोग कर खेल जारी रखा जा सकेगा। 

अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच से पहले मीडिया से बातचीत में गंभीर ने कहा, मुझे यह फैसला पसंद है। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि अगर मैच का परिणाम निकालने का अवसर मौजूद है तो उसे हर हाल में हासिल करने की कोशिश की जानी चाहिए।

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप को लेकर भी अहम बताया फैसला

गंभीर ने इस नियम के महत्व को समझाते हुए कहा कि कई बार खराब रोशनी के कारण मैच का पर्याप्त खेल नहीं हो पाता, जिससे परिणाम प्रभावित होता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में पहुंचने के लिए निर्णायक मुकाबला खेल रही हो और खराब रोशनी के कारण मैच का नतीजा ही न निकल पाए, तो यह खेल के लिए दुर्भाग्यपूर्ण होगा।

उन्होंने कहा, कल्पना कीजिए कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल से पहले आप आखिरी टेस्ट खेल रहे हों और जीत के साथ फाइनल में जगह बनाने की संभावना हो, लेकिन खराब रोशनी के कारण मैच का परिणाम न निकल पाए। अगर दोनों टीमें सहमत हों और परिणाम निकालने का अवसर मिले, तो मैं इसके पूरी तरह पक्ष में हूं।

खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण होगा बदलाव

गंभीर ने माना कि एक ही मैच के दौरान लाल गेंद से गुलाबी गेंद में बदलाव खिलाड़ियों के लिए आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि गेंद के व्यवहार और दृश्यता में अंतर होने के कारण बल्लेबाजों और गेंदबाजों को नई परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना पड़ेगा। उन्होंने कहा, मैं जानता हूं कि खिलाड़ियों के लिए यह बदलाव कुछ कठिन और अनिश्चित हो सकता है, लेकिन जब दो वर्षों की मेहनत दांव पर लगी हो, तब परिस्थितियों के अनुरूप ढलना ही होगा। 

पूर्वी भारत के मैचों में मिल सकता है फायदा

गंभीर के समर्थन के पीछे व्यावहारिक कारण भी हैं। भारत को फरवरी-मार्च में घरेलू मैदान पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी खेलनी है। सीरीज का तीसरा टेस्ट गुवाहाटी और अंतिम टेस्ट रांची में प्रस्तावित है। देश के पूर्वी हिस्से में सूर्यास्त अपेक्षाकृत जल्दी होने के कारण अक्सर खेल के ओवर प्रभावित होने की आशंका रहती है।

1 अक्तूबर से लागू होगा नया नियम

आईसीसी द्वारा स्वीकृत यह नया नियम 1 अक्तूबर से प्रभावी होगा। क्रिकेट जगत का मानना है कि इससे खराब रोशनी के कारण खेल रुकने की समस्या कम होगी और टेस्ट मैचों में परिणाम निकलने की संभावना बढ़ेगी। 

गंभीर ने अंत में कहा, अगर खराब किस्मत के कारण पांच दिनों तक पर्याप्त खेल ही न हो पाए तो उससे बड़ी अनिश्चितता और क्या होगी? मुझे लगता है कि यह एक सकारात्मक कदम है और उम्मीद है कि टीमें भी इसे सकारात्मक दृष्टिकोण से अपनाएंगी।

Published / 2026-06-05 22:10:43
विश्व शतरंज चैंपियन डी गुकेश को प्रज्ञानंद ने हराया

  • प्रज्ञानंद ने विश्व शतरंज चैंपियन डी गुकेश को हराया
  • खिताब की दौड़ में स्थिति मजबूत की

एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानंद ने हमवतन डी गुकेश पर क्लासिकल बाजी में शानदार जीत हासिल करके नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट के खिताब की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। प्रज्ञानंद इस जीत के बाद शीर्ष पर काबिज अमेरिका के वेस्ली सो से सिर्फ आधा अंक पीछे रह गए हैं, जिससे यहां अंतिम दौर में रोमांचक मुकाबला होने की उम्मीद है।

दूसरे स्थान पर हैं प्रज्ञानंद

प्रज्ञानंद ने काले मोहरों से खेलने के बावजूद विश्व चैंपियन गुकेश को क्लासिकल बाजी में हराकर पूरे तीन अंक हासिल किए। इससे वह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बनने की दौड़ में शामिल हो गए हैं। नौवें दौर के बाद प्रज्ञानंद 15 अंकों के साथ अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो (15.5) से ठीक पीछे दूसरे स्थान पर हैं। 

फ्रांस के अलीरेजा फिरोजा भी 14.5 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहकर खिताब की दौड़ में बने हुए हैं। इस तरह से अंतिम दौर में तीन खिलाड़ियों के पास खिताब जीतने का मौका है। महत्वपूर्ण बात यह है कि जो भी खिलाड़ी खिताब जीतेगा, वह पहली बार नॉर्वे शतरंज चैंपियन बनेगा।

अब विंसेंट कीमर से होगा सामना

प्रज्ञानंद निर्णायक अंतिम दौर में जर्मनी के विंसेंट कीमर का सामना करेंगे जबकि वेस्ली सो का मुकाबला अलीरेजा से होगा। वेस्ली सो ने आर्मागेडन टाई-ब्रेक में मैग्नस कार्लसन को हराया। 

इस तरह से विश्व के नंबर एक खिलाड़ी का खराब प्रदर्शन जारी रहा। महिला वर्ग में मौजूदा विश्व ब्लिट्ज चैंपियन बिबिसारा असाउबायेवा ने एक राउंड शेष रहते हुए खिताब अपने नाम कर लिया, जबकि वह यूक्रेन की अन्ना मुजिचुक से आर्मागेडन टाई-ब्रेक में हार गई थी। 

उनके 16.5 अंक हो गए हैं। झू जिनेर ने काले मोहरों से खेलते हुए दिव्या देशमुख को हराया और तीन महत्वपूर्ण अंक हासिल किए। इससे वह दूसरे स्थान पर पहुंच गईं। कोनेरू हम्पी को महिला विश्व चैंपियन जू वेनजुन से आर्मागेडन टाई-ब्रेक में हार मिली।

Published / 2026-06-05 22:06:47
ये नियम FIFA वर्ल्ड कप को बना रहे खास

FIFA World Cup

  • ये पांच नियम बनाएंगे विश्व कप मुकाबलों को सुपरफास्ट
  • समय की बर्बादी रोकना है लक्ष्य

एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। फुटबॉल मैच को दूसरी टीम के पक्ष में झुकता देखकर समय बर्बाद करने का फंडा लगभग हर टीम की प्रमुख रणनीति होता है। हालांकि फीफा विश्व कप 2026 में समय बर्बाद करने से रोकने और खेल की गति बढ़ाने के लिए तय किए गए कुछ खास नियम लागू होंगे।

ये नियम इसी साल फरवरी में इंटरनेशनल फुटबाल एसोसिएशन बोर्ड (आईएफएबी) की 140वीं वार्षिक आम बैठक में तय हुए थे, जो इस फुटबाल महाकुंभ से स्वतः लागू हो जाएंगे। फुटबॉल नियम बनाने वाली आईएफएबी की तरफ से तय किए गए पांच नए नियमों के बारे में हम बता रहे हैं, जिनसे फीफा विश्व कप के मैच इस बार सुपरफास्ट नजर आएंगे।

थ्रो-इन या गोल-किक काउंटडाउन

  • खिलाड़ी को थ्रो-इन का मौका मिलने पर समय खराब किए बिना शॉट लेना होगा।
  • थ्रो-इन में जानबूझकर खेल में देरी पर मैच रेफरी सीटी बजाकर इसका इशारा करेगा।
  • पांच सेकेंड की उल्टी गिनती कर रेफरी थ्रो-इन रद्द करके दूसरी टीम को इसका मौका देगा।
  • गोल-किक में भी समय खराबी पर रेफरी 5 सेकंड गिनकर विपक्षी को कॉर्नर किक देगा।
  • चोट लगने पर उपचार की समय सीमा
  • चोट लगने पर खिलाड़ी के लिए फिजियो से ऑन- फील्ड उपचार लेने की भी समयसीमा तय हुई है। 
  • ऐसे खिलाड़ी को इलाज कराने के बाद कम से कम एक मिनट के लिए मैदान से बाहर रहना होगा।

स्थानापन्न का नियम

  • खिलाड़ी को बीच मैच में बदलने के लिए भी 10 सेकेंड की समय सीमा रहेगी।
  • रेफरी के बदलाव का संकेत देने के 10 सेकेंड के अंदर ही दोनों खिलाड़ियों को अंदर-बाहर आना-जाना होगा।
  • 10 सेकेंड में बदलाव नहीं होने पर टीम को 60 सेकेंड तक एक खिलाड़ी के बिना ही मैच में आगे खेलना होगा।

रेफरी के लिए बढ़ेगी वीएआर की मदद

मैच के दौरान वीडियो असिस्टेंट रेफरी (वीएआर) प्रोटोकॉल में भी तीन बदलाव किए गए हैं। बीएआर गलत तरीके से मिले दूसरे पीले कार्ड के कारण दिए रेड कार्ड की समीक्षा कर पाएगा।

छूटी हुई गेंद को लेकर नया नियम

ड्रॉप बॉल केस में खेल न रुकने की स्थिति में गेंद को अपने पास रखने वाली टीम को इसका कब्जा मिलेगा।

Published / 2026-06-04 22:08:03
15वीं बाइथल/ट्रायथल नेशनल चैंपियनशिप 2026 में जेएसएसपीएस के खिलाड़ियों ने दिखाया दम

जेएसएसपीएस झारखंड की बेटियों ने जीते पदक 

एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क (अहमदाबाद)। गुजरात के अहमदाबाद में 1 से 3 जून तक आयोजित 15वीं बाइथल/ ट्रायथल नेशनल चैंपियनशिप 2026 में झारखंड स्टेट स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएसपीएस) के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर राज्य का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया। 

जेएसएसपीएस की बेटियों ने दिखाया दमखम  

जेएसएसपीएस स्विमिंग सेंटर, होटवार में प्रशिक्षित दो खिलाड़ियों ने इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप में पदक जीतकर झारखंड का परचम लहराया। 

पदक विजेता

  1. आरती कच्छप : बाइथल इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। आरती ने अपनी फुर्ती और स्टैमिना से सभी को प्रभावित किया। 
  2. आतासी कुमार : बाइथल इवेंट में ही कांस्य पदक  हासिल कर झारखंड को गौरवान्वित किया। 

जेएसएसपीएस में जश्न का माहौल  

जेएसएसपीएस के प्रशिक्षक उमेश कुमार पासवान ने कहा, आरती और आतासी दोनों ने अहमदाबाद की कड़ी गर्मी में भी हार नहीं मानी। यह खररढर की साइंटिफिक ट्रेनिंग और खिलाड़ियों की मेहनत का नतीजा है। बाइथल जैसे कठिन इवेंट में पदक जीतना बताता है कि हमारे खिलाड़ी किसी से कम नहीं। 

बाइथल क्या है

बाइथल रनिंग और स्विमिंग का कॉम्बिनेशन इवेंट है, जिसमें खिलाड़ी को दौड़ और तैराकी दोनों में दम दिखाना होता है। यह ट्रायथल का ही एक रूप है।

जेएसएसपीएस सीईओ ने दी बधाई  

जेएसएसपीएस के सीईओ एनके झा ने कहा, जेएसएसपीएस झारखंड की बेटियां अब नेशनल लेवल पर लगातार मेडल ला रही हैं। आरती और आतासी की जीत पूरे राज्य के लिए प्रेरणा है। हमें गर्व है कि खररढर से निकले टैलेंट अपने प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। 

दोनों खिलाड़ी 3 जून को अहमदाबाद से रांची लौटेंगी, जहां जेएसएसपीएस में उनका भव्य स्वागत किया जायेगा। उक्त जानकारी जेएसएसपीएस के स्विमिंग प्रशिक्षक उमेश कुमार पासवान ने दी।

Published / 2026-06-04 20:44:46
झारखंड विमेंस टी-20 प्रीमियर लीग में कोल्हान और पलामू विजयी

झारखंड विमेंस टी-20 प्रीमियर लीग: कोल्हान डायनोमोज और पलामू वॉरियर्स ने दर्ज की जीत 

एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क (रांची)। झारखंड राज्य क्रिकेट संघ (जेएससीए) द्वारा आयोजित झारखंड विमेंस टी20 प्रीमियर लीग के दूसरे दिन गुरुवार को खेले गए दोनों मुकाबले रोमांच और शानदार व्यक्तिगत प्रदर्शन से भरपूर रहे। दिन के पहले मैच में कोल्हान डायनोमोज ने संथाल चैलेंजर को 53 रन से हराया, जबकि दूसरे मुकाबले में पलामू वॉरियर्स ने छोटानागपुर ब्लास्टर को 3 विकेट से मात देकर महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। 

पहले मुकाबले में संथाल चैलेंजर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी के लिए उतरी कोल्हान डायनोमोज की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 159 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। 

टीम की बल्लेबाजों ने संयमित और आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। 160 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी संथाल चैलेंजर की शुरूआत उम्मीद के अनुरूप नहीं रही। नियमित अंतराल पर विकेट गिरने के कारण टीम कभी भी लक्ष्य के करीब पहुंचती नहीं दिखी। पूरी टीम 20 ओवर में 9 विकेट खोकर 106 रन ही बना सकी और उसे 53 रन से हार का सामना करना पड़ा। 

मैच में शानदार प्रदर्शन के लिए कोल्हान डायनोमोज की दूर्गा मुर्मू को मोमेंट्स प्लेयर आॅफ द मैच चुना गया। यह पुरस्कार श्रीनिवास ने प्रदान किया। वहीं संथाल चैलेंजर की अंजलि हेम्ब्रम को मोमेंट्स बेस्ट इकॉनमी बॉलर का पुरस्कार विनय बिहारी कर्ण ने दिया। कोल्हान डायनोमोज की अनांदिता किशोर को सर्वाधिक छक्के लगाने के लिए मोमेंट्स मैक्सिमम सिक्सेस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया, जिसे शैलेन्द्र कुमार ने प्रदान किया। 

दिन के दूसरे मुकाबले में पलामू वॉरियर्स और छोटानागपुर ब्लास्टर आमने-सामने थीं। टॉस जीतकर पलामू वॉरियर्स ने पहले गेंदबाजी चुनी। पहले बल्लेबाजी करते हुए छोटानागपुर ब्लास्टर ने निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 145 रन बनाए। टीम की बल्लेबाजों ने उपयोगी पारियां खेलते हुए प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। 

146 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पलामू वॉरियर्स ने दबाव के बावजूद शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। टीम ने 18.4 ओवर में 7 विकेट खोकर 147 रन बना लिए और मुकाबला 3 विकेट से अपने नाम कर लिया। लक्ष्य का पीछा करते हुए पलामू की बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया।

Published / 2026-06-03 18:29:59
जापान : अंडर-18 महिला एशिया कप हॉकी प्रतियोगिता में भारत ने सिंगापुर को 25-0 से रौंदा

जापान में झारखंड की बेटियों का जलवा, भारत ने सिंगापुर को 25-0 से रौंदकर सेमीफाइनल में बनायी जगह 

टीम एबीएन, रांची। जापान के काकामीगहारा में आयोजित अंडर-18 महिला एशिया कप हॉकी प्रतियोगिता में भारतीय टीम का शानदार प्रदर्शन जारी है। भारतीय टीम ने अपने अंतिम लीग मुकाबले में सिंगापुर को 25-0 के विशाल अंतर से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। 

इस ऐतिहासिक जीत में झारखंड की बेटियों ने भी अहम भूमिका निभायी। राज्य की प्रतिभाशाली खिलाड़ी संदीपा कुमारी, पुष्पा मांझी और श्रुति कुमारी ने एक-एक गोल दागकर भारत की जीत में योगदान दिया। 

29 मई से 6 जून तक आयोजित इस प्रतियोगिता में भारतीय टीम ने अब तक आक्रामक और संतुलित खेल का प्रदर्शन किया है। टीम ने लगातार तीन मैच जीतकर पूल-ए में शीर्ष स्थान हासिल किया और अपराजित रहते हुए अंतिम चार में जगह बनायी। सिंगापुर के खिलाफ मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने शुरू से ही दबदबा बनाये रखा और विपक्षी टीम को कोई मौका नहीं दिया। 

भारत की ओर से नाज नौशीन ने सबसे अधिक सात गोल किये, जबकि गीथाश्री नम्मी ने पांच और टीम की कप्तान स्वीटी कुजूर ने चार गोल दागे। इसके अलावा झारखंड की संदीपा कुमारी, पुष्पा मांझी और श्रुति कुमारी ने भी एक-एक गोल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। भारतीय टीम की इस जीत को अंडर-18 स्तर पर सबसे बड़ी जीतों में से एक माना जा रहा है। 

इस प्रतियोगिता में झारखंड से कुल छह खिलाड़ी भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। इनमें पुष्पा मांझी, संदीपा कुमारी, श्रुति कुमारी, खिली कुमारी, नीलम टोपनो और सुगन सांगा शामिल हैं। राज्य की इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन से झारखंड के खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल है। 

मैच के दौरान हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह भी स्टेडियम पहुंचे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। जीत के बाद उन्होंने पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि खिलाड़ियों को इसी लय को बरकरार रखते हुए फाइनल तक पहुंचना चाहिए और जापान की धरती पर भारत का तिरंगा लहराना चाहिए। 

भारतीय टीम के सेमीफाइनल में पहुंचने पर हॉकी झारखंड के महासचिव विजय शंकर सिंह ने खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा, झारखंड की बेटियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि राज्य प्रतिभा के मामले में किसी से कम नहीं है। संदीपा, पुष्पा और श्रुति द्वारा गोल करना पूरे झारखंड के लिए गर्व की बात है।

भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा है और हमें पूरा विश्वास है कि टीम सेमीफाइनल में भी जीत दर्ज कर फाइनल में पहुंचेगी। सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं। हॉकी झारखंड और खेल विभाग के पदाधिकारियों ने भी भारतीय टीम को बधाई देते हुए आगामी मुकाबलों के लिए शुभकामनाएं दी हैं। अब देश की नजरें सेमीफाइनल पर टिकी हैं, जहां भारतीय टीम अपने विजयी अभियान को आगे बढ़ाने के इरादे से मैदान में उतरेगी।

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