एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। इतिहास हमेशा विजेताओं के पन्नों से भरा होता है, और हारने वाले का लहू अक्सर वक्त की धूल में दब जाता है। कल के स्कोरबोर्ड पर भले ही भारत की जीत सुनहरे अक्षरों में दर्ज होगी, लेकिन पिच पर थका हुआ लेटा हुआ वह शरीर इस बात का गवाह है कि हार-जीत की लकीर कितनी बेरहम होती है।
जैकब बेथेल, तुम्हारी यह हार किसी जीत से कम नहीं है, क्योंकि वानखेड़े की तपिश में 47 गेंदों पर 104 रनों का वह संघर्ष किसी पराक्रमी योद्धा की वीरता की कहानी कहता है। तुमने अकेले दम पर करोड़ों भारतीयों की धड़कनें रोक दी थीं।
जैकब बेथेल ने कल वही खौफ पैदा किया था जो कभी ट्रेविस हेड ने अहमदाबाद में किया था, लेकिन अंत में किस्मत ने उनका साथ छोड़ दिया। एक युवा खिलाड़ी का वर्ल्ड कप सेमीफाइनल जैसे बड़े मंच पर ऐसा शतक जड़ना, यह बताता है कि आने वाले समय में वह क्रिकेट की दुनिया पर राज करेगा।
भले ही इंग्लैंड यह मैच 7 रनों के मामूली अंतर से हार गया, लेकिन बेथेल ने अपनी जांबाजी से हारने वाली टीम को भी सम्मान की ऊँचाइयों पर बिठा दिया है। क्रिकेट का खेल कल इस युवा योद्धा की हिम्मत को सलाम कर रहा था।
यह मैच साक्ष्य है कि जब प्रतिभा और जुनून आपस में मिलते हैं, तो स्कोरबोर्ड के नतीजे गौण हो जाते हैं। बेथेल की यह पारी सदियों तक उन लोगों को प्रेरित करेगी जो अंत तक लड़ने का जज्बा रखते हैं। भारत भले ही फाइनल में पहुँच गया हो, लेकिन बेथेल ने अपनी शतकीय पारी से यह साबित कर दिया कि क्रिकेट का असली रोमांच अंत तक हार न मानने में है। आज विजेता भारत है, मगर दिल जीतने वाला वह गुमनाम सितारा है जिसने धूल में सने होने के बावजूद हार नहीं मानी।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क (रांची)। टीम वर्क किसे कहते हैं, कल का सेमी-फाइनल इसका सबसे सुंदर उदाहरण है। सबसे पहले संजू सैमसन और ईशान किशन ने हमें बेहतरीन पॉवर प्ले दिया, एक ऐसा पॉवर प्ले जो आने वाले बैट्समैन के अंदर कॉन्फिडेंस भर दे।
फिर शिवम दुबे और संजू सैमसन ने क्या ताबड़तोड़ मिडल ओवर्स निकाले, वाह! मतलब इतना सही तालमेल कि स्पिनर आयेगा तो शिवम मारेगा और फ़ास्ट बॉलर को संजू तोड़ेगा। दोनों ही एक बड़े शॉट के बाद सिंगल लेकर लेफ्ट राइट कॉम्बिनेशन से बॉलर को तंग भी करते रहे।
फिर हार्दिक आया तो उसने भी स्ट्राइकिंग में कोई कमी नहीं छोड़ी। शिवम को रन आउट ज़रूर करवा दिया पर सही मौके पर बाउंड्री भी ली। वहीं तिलक वर्मा ने क्या शानदार कैमियो दिया, जो काम रिंकू के जिम्मे था, वो पॉवर फिनिशिंग, 300 के स्ट्राइक रेट से तिलक वर्मा ने की।
आख़िरी ओवर में हार्दिक ने स्कोर को ऐसे पहाड़ तक पहुँचा दिया कि सामने वाली टीम देख के ही घबरा जाए। पर नहीं, इंग्लैंड घबराने वालों में से नहीं। कम से कम टी20 में तो नहीं। पहले ओवर में अर्शदीप पर 13 रन पड़ने के बाद हार्दिक ने अगले ही ओवर में मात्र 2 रन देकर विकेट निकाल लिया। फिर भी इंग्लैंड नहीं रुकी।
बुमराह भी अपने पहले ओवर में विकेट ले गया और रन भी सिर्फ 7 ही दिए, वरुण ने भी पहले ही ओवर में विकेट चटका दिया, फिर भी इंग्लैंड के पॉवर प्ले में 68 रन्स आए। इसके बाद तो जैसे गेंदबाजों के भूसा भरा गया हो, ऐसी मार मारी ब्रेथल ने कि 250+ स्कोर भी ख़तरे में लगने लगा।
लेकिन रन पिटते हुए भी अक्षर का वो विकेट या वो ज़बरदस्त कैच, फिर बुमराह का वो आठ रन का कंजूस ओवर या फिर अर्शदीप का लगातार तीन वाइड देने के बाद वो विकेट, हालाँकि उस विकेट का क्रेडिट भी अक्षर को ज़्यादा जाता है।
अंत में फिर बुमराह की अद्भुत गेंदबाजी, हार्दिक का पहली बॉल पर सिक्स खाने के बाद भी विकेट चटकाना और अंत में वो ज़बरदस्त थ्रो और रन आउट... क्या ग़जब टीम एफर्ट है यार... मज़ा आ गया। मेरी नज़र में तो इंग्लैंड की भी तारीफ़ है कि ब्रेथल एंड कम्पनी ने हैरी ब्रूक के सस्ते में आउट होने के बावजूद कँधे नहीं झुकाए, अंत तक फाइट न छोड़ी। 253 रन का भयंकर टारगेट होने के बावजूद मात्र 7 रन से मिली जीत इंग्लैंड की ताकत भी दर्शाती है।
पर भारतीय टीम को सोचना चाहिए कि ऐसे टीम एफर्ट मैच में भी कौन से खिलाड़ी हैं जिनका योगदान नगण्य है। जिनके होने से टीम को सपोर्ट नहीं बल्कि बोझ महसूस हो रहा है? कौन कौन से खिलाड़ी हैं वो जिनको बौलिंग आती नहीं, फ़ील्डिंग वो कर नहीं पा रहे और बैटिंग उनसे हो नहीं रही? क्यों हैं फिर वो टीम में?
आप जानते हैं उन खिलाड़ियों को? जिनका होना इतनी मजबूत टीम को अपंग करने पर तुला है? बहरहाल, बाक़ी 9 खिलाड़ियों के बेजोड़ एफर्ट से फाइनल पहुंचने की बधाई। न्यूज़ीलैंड और अहमदाबाद, दोनों अपने दुश्मन हैं, इन दोनों के अलावा दो अपने ही खिलाड़ी फिर से टीम के दुश्मन न बनें, फाइनल में ही सही, अब तो परफॉर्म करें।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबले में अंपायरिंग का गिरता स्तर वाकई चिंता का विषय है, जैसा कि आज डेरिल मिचेल के कैच के दौरान देखने को मिला। जब खिलाड़ी खुद संशय में हो और रिव्यू का इशारा कर रहा हो, तो इसका मतलब साफ है कि कैच की शुचिता को लेकर वह खुद आश्वस्त नहीं था।
टीवी अंपायर ने केवल दो एंगल से देखकर फैसला सुना दिया, जबकि कई बार फ्रेम दर फ्रेम देखने पर ऐसा लग रहा था कि गेंद जमीन को छू चुकी थी। अगर आधुनिक तकनीक के बावजूद ऐसे गलत निर्णय दिए जाते हैं, तो यह न केवल मैच का रुख बदलते हैं बल्कि खेल की भावना को भी ठेस पहुँचाते हैं।
इस वर्ल्ड कप में यह पहली बार नहीं है जब अंपायरिंग पर सवाल उठे हों; इससे पहले श्रीलंका और पाकिस्तान के मैच में भी खराब फैसलों ने श्रीलंका को टूर्नामेंट से बाहर होने पर मजबूर कर दिया था। इंटरनेशनल क्रिकेट में जहाँ करोड़ों फैंस की भावनाएं जुड़ी होती हैं, वहां थर्ड अंपायर का इतनी जल्दबाजी में निर्णय लेना समझ से परे है।
नियम के अनुसार अगर गेंद जमीन से सट रही है और उंगलियां उसके नीचे पूरी तरह नहीं हैं, तो बल्लेबाज को बेनिफिट ऑफ डाउट मिलना चाहिए था। अंपायरों की इन गलतियों का हर्जाना अक्सर उन टीमों को भुगतना पड़ता है जो सालों तक इस पल के लिए मेहनत करती हैं।
आईसीसी को अंपायरिंग के स्तर और जवाबदेही पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है, क्योंकि ऐसे बड़े मंच पर सॉफ्ट सिग्नल और अधूरे तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर फैसले देना खेल को बर्बाद कर सकता है। अगर अंपायर गलत साबित होते हैं, तो उन पर भी सख्त कार्रवाई या जुर्माना होना चाहिए, ताकि वे भविष्य में अधिक सतर्क रहें।
दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के इस अहम मैच में एक गलत फैसला पूरे टूर्नामेंट के नतीजे को प्रभावित कर सकता है। फैंस की नाराजगी जायज है क्योंकि तकनीक का मकसद गलतियों को सुधारना होना चाहिए, न कि उन्हें बढ़ावा देना।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। इंडियन प्रीमियर लीग का अगला सीजन कब शुरू होगा? मीडिया रिपोर्ट्स अनुसार IPL 2026 का शेड्यूल 6 या 7 मार्च को घोषित किया जा सकता है। पहले बताया गया था कि आईपीएल 2026 का शेड्यूल टी20 वर्ल्ड कप के बाद घोषित किया जाएगा, लेकिन ताजा रिपोर्ट अनुसार BCCI पहले ही शेड्यूल के एलान की तारीख पर मुहर लगा चुका है। बहुत जल्द शेड्यूल का एलान किया जा सकता है। आपको बता दें कि इस बार आईपीएल का शेड्यूल दो चरणों में सामने आएगा।
अब क्रिकबज के अनुसार इंडियन प्रीमियर लीग की गवर्निंग काउंसिल ने IPL 2026 के पहले चरण के शेड्यूल पर मुहर लगा दी है। पहले चरण का शेड्यूल 6 या 7 मार्च को सामने आ सकता है। चूंकि पहला मैच डिफेंडिंग चैंपियन के होमग्राउंड पर खेला जाता है, इसलिए सीजन का पहला मैच बेंगलुरू के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा।
RCB फ्रैंचाइजी द्वारा जारी स्टेटमेंट में बताया गया कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू की टीम अपने 5 होम मैच चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेलेगी। वहीं आईपीएल 2026 का एक प्लेऑफ का मैच और यहां तक कि फाइनल भी चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले जाने की खबर है. 28 या 29 मार्च से IPL 2026 शुरू हो सकता है और फाइनल मैच 31 मई को खेला जा सकता है। अभी भारत और श्रीलंका की मेजबानी में टी20 वर्ल्ड कप 2026 खेला जा रहा है।
इस वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के समापन के बाद विदेशी खिलाड़ियों की NOC टीमों के साथ साझा कर दी जाएगी। वहीं अगले सप्ताह अभ्यास सत्रों की जानकारी सभी फ्रैंचाइजी को दे दी जाएगी। भारत में जल्द तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और असम में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
इसी कारण IPL 2026 का शेड्यूल दो चरणों में सामने आने की खबर है। चुनावों के दिन इन तीन राज्यों में आईपीएल के मैच करवाना सुरक्षा के लिहाज से ठीक नहीं रहेगा। इसलिए चुनावों की तारीख सामने आने के बाद ही BCCI दूसरे चरण का शेड्यूल घोषित कर सकता है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में गत चैंपियन इंडिया का सामना इंग्लैंड से होगा। ये मैच 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में शाम 7:00 से खेला जाएगा, जिसके लिए टीम इंडिया ने हुंकार भर दी है। जो भी टीम दूसरे सेमीफाइनल में विजय प्राप्त करेगी, उनका सामना 8 मार्च को फाइनल में पहले सेमीफाइनल की विजेता टीम से होगा।
ऐसे में ये मैच भारत और इंग्लैंड दोनों के लिए बेहद अहम होने वाला है, क्योंकि एक तरफ जहां टीम इंडिया इतिहास रचने पर फोकस करेगी तो इंग्लैंड की टीम साल 2022 के बाद एक बार विश्व कप का खिताब अपने नाम करना चाहेगी।
ऐसे में सेमीफाइनल मैच के महत्व को समझते हुए भारत की प्लेइंग इलेवन सामने आ चुकी है, जिसमें वरुण चक्रवर्ती और ईशान किशन को बाहर कर दिया गया है तो दो खिलाड़ियों की अंतिम एकादश में एंट्री हुई है।
इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले से मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती और बाएं हाथ के विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन को बाहर किया जा सकता है। दरअसल, वरुण के आंकड़े सुपर-8 में बेहद निराशाजनक रहे हैं। उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 47, जिम्बाब्वे के विरुद्ध 35 और वेस्टइंडीज के खिलाफ 40 रन लुटाए थे।
जबकि इस दौरान उन्होंने तीनों मैचों में केवल एक-एक विकेट लिया था। ऐसे में कप्तान सूर्या बड़ा फैसला लेते हुए वरुण को बहार कर सकते हैं। जबकि ईशान किशन का पत्ता भी प्लेइंग इलेवन से कट सकता है। संजू सैमसन फॉर्म में लौट आए हैं। ऐसे में ईशान को बाहर करके निचले क्रम में एक फिनिशर को शामिल किया जा सकता है, ताकि सेमीफाइनल में भारत की बल्लेबाजी को मजबूत किया जा सके।
वरुण चक्रवर्ती को बाहर करके उनकी जगह चाइनामैन स्पिनर कुलदीप यादव को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है। दरअसल, कुलदीप यादव ने इंग्लैंड के खिलाफ सिर्फ तीन मैचों में 8 विकेट लिए हैं, जबकि इस दौरान कुलदीप का इकॉनमी रेट 6.41 का है। यही कारण है कि कुलदीप अपनी चाइनामैन गेंदबाजी से इंग्लिश बल्लेबाजों को परेशानी में डाल सकते हैं।
वहीं, कुलदीप के अलावा रिंकू सिंह या फिर वाशिंगटन सुंदर को प्लेइंग इलेवन में सरप्राइज एंट्री मिल सकती है। रिंकू के आने से टीम इंडिया (Team India) को एक शानदार फिनिशर मिल सकता है, जो जरूरत पड़ने पर भारत को बड़े स्कोर या फिर रनों का पीछा करते समय अहम भूमिका निभा सकता है।
भारतीय टीम (Team India) बैक टू बैक दूसरी बार टी20 विश्व कप का सेमीफाइनल खेलने जा रही है। साल 2024 में भारत ने इंग्लैंड को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी और अब एक बार फिर टीम इंडिया (Team India) अपने पुराने इतिहास को दोहराना चाहेगी।
खास बात ये है कि सेमीफाइनल में इंग्लैंड को हराने के बाद भारत ने फाइनल का खिताब जीता था। जबकि इस बड़े मैच में अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, कप्तान सूर्यकुमार यादव, अक्षर पटेल से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद होगी।
जबकि गेंदबाजी में सारा दारोमदार जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह पर रहने वाला है, जो कि पावर प्ले में अंग्रेजों की कमर तोड़ना चाहेंगे। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि टीम इंडिया के 11 खिलाड़ी इंग्लैंड को हराकर भारत को अहमदाबाद का टिकट दिलाते हैं या फिर नहीं।
संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, रिंकू सिंह, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पंड्या, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह।
टीम एबीएन, रांची। पांच परगना जेएलकेएम ट्रॉफी का आयोजन बुंडू स्थित नेवरी जामटोली मैदान में भव्य रूप हुआ समापन। टूर्नामेंट में तमाड़, बुंडू, अड़की, सिल्ली, सोनाहातु, राहे, अनगढ़ा के कुल आठ टीम भाग लिया जिसमें फाइनल मुकाबला राहे और बुंडू प्रखंड के बीच खेला गया जिसमें कोई निर्णय नहीं आया तभी हेड टेल किया गया जिसमें बुंडू प्रखंड की टीम विजेता बनी तथा राहे प्रखंड को उपविजेता घोषित किया गया। मैन आफ द सीरिज राहे प्रखंड के सनातन को घोषित किया गया।
मौके पर मुख्य अतिथि के रूप उपस्थित जेएलकेएम केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि खेल जीवन का सच्चा गुरु है। यह आयोजन सिर्फ खेल का उत्साह नहीं बल्कि नवजवानों को अनुशासन, टीम वर्क और नेतृत्व का भावना जगाती है, खेल के मैदान में हार हो या जीत हो जो सीखते हैं जीवनभर काम आता है।
आयोजन में जेएलकेएम वरिष्ठ नेता रंजीत महतो, गदाधर महतो समाज सेवी जयराम महतो, अनूप महतो, मुकेश महतो, पंकज महतो, दिनेश महतो के अलावा अन्य गण मान्य लोग उपस्थित थे।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। दक्षिण अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को हराकर भारत के लिए राह आसान की थी। अब बारी थी भारतीय टीम की जिसके लिए जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच जीतना काफी जरूरी था। भारत ने इस मैच में बल्ले और गेंद दोनों से दमदार प्रदर्शन किया जिससे सूर्यकुमार यादव की अगुआई वाली टीम ने सेमीफाइनल की ओर एक कदम बढ़ा लिए। भारत को अगर टी20 विश्व कप के अंतिम चार में पहुंचना है तो उसे सुपर आठ के आखिरी मैच में वेस्टइंडीज को हराना होगा।
भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दमदार प्रदर्शन किया। भारत ने सुपर आठ मुकाबले में 72 रनों से जीत दर्ज की और सेमीफाइनल के लिए अपनी दावेदारी बरकरार रखी है। भारत के लिए इस मैच में बल्लेबाजों ने दमदार प्रदर्शन किया। वहीं, जिम्बाब्वे की टीम का सफर अब समाप्त हो गया।
दक्षिण अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को हराकर भारत के लिए राह आसान की थी। अब बारी थी भारतीय टीम की जिसके लिए जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच जीतना काफी जरूरी था। भारत ने इस मैच में बल्ले और गेंद दोनों से दमदार प्रदर्शन किया जिससे सूर्यकुमार यादव की अगुआई वाली टीम ने सेमीफाइनल की ओर एक कदम बढ़ा लिए। भारत को अगर टी20 विश्व कप के अंतिम चार में पहुंचना है तो उसे सुपर आठ के आखिरी मैच में वेस्टइंडीज को हराना होगा।
ग्रुप-1 से दक्षिण अफ्रीका ने क्वालिफाई कर लिया है। इससे पहले ग्रुप-2 से इंग्लैंड की टीम ने सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। वहीं, भारत अगर अपने अगले मैच में वेस्टइंडीज को मात दे देता है तो वह भी सेमीफाइनल में पहुंच जाएगा। जिम्बाब्वे इस हार के साथ टूर्नामेंट से बाहर हो गई है।
भारत की जीत से जिम्बाब्वे का सफर टी20 विश्व कप में समाप्त हो गया है। ग्रुप-1 से सेमीफाइनल की दौड़ में अब वेस्टइंडीज और भारत शामिल है। दक्षिण अफ्रीका ने लगातार दो मैच जीतकर स्थिति मजबूत कर ली थी और भारत की जीत से वह सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रहा। अब अगर भारत अपना आखिरी मैच जीत जाए तो ग्रुप-1 से भारत और दक्षिण अफ्रीका सेमीफाइनल में पहुंच जाएंगे।
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में चार विकेट पर 256 रन बनाए। यह टी20 विश्व कप में भारत का सर्वोच्च स्कोर है। भारतीय टीम इस लक्ष्य का बचाव करने में सफल रही और जिम्बाब्वे की टीम को 72 रनों से हराया। जिम्बाब्वे के लिए ब्रायन बेनेट ने शानदार पारी खेली, लेकिन टीम 20 ओवर में छह विकेट पर 184 रन ही बना सकी।
फिलहाल माइनस में चल रहा नेट रन रेट
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली हार से भारत का नेट रन रेट माइनस में चला गया था। भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ बड़ी जीत से नेट रन रेट में सुधार किया है, लेकिन वह अभी भी माइनस में ही है।
भारतीय टीम सुपर आठ के ग्रुप-1 में तीसरे स्थान पर है और उसका नेट रन रेट -0.100 है। वेस्टइंडीज की टीम दूसरे स्थान पर है और उसका नेट रन रेट +1.791 का है। हालांकि, अब जो स्थिति है उसमें नेट रन रेट का महत्व नहीं है। यानी भारत और वेस्टइंडीज के बीच जो टीम एक मार्च को होना वाला जीतेगी, वो सेमीफाइनल में जगह बना लेगी।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। क्रिकेटर रिंकू सिंह इस समय अपने परिवार के साथ एक कठिन दौर से गुजर रहे हैं। उनके पिता खानचंद्र सिंह को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है और उनका इलाज जारी है। परिवार के अनुसार स्थिति गंभीर है, लेकिन चिकित्सकीय देखरेख में उन्हें स्थिर रखने की कोशिश की जा रही है।
जैसे ही रिंकू सिंह को पिता की तबीयत खराब होने की जानकारी मिली, वे तुरंत अपने कार्यक्रमों को बीच में छोड़कर ग्रेटर नोएडा पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में डॉक्टरों से विस्तार से बातचीत की और परिवार के साथ समय बिताया। इस पारिवारिक आपात स्थिति के चलते उनका क्रिकेट कार्यक्रम भी प्रभावित हुआ है।
इसी बीच खबर है कि जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले आगामी मुकाबले में रिंकू सिंह का खेलना संदिग्ध माना जा रहा है। पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए टीम प्रबंधन उनके चयन पर अंतिम निर्णय हालात की समीक्षा के बाद ही करेगा। यदि वे उपलब्ध नहीं होते हैं, तो टीम संयोजन में बदलाव संभव है।
रिंकू सिंह का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। आज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बना चुके रिंकू कभी बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आते थे। उनके पिता परिवार का पालन-पोषण करने के लिए गैस सिलेंडर घर-घर पहुंचाने का काम करते थे। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद परिवार ने उनके क्रिकेट के सपने को कभी टूटने नहीं दिया। कठिन परिस्थितियों में निरंतर मेहनत के बल पर रिंकू ने घरेलू क्रिकेट से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय किया।
यह पूरा घटनाक्रम एक बार फिर दिखाता है कि खिलाड़ियों के जीवन में परिवार की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है। फिलहाल क्रिकेट से अधिक प्राथमिकता पिता के स्वास्थ्य को दी जा रही है, और सभी उनकी जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
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