एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। फीफा विश्वकप 2026 का रोमांच फैंस के सिर चढ़कर बोल रहा है। राउंड आॅफ 32 में पिछले कुछ दिनों में दिलचस्प मुकाबले देखने को मिले हैं। कुछ बड़ी टीमें बाहर हो चुकी हैं, जबकि कुछ बड़ी टीमें हारते हारते बची हैं।
वहीं, कुछ आॅनपेपर कमजोर दिखने वाली टीमों ने कमाल का खेल दिखाया। भले ही वो टीमें अगले राउंड में नहीं पहुंच सकीं, लेकिन अपने खेल से लोगों का दिल जीत लिया।
नॉकआउट चरण में खिताब की जंग के साथ-साथ गोल्डन बूट की दौड़ भी बेहद रोमांचक हो गई है। राउंड आॅफ 32 के मुकाबलों के बाद कई स्टार खिलाड़ियों ने अपनी टीमों को जीत दिलाते हुए गोलों की संख्या बढ़ाई है।
फिलहाल फ्रांस के किलियन एमबाप्पे और अर्जेंटीना के लियोनल मेसी छह-छह गोल के साथ शीर्ष पर हैं, लेकिन अधिक असिस्ट होने के कारण एमबाप्पे गोल्डन बूट की रेस में पहले स्थान पर बने हुए हैं।
गोल्डन बूट का फैसला केवल गोलों के आधार पर नहीं होता। अगर दो खिलाड़ियों के गोल बराबर हों तो सबसे पहले असिस्ट की संख्या देखी जाती है। एमबाप्पे ने अब तक छह गोल के अलावा दो असिस्ट भी किए हैं यानी दो गोल होने में अहम भूमिका निभाई है। उन्हीं के पास पर फ्रांस का दूसरा खिलाड़ी गोल कर सका।
जबकि मेसी के नाम छह गोल हैं, लेकिन एक भी असिस्ट नहीं है। यही वजह है कि फ्रांस का स्टार स्ट्राइकर फिलहाल गोल्डन बूट की रेस में नंबर-एक पर है। हालांकि यह दौड़ अभी पूरी तरह खुली हुई है। नॉकआउट मुकाबलों में एक शानदार प्रदर्शन पूरे समीकरण बदल सकता है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। फीफा विश्व कप 2026 के राउंड आॅफ-32 में मेजबान मेक्सिको से 0-2 की हार के बाद इक्वाडोर के मुख्य कोच सेबेस्टियन बेकासेसे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। 45 वर्षीय अर्जेंटीनी कोच ने मैच के बाद पुष्टि की कि विश्व कप के साथ ही उनका अनुबंध भी समाप्त हो गया है और अब वह टीम से अलग हो रहे हैं।
बेकासेसे ने भावुक अंदाज में कहा, विश्व कप खत्म होने के साथ ही मेरा अनुबंध भी समाप्त हो रहा है। अब हम जा रहे हैं। मैं इस ड्रेसिंग रूम से प्यार, सम्मान, प्रतिबद्धता और सराहना लेकर जा रहा हूं। ये खिलाड़ी सच्चे योद्धा हैं और मुझे उन पर गर्व है।
बेकासेसे ने करीब दो वर्षों तक इक्वाडोर की कमान संभाली। उनके नेतृत्व में टीम ने अपने पांचवें विश्व कप में दूसरी बार नॉकआउट चरण में जगह बनायी। ग्रुप स्टेज में चार बार की चैंपियन जर्मनी को हराकर इक्वाडोर ने बड़ा उलटफेर भी किया था।
कोच ने कहा, जब हमने यह सफर शुरू किया था, तब किसी को उम्मीद नहीं थी कि हम यहां तक पहुंचेंगे। लेकिन हमने उम्मीदों से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया। अफसोस है कि हम इस सफलता को आगे नहीं बढ़ा सके, लेकिन हमने एक शानदार विरासत छोड़ी है।
राउंड आॅफ-32 मुकाबले में मेक्सिको के लिए जूलियन क्विनोन्स और राउल जिमेनेज ने पहले हाफ में गोल दागे। इक्वाडोर पूरे मैच में वापसी नहीं कर सका और 0-2 से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गया। इसी हार के साथ बेकासेसे का कार्यकाल भी समाप्त हो गया।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार आॅलराउंडर हार्दिक पांड्या को लेकर चौंकाने वाली खबर सामने आयी। दरअसल, हार्दिक हमेशा के लिए मुंबई को छोड़कर बेंगलुरु शिफ्ट हो गये हैं। हार्दिक का यह कदम वाकई चौंकाने वाला है। अगर आप भी सोच रहे हैं कि अचानक हार्दिक ने ऐसा फैसला क्यों लिया? यहां आपको उसका जवाब मिलेगा।
हार्दिक ने बीसीसीआई के सेंटर आॅफ एक्सीलेंस (सीओई) के चलते बेंगलुरु में शिफ्ट होने का फैसला किया। वह अब सीओई को अपनी ट्रेनिंग का स्थायी अड्डा बनाना चाहते हैं। अक्सर क्रिकेटर बेंगलुरु इंजरी के रिहैब, नेशनल कैंप और फिटनेस के आकलन के लिए आते हैं। लेकिन हार्दिक ने कुछ अलग हटकर किया।
वैसे हार्दिक मुंबई इंडियंस की घंसोली स्थित फैसिलिटी में ट्रेनिंग करते थे। हार्दिक गुजरात के बदौड़ा से आते हैं। हालांकि वह लंबे वक्त से मुंबई में रह रहे थे, लेकिन अब उन्होंने बेंगलुरु को अपना घर बनाने का फैसला किया।
सूत्रों के अनुसार हार्दिक पहले ही स्थायी रूप से बेंगलुरु में शिफ्ट हो चुके हैं। उन्होंने शहर के बाहरी इलाके में सेंटर आॅफ एक्सीलेंस के पास एक प्रॉपर्टी किराये पर ली है। वह सीओई को अपने अभ्यास का स्थायी अड्डा बनाने वाले पहले क्रिकेटर होंगे।
आगे कहा, हार्दिक मुंबई से बाहर जाना चाहते थे क्योंकि ट्रेनिंग के लिए हर रोज अपने लोअर परेल वाले घर से आना-जाना मुश्किल हो गया था। एक सेंट्रली-कॉन्ट्रैक्टेड क्रिकेटर होने के नाते, उन्हें उडए में चोट के इलाज से लेकर स्किल्स की ट्रेनिंग तक, हर तरह की सुविधा मिलती है।
इन दिनों इंजरी से रिकवर हो रहे हार्दिक ने बीते 6 महीनों में काफी वक्त बेंगलुरु के सेंटर आॅफ एक्सीलेंस में ही बिताया है। वह इंजरी के चलते यूके के व्हाइट बॉल टूर का हिस्सा नहीं बन सके, जिसमें आयरलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज खेली जा चुकी है। अब इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 और वनडे सीरीज होनी है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय हॉकी टीम ने 5 से 18 जुलाई तक होने वाले बेल्जियम दौरे के लिए 22 सदस्यीय जूनियर (अंडर-21) पुरुष टीम का ऐलान कर दिया है। टीम की कप्तानी डिफेंडर अनमोल इक्का करेंगे। यह दौरा नए मुख्य कोच फ्रेडरिक सोयेज के मार्गदर्शन में भारतीय जूनियर टीम का पहला अंतरराष्ट्रीय असाइनमेंट होगा।
यह दौरा इस साल के आखिर में होने वाले जूनियर एशिया कप की तैयारियों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। यूरोप की मजबूत टीमों के खिलाफ खेलने से खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव मिलेगा और टीम को अपने संयोजन व रणनीति को परखने का मौका भी मिलेगा।
भारत इस दौरे पर कुल छह मुकाबले खेलेगा। टीम आॅस्ट्रिया और मेजबान बेल्जियम के खिलाफ दो-दो मैच खेलेगी, जबकि जर्मनी और नीदरलैंड के खिलाफ एक-एक मुकाबला होगा।
अनमोल इक्का, एडरोहित इक्का, अजीत यादव और रोहित कुल्लू उस भारतीय टीम का हिस्सा रहे थे जिसने पिछले साल तमिलनाडु में आयोजित जूनियर हॉकी विश्व कप में कांस्य पदक जीता था। इन खिलाड़ियों से एक बार फिर टीम को शानदार प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
मुख्य कोच फ्रेडरिक सोयेज ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह दौरा टीम को हर स्तर पर बेहतर बनायेगा। उन्होंने कहा, मुझे उम्मीद है कि यह दौरा हमारे खेल, टीम संयोजन, रणनीतिक अनुशासन और अहम मौकों पर बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेगा।
साथ ही खिलाड़ियों के बीच एकता और आत्मविश्वास भी मजबूत होगा। सोयेज ने आगे कहा, यह दौरा खिलाड़ियों को शीर्ष स्तर की अंतरराष्ट्रीय हॉकी की मांगों को समझने और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की मानसिकता विकसित करने में भी मदद करेगा।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। हॉकी इंडिया ने अंडर-18 भारतीय महिला टीम के कोचिंग कैंप के लिए झारखंड की 5 खिलाड़ियों का चयन किया है। झारखंड की पुष्पा मांझी, खिली कुमारी, श्रुति कुमारी, संदीपा कुमारी, नीलम टोपनो को जूनियर राष्ट्रीय कैम्प में शामिल होने का मौका मिला है।
इसी कैंप के आधार पर राष्ट्रीय अंडर 18 महिला हॉकी टीम का चयन होगा। 5 से 18 जुलाई तक भोपाल के अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर में जूनियर महिला कोचिंग कैंप आयोजित किया जायेगा। चयनित टीम 20 से 25 जुलाई तक महिला युवा हॉकी एशियाई चैंपियनशिप 2026 में हिस्सा लेगी।
प्रतियोगिता का आयोजन मस्कट, ओमान में होगा। 16वीं सब-जूनियर महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप के प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों का चयन किया गया है। झारखंड की बेटियों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क (लातेहार)। नेतरहाट आवासीय विद्यालय में संपन्न सातवीं राज्य स्तरीय योगासन प्रतियोगिता में रांची की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरआॅल चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया है। प्रतियोगिता में रांची के खिलाड़ियों ने स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकों की झड़ी लगाकर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की। विजेता खिलाड़ी अब राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में झारखंड का प्रतिनिधित्व करेंगे।
रांची टीम की इस ऐतिहासिक जीत में मुख्य कोच शिवराज बड़ाईक, अनिशका रानी और टीम मैनेजर सुजीत कुमार का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा। साथ ही, तकनीकी हेड प्रहलाद भगत के नेतृत्व में निर्णायक टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। थेरेपिस्ट देव कुमार ने खिलाड़ियों की फिटनेस सुनिश्चित की।
सहायक सदस्य: आरती पांडे और बेबी कुमारी।
कार्यक्रम का सफल संचालन लातेहार डिस्ट्रिक्ट योगासना स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सेक्रेटरी प्रशांत कुमार सिंह के नेतृत्व में हुआ। राज्य के प्रेसिडेंट श्री मनोज तिवारी, सचिव चंदू कुमार, कोषाध्यक्ष प्रशांत सिंह, मुख्य सलाहकार विपिन पांडे, रांची जिला योगासना स्पोर्ट्स एसोसिएशन की प्रेसिडेंट संतोषी साहू, सेक्रेटरी डॉ एस के घोसाल और ट्रेजरार राहुल सिंह ने टीम की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए खिलाड़ियों को बधाई दी है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। ओलंपिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार, खेल संस्कृति को बढ़ावा देने तथा बच्चों एवं युवाओं में खेलों के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से झारखंड जिम्नास्टिक एसोसिएशन द्वारा ओलंपिक सप्ताह के अंतर्गत रविवार को निगम पार्क, हरमू में जिम्नास्टिक प्रदर्शन मैच, ड्रॉइंग प्रतियोगिता एवं म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न आयु वर्ग के खिलाड़ियों एवं बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। जिम्नास्टिक खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट संतुलन, लचीलापन एवं कौशल का शानदार प्रदर्शन कर उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन के माध्यम से ओलंपिक की मूल भावना उत्कृष्टता, मित्रता,एवं सम्मान का संदेश दिया।
ड्रॉइंग प्रतियोगिता में बच्चों ने ओलंपिक खेलों, फिट इंडिया, खेल भावना एवं स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े विषयों पर आकर्षक चित्र बनाकर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का परिचय दिया। वहीं म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और खेल भावना के साथ हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के दौरान उपस्थित बच्चों, अभिभावकों एवं दर्शकों ने भरपूर आनंद लिया और विजेताओं का तालियों से उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के दौरान झारखंड जिम्नास्टिक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि ओलंपिक सप्ताह का उद्देश्य केवल खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करना नहीं, बल्कि समाज में खेलों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना तथा युवाओं को स्वस्थ, अनुशासित एवं सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
इस अवसर पर झारखंड जिम्नास्टिक एसोसिएशन के वर्किंग प्रेसिडेंट निशिकांत पाठक, सचिव तुलिका श्रीवास्तव, गोविंद झा, डॉ. दीपक कुमार साहु, दीपकुमारी मांझी, हेमा कुमारी, साथ ही नवेरा अखाड़ा से राजू कुमार, अमरजीत प्रसाद, देवाशीष थापा, प्रताप, मनीषा क्षेत्रीसहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी, अभिभावक, प्रशिक्षक एवं खेलप्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों के उत्साहवर्धन एवं ओलंपिक मूल्यों को जीवन में अपनाने के संकल्प के साथ हुआ। उक्त जानकारी रांची जिला जिम्नास्टिक एसोसिएशन गोविंद झा ने दी।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए एफआईएच प्रो लीग के लंदन चरण के तीसरे मैच में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 7-1 से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ भारत अंक तालिका में 7वें नंबर पर है। उन्होंने 15 मैच में 4 जीते और 7 हारे, जबकि 4 मैच ड्रॉ रहे। वहीं पाकिस्तान 15 मैच में से 15 हारकर 9वें स्थान पर है।
भारत ने शुरू में गोल खाने के बाद शानदार वापसी की और इसके बाद गोल की बारिश कर दी। सुखजीत सिंह (20वें), हरमनप्रीत सिंह (26वें), हार्दिक सिंह (34वें), जुगराज सिंह (35वें), अभिषेक (41वें), राज कुमार पाल (44वें) और दिलप्रीत सिंह (54वें) ने गोल किए। मिडफील्डर हार्दिक को प्लेयर आॅफ द मैच चुना गया। मैच की शुरुआत बेहद तेज गति से हुई। मनदीप सिंह के शानदार प्रदर्शन से भारत ने 90 सेकंड के भीतर ही पहला पेनल्टी कॉर्नर हासिल कर लिया।
भारत इसका फायदा नहीं उठा पाया और पाकिस्तान ने जवाबी हमला करते हुए 13वें मिनट में एक पेनल्टी कॉर्नर हासिल कर दिया। भारत ने वीडियो रेफरल लिया लेकिन फैसला उसके पक्ष में नहीं गया और पाकिस्तान के कप्तान अबू बकर महमूद ने ड्रैग-फ्लिक से गोल करके अपनी टीम को 1-0 से आगे कर दिया।
भारत ने हालांकि दूसरे क्वार्टर में अपने सटीक पास से मैच पर नियंत्रण हासिल कर लिया। पाकिस्तान को 18वें मिनट में उस समय झटका लगा जब अहमद नदीम के चेहरे पर उनके साथी खिलाड़ी अली गजनफर के एक पास से चोट लगी और उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा। भारत ने लगभग तुरंत ही इसका फायदा उठाया।
पेनल्टी कॉर्नर पर हरमनप्रीत के जोरदार ड्रैग-फ्लिक शॉट को सुखजीत ने चतुराई से गोल में बदल दिया। इस तरह से भारत ने 20वें मिनट में स्कोर बराबर कर दिया। भारतीय कप्तान ने छह मिनट बाद पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके हाफ टाइम तक भारत को 2-1 की बढ़त दिला दी।
भारत ने दूसरे हाफ में भी अपना दबदबा बरकरार रखा। उसे 34वें मिनट में लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर के चलते पेनल्टी मिली, जिसे हार्दिक ने गोल में बदलकर स्कोर 3-1 कर दिया। पाकिस्तान ने लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति ने उसके प्रयासों को नाकाम कर दिया।
भारत ने इसके बाद जवाबी हमला किया। दिलप्रीत ने सुखजीत के साथ शानदार तालमेल बिठाते हुए जुगराज को पास दिया, जिन्होंने 35वें मिनट में शानदार गोल दागकर स्कोर 4-1 कर दिया। भारत ने आक्रामक रवैया जारी रखा जिसका उसे तब फायदा मिला जब सुखजीत ने अभिषेक को पास दिया, जिन्होंने 41वें मिनट में दौड़ते हुए गोल दाग दिया।
भारत को तीसरे क्वार्टर के आखिर में लगातार चार पेनल्टी कॉर्नर मिले। इनमें से एक पर राज कुमार पाल ने रिबाउंड पर गोल किया और टीम की बढ़त को 6-1 कर दिया। अंतिम क्वार्टर में भारत ने रक्षापंक्ति में अनुशासन बनाए रखा और साथ ही आक्रमण जारी रखा।
दिलप्रीत ने 54वें मिनट में सातवां गोल करके भारत की बड़ी जीत सुनिश्चित कर दी। पाकिस्तान को मैच के आखिर में दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह ने शानदार बचाव करके भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।
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