ढाका। एशियाई चैंपियन जापान ने निर्णायक मौके पर बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गत संयुक्त विजेता और ओलम्पिक कांस्य पदक विजेता भारत को मंगलवार को एकतरफा सेमीफाइनल में 5-3 से हराकर एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश कर लिया। जहां उसका मुकाबला पहली बार फाइनल में पहुंचे दक्षिण कोरिया से होगा। जिसने पहले सेमीफाइनल में गत संयुक्त विजेता पाकिस्तान को रोमांचक अंदाज में 6-5 से पराजित किया। इस तरह पिछले संस्करण के दोनों संयुक्त विजेता सेमीफाइनल में हार गए और अब वे 22 दिसंबर को कांस्य पदक मैच के लिए खेलेंगे।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय आॅफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने खुलासा किया है कि वह एक समय क्रिकेट को छोड़ने का मन भी बना चुके थे। अश्विन को जैसे ही न्यूजीलैंड सीरीज और दक्षिण अफ्रीका दौरे के बीच थोड़ा समय मिला तो उन्होंने एक बातचीत के दौरान कुछ हैरान करने वाली बात भी बताई। जिसमें उन्होंने कहा कि 2018 और 2020 के बीच कई बार मेरे मन में ख्याल आया है कि अब मुझे इस खेल को छोड़ देना चाहिए। अश्विन ने कहा कि मुझे लगता था कि मैं अपनी तरफ से कोशिश तो भरपूर कर रहा हूं लेकिन इसका फल मुझे नहीं मिल रहा था। विशेष रूप से एथलेटिक प्यूबल्जिया और पेटेलर टेंडोनाइटिस के साथ मैं छह गेंदें फेंकता था और फिर मैं हांफने लगता था। इसके बाद मेरा पूरा शरीर मानो दर्द से टूटने लगता था जब घुटने का दर्द तेज होता तो अगली गेंद पर मेरा जंप भी कम हो जाता था। जब मैं कम कूदता था तो कंधों और पीठ के जरिए मुझे ज्यादा जोर लगाना होता था। फिर ऐसा करने से मैं और भी तकलीफ में खुद को डाल देता था। यही वह समय था जब लगता था कि अब मुझे इस खेल से ब्रेक ले लेना चाहिए। अश्विन आगे कहते हैं कि आप मुझे कुछ भी कह सकते हैं आप मुझे टीम से बाहर निकाल सकते हैं, सब ठीक है, लेकिन मेरे इरादे या मेरे प्रयास पर संदेह करना कुछ ऐसा है जिसने मुझे सबसे ज्यादा चोट पहुंचाई है। 2018 में इंग्लैंड सीरीज के ठीक बाद और फिर उसी साल आॅस्ट्रेलिया में सिडनी टेस्ट से पहले और एडिलेड टेस्ट के बाद मेरे जेहन में संन्यास की बात आई। मैं जिस एकमात्र व्यक्ति से बात कर रहा था वह मेरी पत्नी थी। लेकिन मेरे पिता को मुझपर काफी भरोसा था। वह यही कहते थे तुम सीमित ओवर क्रिकेट में फिर वापसी करोगे। उनकी इन बातों ने मुझे प्रेरित किया और मैंने अपना इरादा बदल दिया।
से इस बात की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि अबू धाबी से स्पेन लौटने के बाद पीसीआर जांच में उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। नडाल ने ट्वीट कर लिखा, मेरे लिए ये मुश्किल क्षण हैं लेकिन मुझे उम्मीद है कि मैं थोड़ा-थोड़ा सुधार करूंगा। मैं अब घर पर हूं और मैंने उन लोगों को जांच के बारे में सूचना दे दी है जो मेरे संपर्क में रहे हैं। परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए मैं आगे के विकल्पों पर विचार करूंगा और आपको अपने भविष्य के टूर्नामेंटों के बारे में किसी भी निर्णय के बारे में सूचित करता रहूंगा! गौरतलब है कि नडाल ने चोट से उबरते हुए पांच महीने के बाद टेनिस कोर्ट में वापसी की। उन्होंने कुछ दिन पहले ही अबू धाबी में एक प्रदर्शनी मैच खेला जो फ्रेंच ओपन के बाद उनका साल का दूसरा टूर्नामेंट था। अबूधाबी में आयोजित मुबादला वर्ल्ड टेनिस चैंपियनशिप के प्रदर्शनी मैच में राफेल नडाल को हार का सामना करना पड़ा। सेमीफाइनल मैच में उन्हें एंडी मरे के हाथों 6-3, 7-5 से हार का सामना करना पड़ा।
एबीएन डेस्क। एशेज सीरीज के दूसरे मैच में भी ऑस्ट्रेलिया की टीम जीत की तरफ बढ़ रही है। मार्नस लाबुशेन, डेविड वार्नर के बाद पुछल्ले बल्लेबाजों के बेहतरीन योगदान के चलते कंगारू टीम ने पहली पारी 473 रन पर घोषित की। इसके बाद स्टार्क और लियोन ने इंग्लैंड को 236 रन पर समेट दिया। दूसरी पारी में भी ऑस्ट्रेलिया एक विकेट गंवाकर 45 रन बना चुकी है। मैच में अभी दो दिन का खेल बचा है और कंगारू टीम के पास 282 रनों की बढ़त है। ऐसे में स्टीव स्मिथ चाहेंगे कि चौथे दिन उनके बल्लेबाज तेजी से रन बनाएं। ऑस्ट्रेलिया 400 के करीब बढ़त मिलने पर इंग्लैंड को चौथी पारी में बल्लेबाजी के लिए बुला सकता है। ऐसे में जो रूट और उनके साथियों के सामने लगभग डेढ़ दिन तक बल्लेबाजी करने की चुनौती होगी। इस सीरीज में रूट और मलान के अलावा इंग्लैंड को कोई भी बल्लेबाज लय में नहीं दिखा। इस मैच में भी मलान ने 80 और रूट ने 62 रन बनाए। इनके अलावा कोई भी बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सका। अगर चौथी पारी में इंग्लैंड की टीम पहले की तरह ही प्रदर्शन करती है तो उनकी हार लगभग तय है। डे-नाइट टेस्ट में स्टार्क के 50 विकेट पूरे : ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क ने टेस्ट क्रिकेट में गुलाबी गेंद से 50 विकेट पूरे कर लिए हैं। स्टार्क ऐसा करने वाले पहले गेंदबाज हैं। उनके साथी खिलाड़ी जोश हेजलवुड और नाथन लियोन इस सूची में दूसरे नंबर पर हैं। इन दोनों खिलाड़ियों ने 32-32 विकेट लिए हैं। वहीं लियोन गुलाबी गेंद के साथ सबसे सफल स्पिन गेंदबाज हैं। इंग्लैंड के खिलाफ डे-नाइट टेस्ट की पहली पारी में भी स्टार्क और लियोन ने बेहतरीन गेंदबाजी की। इन दोनों खिलाड़ियों ने मिलकर इंग्लैंड के सात बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। रूट ने सचिन और गावस्कर को पीछे छोड़ा : जो रूट एक कैलेंडर वर्ष में सर्वाधिक टेस्ट रन के मामले में सचिन-गावस्कर से आगे निकल चुके हैं। इससे पहले उन्होंने इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन (2002 में 1481 रन) को पीछे छोड़ा था। लेकिन शनिवार को वह गावस्कर (1979 में 1555 रन) और सचिन (2010 में 1562 रन) से आगे निकल गए। रूट अब एक कैलेंडर वर्ष में सबसे अधिक टेस्ट रन बनाने के मामले में पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। एक कैलेंडर वर्ष में सर्वाधिक टेस्ट रन बनाने का रिकॉर्ड अभी भी पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद यूसुफ के नाम है। उन्होंने साल 2006 में पाकिस्तान के लिए 11 टेस्ट की 19 पारियों में 99।33 की औसत से 1788 रन बनाए थे।
एबीएन डेस्क। एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ शानदार जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। हरमनप्रीत के दो और आकाशदीप के एक गोल की बदौलत टीम इंडिया ने पाकिस्तान को 3-1 से मात दी। पाकिस्तान के जुनैद ने एक गोल किया। हरमनप्रीत ने दो बार पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील किया। इस मैच में भारत ने पहले क्वार्टर में ही गोल करके बढ़त बना ली थी और कभी भी पाकिस्तान को वापसी का मौका नहीं दिया। मैच के तीसरे क्वार्टर में दोनों टीमों ने अच्छा खेल दिखाया और एक-एक गोल किया। भारत के लिए दूसरा गोल आकाशदीप ने किया और टीम इंडिया को 2-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद पाकिस्तान के जुनैद मंजूर ने गोल कर भारत की बढ़त को कम किया। हालांकि बाद में हरमनप्रीत ने इस मैच में दूसरा गोल कर भारत को 3-1 की बढ़त दिला दी, जो कि निर्णायक साबित हुई। भारत ने दिखाया आक्रामक खेल : इस मैच में भारत ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और पहले क्वार्टर में 1-0 की बढ़त ले ली। दूसरे क्वार्टर में भी भारतीय टीम ने गोल करने के कई प्रयास किए। पाकिस्तान के गोल पोस्ट पर लगातार अटैक किया। हालांकि पाकिस्तान के डिफेंस ने तीन बार अच्छा बचाव करके भारत को गोल करने से रोका। पाकिस्तान के गोलकीपर अली अमजद ने दो शानदार बचाव किए। एशियाड में दोनों टीमों ने नौ फाइनल खेले : भारत और पाकिस्तान ने पहले सात एशियाई खेलों के हॉकी फाइनल में एक-दूसरे का सामना किया था। एशियाई खेलों में उन्होंने एक दूसरे के खिलाफ कुल नौ फाइनल खेले हैं, जिसमें पाकिस्तान ने सात और भारत ने दो स्वर्ण पदक जीते। दोनों देशों ने 1956 से 1964 तक लगातार तीन ओलंपिक फाइनल में जगह बनाई थी। इनमें से भारत ने दो, जबकि पाकिस्तान ने एक बार जीत दर्ज की थी। पिछली बार भी इन दोनों टीमों के बीच मुकाबला एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के लीग चरण में हुआ था और तब भी भारत ने 3-1 के अंतर से ही जीत हासिल की थी। भारतीय टीम ने अभी तक तीन मैचों में पाकिस्तान, कोरिया और बांग्लादेश के खिलाफ 14 गोल किए हैं। छह अंक लेकर भारत अंक तालिका में शीर्ष पर है। पाकिस्तान ने जापान से गोलरहित ड्रॉ खेला था और भारत के खिलाफ हार के बाद वह चौथे स्थान पर है।
एबीएन डेस्क। बीडब्लूएफ विश्व चैंपियनशिप की डिफेंडिंग चैंपियन और भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु को क्वार्टरफाइनल मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। विश्व नंबर एक चीनी ताइपे की ताइत्जु यिंग ने उन्हें 21-17 21-13 से हरा दिया। इसके साथ ही टूर्नामेंट में सिंधु का सफर खत्म हो गया। यह लगातार चौथा टूर्नामेंट है, जब सिंधु नॉकआउट राउंड से बाहर हुई हैं। इससे पहले इंडोनेशिया ओपन, इंडोनेशिया मास्टर्स और बीडब्लूएफ वर्ल्ड टूर में भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। सिंधु बीडब्लूएफ वर्ल्ड टूर के फाइनल में पहुंची थीं। वहीं, इंडोनेशिया मास्टर्स और इंडोनेशिया ओपन में उन्हें सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। अक्तूबर में सिंधु को फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल में भी हार का सामना करना पड़ा था। अब उन्हें बीडब्लूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी हार का सामना करना पड़ा है। 42 मिनट तक चले मैच में ताइत्जु ने सिंधु को लगातार गेमों में हराया। पहले गेम में सिंधु ने चुनौती पेश करने की कोशिश की। हालांकि, सिंधु के 17 पॉइंट पर आने के बाद ताइत्जु ने निर्णायक बढ़त ली और 21-17 से पहला गेम जीत लिया। दूसरे गेम में ताइत्जु ने एकतरफा बढ़त ली और 21-13 से गेम और मैच जीत लिया।
एबीएन डेस्क एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में धीमी शुरुआत के बाद अपनी लय हासिल करने वाली मौजूदा चैंपियन भारतीय हॉकी टीम शुक्रवार को चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ उतरेगी। टीम इंडिया टूनामेंट में अपने तीसरे राउंड रॉबिन मैच में भी प्रयोग करना जारी रखेगी। अगर भारत जीता तो पांच देशों के इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में भी जगह पक्की कर लेगा। पहले मैच के बाद भारतीय टीम ने की वापसी : ओलंपिक कांस्य पदक विजेता भारत टूर्नामेंट की अच्छी शुरुआत नहीं कर पाया था। उसने पहले मैच में कोरिया को वापसी का मौका दिया और आखिर में यह मैच 2-2 से ड्रॉ पर छूटा। हालांकि टीम इंडिया अगले मैच में बुधवार को बांग्लादेश के खिलाफ पूरी तरह से बदली हुई नजर आई और उन्होंने एकतरफा मुकाबले में 9-0 से जीत दर्ज की। भारतीय फॉरवर्ड शानदार फॉर्म में : स्ट्राइकर दिलप्रीत सिंह ने मैदानी गोल से हैट्रिक जमाई जबकि जरमनप्रीत सिंह ने भी दो गोल किए। इस मैच में भी ग्राहम रीड की कोचिंग वाली भारतीय टीम ने पेनाल्टी कॉर्नर में उप कप्तान हरमनप्रीत सिंह और वरुण कुमार की सीधी फ्लिक के बजाय अलग-अलग तरीके आजमाकर प्रयोग किए थे। बांग्लादेश के खिलाफ भारत का शानदार प्रदर्शन : बांग्लादेश के खिलाफ भारतीय टीम ने शुरू से आखिर तक दबदबा बनाए रखा और पाकिस्तान के खिलाफ भी वह ऐसा ही प्रदर्शन जारी रखने की कोशिश करेगी। हरमनप्रीत की अगुवाई में भारतीय डिफेंडर्स ने अच्छा खेल दिखाया, जबकि कप्तान मनप्रीत सिंह ने मिड फील्ड में अहम भूमिका निभाई है। पाकिस्तान के खिलाफ भी उसे मुस्तैद रहना होगा। भारतीय फॉरवर्ड ने भी टूर्नामेंट में अब तक अच्छा प्रदर्शन किया है। ललित उपाध्याय ने तीन गोल किए हैं, जबकि टोक्यो ओलंपिक की टीम में जगह नहीं बना पाने वाले आकाशदीप सिंह ने भी बुधवार को एक गोल दागा। भारत पहले और पाकिस्तान चौथे स्थान पर इनमें से भारत ने दो, जबकि पाकिस्तान ने एक बार जीत दर्ज की थी। पिछली बार इन दोनों टीमों के बीच मुकाबला एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के लीग चरण में हुआ था जहां भारत ने 3-1 से जीत हासिल की थी। भारतीय टीम ने अभी तक दो मैचों में कोरिया और बांग्लादेश के खिलाफ 11 गोल किए हैं। चार अंक लेकर भारत अंक तालिका में शीर्ष पर है। पाकिस्तान ने जापान से गोलरहित ड्रॉ खेला था और वह चौथे स्थान पर है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के खतरे के बीच भारतीय टीम गुरुवार को दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग पहुंच गई। इस दौरान भारतीय खिलाड़ी फेस शील्ड में नजर आए। कप्तान विराट कोहली, कोच राहुल द्रविड़ समेत सभी स्टाफ और खिलाड़ी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते देखे गए। खिलाड़ियों ने खतरे के बीच खुद को पूरी तरह से ढक रखा था। बीसीसीआई ने खिलाड़ियों की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर भी की है। इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा- टचडाउन इन साउथ अफ्रीका (दक्षिण अफ्रीका में उतरे खिलाड़ी)। भारत को 26 दिसंबर से पहला टेस्ट सेंचूरियन में खेलना है। मैच से पहले भारतीय टीम तीन दिन तक क्वारैंटाइन रहेगी। इसके बाद खिलाड़ी प्रैक्टिस कर सकेंगे। पहले इस सीरीज के मैच 17 दिसंबर से होने थे, लेकिन कोरोना के खतरे के बीच तारीखों को आगे बढ़ा दिया गया। तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के अलावा भारत को तीन मैचों की वनडे सीरीज भी खेलनी है। वनडे सीरीज की शुरूआत 19 जनवरी से होगी। टेस्ट टीम के नए उपकप्तान रोहित शर्मा टेस्ट सीरीज में खेलते नहीं दिखाई पड़ेंगे। उन्हें लेफ्ट हैमस्ट्रिंग में चोट है। वनडे सीरीज से पहले वह टीम में वापसी करेंगे और वनडे टीम की कमान संभालेंगे। वनडे टीम का फिलहाल एलान नहीं हुआ है। टेस्ट सीरीज की तारीख : पहला टेस्ट: 26 से 30 दिसंबर, 2021 (सेंचूरियन) दूसरा टेस्ट: 3 से 7 जनवरी, 2022 (जोहानिसबर्ग), तीसरा टेस्ट: 11 से 15 जनवरी, 2022 (केप टाउन) वनडे सीरीज की तारीख, पहला वनडे: 19 जनवरी, 2022 (पार्ल) दूसरा वनडे: 21 जनवरी, 2022 (पार्ल), तीसरा वनडे: 23 जनवरी, 2022 (केप टाउन)।
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