एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। पिछली बार की चैम्पियन भारतीय टीम ने चीन को 2-0 से हराकर महिला एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट में तीसरा स्थान पाया। भारतीय खिलाडिय़ों ने कोरिया से सेमीफाइनल में मिली निराशा को पीछे छोड़ते हुए पहले दो क्वार्टर में नियंत्रण बनाए रखा और इसी दौरान दो गोल कर दिए; जिससे मध्यांतर तक उसने चीन पर 2-0 तक बढ़त बना ली थी। दूसरे हाफ में कोई टीम गोल नहीं कर पाई। भारतीय टीम को 13वें मिनट में ही पेनाल्टी कॉर्नर मिल गया था, जिसका शर्मिला देवी ने फायदा उठाकर गोल कर दिया। भारतीय खिलाड़ियों ने चीन की रक्षात्मक पंक्ति पर दबाव बनाए रखा और फिर 19वें मिनट में एक और पेनाल्टी कॉर्नर हासिल कर लिया। गुरजीत ने शानदार ड्रैग फ्लिक से इसे गोल में बदलकर स्कोर 2-0 कर दिया। चीन ने भी जवाब देते हुए एक पेनाल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन भारतीय कप्तान और गोलकीपर सविता पूनिया ने इसे शानदार तरीके से नाकाम कर दिया। दो गोल से पिछड़ने के बाद चीन की टीम छोर बदलने के बाद काफी आक्रामक हो गयी और उसने भारतीय रक्षात्मक पंक्ति पर दबाव बनाने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो सकीं। चौथे और अंतिम क्वार्टर में भारतीयों ने दबाव तो बना लिया था, पर वे कोई भी सटीक मौका ढूढ़ने में सफल नहीं हो सकीं। चीन ने निर्धारित समय से 10 मिनट पहले एक पेनाल्टी कॉर्नर हासिल किया, पर भारतीयों ने अच्छा बचाव करते हुए इसे नाकाम कर दिया। मैच के अंत में चीन ने लगातार कोशिश जारी रखी और इसी प्रक्रिया में लगातार तीन पेनाल्टी कॉर्नर भी प्राप्त किए, लेकिन उसकी खिलाड़ी इनका फायदा नहीं उठा सकीं। जापान की टीम फाइनल में कोरिया से भिड़ेगी। तोक्यो ओलंपिक में ऐतिहासिक चौथे स्थान पर रहने के बाद कोविड-19 महामारी के कारण मैच अभ्यास की कमी का खामियाजा गत चैम्पियन भारत को भुगतना पड़ा क्योंकि टीम महत्वपूर्ण मैचों में अच्छा प्रदर्शन नहीं करने के कारण खिताब की दौड़ से बाहर हो गई। शुरूआती मैच में कमजोर मलेशिया को 9-0 से रौंदने के बाद भारत को एशियाई खेलों के चैम्पियन जापान से 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। उसने सिंगापुर को 9-1 से हराने के बाद सेमीफाइनल के लिये क्वालीफाई किया था। लेकिन सेमीफाइनल में कुछ लचर डिफेंस और पेनल्टी कॉर्नर का फायदा उठाने में असफलता के कारण भारत की उम्मीदें टूट गईं और उसे कोरिया से 2-3 से हार मिली।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क7 विश्व की नंबर एक महिला टेनिस खिलाड़ी आॅस्ट्रेलिया की एश्ले बार्टी ने शनिवार को यहां आस्ट्रेलिया का 44 साल लंबा इंतजार खत्म करते हुए देश के लिए पहला ग्रैंड स्लेम टेनिस टूर्नामेंट आॅस्ट्रेलियन ओपन का खिताब जीता। बार्टी ने फाइनल में फाइनल में अमेरिका की डेनियल कॉलिन्स को एकतरफा अंदाज में 6-3, 7-6(2) से हराकर पहली बार आॅस्ट्रेलियन ओपन के महिला एकल का खिताब जीता। वह यह कारनामा करने वाली पहली महिला आॅस्ट्रेलियाई खिलाड़ी बनीं। वहीं उन्होंने दुनिया की नंबर 27 की खिलाड़ी कॉलिन्स के खिलाफ अपने रिकॉर्ड को भी सुधारा। उनका कॉलिन्स के खिलाफ अब 4-1 का रिकॉर्ड हो गया है।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। राष्ट्रीय घुड़सवारी चैंपियनशिप (शो जंपिंग) मुंबई में महालक्ष्मी रेस कोर्स में एमेच्योर राइडर्स क्लब में शनिवार से शुरू होगी। भारतीय घुड़सवारी महासंघ (ईएफआई) ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की। ईएफआई की तरफ से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि 14 वर्ष और इससे अधिक उम्र वाले एथलीट सात दिवसीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने योग्य होंगे। बेंगलुरू, चेन्नई, दिल्ली, कोलकाता और मेजबान मुंबई के एथलीट इस सालाना होने वाली प्रतियोगिता में पांच वर्गों में हिस्सा लेंगे। एमेच्योर राइडर्स क्लब (एआरसी) महालक्ष्मी रेस कोर्स के अध्यक्ष श्याम मेहता ने कहा, सावधानियों के संदर्भ में, हमने अधिकारियों द्वारा निर्धारित सभी नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन करना सुनिश्चित किया है। खिलाड़ियों, टीमों और कर्मचारियों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन की राजधानी बीजिंग में अगले महीने शीतकालीन ओलंपिक का आयोजन होने जा रहा है। इसके लिए चीन में काफी तेजी से तैयारियां चल रही हैं। लेकिन इस बीच चीन द्वारा एथलीट्स के लिए बनाए जा रहे नियमों को लेकर विवाद शुरू हो गया है। बीजिंग के अधिकारियों की तरफ से हाल ही में फ्री स्पीच को लेकर विवादित बयान दिया गया। इसमें खिलाड़ियों को धमकी देते हुए कहा गया कि अगर किसी भी खिलाड़ी का व्यवहार या भाषण चीनी कानूनों और विनियमों के खिलाफ हुआ तो वह सजा का पात्र होगा। बीजिंग की इस टिप्पणी पर ह्यूमन राइट्स वॉच (एचआरडब्ल्यू) ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे मानवाधिकार का उल्लंघन बताया है। एचआरडब्ल्यू की तरफ से जारी बयान में कहा गया, हजारों ओलंपिक एथलीटों के लिए बीजिंग समिति की धमकी मौलिक मानवाधिकारों का उल्लंघन करती है। यह अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के नियम 50।2 के तहत मिला अधिकार है, जो एथलीटों को सीमित तरीके से अपने विचार व्यक्त करने और ओलंपिक मूल्यों का सम्मान करने की अनुमति देता है। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने कहा कि ये खेल मानवता का जश्न मनाते हैं। लेकिन खेलों के लिए एथलीटों के देश में आने से पहले बीजिंग की चेतावनी उन्हें उनके मूल अधिकारों से वंचित करके अमानवीयता का जश्न मनाने की देश की मंशा की ओर इशारा करती है। बीजिंग आयोजन समिति के उप महानिदेशक यांग शू ने 18 जनवरी को सभी एथलीटों को ओलंपिक में बोलने के खिलाफ चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था, कोई भी व्यवहार या भाषण जो ओलंपिक भावना के खिलाफ है; विशेष रूप से चीनी कानूनों और विनियमों के खिलाफ, वह भी सजा के अधीन है। एचआरडब्ल्यू ने आगे कहा कि ये खेल हमेशा की तरह नहीं हैं क्योंकि ये चीनी सरकार द्वारा उइगर, हांगकांग और तिब्बत में किए जा रहे अपराधों और दमन की छत्रछाया में आयोजित किए जा रहे हैं। बीजिंग में सख्त कोरोना नियम : शीतकालीन ओलिंपिक में भाग लेने के लिए चीन आने वाले एथलीटों को वैक्सिन करने आवश्यकता होगी या उन्हें लंबे समय (21 दिन) तक क्वारंटीन रहना होगा। चार फरवरी से शुरू होने वाले शीतकालीन ओलिंपिक के दौरान खिलाड़ियों, अधिकारियों और यहां आने आने वाले हर किसी को रोज कोरोना वायरस जांच से गुजरना होगा। खिलाड़ियों के प्रतिस्पर्धा या प्रशिक्षण के अलावा हमेशा मास्क का इस्तेमाल करना होगा। इस दौरान टीम के साथियों की हौसला अफजाई के लिए ताली बजने की छूट होगी लेकिन जोर से बोलकर या चिल्ला कर ऐसा करने की मनाही होगी। कोविड-19 जांच में पॉजिटिव आने वाले को क्वारंटीन में भेज दिया जाएगा और बीमारी से उबरने के बाद मंजूरी मिलने तक वह प्रतिस्पर्धा करने में असमर्थ होगा। कोरोना वायरस रोधी टीका लेने वाले एथलीटों, टीम के कर्मचारियों और समाचार मीडिया सहित अन्य प्रतिभागियों को 21 दिनों के क्वारंटीन पर नहीं जाना होगा। पूर्ण टीकाकरण वाले प्रतिभागी ओलिंपिक गांव, खेल स्थल, अन्य चुनिंदा स्थान और समर्पित परिवहन का इस्तेमाल कर पायेगे। चीन के लिए अपनी उड़ानों में सवार होने से पहले सभी को अनुमोदित प्रयोगशालाओं से हाल के कोविड-19 जांच की दो नेगेटिव रिपोर्ट भी देनी होगी। चीन पहुंचने के बाद सभी के शरीर का तापमान मापा जाएगा और जांच के लिए उनके नमूने लिए जाएंगे। जांच का नतीजा लगभग छह घंटे में आएगा। इस दौरान सभी को एक अलग जगह पर रुकना होगा। जांच नतीजे के नेगेटिव आने के बाद उन्हें खेल गांव स्थित उनके कमरों में ले जाया जाएगा।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। अब मोहन आहूजा इंडोर स्टेडियम के दिन बहुरेंगे। यहां पहले जैसी रौनक होगी। राष्ट्रीय स्तर के मुकाबले होंगे और खिलाड़ियों का भविष्य उज्जवल होगा। ऐसा झारखंड बैडमिंटन एसोसिएशन (जेबीए) और टाटा स्टील के हाथ मिलाने से संभव हुआ है। जेबीए के सचिव के प्रभाकर राव और टाटा स्टील के उपाध्यक्ष चाणक्य चौधरी ने जेआरडी टाटा खेल परिसर में पत्रकारों को बताया कि अब मोहन आहूजा इंडोर स्टेडियम की देखभाल टाटा स्टील खेल विभाग के जिम्मे होगा। इसके लिए जेबीए और टाटा स्टील के बीच एमओयू हुआ है। सूबे में बैडमिंटन के विकास के लिए सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। जिसका नाम टाटा स्टील खेल विभाग ने बैडमिंटन डेवलपमेंट एंड एडवाइजरी कमेटी रखा है। इस एडवाइजरी कमेटी में जेबीए के सचिव के प्रभाकर राव, जमशेदपुर फुटबॉल क्लब (जेएफसी) के सीईओ मुकुल विनायक चौधरी, खेल विभाग के हेड आशीष कुमार, बैडमिंटन कोच विवेक एवं सचिव राणा को रखा गया है। टाटा स्टील के उपाध्यक्ष चाणक्य चौधरी ने कहा कि कानूनी विवाद को सुलझा लिया गया है। मोहन आहूजा स्टेडियम को अपग्रेड किया जाएगा। जहां आधुनिक कोर्ट के अलावा बिजली और वेंटीलेशन की भी व्यवस्था होगी। फिलहाल बैडमिंटन ट्रेनिंग सेंटर का अपग्रेडेशन का काम चल रहा है। सभी पुराने विवादों को भुला दिया गया है। हम साथ मिलकर राज्य में बैडमिंटन का विकास करेंगे। के प्रभाकर राव ने कहा कि यह ऐतिहासिक क्षण है। टाटा समूह हमेशा से ही खेलों को बढ़ावा देता आया है। एक बार फिर बैडमिंटन से जुड़ने के बाद राज्य में इस खेल का विकास होगा। अत्याधुनिक सुविधा होने के बाद यहां राष्ट्रीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट होंगे। अपग्रेडेशन का काम खत्म होने के बाद जल्द ही मोहन आहूजा स्टेडियम में अंडर-13 राष्ट्रीय बैडमिंटन टूर्नामेंट किया जाएगा।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। स्पेन के दिग्गज टेनिस प्लेयर राफेल नडाल ऑस्ट्रेलियन ओपन ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंच गए हैं। यह उनका छठा ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनल होगा। मेलबर्न के रोड लेवर अरेना में खेले गए सेमीफाइनल में उन्होंने सातवीं वरीयता प्राप्त इटली के माटेओ बैरेटिनी को 6-3, 6-2, 3-6, 6-3 से हराया। 35 साल के नडाल की मौजूदा वर्ल्ड रैंकिंग पांच है। वह इतिहास रचने से बस एक कदम दूर हैं। ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतते ही वह सबसे ज्यादा ग्रैंडस्लैम जीतने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे। अभी नडाल, नोवाक जोकोविच और रोजर फेडरर ने 20-20 ग्रैंडस्लैम जीते हैं। जोकोविच यह टूर्नामेंट नहीं खेल रहे। वह डिफेंडिंग चैंपियन थे और नौ बार ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब जीता है। नडाल ने यह खिताब सिर्फ एक बार 2009 में जीता था।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। स्पेन के दिग्गज टेनिस प्लेयर राफेल नडाल ऑस्ट्रेलियन ओपन ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंच गए हैं। यह उनका छठा ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनल होगा। मेलबर्न के रोड लेवर अरेना में खेले गए सेमीफाइनल में उन्होंने सातवीं वरीयता प्राप्त इटली के माटेओ बैरेटिनी को 6-3, 6-2, 3-6, 6-3 से हराया। 35 साल के नडाल की मौजूदा वर्ल्ड रैंकिंग पांच है। वह इतिहास रचने से बस एक कदम दूर हैं। ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतते ही वह सबसे ज्यादा ग्रैंडस्लैम जीतने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे। अभी नडाल, नोवाक जोकोविच और रोजर फेडरर ने 20-20 ग्रैंडस्लैम जीते हैं। जोकोविच यह टूर्नामेंट नहीं खेल रहे। वह डिफेंडिंग चैंपियन थे और नौ बार ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब जीता है। नडाल ने यह खिताब सिर्फ एक बार 2009 में जीता था।
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। हॉकी इंडिया ने बुधवार को भारतीय महिला हॉकी टीम की फॉरवर्ड वंदना कटारिया को प्रतिष्ठित पद्म श्री पुरस्कार के लिए चुने जाने पर बधाई दी। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र निंगोमबम ने वंदना को बधाई देते हुए कहा, यह महिला हॉकी के लिए बहुत गर्व का क्षण है। मैं वंदना को प्रतिष्ठित पद्मश्री पुरस्कार के लिए नामित होने पर बधाई देता हूं। वह महिला हॉकी टीम में सबसे अनुभवी खिलाड़यिों में से एक रही हैं और पिछले एक दशक में विश्व स्तर पर महिला हॉकी के उदय का हिस्सा रही हैं और मेरी इच्छा है कि वह राष्ट्रीय टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन जारी रखें। उल्लेखनीय है कि वंदना उन 9 एथलीटों में शामिल हैं और इस साल इकलौती हॉकी खिलाड़ी हैं, जिन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया है जिसे राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा प्रदान किया जाएगा। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के रोशनाबाद की रहने वाली वंदना ने हाल ही में भारत के लिए 250वां मैच खेला था। वह भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए एक अनुभवी आक्रमण लाइन का हिस्सा रही हैं और ओलंपिक खेलों में गोलों की हैट्रिक करने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी भी बनीं हैं। वंदना टोक्यो ओलंपिक खेलों 2020 में भारत के ऐतिहासिक चौथे स्थान पर रहने के अभियान का हिस्सा थीं। वह इससे पहले 2016 में एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी, 2017 में एशिया कप और 2014 में एशियाई खेलों में स्वर्ण तथा 2018 एशियाई खेलों में भारत की रजत पदक जीत और कई अन्य उपलब्धियों में भी टीम का हिस्सा रही हैं। वंदना जर्मनी में एफआईएच हॉकी जूनियर विश्व कप महिला 2013 में देश की शीर्ष गोल स्कोरर रहीं थीं, जहां भारत ने कांस्य पदक जीता था। इसी साल वंदना मलेशिया में आठवें महिला एशिया कप में कांस्य पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा बनीं थीं।
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