एबीएन सेंट्रल डेस्क। डीआरडीओ केे अग्नि 5 का वजन 50 हजार किलोग्राम है। जानकारी के मुताबिक, इसकी लंबाई 17.5 मीटर, व्यास 2 मीटर, मारक क्षमता 5000 किलोमीटर से ज्यादा, विशेषता - रात में भी सटीक हमले की क्षमता।
आज इसके सफल परीक्षण के बाद भारत आधी दुनिया पर हमला करने वाले देशों में घोषित रूप से शामिल हो गया है। भारत के पास अघोषित रूप से दुनिया में कहीं भी हमला करने की क्षमता तो पीएसएलवी श्रेणी के रॉकेट बनाते ही पा लिया है। भारत के पास मिसाइल, लड़ाकू विमान, हल्के हेलीकॉप्टर, टैंक, पनडुब्बी जैसे सभी सैन्य साजो सामान आ रहे है और स्वदेशी निर्माण भी हो रहा है।
भारत में उन सैन्य सामानों के निर्माण की धीमी रफ्तार है, जिन्हे वह अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उपलब्ध नहीं करना चाहता, लेकिन जिन्हे निर्यात करना है उसका उत्पादन आवश्यता पर वर्तमान से तीन गुनी रफ्तार पर किया जा सकता है।
भारत सरकार अपने लड़ाकू विमान बड़े स्तर पर सरकारी कंपनियों से नहीं बनवाना चाहती, क्योंकि उनकी सोच ही की उनकी तकनीक सरकारी कंपनियों से आसानी से दुश्मनों तक पहुंच सकती है। खैर... अभी तो आप अग्नि पर उत्सव मनाये।