एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय बजट को सकारात्मक एवं स्वागत योग्य बताया और कहा कि यह बजट विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पेश किया गया है।
केंद्रीय बजट प्रगतिशील एवं भविष्योन्मुखी
नीतीश कुमार ने आज एक्स पर लिखा, केंद्रीय बजट प्रगतिशील एवं भविष्योन्मुखी है। उन्होंने कहा कि बजट के माध्यम से केंद्र सरकार ने देश के विकास की गति को बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। उन्होंने कहा किइस बार केंद्रीय बजट में देश में सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई है। इसमें वाराणसी -सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनने से बिहार को भी काफी फायदा होगा।
साथ ही बजट में देश भर में 20 नये राष्ट्रीय जलमार्ग बनाने की घोषणा की गई है। इसके तहत पटना और वाराणसी में जहाज मरम्मत की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। बिहार के उत्पादों के निर्यात की सुविधा बढ़ेगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जलमार्ग के विस्तार से बिहार के भी कई शहरों को फायदा मिलेगा तथा राज्य के उत्पादों के निर्यात की सुविधा बढ़ेगी और व्यापारिक एवं व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में देश भर में बड़े टेक्सटाइल पाकर् तथा महात्मा गांधी स्वरोजगार योजना की घोषणा की गई है। साथ ही बजट में सेमीकंडक्टर के लिए 40 हजार करोड़ रूपए के सपोर्ट का ऐलान किया गया है। इससे बिहार सहित देश भर के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और देश का आर्थिक विकास और तीव्र गति से हो सकेगा।
मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि केंद्रीय बजट में घोषणा की गई है कि विकास और रोजगार के अवसरों में तेजी लाने के लिए पूर्वोतर राज्यों और उत्तर-पूर्व क्षेत्र पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जायेगा। इससे जुड़ी विकास की योजनाओं से बिहार को औद्योगिक निवेश, आधारभूत संरचना और युवाओं के लिए अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही, केंद्रीय बजट में शहरों के विकास के लिए किए गए प्रावधानों से बिहार में शहरीकरण को नई गति मिलेगी।
इससे राज्य के शहरों में आधारभूत संरचना, निवेश और रोजगार के अवसरों का विस्तार होगा। कुमार ने कहा कि इस बार के केंद्रीय बजट में देश के सभी जिलों में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा की गई है। इससे उच्च शिक्षा ग्रहण करने में लड़कियों को काफी सहूलियत मिलेगी। उन्होंने कहा कि एक बेहतर बजट पेश करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण धन्यवाद के पात्र हैं।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना/बिहार। इतिहास, संस्कृति और गौरवशाली विरासत की धरती पटना में एसोसिएशन आॅफ फिजिशियंस आॅफ इंडिया (एपीआई) की 81वीं वार्षिक कॉन्फ्रेंस एपिकोन 2026 का आयोजन 29 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक हो रहा है। यह प्रतिष्ठित चिकित्सा सम्मेलन पटना के हृदय स्थल पर स्थित सम्राट अशोक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित हो रहा है।
चार दिनों तक चलने वाली इस अंतरराष्ट्रीय स्तर की कॉन्फ्रेंस में चिकित्सा विज्ञान, आधुनिक उपचार पद्धतियों और स्वास्थ्य सेवा में नवाचार से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत चर्चा की जा रही है। स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा उपहार है की मूल भावना के साथ इस आयोजन का उद्देश्य चिकित्सकों को नवीनतम वैज्ञानिक जानकारियों से अवगत कराना है।
इस वर्ष की एपिकोन 2026 में प्रमुख भारतीय फार्मास्यूटिकल कंपनी गल्फा लेबोरेटरीज लिमिटेड की विशेष भागीदारी है। इस अवसर पर बॉलीवुड अभिनेता एवं गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर राजन कुमार कंपनी को प्रमोट कर रहे है। साथ ही, उनका चर्चित चार्ली चैपलिन 2 लाइव शो कॉन्फ्रेंस का मुख्य आकर्षण है।
गल्फा लेबोरेटरीज लिमिटेड, जिसकी स्थापना वर्ष 1986 में नवल किशोर सिंह द्वारा की गयी थी, आज भारतीय फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री में एक सशक्त और भरोसेमंद नाम बन चुकी है। कंपनी के उत्पाद अपनी किफायती कीमत और उच्च गुणवत्ता के लिए जाने जाते हैं। इसके प्रमुख प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में एंटीबायोटिक्स, न्यूट्रास्यूटिकल्स, एनएसएआईडीएस और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल उत्पाद शामिल हैं।
गल्फा लेबोरेटरीज लिमिटेड को अब तक कंपनी आॅफ द ईयर, ब्रांड आॅफ द ईयर सहित कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार और सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। गल्फा लेबोरेटरीज का फोकस इनोवेटिव हेल्थकेयर सॉल्यूशंन और मजबूत वितरण नेटवर्क पर है। कंपनी की अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, विशेष रूप से बद्दी स्थित यूनिट, जीवाईएमपी और यूके एमएचआरए के अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों का पालन करती हैं।
इस अवसर पर फिल्म अभिनेता राजन कुमार ने कहा, गल्फा लेबोरेटरीज लगभग चार दशकों की विरासत के साथ देशभर में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुकी है। कंपनी का उद्देश्य है हर वर्ग तक सस्ती और उच्च-गुणवत्ता वाली फार्मास्यूटिकल सेवाएं पहुंचाना, जो इसे भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक भरोसेमंद नाम बनाता है।
गल्फा लेबोरेटरीज का मुख्यालय मुंबई में स्थित है और कंपनी किफायती कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के अपने मिशन के साथ भारतीय फार्मास्यूटिकल उद्योग में निरंतर आगे बढ़ रही है। यदि कोई व्यक्ति या संस्था गल्फा लेबोरेटरीज की वैश्विक उपस्थिति या विस्तृत प्रोडक्ट पोर्टफोलियो के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहती है, तो एपिकोन 2026 उनके लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, मोतिहारी/ पटना। आज बिहार के मोतिहारी में केसरिया के कठौलिया गांव में बन रहे विराट रामायण मदिर के प्रांगण में दुनिया की सबसे बड़ी शिवलिंग की स्थापना की गयी। यह मंदिर 120 एकड़ के प्रांगण में स्थापित किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह दुनिया का सबसे विराट रामायण मंदिर है।
यह शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम से 2500 किमी और 40 दिन से ज्यादा की यात्रा तय करके बिहार आया है। इसे बनाने में 10 साल का वक्त लगा है, इस शिवलिंग को ग्रेनाइट पत्थर से बनाया गया है, जिसमें 1008 छोटे शिवलिंग को उकेरा गया है और इसे बनाने में 1008 कारीगरों ने अपना योगदान दिया है।
पूर्व आईपीएस और महावीर न्यास बोर्ड के पूर्व सचिव आचार्य कुणाल का सपना था यह विराट रामायण मंदिर। इसकी नींव उन्होंने अपने जीवन में रखी थी, लेकिन आज वह हमारे बीच नहीं है। लेकिन उनके बेटे सयान कुणाल से आज उनके सपने को पूरा करते हुए पूरे विधि विधान से इस शिवलिंग को मंदिर प्रांगण में स्थापित किया है।
उन्होंने बताया है कि इस मंदिर के बनने से इस जगह का विकास भी तेजी से होगा। अयोध्या के बाद यह सबसे बड़ा धार्मिक स्थल बनेगा। यहां होटल्स, एयरपोर्ट और हाईवे बनेंगे और इस पूरे इलाके का विकास तेजी से होगा। इस विशाल शिवलिंग का वजन 200 मैट्रिक टन (2,00,000 किलोग्राम) है और जो 33 फीट लंबा है।
इसे स्थापित करना बेहद ही मुश्किल कार्य था, लेकिन इंजीनियर्स की टीम ने इसे बेहद सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया है। इस शिवलिंग को 30 फीट से ऊंचे गुंबद पर स्थापित किया गया, जिसके बाद इसके कुल उचाई 60 फीट से भी ज्यादा हो गयी है। इसे स्थापित करने में लगभग आधे घंटे का वक्त लगा है और इसे 2 भारी-भरकम क्रेन की मदद से स्थापित किया गया है।
शिवलिंग को क्रेन की मदद से पहले हवा में लिफ्ट किया गया, फिर ऊंचाई पर ले जाकर इसे स्थापित किया गया। शिवलिंग बनाने वाली टीम के मॉडरेटर वेंकटेश विनायक ने बताया कि इस शिवलिंग को 10 साल में बनाया गया और अब इसे विराट रामायण मंदिर के प्रांगण में स्थापित किया गया है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। नीतीश सरकार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव और भाजपा नेताओं ने दावा किया है कि राजद के सभी विधायक भाजपा के संपर्क में हैं। रामकृपाल ने कहा कि तेजस्वी यादव के पास अब कुछ नहीं बचा, वो जीरो पर आउट हो जायेंगे।
बिहार की राजनीति में बयानबाजी की वजह से एक बार फिर से सियासी पारा चढ़ गया है। विधानसभा चुनाव के करीब डेढ़ महीने बाद अब राजद में बड़ी टूट की खबरें गलियारों में तैर रही हैं। तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा को भाजपा और जदयू ने पलायन करार दिया है, वहीं नीतीश सरकार में कृषि मंत्री रामकृपाल यादव और भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार के बयानों ने राजद में संभावित टूट की चर्चाओं को और हवा दे दी है।
बिहार के कृषि मंत्री और कभी लालू यादव के बेहद करीबी रहे रामकृपाल यादव ने राजद के भविष्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव में बुरी तरह हारने के बाद तेजस्वी यादव हताशा में हैं। उनके पास न दिशा है, न नेतृत्व। राजद के विधायक हताश हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव पार्टी संभालें, वरना जीरो पर आउट हो जायेंगे। उनके पास अब कुछ बचा नहीं है।
रामकृपाल ने कहा, तेजस्वी यादव की पार्टी खत्म हो चुकी है। वे विदेश के दौरे पर हैं। हार बर्दाश्त नहीं हुआ और जनता के बीच जाने में उनको शर्म आ रही है इसलिए भाग कर विदेश चल गये हैं। मैं गंभीरता के साथ कह रहा हूं कि उनके 25 के 25 विधायक हमारी पार्टी के संपर्क में हैं। कभी भी 25 विधायक भाजपा में शामिल होंगे।
वहीं, भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि बेचारे तेजस्वी यादव, चुनाव में बुरी तरह हारने के बाद अपना चेहरा छिपाने के लिए परिवार के साथ विदेश भाग गये हैं। उनके विधायक यहां नेतृत्व की कमी, वंशवाद की राजनीति, भाई-भतीजावाद और मौजूदा अराजकता को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। उनके सभी विधायक भाजपा के संपर्क में हैं। राजद विधायकों का नेतृत्व या मार्गदर्शन करने वाला कोई नहीं है। पार्टी में कभी भी बड़ी फूट पड़ सकती है।
जदयू नेता मनीष यादव ने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव के समय नीतीश कुमार पर ओछी टिप्पणी करने वाले तेजस्वी यादव को जनता ने उनकी जगह दिखा दी है। अब उनके विधायक डिप्रेशन में हैं क्योंकि उन्हें दिशा देने वाला कोई नहीं है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि राजद के कई असंतुष्ट विधायक एनडीए के पाले में आने की सोच रहे हैं।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। केसी त्यागी, एक वरिष्ठ समाजवादी नेता और राजनीतिक संकट मोचक, हाल ही में जदयू से कथित निष्कासन को लेकर चर्चा में हैं। गाजियाबाद के मोरटा गांव के मूल निवासी त्यागी ने कॉलेज जीवन से राजनीति शुरू की।
उन्होंने चौधरी चरण सिंह, अटल बिहारी वाजपेयी और शरद यादव जैसे कई प्रमुख नेताओं के साथ काम किया। जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता और बिहार के मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार भी रहे, त्यागी अपने मुखर विचारों के लिए जाने जाते हैं।
समाजवादी विचारधारा के वरिष्ठ नेता किशन चंद त्यागी को राजनीति के गलियारों में के सी त्यागी के नाम से सम्मान की नजरों से देखा जाता है। बीते कुछ समय से अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे केसी त्याग आज इसलिए चर्चा का विषय हैं क्योंकि आज ही (10 जनवरी) उनके जदयू से बाहर निकाले जाने की खबरें सामने आ रही हैं।
कहा जा रहा है कि जनता दल यूनाइटेड ने उनसे किनारा कर लिया है। गाजियाबाद जिले के मोरटा गांव के मूल निवासी केसी त्यागी ने राजनीति की शिक्षा अपने विद्यालय की पढ़ाई के साथ ही ली।
उन्होंने कॉलेज जीवन से ही राजनीतिक गतिविधियां आरंभ कर दी थीं। कॉलेज की राजनीति के उपरांत 1974 में उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और युवा जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बनाए गए। उनको राजनीतिक संकट मोचक के रूप में देखा जाता है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। नीतीश कुमार ने पिछले साल नवंबर में दसवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर पदभार संभाला है। एक बार फिर सीएम बनने के बाद नीतीश कुमार का नाम सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेताओं में शुमार हो गया है। अब खबर आ रही है कि बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सी त्यागी ने नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग कर रहे हैं।
त्यागी ने ये मांग करते हुए बाकायदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र भी लिखा है ।पत्र में त्यागी ने लिखा है कि नीतीश कुमार जैसे पिछले साल चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न की उपाधि से नवाजा गया था, उसी तरह नीतीश कुमार भी इस उपाधि के पूरी तरह हकदार हैं।
के सी त्यागी ने कहा कि बिहार और देश के प्रति नीतीश कुमार की सेवाओं को सम्मान देने का इससे अच्छा कदम नहीं हो सकता है। हालांकि ऐसा बहुत कम हुआ है जब किसी जीवित व्यक्ति को भारत रत्न दिया गया हो। त्यागी ने कहा कि करीब आधा दर्जन मामले ऐसे हैं जिसमें जीवित व्यक्ति को भी भारत रत्न दिया गया। इनमें जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, लता मंगेशकर और प्रणब मुखर्जी जैसे लोग शामिल हैं।
आम तौर पर जनवरी में ही प्रधानमंत्री की तरफ से अलग अलग क्षेत्रों में विशेष योगदान देने के भारत रत्न दिए जाने का ऐलान किया जाता है। पिछले साल भी किसान नेता चौधरी चरण सिंह और महान समाजवादी नेता कर्पूरी ठाकुर की भारत रत्न दिए जाने का ऐलान किया गया था। कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिए जाने को तब बिहार चुनाव से जोड़कर देखा गया था क्योंकि ठाकुर अति पिछड़ी जाति से ताल्लुक रखते थे।
पिछले साल नवंबर में नीतीश कुमार ने दसवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर पदभार संभाला है। सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेताओं में उनका शुमार होता है। पिछले साल हुए बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ते हुए 200 से ज्यादा सीटें जीती और प्रचंड जीत हासिल की। करीब 10 महीनों को छोड़कर नीतीश कुमार 2005 से लगातार बिहार के मुख्यमंत्री बने हुए हैं। हालांकि बार बार अपना राजनीतिक पाला बदलने के लिए उनकी आलोचना भी होती है।
वैसे राजनीतिक गलियारों में के सी त्यागी की चिट्ठी के अलग अलग मायने भी लगाये जा रहे हैं। हाल ही में बांग्लादेश खिलाड़ी को आईपीएल से बाहर निकालने के फैसले पर त्यागी ने पार्टी से अलग लाइन लिया था और इस फैसले पर सवाल उठाया था। इतना ही नहीं, 2024 में फिलिस्तीन के मुद्दे पर भी त्यागी ने भारत सरकार से अलग स्टैंड लिया था जिसपर काफी हो हल्ला भी मचा था। माना जाता है कि इसी विवाद के चलते उन्होंने सितंबर 2024 में पार्टी के एकमात्र राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा भी देना पड़ा था। ऐसे भारत रत्न की मांग को डैमेज कंट्रोल के तौर पर भी देखा जा सकता है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के चार बड़े सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। पटना, गया, अररिया और किशनगंज सिविल कोर्ट को ई-मेल के जरिए यह धमकी दी गयी है। धमकी की जानकारी मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है।
पटना सिविल कोर्ट को धमकी भरा ई-मेल गुरुवार सुबह कोर्ट प्रशासन के मेलबॉक्स में मिला। ई-मेल में सिविल कोर्ट परिसर को निशाना बनाने की बात लिखी गयी थी।
सूचना मिलते ही कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तुरंत सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गयी। डॉग स्क्वॉड की मदद से पूरे कोर्ट परिसर की सघन तलाशी ली जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु का पता लगाया जा सके। पुलिस धमकी भरे ई-मेल के स्रोत का पता लगाने के लिए साइबर सेल की मदद ले रही है। पुलिस ने कहा कि धमकी वाले ई-मेल की जांच की जा रही है। फिलहाल अभी कुछ भी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं की गई है।
पटना सेंट्रल की पुलिस अधीक्षक दीक्षा ने बताया कि डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाकर सर्च आॅपरेशन चलाया जा रहा है और हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि ई-मेल में इस्तेमाल भाषा और तकनीकी संकेतों से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह धमकी किसने भेजी और क्या इसमें किसी तरह के वास्तविक खतरे की संभावना है।
इसी तरह गया सिविल कोर्ट परिसर को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है। जिला प्रशासन ने एहतियातन पूरे कोर्ट परिसर को खाली करा लिया है और आसपास के इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई, जिससे कोर्ट परिसर और उसके आसपास का इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया है और तलाशी की जा रही है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, गया जिला सत्र एवं न्यायाधीश की सरकारी ई-मेल आईडी पर धमकी भरा पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें कोर्ट परिसर को निशाना बनाने की बात लिखी गई है। पत्र में दावा किया गया है कि कुछ समूह अपनी मांगों को लेकर यह कदम उठा रहे हैं। हालांकि, इस पत्र की सत्यता और उसमें किये गये दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गयी है। प्रशासन और पुलिस इसे एक गंभीर सुरक्षा अलर्ट मानते हुए हर स्तर पर सतर्कता बरत रही हैं।
धमकी भरे पत्र में कुछ कथित सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों का उल्लेख करते हुए अत्यंत आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया है। पत्र में हिंसक कार्रवाई की आशंका जताई गई है और कोर्ट परिसर को निशाना बनाये जाने की बात कही गयी है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
अधिकारियों का कहना है कि कोर्ट परिसर की तलाशी ली जा रही है। हर इमारत, कोर्ट रूम, रिकॉर्ड रूम और सार्वजनिक स्थानों की बारीकी से जांच की जा रही है। किसी भी तरह की अफवाह से बचने की अपील करते हुए प्रशासन ने लोगों से सहयोग की मांग की है। पुलिस ने यह भी कहा है कि जांच के दौरान किसी प्रकार की आपत्तिजनक वस्तु मिलने पर तय प्रोटोकॉल के अनुसार कार्रवाई की जायेगी।
किशनगंज सिविल कोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। धमकी मिलने के बाद सिविल कोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। एसडीपीओ गौतम कुमार सहित अन्य वरीय पुलिस पदाधिकारी सिविल कोर्ट पहुंचे हैं और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। सिविल कोर्ट परिसर में पुलिस की तैनाती कर दी गयी है।
इसके अलावा अररिया सिविल कोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है। जिला जज की ई-मेल आईडी पर धमका भरा मैसेज मिलने के बाद कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। ई-मेल में लिखा, बम को कोर्ट बिल्डिंग में रखा गया है। लंच के समय रिमोट कंट्रोल से ब्लास्ट किया जायेगा।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को राजधानी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। राज्य में हाल के चुनाव के बाद 10वीं बार मुख्यमंत्री बने श्री कुमार की दिल्ली की यह पहली यात्रा है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार प्रधानमंत्री आवास पर हुई इस मुलाकात में श्री कुमार के साथ राज्य के उप मुख्यमंत्री और भाजपा नेता सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ लल्लन सिंह भी थे।
समझा जाता है कि श्री कुमार ने राज्य के विकास की योजनाओं की प्रगति के संबंध में प्रधानमंत्री को जानकारी दी और केंद्र से सहयोग के लिए आभार जताया। श्री मोदी बिहार में नीतीश के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने पटना गये थे।
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